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बस्ती में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हुआ शुभारंभ
Basti, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया। आपको बता दें कि उन्होंने जिला अस्पताल से जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं डीएम ने कहा कि इस मौसम में मलेरिया जैसे रोगों का खतरा रहता है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को साफ-सफाई पर ध्यान देने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
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दमोह में बंद अस्पताल के बाहर गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया
Damoh, Madhya Pradesh:दमोह में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामने आई है जब एक बंद अस्पताल के बाहर घंटों गर्भवती महिला तड़पती रही और महिला ने अस्पताल के बाहर ही बच्ची को जन्म दिया। मामला दमोह जिले के प्रसिद्ध अजब धाम फतेहपुर का है जहां गुरुवार की देर शाम सादपुर गांव से एक गर्भवती महिला मंजो भील को फतेहपुर के सामुदायिक स्वस्थ केंद्र लाया गया लेकिन अस्पताल बंद था , मेन गेट पर ताला डला था और परिजन डाक्टर और स्टाफ को तलाशते रहे लेकिन उन्हें कोई नहीं मिला, इधर महिला की हालत बिगड़ रही थी, आसमान से बारिश लगातार हो रही थी लेकिन तड़पती महिला को इलाज देने और उसका प्रसव कराने वाला कोई नहीं था, लेकिन जब अस्पताल के आसपास रहने वाली कुछ महिलाओं को इस बारे में जानकारी मिली तो ये महिलाएं इस गर्भवती महिला के लिए देवदूत बनकर आई, अस्पताल के बाहर ही फर्श पर उन्होंने महिला की डिलीवरी कराई और महिला ने लड़की को जन्म दिया, डिलीवरी तो हो गई लेकिन महिला और नवजात की हालत ठीक नहीं थी और दोनों को एक निजी वाहन से परिजन सिविल अस्पताल लेकर गए जहां दोनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर सबको झकझोर दिया है। आपको बता दें कि अजब धाम फतेहपुर सूबे के आनंद विभाग के मंत्री लखन पटेल के विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है और मंत्री पटेल सड़को के गड्ढों को लेकर दिए अपने बयान के बाद सुर्खियों में है और अब उनके क्षेत्र में एक नया मामला सामने आया है जहां बरसते पानी में एक आदिवासी समुदाय की गर्भवती महिला को बंद अस्पताल के बाहर फर्श पर बच्चे को जन्म देना पड़ा है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की तस्वीर भी सबके सामने ला दी है। जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर का ये मामला है वो स्वास्थ्य केंद्र आठ महीने पहले ही लोकार्पित हुआ है और इसका लोकार्पण मंत्री लखन पटेल ने ही किया था लेकिन यहां डाक्टर नर्सिंग स्टाफ ही नहीं है , यहां एक ए एन एम की पोस्टिंग थी लेकिन 31 जुलाई को वो भी रिटायर्ड हो गई और तब से ये इमारत भरी here है और लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं उन्हें लगता है कि जिस शोर शराबे के साथ यहां अस्पताल खोला गया था वो अस्पताल लोगों के काम आयेगी और इसके भरोसे लोग यहां आ जाते है और फिर जो स्थिति बनती है वो कुछ ऐसी ही है कि महिला की आसपास की महिलाएं डिलीवरी करा रही है।0
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रतलाम के मंदिरों में जन्माष्टमी उत्साह, भक्त बांसुरी की धुन में मग्न
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में जन्माष्टमी के पर्व पर खासा उत्साह और भक्ति का माहौल नजर आ रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए भक्त सुबह से ही मंदिरों में पहुँच रहे हैं। खास बात यह है कि श्रद्धालु भगवान कृष्ण के सामने बांसुरी बजाकर जन्मोत्सव की खुशी जाहिर करते नजर आए। बांसुरी की मधुर धुन और भक्ति के रंग ने मंदिरों के माहौल को और मनोहारी बना दिया। मंदिरों में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। बाल कृष्ण की लीलाओं और उनके बाल स्वरूप की झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। जैसे-जैसे जन्मोत्सव का समय नजदीक आ रहा है, मंदिरों में भक्तों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। रतलाम में शाम को मटकी फोड़ आयोजन भी होंगे, लेकिन इससे पहले कृष्ण मंदिरों की सजावट और श्रृंगार देखने लायक है। राम मंदिर से लेकर गोपाल मंदिर तक भक्ति और उल्लास का माहौल है। बड़े ही नहीं, बच्चे भी कृष्ण भक्ति में पूरी तरह रंगे नजर आ रहे हैं।0
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हजारीबाग के पंच मंदिर पर ताला विवाद, जन्माष्टमी के दिन भी नहीं खुला गेट
