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बिलासपुर जिला अस्पताल में प्रसूता के इलाज में लापरवाही के आरोप; जांच के निर्देश

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के जिला अस्पताल में प्रसूता के इलाज और ऑपरेशन में lपराढ़ी का गंभीर आरोप सामने आया है। तखतपुर निवासी पवन देवांगन ने कलेक्टर से शिकायत कर डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के मुताबिक प्रसव पीड़ा के बाद उनकी पत्नी ज्योति को जिला अस्पताल लाया गया, जहां ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। आरोप है कि हालत सामान्य नहीं होने के बावजूद तीन दिन बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर پرिजनों کو उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले میں कलेक्टर ने सीएमएचओ को जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं।जिस जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज की उम्मीद होती है, वहीं प्रसूता के इलाज को लेकर सामने आए इस मामले ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता पवन देवांगन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी पत्नी ज्योति की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन इसके बावजूद तीन दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार का कहना है कि अगर मरीज की हालत ठीक थी तो छुट्टी के कुछ ही समय बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत क्यों आई, और अगर हालत गंभीर थी तो अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किस आधार पर लिया गया। यही सवाल अब पूरे मामले की जांच का केंद्र है। शिकायत में पवन देवांगन ने डॉक्टर केके मित्तल का लाइसेंस रद्द करने के साथ अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।मामला सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ को जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराने और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब सवाल यह है कि प्रसूता के इलाज के दौरान आखिर ऐसी कौन सी स्थिति बनी कि ऑपरेशन के महज तीन दिन बाद छुट्टी मिलने के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे परिवार को अगर बाद में निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़े, तो निश्चित तौर पर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। लेकिन आरोप और हकीकत के बीच का फैसला जांच रिपोर्ट करेगी। जांच में अगर इलाज में लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय होगी। वहीं अगर आरोप सही नहीं पाए जाते हैं, तो वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी। बाइट – संजय अग्रवाल (कलेक्टर, बिलासपुर)
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विदिशा के लटेरी में नदी पार कर बच्चे स्कूल जाते, पुल कब बने?

Vidisha, Madhya Pradesh:किताबों का बोझ और उफनती नदी का डर, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे मासूम. पहले पलोह डेम की तस्वीरे, फिर नटेरन में संदीपनी विद्यालय में ट्राली से स्कूल जाने की तस्वीरें और अब धीरगढ में नदी पार करते छोटे छोटे बच्चों की तस्वीरें सामने आई है, विदिशा की शिक्षा व्यवस्था के हालात कब सुधरेंगे...? विदिशा/लटेरी। किताबों का बोझ उठाए मासूम बच्चे... सामने उफनती नदी... और नदी पर नहीं कोई पुल। पढ़ाई की ललक में ये बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। यह तस्वीर विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम पंचायत धीरगढ़ अंतर्गत भीलाखेड़ी खुर्द गांव की है। बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, लेकिन बच्चों के सामने स्कूल जाने के लिए यही जोखिम भरा रास्ता बचता है। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर पढ़ाई की ललक बड़ी है या प्रशासन की अनदेखी? सबसे गंभीर बात यह है कि जिस समय यह तस्वीर सामने आई, उसी दौरान संभाग आयुक्त विदिशा जिले के स्कूलों का भ्रमण कर रहे थे। ऐसे में यह मामला प्रशासन के स्कूल शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के दावों पर भी सवाल खड़े करता है。 ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान नदी का बहाव तेज होने पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। बावजूद इसके अब तक नदी पर पुल या सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। सवाल सीधा है—क्या इन मासूमों को स्कूल तक पहुंचने के लिए हर दिन अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी, या प्रशासन अब इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? कैमरे में कैद ये तस्वीरें सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत बयां करती हैं। बाइट - श्रीमती लिली जैन, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (ADPC), शिक्षा विभाग, विदिशा。
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शहडोल-जयसिहनगर से जनकपुर पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन बाधित; मरम्मत शुरू

