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Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow21 Nov 2024, 12:57 pm

हसनपुर में एसडीएम दफ्तर पर गरजी भाकियू (शंकर), सात को कलेक्ट्रेट पर घेराव कर करेगी धरना-प्रदर्शन

Gajraula, Uttar Pradesh:

भारतीय किसान यूनियन (शंकर) ने बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी हसनपुर में तहसील संरक्षक रोहतास गुर्जर की अध्यक्षता तथा जिलाध्यक्ष सतपाल गुर्जर के संचालन में धरना देकर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। यहां हुई पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने यहां किसानों की समस्याओ  को रखा और कहा कि विभागीय अ​धिकारी किसानों को लगातार उत्पीड़ित कर रहे हैं,पंचायत में पहुंची उप जिला अधिकारी ने  30 नवंबर तक सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

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राजनांदगांव में सावन के आखिरी सोमवार पर शिवभक्तों की भव्य शोभायात्रा

Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर। राजनांदगांव में सावन के आखिरी सोमवार पर शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही शहर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। बड़ी संख्या में कांवड़िए मंदिरों में पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंजते रहे। वहीं, आखिरी सावन सोमवार के अवसर पर शहर में महाकाल सेवा समिति द्वारा भगवान चंद्रमौलेश्वर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बाबा महाकाल चंद्रमौलेश्वर की पालखी को भक्त अपने कंधों पर लेकर चल रहे थे। पालखी के साथ चल रहे श्रद्धालु लगातार भोलेनाथ के जयकारे लगा रहे थे, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया। शोभायात्रा की खास बात रही इसमें शामिल विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। शिव-पार्वती नृत्य और अघोरियों के नृत्य ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से शोभायात्रा में उत्साह और भक्ति का रंग भर दिया। बैंड-बाजे और शिव भजनों के साथ आगे बढ़ती शोभायात्रा को देखने शहर की सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। शोभायात्रा में समाज के हर वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आखिरी सावन सोमवार पर राजनांदगांव में सुबह मंदिरों में उमड़ी आस्था से लेकर शाम तक निकली भव्य शोभायात्रा तक, पूरा शहर भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया।
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छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव: 31 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर, कई पद बदले

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी. 31 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर. कई वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की जिम्मेदारी बदली. पवन देव नगर सेना और अग्निशमन के महानिदेशक बनाये गए. जीपी सिंह राज्य पुलिस अकादमी के महानिदेशक बनाये गए. एसआरपी कल्लूरी पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक बनाये गए. प्रदीप गुप्ता को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन और चयन के पद पर नियुक्त किया गया विवेकानंद को वर्तमान कर्तव्यों के साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वित्त और योजना बनाया गया दीपांशु काबरा को वर्तमान कर्तव्यों के साथ ही रेल और यातायात में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनाया गया, अमित कुमार को वर्तमान कर्तव्यों के साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की जिम्मीदरी भी दी गई आनंद छाबड़ा को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं की जिम्मेदारी दी गई ओपी पाल, पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई......
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बैतूल ANM कर्मियों ने नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति के शीघ्र समाधान की मांग

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - बैतूल जिले में संयुक्त ए.एन.एम.एसोसिएशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर एएनएम कर्मचारियों ने नियमितीकरण,पदोन्नति,वेतन विसंगति दूर करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगों के जल्द निराकरण की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य,टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उनकी जायज मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ज्ञापन में एएनएम कर्मचारियों ने मांग की है कि ऑनलाइन कार्यों के लिए मिलने वाली इंसेंटिव राशि अन्य कैडर की तरह उन्हें भी दी जाए। साथ ही योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर एमपीडब्ल्यू की तर्ज पर पदोन्नति का लाभ प्रदान किया जाए। कर्मचारियों ने वर्ष 2016 में एएनएम को नर्सिंग कैडर से अलग किए जाने के फैसले पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि स्टाफ नर्सों का वेतन बढ़ाया गया,लेकिन एएनएम के वेतन में कोई संशोधन नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें पुनः नर्सिंग कैडर में शामिल कर वेतन विसंगति दूर की जाए। संविदा एएनएम कर्मचारियों ने अन्य विभागों की तरह नियमितीकरण की मांग भी उठाई है। इसके अलावा दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को 15 प्रतिशत जोखिम भत्ता और आवास की सुविधा नहीं है,वहां आवास भत्ता देने की मांग भी की गई है। एएनएम कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे आंदोलन की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर क्या फैसला लेती है।
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राजघाट नहर कॉलोनी: प्रशासन की कड़ी कार्रवाई से कब्जेदारों में हड़कंप

