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Eshan KhanEshan KhanFollow20 Jan 2025, 06:03 pm

Jhansi- पीड़ित परिवार ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

Nagra, Uttar Pradesh:झाँसी प्रेमनगर थाना क्षेत्र के चार खम्भे के पास रहने वाला विनोद सहगल अपने परिवार के साथ तहसील दिवस में पहुंचा. जहां उसने प्रार्थना पत्र देते हुए अधिकारियो को अपनी पीडा सुनाई. विनोद का आरोप है कि उसके भाई की पत्नी उसके मकान पर कब्ज़ा करना चाहती है, जिसके चलते उसके मकान में अपना ताला डाल दिया है. विनोद ने बताया कि उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है. उसका बेटा और बहू बाहर रहते है, वह अपने बेटे और बहू से मिलने बाहर गया हुआ था, जैसे ही वह लौटकर आया तो उसके मकान के ताले बदले हुए थे. उसके भाई की पत्नी ने उसके मकान पर अपने ताले डाल दिए. जब उसने विरोध किया तो उसके साथ गाली गलौज कर उसे घर से भगा दिया गया. अब विनोद और उसका परिवार दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है.
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बेगूं में बाइपास निर्माण को मिली स्वीकृति; यातायात और रोजगार में होगा सुधार

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं नगर में बाइपास निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 47 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की है। बेगूं विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ की अनुशंसा और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर यह स्वीकृति मिली है। बाइपास बनने से शहर में यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार, रोजगार और आवागमन को नई रफ्तार मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने विधायक का आभार जताया।
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बेगूसराय में तेज रफ्तार टेंपो ने दो युवकों को टक्कर दी, एक की मौत

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। ताजा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खम्हार ढाला के पास का है, जहां तेज रफ्तार टेंपो ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में एक युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद टेंपो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।मृतक युवक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सांख गांव निवासी लाल बाबू के पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक की पहचान सिंटू कुमार के रूप में की गई है।घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि रंजीत कुमार अपने दोस्त सिंटू कुमार को मोटरसाइकिल पर बैठाकर दीपावली के मौके पर मंझौल से सामान की खरीदारी कर अपने घर सांख गांव लौट रहा था। इसी दौरान खम्हार ढाला के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार टेंपो ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रंजीत कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिंटू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में मोटरसाइकिल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं, हादसे के बाद टेंपो चालक वाहन लेकर फरार हो गया।इधर, घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच करते हुए फरार टेंपो चालक की तलाश में जुट गई है।दीपावली की खुशियां मातम में बदलींजिस घर में दीपावली की खुशियां मनाने की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। रंजीत कुमार की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपावली की खुशियां पलभर में गम में तब्दील हो गईं।
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सेंट जेवियर्स स्कूल महाराजगंज में रंगोली प्रतियोगिता का भब्य आयोजन,विद्यार्थियों ने बिखरे कला रंग

AMIT KUMAR TRIPATHIAMIT KUMAR TRIPATHIFollow13m ago
Mahuwa, Uttar Pradesh:सेंट जेवियर्स स्कूल महाराजगंज में रंगोली प्रतियोगिता का भब्य आयोजन, विद्यार्थियों ने बिखरे कला के रंग महराजगंज, 6 नवंबर 2026. सेंट जेवियर्स स्कूल महराजगंज के विद्यालय परिसर में आज उल्लास और सूजनासकता से भरपूर रंगोली प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़‌कर हिस्सा लिया और अपनी अद्‌भुत कला का प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों हाउस - ब्लू हाउस ( कैप्टन अंश पटेल,वाईस कैप्टन अंशिका जयसवाल ) , रेड हाउस (कैप्टन हिमांशु पटेल,वाइस कैप्टन आकृति ) , ग्रीन हाउस (कैप्टन साहनवाज़, वाईस कैप्टन रुखसार,) येलो हाउस ( कैप्टन साहिल सिद्दीकी वाइस कैप्टन मनोरमा शर्मा ) के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में कलात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक मूल्यों और टीम भावना को बढ़ावा देना था। छात्र-छात्राओं ने अपनी, कल्पना और रचनात्मकता के आधार पर फर्श पर रंगों के माध्यम से मनमोहक आकृत्तियाँ उकेरी। प्रतियोगिता में प‌र्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सांस्कृतिक धरोहर और त्योहारों के विभिन्न सुन्दर विषयों पर आधारित रंगोलियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। विद्यार्थियो द्वारा बनाए रंगो के मेल और कलात्मक डिजाइनों ने उपस्थित सभी शिक्षको और दर्शको का मन मोह लिया
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खेलो राजस्थान महाअभियान का पहला चरण विवादों के बीच शुरू, पंजीयन में शिक्षकों पर दबाव