Shahdol, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग शहडोल - मध्यप्रदेश के जयसिहनगर से छत्तीसगढ़ के जनकपुर को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त गोहडारी नदी पर बना यह पुल छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के अंदर आता है। तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के चलते पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया。 यह पुल जयसिहनगर से जनकपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे पर स्थित है。 पुल के क्षतिग्रस्त होने से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है。 सूचना मिलते ही मौके पर संबंधित विभाग की टीम पहुंची。 पुल की मरम्मत का काम तत्काल शुरू कर दिया गया है。 लगातार बारिश के बीच पुल की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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UCC बिल पर मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने Gehlot से मुलाकात, मस्जिदों की सुरक्षा चिंता

Jaipur, Rajasthan:UCC बिल एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाए जाने के मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व CM अशोक गहलोत से मुलाकात की पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जयपुर स्थित 49, सिविल लाइंस आवास पर विभिन्न जिलों से आए उलेमाओं, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ सामाजिक व राजनीतिक साथियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात कर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने UCC बिल को लेकर मुस्लिम समाज की चिंताओं तथा पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एवं अतिक्रमण के नाम पर मस्जिदों, दरगाहों एवं मदरसों को हटाए जाने से जुड़े मामलों को श्री गहलोत जी के समक्ष विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने इन मुद्दों से जुड़ी समाज की भावनाओं, आशंकाओं एवं मांगों से उन्हें अवगत कराया। कार्यक्रम के संयोजक एवं राजस्थान जमीयत उलमा-ए-हिन्द के प्रदेश महासचिव मौलाना अब्दुल वाहिद खत्री सहित उपस्थित उलेमाओं एवं समाज के प्रतिनिधियों ने UCC बिल से जुड़ी अपनी चिंताओं को भी विस्तार से रखा और संविधान एवं नागरिक अधिकारों के संदर्भ में अपनी बात रखी। गहलोत ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता एवं धैर्यपूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों के सम्मान एवं अधिकारों के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर पार्टी स्तर पर भी चर्चा की जाएगी और समाज की चिंताओं को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर अल्पसंख्यक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एम.डी. चोपदार, विधायक जाकिर गैसावत विधायक रफीक खान, विधायक अमीन कागजी सहित 27 जिलों के जिलाध्यक्ष, उलेमा मौजूद रहे
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पालड़ी स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं से ग्रामीणों ने धरना शुरू किया

Sikar, Rajasthan:ज़िला - सीकर विधानसभा - लक्ष्मणगढ़ सीकर लोकेशन - लक्ष्मणगढ़ हैडर/हैडलाइन- राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अव्यवस्थाओ से ग्रामीण परेशान, गुसाईं ग्रामीणों ने धरना शुरू किया एंकर इन्ट्रो- लक्ष्मणगढ़ उपखंड क्षेत्र के पालड़ी गांव के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लम्बे समय से हो रही अव्यवस्थाओं से परेशान ग्रामीणो का आज गुस्सा फुट पड़ा। पालड़ी गांव के गुसाई ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के साथ राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में ना डाक्टर समय पर मिलते हैं और ना ही दवाई मिल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक चिकित्साधिकारी ओर जिला अधिकारियों को बार बार अवगत करवाने के बावजूद भी कोई समाधान नहीं हो रहा था। ग्रामीणों के धरने की सूचना के बाद लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक चिकित्सा कार्यालय से एक टीम मौके पर पहुंची जहां ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया लेकिन अस्पताल की अव्यवस्थाओं से नाराज़ ग्रामीणों ने अस्पताल में सुचारू व्यवस्था ओर सुविधा की लिखित मांग पर अंडे हुए हैं। बाइट 1 समन्दर सिंह ग्रामीण पालड़ी लक्ष्मणगढ़ बाइट 2 फूलचंद कुमावत ग्रामीण पालड़ी लक्ष्मणगढ़
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टोंक DST ने अवैध गांजा खेती पर बड़ी कार्रवाई; 99 किलोग्राम मादक पदार्थ जप्त

