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फरीदाबाद में सफाई हड़ताल से शहर में गंदगी का संकट गहराया

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में सफाई व्यवस्था पर संकट, हड़ताल से जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के कारण कई इलाकों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है और जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक हड़ताल 30 दिन से अधिक समय से जारी है और इसे 6 सितंबर तक बढ़ाया गया है。 कूड़े के ढेर के कारण स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के बाद कई जगह कूड़ा सड़कों पर फैलने की भी स्थिति सामने आई, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। स्थानीय लोगों को मच्छरों और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का भी डर सता रहा है। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा खत्म करना, सफाई और सीवर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती तथा पूर्व में हुए समझौतों को लागू करना शामिल बताया गया है。 वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर आ सके। लोगों ने सरकार से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए और तब तक शहर में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कूड़ा उठाने और सफाई का काम सुनिश्चित किया जाए। फरीदाबाद में सफाई व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी Municipal Corporation of Faridabad की है। हड़ताल के बीच शहर में गंदगी बढ़ने से स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
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जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर का नौ दिवसीय आस्था महोत्सव शुरू

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी उत्सव की धूम 7 सितंबर से शुरू हो रही है. नौ दिनों तक आस्था, परंपरा, संगीत, नृत्य और भोग की भव्य झांकियाँ होंगी. 348 किलो पंचामृत से अभिषेक, हजारों के मोदक और 3500 किलो मेहंदी से सिंजारा जैसी आकर्षक प्रस्तुतियाँ planned हैं. 14 सितंबर को जन्मोत्सव पर स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार से सुसज्जित गणेशजी के दर्शन होंगे, और 15 सितंबर को नगर भ्रमण के साथ उत्सव का समापन होगा. 9 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन दरबार का रंग बदलेगा: कलश यात्रा, जलाभिषेक, ध्रुपद और कथक के कार्यक्रम, मेहंदी पूजन, मेहंदी प्रसाद वितरण, और भोग आरती जैसी विविध आयोजन होंगे. सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 72 सीसीटीवी, 6 डीएफएमडी, 6 एचएसएमडी आदि की व्यवस्था है; मन्दिर तक और उसके निकट मार्गों पर यातायात और लाइन व्यवस्था के बारे में पूरा प्लान बताया गया है. भक्तों से अपील है कि दर्शन के समय कैमरा और अन्य सामान न लाएं. नौ दिनों तक मोतीडूंगरी में जल-धारणा, मेहंदी, मोदक और मेहंदी के साथ बप्पा का आशीर्वाद जयपुर की गलियों तक पहुँचेगा.
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चंद्रपुर में सेल्फ क्रिएशन ग्रुप की बाप्पा मेकिंग कार्यशाला उत्साह से सम्पन्न

Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपुरात सेल्फ क्रिएशन ग्रुप ची बाप्पा मेकिंग कार्यशाळा उत्साहात संपन्न, बच्चे कंपनीसह आई-बाबांचाही सहभाग चंद्रपूरात 'सेल्फ क्रिएशन ग्रुप' तर्फे सलग सहाव्या वर्षी बाप्पा मेकिंग कार्यशाळा उत्साहात पार पडली. इनरव्हील क्लब आणि आर्य वैश्य महिला महासभा यांनी उपक्रमात सक्रिय सहभाग दिला. या उपक्रमामागे मुलांनी मातीशी जुळून राहावे तसेच मोबाईलपासून दूर राहून त्यांची सर्जनशीलता वाढावी, हा मुख्य हेतू होता. यासाठी शाडूची माती मागवून ती आधीच भिजवण्यात आली होती. दोन मूर्तिकारांच्या मार्गदर्शनाखाली मुलांनी सुरुवातीपासून शेवटपर्यंत—मूषकासह—बाप्पाची मूर्ती घडवली. लहान मुलांसोबत त्यांच्या आई तसेच टीमचे सदस्यही सहभागी झाले. सुमारे 60 च्या संख्येत विद्यार्थी विद्यार्थिनींनी यात सहभाग घेतला. दीड-दोन तास चाललेल्या या कार्यक्रमानंतर सर्व मूर्ती एका टेबलावर सजवून सर्वांच्या निरीक्षणासाठी ठेवण्यात आल्या. सर्वांनी आपापल्या सुबक मूर्ती घरी नेल्या. पुढील दोन-तीन दिवस त्या वाळवल्यानंतर मुलांना रंगवण्याची प्रक्रिया आनंदाने करता येणार आहे. बाईट १) ,२) सहभागी विद्यार्थी- विद्यार्थिनी बाईट ३) राखी बोराडे, उपक्रम संयोजक
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी, राजस्थान को गर्व

