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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow5 Feb 2025, 08:46 am

Amroha - संविदा कर्मी को तैनाती न मिलने पर भीम रक्षक दल ने किया आंदोलन

Amroha, Uttar Pradesh:

संविदा कर्मी गजराज सिंह को ट्रांसफर के बाद भी जमालपुर विद्युत उपकेंद्र न्यू कलेक्ट्रेट पर तैनाती नहीं मिलने से हड़कंप मच गया है. इसे लेकर भीम रक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भीम रक्षक दल के समर्थकों ने XEN कार्यालय के बाहर धरना देकर विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. संगठन के लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द गजराज सिंह को तैनाती नहीं दी गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. फिलहाल, नगर कोतवाली क्षेत्र के डबल लाइन बिजली घर पर धरना जारी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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तेलंगाना की अवैध MD ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, मीरा-भायंदर पुलिस ने माल जब्त

Mumbai, Maharashtra:तेलंगाना में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, मीरा-भायंदर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 20 करोड़ से अधिक का माल जब्त मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलंगाना के जाहिराबाद क्षेत्र में चल रही एक अवैध एमडी ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, रसायन और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की है। मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को हुई, जब नयानगर पुलिस ने एक महिला के कब्जे से लगभग 1 किलो 324 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की थी। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 2.66 करोड़ रुपये आंकी गई। जांच में सामने आया कि यह ड्रग्स उसके पति और अन्य आरोपियों से जुड़ी हुई थी। इसके बाद नयानगर पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के जाहिराबाद क्षेत्र में एक फार्म हाउस के भीतर अवैध एमडी ड्रग्स निर्माण इकाई संचालित की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां छापा मारकर पूरी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान करीब 3 किलो तैयार एमडी ड्रग्स बरामद की गई। इसके अलावा ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले क्लोरोफॉर्म, एसीटोन, मोनोमेथाइलामीन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और अन्य रसायनों सहित लगभग 2293 लीटर केमिकल जब्त किए गए। फैक्ट्री में मौजूद लैब उपकरण, मशीनरी और अन्य सामग्री भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली। पुलिस के अनुसार, इस छापेमारी में करीब 6.22 करोड़ रुपये मूल्य का माल जब्त किया गया है। इससे पहले की गई कार्रवाइयों को मिलाकर अब तक इस प्रकरण में कुल 20.82 करोड़ रुपये से अधिक का मुद्देमाल बरामद किया जा चुका है। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई को एमबीवीवी पुलिस की मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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ED ने दाऊद के करीबी सलिम डोला के ड्रग सिंडिकेट पर ठिकानों पर छापामारी

New Delhi, Delhi:दाऊद के करीबी सलीम डोला के ड्रग सिंडिकेट पर ED का बड़ा एक्शन, 20 ठिकानों पर छापेमारी.... ED ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की जा रही है। सलीम डोला को भारत सरकार पिछले महीने तुर्किये से प्रत्यर्पित कर भारत लाई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी के नेटवर्क का संचालन कर रहा था और सिंथेटिक ड्रग मेफेड्रोन (MD) की तस्करी से जुड़ा हुआ था। ED की छापेमारी उन लोगों और संस्थानों पर केंद्रित है जो इस नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभा रहे थे। इनमें प्रीकर्सर केमिकल सप्लायर, केमिकल ट्रेडिंग से जुड़े बिचौलिए, MD ड्रग बनाने और सप्लाई करने वाले तस्कर, हवाला ऑपरेटर और अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई बेनामी संपत्तियों के मालिक शामिल हैं। यह जांच मुंबई में दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में अब तक खुलासा हुआ है कि यह एक बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क था, जो ड्रग निर्माण के लिए जरूरी केमिकल की खरीद, गुप्त फैक्ट्रियों में मेफेड्रोन तैयार करने, विभिन्न राज्यों में उसकी सप्लाई, विदेशों तक तस्करी और हवाला चैनलों के जरिए करोड़ों रुपये के काले धन को खपाने में शामिल था। ED के अधिकारी इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। जांच का दायरा कौमिकल फैक्ट्रियों से लेकर वित्तीय मददगारों, अकाउंटेंट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, हवाला कारोबारियों और बेनामी संपत्तियों के जरिए धन निवेश करने वाले लोगों तक फैला हुआ है।
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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का अधिवेशन: प्रभात ध्यानी केंद्रीय अध्यक्ष, 2027 चुनाव तैयारी