Tonk, Rajasthan:टोंक DST की नशे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई 99 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ 158 गांजें के पौधे जप्त किये गये। टोंक DST द्वारा नशे पर कड़ा प्रहार करते हुए सदर टोंक थाना क्षेत्र में सोरन रोड पर देवपुरा के पास अवैध रूप से बोए गए गांजे के पौधे जप्त किये गये। अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना सदर टोंक पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया और अनुसंधान जारी है। गांजें के पौधे किसके द्वारा उगाए गए तथा भूमि के मालिकाना हक के संबंध में गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है। टोंक DST द्वारा नशे के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी रहेगी।
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धरियावद में निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज, कांग्रेस-भाजपा में दावेदारों की कतार

Pratapgarh, Rajasthan:धरियावद नगरपालिका बनने के बाद पहली बार होने जा रहे चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। शनिवार को कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में टिकट के दावेदारों ने अपने आवेदन प्रस्तुत कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी तेज कर दी। वार्ड स्तर पर दावेदारों की सक्रियता बढ़ने से शहर का राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। कांग्रेस ब्लॉक कमेटी की बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह राणावत, पूर्व उप जिला प्रमुख सागरमल बौहा और पूर्व विधायक नगराज मीणा ने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संबोधित किया। नेताओं ने पार्टी को मजबूत करने और आगामी चुनाव में एकजुट होकर मैदान में उतरने का आह्वान किया। बैठक के दौरान वार्डवार टिकट के इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी लिए गए। वहीं भाजपा के जन संवाद केंद्र स्थित चुनाव कार्यालय पर भी दावेदारी के आवेदन जमा कराने की प्रक्रिया जारी रही। शनिवार दोपहर तक 20 वार्डों से करीब 65 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई। पार्टी कार्यालय पर पुराने चेहरों के साथ युवा और नए कार्यकर्ताओं ने भी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की। भाजपा चुनाव प्रभारी जसपाल गुर्जर के अनुसार शनिवार शाम तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जबकि अंतिम प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया हाईकमान के निर्देशानुसार आगामी चार से पाँच दिनों में पूरी होने की संभावना है। दोनों प्रमुख दलों में टिकट को लेकर बढ़ी सक्रियता के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती मजबूत और जिताऊ चेहरों के चयन की है। लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं, युवाओं, अनुभवी नेताओं, पूर्व पार्षदों और नए चेहरों के बीच टिकट को लेकर मुकाबला दिखाई दे रहा है। वहीं बाहरी या पैराशूट प्रत्याशियों को मौका दिए जाने की चर्चाओं ने भी स्थानीय दावेदारों की बेचैनी बढ़ा दी है।
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Shayan Masood: No option but Akhilesh Yadav to defeat BJP in UP

