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Amroha: गजरौला में सलेमपुर रोड स्थित जेवी इंटरनेशनल स्कूल में तिरंगा रैली निकाली गई
Amroha, Uttar Pradesh:शनिवार को गजरौला में सलेमपुर रोड स्थित जेवी इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने मां ललिता देवी मंदिर से तिरंगा रैली निकाली। स्कूल के प्रबंधक प्रमोद सिंघल ने जानकारी दी कि रविवार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सुबह 10 बजे मंडी धनोरा के पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल स्कूल में ध्वजारोहण करेंगे।
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Amarnath Yatra samapti, Shankaracharya Temple se Chhari Mubarak nikala
Srinagar, Uttarakhand:Amarnath Yatra Concludes Today, Chhari Mubarak Taken Out from Shankaracharya Temple Srinagar: The annual Amarnath Yatra concludes today, with the traditional Chhari Mubarak taken out from the ancient Shankaracharya Temple in Srinagar. Thousands of devotees reached the Shankaracharya Temple to participate in the religious ceremonies and perform puja and archana on the concluding day of the pilgrimage. This year, more than 4.80 lakh devotees are reported to have performed darshan of Baba Amarnath during the annual yatra. Elaborate security arrangements were also put in place inside and around the Shankaracharya Temple to ensure the safety and security of devotees participating in the concluding religious ceremonies.0
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बारामुला में नाके के दौरान आरोपी के पास से दो हथगोले बरामद
Gulmarg, Baramulla, Aug 28. Two hand grenades were recovered from a man during a naka checking operation at Wussan Bangil in Kunzer area of north Kashmir’s Baramulla district, officials said. The checking was conducted by a joint party comprising personnel from Police Station Kunzer, SOG Kunzer, CRPF 176 Battalion and Army’s 2 Rashtriya Rifles. During the checking of vehicles and pedestrians, a man allegedly attempted to flee after noticing the security personnel. He was, however, apprehended at the spot. The man was identified as Shakir Nabi Lone, a resident of Hardu Aboora, Kunzer. Two hand grenades were allegedly recovered from his possession during a personal search. Following the recovery, FIR No. 115/2026 has been registered at Police Station Kunzer under relevant provisions of law. Further investigation into the case is underway.0
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रक्षाबंधन पर अजमेर की महिलाओं ने मेहंदी से भाई की कलाई सुहानी
Ajmer, Rajasthan:सदियों से चली आ रही परम्परा का निर्वहन का पर्व रक्षाबंधन आज हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है.. अजमेर में अपने भाई की कलाई पर राखी बंधने के लिए अपने हाथों को हिना से सजाने के लिए महिलाओ को लाइन लग गई... सुंदर हिना से सजे हाथों से अपने भाई की कलाई को राखी से सजाने के लिए मेहंदी लगवा रही महिलाओ से उनकी खुशी साझा की0
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नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास घुसपैठ की कोशिश नाकाम, ड्रोन निगरानी बढ़ी
Jammu, सूत्रों के हवाले से खबर है कि नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर हाथी माथा पोस्ट के पास रुमली धार के जंगलों में भारतीय सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों की संख्या एक से दो बताई जा रही है। घुसपैठियों की ओर से फायरिंग किए जाने के बाद भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग होने की सूचना है। फिलहाल पूरे इलाके में भारतीय सेना की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और जंगलों में तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों की ओर से अभी इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इसके अलावा, इलाके में ड्रोन की मूवमेंट भी देखे जाने की सूचना है। सुरक्षाबल ड्रोन गतिविधि को लेकर भी सतर्क हैं और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।0
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बॉस स्कैम: फर्जी संदेश से कंपनियों के खाते खाली करने की नई साइबर ठगी
