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मानसून फीका: राजस्थान में 96 घंटे में एक बार पानी, पेयजल संकट गहराया

Jaipur, Rajasthan:मानसून फीका, पेयजल संकट-96 घंटे में एक बार पानी की सप्लाई, डिमांड गर्मियों जैसी ही जयपुर-राजस्थान में अभी तक मानसून सूखा है. जिसके कारण अभी भी प्रदेश में जलसंकट जैसी स्थिति देखी जा रही है. मानसून में भी गर्मियों जितनी पानी की डिमांड आ रही है. यदि मानसून फीका रहा तो जलसंकट जैसी स्थिति पैदा हो सकती है.. आखिरकार राजस्थान में मानसून के सूखे के बीच कैसे बढ़ रहा जलसंकट..देखे इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में! मानसून फीका,96 घंटे में पेयजल सप्लाई- Rajasthan में गर्मियों में जलसंकट की तस्वीर बिल्कुल आम है. लेकिन यहां मानसून में भी जलसंकट जैसी स्थिति पैदा हो रही है. राजस्थान में मानसून के बीच 96 घंटे में एक बार पानी की सप्लाई हो रही है. प्रदेश के 3 जिलों के 14 कस्बों में 96 घंटे या अधिक समय में पानी मिल रहा है. 6 जिलों के 30 कस्बों में 48-72 घंटों में और 2 जिलों के 102 कस्बों में 48 घंटे में एक बार पानी की सप्लाई की जा रही है. जुलाई का महीना बीतने वाला है, लेकिन प्रदेश में मानसून अभी भी फीका है. यदि मानसून में अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट गहरा सकता है. क्योंकि बांधों में पानी की मात्रा भी कम होने लगी है. अभी बांधो में 44 प्रतिशत पानी ही बचा है. इन 14 कस्बों में 96 घंटे में सप्लाई- अजमेर के मकराना, बोरवाड, लाडनू, डीडवाना, जयपुर रीजन 1 में बांदीकुई, बसवा, दौसा, श्रीमाधोपुर, जोधपुर 2 रीजन में बालोतरा, सिवाना, समदडी, जोधपुर रीजन 1 में भोपालगढ, पीपाड सिटी, उदयपुर रीजन के दलोट में जलदाय विभाग 96 घंटे में एक बार पानी की सप्लाई कर रहा है. जुलाई में भी गर्मियों जैसी सप्लाई - अक्सर जुलाई में मानसून सक्रिय होने के कारण पानी की डिमांड घट जाती है. लेकिन अभी भी गर्मियों जितनी की पेयजल सप्लाई की जा रही है. पिछ्ले सालों पहले जुलाई में करीब 570 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही थी, लेकिन अब 630 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है. जयपुर में पेयजल सप्लाई के लिए 61 नई टंकियों का भी निर्माण हुआ है. जिसमें से 7 टंकीया चालू होनी बाकी है. यानि डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. लेकिन मानसून की बारिश का इंतजार अभी भी किया जा रहा है. जलसंकट की समस्या बढ़ जाएगी- पिछले दो साल से मानसून की अच्छी बारिश हुई, लेकिन इस साल अब तक मानसून फीका ही रहा. यदि ऐसी ही स्थिति रही तो आने वाले समय में जलसंकट की समस्या और बढ़ जाएगी.हालांकि उम्मीद जताई जा रही है अब मानसून की अच्छी बारिश होगी, ताकि बांधों में पानी की आवक हो सके.
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बांसवाड़ा में गोवंश संरक्षण के लिए पीएम को ज्ञापन: आठ प्रमुख प्रस्ताव

AOAjay OjhaJust now
Banswara, Rajasthan:जिला बांसवाड़ा, विधानसभा- बांसवाड़ा, लोकेशन- बांसवाड़ा. गो सम्मान अभियान के तहत आज बांसवाड़ा शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है. अभियान से जुड़े संत समाज, गोसेवकों और नागरिकों ने देशी गोवंश के संरक्षण, सम्मान और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है. ज्ञापन में केंद्रीय गो सेवा एवं संरक्षण कानून, स्वतंत्र केंद्रीय गो सेवा मंत्रालय, गोतस्करी और गोवध पर कठोर दंड, प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला, जिला स्तर पर आदर्श गोशाला, राजमार highwayों पर गो एंबुलेंस, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा तथा गो-विज्ञान को शिक्षा में शामिल करने जैसे आठ प्रमुख सुझाव दिए गए हैं. अभियान में संतो का कहना है कि गोवंश संरक्षण केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है. अभियान के तहत देशभर से हस्ताक्षर एकत्र कर ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा, ताकि गोवंश संरक्षण के लिए व्यापक राष्ट्रीय नीति और प्रभावी कानूनी व्यवस्था लागू की जा सके.
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टिहरी में विभागीय लापरवाही से थर्ड कॉलोनी में पुश्ता गिरा, लोगों में दहशत