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने का वारंट जारी होने के बाद जोधपुर के न्यायिक जगत में खुशी का माहौल है। न्याय की राजधानी जोधपुर से लंबे समय से जुड़े रहे जस्टिस भाटी को देर रात से ही न्यायिक अधिकारियों, हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और मित्रों की ओर से बधाइयां मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। रविवार सुबह जस्टिस भाटी के निवास पर बधाई देने वालों की लंबी कतार नजर आई। न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता उनके निवास पहुंचे और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनकी पत्नी जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी ने भी बधाई देने पहुंचे लोगों का अभिवादन किया। परिवार में उनकी माताजी, बड़ी बहन और अन्य परिजनों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। जस्टिस भाटी के मित्रों और शुभचिंतकों का कहना है कि उनका जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होना राजस्थान के न्यायिक जगत के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में उनका विदाई एवं रेफरेंस कार्यक्रम होगा। इसके बाद बुधवार को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में उनके मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना है। गौरतलब है कि राजस्थान से जुड़े जस्टिस अरुण भंसाली वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। अब जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की नियुक्ति के बाद राजस्थान न्यायिक जगत से जुड़े दो न्यायाधीश देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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सोनभद्र में मारपीट के मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार, कुल्हाड़ी भी बरामद

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुकदमे में नामजद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त को बहुआर गांव में किराने की दुकान पर सामान लेने गए युवक के साथ लाठी-डंडे से मारपीट की गई थी। बीच-बचाव करने पहुंची महिला के साथ भी मारपीट और घर तक पीछा कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। बहुआर गांव में हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार पाठक, श्रीप्रकाश उर्फ शिवम पाठक, सुनील पाठक, निलेश उर्फ राजन पाठक और पंकज त्रिपाठी उर्फ लिप्पू शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, बहुआर-बासौली मोड़ पुलिया के पास गश्त के दौरान पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
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अलवर कचहरी में तलाक के मामले पर हमला, अपहरण की कोशिश; तीन गिरफ्तार

Alwar, Rajasthan:तलाक की सलाह लेने कचहरी पहुंचे युवक और महिला मित्र पर हमला, अपहरण की कोशिश; तीन आरोपी गिरफ्तार अलवर। शहर के कचहरी परिसर में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पत्नी से तलाक के मामले में कानूनी सलाह लेने पहुंचे एक युवक और उसकी महिला मित्र पर ससुराल पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर दोनों को घसीटकर जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास करने लगे। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने दोनों को छुड़ाया और तीन आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अखैपुरा थाना इंचार्ज संजय शर्मा ने बताया कि मौके से सुरेंद्र, अंकित और कृष्णकुमार निवासी रसवाड़ा, नौगांवा को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पीड़ित सोनू वर्मा पुत्र जोरमल वर्मा निवासी भजीट ने पुलिस को बताया कि वह अपनी महिला मित्र माही निवासी देहरादून के साथ अधिवक्ता कृष्ण कुमार शर्मा के पास पत्नी से तलाक की अर्जी और कानूनी सलाह लेने पहुंचा था। इसी दौरान उसका ससुर राकेश कुमार, सास कविता, पत्नी मधु, चाचा ससुर मनोज व कृष्ण, मामा ससुर लच्छी राम, ताऊ ससुर और पप्पू सहित अन्य लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और सोनू व माही के साथ मारपीट करने लगे। दोनों को अधिवक्ता की सीट से घसीटकर बाहर खड़ी ब्रेजा गाड़ी में जबरन डालने का प्रयास किया गया। हंगामा देखकर आसपास मौजूद अधिवक्ता मौके पर पहुंचे और दोनों को छुड़ाने की कोशिश की। इसी दौरान वकीलों ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पथराव में वकील की आंख पर चोट विवाद के दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने अधिवक्ताओं के साथ भी हाथापाई की और पथराव कर दिया। पथराव में एडवोकेट हितेश मोखरी की आंख पर गंभीर चोट आई। वहीं एडवोकेट पंकज सावरिया का मोबाइल फोन छीनकर दूर फेंक दिया गया। घटना के बाद कचहरी परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। बाइट्स ..वकील देहरादून से अलवर आया था सोनू जानकारी के अनुसार सोनू शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता है। वह पिछले कुछ महीनों से देहरादून में काम कर रहा था। शुक्रवार को वह माही के साथ देहरादून से अलवर आया था और एक होटल में ठहरा था। सोनू के अनुसार उसने खुद फोन कर अपने परिजनों और ससुराल पक्ष को कचहरी में तलाक की अर्जी दाखिल करने की जानकारी दी थी। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग कचहरी पहुंचे। वहां सोनू को दूसरी महिला के साथ देखकर विवाद बढ़ गया और मारपीट की घटना हो गई।
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बारिश बनी आफत: बेलगड़ नाले ने रामनगर-हल्द्वानी मार्ग रोका

