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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow22 Jan 2025, 12:52 pm

अमरोहा में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत वाहन चालकों को प्रशिक्षण

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी 2025 के तहत परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी के आदेशानुसार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन/सड़क सुरक्षा श्री महेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में सेफ ड्राइव रोड सेफ्टी फाउंडेशन द्वारा मण्डी धनौरा के ब्लूबर्ड्स इंटरनेशनल स्कूल में विभिन्न विद्यालयों के वाहन चालकों को चालन विनियमन 2017 के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में उप संभागीय परिवहन अधिकारी श्री महेश कुमार शर्मा और सेफ ड्राइव रोड सेफ्टी फाउंडेशन के संस्थापक तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य श्री अनिल कुमार जग्गा भी उपस्थित रहे।

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ब्रेक फेल से घाटी में पलटा ट्रक; चालक-हेल्पर मलबे से सुरक्षित बचाए गए

Panna, Madhya Pradesh:पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के कटबरियन घाटी में ब्रेक फेल होने से लोहे की भारी जालियों से लदा अनियंत्रित कंटेनर नीचे गिरा और ट्रक पलट गया. दुर्घटना में चालाक अंकित यादव (30) और हेल्पर राहुल यादव (25) सैकड़ों किलो वजनी मलबे के नीचे दब गए. ओवरलोड कंटेनर कानपुर की ओर जा रहा था. कटबरियन मोड़ पर ब्रेक फेल होने से वाहन बेकाबू होकर पलट गया. जोरदार धमाके की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे. 30 मिनट के रेस्क्यू के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. घायल अस्पताल में भर्ती हैं; उनका इलाज जारी है. तहकीकात शुरू हो गई है。
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शहर के सार्वजनिक शौचालय ताले से बंद, नागरिकों को हो रही परेशानी

Kondagaon, Chhattisgarh:नगर पालिका ने शहर में आम लोगों की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सुलभ शौचालय तो बनवा दिए, लेकिन ये शौचालय आए दिन बंद रहते हैं। कहीं ताले लटके हैं तो कहीं सफाई और रखरखाव की स्थिति भी सवाल खड़े कर रही है। हैरानी की बात यह है कि इन्हीं शौचालयों के बाहर बोर्ड लगा है —“सावधान! आपको बाहर हल्का होना पड़ेगा भारी, ₹500 तक लगेगा जुर्माना।” अब सवाल है कि जब शौचालयों पर ही ताले जड़े रहेंगे, तो आखिर आम लोग जाएं तो आएं कहां? शहर के कोर्ट परिसर, बस स्टैंड, नाका सहित भीड़भाड़ वाले कई इलाकों में आम लोगों की सुविधा के लिए सार्वजनिक सुलभ शौचालय बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य था कि राहगीरों और शहर आने वाले लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय की सुविधा मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है। कई जगहों पर सुलभ शौचालयों के दरवाजों पर ताले लटके नजर आते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूर-दराज से आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका की ओर से शौचालयों के बाहर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिसमें खुले में शौच करने पर ₹500 तक जुर्माना लगाने की बात लिखी गई है। लेकिन सवाल सीधा है—जब सार्वजनिक शौचालय ही बंद रहेंगे, तो लोग खुले में जाने से कैसे बचेंगे?  वॉकथ्रू:   बताया जा रहा है कि इन सार्वजनिक शौचालयों के संचालन और रखरखाव का जिम्मा संबंधित ठेकेदारों को दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ठेकेदारों की जिम्मेदारी क्या है? शौचालयों पर ताले क्यों लगे हैं और अगर ये नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? “शहर में सार्वजनिक सुविधा के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इन शौचालयों का मकसद लोगों को सुविधा देना है, लेकिन अगर सुविधा के दरवाजे पर ही ताला लगा हो, तो फिर सवाल उठना लाजिमी है। नगर पालिका अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कह रही है। देखना होगा कि यह कार्रवाई सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहती है या बंद पड़े सुलभ शौचालयों के ताले भी खुलेते हैं।” फिलहाल नगर पालिका के अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई की बात कही है। अब देखना होगा कि संबंधित ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और शहरवासियों को सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सुविधा कब मिलती है। बाइट -मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोंडागांव
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स Sing... su? (Note: This line intentionally not included; please use the following correct headline.)

