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Anjuman TiwariAnjuman TiwariFollow16 Jan 2025, 05:38 pm

औरैयाः नेशनल हाईवे पर लोगों को यातायात नियमों से कराया गया जागरूक

Auraiya, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तहत एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा फरुखाबाद से महेवा तक 400 केवीए ट्रांस मिशन विद्युत लाइन का कार्य कराया जा रहा है। 11 से 17 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है जिसको लेकर आज एसोसिएटेड पावर स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा औरैया-कानपुर नेशनल हाईवे के भगौतीपुर गांव के पास रैली निकालकर लोगों को यातायात नियमों की प्रति जागरूक और जानकारी दी गई। दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य लगाए, जीवन आपका अनमोल है। इस मौके पर विपिन कुमार जायसवाल सेक्शन इंचार्ज, निखिल कुमार सेफ्टी ऑफिसर, अटल प्रकाश गिरी, राकेश सिंह ,जीशन खान,श्लोक तिवारी शुभम सिंह, मुन्ना खां आदि लोग मौजूद रहे।

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GMCH Hospital: Reality check reveals shortages of medicines, doctors and nurses

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां जी मीडिया के रियलिटी चेक में जीएमसीएच अस्पताल में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है पश्चिम चंपारण का जीएमसीएच अस्पताल नोडल अस्पताल है इस जीएमसीएच मेडिकल कालेज अस्पताल पर तीन जिला की बड़ी आबादी के साथ नेपाल के भी मरीज निर्भर है लाखों की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है लेकिन जीएमसीएच के रियलिटी चेक में यह अस्पताल ही बीमार निकला है। जीएमसीएच अस्पताल में ओपीडी में 316 तरह की दवा होनी चाहिए लेकिन ओपीडी में मात्र 88 प्रकार की दवा उपलब्ध है। जीएमसीएच के आईपीडी में 187 प्रकार की दवा होनी चाहिए लेकिन मात्र 104 प्रकार का दवा उपलब्ध है। जीएमसीएच में 162 डॉक्टरों की जरूरत है लेकिन अस्पताल में मात्र 109 डॉक्टर ही कार्यरत है। जीएमसीएच में नर्स की संख्या 371 होनी चाहिए लेकिन इस अस्पताल में मात्र 139 नर्स है। पारा मेडिकल पद शून्य है जबकि 125 पद स्वीकृत है। जी मीडिया के रियलिटी चेक में जीएमसीएच अस्पताल बीमार पाया गया है जानकर हैरानी होगी अस्पताल में आपरेशन थियेटर में कोई टेक्नीशियन नहीं है अस्पताल में ईसीजी खराब है उसका टेक्नीशियन नहीं है लैब में टेक्नीशियन नहीं है XRAY का भी टेक्नीशियन नहीं है डेंटल का टेक्नीशियन नहीं है कान का भी टेक्नीशियन नहीं है सीनियर फार्मासिस्ट भी नहीं है अस्पताल के ओटी में 24 असिटेंट की जरूरत है वह भी नहीं है अब सवाल उठता है जब अस्पताल में कुछ है ही नहीं तो ये कैसा अस्पताल है। अस्पताल में आए मरीजों का कहना है कि उनको देखने वाला कोई नहीं है दवा जो लिखी जाती है वो बाहर से खरीदना पड़ता है ईसीजी का टेक्नीशियन नहीं है बाहर पैसा देकर कराना पड़ता है मरीज बदहाल अस्पताल की कहानी बताते नहीं थक रहे है अस्पताल में मरीजों का इलाज राम भरोसे है तो अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा है। अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि अस्पताल पर तीन जिला के बड़ी आबादी सहित नेपाल के मरीज भी निर्भर है प्रतिदिन ओपीडी में 1500 मरीजों का इलाज किया जाता है लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है दवा की कमी है नर्स की कमी है ईसीजी काम नहीं कर रहा है मरीज परेशान है बाहर से दवा लाते है इन सबके बावजूद अस्पताल प्रशासन बेहतर इलाज कर रहा है दवा की किल्लत को लेकर BMSICL को जानकारी दे दी गई है बहुत जल्द दवा की किल्लत खत्म हो जाएगी। जी मीडिया के रियलिटी चेक में जो खुलासा हुआ है वह हैरान कर देने वाली है अस्पताल की ऊंची ऊंची बिल्डिंग अंदर से खोखला है अस्पताल में न दवा है ना डॉक्टर है ना नर्स है ना टेक्नीशियन है यह अस्पताल बीमार है इसे इलाज की जरूरत है।
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सीतापुर में सरायन नदी के जलस्तर के बढ़ने से बाढ़ का खतरा, मकान डूबे