Datia, Madhya Pradesh:राजघाट नहर कॉलोनी के शासकीय आवासों पर कार्रवाई, रसूखदार कब्जेदारों में हड़कंप दतिया। राजघाट नहर परियोजना कॉलोनी के शासकीय आवासों पर लंबे समय से चले आ रहे कथित अनधिकृत कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने कॉलोनी में पहुंचकर विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम आवंटित बंगलों और क्वार्टर्स को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। बताया जा रहा है कि राजघाट नहर परियोजना कॉलोनी के कई शासकीय आवास सिंचाई विभाग के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम पर आवंटित हैं। आरोप है कि जिन कर्मचारियों के नाम पर आवास आवंटित किए गए हैं, उनकी जगह कुछ राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग वर्षों से इन आवासों में रह रहे हैं। इसको लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। आवंटन आदेश भी निरस्त मामले में सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री कार्यालय से जारी कार्यालयीन आदेश में भवन आवंटन समिति की 14 अगस्त 2026 की बैठक के बाद कुछ आवासों के आवंटन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने का उल्लेख है। आदेश में पांच आवासों का विवरण दिया गया है, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम पर आवंटित आवास शामिल हैं। आदेश में संबंधित आवासों को लेकर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर के सख्त रुख के बाद कार्रवाई तेज शासकीय आवासों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के सख्त रुख के बाद कार्रवाई तेज होने की बात सामने आ रही है। प्रशासन का फोकस शासकीय संपत्ति को वास्तविक पात्र कर्मचारियों के उपयोग में लाने और अनधिकृत कब्जों को हटाने पर बताया जा रहा है। कार्रवाई को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज वहीं, इस कार्रवाई के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जिन कुछ आवासों में राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों के रहने की बात कही जा रही है, उनमें से कुछ लोगों के नाम पूर्व में भाजपा कार्यालय में हुए विवाद और उपद्रव से जुड़े मामले में भी सामने आए थे। इसी वजह से कार्रवाई को भाजपा की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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कोरबा में नाग डसने के इलाज के लिए डॉक्टर ने सांप पकड़कर लाने की बात कही

Korba, Chhattisgarh:कोरबा मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर का स्नेक बाइट के मरीज का इलाज करने का अजीबो गरीब मामला सामने आया है. यहां डॉक्टर ने स्नेक बाइट से पीड़ित मरीज के इलाज के लिये मरीज के परिजनों को साँप का फोटो-वीडियो दिखाने की मांग रखी ताकि डॉक्टर को पता चल सके कि कौन से प्रजाति के साँप ने ग्रामीण को डंसा है. डॉक्टरों की मांग पर साँप का फोटो वीडियो नहीं बल्कि स्नेक कैचर सांप को ही पकड़ कर अस्पताल पहुंच गया. दरअसल कोरबा जिले के दादर क्षेत्र में रहने वाले रामदयाल जब अपने घर के अंदर झाड़ियों साफ कर रहा था. इसी दौरान जमीन में बने एक बिल के पास पहुंचने पर नाग अचानक बाहर आया और रामदयाल को डस लिया. इसके बाद नाग वापस उसी बिल में घुस गया. नाग के डसने के बाद परिजन घर के बिल में साँप होने की सूचना स्नेक कैचर को देकर रामदयाल को लेकर तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती कराया गया. लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने सांप की पहचान करने के लिए परिजनों को साँप का फोटो वीडियो दिखाने को कहा. डॉक्टरों का कहना था कि सांप की पहचान होने के बाद इलाज की प्रक्रिया आसान हो जाएगी क्योंकि हर साँप के जहर छोड़ने की मात्रा अलग-अलग होती है. इधर घर के बिल में साँप होने की सूचना मिलने पर स्नेक कैचर टीम मौके पर पहुंची. जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद बिल को खोदकर नाग को बाहर निकाला और हवादार डिब्बे में बंद किया. रेस्क्यू पूरा करने के बाद स्नेक रेस्क्यू टीम नाक को सुरक्षित जंगल में रिलीज करने को सोच ही रहे थे कि अस्पताल से परिजनों ने नाक का फोटो खींचकर भेजने को कहा. ऐसी स्थिति में स्नेक कैचर ने ही अस्पताल पहुंच गया. डॉक्टरों ने सांप की पहचान करने के बाद पीड़ित रामदयाल का इलाज शुरू किया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है। कोबरा को भी सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है.
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बांधा जंगल में शेरनी के हमले से युवक की मौत, गांवों में दहशत