New Tehri, Uttarakhand:Tehri टिहरी में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही आम जनता पर भारी पड़ रही है मामला नई टिहरी में सी ब्लॉक टाइप थर्ड कालोनी का है, जहाँ पर कालोनी के नीचे निजी कंस्ट्रक्शन काम के चलते पुश्ता ढह गया और लगातार हो रही बारिश से लगातार स्लाइडिंग हो रही है जिससे बिल्डिंग को खतरा पैदा हो गया था जिसके बाद डीएम के निर्देश पर बिल्डिंग खाली करा दी गई थी और pwd विभाग को सुरक्षात्मक कार्य करने के लिए बोला गया था ,लेकिन इन दिनों लगातार हो रही बारिश से स्लाइडिंग हो रही है जिससे आसपास के मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है, pwd विभाग द्वारा स्लाइडिंग एरिया में त्रिपाल लगा दिये गए है और सुरक्षा दीवार बरसात में लगाने की बात कहींज रही है।
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ललितपुर में महिला ने मासूम बच्चों के साथ ट्रेन के आगे दी जान

ASAMIT SONIJust now
Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक महिला ने अपने मासूम बच्चों के साथ ट्रेन आगे कूदकर जान दे दी, ट्रेन से कटकर महिला सहित दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना जाखलौन थाना क्षेत्र अंतर्गत धौर्रा रेलवे स्टेशन के पास की है। बताया जा रहा है कि दीपा का अपने शराबी पति से आये दिन विवाद होता था, इसी पारिवारिक कलह से क्षुब्ध होकर आज अपने 2 वर्ष और 3 वर्ष के मासूम बच्चों के साथ उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी; इस घटना में महिला और उसके दोनों मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर CO सदर ने पुलिस टीम और जीआरपी टीम ने पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है साथ ही आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
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मानसून फीका, राजस्थान में 96 घंटे में एक बार पेयजल सप्लाई; जलसंकट बढ़ने की आशंका

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में अभी तक मानसून सूखा है, जिससे जलसंकट जैसी स्थिति दिख रही है. मानसून में भी गर्मियों जितनी पानी की डिमांड आ रही है. अगर मानसून फीका रहा तो जलसंकट जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. राजस्थान में मानसून के सूखे के बीच जलसंकट कैसे बढ़ रहा है, देखें इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में. मानसून फीका, 96 घंटे में पेयजल सप्लाई. राजस्थान में गर्मियों में जलसंकट की तस्वीर आम है, लेकिन मानसून के बीच भी पानी की सप्लाई ऊपर नीचे हो रही है. 96 घंटे में एक बार पानी की सप्लाई 14 कस्बों में, 48-72 घंटों में 6 जिलों के 30 कस्बों में, और 48 घंटे में 2 जिलों के 102 कस्बों में हो रही है. बांधों में पानी केवल 44 प्रतिशत बचा है. इन 14 कस्बों में 96 घंटे में सप्लाई: अजमेर के मकराना, बोरवाड, लाडनू, डीडवाना; जयपुर रीजन 1 में बांदीकुई, बसवा, दौसा, श्रीमाधोपुर; जोधपुर रीजन 2 में बालोतरा, सिवाना, समदडी; जोधपुर रीजन 1 में भोपालगढ, पीपाड सिटी; उदयपुर रीजन के दलोट में जलदाय विभाग. जुलाई में भी गर्मियों जैसी सप्लाई: जुलाई में मानसून सक्रिय होने पर पानी की डिमांड घटती है, पर अभी डिमांड बढ़ती जा रही है. जयपुर में पेयजल सप्लाई के लिए 61 नई टंकियाँ बनी हैं, जिनमें से 7 टंकी चालू होनी बाकी है. जलसंकट की समस्या बढ़ जाएगी: पिछले दो साल से मानसून की अच्छी बारिश हुई, लेकिन इस साल अब तक मानसून फीका रहा. यदि ऐसी ही स्थिति रही तो आने वाले समय में जलसंकट की समस्या और बढ़ जाएगी. नोट-इस खबर की फीड OFC से स्लग से भेजी गई है.
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गोवर्धन में मुड़िया संतों ने गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत बना दिया

