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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow12 Mar 2025, 12:49 pm
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मांझी में दहा नदी बांध टूटा, गांव में बाढ़ से जीवन प्रभावित

Chapra, Bihar:ANCHOR: मांझी में दहा नदी का बांध टूटा, बीन टोलियां गांव में घुसा पानी सड़कें जलमग्न, आवागमन बाधित; ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से तत्काल राहत की मांग सारण: मांझी प्रखंड के चेफूल पंचायत अंतर्गत बीन टोलियां गांव के समीप दहा नदी का बांध टूटने से इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से गांव की ओर फैल गया और कई लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। अचानक आई इस स्थिति से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है。 बीन टोलियां गांव के चारों तरफ सड़क पर भी पानी चढ़ गया है, जिसके कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के सामने घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान लाने-ले जाने की समस्या उत्पन्न हो गई है。 वर्तमान पैक्स अध्यक्ष संत सिंह ने सारण के जिला समाहर्ता से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से राहत, आवागमन और सुरक्षा के लिए अविलंब आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है。 ग्रामीणों का आरोप है कि लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी और संबंधित ठेकेदारों की कथित मिलीभगत के कारण समय रहते बांध की समुचित देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है。 वहीं, ताजपुर-दहा नदी पर बने पुराने पुल पर भी पानी चढ़ जाने से आवागमन बाधित हो गया है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल वैकल्पिक रास्ते और आवागमन की व्यवस्था की जाए। साथ ही, बगल वाले पुल के पास बैरिकेडिंग कराई जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिल सके और किसी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके। फिलहाल बांध टूटने के बाद गांव और आसपास के इलाकों में पानी लगातार फैल रहा है। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं.
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कानपुर में युवक की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल, पुलिस कर रही जांच

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के नया शिवली रोड पर शनिवार देर रात कुछ युवकों ने एक युवक को घेरकर उसके साथ जमकर मारपीट की और मारते हुए घसीटकर ले गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है。 बताया जा रहा है कि कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। वायरल वीडियो में कई लोग एक युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, युवक को मारते हुए घसीटकर ले जाने का दृश्य भी वीडियो में नजर आ रहा है। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने पूरी वारदात का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। हालांकि, वायरल वीडियो में मारपीट की असली वजह साफ नहीं हो रही है।
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खुले गड्ढे में मासूम की मौत, प्रशासन पर सवालों की गूँज

Noida, Uttar Pradesh:खुले गड्ढे में समा गई मासूम की जिंदगी, मौत के बाद उठे सिस्टम पर सवाल एंकर - लखनऊ के बीबीडी इलाके में खुले और पानी से भरे गड्ढे में गिरकर पांच साल के मासूम हर्षित की मौत के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। गड्ढा घरों के पास था और उसमें नाली तथा बारिश का पानी जमा था। हादसे के बाद परिवार बच्चे को लेकर अस्पताल-दर-अस्पताल भटकता रहा, लेकिन मासूम की जान नहीं बच सकी। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस खुले गड्ढे को लेकर जिम्मेदार विभाग ने पहले से कोई सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किया? वी ओ - ये तस्वीर उस गड्ढे की है, जो एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। बीबीडी थाना क्षेत्र के डीह गांव में करीब पांच साल का हर्षित अपने दोस्त के साथ घर के पीछे गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा। गड्ढे में नाली और बारिश का पानी जमा था। दोस्त ने परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिजनों ने बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर भागे। वी ओ - मासूम को बचाने के लिए परिवार पहले चिनहट सीएचसी पहुंचा। वहां से उसे लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि लोहिया अस्पताल में बच्चे को तत्काल उपचार नहीं मिला। इसके बाद वे उसे शहीद पथ स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अस्पताल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वी ओ - हादसे के बाद एक और गंभीर सवाल सामने आया—क्या इस गड्ढे के बारे में जिम्मेदार विभाग को जानकारी थी? स्थानीय लोगों के मुताबिक घरों की नालियों का पानी इसी गड्ढे में जमा होता था। बारिश के बाद गड्ढा पानी से भर गया था और आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अब सवाल है कि खुले गड्ढे को समय रहते क्यों नहीं ढका गया? क्या वहां बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाया गया था? और हादसे के बाद जिम्मेदारी किसकी तय होगी? वी ओ - घटना की सूचना के बाद पुलिस भी मौके और परिवार तक पहुंचने में देरी को लेकर सवालों के घेरे में रही। पुलिस के मुताबिक परिजनों की लोकेशन तलाशने में समय लगा और करीब तीन घंटे बाद पुलिस परिवार तक पहुंच सकी। बाद में मामला बीबीडी थाना क्षेत्र का सामने आया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू की और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
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घरेलू विवाद में पति ने ब्लेड से अदीबा पर हमला, हालत गंभीर