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जुनापारा चौकी क्षेत्र के ग्राम बांधा में जंगल गए 25 वर्षीय युवक की वन्यजीव के हमले में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बांधा निवासी धरम दास घृतलहरे जोगीपुर जंगल के फॉरेस्ट बीट आर-98 क्षेत्र में बांस से निकलने वाला करيل काटने और पीहरी लेने गया था। इसी दौरान जंगल में अचानक शेरनी ने उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमले में युवक की गर्दन पर गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वन्यजीव ने युवक के शव को भी नुकसान पहुंचाया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। सबसे चिंता की बात यह बताई जा रही है कि शेरनी अपने शावक के साथ घटनास्थल के आसपास ही मौजूद है, जिसके चलते जंगल जाने वाले ग्रामीणों में भय बढ़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही जुनापारा चौकी की टीम मौके के लिए रवाना हुई, वहीं वन विभाग की टीम भी क्षेत्र का जायजा लेने और वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने में जुटी है। फिलहाल ग्रामीणों से जंगल की ओर नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील की गई है। वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति और वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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मंडला युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजू अहिरवार ने बालाघाट अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजू अहिरवार का सरेंडर ... बालाघाट जिला अदालत में आत्मसमर्पण किया है। दरअसल, बालाघाट जिले के चांगोटोला थाना पुलिस ने मार्च माह में शराब तस्करी के मामले में संजू अहिरवार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही संजू अहिरवार फरार चल रहे थे। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका भी दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आखिरकार संजू अहिरवार ने बालाघाट जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। अब इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है。
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यूपी पुलिस के लिए 30 करोड़ की सुरक्षा किट, पीवीसी लाठी और हेलमेट खरीदी

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में हिंसा, प्रदर्शन और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारी को मजबूत करना शुरू कर दिया है। पुलिस के लिए 90 हजार लाठी, हेलमेट और शील्ड खरीदी जाएंगी, जिससे पुलिसकर्मी सुरक्षित रह सकें। साथ ही पुराने डंडे भी पीवीसी और पॉलीकार्बोनेट की लाठियाँ दी जा रही हैं ताकि एक तरफ पुलिस कर्मियों को बाहर नहीं उठाना पड़े और चलने में टिकाऊ हों; अगर किसी पर लाठी से मारपीट करनी पड़े तो हरदंगाई को चोट न आए। लगभग 30 करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए यह सामग्री खरीदी जानी है। चित्रकूट के भरतकूप थाना में पुलिसकर्मियों को मिलने वाली पुरानी सामग्रियां और अब आधुनिक मिलने वाली सामग्रियों के बारे में देखने पर आधुनिक सामग्री ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक लगी। पुलिस कर्मियों को भी इसको लेकर खासा उत्साह है; उनका कहना है कि अब हेलमेट मिलते हैं तो कितनी भी चोट पहुंचे, टूटेंगे नहीं। यह आधुनिक पीवीसी लाठी अगर इससे किसी को पीटा जाएगा तो चोट नहीं आएगी और भयभीत बनेगा। हल्की है जिससे हमें आराम मिलेगा।
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हनुमानगढ़ नगर परिषद टिकट दावेदारों की भीड़, सर्वे के आधार पर तय होंगे विजेता

