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Gaurav Shrivastava Gaurav Shrivastava Follow10 Jun 2024, 01:13 pm
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उधार के 2000 रुपयों के लिए हत्या: आरोपी गिरफ्तार, शव अस्पताल में मौत

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा 2 हजार की उधारी बनी हत्या की वजह, डंडे से हमला करने वाला आरोपी रायपुर से गिरफ्तार पामगढ़ थाना क्षेत्र में उधारी के 2,000 मांगने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, आरोपी अविनाश उर्फ मन्नू कुर्रे (26) ने शिवा उर्फ भोलेशंकर टंडन और उसके पिता से गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्का और लकड़ी के डंडे से मारपीट की, मार में गंभीर रूप से घायल शिवा का रायपुर के DKS अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां 30 अगस्त को उसकी मौत हो गई, युवक की मौत के बाद पुलिस ने गंभीर मारपीट के मामले में हत्या की धारा 103(1) BNS जोड़ी, पामगढ़ पुलिस ने आरोपी के रायपुर के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होने की सूचना पर दबिश देकर गिरफ्तार किया, आरोपी को 31 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया
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जांजगीर-चांपा में मारपीट कर चांदी की चैन लूटने वाला आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा मारपीट कर गले से चांदी की चैन लूटने वाला आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, नैला चौकी पुलिस ने लूट की वारदात का किया त्वरित खुलासा, पुरानी बात को लेकर युवक से मारपीट कर गले से 42 ग्राम की चांदी की चैन लूटी थी, पुलिस ने आरोपी कोमल कश्यप उर्फ माऊ (19 वर्ष), निवासी नैला वार्ड क्रमांक 04 को जूना तालाब के पास से पकड़ा, आरोपी की निशानदेाही पर घर से करीब 5 हजार रुपए कीमत की 42 ग्राम चांदी की चैन बरामद, पुलिस के मुताबिक आरोपी पूर्व में भी लूट के 2 मामलों में जेल जा चुका है, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर नैला पुलिस की त्वरित कार्रवाई,
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Bilaigarh के Runkot प्राथमिक स्कूल: जर्जर भवन और शिक्षकों की गैरहाजिरी से बच्चों की पढ़ाई खतरे में

Saiki, Bihar: Slug/अधिकारी लापरवाह, शिक्षक बेलगाम! जर्जर कमरों में कैद बेंच-डेस्क, बरामदे में जमीन पर पढ़ने को मजबूर रनकोट के 35 नौनिहाल। शिक्षक मनमर्जी से आते-जाते हैं? ग्रामीणों का आरोप—रतन कुर्रे,शिक्षक साल में एक-दो बार ही पहुंचते हैं? स्कूल, बच्चों ने कहा- आज भी कोई शिक्षक नहीं था मौजूद। स्थान : आश्रित ग्राम रनकोट, ग्राम पंचायत चारपाली, विकासखंड बिलाईगढ़ बारिश के दिनों में स्कूल जाने में एक,नाला, पार कर जाते है छात्र। एंकर/बिलाईगढ़। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत चारपाली के आश्रित ग्राम रनकोट में प्राथमिक स्कूल की स्थिति इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यहां करीब 35 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन जर्जर स्कूल भवन, जमीन पर बैठकर पढ़ाई और शिक्षकों की कथित अनियमित उपस्थिति ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। मौके पर पहुंचे तो शिक्षक नदारद, बच्चे खुद कर रहे थे पढ़ाई आज दोपहर करीब 12 बजे जब समाचार कवरेज के लिए टीम रनकोट प्राथमिक शाला पहुंची, तो मौके पर कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं मिला। स्कूल परिसर में बच्चे स्वयं अपनी-अपनी पढ़ाई करते नजर आए। बताया गया कि बच्चों को खाना खाने के बाद घर जाने के लिए कह दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल में ऐसी स्थिति केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि यह सिलसिला लगभग रोजाना देखने को मिलता है। यदि यह आरोप सही है? तो सवाल उठना स्वाभाविक है? कि आखिर बच्चों की नियमित पढ़ाई और स्कूल संचालन की निगरानी कौन कर रहा है؟ जर्जर कमरों में कैद बेंच-डेस्क, बरामदे बना कक्षा स्कूल भवन में दो कमरे हैं, लेकिन दोनों की स्थिति जर्जर बताई जा रही है। दीवारों में दरारें हैं और छत का प्लास्टर गिरने की स्थिति बनी हुई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें कमरों के बजाय बरामदे में जमीन पर बैठकर पढ़ाया जा रहा है। विडंबना यह है कि बच्चों के बैठने के लिए उपलब्ध बेंच-डेस्क जर्जर कमरों के अंदर पड़े हैं, लेकिन बच्चे उनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। बारिश और खराब मौसम के दौरान बरामदे में जमीन पर बैठकर पढ़ना बच्चों के लिए और भी परेशानी भरा हो जाता है। शिक्षक अपने मन से आते हैं? और चले जाते हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। ग्रामीणों के मुताबिक, "शिक्षक अपने मन से आते हैं और अपने मन से चले जाते हैं।" ग्रामीणों ने रतन कुर्रे नामक शिक्षक की उपस्थिति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उक्त शिक्षक साल में एक-दो बार ही स्कूल आते हैं और कई बच्चों ने उन्हें लंबे समय से स्कूल में देखा तक नहीं है। यदि ग्रामीणों के ये आरोप सही पाए जाते हैं तो सवाल यह है कि लंबे समय से कथित रूप से अनुपस्थित शिक्षक के खिलाफ विभागीय स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई? बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप स्कूल में शिक्षक की नियमित मौजूदगी नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। बच्चों की शिक्षा के लिए बनाए गए सरकारी स्कूल में यदि शिक्षक ही नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की स्थिति को लेकर कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया। आखिर किसकी निगरानी में चल रहा स्कूल? पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की मैदानी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज हो रही है? वेतन का सत्यापन कौन कर रहा है? संकुल समन्वयक और बीईओ द्वारा स्कूल का निरीक्षण कब किया गया? सबसे बड़ा सवाल यह भी है? कि क्या लंबे समय से कथित रूप से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को विभागीय कार्रवाई का कोई भय नहीं है? ग्रामीणों के आरोपों और मौके की स्थिति ने शिक्षा विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच की जरूरत रनकोट प्राथमिक शाला की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड, निरीक्षण पंजी, बच्चों की वास्तविक उपस्थिति, वेतन सत्यापन और भवन की स्थिति की जांच की जाए तो तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग मौके की स्थिति और ग्रामीणों के आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और 35 नौनिहालों के भविष्य के लिए क्या कार्रवाई करता है। बाइट/पालक。 बाइट/पालक बाइट/छात्रा wt GOVIND RAM BARETH ।
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गाड़ीघाट जुआ फड़ पर दबिश: 9 गिरफ्तार, नकद बरामद

Datia, Madhya Pradesh:गाड़ीघाट पर जुआ फड़ पर छापा, 9 गिरफ्तार बृजेंद्र कमरिया की फड़ से ही हुई गिरफ्तारी, जहरीली शराब के मामले ने बढ़ाई चर्चा दतिया के थाना सिविल लाइन पुलिस ने दतिया-उनाव रोड स्थित गाड़ीघाट पर चल रहे जुआ फड़ पर दबिश देकर फड़ संचालक बृजेंद्र कमरिया समेत 9 जुआरियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मौके से 2 लाख 10 हजार 200 रुपए नकद बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों में बृजेंद्र कमरिया, विक्रम दांगी, गौरव मिश्रा, रवि कुमार कुशवाहा, नीरज कुशवाहा और सुरेंद्र सिंह यादव सहित अन्य शामिल हैं। पुलिस ने पहले सभी आरोपियों का मुख्य मार्ग से जुलूस निकाला सभी आप ए हुआ खेलना पाप की बात कहकर निकले पुलिस ने सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की। खास बात यह है कि बृजेंद्र कमरिया की फड़ पर पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है और उसके खिलाफ 8 अपराध दर्ज बताए गए हैं। इसी कार्रवाई के दौरान बृजेंद्र को जहरीली शराब के साथ भी पकड़े जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई में जुआ फड़ के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जबकि जहरीली शराब को लेकर बृजेंद्र पर अलग से कार्रवाई चर्चा में है।
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अलवर के बुटोली गांव के बोरवेल से मासूम भानु पांच घंटे बाद सुरक्षित बाहर