Noida, Uttar Pradesh:बारिश बनी आफत! बेलगड़ नाला उफान पर, रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर एक घंटे तक थमा यातायात रामनगर एंकर.-रामनगर में लगातार हो रही बारिश के बाद आज सुबह रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित बेलगड़ नाला अचानक उफान पर आ गया,नाले में तेज बहाव के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा. नाले में पानी का बहाव बढ़ने के कारण वाहन चालकों को सड़क के दोनों ओर रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे बाद जब नाले का जलस्तर और पानी का बहाव कुछ कम हुआ, तब जाकर यातायात दोबारा शुरू हो सका। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के मौसम में बेलगड़ नाला हर साल परेशानी का कारण बनता है,तेज बारिश के दौरान नाले में अचानक पानी बढ़ जाता है, जिससे रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार वाहन चालक और यात्री नाले के तेज बहाव के बीच फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है. बेलगड़ नाले की समस्या लंबे समय से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान हर बार यही स्थिति सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. आज भी करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि पानी का बहाव कम होने के बाद सड़क पर यातायात सामान्य हो गया. अब सवाल यह है कि हर बरसात में आफत बनने वाले बेलगड़ नाले की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?
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भागलपुर में गंगा का सैलाब शहर तक पहुँचा, दीपनगर में बाढ़ से लोग फंसे

Naya Chak, Bihar:एंकर -भागलपुर में गंगा का सैलाब अब शहर की चौखट तक पहुंच गया है। नगर निगम के वार्ड संख्या 21 स्थित दीपनगर महादलित बस्ती में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है। हालात ऐसे हैं कि जिन घरों में कभी परिवार जमीन पर बैठकर खाना खाते थे, बच्चे खेलते थे और रात को चैन से सोते थे आज उसी घर में तीन से चार फीट पानी भरा है। पूरी जिंदगी अब एक छोटी सी चौकी पर सिमट गई है। उसी चौकी पर बच्चे हैं, वहीं खाना है, वहीं कपड़े हैं और उसी पर पूरा परिवार रात-दिन गुजारने को मजबूर है। चारों तरफ पानी और बीच में जिंदगी बचाने की जद्दोजहद दीपनगर की ये तस्वीरें बाढ़ का दर्द बयां कर रही हैं।
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चूरू में गोवंश के हमले से बाइक सवार घायल, जयपुर रैफर

