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KRKhalik RazaFollow11 Jan 2025, 06:03 am

Kanpur Dehat - ग्राम पंचायत चनुआ मेहरई मे सिर्फ कागजों में हो रही मनरेगा मजदूरों की उपस्थित

Gaur, Uttar Pradesh:

बनकटी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत चनुआ मेहरई मे सिर्फ कागजो में हो रही मनरेगा मजदूरो की उपस्थित । डी0सी0 मनरेगा नहीं रोक पा रहे हैं फर्जी हाजरी लगाने का भ्रष्टाचार । प्रतिदिन 109 मजदूरों की हाजिरी,मौके पर 4,5 मजदूर,बाकी नदारद रहते है । सचिव आशुतोष का फोन रिसीव नही हुआ,जिससे वर्जन को शामिल किया जा सके। डिहवा मिट्टी पटाई एवं खड़ंजा कार्य पर एक भी मनरेगा मजदूर नहीं है ,MSRNO17971 डिहवा मंदिर पर पहले से था भीट ,मिट्टी को जेसीबी मशीन के द्वारा लेवल किया गया। दो साइड पर निर्माण कार्य में 100 से अधिक मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही। 

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कटिहार दियारा क्षेत्र में फसल कटाई के दौरान पुलिस की सख्त निगरानी, अपराधियों पर कार्रवाई तेज

Katihar, Bihar:कटिहार जिला का गंगा दियारा क्षेत्र में फसल कटाई और कलाई की बुआई को लेकर पुलिस की सक्रियता बढ़ी. कटिहार जिला का अधिकांश भू-भाग पर गंगा बेसिन का हिस्सा है, जहां गंगा, महानंदा और कोशी नदी का व्यापक प्रभाव. मुख्यतः मनिहारी, अमदाबाद, बरारी, समेली और कुरसेला प्रखंड क्षेत्रों का दियारा भूमि सबसे अधिक. दियारा लगभग 90–100 किमी तक जिला सीमा को करता है प्रभावित. दियारा नदी क्षेत्र से लगभग 10 से 12 थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ. दियारा खेती के लिए बेहद उपजाऊ है, लेकिन भूमि विवाद और प्रशासनिक पहुंच की कमी के कारण फसल लूट जैसी घटनाएं समय-समय पर सामने आते रही है. लंबे समय से दियारा क्षेत्र के भू-भाग में फसल कटाई और कलाई की बुआई को लेकर अपराधकर्मियों का जमावड़ा रहा है. पुलिस चौकस, फसल लूटने की घटना व संघर्ष को लेकर जल थाना सहित दियारा में पुलिस पिकेट, नियमित अभियान, चेकिंग और अपराधियों पर नजर. पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पूरे क्षेत्र पर उनकी विशेष नजर बनी हुई है और किसानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता. कटिहार जिला का सीमावर्ती पूर्णिया, भागलपुर, झारखंड का साहिबगंज तथा पश्चिम बंगाल से सटे गंगा-कोसी, महानंदा दियारा क्षेत्र में फसलें लहलहा रही है. हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी फसल कटाई के साथ ही अपराधियों की नजर किसानों पर पड़ने की संभावना है. गंगा के आर-पार फैले दियारा इलाके में किसानों ने हजारों एकड़ जमीन पर मक्का, तरबूज, ककड़ी और खीरा जैसी फसलें बड़े पैमाने पर लगी है. अब इन फसलों की कटाई का समय आ गया है और कई जगहों पर फसल कटाई शुरू भी हो चुकी है. बता दें कि कटाई के दौरान अपराधी सक्रिय होकर खेतों पर धावा बोलते हैं और किसानों से प्रति बीघा के हिसाब से अनाज की लेवी वसूली करते हैं. विरोध करने पर डराने-धमकाने की घटनाएं भी पूर्व में सामने