Jaipur, Rajasthan:बॉस का एक मैसेज... और कंपनी का बैंक अकाउंट खाली ! साइबर ठगी का नया पैंतरा, एक आरोपी गिरफ्तार अगर आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर कंपनी के बॉस के नाम से अचानक कोई मैसेज आए और उसमें लाखों-करोड़ों रुपए ट्रांसफर करने को कहा जाए... तो सावधान हो जाइए। क्योंकि साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका निकाला है... नाम है 'बॉस स्कैम'। साइबर ठग पहले कंपनी के सिस्टम या लैपटॉप में सेंध लगाते हैं... बॉस और कर्मचारियों की जानकारी जुटाते हैं... फिर उसी बॉस के नाम से फर्जी वॉट्सएप अकाउंट या मैसेज तैयार कर अकाउंटेंट और मैनेजर को तत्काल पेमेंट के निर्देश दिए जाते हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस तरह की ठगी के खिलाफ एडवाइजरी जारी की है... वहीं ऐसे ही एक मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है। देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट... साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं...कभी डिजिटल अरेस्ट... कभी निवेश के नाम पर ठगी... और अब कंपनियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आया है फर्जी बॉस स्कैम। इसमें निशाने पर आमतौर पर कंपनी का अकाउंटेंट, फाइनेंस विभाग या मैनेजर होता है। अपराधी पहले कंपनी के बारे में जानकारी जुटाते हैं। बॉस कौन है... अकाउंटेंट कौन है... कंपनी में किसके पास पेमेंट करने की जिम्मेदारी है... ये सारी जानकारी जुटाने के बाद शुरू होता है असली खेल。 साइबर अपराधी कंपनी के किसी कर्मचारी के लैपटॉप या कंप्यूटर में मालवेयर पहुंचा सकते हैं। इसके लिए ई-मेल, लिंक, ZIP फाइल या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। कई बार APK या दूसरी संदिग्ध फाइल भी भेजी जाती है। कर्मचारी जैसे ही फाइल या लिंक पर क्लिक करता है...मालवेयर सिस्टम में पहुंच सकता है। इसके बाद अपराधियों को कंपनी के सिस्टम, वॉट्सएप वेब और दूसरी डिजिटल जानकारी तक पहुंच बनाने का रास्ता मिल सकता है。 बॉस स्कैम का पूरा खेल कंपनी की जानकारी जुटाई लैपटअप/सिस्टम में मालवेयर पहुंचाया बॉस और कर्मचारियों की जानकारी हासिल की फर्जी वॉट्सएप /ई-मेल से संपर्क अकाउंटेंट को तत्काल पेमेंट का आदेश पैसा अपराधियों के खातों में ट्रांसफर ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता... अपराधी असली बॉस के वॉट्सएप नंबर को ब्लॉक करवा सकते हैं या कर्मचारी को इस तरह भ्रमित करते हैं कि उसे लगे... मैसेज सीधे उसके बॉस ने ही भेजा है। पुराने मैसेज का पैटर्न देखकर उसी भाषा और अंदाज में नया मैसेज भेजा जाता है। मैसेज में लिखा होता है... 'तुरंत पेमेंट करना है...''बहुत जरूरी ट्रांजेक्शन है...''अभी फंड ट्रांसफर कीजिए...' और कर्मचारी बॉस के निर्देश समझकर बिना दोबारा पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर देता है। यहीं से कंपनी का पैसा साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच जाता है。 राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इसे लेकर बाकायदा एडवाइजरी जारी कर रखी है। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार साइबर अपराधी फर्जी बॉस या फर्जी नियामक संस्था बनकर कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। खास तौर पर वित्तीय लेन-देन से जुड़े कर्मचारियों को टारगेट किया जा रहा है। अपराधियों का मकसद दो तरह से ठगी करना है...पहला-मालवेयर इंस्टॉल करवाना...और दूसरा-सीधे बैंक खाते से पैसा ट्रांसफर करवाना。 बाइट – इस तरह की साइबर ठगी में रकम छोटी नहीं होती। जांच में ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी सामने आ चुकी है। स्टेट साइबर क्राइम थाना प्रभारी गजेंद्र का कहना है कि कुछ मामलों में कॉरपोरेट अकाउंट से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। अभी तक ढाई करोड़, दो करोड़ 76 लाख रुपए की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। ठगों ने रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के बाद डिजिटल करेंसी और USDT जैसे माध्यमों में बदलने का रास्ता भी अपनाया। यानी एक बार पैसा निकल गया तो उसे वापस हासिल करना बेहद मुश्किल हो सकता है。 सावधानी बरतें, सतर्क रहें, ये एडवाइजरी ... राजस्थान साइबर पुलिस ने साफ किया है कि अगर किसी कर्मचारी को बॉस, कंपनी के मालिक या किसी नियामक संस्था के नाम से संदिग्ध मैसेज मिले...तो जल्दबाजी बिल्कुल न करें। किसी भी बड़े वित्तीय भुगतान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।बॉस को उसी वॉट्सएप चैट पर जवाब देने के बजाय सीधे फोन करें...या आमने-सामने पुष्टि करें。 