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जलपाईगुड़ी के बिरयानी-फास्टफूड दुकानों पर प्रशासन की छापेमारी

Jalpaiguri, West Bengal:*রাস্তায় বেরোলেই বিরিয়ানি-ফাস্টফুড, কিন্তু কী খাচ্ছি আমরা? শহরের জনপ্রিয় দোকানে প্রশাসনের হানা। জলপাইগুড়ি শহরের বিরিয়ানি এবং রেস্টুরেন্ট গুলোতে মহকুমা শাসকের হানা। রাস্তায় বেরোলেই চোখে পড়ে বিরিয়ানি থেকে শুরু করে নানা ধরনের ফাস্টফুডের দোকান। কিন্তু সেই খাবার কতটা স্বাস্থ্যসম্মত? প্রশ্ন উঠছে তা নিয়েই। জলপাইগুড়ি শহরের একাধিক জনপ্রিয় বিরিয়ানি ও ফাস্টফুডের দোকানে হানা দিল প্রশাসন। আর অভিযানে সামনে এল চাঞ্চল্যকর ছবি। কোথাও প্রচুর পরিমাণে পুরনো তেল, কোথাও নষ্ট খাবার, আবার কোথাও মোমো, স্যুপ, চাওমিন থেকে মাংস—জব্দ করে নষ্ট করে দেওয়া হল একাধিক খাদ্যসামগ্রী। বিরিয়ানি হোক 그렇거나 চাওমিন, মোমো হোক কিংবা নানা ধরনের ফাস্টফুড—জলপাইগুড়ি শহরে দিন দিন বাড়ছে এই ধরনের খাবারের চাহিদা। কিন্তু খাবারের গুণমান এবং স্বাস্থ্যবিধি কতটা মানা হচ্ছে, তা নিয়ে প্রশ্ন থেকেই যায়। সেই প্রশ্নের উত্তর খুঁজতেই এবার শহরের বিভিন্ন জনপ্রিয় বিরিয়ানি ও ফাস্টফুডের দোকানে অভিযান চালাল প্রশাসন। অভিযানে ছিলেন জলপাইগুড়ি মহকুমা শাসক মঈন আহমেদ, জলপাইগুড়ি পৌরসভার আধিকারিকরা, খাদ্য দপ্তরের আধিকারিক এবং পুলিশকর্মীরা। অভিযানে কোথাও দেখা গেল দীর্ঘদিনের ব্যবহৃত তেল। সেই তেল পরীক্ষা করে ব্যবহারের অনুপযুক্ত মনে হওয়ায় তা ফেলে দিয়ে নষ্ট করে দেওয়া হয়। আবার কোথাও মোমো এবং স্যুপ-সহ বিভিন্ন খাদ্যসামগ্রী মান নিয়ে প্রশ্ন ওঠে। চাওমিন, মাংস-সহ বেশ কিছু খাবারও পরীক্ষা করা হয়। স্বাস্থ্যসম্মত নয় বলে সন্দেহ হওয়া একাধিক খাদ্যসামগ্রী ঘটনাস্থলেই নষ্ট করে দেওয়া হয়। বাইট – মঈন আহমেদ, মহকুমা শাসক। প্রশাসনের এই অভিযানে স্বাভাবিকভাবেই প্রশ্ন উঠছে—প্রতিদিন যে খাবারগুলি আমরা চোখ বন্ধ করে খাচ্ছি, সেগুলি আদৌ কতটা নিরাপদ? শহরবাসীর একাংশের দাবি, শুধু অভিযান নয়, নিয়মিত নজরদারি প্রয়োজন। পাশাপাশি খাবারের মান, ব্যবহৃত তেল এবং রান্নার পরিবেশ নিয়ে দোকানদারদেরও আরও সতর্ক হতে হবে। বাইট – সাধারণ মানুষ। বিরিয়ানি, মোমো কিংবা চাওমিন—স্বাদের সঙ্গে আপস করতে চান না কেউই। কিন্তু সেই স্বাদের আড়ালে যদি লুকিয়ে থাকে স্বাস্থ্যঝুঁকি, তাহলে সতর্ক হওয়া জরুরি। প্রশাসনের এই অভিযান কি এবার খাবারের দোকানগুলিতে স্বাস্থ্যবিধি মানার ক্ষেত্রে কতটা প্রভাব ফেলে, সেটাই দেখার। ক্যামেরায়:- ঋষি চক্রবর্তী। রিপোর্ট: - প্রদ্যুৎ দাস। জি ২৪ ঘণ্টা, জলপাইগুড়ি।
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खातड़ा के रेस्टोरां-होटलों में खाद्य मानक उल्लंघन, सात दिन में सुधार के निर्देश

Bankura, West Bengal:বাঁকুড়া শহরের পর এবার খাতড়া মহকুমা সদর এবং মুকুটমণিপুরের হোটেল-রেস্তোরাঁগুলিতে অভিযান চালিয়ে খাবারের গুণমান ও স্বাস্থ্যবিধি নিয়ে একাধিক অনিয়মের হদিস পেল জেলা প্রশাসন। কোথাও ফ্রিজে রাখা মাংসের উৎস ও বিলের নথি দেখাতে পারেননি ব্যবসায়ী, কোথাও মিলেছে ফাঙ্গাস ধরা ভাজা মাছ ও ডিম। কয়েকটি রেস্তোরাঁ থেকে উদ্ধার হয়েছে খাবারে ব্যবহারের জন্য নিষিদ্ধ রাসায়নিক রং ও কৃত্রিম সুগন্ধি। মুকুটমণিপুরের কয়েকটি হোটেলে আবার ব্যাচ নম্বর, উৎপাদন ও মেয়াদ শেষের তারিখহীন খাবার তৈরির সামগ্রী পাওয়া গিয়েছে। এই ঘটনায় বড়সড়ো প্রশ্ন উঠছে। ঘটনা হল कुछদিন আগে বাঁকুড়া শহরে একাধিক অভিজাত রেস্তোরাঁয় অভিযান চালিয়ে একই ঘটনা চাক্ষুষ করেছিলেন প্রশাসনিক কর্তারা। এরপর খাতড়াতেও এই ঘটনায় প্রশ্ন উঠছে। সোমবার রাতে খাতড়া বাজারের প্রায় ১৫টি