Singrauli, Madhya Pradesh:एंकर...सिंगरौली में यूरिया के लिए भटक रहे किसान को खाद नहीं मिली सीएम हेल्पलाइन की तो सहकारिता विभाग के अधिकारी ने ही धमकी दे दी। आरोप है कि समिति प्रबंधक सिगरौली विधायक के खास हैं इसलिए शिकायत मत करो नही तुम खुद परेशान हो जाओगे जिले में खाद की किल्लत के बीच भ्रष्टाचार और धमकी का मामला सामने आया है। चितरवई खुर्द, अमिलवान निवासी किसान अरुण कुमार पांडेय का आरोप है कि सखौहा समिति से उन्हें यूरिया खाद नहीं दी जा रही है समिति समय पर खुलती भी नहीं है किसान ने परेशान होकर समिति प्रबंधक राधेश्याम शाह के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई शिकायत के बाद सहकारिता विभाग में पदस्थ अधिकारी रामसखा शर्मा ने पीड़ित किसान के मोबाइल पर फोन किया किसान अरुण पांडेय के मुताबिक अधिकारी ने फोन पर कहा कि "समिति प्रबंधक सिंगरौली विधायक के खास आदमी हैं सीएम हेल्पलाइन मत करो प्रबंधक को परेशान मत करो, नहीं तो खुद परेशान हो जाओगे किसान ने इस धमकी के बाद आज कलेक्टर की जनसुनवाई में लिखित शिकायत की है। वहीं सहकारिता विभाग अधिकारी पीके मिश्रा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी जांच में सत्यता पाई गई तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों का कहना है कि खाद के लिए लाइन लगानी पड़ रही है ऊपर से शिकायत करने पर धमकी मिल रही है अब देखना होगा कि प्रशासन किसान की शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और दोषी अधिकारियों पर गाज गिरती है या नहीं। बाइट-1- अरुण पांडेय पीडित किसान {सफेद शर्ट } बाइट-2- पीके मिश्रा सहकारिता विभाग अधिकारी सिगरौली {सर पर टोपी पहने हुए}
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बेगू में सर्पदंश से महिला की मौत, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के बेगू क्षेत्र से सर्पदंश से महिला की मौत का मामला सामने आया है। पारसोली थाना क्षेत्र के मनकेसर गांव निवासी 50 वर्षीय रूकमा पत्नी छितर रैगर सोमवार को कृषि कार्य कर रही थी, इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला अचेत हो गई, जिसके बाद परिजन उसे बेगू उप जिला स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहाँ उपचार के बाद परिजन महिला को वापस घर ले गए। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पारसोली थाने से एएसआई रामदयाल और कांस्टेबल रघुवीर अस्पताल पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
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साबला में तेज बारिश से स्टेट हाईवे जलभराव, एंबुलेंस-स्कूल बसों को परेशानी

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के साबला में झमाझम बारिश के चलते बांसवाड़ा - उदयपुर मुख्य स्टेट हाईवे पर भारी जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क पर पानी भरने से हाईवे जाम के हालात बन गए है, जिससे वाहन चालकों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा किल्लत स्कूल की गाड़ियों और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को उठानी पड़ी। डूंगरपुर जिले में कल से रुक रुक कर बारिश का दौर बना हुआ है। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो रही है। इधर साबला व आसपुर क्षेत्र के झमाझम बारिश होने से जर्रा जर्रा तरबतर हो गया है । लेकिन बारिश के चलते जल भराव जैसी स्थिति भी सामने आ रही है। तेज बारिश के बाद साबला में बांसवाड़ा - उदयपुर मुख्य स्टेट हाईवे पर भारी जलभराव हो गया। कार व बसे आधी आधी डूब गई। खाली हाईवे पर पानी भर जाने से आपतकालीन वाहनों और स्कूली बसों को मजबूरी में साबला गांव के अंदरूनी व पुराने रास्तों से गुजारना पड़ा। हालांकि, गांव के ये आंतरिक संपर्क मार्ग पहले से ही जर्जर और खस्ताहाल हैं। गड्ढों और बदहाल रास्तों के बीच से वाहनों को निकालने में ड्राइवरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और हादसों का खतरा बना रहा。
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सरदारशहर में बस-हाथ ठेला विवाद नौ दिन से गतिरोध, एडवोकेट राजपुरोहित अस्पताल में भर्ती