आती रही हैं, जिसके कारण कई किसानों को मजबूरी में अनाज देना पड़ता था. लेकिन इस बार कटिहार पुलिस की सक्रियता अलग नजर आ रही है. पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के बताया कि दियारा क्षेत्र कुर्सेला, बरारी, मनिहारी, आजमनगर और महानंदा गंगा किनारे में विशेष निगरानी रखी जा रही है. सभी थानाध्यक्षों को फसल कटाई के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है. वहीं इस बार पुलिस की कार्रवाई का असर भी दिख रहा है. दियारा क्षेत्र में सक्रिय कई आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई की गई है और पूर्व के फसल लूट मामलों में शामिल कई अपराधी जेल भी भेजे जा चुके हैं. इससे किसानों में राहत और खुशी का माहौल है. साथ ही, पुलिस की ओर से दियारा इलाके में कैंप लगाकर जवानों की तैनाती की गई है और लगातार फ्लैग मार्च भी कराया जा रहा है. पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पूरे क्षेत्र पर उनकी विशेष नजर बनी हुई है और किसानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने दियारा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, फसल कटाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों पर की गई कार्रवाई के बारे में बताया कि मनिहारी, कुरसेला और बरारी थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले दियारा इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यहाँ बिहार सैन्य पुलिस के सशस्त्र बलों को एक अधिकारी के नेतृत्व में तैनात किया गया है, जो 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने क्षेत्र के कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें बरारी और कुरसेला क्षेत्र से सुमित यादव, पिंटू यादव और तूफानी यादव इन पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया हुआ था, जो जेल जा चुके हैं. मनिहारी क्षेत्र से रामनिवास यादव उर्फ पगला यादव, जो वर्तमान में सरपंच भी थे, उन्हें फसल कटाई और रंगदारी के विवादों के मामले में गिरफ्तार किया गया है. वहीं पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि दियारा क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है. यदि किसी भी नागरिक द्वारा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की शिकायत प्राप्त होती है, तो पुलिस तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगी. एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि इसमें सिविल प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा नदी गश्ती की जा रही है और पैदल पेट्रोलिंग के माध्यम से थानाध्यक्ष स्वयं हफ्ते में दो बार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और दियारा में कैंप एस्टेब्लिश्ड है, जो कि बीएमपी द्वारा है, सशस्त्र बल है, उनके द्वारा निगरानी रखी जा रही है और उनके द्वारा भी पुलिस लगातार मामलों की जांच कर रही हैं.
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नालंदा तालाब हादसे में दो मासूम बच्चियों की मौत, पूरा गांव शोक में

