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Yogendra TripathiYogendra TripathiFollow12 Mar 2025, 03:15 pm

बलरामपुर- विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उज्ज्वला योजना का हुआ औपचारिक शुभारम्भ

Pipra Yaqaoob, Uttar Pradesh:कार्यक्रम का संचालन करते हुए कुमार निर्मलेन्दु जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि गत वर्ष राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति कनेक्शन 02 एल०पी०जी० सिलेण्डर रिफिल निःशुल्क प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया था। इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रथम चरण में माह अक्टूबर, 2024 से दिसम्बर, 2024 में एक निःशुल्क रिफिल सिलेण्डर दिया जा चुका है; और द्वितीय चरण में होली के अवसर पर लाभार्थियों को दूसरा निःशुल्क रिफिल सिलेण्डर उपलब्ध कराया जा रहा है।
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सुमन सैनी ने कहा कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, ड्यूटी लगे तो पंजाब जाएंगी

Karnal, Haryana:करनाल पहुँची मुख्यमंत्री मंत्री नायब सिंह सैनी की धर्म पत्नी सुमन सैनी, सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को वापिस ले लिया है।जिस पर सुमन सैनी ने कहा सफाई कर्मचारी हमारे भाई बहन है बहुत अच्छी बात है सरकार ने उनकी सभी मागे मानी है। सुमन सैनी ने कहा सभी बहन भाईयों का में धन्यवाद करती हूं उन्होंने अपनी हड़ताल को वापिस लिया है। वीओ-1- सुमन सैनी से जब सवाल किया है नायब सिंह सैनी पंजाब के दौरे लगातार कर रहे हैं क्या वो भी चुनाव प्रचार के लिए पंजाब जाएगी।जिस पर सुमन सैनी ने कहा अगर पार्टी मेरी ड्यूटी लगाएगी तो मैं जरूर जाऊंगी। वीओ-2- करनाल में सुमन सैनी मीणा कम्बोज के निवास स्थान पर पहुँची थी , उन्होंने कहा जब भी यहां आना होता है तो बहुत अच्छा लगता है सभी परिवार के लोगो से मुलाकात होती है। बाइट-1- सुमन सैनी , मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की धर्मपत्नी
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दिल्ली के रघुवीर नगर में नोटिस के बाद हड़कंप, लोग खुद मकान तोड़ रहे

Delhi, Delhi:दिल्ली के रघुवीर नगर में मकानों को तोड़ने के नोटिस के बाद मचा हड़कंप नोटिस के बाद लोग अपना आशियाना खुद ही तोड़ने में जुटे अगर बुलडोजर कारवाही होती है तो उनका नुकसान ज्यादा होगा वेस्ट दिल्ली के मादीपुर विधानसभा के अंतर्गत रघुवीर नगर के ब्लॉक में लोगों को नोटिस मिलने के बाद एमसीडी द्वारा मकानों को तोड़फोड़ करने की बात सामने आई। इसके बाद लोगों ने इलाके के विधायक के सामने गुहार लगाई और कहा कि वे अपने मकान खुद ही तोड़ लेंगे ताकि नुकसान कम हो। लोग कहते हैं कि बुलडोजर की कार्रवाई अगर होती है तो मकानों को अधिक नुकसान होगा, इसलिए वे अपने आशियाने को अपने हाथ से तोड़ रहे हैं। सरकार की कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि 25 साल पहले मकान बने थे, तब एमसीडी प्रशासन-जनप्रतिनिधि-पुलिस क्या कर रहे थे? अब अचानक एमसडी जागी और नोटिस भेज दिया गया। लोग बताते हैं कि बारिश-नालों की सफाई के लिए यह कार्रवाई हो रही है।
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जर्मन महिला और उसकी बेटी की भारत यात्रा पर MP पुलिस डिपोर्ट की तैयारी

Noida, Uttar Pradesh:भोपाल फेसबुक से हुई दोस्ती के बाद जर्मनी से पहुंची अपनी बेटी के साथ जर्मन युवती भोपाल जर्मनी की महिला और उसके बेटी को डिपोर्ट करेगी जर्मनी,MP पुलिस 2011 में हुई थी जबलपुर निवासी युवक से फेसबुक पर दोस्ती बुलाया था उसे भारत दोनों जर्मनी से पहुंचे भारत,साथ में जबलपूर का युवक जाता था घूमने महिला और उसकी बेटी का टूरिस्ट VISA हुआ खत्म जर्मनी एंबेसी को लिखा गया पत्र महिला को रखा गया है गौरवी सेंटर में सरकार की और से जर्मनी डिपोर्ट करने की तैयारी महिला थाना पुलिस ने की जबलपुर निवासी युवक से पूछताछ और युवती और उसकी बेटी को भेजा गौरवी
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नोएडा सेक्टर-69: सीसीटीवी में कैद चोरों ने फैक्ट्री से लाखों की लूट

