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UP में हरिद्वार जाते समय दो कांवड़ियों की करंट से गई जान
Siyana, Uttar Pradesh:स्याना के रूखी भगवानपुर गांव के गोपीपाल और ललितपाल हरिद्वार से डाक कांवड़ लेने जा रहे थे। डहराकुटी के पास कैंटर रुका और बैक करते समय उस पर बैठे दोनों युवक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गए। इस घटना में दोनों कांवड़ियों की मौके पर ही जान चली गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बलरामपुर में बहन की गाली-गलौज रोकने पर बेटे ने पिता की हत्या, गिरफ्तारी
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में बहन को गाली देने से रोका तो बेटे ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला, 48 घंटे में गिरफ्तार बलरामपुर। तुलसीपुर थाना क्षेत्र में बहन के साथ गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक ने अपने ही पिता की अधजली लकड़ी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के करीब 48 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी भी बरामद कर ली। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि गुस्से में उसने पिता पर तब तक वार किए, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। पुलिस के अनुसार, जरवा रोड स्थित लाल चौराहा पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाले राजू ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 25 जुलाई की रात उसका छोटा भाई पिंटू उर्फ करिया (21) अपनी बहन के साथ गाली-गलौज कर रहा था। इस दौरान पिता कल्लू (50) ने उसे समझाने और रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर पिंटू ने पास में पड़ी अधजली लकड़ी के डंडी से पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंची मां पर भी उसने हमला किया। गंभीर रूप से घायल कल्लू को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में राजू की तहरीर पर थाना तुलसीपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनस) की धाराओं 85, 103(1) और 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अधजली लकड़ी भी बरामद कर ली गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान उसने गुस्से में लकड़ी से पिता पर कई वार किए। जब मां उन्हें बचाने आईं तो उनके साथ भी मारपीट की। उसने स्वीकार किया कि वह पिता को तब तक मारता रहा, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं मामले की विवेचना जारी है।0
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जौहर यूनिवर्सिटी के बुलडोजर फैसले के विरोध में गाजीपुर में प्रदर्शन
Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में अल्पसंख्यक सभा और सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन अल्पसंख्यक सभा के जिलाधिकारी तौकीर खान के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम ज्ञापन जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई रोकने की उठाई मांग सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का लगाया आरोप तौकीर खान बोले— जौहर यूनिवर्सिटी देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शामिल प्रदेशभर में सपा और अल्पसंख्यक सभा के विरोध प्रदर्शन का किया दावा जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग के साथ आंदोलन तेज करने की चेतावनी。 उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। रामपुर में प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में अब गाजीपुर में भी समाजवादी पार्टी और अल्पसंख्यक सभा सड़क पर उतर आई। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया。 दरअसल गाजीपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अल्पसंख्यक सभा के जिलाधिकारी तौकीर खान के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी और अल्पसंख्यक सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसके बाद राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को रोकने की मांग की。 तौकीर खान ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी देश के प्रमुख और खूबसूरत शिक्षण संस्थानों में शामिल है। उन्होंने इसकी तुलना बीएचयू और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से करते हुए कहा कि जिस तरह इन विश्वविद्यालयों की अपनी ऐतिहासिक पहचान है, उसी तरह जौहर यूनिवर्सिटी भी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार राजनीतिक कारणों से इस संस्थान के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई करना चाहती है。 प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जौहर यूनिवर्सिटी को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाई जाए और सरकार इस प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाए。0
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हल्द्वानी में दो नर बाघों की संदिग्ध मौत, वन विभाग जांच में जुटा
Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत छकाता रेंज के सिमलिया गाँव से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ दो नर बाघ संदिग्ध संघर्ष की स्थिति में मृत मिले हैं। दोनों बाघों की मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में अधिकारियों का मानना है कि दोनों बाघों की मौत आपसी संघर्ष के कारण हुई हो सकती है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दोनों मृत बाघों की उम्र करीब 3 से 5 वर्ष बताई जा रही है और दोनों के शव करीब 20 मीटर की दूरी पर मिलने का उल्लेख किया गया है। वन विभाग ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।0
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राजस्थान के शिक्षकों की लड़ाई के लिए दीपके व वांगचुक से सहयोग की अपील
Jaipur, Rajasthan:जयपुर राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को पत्र लिखकर आंदोलन में सहयोग का आह्वान किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रनजीत मीणा और संगठन महामंत्री चंद्रभान चौधरी की ओर से भेजे गए पत्र में दोनों से राजस्थान आकर शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि नीट पेपर लीक प्रकरण में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की सक्रिय भूमिका ने युवाओं और छात्रों की आवाज को मजबूती दी थी। इसी प्रकार राजस्थान के शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी उनके सहयोग की अपेक्षा की गई है। संघ ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर शिक्षकों के प्रति कथित रूप से क्रूर और तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पत्र में कहा गया है कि प्रदेशभर के शिक्षक मंत्री के व्यवहार से आहत हैं तथा उन्हें आए दिन सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि शिक्षक नेताओं को डराने-धमकाने और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत मीणा ने कहा मुझे उम्मीद है कि मेरे इस बुलावे पर आप हमें सहयोग प्रदान करेंगे और राजस्थान के शिक्षकों के सम्मान तथा शिक्षा व्यवस्था को बचाने की इस लड़ाई में हमारे साथ खड़े होंगे।0
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खेमारू मैन रोड टूटने से ग्रामीण प्रदर्शन, सड़क दुरुस्त कराने की मांग
Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत खेमारू के मैन रोड खेमारू स्कूल तालाब के पास से मनपुर रोड थुअर घांटी तक की मुख्य सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर रोड टूटने से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। वही कलेक्टर को ज्ञापन देकर रोड को ठीक करवाने की मांग की है। ग्रामीण हाजा राम कटारा ने बताया कि इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने और पढ़ाई के लिए आवागमन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने-लाने में भी एम्बुलेंस या अन्य वाहनों को भारी परेशानी हो रही है क्योंकि यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत खेमारू को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन पंचायत द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और सड़क को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेमारू मैन रोड स्कूल तालाब के पास मनपुर रोड थुअर घांटी तक की सड़क को जल्द से जल्द ठीक/दुरुस्त करवाया जाए, ताकि आम लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।0
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सीकर रोडवेज यूनियन ने अवैध निजी बसों के संचालन पर प्रभावी कार्रवाई की मांग
Sikar, Rajasthan:सीकर में राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने आज शहर के बजरंग कांटा सर्किल एवं रोडवेज डिपो तिराहे पर संचालित हो रहे अवैध निजी बसों और वाहनों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन मांगों का सौंपा है। यूनियन ने ज्ञापन में बताया कि सीकर शहर के बजरंग कांटा सर्किल और रोडवेज डिपो तिराहे पर लगातार अवैध वाहन संचालित हो रहे हैं, जिससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा और रोडवेज के राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध निजी बसों व वाहनों का संचालन तत्काल बंद कराया जाए, रोडवेज कर्मचारियों के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार की घटनाओं पर रोक लगाई जाए तथा खाटू-सीकर मार्ग पर संचालित अवैध वाहनों की जांच कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि राजस्थान रोडवेज प्रदेश की जनता की लाइफलाइन है, लेकिन सरकार की उपेक्षापूर्ण नीतियों के कारण इसकी स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। रोडवेज कर्मचारी जनता की सेवा में लगे हैं, लेकिन अवैध निजी बसों व वाहन संचालकों की गतिविधियों से उनकी सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। सीटू यूनियन सीकर डिपो के सचिव अशोक मील ने कहा कि डिपो तिराहा और बजरंग कांटा से अवैध वाहन खुलेआम सवारियां भर रहे हैं, जिससे राजस्थान रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन की मिलीभगत होने के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। अशोक मील ने बताया कि अवैध वाहन संचालकों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि आए दिन रोडवेज कर्मचारियों के साथ मारपीट और हाथापाई की घटनाएं होती हैं। वहीं खाटूश्यामजी और सालासर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ भी किराये को लेकर अभद्र व्यवहार और मारपीट की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रदेशभर में अवैध वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद किया जाए तथा मार्गों पर ड्यूटी करने वाले रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो रोडवेज कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यूनियन की प्रमुख मांग शहर के डिपो तिराहा और बजरंग कांटा से संचालित अवैध वाहनों और लोक परिवहन सेवाओं को तत्काल बंद कराने की है।0
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बैतूल के खोमई पुलिया: 19 साल से नहीं बनी, ग्रामीणों को जोखिम
Betul, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के खोमई ग्राम पंचायत से एक तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों की हकीकत बयान करती है। अड़ना नदी पर बनी पुलिया साल 2007 की बाढ़ में बह गई थी, लेकिन करीब 19 साल बीत जाने के बाद भी इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। यह पुलिया सिर्फ एक रास्ता नहीं बल्कि महाराष्ट्र जाने का एकमात्र जरिया है। इसी रास्ते से रोजाना मजदूर, किसान और मरीज अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। बारिश के मौसम में अड़ना नदी उफान पर आ जाती है और यह रास्ता खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों ने मजबूरी में चंदा इकट्ठा करके पुलिया पर अस्थायी सड़क बनाकर गुजरना शुरू किया है, लेकिन हर बार यह कोशिश भी जोखिमभरी होती है। बाढ़ के पानी में लोग बह चुके हैं और हाल ही में एक पिकअप वाहन भी इसी रास्ते से गुजरते समय नदी में बह गया, जो खतरे की गंभीरता को दर्शाता है। गांव और आसपास के किसानों के खेत नदी के उस पार हैं, इसलिए उन्हें रोज इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। मरीजों के लिए भी यही रास्ता जीवन और मौत के बीच का फासला बन जाता है, क्योंकि इलाज के लिए उन्हें महाराष्ट्र जाना पड़ता है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ जाने पर लोग घंटों दोनों ओर फँसे रहते हैं और उनके पास सुरक्षित विकल्प नहीं होता। ग्रामीण स्थानीय अधिकारियों, कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से पुलिया के निर्माण की मांग कर चुके हैं, पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आज स्थिति ऐसी है कि 19 साल बाद भी लोग नदी पार करने को मजबूर हैं। कुल सवाल यही है कि कब तक ग्रामीण ऐसे खतरे के बीच जीते रहेंगे और कब इस पुलिया का निर्माण होगा।0
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JPSC 14वीं परीक्षा: पूर्व अध्यक्ष ख्यांगते ने नियम अनुसार प्रक्रिया, इस्तीफे का कारण स्पष्ट
Ranchi, Jharkhand:14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच जारी है... इसी बीच पहली बार पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कट-ऑफ, OMR, ब्लैकलिस्टेड कंपनी, अपने इस्तीफे और आयोग की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपनी बात रखी। नियमों के तहत हुई प्रक्रिया...... 14वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते ने कहा कि आयोग ने रूल्स ऑफ प्रोसीजर-2002 और नोटिफिकेशन के मुताबिक ही पूरी प्रक्रिया अपनाई। हालांकि उन्होंने माना कि मौजूदा नियमों में कई सुधार की जरूरत है और वे खुद इस दिशा में काम कर रहे थे। कट-ऑफ पर सफाई...... कट-ऑफ जारी नहीं करने के आरोपों पर ख्यांगते ने साफ कहा कि प्रिलिम्स परीक्षा के बाद कट-ऑफ जारी करने का कोई नियम या सरकारी गाइडलाइन नहीं है। नियमों के मुताबिक इंटरव्यू के बाद अंतिम परिणाम जारी होने पर ही कट-ऑफ सार्वजनिक करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कम पदों पर ज्यादा अभ्यर्थी होने के कारण प्रिलिम्स केवल एक स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। OMR विवाद पर जवाब..... OMR शीट जारी नहीं करने और उसमें बदलाव के आरोपों पर पूर्व चेयरमैन ने कहा कि यह पूरा मामला फिलहाल जांच के दायरे में है। इसलिए इस पर अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा और जांच एजेंसियां ही सच्चाई सामने लाएंगी। सिग्नेचर नियम पर सफाई..... ख्यांगते ने कहा कि परीक्षा परिणाम से जुड़ी प्रक्रिया में रूल्स ऑफ प्रोसीजर के अनुसार केवल अंतिम