Churu, Rajasthan:सरदारशहर में बस ऑपरेटर–हाथ ठेला विवाद के नौवें दिन भी गतिरोध, एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार सरदारशहर कच्चा बस स्टैंड को लेकर निजी बस ऑपरेटर यूनियन और हाथ ठेला संचालकों के बीच चल रहा विवाद बुधवार को आंदोलन के नौवें दिन भी जारी है। लंबे समय से जारी इस टकराव के कारण शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और अब यह आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। आमरण अनशन पर बैठे लोगों की बिगड़ती सेहत ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है。 विकास मंच के बैनर तले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित की तबीयत मंगलवार को अनशन के दौरान बिगड़ने पर उन्हें राजकीय उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में वे अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी तबीयत में सुधार बताया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार लगातार जारी है और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उनके समर्थक भी अस्पताल पहुंचकर लगातार स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं。 दूसरी ओर, निजी बस ऑपरेटर यूनियन के पांच सदस्य पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। बस ऑपरेटरों का कहना है कि कच्चा बस स्टैंड को हाथ ठेला संचालकों के लिए खाली करवाने का वे लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बस स्टैंड पर ठेले लगने से यात्रियों, बस संचालकों और यातायात व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, इसलिए वे अपनी मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं。 वहीं हाथ ठेला संचालकों का कहना है कि यह उनके रोजगार और आजीविका का सवाल है। उनका आरोप है कि उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मांग को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना और आमरण अनशन लगातार जारी है。 नौ दिनों से जारी इस आंदोलन के दौरान कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इससे दोनों पक्षों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है。 आंदोलन का असर अब शहर की परिवहन व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। निजी बसों के संचालन पर असर पड़ने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कच्चा बस स्टैंड क्षेत्र में विवाद के कारण स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भी चिंता बनी हुई है। पिछले दिनों बस ऑपरेटरों ने पांच किलोमीटर लंबा मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था, जबकि हाथ ठेला संचालकों ने धरना और आमरण अनशन को और तेज करने का ऐलान किया था। दोनो पक्ष लगातार समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं और आंदोलन को व्यापक रूप देने की रणनीति बना रहे हैं। शहर के सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोग भी इस विवाद के समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। फिलहाल एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित के स्वास्थ्य में सुधार की खबर से उनके समर्थकों को कुछ राहत मिली है, लेकिन आंदोलन अभी भी जारी है और पूरे मामले पर शहर की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। बाइट- एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित
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दिल्ली देहात के किसानों ने CM से मुलाकात में 25 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

Delhi, Delhi:दिल्ली देहात के किसानों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर भूमि अधिग्रहण और सर्कल रेट का मुद्दा उठाया। किसानों ने 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। वहीं, MPD-2041 को जल्द मंजूरी मिलने के संकेत मिलने का दावा किया है। मांगें पूरी नहीं होने पर किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. 9 अगस्त की महापंचायत के बाद दिल्ली देहात विकास मंच और किसान संघर्ष सर्कल रेट कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भूमि अधिग्रहण, सर्कल रेट और मास्टर प्लान 2041 से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सम्मानजनक मुआवजा तय होने तक भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई रोकी जाए। साथ ही अधिग्रहित जमीन के लिए 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग रखी। बैठक में MPD-2041 और लैंड पूलिंग पॉलिसी पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि मास्टर प्लान को जल्द मंजूरी मिलने के सकारात्मक संकेत मिले हैं। किसानों के मुताबिक इन नीतियों से दिल्ली देहात में सुनियोजित विकास और रोजगार के नए अवसर बढ़ सकते हैं. किसानों ने कहा कि पिछले करीब 18 वर्षों से दिल्ली में सर्कल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनका दावा है कि मास्टर प्लान और GDA पॉलिसी लागू होने से गांवों का विकास और ग्रीन कवर बढ़ेगा। साथ ही UER-1 और UER-2 जैसी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण भी आसान होगा। मुख्यमंत्री ने किसानों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए भूमि अधिग्रहण से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों के साथ दोबारा विस्तृत प्रेजेंटेशन देने को कहा है। अब किसानों को सरकार के अगले कदम का इंतजार है. वहीं किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि सर्कल रेट, मुआवजे और मास्टर प्लान के मुद्दे जल्द हल नहीं हुए तो दिल्ली देहात में आंदोलन तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से MPD-2041 जल्द अप्रूव होने के संकेत मिले है। किसानों ने मांगा ₹25 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा व सर्कल रेट और भूमि अधिग्रहण का मुद्दा उठाया जिस पर अब किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगने लगी है.
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पोखर में नहाने के दौरान युवती की मौत, परिजनों में कोहराम मच गया