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र में चोरों का आतंक सेक्टर-69 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में चोरों ने बोला धावा चोरों ने फैक्ट्री में घुसकर लाखों रुपये का माल और कैश किया साफ फैक्ट्री में चोरी की वारदात को अंजाम देते चोर सीसीटीवी कैमरे में हुए कैद सीसीटीवी फुटेज में चोर फैक्ट्री के अंदर चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं घटना के बाद फैक्ट्री मालिकों और व्यापारियों में दहशत का माहौल ट्रांसपोर्ट नगर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को लेकर सवाल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और रात्रि पेट्रोलिंग पर भी उठ रहे सवाल व्यापारियों का आरोप—रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत
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डिंडोरी के अमरपुर: करोड़ों खर्च के बावजूद कॉलेज तक पहुंचने वाली सड़क नहीं

Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी के अमरपुर में विकास के दावों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर महाविद्यालय की आलीशान बिल्डिंग तो बना दी गई, लेकिन कॉलेज तक पहुंचने के लिए सड़क बनाना जिम्मेदार भूल गए! बारिश होने पर कॉलेज तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। छात्र-छात्राएं और कॉलेज स्टाफ इसी कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। एक तरफ करोड़ों की बिल्डिंग, दूसरी तरफ कॉलेज तक पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं! सवाल ये है कि आखिर निर्माण की योजना बनाते वक्त जिम्मेदारों ने सड़क की जरूरत क्यों नहीं समझी? करोड़ों का कॉलेज खड़ा हो गया... लेकिन रास्ता आज भी कीचड़ में धंसा है। आखिर जिम्मेदारों को सड़क नजर कब आएगी?
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पीलीभीत मेले में छेड़छाड़ के आरोपियों की गिरफ्तारी, जेल जाते समय आरोपी माफी मांगते दिखे

Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत में छेड़छाड़ के आरोपियों को पुलिस ने जब गिरफ्तार किया तो जेल जाते समय वह लंगड़ाते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। दरअसल पीलीभीत की सदर कोतवाली क्षेत्र में दरगाह अल्लाहू मियां के उर्स के मेले में छेड़छाड़ के विरोध पर जमकर बवाल हो गया। एक महिला अपनी दो भांजियों के साथ मेले में आई हुई थी। मेले में कई दुकानें लगी थीं जहां खरीदारी महिला कर रही थी। आरोप है कि एक युवक ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने महिला की भांजी के साथ छेड़छाड़ करते हुए अश्लील हरकतें कीं। शोर मचाने पर लोग जुट गए और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद उसने मोबाइल से अपने साथियों को बुला लिया। साथी पहुंचते ही दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई और जान से मारने की धमकी दी गई। करीब आधे घंटे तक मेले में हंगामा और अफरातफरी मची रही। बाद में सूचना पर पुलिस पहुंची और पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार युवकों तौहिेद, अनस, वारिस और मुन्ना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जेल जाते समय आरोपी हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए.
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रामनगर लोक अदालत बहिष्कार: बार ने एपीओ के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी

Haldwani, Uttarakhand:रामनगर कोर्ट में तैनात एपीओ और अधिवक्ताओं के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है, शनिवार को रामनगर बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने लोक अदालत का बहिष्कार कर न्यायालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और एपीओ अतुल कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अधिवक्ताओं का आरोप है कि एक मामले में एपीओ ने होस्टाइल गवाह से कानून और निर्धारित प्रक्रिया से हटकर जिरह कराई और उस पर दबाव बनाया, वहीं बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर एपीओ को रामनगर से नहीं हटाया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो सोमवार के बाद अधिवक्त्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं. रामनगर कोर्ट परिसर में शनिवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब रामनगर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने लोक अदालत का बहिष्कार कर दिया. अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए एपीओ अतुल कुमार के खिलाफ नारेबाजी की. बार एसोसिएशन का आरोप है कि दो दिन पहले एक मामले की सुनवाई के दौरान एपीओ ने एक होस्टाइल गवाह के बयान को लेकर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया से हटकर कार्रवाई की. अधिवक्ताओं का कहना है कि गवाह से इस तरह सवाल-जवाब और बयान दर्ज कराया गया, जिसको लेकर बार ने कड़ी आपत्ति जताई है, रामनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट ललित तिवारी ने कहा कि मामला बार के संज्ञान में आने के बाद अधिवक्ताओं ने पहले भी इसका विरोध किया और शनिवार को लोक अदालत का बहिष्कार किया, उनका आरोप है कि एपीओ ने कानून से हटकर कार्रवाई की और एक वरिष्ठ अधिवक्ता तथा बार के पूर्व अध्यक्ष से जुड़े मामले में अनावश्यक हस्तक्षेप किया. ललित तिवारी ने कहा कि बार एसोसिएशन मामले की जांच और एपीओ के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग कर रही है, साथ ही उनकी मांग है कि एपीओ अतुल कुमार को रामनगर से हटाया जाए. वहीं बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट नरेंद्र रावत ने भी एपीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गवाह के बयान दर्ज करने की जिस प्रक्रिया को अपनाया गया, वह कानून के अनुरूप नहीं थी, उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. बार अध्यक्ष के मुताबिक, सोमवार को रामनगर में अधिवक्ताओं की बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, इसके बाद मंगलवार को जिला जज और हाईकोर्ट के समक्ष मामले को रखा जाएगा, अगर इसके बावजूद एपीओ को रामनगर से नहीं हटाया गया और कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे. फिलहाल एपीओ और रामनगर बार एसोसिएशन के बीच विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है, हालांकि एपीओ अतुल कुमार का पक्ष इस मामले में सामने आना बाकी है, उनकी प्रतिक्रिया मिलने पर खबर में उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए.
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जबलपुर के पाटन में पेड़ पर लटके सांप का रेस्क्यू, दहशत खत्म

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर के पाटन के थापक वार्ड में पीपल के पेड़ में रह रहे सांप के चलते इलाके में दहशत थी वहीं अक्सर यहां पर जाम की स्थिति बन जाती थी क्योंकि पीपल के पेड़ पर सांप लटक जाता था मामले की सूचना प्रशासन को मिलने पर नगर परिषद की टीम ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी के माध्यम से सांप के ऊपर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जिससे कि सांप पीपल के पेड़ की डगल में इधर-उधर घूमने लगा लगातार वाटर कैनन के इस्तेमाल से सांप पीपल के पेड़ से नीचे आकर गिर गया और बिजली के तार में आकर फंस गया और इसके बाद वह एक घर में जाकर घुस गया। मामले की सूचना मिलने पर सर्प विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे थे हालांकि सांप को पकड़ नहीं पाए लेकिन इस दौरान पता चला कि सांप कोई खतरनाक प्रजाति का नहीं है धामन प्रजाति क्या जिसमें जहर नहीं रहता। हालांकि इस दौरान एक बार फिर इलाके में जाम की स्थिति बन गई थी फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद सांप का रेस्क्यू किया और इस पीपल के पेड़ से अलग किया है फिलहाल इलाके में सांप की दहशत खत्म हो गई है और लोगों ने राहत की सांस ली है
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बुंदेलखंड सिंचाई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के विरोध में चिता आंदोलन तेज