परिणाम जारी करते समय ही हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। उससे पहले के चरणों में हस्ताक्षर का कोई प्रावधान नहीं है। इस्तीफा क्यों दिया? एल. ख्यांगते ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष होने के नाते उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी। जब परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे तो उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया। उन्होंने बताया कि अपने इस्तीफे में भी उन्होंने यही वजह दर्ज की थी ताकि जांच किसी दबाव या संदेह के बिना हो सके। बलैकलिस्टेड कंपनी पर जवाब..... परीक्षा कराने वाली एजेंसी को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि जिस कंपनी को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, उसकी ब्लैकलिस्ट की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इसलिए उस आधार पर उसे अयोग्य नहीं माना जा सकता। विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया..... अपने इस्तीफे पर हो रही राजनीतिक बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि कौन खुश है और कौन नाराज, इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। उन्हें जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। JPSC में सुधार की जरूरत....... पूर्व चेयरमैन ने कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला था, तब करीब 9 महीने से आयोग में अध्यक्ष नहीं था और पहले भी आयोग विवादों में रहा था। उनकी प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को समयबद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना थी। उन्होंने बताया कि कुछ बदलाव किए गए, लेकिन अभी भी रूल्स ऑफ प्रोसीजर में व्यापक सुधार की जरूरत है। एक करोड रुपए में पोस्ट बेचे जाने के सवाल पर कहा यह भरोसा करने जैसा नहीं..... झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन 14वि की परीक्षा में यह भी आरोप लगारहे हैं की सीड्स को करोड़ों रुपए में बेचे गए थे इस मामले पर पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह यकीन करना आसान नहीं कि जैसा हुआ है लेकिन सभी चीज जांच के दायरे में हैं जांच होगी तो दोषियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए 121 एल ख्यांगते,पूर्व अध्यक्ष,jpsc0
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शोपियां में जमिया मस्जिद के heritage पुनरुद्धार के लिए 6.05 करोड़ की परियोजना मंजूर
Aram Pora, Ganderbal, The Government of Jammu & Kashmir has approved a ₹6.05 crore project for the revival and restoration of the historic Jamia Masjid Sharief in Shopian on heritage lines. The project will preserve its distinctive architectural character and rich cultural legacy.0
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रायगढ़ में बिजली बिल- स्मार्ट मीटर के विरोध पर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव
Darogapara, Chhattisgarh:बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने रायगढ़ में जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला, जिसमें जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन में विधायक उमेश पटेल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने राज्य सरकार पर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के जरिए आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं प्रदर्शन के दौरान डीजे की धुन पर NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साह के साथ नाचते-गाते भी नजर आए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।0
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26 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने गांधी को राजघाट पर नमन किया
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: SONAM WANGCHUK PAY TRIBUTE TO MAHATMA GANDHI AFTER BEING DISCHARGED FROM THE HOSPITAL FOLLOWING HIS 26-DAY HUNGER / VISUALS FROM RAJGHAT/ SONAM WANGCHUK (ACTIVIST) S/B बहुत बहुत धन्यवाद आप सबका 26 दिन का अनशन या आंदोलन के खत्म होने के बाद मैं बापू का नमन करने राजघाट आया, सभी ये यहीं कहेंगे, ये बापू के राह पर चले एक बार में आप सफल हुए खुद को दर्द दे दूसरो को दर्द देने से अच्छा मैं युवा को धन्यवाद देना चाहता हूं छोटे, बड़े, बूढ़े सबको धन्यवाद देना चाहता हूं ये सब हमारे शांति से हुए हैं, हम सब शांतिपुर रहे इसी पथ पर हम चलेंगे मुझे लगता है सभी वादे पूरे होंगे शांतिपूर्व दर्शन से सब पूरा होगा0
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गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने मांग पर संतों का ज्ञापन पीएम तक
