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Shashank RathoreShashank RathoreFollow9 Jan 2025, 03:06 pm

बरेलीः उत्तरायणी मेले का सीएम धामी ने किया उद्घाटन, सांस्कृतिक झांकियों ने बांधा समां

Bareilly, Uttar Pradesh:

बरेली क्लब के मैदान में तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन किया। उत्तरायणी जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित यह 29वां उत्तरायणी मेला 9 से 11 जनवरी तक चलेगा। इस मेले में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। मेले की शुरुआत सुबह 9 बजे कोतवाली से रंगयात्रा के साथ हुई। इस रंगयात्रा में उत्तराखंड की संस्कृति को भव्य झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों की धुनों पर झूमते लोग मेले का आकर्षण बढ़ा रहे थे।

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विश्व थैलेसीमिया डे पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट से राहत, जीवन बचाने की उम्मीद बढ़ी

Jaipur, Rajasthan:आज विश्व थैलेसीमिया डे है। थैलेसीमिया एक गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) की मदद से इसका स्थायी उपचार संभव हो चुका है। बीएमटी की वजह से आज के समय में थैलेसीमिया से पीड़ित लोगों की जान भी बचाई जा रही है। थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों को हर 15 से 20 दिन में रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। लंबे समय तक बार-बार रक्त चढ़ाने से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय, लिवर, हार्मोन एवं ग्रोथ संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मरीजों के लिए नियमित उपचार और विशेषज्ञ निगरानी अत्यंत आवश्यक होती है। हालांकि बोन मैरो ट्रांसप्लांट वर्तमान में थैलेसीमिया का सबसे प्रभावी और स्थायी उपचार माना जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज के खराब बोन मैरो को स्वस्थ स्टेम सेल्स से बदला जाता है, जिससे शरीर सामान्य रूप से स्वस्थ रक्त बनाना शुरू कर देता है। यदि मरीज को समय पर उपयुक्त डोनर मिल जाए, विशेष रूप से भाई-बहन में मैचिंग डोनर होने पर, तो बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सफलता दर काफी बेहतर होती है। अब हैप्लो-आइडेंटिकल ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक तकनीकों के कारण परिवार के अन्य सदस्यों से भी ट्रांसप्लांट संभव हो रहा है, जिससे अधिक मरीजों को उपचार का अवसर मिल पा रहा है। कम उम्र में किया गया बोन मैरो ट्रांसप्लांट बेहतर परिणाम देता है और इससे मरीज को भविष्य में बार-बार रक्त चढ़ाने और आयरन संबंधी दवाइयों की आवश्यकता से राहत मिल सकती है। राजस्थान सरकार की मां योजना और केन्द्र स्तर पर कॉल इंडिया प्रोग्राम के तहत थैलेसीमिया रोगी का निःषुल्क बीएमटी होता है। थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों में शुरुआती छह माह से एक साल के बीच ही खून की कमी होने लगती है। इसके प्रमुख लक्षणों में शरीर में अत्यधिक कमजोरी, चेहरा पीला पड़ना, बार-बार बुखार या संक्रमण होना, भूख कम लगना, वजन और लंबाई का सही तरीके से विकास नहीं होना, पेट का फूलना, सांस फूलना तथा बच्चे का जल्दी थक जाना शामिल हैं। बच्चों में बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। डॉ माथुर ने बताया कि यदि बच्चे में यह लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर थैलेसीमिया की जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान होने से उपचार बेहतर तरीके से संभव हो पाता है। बार-बार ब्लड चढ़ाने पर ऐलो इम्यूनाइजेशन का खतरा रहता है। थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए विवाह पूर्व और गर्भावस्था के दौरान थैलेसीमिया स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। यदि दोनों माता-पिता थैलेसीमिया माइनर हों तो बच्चे में थैलेसीमिया मेजर होने का खतरा करीब 25 फीसदी रहता है। ऐसे में समय पर जांच और जेनेटिक काउंसलिंग से इस बीमारी को रोका जा सकता है。
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अजमेर पुलिस ने लापता बच्ची को परिजनों को सौंपकर समाज के प्रति कर्तव्य निभाया

