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Eshan KhanEshan KhanFollow20 Jan 2025, 06:03 pm

Jhansi- पीड़ित परिवार ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

Nagra, Uttar Pradesh:झाँसी प्रेमनगर थाना क्षेत्र के चार खम्भे के पास रहने वाला विनोद सहगल अपने परिवार के साथ तहसील दिवस में पहुंचा. जहां उसने प्रार्थना पत्र देते हुए अधिकारियो को अपनी पीडा सुनाई. विनोद का आरोप है कि उसके भाई की पत्नी उसके मकान पर कब्ज़ा करना चाहती है, जिसके चलते उसके मकान में अपना ताला डाल दिया है. विनोद ने बताया कि उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है. उसका बेटा और बहू बाहर रहते है, वह अपने बेटे और बहू से मिलने बाहर गया हुआ था, जैसे ही वह लौटकर आया तो उसके मकान के ताले बदले हुए थे. उसके भाई की पत्नी ने उसके मकान पर अपने ताले डाल दिए. जब उसने विरोध किया तो उसके साथ गाली गलौज कर उसे घर से भगा दिया गया. अब विनोद और उसका परिवार दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है.
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अंबिकापुर के सिद्धार्थ अस्पताल फार्मेसी में एक्सपायर्ड इंजेक्शन, लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित

Kusu, Chhattisgarh:एंकर -अंबिकापुर शहर के संजयपार्क स्थित सिद्धार्थ हॉस्पिटल के मेडिकल दुकान पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के बारे में सूचना मिली है। एक्सपायरी इंजेक्शन बेचने की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर हॉस्पिटल के मेडिकल दुकान के लाइसेंस को 15 दिनों के लिए रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ हॉस्पिटल के मेडिकल दुकान में 3 एक्सपायरी इंजेक्शन Amikacin को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जांच में पाया गया था। जिसमें कलेक्टर के निर्देश पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के फार्मेसी स्टॉक और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच में 3 एक्सपायरी इंजेक्शन मिले जिनमें Amikacin 250 mg की Expiry Date 04-2026 दर्ज थे। जिसको देखते हुए अस्पताल के फार्मेसी दुकान की लाइसेंस को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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तनवीर सादिक़ के बयान पर BJP का कश्मीर में विरोध, माफी मांगने की मांग