Pariaunna, Bihar:नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र के दुर्गा स्थान तालाब में नहाने के दौरान दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। शादी के कार्यक्रम के दौरान गांव में पवन राम की बेटी की शादी थी, मंगरोर रस्म के लिए तालाब में लोग नहाने गए थे। रस्म पूरी होने के बाद सभी घर लौट गए। कुछ समय बाद खुशबू और राधा कुमारी घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों ने खोज शुरू की। ग्रामीणों ने तालाब में खोजबीन की, तो दोनों बच्चियों के शव पानी में मिले। हादसे से पूरा गांव शोक में डूब गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कहा जा रहा है कि शादी के माहौल में व्यस्तता के कारण बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया; अगर समय रहते ध्यान दिया जाता, तो जान बच सकती थी। फिलहाल पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जयपुर दौरे के साथ भाजपा संगठन को मजबूत करने की रणनीति

Jaipur, Rajasthan:संगठन विस्तार, सरकार की योजनाओं के प्रचार और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर रणनीति जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा राजनीतिक रूप से काफी अहम रहा। पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद सीधे जयपुर पहुंचे नितिन नवीन ने यहां पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में संगठन विस्तार, सरकार की योजनाओं के प्रचार और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर रणनीति बनाई गई। पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार की थकान के बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जैसे ही जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे… कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। पारंपरिक अंदाज में हुआ भव्य स्वागत… ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के प्रति जोश और विश्वास का प्रदर्शन किया। एयरपोर्ट से भाजपा मुख्यालय तक रास्ते भर कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। फूल-मालाओं और अभिनंदन के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। ये स्वागत सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि संगठन के प्रति कार्यकर्ताओं की सक्रियता का संकेत भी था। भाजपा मुख्यालय पहुंचते ही नितिन नवीन ने पदाधिकारियों और कोर कमेटी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने, जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने पर गहन चर्चा हुई। बाइट (डॉ. अरुण चतुर्वेदी, अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग): राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला राजस्थान दौरा है। बैठक में संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा की गई और मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक नियमित बैठकों की रूपरेखा तय की गई। बैठक में खास जोर इस बात पर रहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आमजन तक प्रभावी तरीके से पहुंचे। इसके लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका को और सक्रिय बनाने की रणनीति तैयार की गई। कोर कमेटी की बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महिला सशक्तिकरण को लेकर पार्टी की रणनीति और विपक्ष के विरोध के खिलाफ भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं की सक्रियता को भी सराहा गया। इसके साथ ही मंत्रियों के प्रवास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने, योजनाओं की समीक्षा करने और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। साफ है कि पार्टी अब संगठन और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जयपुर में हुए इस दौरे को भाजपा के संगठनात्मक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक तरफ सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने की रणनीति बनी… वहीं दूसरी ओर आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावों को लेकर भी संकेत मिल गए हैं। कुल मिलाकर जयपुर दौरे के जरिए भाजपा ने साफ कर दिया है कि संगठन को मजबूत करते हुए जनसंपर्क और राजनीतिक रणनीति दोनों पर बराबर फोकस रहेगा।
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12 वर्षीय बालिका हत्याकांड: दूर का मामा गिरफ्तार, पुलिस ने दो घंटे में खुलासा

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के म्योरपुर थाना क्षेत्र के झरइ टोला में 12 वर्षीय बालिका की हत्या की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है. खेत में शव मिलने के बाद इलाके में तनाव के बीच एसओजी, सर्विलांस और स्पेशल टीमों को सक्रिय किया गया और आरोपी तक पहुंच बनाई गई.Chौंकाने वाली बात यह रही कि इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि बच्ची का दूर का मामा ही निकला. गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और गिरफ्तार कर लिया गया.
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बालाघाट में कलेक्टर ने चौपाल के जरिए ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, त्वरित निर्देश दिए

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट– रात में मोहबट्टा में चौपाल लगाकर कलेक्टर मृणाल मीणा ने सुनी ग्रामीणों की समस्या。 कलेक्टर के सामने अपनी समस्याओं और मांगो को ग्रामीणों ने भी रखा खुलकर。 ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को देकर त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश。 चौपाल में ग्रामीणों को दी सरकारी योजनाओं के साथ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की दी जानकारी。 बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए बताया और जनगणना की भी दी जानकारी।
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हरदोई स्कूल में अभिभावक के साथ अभद्रता: FIR, BSA ने तेज कार्रवाई शुरू की