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का दो दिवसीय अधिवेशन संपन्न, प्रभात ध्यानी बने केंद्रीय अध्यक्ष, 2027 विधानसभा चुनाव पूरे दमखम से लड़ने का ऐलान। रामनगर स्थित अग्रवाल सभा भवन में अधिवेशन में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई, साथ ही संगठन को मजबूत बनाने और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। अधिवेशन के दौरान पार्टी की नई केंद्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया, सर्वसम्मति से राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया, उनके अध्यक्ष चुने जाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। नवनियुक्त केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को पूरे दमखम के साथ अपने बलबूते लड़ेगी, अधिवेशन में देश और प्रदेश की राजनीति, सामाजिक परिस्थितियों तथा जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चिंतन-मंथन किया गया, पार्टी प्रदेश में समान विचारधारा वाले जन संगठनों और सामाजिक समूहों को साथ लेकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करेगी। प्रभात ध्यानी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार उत्तराखंड की अस्मिता और सम्मान से खिलवाड़ कर रही है तथा राज्य गठन की मूल अवधारणा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी और वर्ष 2027 के चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। इसके अलावा बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी प्रदेश के युवाओं और आम जनता को प्रभावित कर रहे हैं। पार्टी आगामी चुनाव में इन सभी जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
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सतना नगर निगम में महापौर-कमिश्नर के बीच तनाव, पहले सफाई आउटसोर्स पर चर्चा

Satna, Madhya Pradesh:सतना। एक ही छत के नीचे बैठे भाजपा महापौर और IAS कमिश्नर के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। सत्ताधारी महापौर योगेश ताम्रकार ने नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीणा पर कार्य न करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पत्र लिखा है। महापौर ने बताया कि बरसात से पहले शहर की नालियों व ड्रेन की सफाई के लिए 90 दिनों के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की भर्ती करनी थी, लेकिन कमिश्नर ने 27 मार्च को दिए गए पत्र पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। कल हुई पहली बारिश में शहर के कई इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं, जिसकी जिम्मेदारी कमिश्नर पर डाली गई है।महापौर योगेश ताम्रकार ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे बहुत दुःख के साथ यह पत्र लिखना पड़ा। जनता मुझसे सवाल पूछ रही है, जबकि मूलभूत काम रुके पड़े हैं।” उन्होंने पत्र की कॉपी भोपाल को भी भेज दी है। सतना नगर निगम में निर्माण कार्य और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। यह मामला मध्यप्रदेश के पहले ऐसे नगर निगम के रूप में चर्चा में है जहां महापौर को कमिश्नर को बार-बार पत्र लिखना पड़ रहा है। इसके पहले भी फरवरी में महापौर ने कमिश्नर को पत्र लिख कर गंभीर आरोप लगाए थे, और पार्षदों का दल लेकर भोपाल भी गए थे लेकिन महापौर और कमिश्नर के बीच रार कम नहीं हुई। वहीं इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर ने बात करने से मना कर दिया。
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हाथी प्रभावित टाटीबेड़ा गांव: जंगलों से गुजरकर पहुंचना मुश्किल

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - विकास की बाट जोहते हाथी प्रभावित क्षेत्र टाटीबेड़ा गाँव के ग्रामीण। एंकर - खूँटी जिले के कई ऐसे गाँव आज भी विकास का बाट जोह रहा है। खूँटी में कई ऐसे गाँध आज भी हैं जहाँ आधारभूत सुविधाओं की कमी है। उसमें से एक रनिया प्रखंड के टाटीबेड़ा गाँव। जहाँ सड़कों की अभाव में ग्रामीणों को जंगल से होकर गुजरना पड़ रहा है। हाथी प्रभावित टाटीबेड़ा गाँव जाने के लिए जंगलों के बीच से होकर कच्ची सड़क और पगडंडियों से आवागमन करना पड़ता है। अब बरसात आने में कुछ ही समय बाकि है जिसके कारण अभी से ही लोगों को आवागमन की चिंता सता रही है। एक तो हाथियों का दहशत और फिर वाहनों गांव तक नहीं पहुंच पाना परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार परेशानियों को जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा। लेकिन इसका कोई निराकरण नहीं निकला । जनप्रतिनिधि वोट के समय ग्रामीणों को वादे तो किये और अच्छे अच्छे सपने दिखाकर सब्जबाग दिखाए। लेकिन अबतक इनके वाले पूरे नहीं किए। इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं।
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नालंदा सहयोग शिविर में 82 मामलों का मौके पर निष्पादन, सरकारी सेवाओं का सरल पहुंच