মিষ্টির দোকান ও রেস্তোরাঁয় অভিযান চালায় জেলা প্রশাসনের দল। একই সঙ্গে মুকুটমণিপুরের একাধিক হোটেল ও রেস্তোরাঁতেও পরিদর্শন করা হয়। অভিযানে ছিলেন বাঁকুড়ার অতিরিক্ত জেলাশাসক (সাধারণ) চিরন্তন প্রামাণিক, খাতড়ার মহকুমাশাসক তাপস ভট্টাচার্য, মহকুমা পুলিশ আধিকারিক আখতার আলী সহ জেলা খাদ্য সুরক্ষা দফতরের আধিকারিকেরা। প্রশাসন সূত্রে জানা যায়, খাতড়ার একটি রেস্তোরাঁয় ফ্রিজে রাখা মাংসের বিষয়ে জানতে চাওয়া হলে তার কেনার বিল দেখাতে পারেননি মালিক। মাংসটি কবে কেনা হয়েছিল, তারও উপযুক্ত নথি দেখানো যায়নি বলে প্রশাসনের দাবি। অন্য একটি খাবারের দোকানে ভাজা মাছ ও ডিমে ফাঙ্গাস ধরার বিষয়টি আধিকারিকদের নজরে আসে। কয়েকটি রেস্তোরাঁয় খাবারে ব্যবহারের জন্য অনুমোদনহীন রাসায়নিক রং ও এসেন্সও পাওয়া যায়। খাবারে ওই সব রং ব্যবহারের অভিযোগে সংশ্লিষ্ট ব্যবসায়ীদের সতর্ক করা হয়েছে। কয়েকটি জায়গায় গৃহস্থের ব্যবহারের জন্য রান্নার গ্যাসের সিলিন্ডার ব্যবসায়িক কাজে ব্যবহার করতে দেখা যায়। সেগুলি অবিলম্বে সরিয়ে ফেলার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। মুকুটমণিপুরের হোটেলগুলিতে অভিযান চালিয়েও উঠে এসেছে নানা অনিয়মের ছবি। কয়েকটি জায়গায় এমন খাবার তৈরির সামগ্রী পাওয়া গিয়েছে, যার গায়ে ব্যাচ নম্বর, উৎপাদনের তারিখ বা মেয়াদ শেষের তারিখ উল্লেখ নেই। একটি হোটেলে পশু খাদ্যের জন্য ব্যবহৃত বেসনও পাওয়া গিয়েছে। অধিকাংশ হোটেলের রান্নাঘর ও খাবার তৈরির জায়গায় পরিচ্ছন্নতার অভাব রয়েছে। যেসব দোকান ও রেস্তোরাঁয় অনিয়ম ধরা পড়েছে, তাদের নোটিস দেওয়া হয়েছে। সাত দিনের মধ্যে সমস্ত ত্রুটি সংশোধন করে নিয়ম মেনে চলার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। যেসব ব্যবসা প্রতিষ্ঠানে দ্বিতীয় বা তৃতীয় বার অনিয়ম ধরা পড়েছে, তাদের বিরুদ্ধে খাদ্য সুরক্ষা আইনের সংশ্লিষ্ট প্রক্রিয়া শুরু করা হবে বলেও KN_ADVUNK উল্লেখ করেন। অতিরিক্ত জেলাশাসক চিরন্তন প্রামাণিক বলেন, কয়েকটি জায়গায় মেয়াদোত্তীর্ণ সামগ্রী ব্যবহার করতে দেখা গিয়েছে। রান্নাঘর এবং বিভিন্ন সরঞ্জামের পরিচ্ছন্নতা বজায় রাখার ক্ষেত্রেও চরম উদাসীনতা রয়েছে। এমন কিছু অনুমোদনহীন ফুড কালার ও এসেন্স ব্যবহার করা হচ্ছে, যেগুলি খাবারে ব্যবহার করা যায় না। এই সমস্ত অনিয়মের জন্য সংশ্লিষ্ট দোকানগুলিকে নোটিস দেওয়া হয়েছে এবং সাত দিনের মধ্যে তা সংশোধন করতে বলা হয়েছে। কিছু জায়গায় দ্বিতীয় ও তৃতীয় বার অভিযান চলছে। তাদের ক্ষেত্রে অ্যাডজুডিকেশনের প্রক্রিয়া শুরু করা হবে। সাধারণ মানুষের স্বাস্থ্য ও নিরাপত্তার সঙ্গে কোনও রকম আপস করা হবে না। খাবারের ব্যবসায়ীদের নিয়ম মেনে ব্যবসা করতে হবে। ক্রেতারাও যাতে তারা কী খাবার কিনছেন, তার গুণমান ও উপাদান সম্পর্কে স্বচ্ছ ধারণা পান, তা নিশ্চিত করাই অভিযানের মূল উদ্দেশ্য।
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दामोदर दुर्गापुर बैराज से जल छोड़ना बढ़ा, आसपास के इलाके बाढ़ की आशंका—पंचेत और मैथन जलाशयों से पानी भी बढ़ा

Durgapur, West Bengal: দামোদরের দুর্গাপুর ব্যারেজ থেকে জল ছাড়ার পরিমাণ আরো বাড়ল, দুপুর বারোটায় জল ছাড়ার পরিমাণ প্রায় এক লক্ষ কিউসেক ছাড়িয়ে গেল। এর ফলে দুর্গাপুর ব্যারেজের দামোদরের পার্শ্ববর্তী অঞ্চলগুলো বানভাসি হওয়ার সম্ভাবনা রয়েছে। পাঞ্চেত জলাধার এবং মাইথন জলাধার থেকে জল ছাড়ার পরamount বেড়েছে দু দিনের নিম্নচাপের ফলে । গতকাল পাঞ্চেত জলাধার থেকে জল ছাড়ার পরিমাণ 53800 কিউসেক এবং মাইথন জলাধার থেকে জল ছাড়ার পরিমাণ 6000 কিউসেক । দুটো জলাধার থেকে জল ছাড়ার পরিমাণ প্রায় 60,000 কিউসেক । এছাড়াও দুর্গাপুরের দামোদর ব্যারেজে বৃষ্টির জল এসে পড়ায় দুর্গাপুরের দামোদর ব্যারেজ থেকে জল ছাড়ার পরিমাণ বাড়িয়ে এখন প্রায় এক লক্ষ তিন হাজার কিউসেক জল ছাড়া হচ্ছে। এই জল ছাড়ার পরিমাণ আরো বাড়বে বলে জানায় সেচ দফতরের আধিকারিক।