Alwar, Rajasthan:अलवर के बुटोली गांव में पतंग लूटने के दौरान बोरवेल में गिरा था मासूम, SDRF-NDRF और प्रशासन के संयुक्त रेस्क्यू से बची जान लक्ष्मणगढ़/अलवर। अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के बुटोली गांव में सोमवार शाम खुले बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय बालक भानु को करीब पांच घंटे चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सुरक्षित बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। एहतियात के तौर पर भानु को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। पतंग लूटने के दौरान बोरवेल में गिरा था भानु जानकारी के अनुसार बुटोली गांव निवासी भानु पुत्र शीशराम पतंग लूटने के लिए खेत की ओर दौड़ रहा था। इसी दौरान उसका पैर खेत में बने पुराने बोरवेल के ऊपर रखे पत्थर पर पड़ गया। पत्थर खिसकने से भानु बोरवेल में जा गिरा। बताया जा रहा है कि बोरवेल करीब 400 फीट गहरा था और बच्चा लगभग 40-50 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया。 बोरवेल लंबे समय से बंद पड़ा था और उसके ऊपर पत्थर रखा हुआ था। पत्थर के खिसकने से यह हादसा हुआ। जिस खेत में बोरवेल था, वहां लंबे समय से लोगों की आवाजाही नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भी इसकी जानकारी नहीं थी。 शाम 6:30 बजे मिली सूचना, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी के अनुसार प्रशासन और पुलिस को शाम करीब 6:30 बजे बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया。 मौके पर एसडीएम मनीषा रेशम, तहसीलदार मनीष कुमार शर्मा, डीएसपी नरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। SDRF और NDRF की टीमों ने भी रेस्क्यू में मोर्चा संभाला। बोरवेल के आसपास तीन JCB मशीनों की मदद से खुदाई की गई। बच्चे तक लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई गई और उसे पानी भी उपलब्ध कराया गया। रेस्क्यू टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। रात करीब 11 बजे मिली खुशखबरी करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 11 बजे रेस्क्यू टीम ने भानु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही बच्चा बाहर आया, मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। एएसपी प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि बच्चा सुरक्षित है और बाहर निकलने के बाद बातचीत भी कर रहा था। एहतियात के तौर पर उसे अस्पताल ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। नौगांवा के सचिन चौधरी की तकनीकी मदद बनी अहम कड़ी रेस्क्यू ऑपरेशन में नौगांवा निवासी सचिन चौधरी की तकनीकी मदद को भी अहम माना जा रहा है। NDRF से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ बताए जा रहे सचिन को सोशल मीडिया के जरिए घटना की जानकारी मिली। वह उस समय छुट्टी पर नौगांवा आए हुए थे। जानकारी मिलते ही सचिन रात करीब 9:30 बजे नौगांवा से बुटोली के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने रेस्क्यू टीम के साथ तकनीकी स्तर पर सहयोग किया और बच्चे को बाहर निकालने की प्रक्रिया में जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई। उनके मुताबिक मौके पर पहुंचने के करीब 10 मिनट के भीतर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने ली राहत की सांस भानु के सुरक्षित बाहर आते ही कई घंटों से तनाव में खड़े ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों की तत्परता और प्रयासों की सराहना की गई। रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया。 बुटोली की यह घटना खेतों में लंबे समय से बंद पड़े खुले और असुरक्षित बोरवेलों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। समय पर सूचना, प्रशासन की तत्परता, रेस्क्यू टीम की मेहनत और तकनीकी सहयोग के चलते एक मासूम की जान बच सकी। करीब पांच घंटे की बेचैनी के बाद आखिरकार बुटोली में जिंदगी की जीत हुई और 9 वर्षीय भानु सकुशल अपने परिवार के पास लौट आया。
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प्रतापगढ़ के कुलथाना में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ, कलश यात्रा के साथ भक्ति का माहौल