Chaka, NC प्रवक्ता के ख़िलाफ़ BJP का विरोध प्रदर्शन BJP के मुख्य प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने कहा कि जिस तरह नेशनल कॉन्फ्रेंस के MLA और मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक़ ने कल कश्मीरी माताओं और बहनों के बारे में अपमानजनक बातें कहीं, हम उसकी निंदा करते हैं और उसकी आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि शेख़ अब्दुल्ला से पहले, कश्मीर के एक मोहल्ले में सिर्फ़ एक ही सलवार (जिसे कश्मीर में 'याज़ार' और उर्दू में पजामा कहते हैं) पहनी जाती थी। मैं तनवीर सादिक़ और नेशनल कॉन्फ्रेंस से पूछना चाहता हूँ: क्या कश्मीरी लोग नंगे घूमते थे? आपने जिस तरह उनका अपमान किया है—जब आप कहते हैं कि एक मोहल्ले में सिर्फ़ एक ही सलवार थी, तो अगर वहाँ हज़ार लोग थे, तो क्या वे हज़ार लोग नंगे थे? क्या उस समय हमारी माताएँ, बहनें और बेटियाँ नंगे घूमती थीं? ये अपमानजनक बातें, कश्मीरी संस्कृति का यह अपमान—वही कश्मीरी संस्कृति जिसने नेशनल कॉन्फ्रेंस को इतने जनादेश दिए और उन्हें जिताया, और इसी तनवीर सादिक़ को जिताया—हम माँग करते हैं कि तनवीर सादिक़ सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगें और इतिहास पढ़ें, ताकि देख सकें कि सदियों से कश्मीर की विरासत और संस्कृति कितनी समृद्ध रही है। यह सूफी संतों की धरती है, और यहाँ हमेशा से ही शालीनता, शर्म-ओ-हया और शरीर को ढंकने पर ज़ोर दिया गया है, चाहे वह सूफी हों या संत। यहाँ हर धर्म के लोगों ने हमेशा इस बात को प्राथमिकता दी है, और उस दौर में बड़े-बड़े विद्वान, बुज़ुर्ग और सूफी संत गुज़रे हैं; क्या वे सब नंगे थे? क्या उनके पास कपड़े नहीं थे? क्या वे कपड़े नहीं पहनते थे? इन अपमानजनक बातों के ख़िलाफ़ आज भारतीय जनता पार्टी हर ज़िले में विरोध प्रदर्शन कर रही है; आज हमने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि एक डेमो (प्रदर्शन) दिखाया। हमने दिखाया कि तनवीर सादिक़ ख़ुद नंगे हैं, इसीलिए वह क Kashmirियों को नंगा कह रहे हैं—वही कश्मीरी जिन्होंने उन्हें जिताया था। यह एक डेमो था। अगर नेशनल कॉन्फ्रेंस सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं मांगती है, तो भारतीय जनता पार्टी लाल चौक से भी बड़ा प्रदर्शन करेगी। अल्ताफ़ ने आगे कहा कि सबसे पहले, डॉ. फ़ारूक़ साहब और उमर साहब ने देश की संस्थाओं का सम्मान किया है; उन्होंने पूरे जम्मू-कश्मीर को एक संदेश दिया है और कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। INDI गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद, उन्होंने कांग्रेस को बता दिया कि उसकी भारत-विरोधी नीति जम्मू-कश्मीर में नहीं चलेगी। क्योंकि कांग्रेस की हमेशा से यह परंपरा और नीति रही है कि वे विदेशों में जाकर देश की संस्थाओं, लोकतंत्र और संसद का अपमान करते रहे हैं। आज डॉ. फ़ारूक़ साहब ने इसका जवाब दिया है, क्योंकि 'वंदे मातरम' (राष्ट्रीय गीत) का गला तो इसी कांग्रेस ने अली मोहम्मद जिन्ना के दबाव में घोंटा था, और कांग्रेस अपने किसी भी कार्यक्रम में इसे पूरा नहीं गाती है। और आपने देखा कि 15 अगस्त को सोनिया गांधी, खड़गे और राहुल गांधी ने भी इस राष्ट्रीय गीत का अपमान किया। कश्मीरी पंडितों की मांगों पर उन्होंने कहा, 'यह कश्मीरी पंडितों की एक जायज़ मांग है। एक महीने में कश्मीरी पंडितों को चार धमकियां मिलीं। उससे पहले भी, अगर आप देखें, तो यहां टारगेट किलिंग के ज़रिए कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई थी। अब जिस तरह सरकार ने कश्मीरी पंडितों को यहां फिर से बसाने का फ़ैसला किया है और धीरे-धीरे कश्मीरी पंडित वापस आ रहे हैं, यहां बस रहे हैं, मंदिरों और घरों का जीर्णोद्धार हो रहा है और वे अपने खेत वापस ले रहे हैं, ऐसे में सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि जो कश्मीरी पंडित वापस आकर कश्मीर में बसना चाहते हैं, उन्हें समर्थन और सुरक्षा मिले, जो बहुत ज़रूरी है। पाकिस्तान नहीं चाहता कि कश्मीरी पंडित वापस आएं। वह 90 के दशक के हालात दोहराना चाहता है ताकि कश्मीरी पंडित यहां से भाग जाएं, और एक बार फिर उन्हें ज़बरदस्ती यहां से भगाने की साज़िश रची जा रही है। इस साज़िश को नाकाम करते हुए, कश्मीरी पंडितों के रहने की व्यवस्था और उनकी सुरक्षा के लिए सरकार को आगे आना चाहिए और जल्द से जल्द उनकी इस जायज़ मांग को पूरा करना चाहिए।
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राजस्थान भाजपा नेता महाराणा प्रताप के गीत से विरोध, गीत हटाने की मांग

Udaipur, Rajasthan:बॉलीवुड फिल्म मिर्जापुर द मूवी में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप से जुड़े गीत के अनुचित रूप से इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ने लगा है। इसी को लेकर राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी नेता वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अपना कड़ा विरोध जताया है। उनका केंद्रीय सेंसर बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिख तत्काल प्रभार से इस गीत को फ़िल्म से हटाने की मांग की है। राठौड़ ने कहा महाराणा प्रताप राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश में शौर्य, स्वाभिमान और त्याग के प्रतीक है। ऐसे में उन पर गए गीत का उपयोग फ़िल्म के खलनायको के ऊपर फिल्माना महाराणा प्रताप का घोर अपमान है। राठौड़ ने कहा कि ऐतिहासिक महापुरुषों के चरित्र, सम्मान और गौरव से जुड़े प्रतीकों का फिल्मी प्रस्तुतियों में इस्तेमाल पूरी संवेदनशीलता और मर्यादा के साथ होना चाहिए। लेकिन पिछले कुछ समय मे बॉलीवुड में महापुरुषों के अपमान का चलन बढ़ने लगा है जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
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दो भाइयों ने पड़ोसी फ्लैट से 2 लाख के सोने के हार-नकद चोरी की; गिरफ्तार

