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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow25 Jan 2025, 10:41 am

Amroha- तेंदुए की दहशत बरकरार, पुलिस की गाड़ी के सामने आया तेंदुआ

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा जनपद के डिडौली थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुरा के जंगल में तेंदुए की दहशत लगातार बरकरार है। ताजा मामले में तेंदुआ पुलिस की गाड़ी के सामने आ गया इसके बाद पुलिस वालों ने तेंदुए का वीडियो मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया , यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी देर रात गश्त कर रहे थे। तेंदुए को आता देख पुलिसकर्मियों ने अपनी गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेंदुआ सड़क पर टहलता हुआ दिखाई दे रहा है। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में नाकाम साबित हुई है। अमरोहा के लोगों में तेंदुए के कारण दहशत का माहौल है । 

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पेंशन अटकी तो 52 साल बाद विधायक खगेश्वर राय की कानूनन फिर से शादी

Jalpaiguri, West Bengal:আটকে গিয়েছে পেনশন। আর সেই পেনশন পেতেই ৫২ বছর পর ফের বিয়ের পিঁড়িতে বসলেন রাজগঞ্জের চারবারের বিধায়ক খগেশ্বর রায়। ১৯৭৬ কার্ড ছাপিয়ে ঘটা করে বিয়ে হয়। ফের ২০২৪ সালে বিয়ের ৫০ বছর পূর্তি অনুষ্ঠান। ফের ২০২৬-এর ২০মে বুধবার আজ রেজিস্ট্রি ম্যারেজ। ফের বিয়ে করলেন রাজগঞ্জের প্রাক্তন বিধায়ক খগেশ্বর রায়। আটকে গিয়েছিল বিধায়ক পেনশন। আর সেই পেনশন পেতেই বিয়ের ৫২ বছর পর ফের আইনি বিয়ে সারলেন রাজগঞ্জের চারবারের প্রাক্তন বিধায়ক খগেশ্বর রায়। বুধবার স্ত্রীকে সঙ্গে নিয়ে জলপাইগুড়িতে এসে আইন মেনে পুনরায় বিবাহ সম্পন্ন করেন তিনি। এই ঘটনাকে ঘিরে রাজনৈতিক মহল থেকে সাধারণ মানুষের মধ্যে শুরু হয়েছে ব্যাপক চর্চা। জানা গিয়েছে, সম্প্রতি কলকাতায় গিয়ে বিধায়ক কোটার পেনশনের জন্য আবেদন করেছিলেন বর্ষীয়ান এই প্রাক্তন বিধায়ক। কিন্তু আবেদন প্রক্রিয়ার সময় ম্যারেজ সার্টিফিকেট জমা দিতে বলা হয়। দীর্ঘ দাম্পত্য জীবন কাটালেও তাদের আইনি রেজিস্ট্রেশন করা হয়নি। এরপরই সিদ্ধান্ত নেন আইনিভাবে বিয়ে সারার। বুধবার স্ত্রীকে নিয়ে জলপাইগুড়িতে এসে সমস্ত আইনি প্রক্রিয়া মেনে পুনরায় বিবাহ সম্পন্ন করেন খগেশ্বর রায়। জানা যায়, প্রায় ৫২ বছর আগে সামাজিক রীতিনীতি মেনে তাদের বিয়ে হয়েছিল। তবে সেইসময় আইনি রেজিস্ট্রেশন করা হয়নি।
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साय ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर मोदी-शाह के खिलाफ अभद्र भाषा की कड़ी निंदा की

ARAmit RajJust now
राहुल गांधी की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताई कड़ी आपत्ति प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के लिए ‘गद्दार’ जैसे शब्द का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय : मुख्यमंत्री कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाएं भूल चुकी है, देश की जनता सब देख रही है : मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर 20 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के लिए ‘गद्दार’ जैसे अशोभनीय शब्द के प्रयोग की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और संकुचित मानसिकता को उजागर करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय से सत्ता से दूर रहने की निराशा में कांग्रेस अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करते हुए देश की सुरक्षा को नई मजबूती दी, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाया और देश को विश्व मंच पर एक निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित किया, उसी नेतृत्व के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद केवल व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि राष्ट्र की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रतीक होते हैं। राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उसकी आड़ में अपमानजनक और अतिवादी भाषा का प्रयोग स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक परिपक्वता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्र की सुरक्षा, विकास और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचते हुए देख रही है। ऐसे में कांग्रेस का यह गैर-जिम्मेदाराना और लोकतंत्र-विरोधी आचरण देश की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
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योगी के नमाज बयान पर अखिलेश का तीखा हमला, हिंदू इशारे पर सपा रणनीति

Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी के नमाज वाले बयान से बौखलाए अखिलेश मंगलवार को भंडारे में पूरी बांटने की रणनीति पर उतरे अखिलेश 1995 में सपा ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज और इफ्तार का किया था प्रयास क्या बंगाल की हार ने अखिलेश की दी नई सीख ? योगी मॉडल से घबराकर हनुमानजी की शरण मे अखिलेश ? बीजेपी का समाजवादी पार्टी पर हमला बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बयान मजहबी तुष्टिकरण समाजवादी पार्टी का आजमाया नुस्खा जनता को परेशानी हो,इससे सपा अध्यक्ष अखिलेश को कोई परेशानी नही सड़क पर नमाज़ पढ़ना अखिलेश जरूरी समझते हैं बंगाल चुनाव में हुई करारी हार के बाद अखिलेश को हिंदू याद आये पीडीए राजनीति के करारी हार से अखिलेश परेशान हैं
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रतलाम टोल पर भाजपा नेता शुभम गुर्जर के दबाव-धमकी वाला ऑडियो वायरल

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में एक बार फिर भाजपा नेता शुभम गुर्जर का रतलाम बिलपांक टोल पर दबाव और धमकी का मामला सामने आया है। भाजपा नेता शुभम गुर्जर का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह रतलाम के टोल मैनेजर अरजीत दास गुप्ता को फोन पर धमकाते सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि शुभम गुर्जर अपने समर्थकों के वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए निकलवाने का दबाव बना रहे थे। ऑडियो में भाजपा नेता द्वारा टोल मैनेजर को कई बार अपशब्द कहे गए और लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो काम नहीं कर पाओगे और एसपी ऑफिस के चक्कर लगाते नजर आओगे। बताया जा रहा है कि शुभम गुर्जर का नाम पहले भी टोल पर विवाद और गुंडागर्दी जैसे मामलों में सामने आ चुका है। पूर्व में पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोपों को लेकर भी उनका वीडियो चर्चा में रहा था। फिलहाल टोल मैनेजर अरजीत दास गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। वही शुभम गुर्जर ने भी टोल कम्पनी के खिलाफ पूलिस को आवेदन दिया है अब देखना होगा कि पुलिस इस वायरल ऑडियो और शिकायत के आधार पर क्या कार्रवाई करती है।
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परिवहन विभाग में 13 महीनों में 27 निलंबन, केवल 13 बहाली

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। परिवहन विभाग में निलंबित और एपीओ निरीक्षकों-डीटीओ को बगैर काम वेतन दिया जा रहा है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन के विपरीत निलंबन मामलों की 6 माह बाद भी समीक्षा नहीं की जा रही है। आपको बता दें कि बीते अप्रैल माह के दौरान ही 4 परिवहन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं, चैकिंग प्रक्रिया में ढिलाई या लापरवाही, दुर्घटना रोकने में कमियां बताकर स्टाफ को निलंबित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में 7 डिजिट घोटाले में लिप्तता मानकर ही कर्मचारी निलंबित कर दिए गए हैं। हालांकि रोचक बात यह है कि 7 डिजिट घोटाले की जांच ही सही तरीके से नहीं की गई है। परिवहन मुख्यालय के जिन अधिकारियों ने जांच की है, उन्हें खुद ही एमवी एक्ट के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस वजह से गलतियां नहीं होते हुए भी कुछ कार्मिकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। रोचक बात यह है कि कर्मचारियों का निलंबन तो किया जा रहा है, लेकिन बहाली समय पर नहीं की जा रही है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन है कि निलंबन के 6 माह में निलंबित कार्मिकों की बहाली को लेकर रिव्यू किया जाना चाहिए। लेकिन परिवहन विभाग में समयबद्ध तरीके से निलंबन मामलों को रिव्यू नहीं किया जा रहा है। 13 माह में कितने कर्मचारी निलंबित, कितने बहाल? - अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 27 कार्मिक हुए निलंबित - 16 परिवहन निरीक्षक और उप निरीक्षक निलंबित किए गए - 4 जिला परिवहन अधिकारी, 6 मंत्रालयिक कर्मचारी निलंबित - एक आरटीओ-एआरटीओ स्तर के अधिकारी निलंबित हुए -- 13 माह में 13 कर्मचारियों-अधिकारियों को ही बहाल किया गया - 6 परिवहन निरीक्षक-उप निरीक्षक बहाल किए गए - सभी 4 जिला परिवहन अधिकारी बहाल किए गए - इस अवधि में मात्र 2 मंत्रालयिक कर्मचारी बहाल हुए - एक आरटीओ-एआरटीओ स्तर के अधिकारी भी बहाल हुए क्या प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी है कारण ? आंकड़ों से साफ है कि 27 कार्मिकों के निलंबन के विपरीत बहाल मात्र 13 कार्मिकों को किया गया है। अभी भी 14 कार्मिकों की बहाली पर निर्णय होना बाकी है। रोचक बात यह है कि कई मामलों में 8 से 10 महीने और एक साल तक का समय हो चुका है। लेकिन इन्हें बहाल नहीं किया जा रहा है। जबकि 6 माह बीतने के बाद कर्मचारियों को 75 फीसदी वेतन दिया जाता है। प्रशासनिक शाखा द्वारा निलंबन मामलों का रिव्यू नहीं किए जाने से निलंबित कर्मचारियों को बिना किसी काम के ही तीन चौथाई तक वेतन दिया जा रहा है। बहाली मामलों में देरी के पीछे प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी को भी कारण माना जा रहा है। हालांकि पिछले 3 सप्ताह से परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के बतौर आयुक्त कार्य करने पर रोक के चलते भी ये निर्णय प्रभावित हुए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में प्रशासनिक मामलों में देरी हुई है। आबकारी विभाग में एक माह में बहाली खनन, परिवहन और आबकारी जैसे विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व लाने वाले विभाग हैं। ऐसे में कार्मिकों को राजस्व अर्जन से जुड़े कार्यों में लगाया जाना जरूरी है। आबकारी विभाग में आमतौर पर एक से डेढ़ माह की अवधि में ही निलंबित कार्मिकों को बहाल कर दिया जाता है। लेकिन परिवहन विभाग में एक-एक साल तक भी कार्मिकों को बहाल नहीं करने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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ग्रेटर नोएडा के दनकौर में PG कमरे में एसी धमाके से आग लग गई