Panna, Madhya Pradesh:बुंदेलखंड की सिंचाई परियोजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार, कुंवरपुर गांव में ग्रामीण चिता आंदोलन में बैठे, अमित भटनागर की अगुवाई में न्याय के लिये हो रहा संघर्ष. वही प्रशासन का तर्क है कि 1400 से अधिक पात्र लोगों में से 1219 लोगों को भुगतान कर दिया है। 60 करोड़ से अधिक राशि बांट दी गई है. आंदोलनकारियों से संपर्क किया जा रहा है. बुन्देलखंड में तीन बड़ी सिंचाई परियोजना निर्माणाधीन है: केन बेतवा लिंक, रूंज डैम और मझगांय डैम; पन्ना जिले में मझगांय डैम परियोजना से प्रभावित किसान और आदिवासी परिवार उचित मुआवजा और विस्थापन पैकेज की मांग को लेकर चिता आंदोलन शुरू कर दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई युवा कटऑफ डेट में 18 वर्ष की आयु से ज्यादा हो गए है, बावजूद उसके उन्हें पैकेज में शामिल नहीं किया गया. दर्जनों मकान गिराए जाने के बावजूद उनका मुआवजा नहीं मिला. हाल ही में सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए 5 लाख से बढ़ाकर 12 लाख 50 हजार रुपये का विस्थापन पैकेज राशि देने की घोषणा के बावजूद सर्वे पूरा नहीं हुआ. प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप भी लोगो ने लगाए है. ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. किसान नेता अमित भटनागर के साथ आंदोलन की शुरूआत कर दी है. वॉयसओवर: पन्ना जिले की मझगांय डैम परियोजना से प्रभावित किसान और आदिवासी परिवार एक बार फिर अपने हक और उचित मुआवजे की मांग को लेकर लामबंद हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 12 वर्षों से परियोजना का काम चल रहा है, लेकिन अब तक सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा और विस्थापन पैकेज नहीं मिल पाया है. प्रभावितों का कहना है कि प्रति वोटर के आधार पर मिल रहे विस्थापन पैकेज में गांव के अनेक नवयुवकों को शामिल नहीं किया गया. प्रशासन ने कई मकान गिरा दिए, बावजूद मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ. ग्रामीणों के मुताबिक हाल ही में सरकार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना की तर्ज पर रुंझ व मझगांय डैम परियोजना से प्रभावित परिवारों को 12 लाख 50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की है, जो पहले 5 लाख थी. लेकिन अभी तक सर्वे की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई. ग्रामीणों ने सर्वे में भेदभाव के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि 2024 की कटऑफ डेट तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को भी पात्रता में शामिल नहीं किया जा रहा. शामिल करने के नाम पर रिश्वत की मांग अधिकारी कर्मचारी कर रहे है. 25 से 35 वर्ष के कई युवाओं के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी की शिकायतें भी सामने आई हैं. वाइस ओवर — चिता आंदोलन के जरिये विस्थापितों की लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने मझगांय डैम के प्रभावित गाँव कुंवरपुर पहुँचकर सैकड़ों किसानों के साथ बैठक की. और उसके बाद आज से बड़े आंदोलन का निर्णय लिया गया. खास बात यह है कि भारी बारिश के चलते डैम का पानी गांवों में घुसने लगा है. जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है. वहीं प्रशासन गाँव को खाली करवाने का लगातार प्रयास कर रहा है. ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि सरकार के निर्देश के बाद भी पन्ना जिला प्रशासन प्रभावित किसानों को उचित मुवावजा व विस्थापन का पैकेज देने में नाकाम साबित हो रहा है. वाइस ओवर — वही पन्ना जिला प्रशासन की ओर से जानकारी देते हुए डिप्टी कलेक्टर आलोक मार्को ने बताया कि 1219 प्रभावित लोगों को विस्थापन की राशि भुगतान कर दी गई है एवं जो लोग शेष हैं उनको भी राशि जल्द ही भुगतान कर दी जाएगी कुंवरपुर गांव में शुरू हुए आंदोलन कारी से उनकी चर्चा चल रही है और इस आंदोलन को समाप्त करवाने की कवायत की जाएगी. बाइट — आलोक मार्को डिप्टी कलेक्टर पन्ना
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बलजीत यादव की जेल भूख हड़ताल पर बखेड़ा, मोबाइल मिलने आरोप पर तेवर तेज

Jaipur, Rajasthan:पूर्व विधायक बलजीत यादव जेल में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं ! जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बलजीत यादव ने जेल और पुलिस प्रशासन को भूख हड़ताल के लिए नोटिस पत्र दिया है। उन्होंने जेल में मोबाइल मिलने का झूठा मुकदमा दर्ज करने का विरोध जताया है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल करने का आग्रह किया है। दूसरी ओर जेल प्रशासन का कहना है कि यादव का भूख हड़ताल का पत्र मिला है, लेकिन मामले की उचित जांच का आश्वासन देकर उन्हें मना लिया गया है। दूसरी ओर बलजीत के समर्थकों का दावा कि वो भूख हड़ताल पर हैं। विधायक कोष घोटाले के मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव के पास बुधवार को मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया था. जेल प्रहरी की रिपोर्ट के अनुसार जेल के वार्ड नंबर-5 में सघन तलाशी के दौरान यादव के पास से कैचोडा कंपनी का मोबाइल बरामद किया. बताया गया कि मोबाइल जमीन पर बिछाए गए कंबल के नीचे छिपाकर रखा गया था. इस मामले में FIR दर्ज कराने और मीडिया में खबरें प्रकाशित होने को लेकर पूर्व विधायक बलजीत ने विरोध जताया। बलजीत ने जेल प्रशासन को भूख हड़ताल पर जाने की सूचना दी। बताया जा रहा है कि यादव की इस सूचना के बाद प्रशासन हरकत में आया। जेल उप अधीक्षक विल्सन ने बलजीत यादव को बुलाकर बातचीत की। बलजीत ने उनके पास मोबाइल मिलने की खबरों को बेबुनियाद बताया। बलजीत यादव के अनुसार उनके वार्ड और बैरक में कोई तलाशी ही नहीं हुई। सरकार के दबाव में द्वेषता पूर्वक झूठा मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक करने की मांग की। इधर खबरों के बाद जेल में बलजीत से मिलने उनके समर्थक और तसिंग के पूर्व सरपंच संदीप यादव मिलने पहुंचे। संदीप ने भी डीजी जेल और पुलिस महानिदेशक को बलजीत यादव के भूख हड़ताल करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग लेकर पत्र लिखा है। संदीप का आरोप है कि बलजीत यादव जेल प्रशासन के रवैये के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं। न तो यादव के पास मोबाइल मिला और न ही कोई तलाशी हुई। सार्वजनिक शौचालय के पास मोबाइल मिला है। इस मामले में बिना पूछे ही एफआईआर दर्ज करा दी गई। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग व फुटेज मंगवाकर देख सकते हैं। इधर जेल अधिकारियों का कहना है कि बलजीत यादव का पत्र मिला है, लेकिन उन्हें समझा बुझा दिया गया है। उनकी मांग के बाद जांच कराने का आश्वासन दिया गया है। मोबाइल की सीडीआर का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जा रहा है, जांच में उनका नाम और नम्बरों से संबंध नहीं आएगा तो हम बताएंगे कि गलत हुआ। फिलहाल जांच की जा रही है।
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नवोदय विद्यालय के आवासों से चोरों ने 3 लाख के आभूषण-नगदी चुरा ली

