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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow5 Feb 2025, 08:46 am

Amroha - संविदा कर्मी को तैनाती न मिलने पर भीम रक्षक दल ने किया आंदोलन

Amroha, Uttar Pradesh:

संविदा कर्मी गजराज सिंह को ट्रांसफर के बाद भी जमालपुर विद्युत उपकेंद्र न्यू कलेक्ट्रेट पर तैनाती नहीं मिलने से हड़कंप मच गया है. इसे लेकर भीम रक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भीम रक्षक दल के समर्थकों ने XEN कार्यालय के बाहर धरना देकर विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. संगठन के लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द गजराज सिंह को तैनाती नहीं दी गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. फिलहाल, नगर कोतवाली क्षेत्र के डबल लाइन बिजली घर पर धरना जारी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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दीवार उठाने के विवाद में चले लाठी डंडे,कई लहूलुहान

NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollowJust now
Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक।थाना क्षेत्र अंतर्गत दिखलौल पंचायत के मजरा गांव मर्दन पुरवा में सोमवार सुबह दीवार उठाने को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले, जिससे दोनों पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।घायलों में एक महिला और युवती भी शामिल हैं।डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया है। मारपीट का एक वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। फिलहाल, जनसंदेश टाइम्स वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहा है।इटियाथोक थाना क्षेत्र के मर्दन पुरवा गांव में सेखुई- धानेपुर मार्ग पर स्थित एक भूमिधरी नम्बर हैं, जिस पर दोनों पक्ष के लोग अपना-अपना हक जमा रहे हैं। सोमवार को उसी जमीन पर एक पक्ष के बब्लू सिंह दीवाल जोड़ रहे थे।तभी दूसरे पक्ष से कांति सिंह विरोध जताने लगीं। दोनों पक्षों में कहा सुनी होने लगी धीरे-धीरे मामला मारपीट में तब्दील हो गया। मौके पर पहुंच कर ग्रामीण जब तक बीच बचाव करते तब तक दूसरे पक्ष के रामकुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, हिम्मत सिंह, कांति सिंह व बिन्नू गंभीर रूप से घायल हो गये। जिन्हें इटियाथोक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज हेतु लाया गया, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला मुख्यालय के लिये रिफर कर दिया है।प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी का कहना है कि दोनो तरफ से तहरीर मिली है, मामले में लिखा पढ़ी की जा रही है।
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बिजली संकट और विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रीय छात्र पंचायत का हल्लाबोल

KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollowJust now
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा। जनपद में पिछले 8 दिनों से व्याप्त घोर बिजली संकट और विभाग में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आज राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने बिगुल फूंक दिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडे के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्य अभियंता (Chief Engineer), देवीपाटन मंडल के कार्यालय का घेराव किया। भीषण गर्मी के बीच कार्यकर्ता कार्यालय के गेट पर ही धरने पर बैठ गए और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को संबोधित एक ज्ञापन चीफ गोंडा को सौंपकर एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया। जनता त्रस्त, अधिकारी मस्त: शिवम पांडेय प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडे ने कहा कि पिछले 8 दिनों से पूरा जनपद अंधेरे में डूबा है। छात्र पढ़ नहीं पा रहे हैं और किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि: • ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जेई (JE) और एसडीओ (SDO) को लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी जनता का फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझ रहे। • प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। टेंडर और आपदा प्रबंधन में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ला ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आंधी-तूफान जैसी आपदाओं से निपटने के लिए विभाग के पास पहले से टेंडर और बजट स्वीकृत होता है। उन्होंने सवाल किया कि "अगर आपदा से निपटने के लिए पैसा आवंटित था, तो वे खंभे और तार कहाँ गए जो इस समय लगने चाहिए थे? 8 दिन बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल न होना एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।" बिना बिजली के बिल: भ्रष्टाचार का जीवंत प्रमाण संगठन ने इटियाथोक ब्लॉक के ग्राम पंचायत 'लो शीशा मुरावनपुरवा' का मामला उठाते हुए बताया कि यहाँ विभाग की लापरवाही चरम पर है। गांव में अभी तक बिजली की लाइन नहीं पहुंची है, लेकिन कागजों पर मीटर दर्ज कर ग्रामीणों को बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। बिना बिजली दिए बिल वसूलना विभाग की लूट खसोट को उजागर करता है। एक हफ्ते का अल्टीमेटम राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हुई और भ्रष्टाचार की जांच नहीं की गई, तो संगठन पूरे जिले में व्यापक आंदोलन छेड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और जिला प्रशासन की होगी। उपस्थिति: इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेश प्रताप सिंह 'शालू', आदित्य प्रताप सिंह, दिलीप मिश्रा, कृष्णा राजपूत, नीतीश वर्मा, दीनानाथ वर्मा, शुभम तिवारी, हर्षित श्रीवास्तव, अवधेश तिवारी, प्रिंस गुप्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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आगर मालवा के नीलेश पटेल ने एक दिन सायकल से पर्यावरण बचत संदेश दिया