Danapur, Bihar:फुलवारीशरीफ की फेडरल कॉलोनी में घरेलू विवाद में पति की हैवानियत सामने आई है। ससुराल पहुंचे पति ने पत्नी अदीबा को कमरे में बंद कर उसके शरीर पर ब्लेड से कई वार कर दिए। हमले में अदीबा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वारदात के बाद आरोपी पति फरार है। फFedral कॉलोनी में शनिवार शाम करीब छह बजे यह वारदात हुई। पीड़िता अदीबा के मुताबिक, 31 अगस्त को पति ने उसका मोबाइल देखा था। मोबाइल में एक दूर के रिश्तेदार से हुई बातचीत को लेकर वह नाराज हो गया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि पति ने मोबाइल अपने पास रख लिया और अदीबा को मायके भेज दिया। इसके बाद देर शाम पति ससुराल पहुंचा। उस वक्त अदीबा के माता-पिता घर पर नहीं थे। आरोप है कि पति उसे कमरे में ले गया और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। मारपीट के बाद ब्लेड से उसके चेहरे, गर्दन, नाक और हाथ समेत शरीर के कई हिस्सों पर वार कर दिए。 अदीबा की चीख सुनकर ऊपर मौजूद उसके भाई मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला। इसके बाद गंभीर हालत में उसे एम्स में भर्ती कराया गया। पुलिस ने अदीबा के बयान पर केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा है। आरोपी पति घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है。
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अम्बेडकरनगर: दुष्कर्म मामले के वांछित आरोपी एसओजी-पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

Ambad, Maharashtra:Ambedkar Nagar में मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है, पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे घायल अवस्था में उपचार के लिए सीएचसी भीटी में भर्ती कराया गया है, बते़ 2 सितंबर को Ambedkar Nagar के भीटी थाना क्षेत्र में एक बालिका के साथ दुष्कर्म की गंभीर वारदात सामने आई थी, इस संबंध में पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर थाना भीटी में मुकदमा दर्ज किया गया था, पुलिस विवेचना के दौरान घटना में अभियुक्त शिबू खान पुत्र रफीक खान निवासी ग्राम लमहैया, थाना हैदरगंज जनपद अयोध्या का नाम प्रकाश में आया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, आज पुलिस को सूचना मिली कि अभियुक्त चनहा से हैदरगंज की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग से गुजर रहा है, सूचना मिलते ही एसओजी और भीटी पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, खुद को घिरता देख आरोपी बाइक से कच्चे व उबड़-खाबड़ रास्ते की तरफ भागने लगा, जहां अनियंत्रित होकर उसकी बाइक गिर गई, इसके बाद उसने छिपकर पुलिस पार्टी पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी, पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ आवश्यक बल का प्रयोग करते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली अभियुक्त के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा, पुलिस ने मौके से उसे हिरासत में ले लिया, अभियुक्त के पास से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है, क्षेत्राधिकारी भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में वांछित अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ है, उसे तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया है, मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है,
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सोनपुर में गंगा बाढ़, नावों पर जिंदगी बसर; राहत तंगहाल

