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SSSaurabh SharmaFollow5 Jan 2025, 07:55 am
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टाइगर रिजर्व विस्थापितों ने स्टेट हाइवे जाम किया, मुआवजा नहीं मिलने पर नाराज

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह-जबलपुर स्टेट हाइवे को फिर एकबार जाम कर दिया गया, इस बार सड़क जाम करने का काम टाइगर रिजर्व के विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि न मिलने की वजह से किया गया। दरअसल देश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में विस्तारीकरण अंतिम दौर में है और यहां बड़ी संख्या में जानवर भी छोड़े गए है। लेकिन अभी भी कई गांव ऐसे है जो जंगल में बसे है और इन गांव के लोगों पर हर समय खतरा मंडरा रहा है, वहीं सरकार ने इन इलाकों में तमाम सुविधाओं को बंद कर दिया गया है। इनमें से एक उन्हारीखेड़ा है जहां महीनों से हर तरह की सुविधा बंद है और लोग नारकीय जीवन जी रहे है। इन ग्रामीणों को अब तक मुआवजा राशि नसीब नहीं हुई है, सरकार ने पैकेज बनाकर पंद्रह पंद्रह लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी लेकिन महीनों बाद भी उन्हें पैसा नहीं मिला और लोग आज भी अपना आशियाना छोड़ने तैयार नहीं है। इन तमाम बातों को लेकर उन्हारीखेड़ा के ग्रामीणों ने बम्होरी के पास सड़क पर जमकर बबाल काटा और प्रशासन और पुलिस के घंटों समझाने के बाद आखिरकार आश्वासन पर जाम खत्म किया गया है।
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छतरपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, 15 राज्यों में ₹35 करोड़ का फ्रॉड

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े अन्तर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है। एसपी रजत सकलेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में रह रहा सलमान राही लोगों को बरगला कर उनके बैंक अकाउंट और ATM कार्ड ले रहा था। फोरलेन ब्रिज से पकड़े गए आरोपी के पास से 20 बैंक पासबुक, ATM और 104 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। ऑनलाइन जांच में पता चला है कि इन अकाउंट्स के जरिए 15 राज्यों में लगभग ₹35 करोड़ का फ्रॉड किया गया है। इसमें छतरपुर और आसपास के लोगों के ही अकाउंट यूज किए गए हैं। आरोपी गरीब लोगों को ₹10-12 हजार देकर उनका अकाउंट किराए पर लेते थे, फिर आगे ₹18-20 हजार में साइबर ठगों को बेच देते थे। जब किसी राज्य में पुलिस केस दर्ज करती है तो सबसे पहले इन्हीं अकाउंट होल्डर के पास पहुंचती है। इस पूरे मामले का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने इनाम देने की बात कही है, वही इस मामले मे पकडे गये आरोपियों का जुलूस भी निकाला गया。
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जीवाजी विश्वविद्यालय कर्मचारियों का क्रमिक आंदोलन, 8 सितम्बर से पूर्णकालीन हड़ताल की चेतावनी

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर से बड़ी खबर है। जीवाजी विश्वविद्यालय से हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नियमितीकरण और 7वें वेतनमान की मांग पूरी नहीं होने से नाराज विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने आज से क्रमिक आंदोलन शुरू कर दिया है।कर्मचारियों ने आज सुबह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मी संघ ने पहले ही चेतावनी दी थी। 19 स्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण और 7वां वेतनमान लागू करने में प्रशासन आनाकानी कर रहा है। इसके अलावा 24 सूत्रीय मांगों पर भी कोई अमल नहीं हो रहा है। इसी टालमटोल रवैये के खिलाफ तीनों कर्मचारी संघों ने एकजुट होकर आज 24 अगस्त से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंदोलन का पूरा शेड्यूल तय है। आज और कल यानी 24 और 25 अगस्त को सुबह 10 से 11:30 बजे तक विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी के साथ राष्ट्रीय गान किया जा रहा है। 27 अगस्त को सुबह 10 से 12:30 बजे तक रामधुन का आयोजन होगा। 31 अगस्त को सुबह 10 से 1:30 बजे तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। 1 सितंबर को पुष्प देकर विरोध, 2 सितंबर को भजन गायन, 3 सितंबर को राजमाता चौराहे से जीवाजी विश्वविद्यालय तक विरोध प्रदर्शन और 7 सितंबर को धरना-प्रदर्शन होगा। स्थायी कर्मी संघ के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा ने बताया कि इससे पहले शुक्रवार को कलम बंद हड़ताल की गई थी जिसमें तीनों संघों की सहमति बनी थी। अब कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो 8 सितंबर से पूर्णकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिससे विश्वविद्यालय का पूरा कामकाज ठप हो जाएगा।
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नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म: एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