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :पूरे भारतवर्ष में गौ रक्षा सम्मान आह्वान अभियान के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री गवर्नर के नाम एक ज्ञापन सभी जिला उपायुक्तों को सोपा गया है ताकि गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित किया जाए ! इस अभियान के तहत धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में भी एक ज्ञापन संतो के मार्गदर्शन में जिला उपयुक्त को सोपा गया ! आज के इस ज्ञापन का नेतृत्व जिला कुरुक्षेत्र गौ रक्षा सम्मान आह्वान अभियान के प्रमुख संयोजक संत राजेंद्र पुरी जी(जग ज्योति दरबार)के नेतृत्व में मोहन नगर चौंक से पथ प्रदर्शन जिला उपायुक्त कार्यालय तक किया गया! विभिन्न मठ मंदिरों,अखाड़ों के संतों का नेतृत्व संत राजेंद्र पुरी जी ने किया व सभी गोरक्षकों को संबोधित करते हुए संत रजिंदर पूरी जी ने बताया कि धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में 5 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी , राष्ट्रपति, हरियाणा के मुख्यमंत्री व गवर्नर को सौंपे गए ! जिस में सरकार से मांग की गई कि जल्द से जल्द गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए, सभी संत तब तक आराम से नहीं बैठेंगे जब तक गौ माता को राष्ट्र माता घोषित नहीं किया जाता !उन्होंने कहा कि सर्व संत समाज व लोगो की भावनाएं साथ जुडी हुई है गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए संत किसी भी हद तक जा सकते है !अन्य कई संतों ने भी अपनी मुखवानी से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का समर्थन किया ! आज के पथ प्रदर्शन में प्रमुख संतों में संत विशाल दास (कोतवाल खड़दर्शन साधु समाज हरियाणा) संत जनार्दन दास ,स्वामी हरिओम दास परिवार्जक (वात्सल्य वाटिका) संत रघुनाथ सिंह , संत अवधेशानंद (नगली वाली कुटिया ),संत गोपाल दास, स्वामी लक्ष्मी नारायण पुरी जी (स्थानेश्वर महादेव मंदिर) देवी शरण (बड़ा उखाडा) ब्राह्म मुनि जी( बड़ा अखाड़ा), संत विजय दास जी ,संत श्रीशिव चेतन पुरी जी, साध्वी मोक्षिता जी0
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नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में गलत पैर की सर्जरी, जांच की मांग
Nuh, Haryana:नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही का आरोप: संक्रमित पैर की बजाय स्वस्थ पैर का ऑपरेशन, जांच और कार्रवाई की उठी मांग। नूंह जिले के शहीद राजा हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक चार वर्षीय बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की टीम ने संक्रमण से प्रभावित पैर की बजाय उसके स्वस्थ पैर का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का कहना है कि गलती का पता चलने के बाद बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर ले जाकर सही पैर की सर्जरी की गई। मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन से शिकायत की गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई है। गांव मेवली निवासी आरिफ ने मेडिकल कॉलेज के निदेशक को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि उनके चार वर्षीय बेटे साद के बाएं पैर में संक्रमण, सूजन और मवाद की समस्या थी। 20 जुलाई को वह बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने और हड्डी रोग विभाग में परामर्श लेने की सलाह दी। शिकायत के अनुसार, 23 जुलाई को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर बच्चे को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया। आरिफ का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले उन्होंने डॉक्टर पवन और उनकी टीम को स्पष्ट रूप से बताया था कि संक्रमण बच्चे के बाएं पैर में है। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान कथित तौर पर दाएं, स्वस्थ पैर की सर्जरी कर दी गई। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद जब बच्चे को वार्ड में लाया गया तो उन्होंने देखा कि जिस पैर में कोई संक्रमण नहीं था, उसी पर ऑपरेशन किया गया। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टरों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर इस बार संक्रमित बाएं पैर का ऑपरेशन किया। पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले को गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए डॉक्टर पवन और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, विभागीय जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के निदेशक को लिखित शिकायत सौंप दी गई है। इस मामले पर नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक छोटे बच्चे के ऑपरेशन में इस प्रकार की लापरवाही पूरे मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज की पेयजल टंकी में मृत बंदर मिलने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं और अब यह संस्थान इलाज की बजाय रेफर करने वाला मेडिकल कॉलेज बनकर रह गया है। आफताब अहमद ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने पीड़ित बच्चे को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की, ताकि भविष्य में उसके इलाज और देखभाल में किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं हरियाणा सरकार के मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला है तो उन्हें लिखित रूप में जानकारी दी जाए, जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार की ओर से होने वाली जांच तथा संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है.0