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मधेपुरा के बिहारीगंज में भीषण आग: 16 दुकानों को जलाकर राख, लाखों का नुकसान

Madanpur, Bihar:मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित चंदा टॉकीज रोड के माया मार्केट में बुधवार अलसुबह भीषण अगलगी की घटना में करीब 16 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग में कपड़े, जूते, मोबाइल, मसाला, जेवरात समेत विभिन्न दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। दुकानदारों ने इस घटना में एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान जताया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे नंदन झा की दुकान से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय अलसुबह होने के कारण अधिकांश लोग सो रहे थे। आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की चार छोटी और दो बड़ी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से घंटों मशक्कत की, जिसके बाद सुबह तक आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक करीब 16 दुकानों का सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था। अगलगी से नंदन झा, शुभम दास, पिंटू स्वर्णकार, ओमप्रकाश झा, शंकर वस्त्रालय, अशोक गुप्ता, पवन कुमार, संजय गुप्ता, गौरव कुमार, श्रीकांत कुमार, सूरज कुमार शाह, पप्पू शाह, रूपेश कुमार, किशन कुमार और राहुल कुमार समेत अन्य दुकानदारों की दुकानें प्रभावित हुई हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी अविनाश कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित दुकानदारों को मिलने वाली सहायता या मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
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जत में दुष्काळी समस्याओं के विरोध में आरपीआई का रास्ता रोको प्रदर्शन

Sangli, Maharashtra:जतमध्ये दुष्काळी प्रश्नावरून जतमध्ये आरपीआयकडून रास्तारोको आंदोलन करण्यात आले आहे. जत तालुक्यामध्ये यंदा दुष्काळी परिस्थिती निर्माण झाली आहे। पावसाळा संपत आला तरी अद्याप समाधानकारक पाऊस न पडल्याने पिण्यासह शेतीच्या पाण्याचा व जनावरांच्या चाऱ्याचा प्रश्न गंभीर बनला आहे, त्यामुळे जत दुष्काळी तालुक्याला जाहीर करावा यासह म्हैसाळ सिंचन योजनेच्या माध्यमातून कोरडे तलाव भरून घ्यावेत, तातडीने पिण्याचे टँकर व जनावरांना चारा उपलब्ध करून द्यावा. यासह विविध मागण्यांसाठी आरपीआय आठवले गटाच्यावतीने जत शहरातील तहसील कार्यालयासमोर रास्ता रोको आंदोलन करण्यात आले, पाण्याच्या घागरी, जनावरांचा चारा घेऊन, यावेळी शासनाचे लक्ष वेधण्यात आले. रास्ता रोकोमुळे काही काळ वाहतूक थांबली होती. शासनाकडून दुष्काळीजच्या मागण्यांबाबत दुर्लक्ष केल्यास तीव्र आंदोलन छेडण्याचा इशारा देखील यावेळी आरपीआयचे पश्चिम महाराष्ट्र प्रमुख संजय कांबळे यांनी दिला आहे.
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बारिश के जलमग्न रास्ते ने बच्चों की जिंदगी खतरे में डाला, ग्रामीणों ने बचाया