Agar, Madhya Pradesh:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील का असर अब शहरों में भी दिखाई देने लगा है। आगर मालवा नगर पालिका अध्यक्ष नीलेश पटेल ने सप्ताह में एक दिन अपने दो और चार पहिया वाहनों का उपयोग बंद कर सायकल चलाने का संकल्प लिया है. नगर पालिका अध्यक्ष नीलेश पटेल सुबह अपने घर से सायकल लेकर निकले और शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से मुलाकात कर सायकल उपयोग के फायदे भी बताए। उनका कहना है कि यदि हर व्यक्ति सप्ताह में कम से कम एक दिन सायकल का उपयोग करे, तो पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ-साथ प्रदूषण भी कम किया जा सकता है और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा. सायकल से नगर भ्रमण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे छोटी दूरी के लिए मोटर वाहन की जगह सायकल का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच सिर्फ ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी हुई है।
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जालौन में दो बसों के बीच बैक करने से कंडक्टर योगेश की मौत

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में दो बसों के बीच दबकर अधेड़ कंडेक्टर की हुई मौत, बस स्टॉप पर दिल्ली से लौटी स्लीपर बस को बैक कराते समय हुआ हादसा, बस को पीछे बैक कराते समय दो बसों के बीच फंसा कंडक्टर, पीछे खड़ी दूसरी बस को न देखने पर दोनों बसों के बीच दबकर 48 बर्षीय कंडक्टर योगेश की हुई मौत, आनन-फानन में लोगों ने बस कंडक्टर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया भर्ती, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के कोंच बस स्टैंड की घटना।
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देवरिया में लव जिहाद आरोप पर आरोपी गिरफ्तार; स्कूल ने इनकार किया

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य की कथा के दौरान देवरिया की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा द्वारा लव जिहाद का आरोप लगाए जाने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो वायरल होने पर भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मामले का संज्ञान लेते हुए देवरिया पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं संबंधित स्कूल प्रबंधन ने छात्रा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्रा दो वर्ष पहले कॉलेज से पढ़ाई कर चुकी है और वर्तमान में संस्थान से उसका कोई संबंध नहीं है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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कालसी के अशोक शिलालेख में इतिहास और धम्म का संदेश