बॉस का मैसेज आया? तुरंत पैसा ट्रांसफर न करें अनजान ZIP/APK न खोलें संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें बॉस से सीधे फोन पर पुष्टि करें Two-Factor Authentication रखें WhatsApp वेब और वॉट्सएप Linked Devices चेक करें Antivirus और सुरक्षा सॉफ्टवेयर अपडेट रखें कौन-सा डिवाइस आपके WhatsApp से जुड़ा है... अगर कोई अनजान डिवाइस नजर आए तो तुरंत उसे लॉगआउट करें। कंपनियों को भी अपने फाइनेंस सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करना चाहिए। किसी एक कर्मचारी के कहने पर बड़ा पेमेंट नहीं... बल्कि बड़े ट्रांजेक्शन के लिए Two-Level Verification जरूरी किया जाए। यानी एक व्यक्ति पेमेंट तैयार करे..और दूसरे अधिकृत अधिकारी से उसकी पुष्टि हो। इससे फर्जी बॉस के एक WhatsApp मैसेज से कंपनी का पूरा बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा काफी कम किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है...तो इंतजार मत कीजिए। तुरंत 1930 पर साइबर हेल्पलाइन में शिकायत करें। साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है। राजस्थान पुलिस ने साइबर हेल्पडेस्क के लिए 9256001930 और 9257510100 नंबर भी जारी किए हैं। याद रखिए...साइबर ठगी में समय ही सबसे बड़ा हथियार है। जितनी जल्दी शिकायत...उतना ही पैसा बचाने का मौका。0
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कैग ऑडिट ने 122 करोड़ का बिना जाँच भुगतान उजागर किया: जेजेएम में अनियमितता का बड़ा मामला
Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए चल रहे जल जीवन मिशन (जेजेएम) में भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कैग की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में 26 क्षेत्रीय जलापूर्ति परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी किए बिना ठेकेदारों को 122.311 करोड़ रुपए का भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है। बिना जांच के हुआ करोड़ों का भुगतान- ऑडिट के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक संबंधित ठेकेदारों को भुगतान किया गया। रिपोर्ट में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बावजूद भुगतान किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। कैग ने इस पूरी प्रक्रिया को गंभीर अनियमितता के तौर पर चिन्हित किया है। 7.70 करोड़ के फर्जी बिलों का भी खुलासा- मामला सिर्फ 122 करोड़ रुपए के भुगतान तक सीमित नहीं है। ऑडिट में 7.70 करोड़ रुपए के कथित फर्जी बिलों के आधार पर अनियमित भुगतान का भी खुलासा हुआ है। इसके बाद विभागीय निगरानी और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। कैग के अनुसार कुछ घटनाक्रमों से पूरी टेंडर प्रक्रिया संदेह के घेरे में आती है। शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ खर्च- ऑडिट में वर्ष 2022-23 के दौरान अलग-अलग जलापूर्ति परियोजनाओं के शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। कैग ने कहा कि जेजेएम की गाइडलाइन के तहत प्रोजेक्ट फंड का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार और सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के बाहर नहीं किया जा सकता। सरकार के जवाब को कैग ने नहीं माना- राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में जवाब दिया था कि शिलान्यास समारोहों का खर्च वित्त विभाग की मंजूरी के बाद किया गया था। हालांकि, कैग ने इस जवाब को स्वीकार नहीं किया और इसे जेजेएम गाइडलाइन का उल्लंघन मानते हुए ऑडिट पैरा बनाया। जेजेएम पर उठे सवाल- ऑडिट के निष्कर्षों के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि बिना थर्ड पार्टी जांच के 122 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान कैसे हुआ। साथ ही 7.70 करोड़ रुपए के कथित अनियमित बिलों की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और जिन परिवारों को समय पर जेजेएम का पानी नहीं मिला, उसकी जवाबदेही किसकी होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जेजेएम-2.0 में सख्त गाइडलाइन लागू किए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है।0
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कैग ऑडिट: बिना थर्ड पार्टी जाँच 122 करोड़ भुगतान, जल जीवन मिशन अनियमितताएँ सामने
Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए चल रहे जल जीवन मिशन (जेजेएम) में भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कैग की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में 26 क्षेत्रीय जलापूर्ति परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी किए बिना ठेकेदारों को 122.311 करोड़ रुपए का भुगतान किए जाने का खुलासा हुआ है। बिना जांच के हुआ करोड़ों का भुगतान- ऑडिट के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक संबंधित ठेकेदारों को भुगतान किया गया। रिपोर्ट में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बावजूद भुगतान किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। कैग