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Mohit GomatMohit GomatFollow26 Aug 2024, 05:44 pm
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फलोदी की रक्षिता RBSE 12वीं विज्ञान में प्रथम, ₹51,000 का चेक अवॉर्ड

Jodhpur, Rajasthan:फलोदी में अपने निवास स्थान पर अपने पिता स्वर्गीय घासीराम पालीवाल पुर्व उपप्रधान (फलोदी) की स्मृति में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के विज्ञान वर्ग में फिजिक्स केमिस्ट्री, मैथ्स विषय (गणित संकाय) में फलोदी जिले में सर्वाधिक अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने गांव का नाम रोशन करने वाली होनहार रक्षिता पुत्री भरत सिंह माकड़ को पुरस्कार राशि 51000 का चेक प्रदान किया गया। वही दूसरे स्थान रहे जयश्री पुत्री चेनाराम जाट को 31000 रू और तीसरे स्थान पर रहे कमल किशोर पुत्र पारसराम विश्नोई को 21000 रू का चैक प्रदान कर सभी का होनहारो का हौसला अफजाई किया।
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संभाजीनगर में मॉनसून देर से, खरिप बुवाई 65 हजार हेक्टेयर से अधिक लंबित

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजीनगरमध्ये उशिराने आलेल्या मान्सूनमुळे यंदा खरिपाच्या पेरण्यांवर परिणाम झाला. जुलै महिना उलटून ऑगस्टचा पहिला आठवडा सरत आला तरी जिल्ह्यातील तब्बल ६५ हजार हेक्टरवरील पेरणी रखडलेली आहे. उशिराने पेरणीमुळे उत्पादनावरही परिणाम होण्याची भीती आहे. कृषी विभागाच्या आकडेवारीनुसार जिल्ह्यात खरिपसाठी सर्वसाधारण ६ लाख ८१ हजार ६०९ हेक्टर क्षेत्र आहे. यापैकी आतापर्यंत ६ लाख १६ हजार १३८ हेक्टर क्षेत्रावर पेरणी झाली असून, अजूनही सुमारे ६५ हजार हेक्टरवर पेरणी झालेली नाही. टक्केवारीचा विचार करता १० टक्के पेरणी रखडली आहे. पुढील काही दिवस पावसाची साथ कायम राहिल्यास पेरण्या शंभर टक्क्यांजवळ पोहोचतील, अशी अपेक्षा कृषी विभागाने व्यक्त केली.
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पाकुर में अवैध महुआ शराब के बड़े कारोबार का भंडाफोड़, 95 लीटर जब्त

Pakur, Jharkhand:पाकुर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के झिकरहाटी गांव में पुलिस ने ऑपरेशन जीवन के तहत गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध देशी महुआ शराब के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 95 लीटर महुआ शराब और एक ई-रिक्शा (टोटो) जब्त करते हुए तीन तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा करते हुए एसडीपीओ कुमार गौरव ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह को सूचना मिली थी कि झिकरहाटी निवासी सष्टी राजवंशी अपने घर से अवैध शराब की खरीद-बिक्री कर रहा है। त्वरित कार्रवाई के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। विशेष टीम ने जब सष्टी राजवंशी के घर पर दबिश दी, तो पाया कि दो लोग टोटो से प्लास्टिक का जार उतारकर घर के अंदर ले जा रहे थे। पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जवानों ने उन्हें खदेड़कर धर दबोचा। तलाशी के दौरान टोटो से 45 लीटर और सष्टी के घर से 50 लीटर (तीन जार में 75 लीटर और 1 लीटर की 20 बोतलें) कुल 95 लीटर अवैध देशी महुआ शराब बरामद की गई। गिरफ्तारी अभियुक्त सष्टी राजवंशी झिकरहाटी गांव का निवासी है, जबकि अब्दुल हाकिम और जैनल आवेदिन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के समशेरगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर के रहने वाले हैं। थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में इस अभियान के बाद पाकुर मुफस्सिल थाना में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार मामला दर्ज किया गया है।
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लातेहार में कम बारिश के बावजूद मक्का की खेती तेज, धान रोपनी केवल 30% पर