Noida, Uttar Pradesh:टॉप: चकराता _sLag_: कालकूट से कालसी तक – एक ऐतिहासिक सफर एंकर : भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की धरती न केवल प्राकृतिक सौंदर्य, बल्कि प्राचीन सभ्यताओं का भी केंद्र रही है। देहरादून का कालसी क्षेत्र, जिसे प्राचीन काल में 'कालकूट' कहा जाता था, कभी इस पूरे हिमालयी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक और राजनीतिक राजधानी हुआ करती था। यहाँ स्थित सम्राट अशोक का शिलालेख भारत के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। आज बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट...... Yamuna, Tauns aur Amalava nadiyon ke sangam sthal ke beech basaa ye Kaalsi kabhi itihaas ki badi hulchalon ka gawah raha hai. Prachin kaal me ise 'Kalkoot' kaha jata tha, jo Kooninda vansh ki rajdhadya thi. Mahabharat kaal me bhi is kshetra ka ullekh milta hai. Aapni rananiti sthiti ke karan, Maurya samrat Ashok ne isi sthaan ko apne rajkiya aadeshon (shilalekho) ke liye chuna. Yah Uttar Bharat ka ekmatra pramukh shilalek hai, jo yah sabit karta hai ki us daur me Kaalsi ek bahut bada prashasnik kendr tha. Sado ke baad duniya ki nazron se rehne ke baad, is dharohar ki khoj British adhikari John Forest ne ki thi. Unhone 1860 me is visal shila ki pehchan ki thi. Us waqt yah ek teele par jhadiyon aur mitti me dbi ek chattan thi‌. Is shila ki banawat behad anuthi hai—ye quartzite patthar hai jo hazaron saal baad bhi aisa hi chamak raha hai. Iske aitihasik mahatva ko dekhte hue, saal 1912 me tatkalin sanyukt prant (United Provinces) ki sarkar ne ise ek imaarat ke jariye sanrakshit kiya, taaki is aitihik dharohar ki pahchan surakshit rah sake. Bataaya jata hai ki is sthaal ke paas khudai me pauranik mandir ke avshesh bhi paye gaye hain jo aaj bhi shilalekh kaksh me surakshit hai. Maujooda samay me yah sthaal Bharatiya Puratatva Sarvekhsha (ASI) ke adhin hai jahan varsh bhar paryatako ka aana-jaana laga rehta hai. Jinan ka kehna hai ki itihaas ke panno par hi ise dekha tha lekin aaj is shilalek ko dekhne ke baad mahaan samrat Ashok ke siddhanton ko samajhne ka mauka mila hai. Chhaya 01: Paryatak Agar Bharat ke mappar dekhen, to Samraat Ashok ne apni shakti aur shasan ke siddhant ko chihnit karne ke liye desh ke kuch hi hisso me aisi vishal shilaayan chuni thi. Kaalsi ke alava Bharat me Girnar (Gujarat), Sopara (Maharashtra), Yeragudi (Andhra Pradesh) aur Dhouli aur Jogar (Odisha) ke saath hi Maansehaara aur Shahbazgadhi (vartaman Pakistan) jaise sthanon par hi ye mukhya shilalek present hain. Sabse khaas baat yah hai ki is shila ke kinare par ek haathi ka rekha chitr bana hai, jiske neeche 'Gajatame' likha hai. Yah na keval kala ka namuna hai, balki buddh ke pratik ke roop me bhi dekha jata hai. Wahan in shilalekhon me Ashok ne yuddh ka tyag kar 'Dhamma' apnane, pakshu chikitsa kendra kholne aur sabhi dharmon ke prati sammaan rakhne ka sandesh diya hai. Saath hi is visal quartzite chattaan par prakrit bhasha aur Brahmi lipi me Samraat Ashok ke 14 mukhya sandesh utkirth hai. Jisko dekhte hue sthal ke paas ke kshetra ko adhigrahit kar is sthaal ko vistit karne ki iccha vyakt ki ja rahi hai taaki aane wali pidhi apne itihaas se rubaru ho sake. Bait 02: Vijaya Kumaar sthaniya niwasi Bait 03: Bharat ke naye sansad bhavan ka nirmaan hua hai jismein Aakhand Bharat ka manchitra lagaya gaya hai jismein Uttarakhand se keval Kaalsi ka naam ankrit hai to kahin na kahin yah iski aadhunikta ko pramaanit karte hain. Final V/O : Samrat Ashok ke ye siddhant aaj bhi duniya ko shanti ka rasta dikhate hain. Kaalsi ka yah shilalek hamari us prachin samruddha virasat ka prateek hai, jise sanjona hum sabki zimmedari hai.
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दो बाइक की भिड़ंत: एक युवक की मौत, तीन घायल, डूंगरपुर

Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन - दो बाइक की हुई टक्कर, हादसे में एक युवक की मौत, 3 युवक हुए घायल एंकर इंट्रो - डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के सरकण पेट्रोल पंप के पास दो मोटरसाइकिलों की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 3 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए । घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वही शव को मोर्चरी में रखवाया है। बॉडी - डूंगरपुर जिले के सदर थाने के हैड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार ने बताया कि तीजवड निवासी पुष्पेन्द्र डामोर अपने चचेरे भाई गोविंद और एक अन्य साथी संजय के साथ बाइक से पेट्रोल भरवाने जा रहे थे।जैसे ही वे सरकण पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, सामने से गलत दिशा से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों पर सवार लोग सड़क पर गिरकर लहुलुहान हो गए। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत डूंगरपुर के जनरल अस्पताल ले जाया गया।अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्पेंद्र डामोर मृत घोषित कर दिया। उसका शव फिलहाल मोर्चरी में रखवाया । वही तीन घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है। बाइट - सुरेंद्र कुमार हैड कांस्टेबल अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
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जयपुर के घंटियों वाले मंदिर में भक्तों की मन्नत पूरी होने की कथा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर की गलियों में एक ऐसा मंदिर.......जहां भक्त सिर्फ माथा टेकने नहीं आते बल्कि अपनी पूरी हुई मनोकामनाओं की आवाज़ छोड़कर जाते हैं.....आवाज़ घंटियों की.....आस्था की....विश्वास की....सूरजपोल बाजार के दर्जियों का रास्ता स्थित रूद्रघंटेश्वरी महाकालिका मंदिर में वर्षों से अनोखी परंपरा निभाई जा रही है.....यहां जिसकी मुराद पूरी होती है......वह माता के दरबार में घंटी चढ़ाता है.....आज मंदिर में सैकड़ों घंटियां टंगी हैं......और हर घंटी अपने साथ किसी भक्त की पूरी हुई इच्छा की कहानी कहती है… वीओ-1-जयपुर…जहां हर गली में इतिहास सांस लेता है…हर चौक पर आस्था की कहानी मिलती है…लेकिन गुलाबी नगरी में एक ऐसा दरबार भी है…जहां मन्नत पूरी होने पर भक्त मिठाई नहीं…बल्कि घंटी चढ़ाते हैं। सूरजपोल बाजार के दर्जियों का रास्ता स्थित रूद्र घंटेश्वरी महाकालिका मंदिर…आज “घंटियों वाली माताजी” के नाम से पहचान बना चुका है। यहां कदम रखते ही ऐसा लगता है मानो सैकड़ों घंटियां एक साथ भक्तों की आस्था का संगीत सुना रही हों। यह मंदिर किसी विशाल परिसर में नहीं…बल्कि एक साधारण घर के भीतर बना है…लेकिन इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। दरबार में चारों तरफ टंगी घंटियां…हर घंटी अपने साथ एक कहानी लेकर खड़ी है। किसी को नौकरी मिली…किसी का रिश्ता तय हुआ…किसी के घर किलकारी गूंजी…तो किसी को बीमारी से राहत मिली। भक्त मानते हैं कि मां रूद्र घंटेश्वरी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना कभी अधूरी नहीं रहती। इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान है इसकी अनोखी परंपरा। यहाँ भक्त पहले मनोकामना मांगते हैं…और मुराद पूरी होने पर वापस आकर माता को घंटी अर्पित करते हैं। सालों से चली आ रही इसी परंपरा ने इस छोटे से मंदिर को घंटियों के विशाल संसार में बदल दिया है। मंदिर में सैकड़ों घंटियां टंगी हैं…जो भक्तों की आस्था और विश्वास की गूंज बन चुकी हैं। माता रूद्र घंटेश्वरी 108 चांदी के छत्रों की छाया में विराजमान हैं। मंदिर परिसर में भगवान शिव के 108 नामों से सुशोभित रूद्र घंटिकाएं भी लगी हुई हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आने से मन को अद्भुत शांति मिलती है…और माता हर दुख दूर कर देती हैं। इसी विश्वास के चलते जयपुर ही नहीं…दूर-दराज राज्यों से भी लोग यहां दर्शन के लिए पहुँचते हैं। मंदिर से जुड़ी कथा भी उतनी ही अद्भुत मानी जाती मानी जाती है। पुजारी संजीव कुमार शर्मा के मुताबिक…करीब 250 वर्ष पुरानी महाकालिका की प्रतिमा कभी अधूरी अवस्था में मूर्ति मोहल्ले में एक गोदाम में पड़ी थी। फिर एक दिव्य स्वप्न के बाद प्रतिमा को पूर्ण रूप दिया गया…और 1985-86 में विधि-विधान से स्थापना की गई। कहा जाता है कि जिस दिन प्रतिमा घर लाई गई…उस दिन बेमौसम बारिश हुई…और पूरे इलाके में इसे दिव्य संकेत माना गया। शुरुआत में प्रतिमा को घर के एक छोटे कमरे में कपड़े से ढककर रखा गया था…लेकिन धीरे-धीरे माता के चमत्कारों की चर्चा फैलने लगी। बाद में 71 विद्वान पंडितों द्वारा दुर्गा सप्तशती और रूद्र पाठ के साथ माता की भाव प्रतिष्ठा की गई। और फिर एक घरेलू मंदिर…आस्था का ऐसा केंद्र बन गया…जहां आज हर घंटी…किसी न किसी पूरी हुई मन्नत की गवाही देती है। वॉक थ्रू--दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर बाइट-संजीव कुमार शर्मा, पुजारी वीओ-2-जयपुर की गलियों में बसे इस अनोखे मंदिर की कहानी सिर्फ आस्था नहीं…बल्कि एक संकल्प की कहानी मानी जाती है। कहा जाता है कि करीब ढाई सौ साल पुरानी महाकालिका की प्रतिमा कभी अधूरी अवस्था में एक गोदाम में पड़ी थी…लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दिव्य संकेत मिलने के बाद प्रतिमा को पूर्ण रूप दिया गया और वर्ष 1986 में विधि-विधान के साथ स्थापना हुई। लेकिन असली चमत्कार तो स्थापना के बाद शुरू हुआ… जब मातेश्वरी ने आदेश दिया मेरे मंदिर में 108 घंटियां लगाओ…बस फिर क्या था…भक्तों ने इसे माता का आह्वान मान लिया। सबसे पहली घंटी भक्त नंदकिशोर वर्मा ने चढ़ाई…और धीरे-धीरे मनोकामनाएं पूरी होने के साथ घंटियों का कारवां बढ़ता चला गया। सिर्फ दो वर्षों में 108 घंटियों का संकल्प पूरा हो गया… और तभी माता का नाम पड़ा रूद्र घंटेश्वरी महाकालिका। मंदिर की सबसे खास बात ये है कि यहाँ लगी हर घंटी सिर्फ धातु नहीं…बल्कि किसी भक्त की पूरी हुई मन्नत की गवाही मानी जाती है। इन घंटियों पर भगवान शिव के 108 नाम अंकित हैं, जिन्हें रूद्र घंटिका कहा जाता है। इतना ही नहीं मंदिर में 108 चांदी के छत्र भी विराजमान हैं, जो इस धाम की अद्भुत पहचान बन चुके हैं। पुजारी बताते हैं की कहानी में एक और रोचक मोड़ तब आया जब गृहस्थ परिवार में कालीजी की प्रतिमा स्थापित करने का विरोध शुरू हुआ। परिवार, रिश्तेदार और समाज के कई लोगों ने सवाल उठाए…लेकिन हर बाधा अपने आप समाप्त होती चली गई। मानो मातेश्वरी स्वयं मंदिर रूप में विराजमान होना चाहती हों। आखिरकार विद्वानों और पंडितों ने यह मान्यता दी कि मां काली, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती तीनों आदिशक्ति के ही स्वरूप हैं। इसके बाद वैसाख कृष्ण नवमी, शुक्रवार, संवत 2046 यानी साल 1986 में भगवान शिव की प्रतिमा के साथ महाकालिका की स्थापना की गई। आज यह मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं…बल्कि आस्था का ऐसा केंद्र बन चुका है जहां हर महीने कन्या पूजन, दुर्गा पाठ और भजन संध्या होती है। चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। हालात ये हैं कि मंदिर में घंटियों की संख्या इतनी बढ़ चुकी है कि अब उन्हें लगाने के लिए जगह कम पड़ने लगी है… लेकिन भक्तों की श्रद्धा कम नहीं हुई। मान्यता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से माता से प्रार्थना करता है…मनोकामना पूरी होने पर वह घंटी चढ़ाने जरूर लौटता है। शायद इसी वजह से लोग आज भी मातेश्वरी को प्यार से “घंटियों वाली माता” कहकर पुकारते हैं। बाइट-सुरेश कुमार बाइट-डॉ.आशा व्यास बाइट-उर्मिला शर्मा बहरहाल, रूद्र घंटेश्वरी महाकालिका मंदिर आज सिर्फ एक मंदिर नहीं…बल्कि विश्वास, आस्था और मनोकामना का प्रतीक बन चुका है। यहां आने वाला हर भक्त घंटियों की गूंज में अपनी उम्मीद और विश्वास दोनों महसूस करता है। जयपुर के इस छोटे से मंदिर में घंटियों की आवाज सिर्फ धातु की ध्वनि नहीं…बल्कि हजारों भक्तों की पूरी हुई मन्नतों की गूंज है। यही वजह है कि रूद्र घंटेश्वरी माता का यह दरबार अब आस्था का एक अनोखा केंद्र बन चुका है।
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पश्चिम बंगाल के ओडलाबाड़ी में बीजेपी विजय रैली, हजारों समर्थक उत्साह से झूमे