Hanumangarh, Rajasthan:कांग्रेस टिकट के लिए दूसरे दिन भी उमड़ा दावेदारों का हुजूम,टाउन के वार्डों से पहुंचे दावेदारों ने चौधरी विनोद कुमार को सौंपे आवेदन, पार्टी बोली—सर्वे के आधार पर तय होंगे जिताऊ चेहरे हनुमानगढ़ नगर परिषद के चुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट की दावेदारी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन टाउन क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से टिकट की दावेदारी जताने वाले लोगों का जंक्शन स्थित पूर्व मंत्री चौधरी विनोद कुमार के निवास पर जमावड़ा लगा रहा। दावेदार अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और पार्टी नेताओं के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए। इससे पहले रविवार को जंक्शन क्षेत्र के 30 वार्डों से दावेदारों ने कांग्रेस टिकट के लिए आवेदन किए थे। सोमवार को टाउन क्षेत्र के वार्डों से दावेदारी जताने वाले लोगों ने पूर्व मंत्री चौधरी विनोद कुमार सहित अन्य पार्टी नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश की। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने बताया कि प्रत्येक वार्ड से तीन-चार या इससे अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। सभी दावेदारों से आपसी सहमति बनाकर एक नाम तय करने का प्रयास करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर पर प्रत्येक वार्ड में सर्वे भी करवाया जा रहा है और टिकाऊ एवं जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देने पर जोर रहेगा।
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राजस्थान के मुख्य सचिव का इटली दौरा: AI और स्थानीय शासन पर चर्चा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के मुख्य सचिव एवं इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (IIAS) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास चार दिवसीय इटली दौरे पर हैं। रोम में उन्होंने यूरोपियन ग्रुप फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (EGPA) के परमानेंट स्टडी ग्रुप्स (PSG) के चेयर्स के साथ बैठक कर सार्वजनिक प्रशासन में AI, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्थानीय शासन, पुलिस सुधार, स्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने पर चर्चा की। श्रीनिवास ने कहा कि आधुनिक शासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और मजबूत स्थानीय शासन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने भारत के फेस ऑथेंटिकेशन, डिजी यात्रा, इंटेलिजेंट डैशबोर्ड और बिग डेटा जैसे प्रयोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि फ्रंटियर टेक्नोलॉजी की संभावनाओं का अभी पूरी तरह उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत स्थानीय शासन का उदाहरण बताते हुए कहा कि स्थानीय शासन जमीनी लोकतंत्र और संघीय व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी और iGOT का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले 15 महीनों में करीब 15 लाख सिविल सर्वेंट्स के लिए 82 लाख कोर्स संचालित किए गए। मिशन कर्मयोगी का लक्ष्य ‘कर्मचारी से कर्मयोगी’ और ‘रूल बेस्ड से रोल बेस्ड सिविल सर्वेंट’ में बदलाव है। बैठक में पुलिस सुधार, साइबर सुरक्षा, महिलाओं के खिलाफ अपराध और पुलिसिंग में डिजिटल फुटप्रिंट पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के उन्मूलन और गैर-संचारी रोगों के लिए संस्थागत क्षमता विकसित करने, जबकि पर्यावरण के क्षेत्र में वायु और जल गुणवत्ता पर जोर दिया गया। श्रीनिवास ने सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिरेग्युलेशन और अनुपालन में सुधार को ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जोड़ा। उन्होंने NGO, थिंक टैंक और अन्य संस्थाओं की भागीदारी को जवाबदेही-पारदर्शिता बढ़ाने में उपयोगी बताते हुए RTI को भी सुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने EGPA के PSG के कार्यों की सराहना करते हुए IIAS की ओर से वित्तीय सहायता, ट्रैवल ग्रांट और प्रकाशन सहयोग जारी रखने की बात कही। साथ ही PSG चेयर्स से भविष्य के सहयोग के लिए कॉन्सेप्ट नोट तैयार करने का आग्रह किया। श्रीनिवास ने कहा कि तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय बदलावों के दौर में विभिन्न देशों के विशेषज्ञों और प्रशासनिक संस्थाओं के बीच संवाद और शोध को और मजबूत करना जरूरी है।
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CA अभिषेक जैन पर 23,956 करोड़ रुपए की विदेशी रेमिटेंस के आरोप

