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सरिस्का महापंचायत से 16 मांगें मान, आंदोलन 10 दिन के लिए स्थगित

Alwar, Rajasthan:सरिस्का मुद्दे पर किसानों की महापंचायत, 17 में से 16 मांगें मानी, 10 दिन के लिए आंदोलन स्थगित अलवर के सरिस्का क्षेत्र में पाबंदियों और हाल ही में बाघ रेस्क्यू के दौरान वनकर्मियों से हुए टकराव के मुद्दे पर भर्तृहरि तिराहे पर 186 गांवों के किसानों की महापंचायत आयोजित की गई। इसकी मुख्य वजह थी जिसमें वन विभाग द्वारा बाघ के रेस्क्यू के दौरान वन कर्मियों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद वन विभाग ने 156 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया था । जिससे ग्रामीण आक्रोश में थे ,भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आह्वान पर प्रेमनाथ आश्रम में हुई इस महापंचायत में करीब डेढ़ हजार से अधिक ग्रामीण शामिल हुए कल देर शाम प्रशासन से हुई वार्ता के बाद फिलहाल आंदोलन को खत्म कर दिया गया । वार्ता में किसानों की 17 मांगो में से 16 पर सहमति बनी । महापंचायत की अध्यक्षता बोडराम मीणा ने की, जिसमें किसानों ने सिंचाई, बिजली, वन क्षेत्र, सड़क, मुआवजा और खाद-बीज की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का आरोप था कि अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ जिला प्रशासन को पहले ही ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते महापंचायत बुलानी पड़ी। बैठक में अलवर एसडीएम माधव भारद्वाज, मालाखेड़ा तहसीलदार दीपा यादव, बिजली निगम के एईएन सुमित और सरिस्का के एसीएफ हितेश कुमार (आईएफएस) ने संवाद के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया। किसानों ने नारायणपुर थाने में दर्ज 156 लोगों के मामलों में एफआर लगाने, प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को नेचर गाइड के रूप में नियुक्त करने, नारायणपुर रेंजर का तबादला, बाघ हमलों में मारे गए पशुओं व घायल किसानों को मुआवजा देने, खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने, 11 केवी बिजली लाइनों को दुरुस्त करने और वन विभाग से जुड़े राजस्व मामलों में राहत देने जैसी मांगें रखीं। इसके अलावा, सरिस्का क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में श्मशान, उप स्वास्थ्य केंद्र व अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि आवंटन, सिलीसेढ़ से पांडुपोल के बीच बंद रास्ता खोलने, विस्थापन नियमों की पालना और लंबित सार्वजनिक निर्माण कार्य पूरे करने की भी मांग शामिल रही。 बाइट:ग्रामीण (दाढ़ी में) प्रशासन ने 17 में से 16 मांगों पर सहमति जताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया, जबकि रेंजर के तबादले की मांग पर निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद किसानों ने प्रशासन को 10 दिन का समय देते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया。 एसडीएम माधव भारद्वाज ने बताया कि अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और जल्द ही उन पर अमल किया जाएगा。 बाइट:माधव भारद्वाज , एसडीएम
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झारखंड मंत्रिमंडल ने केंद्र से छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने की मांग की, मोदी को पत्र