Ajmer, Rajasthan:उत्तर प्रदेश से दरगाह जियारत करने आए एक जायरीन परिवार की 4 वर्षीय छोटी बच्ची को लापता होने के बाद परिजनों से पुनः मिला कर अजमेर पुलिस ने सामाजिक सरोकार निभाया. पुलिस के मुताबिक जायरीन परिवार दरगाह के पास एक होटल में ठहरा था. होटल के बाहर से बच्ची खेलते खेलते परिवार की नजरों से ओझल हो गई. आस पास तलाश पर जब बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने दरगाह थाने पर बच्ची की गुमशुदगी दर्ज करवाई. पुलिस ने इस पर बच्ची का फोटो कंट्रोल रूम के माध्यम से सर्कुलेट कर दिया. लगभग 4 घंटे बाद यह गुमशुदा बच्ची मदार गेट पुलिस चौकी के पास रोती बिलखती पुलिस ASI कैलाश चंद को मिली. मामले की जानकारी कंट्रोल रूम को देकर बच्ची को दरगाह थाने लाया गया, जहां उसने अपने परिजनों को पहचान लिया. अपनी बच्ची को पुनः पाकर परिवार अजमेर पुलिस की प्रशंसा करता रहा. ASI कैलाश चंद ने बताया कार्यवाही के बाद गुमशुदा बच्ची को परिजनों को सौंप दिया गया.
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पद नहीं, संस्कार बड़े: सीधी कलेक्टर नवविवाहिताओं के चरण स्पर्श से इंसानियत दिखा दी

Sidhi, Madhya Pradesh:“जहाँ पद बड़ा नहीं, संस्कार बड़े दिखे…” सीधी कलेक्टर की अनोखी पहल ने जीता लोगों का दिल मध्यप्रदेश के सीधी जिले में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह उस समय भावुक और प्रेरणादायक बन गया, जब कलेक्टर विकास मिश्रा ने नवविवाहित कन्याओं के चरण स्पर्श कर भारतीय संस्कृति और सम्मान की अनूठी मिसाल पेश की। सीधी जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र कुसमी के गोतरा गांव में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कई जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। मंच पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच उस समय सभी की नजरें कलेक्टर विकास मिश्रा पर टिक गईं, जब उन्होंने नवविवाहित बेटियों के पास जाकर विनम्रता से उनके चरण स्पर्श किए। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश देने वाला क्षण बन गया। आमतौर पर बड़े पदों पर बैठे लोगों से दूरी और औपचारिक व्यवहार देखने को मिलता है, लेकिन कलेक्टर ने यह साबित कर दिया कि असली महानता पद में नहीं, बल्कि संस्कार और सम्मान में होती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। ग्रामीणों और उपस्थित महिलाओं ने कहा कि बेटियों को सम्मान देने का यह तरीका समाज के लिए प्रेरणा है। कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं।सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कलेक्टर विकास मिश्रा की सादगी, विनम्रता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की प्रशंसा कर रहे हैं। यूजर्स लिख रहे हैं“यही हैं भारतीय संस्कार…”“पद नहीं, व्यक्तित्व बड़ा होना चाहिए…”“ऐसे अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा हैं…”आज जब समाज आधुनिकता की दौड़ में अपने संस्कारों से दूर होता दिख रहा है, तब सीधी के कलेक्टर की यह पहल लोगों को यह याद दिलाती है कि सम्मान, विनम्रता और संस्कृति ही भारतीय समाज की सबसे बड़ी ताकत है।यह भावुक दृश्य अब केवल एक कार्यक्रम की याद नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सकारात्मक संदेश बन चुका है।
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जगदलपुर में यूरिया आवंटन में अनियमितता: बस्तर से कोंडागांव भेजा गया यूरिया

