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SSSaurabh SharmaFollow24 Aug 2024, 04:36 am
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वाराणसी में गंगा का उफान: 84 घाट डूबे, मंदिर जलमग्न

JPJai PalJust now
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, गंगा नदी के उफान से तटीय इलाकों और घाटों पर बढ़ी मुश्किलें。 • गंगा का जलस्तर 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार बढ़ रहा है。 • वाराणसी में गंगा का मौजूदा जलस्तर 68.30 मीटर दर्ज किया गया है。 • वाराणसी में खतरे का निशान 70.26 मीटर पर है; फिलहाल गंगा चेतावनी बिंदु के करीब बह रही हैं。 • उफान के कारण वाराणसी के सभी 84 घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं。 • जलभराव की वजह से एक घाट से दूसरे घाट का आपसी पैदल संपर्क पूरी तरह से कट गया है。 • घाट किनारे स्थित कई छोटे-बड़े और प्राचीन मंदिर जलमग्न हो चुके हैं。 • शीतला घाट पर स्थित मां शीतला मंदिर जल में भरा पानी मंदिर को किया गया बंद。 • पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालु और दर्शनार्थी मजबूरन डूबी हुई सीढ़ियों और ऊपरी हिस्सों में स्नान कर रहे हैं。 • घाटों पर जगह न होने के कारण पुरोहित श्रद्धालुओं को आसपास की गलियों में ले जाकर पितृ तर्पण करा रहे हैं。 • बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नावों के संचालन व श्रद्धालुओं की आवाजाही पर सतर्कता बरती जा रही है。
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बाराबंकी: 350 साल पुरानी समाधि नदी में समा गई, गांव और धरोहर खतरे में

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाराबंकी में 350 साल पुरानी समाधि सरयू में समाई, खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर बह रही नदी सरयू नदी ने बाराबंकी में एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी और तेज बहाव के चलते नदी खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। रामनगर क्षेत्र का हेतमापुर गांव लगातार भीषण कटान की चपेट में है। नदी का बढ़ता जलस्तर अब गांव की आबादी के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी खतरा बन गया है। सोमवार देर रात करीब 11 बजे हेतमापुर गांव में बाबा नारायण दास मंदिर के सामने स्थित करीब 350 साल पुरानी समाधि देखते ही देखते सरयू में समा गई। ग्रामीणों के मुताबिक कटान इतनी तेज थी कि समाधि कुछ सेकेंडों में नदी के तेज बहाव में विलीन हो गई। इससे पहले इसी गांव में करीब 150 साल पुरानी मस्जिद भी सरयू की कटान का शिकार होकर नदी में समा चुकी है। हेतमापुर में सरयू की कटान लगातार गांव की ओर बढ़ रही है। अब तक तीन दर्जन से ज्यादा मकान नदी में बह चुके हैं, जबकि कई अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। नदी के लगातार बढ़ते दायरे को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। गांव में रहने वाले लोगों के बीच हर पल घर और जमीन नदी में समा जाने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव लगातार गांव की तरफ बढ़ रहा है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि देखते ही देखते जमीन का बड़ा हिस्सा नदी में समा रहा है। ऐसे में लोग अपने घरों को बचाने की कोशिश के साथ-साथ सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जुटे हैं। नदी इस समय खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इससे रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। खेत, रास्ते और आबादी के आसपास पानी फैलने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिर और आबादी को बचाने के लिए कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उनकी हर संभव सहायता के निर्देश दिए गए हैं।
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हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद में तलाक फैसला पलट दिया, क्रूरता के आरोप नहीं मिले