Mathura, Uttar Pradesh:गोवर्धन: गुरु भक्ति के रंग में रंगे मुड़िया संत, सिर मुड़वाकर जीवंत की सदियों पुरानी 'गुरु-शिष्य' परंपरा (मथुरा): धार्मिक नगरी गोवर्धन में गुरु-शिष्य परंपरा का अनुपम उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब चैतन्य महाप्रभु संप्रदाय के मुड़िया संतों ने वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए मुंडन संस्कार कराया। गोवर्धन स्थित प्राचीन श्री श्याम सुंदर मंदिर परिसर में एकजुट हुए संतों ने अपने सिर मुड़वाए और 'राधे-राधे' व हरिनाम संकीर्तन के जयघोष के साथ अपने आराध्य गुरु श्रीपाद सनातन गोस्वामी पाद की स्मृति को नमन किया。 ### क्या है मुड़िया परंपरा का गौरवशाली इतिहास? इतिहासकारों और संतों के अनुसार, यह अनूठी परंपरा लगभग 470 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। बंगाल के राजा हुसैन शाह के दरबार में मंत्री पद त्यागकर आए संत सनातन गोस्वामी ने चैतन्य महाप्रभु की प्रेरणा से ब्रजवास स्वीकार किया था। वे बेहद भक्ति-भाव से रोजाना वृंदावन से पैदल गोवर्धन आकर मानसी गंगा में स्नान करते और गिरिराज महाराज की सात कोस (21 किमी) की कठिन परिक्रमा लगाते थे। सन 1558 (आषाढ़ पूर्णिमा) को गुरु पूर्णिमा के ही पावन दिन संत सनातन गोस्वामी ने अपना भौतिक शरीर त्यागा और महासमाधि में लीन हो गए। अपने परम पूज्य गुरु के देवलोकगमन से आहत शिष्यों और गौड़ीय वैष्णव संतों ने गहरे शोक में आकर अपने सिर मुड़वा (मुड़िया) लिए थे। इसके बाद शिष्यों ने गुरुदेव के पार्थिव शरीर को मानसी गंगा में स्नान कराकर हरिनाम संकीर्तन के साथ गिरिराज जी की परिक्रमा कराई थी。 ### 'मुड़िया पूनों' के रूप में विख्यात हुआ पर्व गुरु के प्रति अपार श्रद्धा और समर्पण के इस भाव के कारण ही ब्रज क्षेत्र में गुरु पूर्णिमा के पर्व को 'मुड़िया पूर्णिमा' (मुड़िया पूनों) के नाम से ख्याति मिली。 उसी ऐतिहासिक घटना की याद में आज भी हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौड़ीय संप्रदाय के संत गोवर्धन के श्याम सुंदर मंदिर एवं महाप्रभु मंदिर में एकत्र होकर मुंडन संस्कार कराते हैं। सिर मुड़वाने के उपरांत मुड़िया संत गाजे-बाजे और संकीर्तन के साथ भव्य शोभायात्रा निकालते हैं और गिरिराज पर्वत की परिक्रमा देकर अपनी गुरु-भक्ति अर्पित करते हैं। वर्षों से अनवरत जारी यह परंपरा आज भी भक्तों के बीच गुरु के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक बनी हुई है। बाइट--रामकृष्ण दास--मुड़िया संत
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नीम के पेड़ पर लटका मिला युवक का शव

Parsia Bahoripur, Uttar Pradesh:इटियाथोक। थाना क्षेत्र अंतर्गत नौशहरा(चिर्रहवा)गांव में सोमवार सुबह एक युवक का शव नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।ग्राम पंचायत परसिया बहोरीपुर के मजरा नौशहरा (चिर्रहवा) निवासी अर्जुन (21) पुत्र मोतीलाल रविवार रात बिना किसी को बताए घर से निकल गए थे। देर रात तक न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।सोमवार सुबह खेत की सिंचाई के लिए निकले ग्रामीण ने गांव से करीब 500 मीटर दूर नीम के पेड़ पर अर्जुन का शव फंदे से लटका देखा। सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।सूचना पर पहुंची इटियाथोक कोतवाली पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे और उसी के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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कोटपूतली में 182 यूनिट रक्तदान शिविर ने मानवता की मिसाल कायम की

Jaipur, Rajasthan:जिला- Kotputli Bahror विधानसभा- KOTPUTLI कोटपूतली के ग्राम भैंसलाना में आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में कुल 182 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया। शिविर का शुभारम्भ श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री रामदास जी महाराज लीलका धाम द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, कोटपूतली विधायक प्रतिनिधि राधा पटेल, मुंडावर विधायक ललित यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजक कृष्ण सांपला ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, चिकित्सा टीमों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का सबसे पुनीत कार्य है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मानव सेवा में भाग लेना चाहिए। 182 यूनिट रक्तदान के साथ शिविर ने मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की प्रेरणादायी मिसाल कायम की। शिविर में ब्लड बैंक टीम जीवनदाता कोटपूतली आशीर्वाद ब्लड बैंक कोटपूतली एवं सोनी देवी ब्लड बैंक नीमराना की टीमें रक्त संग्रहण में सहयोग देती रहीं।
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होमगार्ड जवान अजय कुमार की मुहिम से शहर में पौधरोपण کا नया संदेश

