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SSshanu shuklaFollow26 Dec 2024, 11:37 am

Amethi - सुल्तान शहीद स्मारक पुलिस द्वारा 01 नफर वांछित अभियुक्त गिरफ्तार,अपहृता बरामद

Deokali, sarafraz, Uttar Pradesh:

अपराध एवं अपराधियों के धर पकड़ हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में उ0नि0 राजेश कुमार थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक मय हमराह द्वारा देखभाल क्षेत्र, तलाश वांछित अभियुक्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 184/24 धारा 137(2) बी0एन0एस0 एक्ट थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक जनपद अमेठी में वांछित अभियुक्त अरबाज अली पुत्र जाबिर अली निवासी ग्राम वारिसगंज टाण्डा थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक उम्र करीब 20 वर्ष को कटरा रोड अन्डरपास के पास से गिरफ्तार किया गया एवं अपहृता को सकुशल बरामद कर की गई कार्यवाही। 

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टाटानगर स्टेशन पर युवक ट्रेन की छत पर चढ़ा, हाईटेंशन तार से झुलसा

Jamshedpur, Jharkhand:टाटानगर स्टेशन पर ट्रेन की छत पर चढ़ा युवक, हाईटेंशन तार की चपेट में आकर झुलसा जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 30 वर्षीय एक युवक खड़ी टाटा-दानापुर एक्सप्रेस की छत पर चढ़ गया। युवक के ट्रेन की छत पर पहुंचते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों का ध्यान उसकी ओर गया। लोगों ने उसे नीचे उतरने के लिए काफी समझाया, लेकिन युवक किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक की पहचान सागु राम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अचानक ट्रेन के ऊपर चढ़ गया और कुछ देर तक छत पर घूमता रहा। लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर ट्रेन की छत के रास्ते एक छोर से दूसरे छोर तक जाने की बात कही। इसी दौरान युवक ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आ गया। तेज विद्युत प्रवाह की चपेट में आते ही वह बुरी तरह झुलस गया और संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रेन की छत से नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया। हादसे के तुरंत बाद रेलकर्मियों और आसपास मौजूद लोगों ने युवक को संभाला और आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। रेलवे अधिकारियों की ओर से यात्रियों को लगातार चेतावनी दी जाती है कि वे किसी भी परिस्थिति में खड़ी ट्रेन की छत पर न चढ़ें। रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले विद्युत तारों में बेहद खतरनाक वोल्टेज रहता है। इनके संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलसने अथवा जान जाने का खतरा रहता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और इस तरह की जान जोखिम में डालने वाली हरकतों से बचें।
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रत्नागिरी खाड़ी के लिए 54 करोड़ रुपये मंजूर: बंधारे से मछुआरों को राहत

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी. ५४ कोटींच्या निधीतून आडे–उटंबर खाडीतील मच्छीमारांच्या सुरक्षेचा आणि रोजगाराचा प्रश्न अखेर सुटला आहे. खाडीत साचलेल्या गाळामुळे बोटी उलटून अपघात होणे आणि जलसमाधी मिळण्याच्या घटना वारंवार घडत होत्या. यावर कायमस्वरूपी तोडगा म्हणून शासनाने तब्बल ५४ कोटी रुपयांचा निधी मंजूर केला आहे. यामुळे किनाऱ्यावर 'ग्रोइन' संरक्षण बंधारा उभारणी आणि खाडीतील गाळ काढण्याच्या कामाला हिरवा कंदील मिळला आहे. या प्रकल्पामुळे बोटी समुद्रात नेणे आणि सुरक्षितपणे किनाऱ्यावर आणणे सोपे होणार असून, दापोलीतील आडे–उटंबरच्या मच्छीमारांच्या जगण्याला एक नवी सुरक्षित दिशा मिळणार आहे.
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जमुई के बाबा पतनेश्वर धाम में जूतापन प्रवेश पर विवाद, सावन की मर्यादा सवाल