Latehar, Jharkhand:लातेहार जिले में खरीफ फसल पर कम बारिश होने का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है धान की बुआई लक्ष्य के अनुरूप 30% ही हो पाई है। जुलाई माह भी समाप्त हो गया है। हालाँकि कम बारिश के बावजूद मक्का की खेती काफी अच्छी हुई है जिससे किसानों को राहत मिली है। लातेहार जिले में सरकारी आंकड़ों के अनुसार धान की खेती का लक्ष्य लगभग 30000 हेक्टेयर होता है, परंतु इस वर्ष जुलाई माह के समाप्ति तक मात्र 11000 हे भूमि में ही धान की रोपनी हो सकी है। अर्थात लक्ष्य के अनुसार 30% ही धान खेत में लगा है। यह आंकड़ा चिंतित करने वाला है। वहीं मक्का की खेती लक्ष्य के अनुरूप 90% से अधिक हो चुकी है। जिले में लगभग 20000 हेक्टेयर भूमि में मक्का की खेती करने का लक्ष्य होता है और सरकारी आंकड़े के अनुसार लगभग 19000 हेक्टेयर भूमि में मक्का की खेती हो चुकी है, हालांकि धरातल पर यह आंकड़ा और भी अधिक है। जुलाई माह में सामान्य वर्षा से कम बारिश हुई है; जिले में जुलाई के लिए सामान्य वर्षा 344 मिलीमीटर मानी जाती है, परंतु पूरे जुलाई माह में यहाँ मात्र 279 मिलीमीटर ही बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसका अधिकांश भाग 15 जुलाई के बाद हुआ। बारिश कम होने से किसानों का रुझान धान की खेती के प्रति घटा है और केवल 30% ही धान की रोपनी हो सकी है। डीसी संदीप कुमार ने बताया कि लातेहार जिले में धान की खेती कम बारिश के कारण प्रभावित हुई है और अक्टूबर तक धान रोपनी का समय माना जाता है। यदि अच्छी बारिश हो जाती है तो अच्छी खेती हो सकती है। धान की खेती प्रभावित होने के बावजूद मक्का की खेती अच्छी रही है, जो किसानों के लिए राहत की बात है। जिले के किसान अब वैकल्पिक खेती की ओर भी रुझान कर रहे हैं, जैसे मोटे अनाज की खेती भी होने लगी है; कम बारिश में भी मोटे अनाज की उपज अच्छी होती है।
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अजमेर में चेहल्लुम पर इमाम हुसैन के शहीदों की याद में जुलूस

Ajmer, Rajasthan:अजमेर शरीफ़ के मुस्लिम इलाक़ो में हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहो तआला अन्हो और उनके 72 जाँ निसार साथियों को चेहल्लुम के मौके पर याद किया गया। सुल्तानुल हिन्द हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैही के दरबार के निज़ाम गेट से फूल प्याले ताज़िया का जुलूस निकाला गया। जहां कसीर तादाद में आशिके इमाम हुसैन ने शिरकत की और ज़िक्रे कर्बला करते हुए चेहल्लुम की नज़रों नियाज़ पेश की। इसी तरह शिया समाज की जानिब से दौराई बस्ती में नवासा ऐ रसूल हजरत ईमाम हुसैन व शौहदा ऐ कर्बला कि याद में चेहलूम किया गया। जहा चेहल्लुम के मौके पर बस्ती के चोक में सीनाजनी व खूनी मातम किया गया। अन्जूमन जाफरया के सैकेट्री सैय्यद आसिफ अली ने जानकारी देते हुए बताया कि दरगाह हज़रत अब्बास पर पहली मजलिस शुरु हुई । जिसको मौलाना इरफान हैदर ने खिताब किया । जहा दूसरी मजलिस को मौलाना अली हैदर ने हुसैनिया बाबुल मुराद में खिताब किया । बादे मजलिस बड़ी मस्जिद से ताजिये का जुलूस मातम करता हुआ दौराई बस्ती के चौक पहुंचा । नजर ऐ शौहदा ए कर्बला के बाद ताजियो को कर्बला में सहराब किया गया ।
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दिल्ली में 137 क्लीन एयर डेज, रिकॉर्ड तोड़ साफ हवा का नया दौर