Shajapur, Madhya Pradesh:एंकर- शाजापुर जिले के अरनियाकलां में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए दो आवासों के ताले तोड़ दिए। चोर यहां से करीब 3 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी चुरा ले गए। परिसर में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद हुई इस वारदात ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने पहले कैंपस में स्थित आवासों की रेकी की और मौका मिलते ही संगीत शिक्षक संजय भट्ट (54) के आवास का ताला तोड़कर अंदर घुसे और घर में रखे जेवरात व नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके अलावा चौकीदार के यहां भी चोरी की वारदात हुई। परिसर में दो स्थानों पर चोरी की वारदात हुई। घटना का पता चलते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 35 कैमरे, फिर भी सेंध सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए करीब 35 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और गार्ड भी तैनात रहते हैं, वहां चोर इतनी आसानी से दो आवासों में सेंध लगाने में कैसे कामयाब हो गए। घटना के बाद निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं अभिभावकों की चिंता बढ़ी विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आवासीय रूप से अध्ययन करते हैं। परिसर में चोरी की घटना सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। सवाल उठ रहा है कि जब चोर आवासों तक पहुंच सकते हैं, तो रात के समय विद्यार्थियों की सुरक्षा कितनी पुख्ता है। फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस परिसर और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोर किस रास्ते से अंदर दाखिल हुए और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए। आसपास के संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मानी जाती है। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस आरोपियों तक कब तक पहुंचती है और प्रबंधन भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।
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बेगूसराय में बाढ़-सूखा प्रभावित क्षेत्रों की तत्काल घोषणा की मांग, सीपीआई का प्रदर्शन

Begusarai, Bihar:एंकर ,बेगूसराय में बाढ़ की मार से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कई इलाकों में लोग घर से बेघर होकर बाढ़ के पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। इसी बीच बाढ़ और सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों को घोषित करने की मांग को लेकर सीपीआई कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय डीएम कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन और धरना दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की और प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल बाढ़ और सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग की। आपको बताते चले कि बेगूसराय डीएम कार्यालय के सामने हो रहे इस विरोध प्रदर्शन की हैं, जहां सीपीआई के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बेगूसराय के कई विधानसभा क्षेत्र इस समय बाढ़ की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। सीपीआई नेताओं के मुताबिक मटिहानी, तेघड़ा, बछवाड़ा और बलिया विधानसभा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों को सुखाड़ प्रभावित घोषित करने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त भोजन, रहने की व्यवस्था और पशुओं के लिए चारा तक सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हैं और बेहद मुश्किल हालात में जिंदगी गुजार रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, प्रभारी मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह पर बाढ़ राहत के नाम पर अनियमितता के गंभीर आरोप भी लगाए। सीपीआई कार्यकर्ताओं ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों को तत्काल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र और संबंधित इलाकों को सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि पीड़ितों को सरकारी राहत और मुआवजे का लाभ मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि आज का प्रदर्शन महज शुरुआत है और मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े आंदोलन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी。
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