Jaipur, Rajasthan:जयपुर राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद और खेल विभाग की ओर से शुरू किए जा रहे ‘खेलो राजस्थान’ महाअभियान का पहला चरण शुरू होने से पहले ही विवादों में घिरता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर हर आयु वर्ग के खिलाड़ियों को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे अभियान में पंजीयन का जिम्मा शिक्षकों और संस्था प्रधानों पर डालने से नाराजगी बढ़ रही है। अभियान के पहले चरण में वॉलीबाल, एथलेटिक्स, रस्साकशी और तीरंदازی के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 16 नवंबर निर्धारित की गई है। वहीं शिक्षा विभाग के शिविरा पंचांग के अनुसार 4 से 15 नवंबर तक स्कूलों में अवकाश है। ऐसे में शिक्षकों का सवाल है कि छुट्टियों के दौरान घर-घर जाकर पंजीयन कैसे करवाया जाए। स्कूल खुलने के बाद भी पंजीयन के लिए महज एक दिन मिलने से लक्ष्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण हैं,,पंजीयन प्रक्रिया में जन आधार सहित अन्य विवरणों के सत्यापन के लिए मोबाइल पर ओटीपी भेजा जा रहा है। साइबर ठगी की घटनाओं के चलते अभिभावक शिक्षकों के साथ ओटीपी साझा करने से कतरा रहे हैं। इससे पंजीयन प्रक्रिया में तकनीकी परेशानी बढ़ रही है,,शिक्षकों का कहना है कि पर्याप्त पंजीयन नहीं होने पर संस्था प्रधानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। अवकाश के दौरान काम का दबाव और कार्रवाई की धमकियों से शिक्षक वर्ग में आक्रोश है।
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मैनपुरी-करहल बच्चों के हाथों में कूड़े की ठेली,वीडियो वायरल,नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ।

Ajay KumarAjay KumarFollow16m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:मैनपुरी/करहल एक तरफ सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए सर्व शिक्षा अभियान,मिड-डे मील,मुफ्त किताबें और तमाम योजनाएं चला रही है,मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक कहते हैं कि हर बच्चा स्कूल जाएगा। लेकिन करहल में जमीन पर हकीकत बिल्कुल उल्टी है, यहां बच्चों के कंधों पर शिक्षा और सपनों की जगह कूड़ा ढोने का बोझ लाद दिया गया है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में पेन,किताबें और स्कूल का बस्ता होना चाहिए,जिस उम्र में उन्हें स्कूल जाकर अपना भविष्य संवारना चाहिए । उसी उम्र में बच्चे नगर पंचायत करहल की कूड़ा उठाने वाली ठेली को धकेलते और उसमें कूड़ा डालते हुए नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न सिर्फ चिंताजनक है,बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है,आखिर बच्चों से इस तरह का काम क्यों कराया जा रहा है ? क्या बच्चों का बचपन इसी तरह बीतेगा ? बच्चों के कंधों पर शिक्षा और सपनों की जिम्मेदारी होनी चाहिए,न कि कूड़ा ढोने का बोझ। सरकार जहां एक ओर बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए तमाम योजनाएं चला रही है,वहीं दूसरी ओर करहल में सामने आया यह दृश्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करता है और बच्चों को इस तरह के कार्य से दूर रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं,पूरा मामला किशनी रोड का बताया जा रहा है।
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बारमेर की शरणार्थी बस्ती में पेयजल संकट और जमीन के अधिकारों पर बड़ा सवाल