Jaipur, Rajasthan:आयकर विभाग के अनुसार CA अभिषेक जैन ने कथित तौर पर बिना जरूरी दस्तावेजों और सत्यापन के 3168 फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए। इन सर्टिफिकेट के आधार पर विदेशों में करीब 23 हजार 956 करोड़ रुपए की रेमिटेंस भेजे जाने का आरोप है। आयकर विभाग ने इनमें कई संस्थाओं को शेल या फर्जी प्रकृति का बताया है। अब पुलिस इस नेटवर्क, विदेश भेजी गई रकम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी। आयकर विभाग के डायरेक्टर ऑफ इन्वेस्टिगेशन के कार्यालय पर 18 अगस्त को सर्वे हुआ। पत्रकार कॉलोनी इलाके के निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक जैन के कार्यालय पर भी सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनके आधार पर विदेशों में रकम भेजने के लिए फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए गए थे। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर मिंटू लाल मीणा ने पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस में अभिषेक जैन के खिलाफ FIR दर्ज कराई। FIR में दावा है कि CA ने 3168 फॉर्म 15CB जारी किए थे। ये सर्टिफिकेट विदेशी remittance के लिए जारी किए गए थे। CA अभिषेक जैन की ओर से फॉर्म-15CB के फर्जी सर्टिफिकेट से 40 फर्जी फर्म, संस्थाओं और ट्रस्टों के नाम पर 3 साल में अरबों रुपए विदेश भेजे गए। FIR में कितनी रकम विदेश गई? FIR कहती है कि 23,95,63,97,271 रुपए, यानी लगभग 23 हजार 956 करोड़ रुपए, इन सर्टिफिकेट के जरिए विदेश भेजे गए। यह रेमिटेंस वित्त वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान हुआ। जिन संस्थाओं और व्यक्तियों के नाम आए, उनमें कई ने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया, कम टर्नओवर दिखाया और फिर भी बड़ी विदेशी रेमिटेंस की जांच में आया। FIR में एक और गंभीर आरोप है कि सर्टिफिकेट जारी करने से पहले जरूरी दस्तावेजों और खातों की पर्याप्त जाँच नहीं की गई। कहा गया कि रेमिटर और लाभार्थी के बीच एग्रीमेंट, दस्तावेज, बही-खाते और टैक्स दस्तावेजों की जाँच करनी होती है, पर उचित सत्यापन नहीं किया गया। FIR में Tax Residency Certificate और Form 10F जैसे दस्तावेजों के सत्यापन का भी उल्लेख है। जाँच में कुछ नामों और संस्थाओं की रेमिटेंस का ब्यौरा दिया गया है। कुछ कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपये विदेश भेजे जाने का उल्लेख है। सबसे चौंकाने वाली एंट्री में एक व्यक्ति के नाम से करीब 8,788 करोड़ रुपये और दूसरे के नाम से करीब 9,775 करोड़ रुपये की रेमिटेशन का जिक्र FIR में है। आयकर विभाग ने इन्हें शेल संस्थाओं की प्रकृति बताया है। FIR में मुख्य आरोपी के तौर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक जैन का नाम है। शिकायत के अनुसार उन्होंने कथित तौर पर फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर विदेशों में रकम भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाया। FIR में BNS की धारा 318(4), 234, 229 और 35 का उल्लेख है। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर मुकेश चंद्र को सौंपी है। इस पूरे मामले का अहम सवाल है कि क्या यह सिर्फ एक CA द्वारा जारी सर्टिफिकेट का मामला है या इसके पीछे पूरा नेटवर्क काम कर रहा था? शिकायतकर्ता ने FIR में आशंका जताई है कि दूसरे बिचौलिये और लोग भी इस कथित गतिविधि में शामिल हो सकते हैं। आयकर विभाग ने पुलिस से ऐसे लोगों और अन्य सहयोगियों की भी जांच की मांग की है। FIR में कहा गया है कि रेमिटेंस से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को नुकसान और वित्तीय व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। अब पुलिस बैंकिंग ट्रेल, सर्टिफिकेट, संबंधित कंपनियों के दस्तावेज और विदेश भेजी गई रकम की जांच करेगी।
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BPSC अब दो चरणों में परीक्षा कर सकता है; 500 से अधिक अभ्यर्थियों पर स्क्रीनिंग

Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग removed; BPSC की एक चरण में होने वाली परीक्षाओं को दो चरणों में कराने का रास्ता साफ। बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि BPSC जरूरत के अनुसार परीक्षा को दो चरणों में आयोजित कर सकता है। परीक्षा का पैटर्न तय करने का अधिकार BPSC के पास रहेगा। BPSC अपने नियमों के तहत तय कर सकता है कि किस परीक्षा में एक चरण होगा और किसमें दो चरण। 500 से अधिक अभ्यर्थी होने पर स्क्रीनिंग टेस्ट के जरिए अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का भी प्रावधान है। यानी PT के बाद Mains कराने का फैसला BPSC अपनी जरूरत और परीक्षा की प्रकृति के अनुसार ले सकता है। सरकार के पत्र में BPSC के Rule of Procedure, 1996 का हवाला देते हुए आयोग के अधिकार को स्पष्ट किया गया है।
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