Dhamtari, Chhattisgarh:धमतरी जिले के कुरूद थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका दूसरा साथी फरार बताया जा रहा है। मामला कुरूद थाना क्षेत्र के मेघा पुल के पास स्थित नर्सरी इलाके का है। आरोप है कि दो युवकों ने महिला को नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और इसी बहाने उसे अपने साथ ले गए। रास्ते में सुनसान जगह देखकर दोनों आरोपियों ने महिला के साथ जबरदस्ती की। वारदात के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और खुद कुरूद थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेंद्र साहू, निवासी बगदेई जिला बालोद के रूप में हुई है। वहीं मामले में शामिल दूसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
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प्रयागराज के CMP कॉलेज में जल जमाव से शिक्षकों ने दिया धरना

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज के सीएमपी कॉलेज में जल जमाव से शिक्षकों में नाराजगी, नगर निगम के खिलाफ सीएमपी कॉलेज के शिक्षकों ने दिया धरना, कॉलेज परिसर में भारी जल जमाव को लेकर जताई नाराजगी, शिक्षकों के धरने के बाद नगर निगम ने जल निकासी को लेकर शुरू किया प्रयास。 प्रयागराज में बारिश के जल जमाव से सिर्फ रिहायशी आबादी ही नहीं बल्कि शैक्षणिक संस्थान भी प्रभावित हुए हैं। शहर के जार्ज टाउन इलाके में स्थित सीएमपी डिग्री कॉलेज परिसर में भी पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश का पानी जमा हुआ है। जिसका असर कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है, बारिश का पानी कॉलेज के सभी विभागों के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचा है। जिसके चलते यहां के शिक्षकों के साथ ही हजारों छात्रों को भी दिक्कतें और परेशानियां हो रही हैं। कॉलेज परिसर में जल जमाव से नाराज शिक्षकों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन भी दिया और प्रशासन को चेताया कि कालेज परिसर से अगर जल जमाव को दूर नहीं किया गया तो वह एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। शिक्षकों के धरने के बाद फिलहाल कॉलेज में जमा बारिश के पानी को निकालने की कवायद नगर निगम की तरफ से शुरू कर दी गई है। हालांकि जल जमाव के चलते यहां जो दिक्कतें हुई उसको लेकर यहां के शिक्षकों में भारी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिल रही है।
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हल्द्वानी में शुद्धिकरण समारोह पर विपक्ष गवर्नर को ज्ञापन देने पहुँचा

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून, उत्तराखंड: कांग्रेस का एक डेलीगेशन कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे के पब्लिक एड्रेस के बाद हल्द्वानी (उत्तराखंड) में हुए "शुद्धिकरण" हवन को लेकर गवर्नर को मेमोरेंडम देने लोकभवन पहुंचा। देहरादून, उत्तराखंड: कांग्रेस लीडर प्रीतम सिंह ने कहा, "हम गवर्नर से मिलने आए हैं। जब मल्लिकार्जुन खड़गे 8 अगस्त को हल्द्वानी आए थे और वहां एक बड़ी पब्लिक रैली को एड्रेस किया था। इस इवेंट के बाद, BJP से जुड़े लोगों ने उसी स्टेज पर "शुद्धिकरण" की रस्म की, जहां से उन्होंने राज्य के लोगों को एड्रेस किया था। अगर किसी शेड्यूल्ड कास्ट, शेड्यूल्ड ट्राइब, या बैकवर्ड क्लास के व्यक्ति के खिलाफ ऐसा कोई काम किया जाता है, तो हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। यह एक्शन संविधान का उल्लंघन करता है और देश के कानूनों के खिलाफ है; इसीलिए हम गवर्नर से मिलने आए थे... अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में आंदोलन करेगी...
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सांगोद में घटिया इंटरलॉकिंग निर्माण पर बुलडोजर चला, मंडिता स्कूल परिसर से ब्लॉक्स हटाए गए