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के संतों की तपोभूमि ग्राम कुलथाना में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत चेतनेश्वर महादेव कुटिया परिसर से निकली भव्य कलश एवं पोथी यात्रा के साथ हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। कलश यात्रा के बाद कथा स्थल श्री चारभुजानाथ मंदिर परिसर स्थित कुमावत धर्मशाला में विधि-विधान के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा वाचक पंडित निरंजन शर्मा गादोला वाले श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। आयोजन श्री गणेश उत्सव मित्र मंडल एवं कुलथाना के समस्त ग्रामीणों के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कथा का आयोजन 31 अगस्त से 6 सितंबर तक होगा। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संगीतमय कथा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं सहित श्रीमद् भागवत के विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक प्रसंगों का वाचन किया जाएगा। आयोजन के अंतिम दिन 6 सितंबर को कथा का विराम एवं पूर्णाहुति होगी। इसके बाद शाम 4 बजे से महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
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प्रतापगढ़ में 995 ग्राम अवैध गांजा जब्त, आरोपी गिरफ्तार; ट्रिनेत्र ऑपरेशन की बड़ी सफलता

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 995 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया है। पुलिस ने गांजा परिवहन के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बिना नंबर की मोटरसाइकillus भी जब्त की है। कार्रवाई 30 अगस्त को प्रतापगढ़ थाना पुलिस की टीम ने बांसवाड़ा रोड की तरफ जाने वाले बाईपास पर गश्त के दौरान की। जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जॉगिड़के निर्देशन में थानाधिकारी शंभुसिंह की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को लक्ष्मणलाल उप निरीक्षक पुलिस जाप्ते के साथ बांसवाड़ा रोड की तरफ जाने वाले बाईपास पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सामने कच्चे रास्ते से एक व्यक्ति बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। बाइक की टंकी पर एक पोटलीनुमा थैली रखी हुई थी। पुलिस टीम को देखकर बाइक चालक ने मोटरसाइकिल वापस घुमाने का प्रयास किया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। युवक ने अपना नाम फिरोज शेख पिता अब्दुल हम्मीद शेख, उम्र 24 वर्ष, निवासी बसाड़, थाना प्रतापगढ़ बताया। मोटरसाइकिल वापस घुमाने का कारण पूछने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस टीम ने थैली की तलाशी ली तो उसमें गांजे की कुटी हुई हरे रंग की सूखी पत्तियाँ, बीज और डंठल मिले। वजन करने पर गांजा कुल 995 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर गांजा परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। पुलिस ने आरोपी फिरोज शेख को गिरफ्तार कर थाना प्रतापगढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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जुलूस के बहाने भड़काऊ भाषण: मुफ्ती मुजीब अजहर के मदरसे सीज, दो मदरसों पर ताला

Bahara Boj, Uttarakhand:स्लग-प्रशासन की सख्ती एक और मदरसे पर भी नोटिस चस्पा करके ताला लगा दिया है। चर्चा है कि प्रशासन जल्द ही दोनों मदरसों के खिलाफ सीज की कार्रवाई कर सकता हैं। दरअसल 25 अगस्त को जुलूस ए मोहम्मद कार्यक्रम के दौरान मुफ्ती मुजीब ने धामी सरकार द्वारा मदरसों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही पर सवाल उठाया और विवादित टिप्पणी की थी। यह वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त रुख अपनाया था। पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर मुफ्ती मुजीब अजहर को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था लेकिन उसके बाद भी मुफ्ती की मुश्किले आसान होती दिखाई नहीं दे रही है जहां पुलिस उत्तर प्रदेश में मुजीब के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने आराोरी मदरसा फैजुल मुस्तफा के मुख्य द्वार पर भी ताला जड़ दिया। प्रशासनिक टीम ने वहाँ मौजूद एक कर्मी को नोटिस भी थमाया। चर्चा यह भी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस मदरसे को जल्द सीज करने की कार्रवाई भी कर सकता है। इसके साथ ही प्रशासन ने सीर गोटिया स्थित एक मदरसे पर भी ताला लगाने के साथ नोटिस देने की कार्रवाई की है।