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरु और एडीएम आयुष चौधरी ने शहर में स्थित सरायन नदी का निरीक्षण किया। पिछले दो दिनों से लगातार सरायन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी के किनारे बने मकानों में पानी भर गया है जिसकी वजह से लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बढ़ते जलस्तर की वजह से बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। नदी के तेज बहाव की वजह से कैंची पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और पुल में दरारे भी आ गई है। नगर विकास राज्यमंत्री ने बाढ़ के पानी में डूबे मकानों के लोगों से उनका हाल चाल जाना। मंत्री ने जिला प्रशासन को पीड़ितों को राहत सामग्री और बचाव के निर्देश दिए है। बताते चले कि सरायन नदी के बढ़ते जलस्तर से शहर के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है。
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गंगा के उफान ने दियारा बाढ़ में मची तबाही, पलायन जारी

Barh, Bihar:गंगा में उफान ने बाढ़ अनुमंडल के दियारा और टाल क्षेत्रों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। लोग अपना घर बार छोड़कर अपने मवेशियों के साथ किसी ऊँचे स्थान की तलाश में निकल गए हैं। बाढ़ में मलाही दियारा से लोग सैकड़ों मवेशियों को जहाज में लादकर शहर पहुंच गए हैं। दियारा में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ से जूझ रहे बख्तियारपुर दियारा क्षेत्र के चार पंचायत चिरैया, रूपस महाजी, काला दियारा और हरदासपुर में भी स्थिति भयावह है। लोग अपना जरूरी सामान लेकर घर छोड़ने को मजबूर हैं। अथमलगोला अंचल के राम नगर दियारा में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। ग्रामीण रामनगर दियारा पुल पर शरण लिए हुए हैं। इसी प्रकार बाढ़ अंचल में बंडा दियारा के लोगों को नाव से रेस्क्यू कर गंगा के इस पार लाया गया है। दियारा में कई लोगों के घरों में राशन नहीं होने पर वे सूखा भोजन करने के लिए मजबूर हैं। जलावन की व्यवस्था नहीं होने से लोगों के घरों में चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है। चारा की व्यवस्था नहीं होने पर लोग सैकड़ों मवेशियों को जहाज पर लेकर शहर पहुंच रहे हैं। वहीं मोकामा में जंजीरा दियारा के बाढ़ पीड़ितों ने मोकामा प्रखंड कार्यालय परिसर में शरण लिया हुआ है। अधिकारियों ने बांस के सहारे छावनी बनाकर रहने के लिए प्लास्टिक की सीट दे दी है। दियारा के लोगों का कहना है कि अभी तक स्थानीय प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। अभी तक बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविर की व्यवस्था भी नहीं की गई है। शहर में भी लोगों को सड़क किनारे मवेशियों को बांधकर रखना पड़ रहा है। मवेशियों के लिए भूसा और हरा चारा भी नहीं मिल रहा है। दियारा से ग्रामीणों का लगातार शहर की तरफ पलायन हो रहा है। लोग नाव पर अपना जरूरी सामान लादकर किसी तरह अपने और अपने मवेशियों को जिंदा रखने के उपाय में जुटे हैं। दियारा क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका का आकलन करने के लिए सरकारी अधिकारी भी वहां जाकर केवल मदद का भरोसा दे रहे हैं। एसडीओ कृष्णा जोशी ने बताया कि विस्थापित लोगों के लिए सरकारी नाव की सुविधा शुरू की गई है। उनके लिए सामुदायिक रसोई केंद्र और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की जाएगी। मवेशियों के लिए भी पशु चारा की व्यवस्था कराई गई है。
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दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश, मौसम खुशनुमा हो गया

New Delhi, Delhi:तेज हवाओं के साथ बदला दिल्ली का मौसम, बारिश से मौसम हुआ सुहाना उत्तर दिल्ली के तिमारपुर, वजीराबाद, संगम विहार और बुराड़ी इलाके में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं मौसम खुशनुमा हो गया। आसमान में बादल छाने के बाद कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिली। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट महसूस की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की थी। IMD के मुताबिक दिल्ली में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश और अगले दो दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तिमारपुर, वजीराबाद, संगम विहार और बुराड़ी में बारिश के बाद सड़क किनारे और निचले इलाकों में पानी जमा होने की भी आशंका बनी हुई है। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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Sagawada municipality elections: BJP rebels and BEP intensify contest, 12 wards see direct clash