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर में यूरिया वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है, दरअसल रैक हैंडलर की मनमानी के चलते बस्तर जिले के हिस्से का यूरिया कोंडागांव जिले में भेज दिया गया, इस मामले का खुलासा होने के बाद कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए रैक हैंडलर से जुड़ी संस्था पर प्रतिबंधात्मक करवाई की, दरअसल 22 अप्रैल को मार्कफेड के द्वारा 26 सौ टन यूरिया बस्तर संभाग के लिए भेजा गया था, लेकिन ऊर्वरक एवं रसायन लिमिटेड से जुड़े रैक हैंडलर ने मनमानी तरीके से 100 टन यूरिया बस्तर जिले के स्थान पर कोंडागांव जिले में भेज दिया आरोप है कि रैक हैंडलर की बस्तर जिले के सोनारपाल और कोंडागांव जिले के घोड़ागांव में यूरिया बेचने का भी काम करता है, रैक हैंडलर ने कोंडागांव जिले में स्थित अपनी संस्था में 100 टन यूरिया भेज दिया था इसका खुलासा होते ही कृषि विभाग ने बस्तर जिले के सोनारपाल में संचालित भानु कृषि सेवा केंद्र में 21 दिन के लिए यूरिया के थोक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है, विभाग का कहना है कि जिले में किसानों की संख्या और उपज के आधार पर यूरिया का अलॉटमेंट किया जाता है दूसरी जिले में यूरिया भेजने से बस्तर जिले के किसानों को यूरिया की शॉर्टेज का सामना करना पड़ सकता है, इस स्थिति के मद्देनजर रैक हैंडलर से जुड़ी संस्था पर प्रतिबंधात्मक करवाई की गई है।
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लांबा हरिसिंह में अतिक्रमण हटाकर 15-20 बीघा भूमि मुक्त

Tonk, Rajasthan:कस्बे में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। नगर पालिका प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में अजमेर रोड स्थित खेल मैदान के पास चारागाह भूमि तथा मोरला रोड स्थित प्रस्तावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की भूमि पर हुए कच्चे-पक्के अतिक्रमण को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने हल्का विरोध जताया, लेकिन पुलिस और अधिकारियों की समझाइश के बाद कार्रवाई लगातार जारी रही। मालपुरा तहसीलदार पवन मातवा ने बताया कि खेल मैदान के पास चारागाह भूमि पर बने कच्चे बाड़े और पक्की सुरक्षा दीवारों को तीन जेसीबी की मदद से हटाकर करीब 15 से 20 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। बताया गया कि इस भूमि पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण प्रस्तावित है और जल्द ही राजस्व विभाग यह भूमि शिक्षा विभाग को सौंर्प करेगा। वहीं मोरला रोड स्थित प्रस्तावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए चिन्हित भूमि से भी कच्चे-पक्के अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवई के दौरान मालपुरा अधिशासी अधिकारी तुलसी चौधरी, बीसीएमएचओ संजीव चौधरी, राजस्व दल, थाना पुलिस और आरएसी के जवान मौजूद रहे.
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राहुल-आखिलेश की जोड़ी पर भ्रम फैलाने का आरोप; UP 2027 में कांग्रेस-सपा मुक्त?

Noida, Uttar Pradesh:Keshav Prasad Maurya 17m कांग्रेस के नेता श्री राहुल गांधी और सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की 'जोड़ी' ने 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान और आरक्षण समाप्त करने का 'झूठा ढिंढोरा' पीटकर जनता को गुमराह करने का 'महापाप' किया था। यदि यह दुष्प्रचार नहीं किया गया होता, तो उत्तर प्रदेश में दोनों दलों का खाता भी बमुश्किल ही खुल पाता। लेकिन अब दोनों की पोल खुल चुकी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता इन दोनों का असली चेहरा पूरी तरह बेनकाब कर देगी और प्रदेश कांग्रेस-सपा मुक्त होगा। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करिश्माई नेतृत्व में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के बाद असम और पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी 'कमल ही कमल' खिलेगा। जनता अब भ्रम नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।
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बलरामपुर की गरीब विधवा पर बकरियों ने फसल चराई, सीएम पोर्टल पहुंची