Pariaunna, Bihar:नालंदा जिले के पन्चायत पपरनौसा और तियारी में सहयोग शिविर आयोजित किए गए ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे। शिविर में भूमि विवाद, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और राजस्व से जुड़े आवेदन प्रमुख थे। तियारी पंचायत में 83 मामलों में से 82 मौके पर निष्पादन कर दिया गया, जबकि पपरनौसा पंचायत में 81 आवेदनों का निष्पादन किया गया। तियारी पंचायत सरकार भवन में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर कार्यक्रम का आकर्षण रही। प्रशासन ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाना और समस्याओं का पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
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आदिवासियों को वनवासी कहे जाने पर आक्रोश, जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को वनवासी कहे जाने पर आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश है। इस बयान के विरोध सहित आदिवासी समाज की अन्य मांगो को लेकर आदिवासी कांग्रेस की ओर से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। वही केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वही कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देव शंकर ननोमा के नेतृत्व में आदिवासी कांग्रेस के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। इस मौके पर आदिवासी कांग्रेस ने देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को वनवासी कहे जाने पर विरोध जताया वही जनगणना में अलग से आदिवासी धर्म कोड, जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देव Shankar Nnoma ने कहा, हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं है। हम इस देश के मूल मालिक हैं। हम जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाले प्रकृति पूजक हैं। हमारा कल्चर, रहन-सहन और खान-पान अन्य सभी जातियों और धर्मों से बिल्कुल अलग है। इसलिए हमें आदिवासी ही रहने दिया जाए। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से देश और प्रदेश की आदिवासी जनता से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गृह मंत्री ने माफी नहीं मांगी, तो आदिवासी समाज सड़कों पर उतरकर जेल भरो आंदोलन करेगा। इस दौरान होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्ष 1871 से 1950 तक आदिवासियों का एक अलग धर्म कोड था, जिसे धीरे-धीरे खत्म कर दिया गया। उन्होंने आगामी 2026-27 की जनगणना में आदिवासियों के लिए फिर से एक अलग धर्म कोड की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही आदिवासी समाज ने अपनी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की मांग की है। इधर अपनी मांगों को लेकर आदिवासी कांग्रेस ने कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है।
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राजस्थान में आबकारी विभाग का ढांचा बदला, 53 कार्यालयों के साथ नया एजेंसी सिस्टम