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में महिला अभिभावक से अभद्रता पर FIR दर्ज, BSA के निर्देश पर कार्रवाई तेज हरदोई में शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में एक महिला अभिभावक के साथ हुई अभद्रता ने पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया है। इस चर्चित मामले में पुलिस ने आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता नीलम वर्मा की तहरीर पर थाना कोतवाली शहर में दर्ज इस FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 के साथ-साथ SC/ST एक्ट की गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। 26 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने जैसे ही इस पूरे कांड को उजागर किया, प्रशासन की नींद टूटी और कार्रवाई का पहिया तेजी से घूमने लगा। दरअसल, पूरा मामला 24 अप्रैल का है, जब नीलम वर्मा अपनी बेटी अलीशा के भविष्य की चिंता लेकर स्कूल पहुंची थी। लेकिन उसे क्या पता था कि शिक्षा के इस तथाकथित मंदिर में उसे सम्मान नहीं, बल्कि अपमान मिलेगा। आरोप है कि कॉपियों की खरीद के नाम पर उस पर आर्थिक दबाव बनाया गया। जब उसने मजबूरी में कुछ दिन की मोहलत मांगी, तो स्कूल प्रबंधन का असली चेहरा सामने आ गया। पीड़िता के मुताबिक, उसके साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उसे अपमानजनक शब्दों और कथित जातिसूचक टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई—और 26 अप्रैल को जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, पूरे जिले में गुस्से की लहर दौड़ गई। वीडियो सामने आते ही माहौल गरमा गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और स्कूल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की और खुद टीम के साथ स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की बारीकी से जांच कराई।जांच के दौरान न सिर्फ घटना की सच्चाई खंगाली गई,बल्कि विद्यालय के संचालन और भवन के मानकों को भी परखा गया।मौके पर पुलिस ने सीसीटीवी डीबीआर जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद BSA ने खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय की प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। यहीं नहीं, उन्होंने सख्ती दिखाते हुए स्कूल की प्रबंधक ममता मिश्रा के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी, ताकि जांच निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के पूरी हो सके। आदेश में साफ चेतावनी भी दी गई कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, इन कड़े निर्देशों के बाद आगे की कार्रवाई किस स्तर तक पहुंची है, इसकी स्पष्ट स्थिति अभी सामने नहीं आ सकी है। लेकिन इतना तय है कि इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। यह मामला अब सिर्फ एक महिला के अपमान का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ खड़े सवाल का प्रतीक बन चुका है, जहां शिक्षा के नाम पर दबाव, अपमान और शोषण को सामान्य समझ लिया गया था, जिसे अब कानून के शिकंजे में लाया जा रहा है।
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घाघरा नदी में 12 साल के बच्चे पर मगरमच्छ हमला, ग्रामीणों ने बचाया

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच: घाघरा नदी में नहा रहे 12岁的 बच्चे पर मगरमच्छ हमला, ग्रामीणों ने बचाया* बहराइच जिले के थाना बौंडी क्षेत्र के कायमपुर स्थित घाघरा नदी में बड़ा हादसा टल गया। दोस्तों के साथ नदी में नहा रहे 12 वर्षीय बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। मगरमच्छ ने बच्चे के पैर को अपने जबड़े में दबोच लिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर शोर मचाया और किसी तरह बच्चे को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे की पहचान कायमपुर निवासी शिव प्रसाद के रूप में हुई है। परिजनों ने घायल बच्चे को तुरंत hospital में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नदी किनारे सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। थाना बौंडी पुलिस मामले की जांच कर रही है。
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बहराइच: ईंट भट्ठे पर सो रहे दंपती को सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच: ईंट भट्ठे पर सो रहे पति-पत्नी को सांप ने डसा, इलाज के दौरान दोनों की मौत बहराइच जिले के थाना दरगाह क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे पर दर्दनाक हादसा हो गया। पलंग पर सो रहे पति-पत्नी को जहरीले सांप ने डस लिया। इलाज के दौरान बहराइच मेडिकल कॉलेज में दोनों की मौत हो गई। मृतक मोतीपुर के पड़रिया गांव निवासी 26 वर्षीय सुनील और 25 वर्षीय पत्नी सपना थे। परिजनों के मुताबिक दोनों रात में खाना खाकर ईंट भट्ठे पर पलंग पर सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने दोनों को काट लिया। सांप के काटने से मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दंपती को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर दरगाह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एक साथ पति-पत्नी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। गांव में शोक का माहौल है।
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बहराइच में दो बाइक भिड़ंत, ट्राली चपेट में आकर युवक की मौत, दो घायल

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच जिले के थाना पयागपुर क्षेत्र के चंदवापुर गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर के बाद एक युवक ट्राली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक सवार दो अन्य लोग घायल हो गए। मृतक के पिता अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि उनका 18 वर्षीय बेटा अतुल कुमार पांडे घर में कार्यक्रम होने के कारण पंखा चलाने के लिए बिजली का तार लेने बाजार गया था। चंदवापुर गांव के पास सामने से आ रही दो तेज रफ्तार बाइकों की आपस में जोरदार भिड़ंत हो गई। इसी दौरान अतुल पास से गुजर रही ट्राली की चपेट में आ गया। हादसे की सूचना पर थाना पयागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दो घायलों को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक का माहौल है।
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भाग्य से नहीं मेहनत से सफलता: बीजेपी अध्यक्ष ने संगठन मजबूती पर जोर दिया