Noida, Uttar Pradesh:रांची- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पीएम मोदी को लिख कर कहा है , केंद्र सरकार से राज्य के मांग के अनुरुप छात्रों के छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल रही है। जिसके कारण राज्य के ओबीसी , एससी, एसटी के लाखों छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसको लेकर बयानबाजी भी होने लगी है। पीएम को पत्र लिख कर झारखंड के मुख्यमत्री हेमंत सोरम ने, झारखंड को केंद्र से मिलने वाली प्री और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि को अपर्याप्त बताते हुए केंद्र से मांग के अनुरुप नहीं बताया है। छात्रवृत्ति की राशि अपर्याप्त होने के कारण सुयोग्य छात्रों पर समय पर उपलब्ध कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा। पत्र में लिखा है 2024 में प्री मेट्रिक 66.14 करोड़ की मांग की है थी पर 12.61 करोड़ ही झारखंड को मिला। 2025 में प्री मेट्रिक 45.91 करोड़ की मांग की गई मिला 3.95 करोड़। 2024 में पोस्ट मैट्रिक 353.21 करोड़ की मांग किया गया मिला 33.57 करोड़ 2025 में पोस्ट मैट्रिक 340.87 करोड़ की मांग किया गया मिला 58.22 करोड़。 इसको लेकर झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने बताया ये राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय और मुद्दा है।बार बार केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया है। मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के द्वारा केंद्र सरकार को लिखित मौखिक सभी तरह की सूचना दी गई उसके बावजूद जो राशि केंद्र से राज्य को छात्रवृत्ति से संबंधित मिलना चाहिए जिससे एससी, एसटी और अल्पसंख्यक बच्चों को मिलती है वो राशि केंद्र सरकार के द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। निश्चित रुप से जो लाभ छात्रों को मिलना चाहिए वो नहीं दे पाती है। राज्य सरकार के पास सीमित संसाधन है ,राज्य सरकार अपने पैसे से देने का प्रयास करती है पर कुछ मिलता उससे छात्रों का काम नहीं चलेगा। केंद्र सरकार का रवैया छात्रों के प्रति सही नहीं है इस लिए सीएम ने फिर से केंद्र सरकार और पीएम को पत्र लिखा है ताकि राशि तत्काल उपलब्ध करवाया जाए。 बाइट ...विनोद पांडेय, महासचिव, झामुमो कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंहा ने कहा, सीएम ने ये पत्र नहीं लिखा है बल्कि झारखंड के छात्र की भावनाओं को कलमबद्ध किया है। पीएम के संज्ञान में देने का काम किया है। छात्रवृत्ति वर्षों से यहां लंबित है और उसका मूल कारण है कि केंद्र सरकार के द्वारा छात्रवृत्ति के मद में जो अंशदान मिलता है वो आज तक अंशदान केंद्र सरकार ने नहीं दिया है। राज्य सरकार ने अपना हिस्सा दिया ,पर जब तक केंद्र से राशि नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति रिलीज नहीं होती। लगातार राज्य सरकार पीएम से मांग कर रही है कि राज्य के बच्चों के भविष्य के लिए छात्रवृत्ति का भुगतान करें। पीएम को पत्र लिखा गया है पीएम संज्ञान लेंगें बाइट ...राकेश सिंहा, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा, सीएम ने पीएम को क्या पत्र लिखा जानकारी नहीं, पर कोई भी राज्य सरकार अपने यहां से कुछ कुछ डिमांड करती रहती है।स्वाभाविक है, वैसी स्थिति में सीएम ने जो पत्र लिखा है यदि केंद्र सरकार के अंदर की बात होगी और नियमानुकूल होगी तो केंद्र सरकार, राज्य सरकार को राशि दिया करती है। पर झारखंड सरकार की बात पर इस लिए विश्वास नहीं होता है कि ये एजेंडा फैलाते हैं। पिछले इलेक्शन में भी एक लाख 36 हजार करोड़ के बकाए की बात आती थी , अब उसकी डिमांड नहीं हो रही। जनता को बरगलाने और मूर्खो बनाने के लिए नैरेटिव और एजेंडा सेट होता है। केंद्र सरकार , कोई भी राशि का मामला हो किसी राज्य के साथ भेद भाव नहीं करती है。 बाइट ...सीपी सिंह, विधायक बीजेपी बाइट ...नबीन जायसवाल, विधायक, बीजेपी
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झारखंड कांग्रेस ने के एन त्रिपाठी के बयान पर शोक जताकर जवाब मांगा

Ranchi, Jharkhand:झारखंड कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी को कांग्रेस पार्टी ने शोकॉज किया। राज्य सरकार के खिलाफ बयान देने के कारण पार्टी ने शोकॉज किया है। पार्टी ने के एन त्रिपाठी के बयान को गंभीरता से लेते हुए 7 दिनों के अंदर जवाब मांगा है। के एन त्रिपाठी को कहा गया राज्य में गठबन्धन की सरकार चल रही ऐसे में आपके बयान से सरकार की छवि धूमिल हुई। वहीं इसको लेकर बयानबाजी भी सुनाई देने लगा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा लोकप्रिय मुख्यमंत्री के बारे में इस तरह का बयान ठीक नहीं है। बाइट ...राकेश सिंहा, प्रदेश प्रवक्ता बाइट ...इरफान अंसारी, मंत्री बाइट ...सी पी सिंह, विधायक, बीजेपी
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झारखंड आंदोलनकारी बेसरा ने JPSC-JSSC में भ्रष्टाचार की CBI जांच की मांग की

Ranchi, Jharkhand:झारखंड आंदोलनकारी सूर्य सिंह बेसरा ने प्रेस वार्ता में JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने JPSC मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के उलगुलान आंदोलन को उनका नैतिक समर्थन है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए。 बेसरा ने आरोप लगाया कि JPSC में कथित तौर पर नौकरी बेचने का खेल हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच केवल CBI ही कर सकती है। उन्होंने JPSC अध्यक्ष के साथ अन्य सदस्यों के इस्तीफे, मामले की निष्पक्ष जांच और प्रभावित छात्रों को मुआवजा देने की मांग की。 उन्होंने छात्रों से आंदोलन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखने की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप से आंदोलन कमजोर होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि झारखंड में व्यवस्था परिवर्तन की जरूरत है और भविष्य में युवाओं को नेतृत्व संभालना चाहिए।
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गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान तनाव के बाद पुलिस ने शांति बनायी

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में गुलधर के पास हरिद्वार से गंगाजल लेकर राजस्थान के भरतपुर स्थित अपने गांव जा रहे एक कांवड़िए की कांवड़ कथित तौर पर इमरान नामक व्यक्ति के संपर्क में आकर छू गई। इस घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस की पैदल गश्तटीम और मधुबन बापूधाम थाना प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और कांवड़िए की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उसकी कांवड़ को दोबारा विधि-विधान से तैयार कराने में सहयोग किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समझदारी से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। इसके बाद कांवड़िया अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस के अनुसार कावड़िए को गंगा जल और नई कावड़ की व्यवस्था पुलिस द्वारा करवा दी गई और समझ बुझाकर आगे रवाना किया गया । पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या अपुष्ट जानकारी के आधार पर अफवाह न फैलाएं और शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।
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