Mal Bazar, West Bengal:পশ্চিমবঙ্গে সাম্প্রতিক নির্বাচনে বিজেপির উল্লেখযোগ্য সাফল্যের পর থেকেই রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্তে বিজয় উৎসবে মেতে উঠেছেন দলীয় কর্মী-সমর্থকেরা। সেই আবহেই মাল বিধানসভার দক্ষিণ ওদলাবাড়ি বিজেপির উদ্যোগে ওদলাবাড়িতে আয়োজিত হল এক বর্ণাঢ্য বিজয় মিছিল। ঢাকের বাদ্য, ডিজের তালে তালে নাচ এবং গেরুয়া আবিরে রঙিন হয়ে ওঠে গোটা ওদলাবাড়ি শহর। সকাল থেকেই বিজেপি কর্মী-সমর্থকদের ভিড়ে উৎসবের চেহারা নেয় এলাকা। ৮ থেকে ৮০—সব বয়সের মানুষ এই বিজয় মিছিলে অংশ নেন। বিশেষভাবে নজর কাড়ে মহিলাদের স্বতঃস্ফృత উপস্থিতি। পাশাপাশি যুব সমাজও উচ্ছ্বাসে রাস্তায় নেমে বিজয় উৎসবে সামিল হয়। এদিন মাল বিধানসভার জয়ী প্রার্থী শুক্রা মুন্ডার কাটআউট নিয়ে মিছিলটি গোটা ওদলাবাড়ি শহর পরিক্রমা করে। রাস্তার দু’ধারে দাঁড়িয়ে সাধারণ মানুষও মিছিলে অংশগ্রহণকারীদের উৎসাহ দেন। বিজেপি নেতা অখিল সরকার বলেন, “এই বিজয় মিছিলে প্রায় পাঁচ হাজার মানুষ অংশ নিয়েছেন। সাধারণ ঘরের মহিলারাও স্বতঃস্ফুর্তভাবে রাস্তায় নেমে নাচে-গানে অংশ নিয়েছেন। এমন দৃশ্য আগে অন্য কোনও রাজনৈতিক দলের ক্ষেত্রে দেখা যায়নি।” বিজয় মিছিলকে ঘিরে গোটা এলাকায় ছিল উৎসবের আমেজ। বিজেপি নেতৃত্বের দাবি, মানুষের এই বিপুল অংশগ্রহণ আগামী দিনে সংগঠনকে আরও শক্তিশালী করবে।
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उदयपुर के सवीना पावर हाउस गर्मी में बिजली कटौती से लोगों का आक्रोश