Hazaribagh, Jharkhand:हजारीबाग के बीच बाजार यानी हृदय स्थल पर बसा हुआ ऐतिहासिक मंदिर पंच मंदिर को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है लोगों ने समझा कि विवाद अब समाप्त हो गया है चूँकि जिला प्रशासन हजारीबाग ने बैठक कर कमेटी गठित कर दिए और मंदिर के रखरखाव का जिम्मेदारी उन्हें सौंप दिया गया लेकिन मंदिर के मालिकाना हक को लेकर तथा कथित दावेदार प्रदीप कुमार अपने जिद पर अड़ा हुआ है और हमेशा श्रद्धालुओं को परेशान करने के नियत से मंदिर में ताला लगा दिया करता है आज मंदिर के गेट पर ताला लगा देख श्रद्धालु भड़क गए और जन्माष्टमी के दिन ऐसी स्थिति पर बवाल काटने पर तुले हुए हैं श्रद्धालुओं का कहना है कि हाई कोर्ट का आदेश है कि किसी भी मंदिर पर ताला नहीं लगाया जा सकता यह सार्वजनिक स्थल है यहां पूजा पर रोक नहीं लगाया जा सकता तब ऐसी स्थिति में यह क्यों है ? जबकि पिछले 17 अगस्त को विशेष कर रांची हाईकोर्ट ने पांच मंदिर विवाद पर स्पेशल आर्डर निकाला है कि मंदिर में ताला नहीं लगाया जा सकता तब ऐसी स्थिति क्यों है हजारीबाग जिला प्रशासन के पास लोग टेलीफोन के माध्यम से शिकायत किए हैं क्योंकि आज जन्माष्टमी को लेकर बंदी है ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं के सामने विकट समस्या पैदा होते देखी जा रही है0
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सिंदरी में एफसीआई प्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन, क्वार्टर किराया बढ़ाने को रोकने की मांग
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के सिंदरी मनोहरटाड़ स्थानीय लोगो ने सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन की शव यात्रा निकाली और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार रोडाबांध चौक पर पुतला दहन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। एफसीआई क्वार्टरों का किराया बढ़ाने और क्वार्टरों को तोड़ने के लिए टेंडर जारी किए जाने के विरोध में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। आंदोलनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए फैसले को वापस लेने की मांग की। संघर्ष मोर्चा के संयोजक रविंद्र सिंह ने कहा कि एफसीआई प्रबंधन सिंदरीवासियों के साथ अन्याय कर रहा है। प्रबंधन को चेताने के लिए पहले मशाल जुलूस और अब शव यात्रा निकालकर विरोध दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि प्रबंधन ने लोगों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो सिंदरीवासी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वही भाजपा नेता धर्मजीत सिंह ने भी एफसीआई प्रबंधन से सिंदरी के लोगों के साथ कथित अत्याचार बंद करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द पहल नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा और एफसीआई के कामकाज को बंद कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पूरे रोड़ाबांध चौक पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि क्वार्टर किराया वृद्धि और आवास तोड़ने के प्रस्ताव के खिलाफ उनका आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा。0
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बाराबंकी-लखनऊ UPSRTC बस में शराबखोरी पर सवाल, जांच की मांग तेज
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाराबंकी-लखनऊ UPSRTC बस में शराबखोरी का VIDEO VIRAL, चलती बस में छलका जाम, परिवहन निगम पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की कैसरबाग-बाराबंकी रूट पर चलने वाली बस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में रात के समय बस के भीतर कुछ लोग कथित तौर पर शराब पीते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन निगम की व्यवस्थाओं और बसों में यात्रियों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह बाराबंकी और लखनऊ के कैसरबाग के बीच चलने वाली UPSRTC बस का है। वीडियो में कुछ लोग बस के अंदर शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किस बस में बनाया गया। वीडियो के साथ एक जागरूक नागरिक ने दिन के समय का बस टिकट भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। टिकट के आधार पर वीडियो में दिखाई गई बस को बाराबंकी-लखनऊ रूट से जोड़ते हुए मामले को सामने लाया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि सार्वजनिक परिवहन की बस में वास्तव में शराब का सेवन किया गया है तो बस में मौजूद चालक-परिचालक की भूमिका क्या थी और यात्रियों की सुरक्षा एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था है। वायरल वीडियो को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है। साथ ही परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग सोशल मीडिया के माध्यम से की गई है। अब देखने वाली बात होगी कि परिवहन निगम वायरल वीडियो की जांच कर बस, चालक-परिचालक और वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान करता है या नहीं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो वास्तव में किस बस का है और उसमें दिखाई दे रही घटना कब की है。0