Jamui, Bihar:जमुई सावन की दूसरी सोमवारी पर जहां पूरा देश भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा हुआ है। हर तरफ हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंज रहे हैं। भक्त अपने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना कर रहे हैं। ऐसे पावन अवसर पर जमुई के प्रसिद्ध बाबा पतनेश्वर धाम मंदिर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने मंदिर की धार्मिक मर्यादा और श्रद्धालुओं की आस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में मलयपुर थाना में कार्यरत सब इंस्पेक्टर ब्यूटी कुमारी मंदिर परिसर में ड्यूटी के दौरान जूता पहनकर प्रवेश करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में कुछ श्रद्धालु और स्थानीय लोग इसका विरोध करते हुए नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बाबा भोलेनाथ के पवित्र धाम में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश करना धार्मिक परंपरा और मंदिर की मर्यादा के विपरीत है। भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन का महीना सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से भोलेनाथ अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। यही वजह है कि सावन की प्रत्येक सोमवारी को पतनेश्वर धाम सहित जिले के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में मंदिर परिसर में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों से भी श्रद्धालु धार्मिक मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा करते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद क्षत्रिय महासंघ के कार्यकर्ता सनोज कुमार सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे पिछले करीब 11 वर्षों से मंदिर में निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं और इतने वर्षों में उन्होंने कभी किसी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी को जूता पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश करते नहीं देखा। सनोज कुमार सिंह ने कहा कि पिछले दिनों जिलाधिकारी नवीन, जमुई एसपी विश्वजीत दयाल और एसडीएम सौरभ कुमार सहित कई वरीय अधिकारी भी बाबा पतनेश्वर धाम पहुंचे थे। सभी अधिकारियों ने मंदिर की धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखते हुए अपने जूते मंदिर के बाहर ही उतार दिए थे। ऐसे में महिला सब इंस्पेक्टर के जूता पहनकर मंदिर परिसर में पहुंचने से श्रद्धालुओं में नाराजगी स्वाभाविक है। हालांकि, विरोध के बाद सब इंस्पेक्टर ब्यूटी कुमारी ने जूते उतारकर उन्हें साइड में रखा और इसके बाद मंदिर परिसर में अपनी ड्यूटी करती रहीं। मौके पर मौजूद लोगों ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। वहीं बाबा पतनेश्वर धाम मंदिर के पुजारी राजीव कुमार पांडेय ने भी जूता पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोगों ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया, जिसके बाद सब इंस्पेक्टर ने जूते उतार दिए और फिलहाल अपनी ड्यूटी कर रही हैं। मंदिर में मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात कृषि विभाग के कमलजीत कुमार ने बताया कि दो-तीन लोगों ने महिला पुलिस पदाधिकारी को समझाया, जिसके बाद उन्होंने जूते उतारकर पन्नी में रख दिए। यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, पुलिस पदाधिकारी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच यही सवाल उठ रहा है कि जब सावन जैसे पवित्र अवसर पर मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी ही धार्मिक मर्यादाओं का ध्यान नहीं रखेंगे, तो आम श्रद्धालुओं से अनुशासन की अपेक्षा कैसे की जाएगी?
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श्रावण सोमवारी पर रामगढ़ के बुढ़वा महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी

Ramgarh Cantonment, Jharkhand:एंकर --वीओ --श्रावण की दूसरी सोमवारी पर बुढ़वा महादेव मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, शिवलिंग पर चढ़ाया जल रामगढ़ के भिन्न शिवालयों में श्रावण मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर जलाभिषेक किया गया, भुरकुंडा कोयलांचल क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं प्राचीन बुढ़वा महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त मंदिर परिसर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और शिवलिंग पर जल एवं बेलपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बुढ़वा महादेव मंदिर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग चारों ओर से जंगल और पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है, जहां बारिश के मौसम में हरियाली और प्राकृतिक दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। मंदिर के समीप बहने वाली नलकारी नदी और आसपास दो नदियों का संगम इस स्थान की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। श्रावण की सोमवारी पर यहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की मंगलकामना की। बाइट पुजारी अशोक तिवारी
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गोंडा के Kusuma अस्पताल में एसी ब्लास्ट से आग, मरीज सुरक्षित बाहर निकले

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां आज डीएम आवास से मात्र 200 मीटर की दूरी पर उसे समय हड़कंप मच गया। आज सुबह कुुसुमा हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर वार्ड में एसी ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई। धुआं तेज उठता देख तत्काल वार्ड में भर्ती मरीज किसी तरीके से भाग कर बाहर निकाल कर दूसरे फ्लोर पर आकर अपनी जान बचाई है। आग लगने की सूचना मिलती है तो फायर ब्रिगेड विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुँच कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। यह भी बताया जा रहा है कि कुुसुमा हॉस्पिटल के जिस तीसरे मंजिल पर बने वार्ड में आग लगी थी उसके ठीक बगल डॉक्टर भी रहते हैं। आग पर काबू पाने के लिए अस्पताल के शीशे तोड़ कर धुआं निकाला गया है; इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गया है।
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पुरानी रंजिश पर कुदाल से युवक की हत्या, महराजगंज में प्रेम प्रसंग विवाद