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के सवीना पावर हाउस में देर रात लोगो ने जम कर हंगामा किया। दरअसल भीषण गर्मी में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से परेशान लोग बड़ी संख्या में पावर हाउस पहुँच गए। आरकेपुरम, गोकुल विलेज, पीकॉक हिल, सवीना और तीतरड़ी सहित कई कॉलोनियों में देर तक बिजली बंद रहने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जहां रोजाना शहर के अलग भागों में बिजली कटौती की जा रही हे। अब इस भीषण गर्मी में रात में भी पावर कट हो रहा हे। परेशान लोग जब शिकायत लेकर सवीना पावर हाउस पहुंचे। तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। लोगों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद अधिकारियों ने कॉल रिसीव नहीं किए। मौके पर सिर्फ एक-दो कर्मचारी ही मौजूद थे, जो लोगों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इससे नाराज लोगों ने पावर हाउस परिसर में आक्रोश जताते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही सवीना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश कर मामला शांत कराया। लोगों ने बिजली व्यवस्था जल्द सुचारू करने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद भी करीब दो घंटे बाद बिजली सप्लाई शुरू हो पाई। लगातार हो रही बिजली कटौती से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही हे。
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नाबालिग प्रेमिका के साथ विवाद: युवक ने हत्या के बाद की आत्महत्या