Barmer, Rajasthan:बारमेर की शरणार्थी बस्ती में आज हालात ऐसे हैं कि पानी की सप्लाई आधी रात को होती है तो पूरी बस्ती के लोग नींद छोड़कर बर्तन लेकर पानी भरने पहुंच जाते हैं। यह सिर्फ पेयजल संकट नहीं है, बल्कि पुनर्वास, जमीन के अधिकार और सरकारी तंत्र की जवाबदेही पर सवाल है। इस बस्ती में रहने वाले परिवारों का इतिहास 1971 के भारत-पाक युद्ध से जुड़ा है। युद्ध के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए थे। उन्होंने भूखंड खरीदकर अपना आशियाना बनाया। धीरे-धीरे परिवार बड़े और बस्ती आबाद होती चली गई। गृह मंत्रालय की 1984-85 की वार्षिक रिपोर्ट में पाकिस्तान से आए विस्थापितों के पुनर्वास का उल्लेख मिलता है। मार्च 1978 में इन परिवारों को भारतीय नागरिकता देने और स्थायी पुनर्वास की प्रक्रिया का निर्णय हुआ था, पर पुनर्वास की चुनौतियां समाप्त नहीं हुईं। बस्ती की बदहाली के पीछे स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के खसरे में बाद में पुलिस फायरिंग रेंज का नाम दर्ज हो गया। इसके कारण बस्ती में सड़क, पानी और विकास कार्य मुश्किल पड़े। राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक स्वामित्व का सवाल अहम है। क्या भूखंड खरीदने वाले परिवारों के दस्तावेजों की जांच हुई? फायरिंग रेंज के लिए भूमि आवंटन कब हुआ? क्या पूरा हिस्सा खसरे में आता है या सिर्फ आसपास की जमीन विवादित है? प्रशासन को जवाब साफ़ करना चाहिए। पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पाइपलाइन में अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ी। पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन को पंक्चर करवाकर व्यवस्था चलानी पड़ी ताकि तत्काल राहत मिले। यह स्थायी समाधान नहीं है। 2018 में राजस्थान विधानसभा में पाक विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और जमीन से जुड़े मुद्दे उठे थे। सरकार ने पुनर्वास की प्रक्रिया और राहत का उल्लेख किया था। लोकतंत्र में इन परिवारों का वोट भी उतना ही महत्वपूर्ण है। चुनाव आते हैं तो जनप्रतिनिधि इनके दरवाजे तक पहुंचते हैं, पर पानी-सड़क जैसी सुविधाओं की बात आने पर आवाज़ दब जाती है। अब जिला प्रशासन, नगर परिषद, जलदाय विभाग और राजस्व विभाग को मिलकर इस मामले की पड़ताल करनी चाहिए। जमीन की स्थिति स्पष्ट हो और पेयजल की स्थायी व्यवस्था हो। 1971 में पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए इन परिवारों को अपने देश में सम्मानपूर्ण जीवन के लिए कब तक संघर्ष करना पड़ेगा?
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गढ़चिरौली में जंगल के टव्वे में छिपी विस्फोटक बरामद, माओवादी सामग्री निष्कर्ष

Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर --माओवाद के खात्मे के बाद भी जंगलों में छिपे विस्फोटक और माओवादी सामग्री को तलाशने में पुलिस जुटी हुई है। इसी कड़ी में 4 नवंबर को गढ़चिरौली पुलिस ने थाना ग्यारापत्ती क्षेत्र के टव्वे जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाकर जमीन में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। तलाशी के दौरान 11 कुकर, 3 किलो गन पाउडर, 4 डेटोनेटर, 3 बंडल कॉर्टेक्स वायर, 12 वोल्ट की बैटरी, 250 ग्राम पटाखा बारूद, 4 स्टील कंटेनर, 8 वायर बंडल और एक सोलर प्लेट समेत अन्य माओवादी सामग्री जब्त की गई। पुलिस के अनुसार माओवादी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से ऐसी सामग्री जंगलों में छिपाकर रखते थे। अब माओवादी गतिविधियों के खात्मे के बाद पुलिस जंगलों में छिपे ऐसे खतरों को खत्म करने में जुटी है।
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