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अमेठी में जलभराव जारी, सांसद-प्रशासन से पानी निकलवाने की गुहार
Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी - रुक रुक हो रही बारिश बनी आफत। सप्ताहभर से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं निकला जलभराव। मुसाफिरखाना ब्लॉक के पलिया पूरब जोगीबीरन गांव में कई घरों में घुसा बारिश का पानी। जलभराव से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें घरों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित। परेशान ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग। ग्रामीणों ने जलभराव का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल। अमेठी सांसद और जिला प्रशासन से जल्द पानी निकलवाने की लगाई गुहार। ग्रामीणों के मुताबिक पोलिटेक्निक कॉलेज के पास मोटी पाइप बंद होने से रुकी है जलनिकासी। ग्रामीणों का दावा मोटी पाइप खुल जाए तो जलभराव की समस्या का हो सकता है समाधान। मुसाफिरखाना ब्लॉक के पलिया पूरब जोगीबीरन गांव का मामला।0
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अमेठी के प्रगटेश्वर हनुमान मंदिर परिसर में जलभराव, नाला खुलवाकर जल निकासी की मांग
Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी - प्रगटेश्वर हनुमान मंदिर परिसर में जलनिकासी का मार्ग अवरुद्ध होने से भरा पानी। जलभराव के विरोध में ग्रामीणों ने धरना देकर जताया आक्रोश। ग्रामीणों ने नाला खुलवाकर तत्काल जलनिकासी कराने की उठाई मांग। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस बल तैनात। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से लगातार बनी हुई है समस्या। नाला खुलवाकर जलनिकासी कराने की मांग पर धरने पर बैठे ग्रामीण। कमरौली थाना क्षेत्र के बनभारिया स्थित प्रगटेश्वर हनुमान मंदिर के पास का मामला।0
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मुरादाबाद के सहसपुरी में पिंजरे में तेंदुआ, रेस्क्यू जारी और खतरा बढ़ा
Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद में वन विभाग के पिंजरे ने कैद हुआ एक और खूंखार तेंदुआ, अब तक एक शावक एवं 2 मृत सहित कुल 14 तेंदुए वन विभाग कर चूका रेस्क्यू, आज ठाकुरद्वारा तहसील के डिलारी थाना क्षेत्र मे पड़ने वाले गांव सहसपुरी में लगे पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, अभी और भी कई तेंदुए क्षेत्र में होने की जताई जा रही आशंका, पिंजरे ने फंसे तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की लगी भीड़, वन विभाग की टीम ने तेंदुए को गांव से रेस्क्यू कर अपने साथ ले गयी, बता दें अब तक 4 लोगों को मौत के घाट एवं 2 दर्जन से अधिक लोगों को घायल कर चुके तेंदुए, वन विभाग की कई टीमें अभी भी लगातार गावों और जंगलों में तेंदुओं को ट्रेस करने के अभियान में जुटी, 2 दर्जन से अधिक पिंजरे वन विभाग द्वारा जगह जगह गाँवों में तेंदेदों को पकड़ने को लगाए गए, मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के गांव सहसपुरी का पूरा मामला0
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बाराबंकी अस्पताल में AC कमरे के न मिलने पर ससुराल- मायके पक्ष में मारपीट, VIDEO वायरल
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाराबंकी के अस्पताल में AC कमरा न मिलने पर बवाल, सास-ननद और ससुर से जमकर मारपीट, VIDEO वायरल बाराबंकी शहर के श्री मेडिकल सेंटर एंड हार्ट क्लीनिक में बहू का ऑपरेशन कराने पहुंचे ससुराल पक्ष के लोगों के साथ मायके पक्ष के लोगों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि बहू के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में कमरा बुक कराया गया था। आरोप है कि AC कमरा न लेने को लेकर मायके पक्ष के लोग नाराज हो गए और इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि इस दौरान बहू के ससुराल पक्ष की सास, ननद और ससुर के साथ मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। इसके बाद आवास विकास कॉलोनी निवासी राम कुमार, जो ससुराल पक्ष से बताए जा रहे हैं, ने कोतवाली नगर पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की। राम कुमार की शिकायत के मुताबिक, अस्पताल में AC कमरे को लेकर विवाद के बाद उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मारपीट की असली वजह और घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल में AC कमरा न मिलने को लेकर शुरू हुए विवाद और उसके बाद हुई कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है。0