Churu, Rajasthan:गोवंश के हमले में बाईक सवार घायल, चूरू में गोवंश के हमले लगातार बढ़ते जा रहे है शनिवार रात शहर की राजकीय शारदा स्कूल के पास गोवंश के हमले में बाईक सवार घायल हो गया, जिसे गंभीर हालत में लोगों ने राजकीय भर्तिया अस्पताल के आपातकालीन वार्ड पहुंचाया जहाँ चिकित्स्कों ने प्राथमिक उपचार के बाद बाईक सवार को जयपुर रैफर कर दिया. मिली जानकारी अनुसार बाईक सवार शख्स शहर की शेखावत कॉलोनी निवासी सलीम है जो निजी एम्बुलेंस ऑपरेटर है शनिवार रात किसी काम से नई सड़क जा रहा था की तभी राजकीय शारदा स्कूल के पास गोवंश ने बाईक सवार सलीम पर हमला कर दिया. गोवंश के हमले में बाईक सवार सलीम के सिर में गहरी चोट आई है सलीम पर गोवंश के हमले की ख़बर मिलते ही आपातकालीन वार्ड में कॉलोनी वासियों की भारी भीड़ जूट गयी वही सूचना पर वार्ड 20 से पार्षद प्रत्याशी विजय कुमार शर्मा भी अस्पताल पहुंचे और घायल सलीम के स्वास्थ्य की जानकारी ली.
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बल्लभगढ़ सेक्टर-62 की बदहाल सड़कों पर जलभराव, लोग समस्याओं से जूझ रहे

Faridabad, Haryana:स्टोरीबल्लभगढ़ सेक्टर-62 में बदहाल सड़कों से लोग परेशान, बारिश में गड्ढे बन जाते हैं जलभराव का कारण बल्लभगढ़। बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 में इन दिनों सड़कों की खस्ताहालत स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। बारिश होते ही सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है और कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बाइक सवारों के गिरने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों का कहना है कि यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं, बावजूद इसके संबंधित अधिकारी और प्रशासन इस समस्या की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए सरकारी स्तर पर बजट जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि कई बार सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उसके टूटने की शिकायत सामने आने लगती है। इससे सरकारी धन के इस्तेमाल और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं। आखिरकार खराब सड़क का खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ता है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति को जल्द सुधारे, गड्ढों को भरा जाए और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान किया जाए। अब देखना होगा कि अधिकारियों की ओर से सेक्टर-62 की इस बदहाल सड़क को कब तक दुरुस्त कराया जाता है और लोगों को इस परेशानी से कब राहत मिलती है।
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औरैया की सात बेटियाँ: माँ को मुखाग्नि देकर बदला समाज का नजरिया

Auraiya, Uttar Pradesh:औरैया से एक ऐसी खबर सामने आई है जो समाज की रूढ़िवादी सोच पर करारा प्रहार है। यहां सात बेटियों ने अपनी मां को अंतिम विदाई देकर ये साबित कर दिया कि फर्ज बेटा-बेटी नहीं देखता। पिता के जाने के बाद जिस मां ने सातों बेटियों को अकेले पाला, उसकी चिता को मुखाग्नि भी सबसे छोटी बेटी ने दी。 तस्वीरें औरैया की हैं। जहां बेटियों ने रिवाजों को पीछे छोड़कर फर्ज को आगे रखा। बताया जा रहा है कि परिवार के मुखिया पिता का निधन कई साल पहले हो गया था। तब सामाजिक परम्परा के चलते अंतिम संस्कार के लिए भतीजे का सहारा लेना पड़ा था। उसके बाद मां ने अकेले दम पर संघर्ष करते हुए अपनी सात बेटियों की परवरिश की। मां ही उन बेटियों के लिए पिता भी थी और पूरी दुनिया भी。 वक्त बीता और मां भी इस दुनिया को छोड़ गई। सातों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अंतिम संस्कार की तैयारी हुई तो सवाल उठा - मुखाग्नि कौन देगा? परम्परा के मुताबिक पुरुष रिश्तेदारों की तरफ देखा जाने लगा। तभी सबसे छोटी, सातवीं बेटी आगे आई और उसने कहा - जब मां ने हमें बेटे की तरह पाला पोशा कमी महसूस नहीं होने दी, तो आखिरी वक्त में हम किसी और का सहारा क्यों लें? फिर जो हुआ उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। सातों बहनों ने मिलकर अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। और श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ सबसे छोटी बेटी ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। ये सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं था, ये एक संदेश था। संदेश कि संतान का प्यार और जिम्मेदारी लिंग की मोहताज नहीं होती। औरैया की इन सात बेटियों ने आज समाज को आईना दिखा दिया है। सच ही कहा गया है, फर्ज का फर्ज रूढ़ियों पर भारी है। इन बेटियों ने सिर्फ अपनी मां को मुखाग्नि नहीं दी, बल्कि समाज में बेटियों को लेकर जो सोच है, उसे भी अग्नि दी है।
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