Kota, Rajasthan:सांगोद पंचायत समिति सांगोद क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंडिता के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे घटिया निर्माण कार्य पर प्रशासन ने अपनाया कड़ा रुख, गत दिन पहले उप प्रधान ओम नागर अडूसा द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद, प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए विद्यालय परिसर में बिछाई जा रही घटिया इंटरलॉकिंग ब्लॉक्स को मौके से हटवा दिया है। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं। सांगोद प्रधान जयवीर सिंह, BDO भानुमौली मौर्य के निर्देशों पर, पंचायत समिति AEN राजकुमार सोनी ने की कार्यवाही। प्रार्थना स्थल पर चल रहे इंटरलॉकिंग ब्लॉक निर्माण कार्य की जांच के दौरान तकनीकी मापदंडों की अनदेखी और सामग्री
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निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार पर निशाना: टिकट से बगावत तक प्लान

Jaipur, Rajasthan:निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार पर निशाना: टिकट से बगावत तक प्लान राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव का रण तैयार है और भाजपा-कांग्रेस दोनों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस इस बार निकाय चुनाव को महज स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि सरकार के ढाई साल के कामकाज के खिलाफ जनमत के तौर पर पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी ने प्रत्याशी चयन से लेकर बगावत रोकने, स्थानीय समीकरण साधने और चुनाव के बाद पार्षदों की एकजुटता बनाए रखने तक का पूरा संगठनात्मक प्लान तैयार किया है।वहीं टिकट वितरण में युवाओं क़ो 50 फीसदी से ज्यादा टिकट देने और जेन जी पर फोकस रखने की पैरवी जैसे बड़े निर्णय भी कांग्रेस ले चुकी है। कांग्रेस ने प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव कोर्डिनेटर नियुक्त कर दिए हैं। इन कोर्डिनेटर की जिम्मेदारी स्थानीय संगठन के साथ तालमेल कर मजबूत प्रत्याशियों की पहचान करने और जमीनी फीडबैक जुटाने की होगी। 24 से 26 अगस्त तक जिला प्रभारी, सह-प्रभारी और विधानसभा स्तर के चुनाव समन्वयक अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकें करेंगे। स्थानीय स्तर से प्रत्याशी चयन से जुड़ी रिपोर्ट 27 अगस्त तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जानी है। टिकट वितरण में जिला कांग्रेस की अहम भूमिका कांग्रेस ने इस बार टिकट वितरण का फार्मूला संगठन के जरिए लागू करने का फैसला किया है। ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों को पहले जिला कांग्रेस कमेटियों के पास भेजा जाएगा। इसके बाद जिला और विधानसभा स्तर पर गठित पॉलिटिकल अफेयर कमेटियां संभावित प्रत्याशीों के नामों पर मंथन करेंगी।विधायक, विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी, स्थानीय वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारियों से फीडबैक लेकर मजबूत नाम तय किए जाएंगे। 28 अगस्त के बाद टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। जयपुर में 150 वार्ड, 1350 से ज्यादा दावेदार जयपुर जिला कांग्रेस ने नगर निगम स्तर पर भी पॉलिटिकल सर्वे करवाया है। जयपुर के 150 वार्डों के लिए अब तक 1350 से ज्यादा आवेदन पार्टी के पास पहुंच चुके हैं। यानी औसतन हर वार्ड में करीब 9 दावेदार टिकट की दौड़ में हैं। अब कांग्रेस सर्वे रिपोर्ट, संगठनात्मक फीडबैक, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और उम्मीदवार की जीत की संभावनाओं के आधार पर नामों को अंतिम रूप देगी। इतनी बड़ी संख्या में दावेदारों के बीच टिकट वितरण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। बगावत रोकने के लिए दो कमेटियां कांग्रेस ने टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत और अनुशासनहीनता को रोकने के लिए भी पहले से तैयारी कर ली है। विधायक अमीन कागजी की अध्यक्षता में अनुशासन समिति बनाई गई है, जबकि विधायक रफीक खान की अध्यक्षता में पॉलिटिकल अफेयर कमेटी गठित की गई है。 