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लखीमपुर खीरी: लूट के शातिर गैंग समेत मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के पसगवां थाना इलाके में लूट की घटना को अंजाम देने वाला शातिर बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि लुटेरे के अन्य चार साथी भी मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए हैं। मोटिवेट के दौरान मुख्य अभियुक्त को पर में गोली लगी है। पकड़े गए सभी अभियुक्त इलाके में कई घटनाओं के अंजाम दे चुके थे। तलाशी के दौरान अभियुक्त के पास से लूटी गई नगदी तमंचा कारतूस बरामद किया गया है।0
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भोपाल में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार घोषित; 33 शिक्षक सम्मानित होंगे
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों की हुई घोषणा मध्यप्रदेश के 33 शिक्षक होंगे सम्मानित प्राथमिक श्रेणी के 18 और माध्यमिक श्रेणी के 15 शिक्षक शामिल शिक्षक दिवस के अवसर पर होंगे सम्मानित 5 सितंबर को भोपाल में आयोजित होगा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह0
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सीएम मोहन यादव ने सुनील लोधी को सम्मानित किया; ₹1 लाख व आंखों के इलाज घोषणा
Sagar, Madhya Pradesh:प्रतिभाशाली बुंदेली गायक सुनील लोधी को CM डॉ. मोहन यादव ने किया सम्मानित, ₹1 लाख की सम्मान निधि और आंखों के इलाज की घोषणा.. एंकर/ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के उभरते बुंदेली गायक सुनील लोधी और उनके माता-पिता से मुलाकात कर उनका आत्मीय सम्मान किया। सुनील लोधी ने अपनी दृष्टिबाधकता को बाधा न बनने देते हुए लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहचान बनाई है। फिल्म 'हनुमान अंश' में सुनील द्वारा गाए गए गीत ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सुनील की प्रतिभा और लगन की सराहना करते हुए कई सुनील लोधी की कला साधना को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 लाख की सम्मान राशि दी जाएगी।साथ ही सुनील की आंखों की रोशनी वापस लाने की संभावनाओं को देखते हुए उनका विशेषज्ञ डॉक्टरों से परीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।0
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AGS Dawar: गुरेज़ घाटी के बच्चों के लिए शिक्षा पहुंच में सुधार
Anchor:-Army Goodwill School (AGS) Dawar is contributing to improving access to quality education for children living in the remote and border areas of Gurez Valley, where geographical isolation, harsh winters and limited educational infrastructure have historically posed challenges for students and teachers. Located in difficult mountainous terrain, several villages in Gurez remain far from major educational centres. Heavy snowfall, harsh weather conditions, difficult road connectivity and the remoteness of settlements can affect regular access to schooling and educational resources. For children living in villages close to the Line of Control, these challenges can further restrict access to educational facilities and opportunities available in more accessible areas. Against this backdrop, AGS Dawar, being run under the Indian Army’s Operation Sadbhavana, has emerged as an important educational institution for the local community. The school aims to bridge the education gap by providing structured schooling, modern learning facilities and opportunities for the overall development of students. The school began with just 38 students in UKG and Class I and two teachers. With increasing enrolment and support from the community, it was gradually upgraded from a primary school to a middle school and subsequently to a secondary school, offering education from LKG to Class X. AGS Dawar follows the JKBOSE curriculum, with English as the medium of instruction. The school has smart classrooms, a computer laboratory and science laboratory, providing students with exposure to technology and practical learning. Sports activities, co-curricular programmes and specialised coaching are also part of the school’s efforts to promote the holistic development of students. The science laboratory provides students an opportunity to understand concepts through practical learning, while the computer facilities help them develop digital skills. Sports and co-curricular activities give students opportunities to participate in competitions, develop teamwork and discipline, and build confidence. The school’s contribution