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के सेक्टर-17ए स्थित सुपरटेक अपकंट्री सोसायटी में बुधवार दोपहर एक पीजी के कमरे में एसी फटने से आग लग गई। हादसे के समय कमरे में मौजूद विदेशी छात्रों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कमरे में रखा छात्रों का सामान जलकर खराब हो गया। जानकारी के अनुसार, सोसायटी के बी-1 टावर के फ्लैट 903 में पीजी संचालित किया जा रहा है। पीजी के एक कमरे में करीब पांच विदेशी छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। बुधवार दोपहर अचानक कमरे में लगे एसी में तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के बाद कमरे में आग फैल गई और धुआं भरने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज सुनते ही छात्र घबराकर कमरे से बाहर भागे। आग तेजी से बढ़ती देख सोसायटी के लोगों में दहशत फैल गई
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बीजेपी पर बीरेंद्र सिंह का तीखा हमला: सरकार नहीं, काटने की मशीन

Jhanj Kalan, Haryana:बीजेपी पर बरसे बीरेंद्र सिंह, बोले- “ये सरकार नहीं, काटने की मशीन है” हरियाणा की राजनीति में वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीरेंदर सिंह ने जींद में बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जनता के साथ लापरवाही करने वाली सरकार को राज करने का कोई अधिकार नहीं है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि “142 करोड़ देशवासियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। चाहे हरियाणा हो या पूरा देश, जनता अब जवाब मांग रही है।” उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह 10 साल तक पार्टी के साथ रहे हैं और अंदर से सब जानते हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा— “कसाई रोज भेड़-बकरी और मुर्गे काटता है, लेकिन कभी उसे भी रहम आ जाता होगा… ये लोग तो काटने की मशीन हैं। एक बार शुरू हो जाएं तो रुकते नहीं।” बीरेंद्र सिंह ने आगे कहा कि “कई लोगों को पकड़कर मशीन में डाल दिया जाता है और बटन दबाते ही भगवा रंग में साफ होकर बाहर कमल का फूल लगाकर निकलते हैं।” उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला, इसलिए उन्हें नहीं पकड़ सके, लेकिन विरोधियों को डराने और दबाने का काम लगातार किया जा रहा है। हरियाणा की सियासत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने बीजेपी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी को “काटने की मशीन” बताते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जनता से लापरवाही करने वाली सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। सुनिए क्या बोले बीरेंद्र सिंह…
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बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही पर जिला कलक्टर का स्पष्ट निर्देश

Noida, Uttar Pradesh:बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिला कलक्टर बूंदी, 20 मई। जिला कलक्टर Harphool Singh Yadav ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण तय मापदंडों के अनुसार हो तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में लू-तापघात की दवाइयों, ठंडे पानी, छाया और ठंडी हवा की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा, टीकाकरण अभियान में तेजी और नवजातों को डिस्चार्ज से पहले जन्म प्रमाण पत्र जारी करने पर जोर दिया। बैठक में सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद
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दंतेवाड़ा में डायल 112 और हाईवे पेट्रोलिंग सेवा का शुभारंभ