Ghaziabad, Uttar Pradesh:क्लब जाने का शौक पूरा करने के लिए दो भाइयों ने पड़ोसी के फ्लैट को निशाना बना डाला। टीला मोड़ थाना पुलिस ने फ्लैट में चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख रुपये कीमत का सोने का गले का हार और 5 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। तुलसी निकेतन निवासी हैदर अब्बास परिवार के साथ गांव गए हुए थे। इसी दौरान उनके फ्लैट का ताला खोलकर अलमारी से करीब ढाई से तीन लाख रुपये और सोने का हार चोरी कर लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पड़ोस में रहने वाले इमरान और उसके छोटे भाई रिहान उर्फ बाबू पर शक हुआ। सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों को तुलसी निकेतन पशु चिकित्सालय, भोपुरा के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों को क्लब जाने का शौक था और इसी शौक को पूरा करने के लिए उन्होंने पड़ोसी के फ्लैट में चोरी की थी। चोरी किए गए पैसों में से अधिकांश रकम दोनों अपने शौक में खर्च कर चुके थे। पुलिस ने उनके पास से चोरी की रकम में से 5 हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का सोने का हार भी बरामद किया है। मामले में पहले दर्ज धारा 305(ए) बीएनएस के मुकदमे में धारा 317(2)/331(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
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देवेंद्रनगर में बंदरों का आतंक, एक महीने में 100 से अधिक घायल

Panna, Madhya Pradesh:बंदरों का आतंक: एक महीने में एक सौ से अधिक लोग काटे गए; रोज अस्पताल पहुंच रहे घायल बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं; रेबीज का खतरा भय के माहौल में रहने को मजबूर देवेंद्रनगर कस्बे के वाशिंदे। पन्ना जिले के देवेंद्रनगर कस्बे में इन दिनों लाल और काले बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बंदर आए दिन बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं सहित आम लोगों को काट कर घायल कर रहे हैं। बीते एक महीने से पाँच या सात घायल प्रतिदिन इलाज करवाने सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं; बीते महीने में बंदर काटने के लगभग 100 से अधिक मामले सामने आए हैं। बंदरों के बढ़ते आतंक से नगरवासियों में दहशत का माहौल है। लोग अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार नगर परिषद या वन विभाग कार्रवाई करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी की गेंद फेंकते नजर आ रहे हैं। देवेंद्रनगर तहसील के BMO डॉ. अभिषेक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि हर दिन बंदर काटने से घायल लोग इलाज के लिए आ रहे हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। बंदर काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और पिछले करीब एक महीने में लगभग 100 केस अस्पताल में आ चुके हैं। इसकी सूचना नगरीय प्रशासन और वन विभाग को भी दी जा चुकी है। डॉ जैन ने बताया कि किसी भी जंगली जानवर के काटने से रेबीज का खतरा रहता है; अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध है।
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कटघोरा शोभायात्रा में शराबी युवक ने आरक्षक से बदसलूकी, जेल भेजा गया

Korba, Chhattisgarh:कोरबा ब्रेकिंग- गणेश चतुर्थी पर्व पर कटघोरा में विराजमान होने वाले 'कटघोरा का राजा' की निकाली गई शोभायात्रा में शराबी युवक ने पुलिस आरक्षक के साथ हुज्जतबाज़ी, शराबी युवक शोभायात्रा के दौरान कर रहा था गाली गलौज व हुड़दंग, पुलिस आरक्षक के मना करने पर युवक ने पुलिस के साथ कर दी बदसलूकी, कटघोरा पुलिस ने आरोपी युवक पदुम पाटिल पर अपराध दर्ज कर निकाला पैदल जुलूस, पुलिस ने आरोपी युवक को किया न्यायायिक रिमांड पर जेल दाखिल, पुलिस की सख्त चेतावनी-गणेश उत्सव के दौरान आपराधिक गतिविधियां नही की जाएगी बर्दाश्त
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विदिशा में गणेश उत्सव: मिट्टी की मूर्तियों पर लागत बढ़ने से खरीदारी में फर्क