extends beyond classroom education. Students are encouraged to participate in academic, sports and cultural activities, giving children from the border belt opportunities to develop their interests and skills. Parents and members of the local community said that the school has played an important role in expanding educational opportunities for children in Gurez. “The Indian Army has provided our children opportunities for overall development. We are grateful for the facilities and support being provided to them. Our children are getting exposure to education, sports, computers and other activities that were difficult to access earlier,” parents said. The impact of the institution is also reflected in the academic journeys of its students. Several students associated with the school have gone on to pursue higher education and professional courses, including NEET and engineering, providing encouragement to other children in the region to aim for higher studies and professional careers. For students living in remote border villages, access to such facilities means they can receive quality schooling closer to their homes without having to travel long distances to urban or semi-urban centres. Over the years, AGS Dawar has expanded its reach and now serves hundreds of students, becoming an important part of the educational landscape of Gurez. The institution continues to provide children in the border belt with access to education, technology, sports and co-curricular opportunities, contributing to their academic growth and overall development.0
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शहडोल के सरकारी स्कूल बदहाल: जर्जर भवन, खराब सड़क से बच्चों की पढ़ाई खतरे में
Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल में सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कहीं जर्जर भवन में बच्चों की जान का खतरा है, तो कहीं स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह बच्चे और शिक्षक कीचड़ भरी सड़क के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाते और मजबूरी में विद्यालय किसी दूसरे भवन में संचालित करना पड़ रहा है। जैतपुर के मौहरटोला में 24 बच्चों की कक्षा एक ग्रामीण के घर के बरामदे में लग रही है। जिले में 117 स्कूल ऐसे हैं जो जर्जर हालत में हैं और विद्यालयों को निजी मकान, सामुदायिक भवन एवं आंगनबाड़ियों में लगाए जा रहे हैं। तस्वीर शहडोल के जैतपुर क्षेत्र के गलहथा पंचायत के मौहरटोला की है, जहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। बारिश में छत से पानी टपकता है और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल भवन में कक्षाएं लगाना मुश्किल है। ग्रामीण प्रहलाद सिंह ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अपने घर का बरामदा निशुल्क स्कूल के लिए दे दिया। पिछले एक महीने से अधिक समय से करीब 24 बच्चे इसी बरामदे में पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन शहडोल में समस्या सिर्फ जर्जर स्कूल भवनों तक सीमित नहीं है। जिले में 117 ऐसे स्कूल बताए जा रहे हैं, जहां किसी न किसी तरह की समस्या के चलते विद्यालय निजी भवन, आंगनबाड़ी या सामुदायिक भवनों में संचालित हो रहे हैं। कुछ स्कूलों की स्थिति इतनी है कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है। बारिश में रास्ते कीचड़ से सन जाते हैं, जिससे बच्चों और शिक्षकों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी होती है। कई बार बच्चे और शिक्षक स्कूल तक नहीं पहुंच पाते और इसी वजह से वैकल्पिक भवन में विद्यालय संचालित करना पड़ता है। आदिवासी बहुल शहडोल जिले में शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए बड़े बजट और योजनाएं होने के बावजूद ये तस्वीर कई सवाल खड़े करती है—आखिर स्कूल भवनों की समय पर मरम्मत क्यों नहीं हुई? स्कूलों तक सड़क क्यों नहीं पहुंची? और जिम्मेदारों की निगरानी के बावजूद बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है?0
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इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी उत्साह: आरती और कार्यक्रमों से भक्त उमड़े
Raipur, Chhattisgarh:इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर सुबह से ही आरती और दूसरे आयोजन हो रहे हैं....मंदिर को शानदार तरीके से सजाया गया है... हजारों की संख्या में भक्त यहां सुबह से आने शुरू हो गए हैं0
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