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर हेडलाइन- सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव 2026, 12 वार्डों में भाजपा के बागियों ने बिगाड़ा चुनावी गणित एंकर इन्फोरोडक्शन - डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। नगरपालिका के 35 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, बीएपी और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 99 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें 12 वार्ड ऐसे हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि 18 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस और बीएपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। वहीं कुछ वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के सामने अपने ही बागियों की है। टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने 12 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोक दी है। ऐसे में इन वार्डों में भाजपा के वोटों के बंटवारे का असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। बॉडी— डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगरपालिका के 35 वार्डों में चुनाव लड़ रहे 99 उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों में प्रचार अभियान में जुट गए हैं। प्रत्याशी मतदाताओं को साधने के लिए घर-घर संपर्क कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक दल भी अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में मुकाबला वार्ड दर वार्ड अलग तस्वीर पेश कर रहा है। कहीं भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं, तो कहीं बीएपी की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी कई वार्डों में प्रमुख राजनीतिक दलों के समीकरण प्रभावित कर सकते हैं। 12 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने सागवाड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों में से वार्ड संख्या 5, 10, 14, 15, 21, 22, 23, 24, 26, 27, 28 और 32 में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। इन वार्डों में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। ऐसे में यहां प्रत्याशी के व्यक्तिगत प्रभाव, स्थानीय मुद्दे और पार्टी के परंपरागत वोट चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 18 वार्डों में बीएपी ने बनाया मुकाबला त्रिकोणीय वहीं सागवाड़ा नगरपालिका के कई वार्डों में भारत आदिवासी पार्टी यानी बीएपी की मौजूदगी ने भाजपा और कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। वार्ड संख्या 2, 3, 8, 11, 12, 16, 29, 30, 31, 34 और 35 में भाजपा, कांग्रेस और बीएपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। इन वार्डों में बीएपी की मौजूदगी खास तौर पर भाजपा और कांग्रेस के लिए चुनौती मानी जा रही है। तीन प्रमुख प्रत्याशियों के बीच वोटों के बंटवारे से बेहद करीबी मुकाबले की स्थिति बन सकती है और कम अंतर से जीत-हार का फैसला होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निर्दलीयों ने भी बढ़ाई राजनीतिक दलों की चिंता नगरपालिका चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी भी कई वार्डों में मुकाबले को दिलचस्प बना रही है। चार वार्डों में चार-चार उम्मीदवार, जबकि एक वार्ड में पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में इन वार्डों में किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में वोटों का ध्रुवीकरण नहीं होने पर परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं। 12 वार्डों में भाजपा के सामने अपने ही बागियों की चुनौती सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर से सामने आई है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। वार्ड संख्या 1, 6, 7, 9, 13, 17, 18, 19, 20, 25 और 33 में भाजपा के बागी प्रत्याशी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने चुनाव लड़ रहे हैं। इन बागियों के मैदान में होने से भाजपा के सामने सबसे बड़ा सवाल अपने परंपरागत वोट बैंक को एकजुट रखने का है। हालांकि भाजपा नेता बागियों के चुनाव मैदान में उतरने से पार्टी को किसी बड़े नुकसान से इनकार कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह संगठन के साथ हैं और चुनाव के बाद नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनेगा। दूसरी ओर कांग्रेस इन बागियों की मौजूदगी को अपने लिए सियासी फायदे के तौर पर देख रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के बागी प्रत्याशी की वजह से भाजपा के वोटों का विभाजन होगा, जिसका सीधा लाभ कांग्रेस प्रत्याशियों को मिल सकता है। बाईट-1 योगेश पंड्या बागी प्रत्याशी भाजपा (दाढ़ी वाला) बाईट-2 राजेश पाटीदार जिला प्रवक्ता भाजपा (सफेद कुर्ता) बाइट -3 ललित पंचाल नगर अध्यक्ष कांग्रेस सागवाड़ा (ब्लू शर्ट) सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में इस बार मुकाबला सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं है। कई वार्डों में बीएपी की मजबूत चुनौती और 11 वार्डों में भाजपा के बागी प्रत्याशियों की मौजूदगी ने चुनावी समीकरणों को काफी हद तक उलझा दिया है। भाजपा के लिए जहां अपने बागियों को रोकना और पार्टी के वोट बैंक को बिखरने से बचाना बड़ी चुनौती है, वहीं कांग्रेस भाजपा के भीतर पैदा हुई नाराजगी को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश करेगी। दूसरी तरफ बीएपी की मौजूदगी वाले वार्डों में तीन तरफा मुकाबला किसके पक्ष में जाता है, यह भी चुनाव का अहम पहलू रहेगा। अब देखना होगा कि चुनाव प्रचार के दौरान कौन सा दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल होता है और किन वार्डों में बागी और बीएपी के प्रत्याशी जीत-हार का अंतर तय करते हैं। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
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