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित अकारू गांव मंगलवार को दहशत और सनसनी से भर गया, जब एक युवक और नाबालिग किशोरी के शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक कमरे के भीतर मिले। प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि युवक ने कथित रूप से नाबालिग प्रेमिका की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी। मृतिका की मां ममता ने कहा कि तुम्हारी बिटिया की डोली नहीं उठने देंगे, मौके पर पुलिस के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार मृत युवक की उम्र करीब 25 वर्ष थी और वह औरैया जनपद का निवासी था, जो कानपुर देहात में अपनी मामी के घर रह रहा था। इसी दौरान उसकी पड़ोस में रहने वाली एक नाबालिग लड़की से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की चर्चा गांव में थी। मंगलवार को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि विवाद के बाद युवक ने किशोरी पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने कमरे के भीतर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक दोनों के बाहर न आने पर परिजनों को शक हुआ। जब कमरे के अंदर जाकर देखा गया तो दोनों शव पड़े मिले। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मंगलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने मौके से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा दिखाई दे रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।
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बारां में सादा वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों ने छेड़खानी करने वालों को दबोचा, वायरल हुआ 영상

Baran, Rajasthan:खाकी का ऑपरेशन मनचला सादा वर्दी में निकली महिला कांस्टेबलों से छेड़खानी पड़ी महंगी सरेराह हुई धुनाई ​बारां शहर के स्टेशन रोड पर सोमवार रात दो मनचलों को महिला policeकर्मियों को 'सामान्य युवती' समझना उस वक्त भारी पड़ गया, जब उनके पाले में जूडो-कराटे के दांव-पेच पड़ गए। महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत सादा वर्दी में गश्त कर रही महिला कांस्टेबलों ने छेड़खानी करने वाले दो युवकों को रंगे हाथों दबोच कर सलाखों के पीछे पहुँचाया। ​जयपुर पुलिस निदेशालय और एसपी अभिषेक अंदासु के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत एएसआई चेतना स्वामी के नेतृत्व में महिला कांस्टेबलों की टीमें सादा वर्दी में तैनात की गई हैं। सोमवार रात दो महिला पुलिसकर्मी आम नागरिकों की तरह स्टेशन रोड पर पैदल घूम रही थीं। इस दौरान उन्होंने एक दुकान पर गन्ने का जूस भी पिया ताकि किसी को शक न हो। ​तभी दो बाइकों पर सवार चार मनचले उनके पीछे लग गए। खुद को सुरक्षित समझ रहे ये युवक लगातार अश्लील फब्तियां कसते रहे और युवतियों का पीछा करते रहे। ​ ​जब महिला कांस्टेबल जनता टॉकीज क्षेत्र की अंधेरी गलियों की ओर बढ़ीं, तो मनचलों ने उन्हें घेरकर रोकने का प्रयास किया। इसी पल का इंतजार कर रही जांबाज कांस्टेबलों ने तुरंत फुर्ती दिखाते हुए बाइक की चाबियां निकाल लीं। ​युवक कुछ समझ पाते और भागने की कोशिश करते, उससे पहले ही पहले ही जूडो-कराटे में पारंगत महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें डॉक्टर गिरधर गोपाल की गली में दबोच लिया। बीच सड़क पर हुई इस धुनाई को देखकर आसपास के लोग भी दंग रह गए। अभियान प्रभारी चेतना स्वामी ने बताया कि मौके से दो युवकों को गिरफ्तार कर थाने भिजवाया गया है, जबकि दो अन्य फरार होने में कामयाब रहे जिनकी तलाश की जा रही है।
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