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गोवा आधारित AI से राजस्थान साइबर क्राइम पर नियंत्रण तेज, टेक्नोलॉजी से बढ़ी मदद

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान पुलिस स्मार्ट बन रही है, साइबर क्राइम से निपटने के लिए गोवा की तर्ज पर AI तकनीक का सहारा ले रही है ... जांच से लेकर अपराधियों को पकड़ने तथा डेटा विश्लेषण में हाईटेक तरीके से काम कर रही है. गोवा पुलिस की AI-आधारित 1930 साइबर हेल्पलाइन और Smart Force Project अब राजस्थान पुलिस के लिए भी मॉडल बन सकता है...गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पिछले दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर अपनी इन तकनीकी पहलों की जानकारी साझा की है...इसके बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने भी संबंधित अधिकारियों को गोवा की इन पहलों का अध्ययन कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं..राजस्थान की साइबर पुलिस के लिए यह तरीका कारगर साबित हो रहा है. साइबर ठगी के दौर में पुलिसिंग का तरीका भी अब हाईटेक हो रहा है.. इसी दिशा में गोवा पुलिस ने AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी को पुलिसिंग से जोड़कर नई पहल शुरू की है...गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 22 जुलाई 2026 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर इन तकनीकी प्रयोगों की सफलता की जानकारी दी...पत्र में खास तौर पर क्लाउड बेस्ड 1930 साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन और स्मार्ट फोर्स प्रोजेक्ट का जिक्र किया है... सबसे खास प्रयोग है AI- बेस्ड कॉल एजेंट .... गोवा पुलिस ने इसका सफल परीक्षण किया है...ये AI एजेंट साइबर फ्रॉड के पीड़ित से शुरुआती बातचीत कर सकता है...शिकायत से जुड़ी शुरुआती जानकारी दर्ज कर सकता है और कॉल टेकर की मदद कर सकता है...हालांकि अंतिम नियंत्रण पुलिसकर्मी के पास ही रहता है...कॉल टेकर किसी भी वक्त बातचीत को मॉनिटर कर सकता है... जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर सकता है और पूरी बातचीत खुद संभाल सकता है... इधर राजस्थान की साइबर क्राइम पुलिस ने भी आर्टिफ़िशल इंटेलीजेंस तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। साइबर क्राइम डीआईजी शांतनु कुमार सिंह का कहना है कि राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने भी एआई का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। फिलहाल फर्जी इनवेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करने वालों की पहचान हो पा रही है। एआई की मदद से फेक इन्वेस्टमेंट वेबसाइट की पहचान करते हैं। जब पता चल जाता है कि यह फर्जी है तो पुलिस टेक डाउन की करने की कार्रवाई करती है। बाइट - शांतनु कुमार सिंह, डीआईजी साइबर इधर गोवा की दूसरी बड़ी पहल है स्मार्ट फोर्स प्रोजेक्ट का मकसद पुलिस के फील्ड वर्क और वेरिफिकेशन सिस्टम को डिजिटल बनाना है... इस प्राेजेक्ट की खासियत ये है कि एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नागरिकों से जुड़ी 30 से ज्यादा पुलिसिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है... इस से पुलिस सेवाओं की डिलीवरी तेज होती है...डेटा बेहतर तरीके से उपलब्ध हो रहा है... प्रोसेसिंग टाइम कम हो रहा है। सबसे अहम... पुलिस को इंटेलीजेंस बेस्ड पुलिसिंग में मदद मिल रही है... राजस्थान में इसका काम प्राथमिक रूप से शुरू हो चुका है। डीआईजी शांतनु कुमार सिंह कहते हैं कि राजस्थान साइबर क्राइम में भी एआई का इन्वेस्टिगेशन में उपयोग शुरू हो चुका है। इसकी मदद से म्यूूल हंटर अकाउंट का पता लगा रहे हैं। वहीं जिन अकाउंट में पैसा लेयर टू लेयर गया है, उनका पता लगा रहा है। इसके साथ ही कोर्ट में चालान पेश करने से पहले यह भी देखा जा रहा है कि इसमें क्या क्या जोड़ा जा सकता है ताकि केस मजबूत बन सके। साइबर क्राइम में हर दिन कुछ न कुछ बदलता रहता है जिससे एआई टेक्नोलॉजी से बहुत मदद मिल रही है। राज्य की साइबर क्राइम पुलिस ने हाल ही में बड़ी बड़ी कार्रवईयां की है, जिनमें न केवल आरोपियों को पकड़ा है बल्कि उनका पैसा भी होल्ड करवाया है। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ मजबूत केस भी बनाए जा रहे हैं。
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