Jaipur, Rajasthan:राजनीति में किस्मत का रोल कितना होता है? और क्या सिर्फ भाग्य के भरोसे सफलता मिल सकती है? भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जयपुर में पार्टी पदाधिकारी से संवाद में सवालों के जवाब दिए है। उन्होंने साफ कहा राजनीति में भाग्य एक फैक्टर जरूर है, लेकिन असली पहचान संगठन के लिए किए गए काम से बनती है। इतना ही उन्होंने कहा कि पार्टी में समर्पित भाव से कम करें, बाकी भाग्य पर छोड़ दें। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को बीजेपी मुख्यालय में हलचल तेज रही। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों और कोर ग्रुप के साथ अहम बैठक की। इन बैठकों में संगठन को मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर पकड़ बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी पदाधिकारी की बैठक में नितिन नवीन में सांप कहा कि वह समर्पित होकर काम करें बाकी सब भाग्य पर छोड़ दे। पार्टी में समर्पित रूप से काम करेंगे तो कहीं में कहीं भाग्य से अच्छी पोजीशन मिल जाएगी। नितिन नबीन ने पदाधिकारियों को साफ संदेश दिया कि पार्टी के लिए पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता संगठन के लिए मेहनत करेगा, उसी की पहचान बनेगी और वही आगे बढ़ेगा。 बैठक में एक खास रणनीति भी सामने आई। नितिन नवीन ने निर्देश दिया कि पुराने और अनुभवी नेताओं की सूची तैयार की जाए और उनके घर जाकर उनसे मार्गदर्शन लिया जाए। उनका मानना है कि अनुभव और ऊर्जा का संतुलन ही संगठन को मजबूत बना सकता है。 नितिन नबीन ने पदाधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा प्रवास करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जाकर बूथ, मंडल और शक्ति केंद्रों के कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद करना बेहद जरूरी है। यही संवाद पार्टी की नीतियों और योजनाओं की असली तस्वीर सामने लाता है। पहली बार दौरे पर आए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना प्राथमिकता है। पुराने नेताओं का अनुभव और नए कार्यकर्ताओं की ऊर्जा के संतुलन के साथ पार्टी आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है。 बैठक में विभिन्न मोर्चों के गठन और उनकी सक्रियता पर भी जोर दिया गया। जिन मोर्चों के अध्यक्ष नियुक्त हो चुके हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपनी टीम तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भी चर्चा हुई और जनता से फीडबैक लेने पर जोर दिया गया। नितिन नबीन ने भरोसा जताया कि अगर सभी निर्देशों को सही तरीके से लागू किया गया, तो आगामी चुनावों में पार्टी को बड़ा फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि डेढ़ से दो महीने बाद वे फिर राजस्थान आएंगे—इस बार तीन दिन के दौरे पर रहेंगे। कुल मिलाकर, नितिन नबीन का यह दौरा साफ संकेत देता है कि बीजेपी अब संगठनात्मक मजबूती और जमीनी पकड़ को और धार देने में जुट गई है। भाग्य की बात जरूर हुई, लेकिन संदेश साफ है—मेहनत ही असली पहचान दिलाती है। तो राजनीति में भाग्य का रोल भले ही हो, लेकिन सफलता की असली कुंजी मेहनत और संगठन ही है—ये संदेश बीजेपी अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं को साफ तौर पर दे दिया है। फिलहाल देखना होगा कि इन निर्देशों का असर जमीन पर कितना दिखता है。
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बैकुंठपुर के जिला अस्पताल में गर्मी और अव्यवस्थाएं मरीजों को परेशान