ने इस पूरी प्रक्रिया को गंभीर अनियमितता के तौर पर चिन्हित किया है- 7.70 करोड़ के फर्जी बिलों का भी खुलासा- मामला सिर्फ 122 करोड़ रुपए के भुगतान तक सीमित नहीं है। ऑडिट में 7.70 करोड़ रुपए के कथित फर्जी बिलों के आधार पर अनियमित भुगतान का भी खुलासा हुआ है। इसके बाद विभागीय निगरानी और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। कैग के अनुसार कुछ घटनाक्रमों से पूरी टेंडर प्रक्रिया संदेह के घेरे में आती है- शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ खर्च- ऑडिट में वर्ष 2022-23 के दौरान अलग-अलग जलापूर्ति परियोजनाओं के शिलान्यास समारोहों पर 3.28 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। कैग ने कहा कि जेजेएम की गाइडलाइन के तहत प्रोजेक्ट फंड का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार और सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के बाहर नहीं किया जा सकता- सरकार के जवाब को कैग ने नहीं माना- राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में जवाब दिया था कि शिलान्यास समारोहों का खर्च वित्त विभाग की मंजूरी के बाद किया गया था। हालांकि, कैग ने इस जवाब को स्वीकार नहीं किया और इसे जेजेएम गाइडलाइन का उल्लंघन मानते हुए ऑडिट पैरा बनाया- जेजेएम पर उठे सवाल- ऑडिट के निष्कर्षों के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि बिना थर्ड पार्टी जांच के 122 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान कैसे हुआ। साथ ही 7.70 करोड़ रुपए के कथित अनियमित बिलों की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और जिन परिवारों को समय पर जेजेएम का पानी नहीं मिला, उसकी जवाबदेही किसकी होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जेजेएम-2.0 में सख्त गाइडलाइन लागू किए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है。0
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बीकानेर में चोरी: सीसीटीवी फुटेज में बदमाश की पहचान की कोशिश जारी
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर मुक्ताप्रसाद थाना इलाके में चोरी की वारदात रामपुरा बस्ती की गली नंबर 18 में अज्ञात चोर ने मकान को बना लिया निशाना परिवार के लोग घर में सो रहे थे, चारदीवारी पार कर घर में घुसा बदमाश अलमारी खंगालकर सोने-चांदी के आभूषण और नकद लेकर फरार की बात पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद, फुटेज में नजर आया संदिग्ध पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की, संदिग्ध की पहचान के प्रयास जारी लगातार चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल0
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जालौन के गांव में श्मशान घाट नहीं, ग्रामीणों ने कूड़ादान में अंत्येष्टि का विरोध
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन: गांव में श्मशान घाट ना होने से ग्रामीण वासी परेशान, ग्रामीणों को कूड़ादान की जगह पर करनी पड़ी अंत्येष्टि की व्यवस्था, कैंसर पीड़ित व्यक्ति की मौत होने पर कूड़ादान की जगह पर हुआ अंतिम संस्कार, इतनी बड़ी आबादी वाले गांव में शमशान घाट न होने से ग्रामीण परेशान, ग्रामीणों ने गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं होने पर दिखाई नाराजगी, कूड़ेदान की जगह पर अंतिम संस्कार करने और जलभराव के बीच शव यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, जालौन विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गढगुवा का मामला。0
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बBilaspur-Indore के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने की उम्मीद
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर से इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने की उम्मीद जगी है। बिलासपुर और इंदौर के बीच सीधी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक बिलासपुर-नागपुर और इंदौर-नागपुर के बीच चल रही वंदे भारत सेवाओं को जोड़कर बिलासपुर से इंदौर तक सीधी सेवा शुरू करने की योजना है। हालांकि अभी रेलवे बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। प्रस्ताव के अनुसार बिलासपुर से इंदौर के बीच वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाई जा सकती है। यह सेवा शुरू होती है तो बिलासपुर के साथ रायपुर, दुर्ग, गोंदिया और नागपुर के यात्रियों को इंदौर के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को नागपुर पहुंचकर दूसरी ट्रेन पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिलासपुर से इंदौर के बीच सीधी तेज ट्रेन सेवा मिलने से यात्रियों के समय की बचत होने के साथ सफर भी अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। फिलहाल छत्तीसगढ़ से बिलासपुर- नागपुर और दुर्ग-विशाखापट्टनम के बीच दो वंदे भारत सेवाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में बिलासपुर से इंदौर तक नई वंदे भारत सेवा शुरू होने का प्रस्ताव यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि रेलवे ने साफ किया है कि फिलहाल यह प्रस्ताव के स्तर पर है और अंतिम मंजूरी रेलवे बोर्ड से मिलना बाकी है। मंजूरी के बाद ही ट्रेन के संचालन की तारीख, रूट, ठहराव और समय-सारणी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।0