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में शराब के विभाग का पूरा ढांचा बदला, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक के पद खत्म\n\n- राजस्थान में आबकारी विभाग के ढांचे में आमूलचूल बदलाव, ''आबकारी प्रवर्तन एवं निरोधक बल'' होगा नया नाम \n- राज्य में आबकारी के 53 जिले, 286 सर्किल होंगे, अकेले जयपुर में 4 आबकारी जिले बनेंगे\n- 10 अन्य बड़े जिलों को 2-2 जिलों में बदला, एक कनिष्ठ आबकारी कार्यालय में औसतन 27 दुकानें होंगी\n\nजयपुर।\n\nआबकारी विभाग के ढांचे में आमूलचूल बदलाव हुआ है। वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के अंतर्गत एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने ''एकीकृत आबकारी प्रवर्तन एवं निरोधक बल'' का गठन किया है। इस नए बदलाव के तहत दशकों से चले आ रहे पुराने प्रशासनिक पदों और कार्यालयों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। क्या हुए हैं महत्वपूर्ण बदलाव, कितने होंगे आबकारी जिले, कैसे कार्य करेगा पूरा विभाग, जी मीडिया की यह रिपोर्ट पढ़िए। \n\nदरअसल वित्त विभाग ने आबकारी विभाग के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेशों के अनुसार वर्तमान जिला आबकारी अधिकारी (DEO), वृत्त निरीक्षक कार्यालयों, निवारक शाखा के उपायुक्त, आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी और पारंपरिक आबकारी थानों को अब समाप्त कर दिया गया है। नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अब पूरे प्रदेश में नए पदनाम और कार्यालय सृजित किए जाएंगे। जिनमें अतिरिक्त आयुक्त जोन, उपायुक्त/आबकारी अधिकारी और कनिष्ठ आबकारी अधिकारी कार्यालय शामिल हैं। नए ढांचे के अंतर्गत अब प्रदेश में ''जिला आबकारी अधिकारी'' का पदनाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और वे अब अपनी वरिष्ठता के आधार पर उपायुक्त या आबकारी अधिकारी के नाम से जाने जाएंगे। वरिष्ठ वेतनमान के अधिकारियों के दफ्तर को ''उपायुक्त कार्यालय'' और सामान्य या कनिष्ठ वेतनमान के अधिकारियों के दफ्तर को ''आबकारी अधिकारी कार्यालय'' कहा जाएगा। इनके कार्यालयों में सहयोग के लिए 1-1 सहायक आबकारी अधिकारी (AEO) और 1-1 कनिष्ठ आबकारी अधिकारी तैनात होंगे। राज्य में संभाग स्तर पर 8 ''अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालय'' गठित होंगे, जिनमें से 6 पदों पर आरएएस (RAS) अधिकारी और 2 पदों पर सामान्य शाखा के अतिरिक्त आयुक्त या EPF के संयुक्त आयुक्त लगाए जा सकेंगे।\n\nइस तरह होगा आबकारी विभाग का ढांचा\n- अवैध मदिरा गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 2 प्रवर्तन कार्यालय खुलेंगे\n- जयपुर और जोधपुर में 2 ''उपायुक्त विधि कार्यालय'' बनाए जाएंगे\n- पूरे राज्य में उपायुक्त/आबकारी अधिकारी के कुल 53 कार्यालय होंगे\n- 8 कार्यालयों में RAS, 45 में आबकारी विभाग के अधिकारी लगाए जाएंगे\n- सामान्य शाखा के उपायुक्त या जिला आबकारी अधिकारी लगाए जा सकेंगे\n- निरोधक दल के उपायुक्त/आबकारी अधिकारी भी लगाए जा सकेंगे\n- आबकारी निरीक्षक नहीं, अब कनिष्ठ आबकारी अधिकारी होगा नया पदनाम\n- कनिष्ठ आबकारी अधिकारी के 286 कार्यालय होंगे, 111 ग्रेड-1, 175 ग्रेड-2 कार्यालय\n- ग्रेड- 1 के कार्यालयों में ग्रेड-1 के आबकारी निरीक्षक लगेंगे\n- ग्रेजुएट ग्रेड-1 PO लग सकेंगे, 3 वर्ष का अनुभव होना जरूरी\n- ग्रेड-1 के 10-12वीं उत्तीर्ण PO भी चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर लग सकेंगे\n- ग्रेड-2 के कार्यालयों में सामान्य शाखा के निरीक्षण ग्रेड-2 लगेंगे\n- निरोधक दल के स्नातक उत्तीर्ण, 3 वर्ष अनुभव वाले PO ग्रेड-2 लग सकेंगे\n- 10वीं-12वीं उत्तीर्ण PO को 3 वर्ष के अनुभव के साथ चयन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी\n- मौजूदा जमादार ग्रेड-1 के कार्मिक उप निरीक्षक लगाए जाएंगे\n\nनए जिलों में खुलेंगे जिला स्तरीय आबकारी कार्यालय\nइस पुनर्गठन में आबकारी विभाग ने राज्य सरकार के नए राजस्व जिलों में भी कार्यालय खोलने का प्रारूप तय कर दिया है। दरअसल अब तक विभाग का कामकाज पुराने 33 जिलों के पैटर्न पर ही संचालित हो रहा था। लेकिन अब पुनर्गठन में 7 नए जिलों में जिला स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे। नए जिलों बालोतरा, फलौदी, सलूम्बर, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा और डीग में नए जिला स्तरीय कार्यालय खोले जाएंगे। जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में यह कार्यालय पहले से ही संचालित है। वहीं कुछ बड़े जिलों में कार्यालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जयपुर जिले में अब 2 से बढ़ाकर कुल 4 जिला स्तरीय कार्यालय संचालित होंगे। वित्त विभाग के प्रमख सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि बजट घोषणा की अनुपालना में यह नई कवायद की गई है। इससे सामान्य शाखा और निरोध दल मिलकर एक साथ बेहतर कार्यवाही कर सकेंगे। साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में भी अपेक्षित वृद्धि हो सकेगी। \n\nजयपुर जिले में अब 4 आबकारी जिले\n- 10 जिलों में 2-2 जिला कार्यालय खुलेंगे, इनके नाम प्रथम और द्वितीय होंगे\n- अजमेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर,\n- झुंझुनूं, जोधपुर और कोटा में 2-2 जिला स्तरीय कार्यालय होंगे\n- जयपुर में 4 जिला स्तरीय कार्यालय, प्रथम से चतुर्थ तक होंगे\n- इन सभी जिलों में राजस्व तहसील के हिसाब से क्षेत्र बांटे गए\n- जयपुर प्रथम में जयपुर तहसील का पूरा क्षेत्र शामिल होगा\n- जयपुर द्वितीय में सांगानेर तहसील का पूरा क्षेत्र शामिल होगा\n- जयपुर तृतीय में आमेर, शाहपुरा, जमवारामगढ़, बस्सी, चाकसू,\n- माधोराजपुरा, आंधी, तूंगा और कोटखावदा के क्षेत्र शामिल होंगे\n- जयपुर चतुर्थ में रामपुरा डाबडी, किशनगढ़ रेनवाल, जोबनेर, फागी,\n- मौजमाबाद, दूदू, सांभर, चौमूं, कालवाड़ और जालसू तहसील के क्षेत्र होंगे\n\nजयपुर संभाग में होंगे 2 जोन \nइसी तरह अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालयों में जयपुर संभाग के लिए 2 जोन गठित किए गए हैं। एक जोन जिसे जयपुर शहर नाम दिया गया है, उसमें राजस्व जिला जयपुर के पूरे क्षेत्र को शामिल किया गया है। जबकि दूसरा जोन जयपुर ग्रामीण में अलवर, कोटपूतली-बहरोड, खैरथल-तिजारा, दौसा, सीकर और झुंझुनूं जिलों के क्षेत्र को शामिल किया गया है। जयपुर के अलावा अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर में एक-एक अतिरिक्त आयुक्त जोन कार्यालय संचालित होंगे। वहीं नई प्रशासनिक व्यवस्था में राज्य सेवा और अधीनस्थ सेवा के नए सेवा नियम बनाकर इनके अंतर्गत ही नई भर्तियां की जा सकेंगी।
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मनोरपुर हत्या के विरोध में ग्रामीण धरने पर, गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग

Jaipur, Rajasthan:शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण) मनोहरपुर में गला काटकर निर्मम हत्या का मामला। मृतक के परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। मनोहरपुर पुलिस थाने में धरना जारी है। पुलिस अधिकारियों और धरनार्थियों के बीच वार्ता चल रही है; ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। शाहपुरा विधायक मनीष यादव भी धरना स्थल पर पहुंचे और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि ठोस कार्रवाई तक आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने जल्द खुलासे और गिरफ्तारी के प्रयासों की जानकारी दी।
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उदयपुर के गंगू कुंड में मौत पर आरोपित हरि बंसल, निष्पक्ष जांच की मांग

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के गंगू कुंड में डूबने से हुई दुर्गाशंकर सालवी की मौत के मामले में अब एक नया विवाद सामने आया है। मृतक के परिवार और सालवी समाज के लोगों ने आज भूपालपुरा थाने के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने हरि बंसल नाम के व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि दुर्गाशंकर अपने बच्चे को तैरना सिखाने के लिए गंगू कुंड गया था, जहां हरिबंसल ने दुर्गा शंकर को दबाव डालकर पानी में उतारा और डूबने लगा तो भी बचाने का प्रयास नहीं किया। डूबने से उसकी मौत हो गई। समाज के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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3 जून की रात से हिमाचल में बारिश तेज हवाओं के साथ मौसम बदलेगा 6 जून तक