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में बकरी ने उजाड़ी गरीब विधवा की मेहनत, शिकायत करने पर बाल पकड़कर घसीटा 14 दिन बाद भी नहीं मिला न्याय तो मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार बलरामपुर जनपद के गैसड़ी थाना क्षेत्र के भोजपुर मदरहवा गांव की रहने वाली मंजू देवी की आंखों में इन दिनों सिर्फ आंसू और बेबसी दिखाई देती है। पति की मौत के बाद किसी तरह दो बच्चों और बहू के सहारे जिंदगी काट रही यह गरीब विधवा महिला अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। आरोप है कि पड़ोसियों की बकरियों ने उसकी मेहनत से उगाई गई साग-सब्जी और मकई की फसल चर ली। जब उसने इसका विरोध किया तो दबंगों ने उसके घर में घुसकर बाल पकड़कर घसीटा और बेरहमी से मारपीट की। घटना को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंजू देवी अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उनके पति पारस की पहले ही मौत हो चुकी है। बड़ा बेटा मजदूरी करने अहमदाबाद गया हुआ है, जबकि घर पर वह अपनी बहू सत्यवती और 10 वर्षीय छोटे बेटे सनोज के साथ रहती हैं। परिवार की रोजी-रोटी का सहारा घर के पास की छोटी सी बाड़ी है, जहां मंजू देवी ने मेहनत से साग, मिन्डी, बोड़ा और मकई बो रखी थी। उसी फसल से परिवार के खाने और थोड़ी बहुत कमाई की उम्मीद थी। महिला का आरोप है कि गांव के रहने वाले सिकन्दर पथरकट की पांच बकरियां उसकी बाड़ी में घुस गईं और पूरी फसल चर गईं। गरीब महिला ने जब पड़ोसी के घर जाकर सिर्फ इतना कहा कि उसकी मेहनत बर्बाद हो गई है, तभी से विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि 24 अप्रैल की शाम करीब चार बजे सिकन्दर, उसके बेटे करन और अर्जुन समेत घर की चार महिलाएं मंजू देवी के घर में घुस आईं और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। पीड़िता के मुताबिक दबंगों ने उसे बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा, लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा। वह चीखती रही, लेकिन कोई रहम नहीं किया गया। हल्ला-गोहारी सुनकर बहू सत्यवती और आसपास के लोग पहुंचे तब जाकर आरोपी वहां से भागे। मंजू देवी का कहना है कि उस वक्त वह इतनी डरी हुई थीं कि उनके छोटे बेटे सनोज की आंखों के सामने ही मां को पीटा गया और बच्चा रोता रहा। घटना के तुरंत बाद महिला ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने लिखित शिकायत दी, लेकिन न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही मेडिकल कराया गया। उल्टा उसे डांटकर भगा दिया गया। मंजू देवी का आरोप है कि आरोपी क्षेत्र में कच्ची शराब और मादक पदार्थों का कारोबार करते हैं और पुलिस से उनके अच्छे संबंध हैं, इसी वजह से कार्रवाई नहीं हो रही। न्याय की आस में महिला ने पुलिस अधीक्षक से लेकर अन्य अधिकारियों तक शिकायत भेजी, लेकिन 14 दिन बाद भी उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब थक-हारकर मंजू देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है। आंखों में आंसू लिए वह सिर्फ इतना कहती हैं, “पति पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं, बेटा बाहर मजदूरी करता है, छोटे बच्चे के सहारे जिंदगी काट रही हूं। अगर गरीब की सुनवाई नहीं होगी तो हम कहां जाएंगे?” गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक गरीब विधवा महिला की मेहनत उजड़ने और फिर शिकायत करने पर उसके साथ हुई कथित मारपीट ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद पीड़ित महिला को न्याय मिलता है या फिर उसकी फरियाद फाइलों में दबकर रह जाती है。
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ताड़ीघाट में युवक पर गोलीबारी, हालत गंभीर, आरोपी फरार

Noida, Uttar Pradesh:गाजीपुर में गोलियों की गूंज! ताड़ीघाट में घर के बाहर युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गोली लगने से हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती गाजीपुर के ताड़ीघाट इलाके में गुरुवार की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे बेखौफ बदमाशों ने एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में सनसनी फैला दी। हमले में राजू यादव गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनके सिर के पीछे गोली लगी है। परिजनों ने तीन लोगों पर नामजद आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। बता दें कि गाजीपुर जिले के ताड़ीघाट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब घर के बाहर खड़े राजू यादव पर बदमाशों ने अचानक गोलियां बरसा दीं। बताया जा रहा है कि तीन हमलावर पिस्टल और कट्टे से लैस होकर पहुंचे और राजू यादव को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में राजू यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली उनके सिर के पीछे लगी है, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस संबंध में घायल के भाई मनीष यादव ने बताया कि हम लोगों की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। अचानक आए और गोली चला दिए, हम लोग डर गए, इस संबंध में उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग है। वहीं परिजनों के मुताबिक हमलावरों की पहचान बुद्धन सिंह, गांधी सिंह और कुशांक सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि कुशांक सिंह ने गोली चलाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इस फायरिंग की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल मामले में पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर भेजी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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