Bihar:पोखर में नहाने के दौरान डूबने से एक युवती की मौत, परिजनों में मचा कोहराम. मरौना प्रखंड क्षेत्र के बेलही वार्ड 05 में पोखर में नहाने के दौरान डूबने से एक युवती की मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है. मृतका की पहचान स्थानीय निवासी जाकिर हुसैन की 21 वर्षीय पुत्री फातमा खातून के रूप में हुई है. बताया गया कि फातमा खातून अपने घर के समीप बने पोखर में नहाने गई थी. इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूब गई, घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और पोखर में खोजबीन शुरू कर दी. काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों की मदद से युवती के शव को पोखर से बाहर निकाला गया. घटना की सूचना मिलते ही नदी थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है.
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पूर्णिया में तिरंगा यात्रा से स्वतंत्रता दिवस की धूम, हर घर तिरंगा अभियान का आह्वान

Purnia, Bihar:आजादी के 80 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में जश्न का माहौल है । इसी कड़ी में पूर्णिया में आज भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई । यह यात्रा पूर्णिया के जिला स्कूल मैदान से शहीद स्मारक टाउन हॉल तक पहुंची । जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूल के छात्र-छात्रा, एनसीसी,जीविका दीदी और आम नागरिक शामिल हुए । यात्रा का समापन टाउन हॉल स्थित शाहिद स्मारक पर पुष्पांजलि के साथ हुआ । मौके पर पूर्णिया के जिला अधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि देश 80 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है वही 150 वर्ष वंदेमातरم के पूरे हुए है । इस मौके पर तिरंगा यात्रा, हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है । उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि देश सबसे ऊपर है और देश के लिए हर व्यक्ति को आगे बढ़कर आना चाहिए । वहीं पूर्णिया के मेयर विभा कुमारी ने अपने पूर्वजों के बलिदानी को याद किया और आज की पीढ़ी को उन शहीदों के कुर्बानी को याद करने की बात कही ,तिरंगा यात्रा अभियान में आम नागरिक छात्र-छात्र और जन प्रतिनिधियों के आने के लिए उन्हें बधाई दी । साथ ही हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील भी की ।
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देवरी में निजी मकान से 100 डीएपी और 12 यूरिया जब्त, अवैध भंडारण उजागर

Sagar, Madhya Pradesh:कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, सागर जिले की देवरी में अरिहंत फर्टिलाइजर्स की निजी मकान में बनी गोदाम से 100 बोरी डीएपी और 12 बोरी यूरिया खाद जब्त। सोशल मीडिया पर खाद के संबंध में वायरल वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान जवाहर वार्ड स्थित निजी मकान में बनाए गए गोदाम से खाद का भंडारण पाया गया, जिसके बाद विभागीय टीम ने 100 बोरी डीएपी एवं 12 बोरी यूरिया को जब्त कर लिया। विभागीय टीम ने पंचनामा कार्रवाई के बाद गोदाम को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद खाद के भंडारण और संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद खाद के अवैध भंडारण और वितरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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ताहरपुर में जर्जर मकान की छत गिरने से महिला की मौत, तीन बच्चे घायल