Patna, Bihar:सोनपुर- गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही लोगों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। सोनपुर में करीब 15 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप हो चुका है। हालात ऐसे हैं कि लोग आने-जाने के लिए जुगाड़ से नाव तैयार कर रहे हैं। सैकड़ों घर ऐसे हैं, जिनका मुख्य सड़क और बाजार से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। तस्वीरें सोनपुर की हैं... जहाँ गंगा का बढ़ता पानी अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। चारों तरफ पानी ही पानी है और जिन रास्तों से कभी लोगों की आवाजाही हुआ करती थी, वहाँ अब नाव के अलावा कोई दूसरा विकल्प नजर नहीं आ रहा। पानी काफ़ी गहरा हैँ.. मुख्य सड़क से घर तक जाने में 10 फिट गहरा पानी को पार करना पड़ता हैँ... जुगाड़ का नाम ही एकमात्र सहारा है घरों के अंदर 2 फीट पानी प्रवेश कर चुका है... बाढ़ की वजह से करीब 15 पंचायतों में हालात बेहद खराब हैं। सैकड़ों परिवार अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। जरूरी सामान लाने से लेकर अस्पताल या बाजार तक पहुंचने के लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है。 हालात कितने मुश्किल हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग जुगाड़ से नाव बनाकर एक जगह से दूसरी जगह जाने को मजबूर हैं。 लकड़ी, ड्रम और दूसरे सामानों की मदद से तैयार की गई इन देसी नावों के सहारे लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी के लिए बाढ़ के पानी के बीच सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं है。 कई घरों के अंदर दो फीट तक पानी प्रवेश कर चुका है। घर का सामान पानी में डूब चुका है और रहने की जगह तक सीमित हो गई है。 जिनके पास पक्की छत है, वे अपने बच्चों और पालतू जानवरों के साथ उसी छत पर रहने को मजबूर हैं। नीचे घर में पानी है और ऊपर खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजर रही है。 खाने-पीने की समस्या भी अब लोगों के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जिन परिवारों के पास थोड़ा-बहुत जलावन बचा है, वे उसी के सहारे छत पर चूल्हा जलाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। न बिजली की सुविधा ठीक से मिल पा रही है, न आने-जाने का रास्ता बचा है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित परिवार हर दिन किसी तरह अपनी जिंदगी आगे बढ़ा रहे हैं。 स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक राहत और बचाव को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत नाव, पीने के पानी, भोजन और पशुओं के लिए चारे की है। लेकिन प्रभावित इलाकों में इन सुविधाओं की कमी लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। सोनपुर की ये तस्वीरें सिर्फ बाढ़ की भयावहता नहीं दिखातीं, बल्कि उन परिवारों की मजबूरी भी बयां कर रही हैं जो पानी के बीच रहकर हर दिन सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रहे हैं। जरूरत है कि प्रशासन प्रभावित इलाकों में तत्काल नाव, भोजन, पेयजल और पशु चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करे。
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टोंक नगर परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने बड़ा मंथन; सुखबीर जौनापुरिया को जिम्मेदारी सौंपी

Tonk, Rajasthan:Tonk टोंक नगर परिषद चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर बड़ा मंथन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री आवास पर टोंक नगर परिषद के निकाय चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की इस दौरान पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को टोंक नगर परिषद चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई इस अवसर पर पूर्व विधायक अजीत मेहता एवं नगर परिषद टोंक की पूर्व सभापति लक्ष्मी जैन भाजपा नेता बेनी प्रसाद जैन को समस्त वार्डों की जिम्मेदारी देते हुए भी स्पष्ट संदेश दिया गया कि सभी वार्डों में कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क एवं संवाद करते हुए भाजपा प्रत्याशियों को मजबूती प्रदान कर भाजपा को जिताए
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हनुमान जी पर टिप्पणी से सियासी बवाल: सपा-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप तेज