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक अहम मामले में फैमिली कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें पति के पक्ष में तलाक की डिक्री मंजूर की गई थी। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने पत्नी की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए क्रूरता और परित्याग के आरोप पर्याप्त रूप से साबित नहीं हुए। मामला महासमुंद निवासी दंपती से जुड़ा है। दोनों की शादी 10 दिसंबर 2011 को गुरुद्वारे में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पति का आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद पत्नी छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी और बिना पर्याप्त वजह के मायके चली जाती थी। पति ने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी करवा चौथ का व्रत बीच में यह कहते हुए तोड़ देती थी कि जब साथ नहीं रहना है तो व्रत रखने का क्या फायदा। पति ने पुलिस और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों को भी मानसिक क्रूरता बताया था। वहीं पत्नी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह हमेशा पति के साथ रहना चाहती थी। उसने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग और मारपीट का आरोप लगाया। पत्नी के मुताबिक, 2 जुलाई 2018 को विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उसे कमरे में बंद कर दिया गया, जिससे उसका एक दांत टूट गया। हाई कोर्ट ने कहा कि सामान्य वैवाहिक मतभेद, छोटे विवाद या वैचारिक असहमति मात्र क्रूरता नहीं हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस या कानूनी कार्रवाई करना, जब तक वह दुर्भावनापूर्ण और झूठी साबित न हो, अपने आप में मानसिक क्रूरता नहीं माना जा सकता。
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इमरान मसूद: ECI विवाद पर नैतिकता नहीं, INDIA गठबंधन मजबूत होना चाहिए

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली | कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ECI विवाद पर कहा, "नैतिकता होती तो उन्हें(ज्ञानेश कुमार) चले जाना चाहिए था लेकिन इस सरकार में नैतिकता नाम की कोई चीज ही नहीं है। इतना एक्सपोज़ होने के बाद भी कोई व्यक्ति कैसे कुर्सी पर बैठा रह सकता है?..."\nINDIA गठबंधन की बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के शामिल न होने पर उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि अखिलेश यादव क्यों नहीं आ रहे हैं लेकिन इस समय, समय की मांग है कि INDIA गठबंधन मजबूत हो और INDIA गठबंधन को मजबूत दिखना चाहिए। चुनाव आयोग के जो काम करने का तरीका है, इसके बाद इनसे लड़ना आसान नहीं है।"
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कन्‍नौज: भारी बार‍िश से राहत का प्रयास, मंत्री असीम अरुण ने क‍िया प्रभाव‍ित इलाकों का दौरा

Mohammad, Uttar Pradesh:

Kannuj, Uttar Pradesh: कन्नौज जिले में यूपी के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अतिवृष्टि एवं भारी बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि, अतिवृष्टि के कारण हुई किसी भी प्रकार की क्षति—जैसे पशु हानि, कृषि/फसल हानि या मकान गिरने/क्षतिग्रस्त होने पर—उसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1077 एवं अन्य आधिकारिक नंबरों पर तत्काल दर्ज कराएं। दर्ज शिकायतों एवं सूचनाओं पर राजस्व विभाग द्वारा त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

 

*कमांड सेंटर से फॉलो-अप* 

संबंधित राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कमांड सेंटर के साथ समन्वय बनाकर एक सीमित और निर्धारित समयावधि में सर्वे का कार्य पूरा करें। जिन प्रभावितों परिवारों का नुकसान हुआ है, वे अपनी क्षति (मकान, फसल, पशु आदि) की फोटो खींचकर अपने पास सुरक्षित रख लें, ताकि सर्वे के समय प्रस्तुत की जा सके।

 

*संयुक्त टीमों का गठन* 

जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, राजस्व कर्मियों, डॉक्टरों एवं पशु डॉक्टरों की संयुक्त टीमें गठित कर प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। कमांड सेंटर से प्राप्त सूचनाओं तथा जमीनी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित स्थलों पर राहत सामग्री व सहायता पहुंचाई जाएगी। 

 

*1077 का पावर बैकअप होगा मजबूत* 

1070 को पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी 112 लखनऊ की तरह मल्टीपल कनेक्टिविटी दी जाएगी ताकि आपदा में यह मजबूती से कार्य करे। 1070 में बिजली, इनवर्टर और जनरेटर को मजबूत किया जाएगा ताकि पावर बैकअप बना रहे। 

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निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर बस स्टैंड पर कंडक्टरों के बीच मारपीट, वीडियो वायरल

