icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
244221
Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow5 Feb 2025, 08:43 am

Amroha - गेहूं की फसल सींचने गए मदरसे के छात्र की संदिग्ध मौत, शव मिलने से मचा हड़कंप

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपलोटी खुर्द में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब 20 वर्षीय युवक शाहनवाज का शव खेत की मेड़ पर पड़ा मिला. शाहनवाज गांव के ही एक मदरसे का छात्र था और बीती रात गेहूं की फसल की सिंचाई करने गया था. सुबह जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद खेत में उसका शव बरामद हुआ . घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. शाहनवाज की मौत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. परिजन घटना से गहरे सदमे में हैं और गांव में शोक का माहौल है. पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

कोटपूतली के खुले कुएँ में चरवाहे की मौत, सुरक्षा के दावों पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली.....कोटपूतली की ग्राम पंचायत रायकरणपुरा के समीप देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बनेठी निवासी 40 वर्षीय चरवाहा कृष्ण सैन की खुले निजी कुएं में गिरने से मौत हो गई। वह रोज की तरह पशु चराने गया था, लेकिन असावधानीवश खुले पड़े कुएं में गिर गया और उसकी जिंदगी का अंत हो गया। मौके पर पनियाला थाना पुलिस पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद कृष्ण के शव को करीब 6 घंटे में कुएं से बाहर निकाला गया। रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात जारी रहा। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह हादसा पूरे परिवार के भविष्य पर गहरा संकट बनकर टूटा है। कृष्ण सैन अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसके दो छोटे बेटे एक 12 वर्षीय चिराग और 9 वर्षीय हिमांशु अब पिता के साए से वंचित हो गए हैं। परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर था। इससे भी दुखद पहलू यह है कि कृष्ण के दो भाइयों का पहले ही निधन हो चुका है, जिससे पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस त्रासदा से स्तब्ध है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस कुएं में यह हादसा हुआ, वह पूरी तरह खुला हुआ था और उस पर महज करीब दो फीट की मुंडेर बनी हुई थी, जो किसी भी तरह की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में कई निजी कुओं बिना जाली या ढक्कन के खुले पड़े हैं, जो लगातार खतरा बने हुए हैं। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा पहले ही निजी और सरकारी कुओं व बोरवेलों को सुरक्षित करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन नहीं हो रहा। जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और निगरानी के अभाव के चलते ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी खुले कुओं को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए या उन पर मजबूत ढक्कन और जालियां लगाई जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, इलाके के लोगों के मन में एक ही सवाल है—क्या इस हादसे के बाद व्यवस्था सच में जागेगी, या फिर किसी और त्रासदी का इंतजार किया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए विकास परिषद ने प्रताप नगर में परिंडे लगाये

Jaipur, Rajasthan:भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए विकास परिषद ने प्रताप नगर में परिंडे लगाये। भीषण गर्मी के मद्देनजर पक्षियों की सहायता के लिए भारत विकास परिषद ने एक सराहनीय कदम उठाया। परिषद के सदस्यों ने प्रताप नगर सेक्टर-11 स्थित अजय पार्क में पक्षियों के दाना-पानी हेतु परिंडे लगाए। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि परिंडों में नियमित दाना-पानी डालने की जिम्मेदारी पार्क में प्रतिदिन आने वाले स्थानीय नागरिकों को सौंपी गयी, ताकि यह अभियान निरंतर चलता रहे। परिषद द्वारा यह सेवा कार्य वर्ष 2016 से लगातार किया जा रहा है। शाखा सचिव जगरूप सिंह यादव ने जानकारी दी कि प्रताप नगर क्षेत्र के विभिन्न पार्कों में यह अभियान सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। पर्यावरण इस नेक कार्य के साथ-साथ उपस्थित जनसमूह से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
0
0
Report
Advertisement

7 राजशाा सदस्य इस्तीफे के बाद संदीप पाठक ने भाजपा का दामन थाम लिया

Karhi, Chhattisgarh:संदीप के घर खुशी का माहौल संदीप पाठक के भाजपा प्रवेश करते ही छत्तीसगढ़ के लोरमी में भाजपा संगठन में जमकर उत्साह का माहौल है। संदीप पाठक लोरमी के बटहा गांव के निवासी है। उनके भाजपा प्रवेश करते ही भाजपा संगठन के नेताओं ने उनके घर पहुँचकर जमकर आतिशबाजी करते हुए खुशियां मनाई। संदीप की प्रारम्भिक शिक्षा गांव में ही हुई है। आगे की पढ़ाई के लिए संदीप बिलासपुर चले गए थे। राजनीति में आने से पहले संदीप दिल्ली में आइआईटी कालेज में प्रोफेसर के पद पर भी कार्यरत रहे। उसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़कर आम आदमी पार्टी की पंजाब राज्य की जिम्मेदारी संभालने लगे थे। संदीप, अरविंद केजरीवाल के राजनैतिक सलाहकार भी थे। ऐसा कहा जाता है कि पंजाब में आप पार्टी की सरकार बनाने में संदीप की बड़ी भूमिका रही है। यही वजह है कि फिर बाद में उन्हें पंजाब कोटे से राज्यसभा सदस्य बनाकर पार्टी ने भेजा था। इधर संदीप के भाजपा ज्वाइन करने से उनके घर में भारी खुशी का माहौल है। संदीप के पिता शिवकुमार पाठक जनसंघ के दौर से बीजेपी से जुड़े हुए है। वो बीजेपी संगठन के कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाते है। उन्होंने मंडल अध्यक्ष से लेकर जिला भाजप उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी संभाली है। जिस वक्त बेटे संदीप ने भाजपा का दामन थामा पिता तक को इस बात की जानकारी नहीं थी। वो अपने निजी काम से तख़तपुर गए हुए थे। जहां भाजपाइयों ने उन्हें उनके बेटे के भाजपा प्रवेश की जानकारी दी। बेटे के इस फैसले से उनके पिता भी भारी खुश नजर आ रहे हैं。
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top