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:स्लग: हनुमान जी पर टिप्पणी से सियासी बवाल सपा नेता अमर सिंह पाल की हनुमान जी पर टिप्पणी से विवाद, भाजपा ने साधा निशाना कानपुर देहात। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह पाल के भगवान हनुमान को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। अमर सिंह पाल सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की 115वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने रामायण और हनुमान कथा का जिक्र किया और हनुमान जी के बेटे मकरध्वज को लेकर सवाल खड़े किए。 अमर सिंह पाल ने कहा कि धार्मिक कथा के अनुसार हनुमान जी लंका पहुंचे थे। रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगाई गई और उन्होंने उछल-उछलकर पूरी लंका में आग लगा दी, जिससे सोने की लंका जलकर राख हो गई。 उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “मैं 30 साल से सराफे का काम करता हूं, सोना जलता नहीं।” उन्होंने कहा कि मिट्टी के तेल और कपड़े से सोना नहीं जल सकता। सोना गल सकता है, लेकिन जलकर राख नहीं हो सकता। ऐसे में अगर लंका जल गई तो वह सोने की कैसे रही? अमर सिंह पाल ने आगे हनुमान जी और मकरध्वज की कथा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंका दहन के बाद हनुमान जी अपनी पूंछ की आग बुझाने के लिए समुद्र में कूदे और उनका पसीना समुद्र में गिरा। कथा के अनुसार यही पसीना एक मछली के पेट में पहुंचा, जिससे मकरध्वज का जन्म हुआ。 इसी को लेकर अमर Singh पाल ने वैज्ञानिक तर्क देते हुए कहा कि पसीने में शुक्राणु नहीं होते और बिना शुक्राणु के गर्भाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि मछली गर्भवती हुई, तो विज्ञान के अनुसार मछली अंडे देती है, इसलिए मछली के बच्चे को जन्म देने की बात भी सवाल खड़े करती है। सपा नेता ने लोगों से धार्मिक कथाओं को लेकर पढ़ने और तर्कशील बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के बाद लोगों को मंच पर तर्क और तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। अमर Singh पाल ने पेरियार ई.वी. रामासामी, रामस्वरूप वर्मा, डॉ. भीमराव आंबेडकर और गौतम बुद्ध के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर समाज पाखंड में फंसा रहेगा और पाखंडियों की बात मानता रहेगा तो उसका भला नहीं हो सकता। भाजपा ने किया पलटवार अमर सिंह पाल के बयान पर भाजपा नेता अनिल शुक्ला वारसी ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमर सिंह पाल का काम रामायण की बुराई करना रह गया है और अब भगवान हनुमान को लेकर भी आपत्तिजनक बातें की जा रही हैं। वारसी ने कहा कि कोई भगवान को माने या न माने, लेकिन धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर इस तरह की टिप्पणी से माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं。 भाजपा नेता ने अमर सिंह पाल के सराफे के कारोबार को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कानपुर में उनकी दुकान है और वह अकबरपुर के दलित और गरीब लोगों का सोना तीन प्रतिशत पर गिरवी रखते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब अमर सिंह पाल की टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई है। सवाल यह है कि धार्मिक मान्यताओं पर वैज्ञानिक तर्क रखने के नाम पर दिए गए ऐसे बयानों की सीमा क्या होनी चाहिए और क्या इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई की जाएगी।
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गिरिडीह में शोक: इरफान अंसारी ने संदीप सोनू के निधन पर श्रद्धांजलि

Giridih, Jharkhand:गिरिडीह- मंत्री इरफान अंसारी ने दी श्रद्धांजलि देते हुए कहा- सुबह-सुबह गिरिडीह पहुंचकर अपने साथी एवं भाई, मंत्री श संदीप सोनू जी के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि में शामिल हुआ। आज मन बेहद व्यथित है। अपने भाई को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी अपने साथी को खोने के गम में भावुक होकर रो पड़े। हमने अपना एक भाई, अपना साथी और एक समर्पित जनसेवक खो दिया है। उनका असमय निधन हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। झारखंड की राजनीति में भी उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। उनके जैसा व्यक्तित्व और उनकी जगह शायद कभी पूरी नहीं हो पाएगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार, समर्थकों एवं चाहने वालों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ॐ शांति。
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समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से 2.7 मीटर ऊपर, नावों पर जिंदगी गुजार रहे लोग

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 मीटर 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अब घरों के अंदर तक पहुंच चुका है. कहीं दो से तीन फीट पानी है तो कहीं सड़कें पूरी तरह डूब चुकी हैं. हालात ऐसे हैं कि लोग अपना घर और सामान छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं. जिन लोगों ने घर नहीं छोड़ा है, उनकी जिंदगी नाव के सहारे चल रही है. पीने के साफ पानी से लेकर आने-जाने तक के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड की डुमरी दक्षिणी पंचायत में बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गांव के कई घरों में दो से तीन फीट तक पानी घुस चुका है. घरों में पानी भरने के बाद लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं. कई परिवारों ने घर छोड़ दिया है. लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि घर छोड़कर जाने के बाद पीछे सामान और घर की सुरक्षा कौन करेगा. बाढ़ का असर सिर्फ आम लोगों की जिंदगी पर नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था से जुड़े लोगों पर भी पड़ा है. डुमरी दक्षिणी पंचायत की बाढ़ प्रभावित आंगनबाड़ी सेविका भी अपना घर छोड़कर मायके चली गई ہیں. पानी लगातार बढ़ने के कारण उनके लिए आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचना और बच्चों से जुड़ी सेवाएं संचालित करना मुश्किल हो गया है. गांव के चारों तरफ पानी ही पानी है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों के सामने सबसे बड़ी समस्या पीने के साफ पानी की है. आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बचा है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से नावों का निबंधन तो कराया गया है, लेकिन जरूरत के हिसाब से नाव उपलब्ध नहीं हो पा रही है. ऐसे में जरूरी सामान लाने से लेकर बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने तक ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ प्रभावित इलाके की ग्राउंड रियलिटी और लोगों की परेशानी को लेकर बातचीत की जी मीडिया संवाददाता मंटून कुमार रॉय ने.
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