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आरा में बेहोश मिली महिला, पुलिस-पूर्व विधायक के सहयोग से इलाज शुरू
Mumbai, Maharashtra:आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र स्थित पावरगंज अंडरपास के निकट कल देर शाम एक महिला के बेहोशी की हालत में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। महिला को अचेत अवस्था में झाड़ियों के पास पाया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, अगिआंव के पूर्व विधायक मनोज मंजिल इस मार्ग से पैदल गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर झाड़ियों में पड़ी महिला पर चली। उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए स्थानीय नवादा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर पूर्व विधायक के सहयोग से महिला को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। महिला की पहचान उसके पास से बरामद आधार कार्ड के आधार पर हुई है। वह पंजाब के लुधियाना जिले के चंडीगढ़ रोड स्थित पुलिस कॉलोनी, सेक्टर नंबर 32 (ए) की निवासी बताई जा रही है। महिला की पहचान सुमित रंजन की 32 वर्षीया पत्नी शिवानी सिंह के रूप में हुई है। पूर्व विधायक मनोज मंजिल ने बताया कि जब उन्होंने महिला को देखा, तो उसके पास ही उसका पर्स भी पड़ा हुआ था। घटनास्थल से मिले पर्स में सिंदूर की डिब्बी और अन्य निजी सामान मिलने से इस मामले में प्रेम-प्रसंग होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, चंडीगढ़ की रहने वाली यह महिला आरा तक कैसे पहुंची और किन परिस्थितियों में वहां बेहोश हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल, नवादा थाना पुलिस महिला की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के होश में आने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम और उसके यहां पहुंचने के कारणों का वास्तविक खुलासा हो सकेगा।0
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रतलाम के कल्याण केदारेश्वर महादेव पर सावन में हरियाली और सुरक्षा का अनोखा संगम
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में मानसून की दस्तक के साथ प्रकृति ने जैसे फिर से हरियाली की चादर ओढ़ ली है। जिले के पहाड़ी और प्राकृतिक क्षेत्र इन दिनों अपनी पूरी खूबसूरती के साथ लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन्हीं मनमोहक स्थलों में शामिल है प्राचीन धार्मिक स्थल कल्याण केदारेश्वर महादेव, जहां आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सावन माह शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही यहां बढ़ने लगी है। एक ओर श्रद्धालु प्राचीन कल्याण केदारेश्वर शिवलिंग के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद ले रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रकृति प्रेमी हर-भरी वादियों, पहाड़ों और झरनों की सुंदरता को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच सीढ़ियों से होकर गुफानुमा स्थान तक पहुंचने का रोमांच, पहाड़ी से गिरता झरना और चारों ओर फैली हरियाली यहां आने वाले हर व्यक्ति का मन मोह लेती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने इस स्थान को विशेष रूप से सजाया हो। सावन के दौरान यह क्षेत्र धार्मिक महत्व के साथ-साथ लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट भी बन जाता है, जहां परिवार और बच्चे प्रकृति के बीच यादगार पल बिताते नजर आते हैं। हालांकि प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। पिकनिक स्पॉट पर पुलिस जवान तैनात हैं, जो असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ-साथ लोगों को खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने से रोक रहे हैं। झरनों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की लगातार समझाइश दी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना न हो। आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और सुरक्षा का यह संगम कल्याण केदारेश्वर को सावन के मौसम में रतलाम के सबसे आकर्षक स्थलों में शामिल कर देता है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचकर प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद ले रहे हैं।0
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