एकर - कोरिया जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र—जिला अस्पताल बैकुंठपुर—इन दिनों खुद ही बीमार नजर आ रहा है।यहां रोजाना जहां 400 से 500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, वहीं करीब 150 मरीज अस्पताल में भर्ती रहते हैं।लेकिन हालात ऐसे हैं कि मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अस्पताल के आयुष्मान काउंटर पर बिजली गुल होने के कारण लोग 2 से 3 घंटे तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।इतना ही नहीं, 40 से 42 डिग्री तापमान के बीच जिला अस्पताल में गैलरी में भर्ती मरीजों को सिर्फ पंखों के सहारे छोड़ दिया गया है। मरीजों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में कूलर जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।अस्पताल के वार्डों की स्थिति भी बेहद खराब है।मेल वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि शौचालय और बाथरूम की हालत इतनी बदतर है कि वहां जाने से बीमारी और बढ़ने का डर बना रहता है।टॉयलेट , वाश बेसिन टटा हुआ है, साफ सफाई नहीं है।
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छत्तीसगढ़ के जिला अस्पताल की हालत पर हाई कोर्ट का नाराजगी; सुधार के निर्देश

Kondagaon, Chhattisgarh:एक और जहां छत्तीसगढ़ के बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट ने अपनी नाराजगी जाहिर की है जल्द सुधार करने के निर्देश दिए है बावजूद इसके भी स्वास्थ्य व्यस्थाओं मे सुधार देखने को नहीं मिल रहे है आपकों बता दे की कोंडागांव जिला अस्पताल आज भी 10 करोड़ के कर्ज मे डूबा है दवा सप्लायर से लेकर लेखन मद तक का व्यापारियों को भुगतान नहीं कर पा रहा है जिला अस्पताल का भवन मे लगे ए सीपी उखने लगे है अंदर पिने के पानी से लेकर शौचालय तक मे पानी की व्यवस्था नहीं है डॉक्टर जितने होने है उतने है नहीं एक्ससरे सोनोग्राफी, से लेकर तमाम मशीने तो है मगर इसके संचालन के लिए टेक्निशियनों की भर्ती नहीं हो पाई है जितनी संख्या स्टॉफ का यंहा सेटप होना चाहिए उतनी है नहीं लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालो का रुख करना पड़ता है अस्पताल मे मरीज बताते है की न समय पर यंहा स्टॉफ मिलता है न ही मुफ्त मे इलाज मिलता है स्वच्छता पर किसी का ध्यान नहीं है हर ओर गंदगी फैली हुई है अस्पताल मे सर्जनों की कमी है जिन्हे स्वतंत्र पर रखा जाता है उन्हें न तो समय पर सेलरी मिलती है न ही उपचार मे लगने वाली सामग्री पेशेरेफर सेंटर बन चूका है जिला अस्पताल
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नारायणपुर जिला अस्पताल में बदहाल शौचालयों से मरीज प्रभावित, स्वच्छता और सुविधाओं की समस्या

Narayanpur, Jharkhand:नारायणपुर जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की गंभीर कमी सामने आई है, जिसके चलते मरीजों को इलाज के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के वार्ड में बने शौचालयों की बदहाल स्थिति और वहां से आने वाली तेज बदबू ने मरीजों की हालत और भी दयनीय बना दी है। हालात इतने खराब हैं कि शौचालय से लगे बेड पर भर्ती मरीजों को नाक पर रुमाल रखकर इलाज कराना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से शौचालयों की सफाई नहीं हुई है। गंदगी और दुर्गंध के कारण वार्ड का वातावरण असहनीय हो गया है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पहले से बीमार मरीजों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर बनती जा रही है, क्योंकि स्वच्छता की कमी से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। सिर्फ साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि अस्पताल में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की भी कमी देखने को मिल रही है। रक्त परीक्षण के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जो कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले लोगों के लिए बड़ी समस्या है। ब्लड बैंक से जुड़ी लापरवाही भी सामने आई है। एक मरीज के लिए रक्तदान करने पहुंचे डोनर को अस्पताल में ब्लड लेने वाला कोई कर्मचारी नहीं मिला। लंबे इंतजार के बाद जब कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा, तो डोनर को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इस कारण जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो सका, जो कि अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। उनका कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। नारायणपुर जिला अस्पताल में सामने आई ये समस्याएं न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निगरानी और सुधार के प्रयासों में गंभीर कमी है। जरूरत है कि प्रशासन इस पर तत्काल ध्यान दे और मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए。
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