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव ताहरपुर में जर्जर मकान की छत बनी काल, महिला की मौत; तीन मासूम बच्चे मलबे में दबकर हुए घायल अमरोहा जनपद के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव ताहरपुर में बुधवार सुबह बारिश से एक जर्जर मकान का बरामदा अचानक भरभरा कर ढह गया। हादसे में चूल्हे पर खाना बना रही 30 वर्षीय साबीना की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि उनके तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय साबीना के पति गुलबहार सैफी काम पर गए थे। साबीना खाना बना रही थीं और बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक छत गिरने से साबीना, 11 वर्षीय रजा, सात वर्षीय अजहर और तीन वर्षीय आलिया मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने साबीना को मृत घोषित कर दिया। अजहर की हालत नाजुक बताई गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नायब तहसीलदार नेहा सिंह ने राजस्व टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। बाइट अफसर अली परिजन रिपोर्ट विनीत अग्रवाल अमरोहा
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हरेली तिहार: छत्तीसगढ़ की खेती-परंपरा का आह्लादन पर्व

Taga, Chhattisgarh:हरेली तिहार — हरियाली, खेती और गेड़ी की किसानों का पर्व हरेली तिहार का खास महत्व है। सावन अमावस्या के दिन मनाया जाने वाला हरेली, छत्तीसगढ़ का पहला प्रमुख लोकपर्व माना जाता है। यह सिर्फ हरियाली का उत्सव नहीं, बल्कि खेती-किसानी, पशुधन, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से जुड़ी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का प्रतीक है। हरेली के दिन किसान अपने कृषि औजारों की साफ-सफाई कर हल, नांगर, कुदाली, फावड़ा सहित खेती में उपयोग होने वाले उपकरणों की विधिवत पूजा करते हैं और अच्छी फसल, खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पशुधन को भी नहलाकर उनकी पूजा की जाती है और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है। कई गांवों में पारंपरिक रूप से वनौषधियों के इस्तेमाल की मान्यता भी देखने को मिलती है। वहीं हरेली और गेड़ी का रिश्ता बेहद खास है। गांवों में बच्चे और युवा बांस से बनी गेड़ी पर चढ़कर पर्व का आनंद लेते हैं। गेड़ी पर चलने की यह पारंपरिक मस्ती आज भी हरेली के उत्सव को खास बना देती है और नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से जोड़ती है। हरेली के मौके पर घर-आंगन में गुड़ का चीला, गुलगुल भजिया सहित कई पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। शाम के समय कबड्डी, खो-खो, फुगड़ी और अन्य पारंपरिक खेलों के साथ सावन के झूलों का भी आनंद लिया जाता है। कुल मिलाकर हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की माटी, खेती, पशुधन, प्रकृति, खान-पान और लोक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोने वाला पर्व है। बदलते दौर में भी यह त्योहार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहा है।
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दिल्ली में बिजली बिल की बढ़ोतरी से लोग परेशान, क्रेडिट कार्ड सरचार्ज से उपभोक्ता ठगे?

Delhi, Delhi:बिजली के बढ़ते बिलों से परेशान उपभोक्ता, खपत से अधिक बिल आने की शिकायतें बढ़ीं. तिलकनगर बिजली विभाग भी कर रहा है क्रेडिट कार्ड सरचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं से लूट. दिल्ली की जनता परेशान चिंतित. लोगों की कमाई कम खर्चा ज्यादा हो रहा है. राजधानी में बिजली के बढ़ते बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार सामने आ रही है. कई लोगों का कहना है कि उनकी वास्तविक बिजली खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने के बावजूद उनके मासिक बिल में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसमें पश्चिमी जिला के तिलकनगर बिजलीदफ्तर जहां बिल जमा होते है वहां भी उपभोक्ताओं से क्रेडिट कार्ड सरचार्ज के नाम से लूट मचाई हुई है. एक तो उपभोक्ता बिजली के बढ़े हुए बिलो से परेशान दूसरा जब बिल जमा कराने जाते है तो क्रेडिट कार्ड सरचार्ज के नाम से भी अतिरिक्त चार्ज लेकर लूटा जा रहा है. दिल्ली के उपभोक्ताओं को लगा था कि अब ट्रैपिल इंजन की सरकार होगी तो लोगो को फायदा मिलेगा लेकिन दिल्ली की जनता ज्यादा परेशान नजर आ रही है. बिजली बिल में यूनिट के अलावा फिक्स्ड चार्ज, टैक्स, सरचार्ज और अन्य शुल्क भी शामिल हैं. ऐसे में कई उपभोक्ताओं के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उनके बिल में अचानक बढ़ोतरी किस वजह से हुई है.
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