Niwari, Madhya Pradesh:एंकर- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर बस स्टैंड पर सवारी बैठाने को लेकर दो बसों के कंडक्टरों के बीच जमकर चले लात और घूंसे, मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, दरअसल यह पूरा पृथ्वीपुर बस स्ट Stand का है, जहां दो बसों के कंडक्टर सवारियों को बैठाने को लेकर आपस में भिड़ गए, वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है की दोनों बसों के कंडक्टर एक दूसरे के साथ बीच बस स्टैंड पर मारपीट कर रहे हैं, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर मामले को कराया शांत, वही इस पूरे मामले को पृथ्वीपुर पुलिस का कहना है की अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई में शिकायत दर्ज नहीं गई कराई है।
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JK विधानसभा के शरद सत्र में हंगामा, जनता मुद्दों पर जोर देने की मांग

Srinagar, Uttarakhand:J&K Assembly Autumn Session Witnesses Uproar; Jagmohan Singh Raina Calls for Focus on Public Issues The sixth day of the Jammu and Kashmir Legislative Assembly’s Autumn Session is underway, with intense uproar and heated exchanges once again witnessed inside the House. Amid the commotion, Salaam TV reporter Showkat Beigh held an exclusive conversation with All-Party Sikh Coordination Committee Chairman and senior political leader Jagmohan Singh Raina. During the interaction, Raina criticised both the National Conference and the BJP, saying that political parties should focus on addressing the genuine concerns and problems faced by the people. Raina stressed that issues affecting the common people must be raised seriously in the Legislative Assembly and that concrete efforts should be made to find solutions. He said elected representatives have a responsibility to raise public concerns in the House and seek accountability from the government. According to Raina, the Assembly should remain focused on public issues, governance, accountability and finding practical solutions to people’s problems, rather than becoming a platform for political confrontation. Raina’s remarks came amid continued disruptions and heated exchanges during the ongoing Autumn Session of the Jammu and Kashmir Legislative Assembly.
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Ramban में Sawalkote परियोजना: SJAC का 100% स्थानीय रोजगार का ऐलान

Anchor: A massive public convention in Sangaldan area of JK's Ramban has brought the issue of local rights and rehabilitation to the centre of the Sawalkote Hydroelectric Project debate. The Sawalkote Joint Action Committee, led by President Advocate Fairoz Khan, has demanded 100 per cent employment and business priority for local residents, while urging political leaders to rise above factional politics and unite over Ramban’s interests. Addressing the convention organized by social leader Onkar Singh, Fairoz Khan said the people of Ramban are not opposed to development, but will oppose any arrangement that ignores the rights of project-affected families and local youth. Fairoz Khan, President, SJAC said, “Ramban is bearing the major burden of the project’s submergence. Nearly 88 per cent of the total submergence, as claimed by the SJAC, falls in Ramban. Our land and geography will be affected, and therefore our youth must have the first and guaranteed right to employment and economic opportunities.” The SJAC demanded first preference for locals in technical and non-technical employment, skilled and unskilled labour, transportation, supply contracts and sub-contracting opportunities linked to the project. Khan also appealed to political parties and elected representatives to set aside factional differences and come together on issues concerning land, employment, rehabilitation and the economic future of Ramban. Religious scholar Mufti Bashir Ahmed of Sumber, youth leader Khadim Wani and JKSA Working President Advocate Mubashir also supported the call for unity, stressing that divisions among local leaders could weaken the district’s collective voice. SJAC member Mudasir Azmat Mir defended the committee’s work, saying the organization was working for the people and would continue to do so. The convention also demanded strict implementation of the RFCTLARR Act, 2013, for land acquisition, compensation, rehabilitation and resettlement. Speakers sought a review of lands acquired in the past but allegedly left unutilized, along with publication of official plans for roads, tunnels and bypasses connected with the project. Environmental concerns also figured prominently, with the SJAC calling for safeguards against unscientific muck dumping and excessive blasting near habitations and water sources. The committee said its mass-contact campaign will now be expanded across Ramban district to maintain public oversight as the Sawalkote project moves towards execution.
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