इन कमेटियों के जरिए पार्टी टिकट के दावेदारों, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखेगी। मकसद साफ है—टिकट नहीं मिलने के बाद बागी होकर चुनाव लड़ने की स्थिति को नियंत्रित करना और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पीछे संगठन को एकजुट रखना。 खरीद-फरोख्त को लेकर भी कांग्रेस अलर्ट कांग्रेस विधायक रफीक खान ने निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की खरीद-फरोख्त की आशंका को लेकर भी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की है। उन्होंने जयपुर हेरिटेज नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली बार कांग्रेस के 47 पार्षद जीते थे, जबकि आठ बागी उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतकर बाद में कांग्रेस के साथ आए और बोर्ड गठन में सहयोग किया।रफीक खान ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद भाजपा ने पार्षदों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की। कांग्रेस विधायक के मुताबिक इस बार पार्टी अपने पार्षदों की एकजुटता बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम करेगी。 जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किसी भी तरह का चुनावी गठबंधन नहीं करने का फैसला किया है। पार्टी का फोकस अपने संगठन और स्थानीय उम्मीदवारों के दम पर चुनाव लड़ने पर है। प्रताप सिंह खाचरियावास, पुष्पेंद्र भारद्वाज, अर्चना शर्मा, अभिषेक चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता चुनावी तैयारियों में सक्रिय हैं。 भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दे होंगे चुनावी हथियार कांग्रेस ने निकाय चुनाव में भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी की है। पार्टी सफाई टेंडर में कथित गड़बड़ियों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी जनता के बीच ले जाएगी।वहीं वार्ड स्तर पर सफाई, पेयजल, सड़क, सीवर, रोड लाइट, कचरा प्रबंधन और यूनिट टैक्स जैसे सीधे जनता से जुड़े मुद्दे कांग्रेस के एजेंडे में होंगे। रफीक खान ने आरोप लगाया कि शुल्क और टैक्स वसूली के बावजूद शहरों में मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। शहरी चुनाव में कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहरी निकाय चुनावों में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन के ट्रेंड को तोड़ने की है। जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में अब तक भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा है।जयपुर में 2020 में नगर निगम को जयपुर हेरिटेज और जयपुर ग्रेटर में बांटा गया था। हेरिटेज में कांग्रेस ने निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बोर्ड बनाया और मौनेश गुर्जर महापौर बनीं, जबकि ग्रेटर में भाजपा का बोर्ड बना और सौम्या गुर्जर महापौर चुनी गईं। इससे कांग्रेस को इस बार अपनी रणनीति और मजबूत करने की जरूरत महसूस हो रही है。 कांग्रेस के सामने टिकट- से बोर्ड की चुनौती कांग्रेस की मौजूदा रणनीति को देखें तो पार्टी ने चुनाव को तीन स्तरों पर साधने की कोशिश की है—पहला, सर्वे और फीडबैक के आधार पर जिताऊ उम्मीदवार चुनना, दूसरा, टिकट वितरण के बाद बगावत रोकना और तीसरा, चुनाव परिणाम के बाद पार्षदों को एकजुट रखना। अब 200 विधानसभा क्षेत्रों में समन्वयकों की तैनाती, जयपुर में 1350 से ज्यादा दावेदारों के आवेदन, पॉलिटिकल अफेयर कमेटियों का गठन और अनुशासन समिति की सक्रियता के जरिए कांग्रेस ने संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में ला दिया है।निकाय चुनाव कांग्रेस के लिए एक तरह से सेमीफाइनल मुकाबला भी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि टिकट चयन से लेकर बगावत रोकने और स्थानीय मुद्दों को चुनावी हथियार बनाने की यह रणनीति कांग्रेस को कितनी सफलता दिलाती है और क्या पार्टी इस बार शहरी निकायों में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन को चुनौती दे पाती है।
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