Vidisha, Madhya Pradesh:एंकर: गणेश उत्सव शुरू होने में अब महज चार - पांच दिन का वक्त बाकी रह गया है. शहर भर में पंडालों की तैयारियां जोरों पर हैं, तो वहीं दूसरी तरफ भगवान श्री गणेश की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में मूर्तिकार दिन-रात जुटे हुए हैं. विदिशा में इस बार प्रशासन की सख्त हिदायत के बाद प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) को दरकिनार कर पूरी तरह मिट्टी की इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं ही तैयार की जा रही हैं. हालांकि, कच्ची सामग्री के दामों में बढ़ोतरी के कारण मूर्तियों की कीमतों में भी इजाफा देखा जा रहा है. वॉइस ओवर 1: विदिशा में पिछले दो से तीन महीनों से मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमाओं को गढ़ने में लगे हुए हैं. प्रशासन ने इस बार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मूर्तिकारों के साथ बैठक की थी, जिसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह केवल मिट्टी से मूर्तियां बनाने के कड़े निर्देश दिए गए थे. मूर्तिकारों का कहना है कि वे इन गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और केवल मिट्टी, बांस, लकड़ी और रस्सी का उपयोग कर आकर्षक प्रतिमाएं बना रहे हैं. वॉइस ओवर 2: प्लास्टर ऑफ पेरिस पर बैन और प्राकृतिक सामग्रियों जैसे बांस, प्लाईवुड, मिट्टी और रस्सियों के दाम बढ़ने से इस साल मूर्तियों की लागत बढ़ गई है. मूर्तिकारों के अनुसार, इस बार ₹1,000 से लेकर ₹5,000 और उससे अधिक तक की मूर्तियां तैयार की गई हैं. महंगाई के बावजूद मूर्तिकारों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में खरीदारों की अच्छी भीड़ उमड़ेगी और उनकी मेहनत रंग लाएगी. एंकर / एंडिंग: साफ है कि इस बार विदिशा में गणेशोत्सव भक्तिभाव के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया जाएगा. अब देखना होगा कि मूर्तियों के बढ़ते दामों के बीच बाजारों में बप्पा की अगवानी को लेकर भक्तों का उत्साह कैसा रहता है. बाइट 1: बुंदेल सिंह प्रजापति, मूर्तिकार. ​"शासन-प्रशासन की तरफ से दो से तीन बार बैठकों का दौर चला था, जिसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की बजाय सिर्फ मिट्टी से ही मूर्तियां बनाए जाने के कड़े निर्देश दिए गए थे. हम लोग नियमों का पालन करते हुए मिट्टी की ही प्रतिमाएं बना रहे हैं. लेकिन बांस, प्लाईवुड, लकड़ी और रस्सी जैसी निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण मूर्तियों के दामों में भी इजाफा हुआ है. हमारे द्वारा ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की मूर्तियां तैयार की गई हैं." ​बाइट 2: बृजेश, खरीदार / स्थानीय नागरिक. ​"हम लोग हर साल गणेश जी की मूर्ति ले जाते हैं. इस बार बाजार में देखा कि मूर्तियां काफी सुंदर और आकर्षक बनी हैं, लेकिन पिछले साल की तुलना में इस बार रेट थोड़े ज्यादा हैं. मूर्तिकार बता रहे हैं कि कच्चा सामान और सामग्री महंगी हो गई है, इसलिए दाम बढ़े हैं. हालांकि, गणेशोत्सव का त्यौहार है और मिट्टी की इको-फ्रेंडली मूर्तियां मिल रही हैं, इसलिए हम खुशी-खशी बप्पा को घर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं." बाइट: बुंदेल सिंह प्रजापति, मूर्तिकार. बाइट: बृजेश, खरीदार / स्थानीय नागरिक.
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टोडारायसिंह के नगर निकाय चुनाव: भाजपा 30 सीटों पर बहुमत का दावा

Tonk, Rajasthan:टोडारायसिंह, टोंक पीएचईडी मंत्री का कन्हैया लाल चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र के नगर निकाय चुनाव को लेकर किया जीत का दावा टोडारायसिंह मालपुरा डिग्गी व लाम्बाहरीसिंह नगर पालिका में पूर्ण बहुमत से होगा भाजपा का बोर्ड गठन, कहा टोडारायसिंह में 35 में से 30 सीटों पर जीतेगी भाजपा कैबिनेट मंत्री चौधरी ने सभी 35 भाजपा प्रत्याशियों के साथ किया शहर में रोड शो, तेजाजी चौक से शुरू हुआ रोड शो कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए पहुंचा अंबेडकर भवन, भाजपा ने संकल्प पत्र जारी कर जनता को बताया विकास का एजेंडा, इस दौरान समाजसेवी राधा चौधरी महिला मंडल सदस्यों के साथ रही रोड शो में मौजूद
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विदिशा के करैयाखेड़ा सड़क: गड्ढे हादसों का केंद्र, प्रशासन दूर