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं में होमगार्ड जवान अजय कुमार की अनोखी पहल ड्यूटी के साथ बांट रहे निःशुल्क पौधे वाहन चालकों, राहगीरों और दुकानदारों को दे रहे पौधे स्थानीय लोग भी अभियान से जुड़कर कर रहे सहयोग ड्यूटी के साथ पर्यावरण संरक्षण का दे रहे प्रेरक संदेश झुंझुनूं शहर में होमगार्ड जवान अजय कुमार ड्यूटी निभाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रेरणादायी संदेश दे रहे हैं। उन्होंने आमजन को निःशुल्क पौधे वितरित करने की मुहिम शुरू की है। अब तक करीब 7 हजार पौधे वितरित किये जा चुके है।मानसून सीजन के दौरान अजय कुमार ड्यूटी के साथ-साथ वाहन चालकों, राहगीरों और दुकानदारों को निःशुल्क पौधे भेंट कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वे लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील कर रहे हैं।अजय कुमार का कहना है कि पौधे ही जीवनदायी ऑक्सीजन के सबसे बड़े स्रोत हैं। यदि आज अधिक से अधिक पौधरोपण नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा के लिए भी संघर्ष करना पड़ सकता है। उनका मानना है कि बढ़ते तापमान, प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन से निपटने का सबसे प्रभावी और प्राकृतिक उपाय व्यापक स्तर पर पौधरोपण है।उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करे। उनके इस अभियान को स्थानीय लोगों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है। कई लोग उनके साथ जुड़कर पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।होमगार्ड जवान अजय कुमार ड्यूटी के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर वे समाज को हरियाली और स्वच्छ वातावरण की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।
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लोहारकी में चार सदस्यीय परिवार ने पानी के टांके में दी जान, गांव में मातम

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन - पोकरण लोहारकी गांव में दिल दहला देने वाली घटना: एक ही परिवार के चार सदस्यों ने टांके में कूदकर दी जान, पूरे गांव में पसरा मातम पोकरण, जैसलमेर जैसलमेर जिले के रामदेवरा थाना क्षेत्र के निकटवर्ती लोहारकी गांव में शनिवार रात एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। एक ही परिवार के चार सदस्यों ने घर में बने पानी के टांके में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना में पति-पत्नी सहित उनके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों की पहचान जसराज सुथार (करीब 35 वर्ष), उनकी पत्नी (करीब 30 वर्ष), 10 वर्षीय पुत्र और 6 वर्षीय पुत्री के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार जसराज गांव में रहकर लकड़ी का काम करता था और परिवार सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। आसपास के लोगों का कहना है कि परिवार में किसी प्रकार के विवाद या आर्थिक परेशानी की जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि घटना से लगभग आधा घंटा पहले दोनों बच्चे पड़ोस में आयोजित एक जन्मदिन समारोह से हंसते-खेलते घर लौटे थे। इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे ऐसा क्या हुआ कि पूरा परिवार मौत के मुंह में समा गया, यह अभी रहस्य बना हुआ है। बताया जा रहा है कि घर में बना करीब 10 फीट गहरा टांका पानी से लबालब भरा हुआ था। जब तक ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने सभी शवों को टांके से बाहर निकालकर रामदेवरा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रामदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए पोकरण जिला अस्पताल भिजवाया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने पूरे लोहारकी गांव को स्तब्ध कर दिया है। देखते ही देखते एक हंसता-खेलता परिवार हमेशा के लिए खत्म हो गया और गांव में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। बाइट - अभिषेक शिवहरे पुलिस अधीक्षक जैसलमेर बाइट - मृतक का भाई
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रीको सेज में सोना-हीरे की गुणवत्ता जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें लगेंगी

Jaipur, Rajasthan:रीको का आधुनिकीकरण की ओर बढते कदम, सेज में निर्यातकों को नई सुविधाएं मिलेगी। सोना और हीरे के आभूषणों की गुणवत्ता जांच की मशीनें, सेज में अत्याधुनिक मशीनें लगेंगी। रीको द्वारा दोनों सेज के लिए दो-दो कैरेट मीटर, एक्स-रे मशीन और सिंथ डिटेक्ट मशीन खरीदी जाएंगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 1.83 करोड़ रुपये है। जल्द ही मशीनों की खरीद और स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों सेज से करीब 8,565 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ और सेज में निवेश 294 करोड़ रुपये है। दोनों सेज में लगभग 39,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। आधुनिक जांच सुविधाओं के उपलब्ध होने से स्वर्ण और हीरा-आभूषणों की गुणवत्ता होगी, राज्य के राजस्व हितों की भी बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
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