Ansar Nagar, Jharkhand:जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को विवश हैं बच्चे, डूबने से बचे दो स्कूली बच्चे चतरा :  हंटरगंज प्रखंड के ग्राम पंचायत तरवागड़ा के ग्राम परसिया के बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को विवश हैं। इसकी बानगी आज देखने को मिली,जब स्कूल जाने के दौरान दो छोटे छोटे बच्चे गणेश कुमार उम्र लगभग 7 वर्ष, एवं रवि कुमार उम्र 6 वर्ष जलमग्न रास्ते के गहरे पानी में डूबने लगे। भला हो कुछ दूरी पर मौजूद कुछ ग्रामीणों का जो बच्चों को डूबता देख भागकर आये और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है इस सड़क से गुजरना मौत को दावत देने के समान है। बरसात में छाती भर पानी भर जाता है। ऐसे स्कूली बच्चों को परेशानी तो होती ही है, लेकिन इस दौरान गांव में अगर किसी महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे डोली खटोली पर लादकर, कंधे पर लेकर पार कराना पड़ता है। अगर थोड़ी सी भी चूक हुई तो जिंदगी का सफर थम भी सकती है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब सुरक्षित सड़क बनाने की मांग की है। ग्रामीणो ने बताया कि यह रास्ता पूर्वजों के लंबे समय से उपयोग मे है और परसिया दास टोला में निवास करने वाले लगभग चालीस घरों के लोगों का इसी रास्ते से आवागमन होता रहा है। बाइट 1 : स्कूली बच्चा。 बाइट 2 : ग्रामीण महिला。 बाइट 3 : ग्रामीण युवक。
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पुंछ जिला कांग्रेस बूथ स्तर तक मजबूती के लिए काम कर रही; नए पदाधिकारी सम्मानित

Chikri Ban, एंकर: पुंछ में कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से डाक बंगला पुंछ में जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी गतिविधियों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। साथ ही नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। वीओ: इंडियन नेशनल कांग्रेस, जिला पुंछ की ओर से डाक बंगला पुंछ में जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाहनवाज चौधरी ने की। बैठक में जिला कांग्रेस संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी और विभिन्न ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में हाल ही में नियुक्त किए गए पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इनमें ब्लॉक अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और अन्य नवनियुक्त पदाधिकारी शामिल रहे。 जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाहनवाज चौधरी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ संगठन को मजबूत करने में अपना योगदान देंगे。 शाहनवाज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन, समर्पण और आपसी तालमेल के साथ काम करने का आह्वान किया। बैठक के जरिए कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया कि आने वाले समय में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने पर विशेष जोर रहेगा। शॉट्स और बाईट
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गोंडा के जर्जर पुल पर किसानों का प्रदर्शन, तत्काल पुल निर्माण की मांग

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। गोंडा जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वीरपुर भोज-मंगलनगर मार्ग पर स्थित विश्वाही नदी पर बने पुल के जर्जर होने के काफी लंबे समय बीत जाने के बाद भी अब तक न बनने को लेकर ग्रामीणों ने जर्जर पुल पर जलभराव में खड़े होकर धान की रोपाई का प्रदर्शन कर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। धान की रोपाई करके प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जिला स्तरीय अधिकारियों से मांग की है कि जर्जर पुल का तत्काल निर्माण कराया जाए अन्यथा धरना देकर