Vidisha, Madhya Pradesh:करैयाखेड़ा मार्ग विदिशा की बदहाली पर आंसू बहा रहा है. पीतलमिल और अहमदपुर चौराहे से हाईवे बाईपास को जोड़ने वाला यह बेहद महत्वपूर्ण रास्ता राहगीरों के लिए मुसीबत बन चुका है. रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जानलेवा गड्ढों के कारण हादसे होते रहते हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका इस तरफ ध्यान देने को तैयार नहीं है. विदिशा का करैयाखेड़ा रोड, जो शहर के दो प्रमुख चौराहों को सीधे हाईवे बाईपास से जोड़ता है, इस मार्ग पर घनी आबादी रहती है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है. पिछले 2 सालों से लोग इस खस्ताहाल सड़क से आवागमन करने को मजबूर हैं. जरा सी बारिश होते ही गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क और गड्ढों का फर्क खत्म हो जाता है. कई लोग गाड़ी फिसलने से चोटिल हो चुके हैं. रहवासियों का कहना है कि प्रशासन और नगर पालिका की अनदेखी के चलते इस रोड का काम सालों से अटका हुआ है. बारिश थमने पर तो रास्ता जैसे-तैसे चलने लायक दिखता है, लेकिन मानसून में यह हादसों का स्पॉट बन जाता है. मामले पर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने काम जल्द शुरू होने का आश्वासन दिया. बाइट - 1: आशीष लोधी, रहवासी बाइट - 2: शैलेंद्र, रहवासी बाइट - 3: दुर्गेश ठाकुर (सीएमओ / नगर पालिका अधिकारी) एंकर आउट: अब देखना होगा कि पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका के दावों के बीच इस करैयाखेड़ा Road का निर्माण कार्य कब तक पूरा होता है, या फिर रहवासी यूं ही हादसों के साये में सफर करने को मजबूर रहेंगे.
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बेतूल की सोयाबीन फसल बर्बाद, किसानों को राहत की उम्मीद पर बारिश पड़ी: सरकार से मुआवजे की मांग

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - बैतूल जिले में इस खरीफ सीजन में बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। देर से पहुंचे मानसून और पूरे सीजन केवल रिमझिम बारिश होने से खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल अब बर्बाद होने लगी है। किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है और अब उनकी नजर सरकार की राहत पर टिकी हुई है। बैतूल जिले में इस वर्ष करीब 2 लाख 35 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई,जो पिछले साल की तुलना में लगभग 7 हजार हेक्टेयर अधिक है। किसानों ने महंगे बीज,खाद,दवाइयों और जुताई-बुवाई पर भारी खर्च किया,लेकिन मौसम की बेरुखी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पूरे खरीफ सीजन में जिले में सामान्य बारिश नहीं हुई औसत से लगभग 210 मिलीमीटर कम वर्षा होने के कारण खेतों में नमी की भारी कमी बनी है। अब हालात यह हैं कि सोयाबीन के पौधे पीले पड़ रहे हैं,उनकी जड़ें और तने गल रहे हैं तथा पौधे सूखते जा रहे हैं। जिस समय फसल में फलियां बनने का दौर शुरू हुआ है,उसी समय पौधों का सूखना किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका बन गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन पौधों की जड़ और तना गल चुका है,उनका किसी भी उपचार से बच पाना संभव नहीं है। यानी किसानों को सीधे-सीधे उत्पादन में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। स्थिति केवल खरीफ तक सीमित नहीं है। जिले के अधिकांश जलाशय अभी भी खाली पड़े हैं। ऐसे में आने वाले रबी सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। यानी संकट now दोहरी मार बनकर किसानों के सामने खड़ा है। इधर किसानों ने सरकार से मांग की है कि खराब हुई फसलों का तत्काल सर्वे कराया जाए,शीघ्र मुआवजा दिया जाए और फसल बीमा की राशि बिना देरी के किसानों के खातों में पहुंचाई जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार समय रहते किसानों की इस विकराल समस्या पर राहत का मरहम लगाएगी या फिर अन्नदाता एक बार फिर अपने नुकसान का बोझ अकेले उठाने को मजबूर होगा.
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