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अजित दादाओं की याद में रक्षाबंधण: चिपळुण में महिला अधिकारी प्रतिमा को प्रणाम करतीं
Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी अजितदादांच्या प्रतिमेला ओवाळणी करत महिला पदाधिकाऱ्यांनी साजरे केले रक्षाबंधन निधनानंतरच्या पहिल्याच रक्षाबंधनाला आठवणींनी महिला पदाधिकारी भावूक; चिपळूण राष्ट्रवादी कार्यालयात भावनिक वातावरण रत्नागिरी जिल्ह्यातील चिपळूण तालुका राष्ट्रवादी काँग्रेसच्या कार्यालयात रक्षाबंधनाचा कार्यक्रम भावनिक वातावरणात पार पडला. महाराष्ट्राचे माजी उपमुख्यमंत्री आणि राष्ट्रवादीचे नेते अजितदादा पवार यांच्या अपघाती निधनानंतरचा हा पहिलाच रक्षाबंधनाचा कार्यक्रम असल्याने महिला पदाधिकाऱ्यांनी अजितदादांच्या प्रतिमेचे औक्षण करत रक्षाबंधन साजरे केले. यावेळी अजितदादांच्या आठवणींना उजाळा देताना राष्ट्रवादीच्या महिला पदाधिकारी भावॉक झाल्या.0
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दिल्ली में ISI नेटवर्क का खुलासा: पति-पत्नी समेत 8 जब्त भारतीय SIM कार्ड के जरिये जासूसी
Noida, Uttar Pradesh:पाकिस्तानी एजेंटों के मददगारों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों का ऑपेरशन सिम कार्ड भारत के खिलाफ ISI की साज़िश पर सुरक्षा एजेंसाओं का शुरू हुआ प्रहार... ऑपेरशन सिंदूर के बाद भी किया गया था 12 मददगारों को हरियाणा, पंजाब, यूपी से गिरफ्तार... अब दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का खुलासा.. पति-पत्नी गिरफ्तार... दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली के एक युवा दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों वर्ष 2024 से पाकिस्तान में बैठे खुफिया अधिकारियों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए उनके लिए काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल (25) और उसकी पत्नी समीरा (21) के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने पाकिस्तान भेजने के लिए भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए। इन सिम कार्डों को दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा गया, जहां पाकिस्तानी एजेंटों ने इन पर व्हाट्सऐप अकाउंट चलाए। 8 सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे। स्पेशल सेल के अनुसार, साहिल और समीरा ने वर्ष 2024 और 2025 में कुल 8 भारतीय सिम कार्ड दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे। इसके बदले पाकिस्तानी हैंडलरों ने उन्हें करीब 30 हजार रुपये दिए। इन सिम कार्डों पर पाकिस्तान से व्हाट्सऐप अकाउंट चलाए गए और कुछ भारतीय व्हाट्सऐप ग्रुपों में शामिल होकर जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठे एजेंट भारतीय लोगों से संपर्क करने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए कर रहे थे। इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया साहिल. जांच में सामने आया कि साहिल की वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट से पहचान हुई थी। इस दौरान उसकी दोस्ती समीरा से भी थी, जिससे बाद में उसने शादी कर ली। पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तानी एजेंट ने दोनों को एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी से मिलवाया। धीरे-धीरे दोनों को नेटवर्क में शामिल किया गया और आर्थिक फायदे का लालच दिया गया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली में नेटवर्क को मदद पहुंचाने और दूसरे लोगों को जासूसी गतिविधियों के लिए तैयार करने का काम सौंपा गया गया। कैंट इलाके की रेकी कराने की जिम्मेदारी.. पुलिस के मुताबिक, साहिल को अलग-अलग जगहों पर मौजूद सेना के कैंटोनमेंट इलाकों की रेकी के लिए लोगों की भर्ती करने का काम दिया गया था। इसके अलावा सेना के उन कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम भी सौंपा गया था, जिनके कोर्ट मार्शल से जुड़े मामले ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। मोबाइल फोन से खुला राज.. स्पेशल सेल ने साहिल को गिरफ्तार करने के बाद उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की। जांच में पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के साथ आपत्तिजनक चैट और बातचीत मिली। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसकी पत्नी समीरा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ व्हाट्सऐप चैट और अन्य बातचीत मिली है। पुलिस अब इन बातचीत और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। दोनों की पृष्ठभूमि. साहिल ने इग्नू से बीए किया है। वह पहले एक वकील के साथ काम करता था और एलएलबी करने की तैयारी कर रहा था। जून 2025 में उसने नौकरी छोड़ दी थी। वहीं समीरा ने दिल्ली से 12वीं की पढ़ाई करने के बाद पत्राचार से बीए किया। गिरफ्तारी से पहले वह नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम कर रही थी। स्पेशल सेल ने दोनों के पास से साजिश और कथित अपराध में इस्तेमाल किए गए Two मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।0
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बलरामपुर महिला अस्पताल: PNC वार्ड में कुत्ता घुसना, सफाई-व्यवस्था पर उठे सवाल
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर के महिला अस्पताल के PNC वार्ड में कुत्ता घुसने का वीडियो वायरल, 22 सेकंड के वीडियो में साफ-सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल बलरामपुर जिला महिला अस्पताल का 22 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अस्पताल परिसर के अंदर एक कुत्ता घूमता नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि कुत्ता अस्पताल के PNC (प्रसवोत्तर देखभाल) वार्ड तक पहुंच गया, जहां प्रसव के बाद महिलाएं भर्ती रहती हैं और उनके नवजात बच्चों का भी इलाज व देखभाल होती है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आवारा कुत्तों का इस तरह घूमना गंभीर लापरवाही का संकेत है। खासकर PNC वार्ड में प्रसव के बाद महिलाएं और नवजात बच्चे मौजूद रहते हैं। ऐसे में संक्रमण या किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर परिजन चिंतित हैं। वायरल पोस्ट में अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई के लिए व्यवस्था और बजट होने के बावजूद यदि वार्ड के अंदर कुत्ते पहुंच रहे हैं तो जिम्मेदारों को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों का सवाल है कि अस्पताल की साफ-सफाई और परिसर को आवारा जानवरों से मुक्त रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से मामले की जांच कर व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो कब का है और कुत्ता किस तरह PNC वार्ड तक पहुंचा, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। वायरल वीडियो और किसी दावे की पुष्टि Zee मीडिया नहीं करता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।0
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अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 50 हाई-वैल्यू फोन समेत दो गिरफ्तार
Delhi, Delhi:थाना साइबर वेस्ट ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो आरोपियों को लखनऊ और कोलकाता से गिरफ्तार किया गया, 25 लाख कीमत के 50 हाई-वैल्यू मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपियों के बांग्लादेश और विदेशों में तार जुड़े थे। क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी करके पीड़ितों को फर्जी “AMEX India” एप डाउनलोड करने तथा अपने मोबाइल स्क्रीन साझा करने के लिए प्रेरित किया जाता था। शिकायत NCRP के तहत ₹2,68,010 की साइबर ठगी के संबंध में दर्ज की गई। जांच में पता चला कि गिरोह अलग-अलग स्थानों से नेटवर्क बनाकर काम कर रहा था; डिलीवरी लखनऊ, कोलकाता और धनबाद में मिली। कोलकाता टीम ने Md. Asif को पकड़कर 31 नए मोबाइल फोन बरामद किए; लखनऊ टीम ने राशिद को पकड़कर 19 मोबाइल फोन बरामद किए। कुल मिलाकर 50 मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरोह के सदस्यों के बारे में सुराग मिलने के बाद आगे की कार्रवाई जारी है।0
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दिल्ली धौला कुआ पर रक्षाबंधन के दिन भारी जाम, भाई-बहन परेशान
New Delhi, Delhi:दिल्ली धौला पर रक्षाबंधन के दिन वाहनों का कई किलोमीटर तक भारी जाम लगा भाई बहन परेशान हुऐ दिल्ली मे भारी जाम में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त फस गया है बहन भाई परेशान हुऐ लोकेशन.... धौला कुआ साउथ वेस्ट दिल्ली दिल्ली धौला कुआ पर रक्षाबन्धन पर वाहन का लम्बा जाम लग रहा हैं भाई बहन राखी त्यौहार को मनाने के लिऐ घरो से निकल रहे हैं रास्ते मे भारी जाम जगह जगह लग रहा हैं भाई बहन जाम कारण परेशान हो रहे हैं0
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