पुल निर्माण की मांग की जाएगी। छात्र नेता अंकित शुक्ला ने कहा कि यह पुल काफी जर्जर है उनके ऊपर पानी के तेज बहाव होने के कारण दोनों तरफ सुरक्षा पाइप रेलिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में राहगीर किसान, बच्चों और दो पहिया वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। रात के समय लोग इस रास्ते से आगे नहीं जा रहे हैं, काफी दिक्कत हो रही है। हमने लगातार सवाल उठाया लेकिन जिला प्रशासन बड़ा हादसा होने की प्रतीक्षा कर रहा है। हमने अधिकारियों को जानकारी दी है कि अगर जल्द निर्माण नहीं हुआ तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे। जनता की जान से जुड़ा मामला होने के कारण आश्वासन से काम नहीं चलेगा। इसकी तत्काल जांच कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पानी के तेज बहाव के दौरान आगमन की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किया जाए। बीते वर्ष इसी जर्जर पुल पर डूब कर एक युवक की मौत हो गई थी, फिर भी सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए। सदर तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है, दिक्कतें क्या हैं, पुल का निर्माण क्यों नहीं हो रहा है, जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। बाइट- अंकित शुक्ला-छात्र नेता।
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हापुड़ में ट्रैक्टर हादसे से मौत, पुलिस के दावों पर सवाल उठ रहे हैं

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र में आरएसएस कार्यकर्ता सतीश की ट्रैक्टर से कुचलकर हुई मौत के मामले में अब पुलिस का चौंकाने वाला रुख सामने आया है. एक तरफ जहां पीड़ित परिवार और चश्मदीद ग्रामीण चीख-चीख कर कह रहे हैं कि रफ्तार टोकने पर मुस्लिम ट्रैक्टर चालक कलीम ने जानबूझकर सतीश पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी हत्या की, वहीं जिले की पुलिस इस पूरे हत्याकांड को महज़ एक सड़क हादसा साबित करने पर आमादा दिख रही है. सोमवार देर रात की इस सनसनीखेज वारदात के बाद अब हापुड़ के पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह का जो आधिकारिक बयान आया है, उसने खाकी की नीयत और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप लग रहे हैं कि जिले में लगातार बढ़ रहे अपराध और अवैध खनन की नाकामी को छिपाने के लिए पुलिस अब मामले को भटकाने और दबाने की स्क्रिप्ट तैयार कर रही है. हाफिजपुर के महमूदपुर में संघ के खंड सह-संपर्क प्रमुख सतीश की मौत के बाद गांव में तनाव और मातम पसरा है. परिवार का आरोप है कि कलीम रात के अंधेरे में अवैध खनन की मिट्टी ढो रहा था. जब सतीश ने आबादी के बीच से तेज रफ्तार में भाग रहे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, तो कलीम ने तैश में आकर सीधे उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी. ​लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि हापुड़ पुलिस इसे हत्या मानने तक को तैयार नहीं है. पुलिस कप्तान का कहना है कि यह पहली नजर में सिर्फ एक सड़क दुर्घटना है. पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, कलीम कोई पेशेवर खनन माफिया नहीं बल्कि एक अकुशल चालक था और उसकी सतीश से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी. सवाल यह उठता है कि क्या किसी को गाड़ी से रौंदने के लिए पुरानी दुश्मनी होना जरूरी है? क्या मौके पर हुए विवाद में सीधे इंसान पर ट्रैक्टर चढ़ा देना कत्ल के दायरे में नहीं आता? ​हापुड़ एसपी ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि सतीश की मृत्यु प्रथम दृष्टया दुर्घटना में आई गंभीर चोटों के कारण हुई है. दोनों के बीच पूर्व में कोई रंजिश नहीं थी. ट्रैक्टर चालक अकुशल था, जो आगे चलकर खुद खाई में पलटकर घायल हो गया. मिट्टी कृषि कार्य के लिए एक खेत से दूसरे खेत में ले जाई जा रही थी. तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है. पुलिस के इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है. पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस का पूरा ध्यान आरोपी कलीम की तीमारदारी और उसकी तरफदारी पर टिका है. मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कलीम के घायल होने का हवाला देकर पुलिस उसे एक तरह से बेकसूर या नौसिखिया साबित करने में लगी है, जबकि सतीश के अनाथ हो चुके तीन मासूम बच्चों और रोती-बिलखती बुजुर्ग मां के आंसुओं पर अफसरों की जुबान खामोश है. ​इतना ही नहीं, पुलिस ने अवैध खनन पर भी अजीबोगरीब पर्दा डाला है. पुलिस का दावा है कि वहां कोई खनन नहीं हो रहा था, बल्कि खेत सुधार के नाम पर मिट्टी एक जगह से दूसरी जगह जा रही थी. सवाल खड़ा होता है कि अगर रात के सन्नाटे में तेज रफ्तार से मिट्टी ढोई जा रही थी, तो क्या स्थानीय थाने की पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी? या फिर पुलिस की मिलीभगत से ही यह सारा खेल चल रहा था? आपको बता दें कि हापुड़ में पिछले 15 दिनों से लगातार संगीन वारदातें और मर्डर की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसमें चाहे बीच सड़क पर हथौड़े से हत्या करना हो, या फिर मामूली स्कूटी की टक्कर के बाद युवक की जान लेना हो. लेकिन जमीनी स्तर पर रोकथाम करने के बजाय पुलिस महकमा केवल कागजी खानापूर्ति और लीपापोती तक सीमित रह गया है. इस पूरे मामले में अब तक पुलिस की कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक एफआईआर दर्ज हुई है. न तो अवैध खनन के सिंडिकेट पर कोई कड़ा प्रहार हुआ, न ही उन अफसरों पर कोई जवाबदेही तय की गई जिनकी नाक के नीचे यह धंधा चल रहा था. लेकिन इन सब के बीच फिलहाल, सतीश के घर का चूल्हा बुझ चुका है, बुजुर्ग मां इंसाफ की भीख मांग रही है और संघ कार्यकर्ता की मौत पर पूरे इलाके में गहरा आक्रोश है. मगर हापुड़ पुलिस इसे महज एक हादसा बताकर पल्ला झाड़ने की जल्दबाजी में है. आखिर पुलिस हत्यारोपी कलीम को अकुशल ड्राइवर बताकर किसके दबाव में बचाना चाहती है? और अवैध खनन को कृषि कार्य का नाम देकर किस सिंडिकेट पर पर्दा डाला जा रहा है? बाइट - ज्ञानंजय सिंह, एसपी हापुड़
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चंदौसी चौराहे पर पृथ्वीराज चौहान प्रतिमा के लिए अतिक्रमण हटाने के साथ बुलडोजर कार्यवाही तेज

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल में चंदौसी चौराहे पर राजपूत राजा पृथ्वी राज चौहान की प्रतिमा लगाए जाने के लिए प्रशासन की कवायद तेज। प्रतिमा स्थापित किए जाने के लिए चौराहे के चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्यवाही कर चौराहे से अतिक्रमण हटाया गया। बुलडोजर कार्यवाही के खौफ से दुकानदारों ने खुद अपना सामान समेटना शुरू किया। जिला प्रशासन ने पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापित किए जाने के लिए चौराहे के सौंदर्यकरण के लिए अतिक्रमण हटाने, बिजली के पोल शिफ्टिंग के काम में तेजी लाए जाने के लिए PWD और बिजली विभाग, नगरपालिका परिषद की निर्देश जारी किए। संभल सदर कोतवाली क्षेत्र के चन्दौसी चौराहे का मामला।
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