New Delhi, Delhi:दिल्ली में 4 अगस्त तक 137 ‘क्लीन एयर डेज’, पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा 2025 की समान अवधि में 130 साफ हवा वाले दिन दर्ज हुए थे, इस साल आंकड़ा 137 पहुंचा। AQI 64 के साथ दिल्ली लगातार 5वें दिन ‘संतोषजनक’ श्रेणी में। विवेक विहार का AQI 43, ‘अच्छी’ श्रेणी में दर्ज। 2016 में पूरे साल सिर्फ 110 क्लीन एयर डेज दर्ज हुए थे। पिछले 24 घंटे में 2,243 मीट्रिक टन C&D वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण। वाहन प्रदूषण से जुड़े उल्लंघनों पर 11,797 चालान। भलस्वा, गाजीपुर और ओखला में 12,277 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट की बायोमाइनिंग। धूल नियंत्रण के लिए 81 मैकेनिकल रोड स्वीपर्स ने करीब 2,502 किमी सड़कें साफ कीं। करीब 169 मीट्रिक टन सड़क की धूल एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित की गई। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा—सरकार के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी, लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय राजधानी बनाना है।
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भीमा नदी में बाढ़, माण नदी सूखी; ड्रोन फुटेज ने अंतर दिखाया

Pandharpur, Maharashtra:पुणे जिल्ह्यामध्ये भीमा नदीच्या खोऱ्यात पित्त वाढलेल्या पडत असलेल्या पावसामुळे मागील काही दिवसापासून भीमा नदी दुधडी भरून वाहताना दिसत आहे. मात्र पंढरपूर तालुक्यातील दुसऱ्या टोकाला असलेली माण नदी मात्र कोरडी असल्याचे चित्र पाहायला मिळते. माण नदीचा उगम सातारा जिल्ह्यातील शिखर शिंगणापूरच्या डोंगर रांगेत होतो त्या ठिकाणी पावसाचे प्रमाण अद्याप कमी असल्याने माण नदीमध्ये पाण्याचा थेंब सुद्धा दिसत नाही. एकाच तालुक्यात असणाऱ्या दोन नद्या मधील फरक दाखवणारे ड्रोन दृश्य आंतरराष्ट्रीय ख्यातीचे छायाचित्रकार राहुल गोडसे यांनी चित्रित केले आहे
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यमुना जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के लिए खतरे की सूचना, हरियाणा तक पानी पहुंचा

Yamuna Nagar, Haryana:उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के यमुना कैचमेंट एरिया में हुई भारी बारिश का असर अब हरियाणा में दिखाई देने लगा है। हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके चलते बैराज के 15 फ्लड गेट खोलकर 63,110 क्यूसेक पानी यमुना मे दिल्ली की ओर छोड़ा गया। यह पानी अगले 72 घंटों में दिल्ली पहुंचने की संभावना है। हालांकि सिंचाई विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जलस्तर धीरे-धीरे घट कर आज सुबह 7 बजे 31,870 क्यूसेक पानी रह गया है , जिसमें से केवल 15,690 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर छोड़ा जा रहा है। जोकि नाम मात्र माना जाता है। सिंचाई विभाग के अनुसार मंगलवार दोपहर 1 बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना में 34,364 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जो दोपहर 3 बजे तक बढ़कर 79,620 क्यूसेक पहुंच गया। इसमें से 63,110 क्यूसेक पानी यमुना नदी के रास्ते दिल्ली की ओर छोड़ा गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैराज के 15 फ्लड गेट खोल दिए गए। वहीं उत्तराखंड के डाकपत्थर और हिमाचल के पोंटा साहिब से मिली जानकारी के अनुसार ऊपरी क्षेत्रों में अब जलस्तर घटने लगा है। वहीं आज सुबह 7 बजे बैराज पर कुल 31,870 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जिसमें से केवल 15,690 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर छोड़ा जा रहा है जोकि दिल्ली मे पिने के पानी की आपूर्ति पूरा कर सकता है। सिंचाई विभाग के मुताबिक एक लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर मिनी फ्लड लेवल घोषित किया जाता है, जबकि ढाई लाख क्यूसेक पर फ्लड लेवल और तीन लाख क्यूसेक से अधिक होने पर स्थिति को खतरनाक माना जाता है। बैराज की अधिकतम डिस्चार्ज क्षमता 10 लाख क्यूसेक है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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