Saharanpur, Uttar Pradesh:इमरान मसूद पर शयान का बड़ा हमला—बोले, गठबंधन को कमजोर कर बीजेपी को फायदा पहुंचा रहे, भाजपा को हराने के लिए अखिलेश यादव के अलावा कोई रास्ता नहीं समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद और पूर्व राज्य मंत्री शयान मसूद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को हराने और सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। शयान मसूद ने कहा कि उनका लक्ष्य अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है और इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा है। उन्होंने कहा कि वह सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखते हैं और सेक्युलर ताकतों को मजबूत करने के साथ सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ना चाहते हैं। इमरान मसूद के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर शयान मसूद ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ बोलना एक बात है, लेकिन गठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ लगातार बोलकर गठबंधन को कमजोर करना दूसरी बात है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस समय बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, उनके खिलाफ बोलने से कहीं न कहीं बीजेपी को ही फायदा पहुंचता है। शयान मसूद ने कहा कि अगर बीजेपी को हराना है तो सभी विपक्षी ताकतों को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी व्यक्तिगत एजेंडे के लिए नहीं, बल्कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में रोकने के उद्देश्य से समाजवादी पार्टी में आए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या समाजवादी पार्टी में शामिल होने के पीछे विधानसभा चुनाव लड़ने की कोई योजना है, तो उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना उनकी प्राथमिकता नहीं है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार दोबारा न बने और बीजेपी को चुनाव में हराया जाए।शयान मसूद ने अपने परिवार के समाजवादी पार्टी से पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से ही हुई थी। उनके दादा और वरिष्ठ नेता रशीद मसूद का समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव से लंबे समय तक गहरा संबंध रहा। उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों के बीच पुराने और पारिवारिक संबंध भी रहे हैं। शयान मसूद ने कहा कि इन्हीं राजनीतिक और पारिवारिक संबंधों के साथ-साथ अपनी विचारधारा के आधार पर उन्होंने समाजवादी पार्टी में वापसी की है और अब उनका उद्देश्य अखिलेश यादव को मजबूत करना तथा उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सत्ता से बाहर करना है।
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शिवसेना के सुभाष देसाई का भास्कर जाधव पर भावनात्मक रिएक्शन, MIDC विवाद

Ratnagiri, Maharashtra:गुहागर - रत्नागिरी.. भास्कर जाधव के बारे में प्रतिक्रिया: शिवसेना नेते सुभाष देसाई (वय ८४, शिवसेनेतील ६० वर्षांचे योगदान) यांनी भास्कर जाधव यांच्याबद्दल व्यक्त केलेल्या भावनेबद्दल त्यांनी आश्चर्य व आनंद (सुखद धक्का) व्यक्त केला.. देसाई यांच्या मार्गदर्शनाखाली जिल्हा परिषद सदस्य, तालुका प्रमुख ते आमदार असा प्रवास केल्यामुळे आणि कामाचे कष्ट पाहिल्यामुळे त्यांनी जाधव हे भविष्यात मुख्यमंत्री व्हावेत अशी इच्छा व्यक्त केली असावी.. गुहागरमधील प्रस्तावित एमआयडीसी/प्रकल्पावर टीका: एमआयडीसीच्या नावाखाली जनतेची फसवणूक केली जात असल्याचा आरोप त्यांनी केला.. पूर्वी आणलेली प्रदूषणमुक्त, केमिकलविरहीत आणि ४ ते ६ हजार महिलांना रोजगार देणारी एमआयडीसी रद्द करण्यात आली.. नवीन कोणताही चांगला उद्योग आणल्यास पाठिंबा असेल, परंतु सध्याच्या घोषणा केवळ थापा आहेत असा दावा त्यांनी केला.. निरामय हॉस्पिटलचा मुद्दा: दिलीप वळसे पाटील आणि बावनकुळे ऊर्जा मंत्री असताना निरामय हॉस्पिटल पुन्हा सुरू करण्याचे काम अंतिम टप्प्यात आले होते.. स्थानिक सत्ताधारी नेत्यांवर मंदबुद्धीचे नेते निशाणा साधत ते चांगल्या कामात अडथळे आणतात आणि नवीन काहीही करत नाहीत, अशी टीका त्यांनी केली.. रामरक्षा महाआरती आणि राजनीतिक विरोधकांवर हल्लाबोल: रामरक्षा महाआרतीचे महत्त्व सांगताना विरोधकांच्या अहंकार आणि मस्तीवर त्यांनी बोट ठेवले.. सोशल मीडियावर तसेच प्रत्यक्ष भाषणांमध्ये ज्येष्ठ नेते, महिला आणि इतरांबद्दल आक्षेपार्ह/घाणेरडी भाषा वापरणाऱ्यांना महाराष्ट्राची संस्कृती शिकवण्याची वेळ आली असून तो प्रयत्न करणार असल्याचे त्यांनी स्पष्ट केले..
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