Dantewada, Chhattisgarh:दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में आम नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिले में डायल 112 आपातकालीन सेवा और हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ किया गया。 आज 20 मई को दंतेवाड़ा में डायल 112 सेवा की शुरुआत दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अट्टामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी के करकमलों से हुई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय की मौजूदगी में डायल 112 वाहनों को हरियर झंडी दिखाकर रवाना किया गया。 प्रारंभिक तौर पर यह सेवा थाना दंतेवाड़ा, गीदम, बचेली और किरंदुल क्षेत्र में शुरू की गई है। डायल 112 के माध्यम से अब किसी भी आपात स्थिति में नागरिक एक कॉल पर पुलिस, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं की त्वरित सहायता प्राप्त कर सकेंगे。 कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि डायल 112 सेवा 24 घंटे संचालित रहेगी और आम जनता तक तेजी से मदद पहुंचाने में यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी। साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग की शुरुआत से सड़कों पर सुरक्षा और निगरानी भी मजबूत होगी。
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परिवहन विभाग में निलंबन-बहाली का घोटाला: कई अधिकारी महीनों से इंतजार में

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर हैडर- - मुफ्तखोरी में वेतन! - निलंबन पर जोर, बहाली से दूरी - परिवहन विभाग में बहाली से दोगुने निलंबन - अप्रैल में ही 4 निरीक्षक किए गए निलंबित - आबकारी में मात्र एक महीने में भी होती है बहाली - 7 डिजिट में घोटाला बताया, जांच पर सवाल एंकर परिवहन विभाग में निलंबित और एपीओ निरीक्षकों-डीटीओ को बगैर काम वेतन दिया जा रहा है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन के विपरीत निलंबन मामलों की 6 माह बाद भी समीक्षा नहीं की जा रही है। क्यों बहाल नहीं किए जा रहे हैं कार्मिक, आखिर क्यों मुफ्तखोरी में दिया जा रहा है वेतन, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 परिवहन विभाग में अप्रैल माह के दौरान ही 4 परिवहन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग से जुड़ी विविध अनियमितताओं, चैकिंग प्रक्रिया में ढिलाई या लापरवाही, दुर्घटना रोकने में कमियां बताकर स्टाफ को निलंबित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में 7 डिजिट घोटाले में लिप्तता मानकर ही कर्मचारी निलंबित कर दिए गए हैं। हालांकि रोचक बात यह है कि 7 डिजिट घोटाले की जांच ही सही तरीके से नहीं की गई है। परिवहन मुख्यालय के जिन अधिकारियों ने जांच की है, उन्हें खुद ही MV Act के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस वजह से गलतियां नहीं होते हुए भी कुछ कार्मिकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। रोचक बात यह है कि कर्मचारियों का निलंबन तो किया जा रहा है, लेकिन बहाली समय पर नहीं की जा रही है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन है कि निलंबन के 6 माह में निलंबित कार्मिकों की बहाली को लेकर रिव्यू किया जाना चाहिए। लेकिन परिवहन विभाग में समयबद्ध तरीके से निलंबन मामलों को रिव्यू नहीं किया जा रहा है। Gfx Out वीओ- 2 आंकड़ों से साफ है कि 27 कार्मिकों के निलंबन के विपरीत बहाल मात्र 13 कार्मिकों को किया गया है। अभी भी 14 कार्मिकों की बहाली पर निर्णय होना बाकी है। रोचक बात यह है कि कई मामलों में 8 से 10 महीने और एक साल तक का समय हो चुका है। लेकिन इन्हें बहाल नहीं किया जा रहा है। जबकि 6 माह बीतने के बाद कर्मचारियों को 75 फीसदी वेतन दिया जाता है। प्रशासनिक शाखा द्वारा निलंबन मामलों का रिव्यू नहीं किए जाने से निलंबित कर्मचारियों को बिना किसी काम के ही तीन चौथाई तक वेतन दिया जा रहा है। खनन, परिवहन और आबकारी जैसे विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व लाने वाले विभाग हैं। ऐसे में कार्मिकों को राजस्व अर्जन से जुड़े कार्यों में लगाया जाना जरूरी है। आबकारी विभाग में आमतौर पर एक से डेढ़ माह की अवधि में ही निलंबित कार्मिकों को बहाल कर दिया जाता है। बहाली मामलों में देरी के पीछे प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी को भी कारण माना जा रहा है। हालांकि पिछले 3 सप्ताह से परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के बतौर आयुक्त कार्य करने पर रोक के चलते भी ये निर्णय प्रभावित हुए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में प्रशासनिक मामलों में देरी हुई है。 - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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