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल में 3 जून की रात से बदलेगा मौसम 4-5 जून को बारिश और तेज हवाओं के आसार मई में सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश कई जिलों में हीटवेव और ओलावृष्टि का असर हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश और गरज-चमक के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में मौसम सामान्य बना रहेगा, लेकिन 3 जून की रात से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर 6 जून तक देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं कांगड़ा, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में गरज-चमक की गतिविधियां भी दर्ज की गईं। बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन के तापमान में कमी आई है। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री कम है। मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम रहा। प्रदेश में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 जून और 3 जून की दोपहर तक मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, लेकिन 3 जून की शाम और रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। इसके प्रभाव से 4 और 5 जून को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। शोभित कटियार ने बताया कि वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ का असर 3 जून की रात से 6 जून की दोपहर तक रहेगा। इसके बाद 10 जून तक किसी नए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के हिमाचल को प्रभावित करने की संभावना नहीं है। हालांकि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में हल्के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विभाग का कहना है कि 7 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने के साथ प्रदेश में तापमान फिर बढ़ने लगेगा और मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। आमतौर पर मई में प्रदेश में करीब 63 मिलीमीटर वर्षा होती है, लेकिन इस बार केवल 50.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम है। जिला स्तर पर ऊना में सबसे अधिक 110 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि बिलासपुर में सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। दूसरी ओर लाहौल-स्पीति में 59 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। किन्नौर और चंबा में भी 50 से 54 प्रतिशत तक वर्षा की कमी दर्ज की गई। मई में हीटवेव और ओलावृष्टि दोनों का असर मई महीने के दौरान प्रदेश में ओलावृष्टि की कई घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा करीब सात दिनों तक हीटवेव जैसी परिस्थितियां भी बनी रहीं। मौसम विभाग के अनुसार मई गर्मी के मौसम का चरम महीना होता है, इसलिए हीटवेव, ओलावृष्टि और प्री-मानसून गतिविधियां इस दौरान सामान्य मानी जाती हैं। विभाग के मासिक पूर्वानुमान के मुताबिक जून में हिमाचल के अधिकांश निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और मंडी के कुछ हिस्सों में सामान्य वर्षा हो सकती है। फिलहाल मौसम विभाग ने 4 और 5 जून के दौरान संभावित बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बाइट — शोभित कटियार, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला
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भीषण गर्मी में पेयजल संकट पर स्पेशल अभियान से राहत: 3,077 हैंडपंप मरम्मत, 1,644 लीकेज दुरुस्त

Jaipur, Rajasthan:भीषण गर्मी में पेयजल प्रबंधन से गांवों को बड़ी राहत मिली है। 6 स्पेशल अभियान चलाकर हैंडपंप सुधरवाकर राहत दी गई। इसके साथ साथ पाइप लाइन लीकेज दुरुस्त, जलापूर्ति, अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई की गई। सीएम के निर्देश का असर- प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सीएम बेहद गंभीर हैं। सीएम के निर्देश के बाद पीएचईडी में शुरू हुए स्पेशल अभियान का असर देखा जा रहा है। मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की मॉनिटरिंग में गांवों से लेकर शहर तक पेयजल प्रबंधन की राहत देने की कोशिश की जा रही है। अभियानों के दौरान 3,077 हैंडपंपों की मरम्मत, 1,644 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्त किए गए। 978 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान, 1,144 बाधित जलापूर्ति क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। इसके अलावा 230 कम अवधि वाली जलआपूर्ति, 544 कम सप्लाई और 121 प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी निस्तारण किया गया। विभाग ने 1,401 अवैध जल कनेक्शन हटाने के साथ 6,827 अन्य पेयजल सुधार कार्य किए। विशेष टीमों ने मौके पर किया समाधान- अभियानों के तहत गठित विशेष टीमों ने शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। छठे विशेष अभियान में 639 खराब हैंडपंपों को फिर चालू किया गया, 455 पाइपलाइन लीकेज ठीक किए गए, 220 प्रेशर संबंधी शिकायतों का समाधान किया गया। साथ ही 242 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल कर आमजन को राहत पहुंचाई गई। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई- जल संरक्षण और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल कनेक्शन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। छठे अभियान के दौरान 336 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे, सरस डेयरी बूथ, कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। पीएचईडी की तकनीकी टीमों ने अभियान के दौरान प्राप्त लगभग 2,600 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर आमजन को तत्काल राहत प्रदान की। अप्रैल से चल रहा अभियान- 5 अप्रैल से 23 मई तक संचालित पांच विशेष अभियानों के दौरान 2,438 हैंडपंपों की मरम्मत, 1,189 पाइपलाइन लीकेज की दुरुستی, 758 प्रेशर समस्याओं का समाधान, 902 जलापूर्ति बाधित मामलों का निस्तारण, 180 कम अवधि वाली जलआपूर्ति, 416 कम सप्लाई, 95 प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का समाधान 6,277 अन्य सुधार कार्य किए गए। इसी अवधि में 1,065 अवैध जल कनेक्शन भी हटाए गए।
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