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र खड़खोड़ा गांव में रविवार की रात को उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुरानी रंजिश और कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में 28 वर्षीय युवक की कुदाल से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्ण के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आपको बता दे की खड़खोड़ा गांव निवासी हजारी (28) पुत्र राजकुमार मछली पालन का काम करता था । रविवार देर रात को कुछ लोग उसके घर पहुंचे। इसी दौरान किसी पुराने विवाद और कथित प्रेम प्रसंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान हजारी पर कुदाल से हमला कर दिया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा और अचेत हो गया । परिजनों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सीएचसी लोटन जनपद सिद्धार्थनगर लेकर गये जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस सम्बन्ध में बृजमनगंज पुलिस ने बताया की शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज आग्रिम कार्रवाई कार्यवाही की जा रही है तहरीर के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा । गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है और इस पूरे घटना की जांच की जा रही है ।
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बिहार में नल-जल योजना के ऑपरेटरों के मानदेय घोटाले के आरोप उजागर

Hajipur, Bihar:बिहार में नल-जल योजना में काम करने वाले ऑपरेटरों का मानदेय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने का आरोप लगा है। वैशाली के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में कई ऑपरेटरों का कई साल से मानदेय बकाया है। शुरुआती दौर में कुछ महीनों का भुगतान हुआ, लेकिन इसके बाद मानदेय मिलना बंद हो गया। ऑपरेटरों का आरोप है कि उनके मानदेय की राशि पंचायत के वार्ड सदस्य के खाते में पहुंची, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि खाते से राशि की निकासी भी कर ली गई। ऑपरेटरों ने वार्ड सदस्यों और प्रखंड के पदाधिकारियों की मिलीभगत से मानदेय की राशि के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, बकाया मानदेय मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ऑपरेटरों का कहना है कि नल-जल योजना के लिए उन्होंने अपनी कीमती जमीन सरकार को एग्रीमेंट पर दी थी। इसके एवज में जमींदाता परिवार के एक सदस्य को योजना में ऑपरेटर रखने की बात कही गई थी और करीब 2 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तय होने की बात बताई गई थी। शुरूआती तौर पर भुगतान मिला, लेकिन बाद में कई साल से मानदेय रोक दिया गया। ऑपरेटरों का दावा है कि उन्होंने प्रखंड से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें बकाया राशि नहीं मिली। एक तरफ सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना का दावा करती है, तो दूसरी तरफ योजना को जमीन देने वाले परिवार के ऑपरेटर ही अपने मानदेय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
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कासगंज सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत, एक घायल

Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत कासगंज यूपी के कासगंज में आगरा से डाक कांवड़ के लिए सोरोंजी के लहरा गंगाघाट पर जल लेने आ रहे कांवड़ियों के जत्थे में सोमवार सुबह मातम पसर गया। काली नदी पुल के पास कार से टकराकर बाइक सवार दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल से हायर सेंटर आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों कावड़ियों के सब का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है जानकारी के मुताबिक, आगरा कमिश्नरेट क्षेत्र के करीब 4-5 गांवों से लगभग 30 कांवड़ियों का समूह पिकअप वाहन और करीब 10-12 मोटरसाइकिलों से सोरों की ओर जल लेने आ रहा था। इसी दौरान दो बाइक सवार कांवड़िये अपने साथियों से पीछे रह गए। बताया जा रहा है कि एक बाइक पर सवार हरिगोविन्द उम्र 25 वर्ष, विवेक उम्र 18 वर्ष और राहुल उम्र 20 वर्ष अपने साथियों से आगे निकलने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही कांवड़ियों की ईको कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों कांवड़िये गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल कासगंज पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने हरिगोविन्द और राहुल को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल विवेक को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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हजयात्रा-2027 के ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 11-23 अगस्त 2026 खुले

Jaipur, Rajasthan:हजयात्रा-2027 के लिए ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू। हज ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 11 से 23 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट hajcommittee.gov.in पर आवेदन पत्र उपलब्ध है। CBT परीक्षा में 50% या अधिक अंक लेने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा। ट्रेनर पदों के लिए योग्यता: 12वीं पास, कंप्यूटर व हज संबंधी जानकारी आवश्यक; आयु 25 से 60 वर्ष; हज कर चुके अभ्यर्थियों को प्राथमिकता; अंग्रेजी/उर्दू/हिंदी/स्थानीय भाषा में वार्तालाप दक्षता; शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ कम्प्यूटर बेसिक ज्ञान और हज सुविधा ऐप के उपयोग की जानकारी; हज के अरकान और यात्रा संबंधी सभी गतिविधियों का पूर्ण ज्ञान और भाषण/संबोधन करने की क्षमता; आवेदक के खिलाफ अदालत में कोई अपराधिक मामला दर्ज न हो। आवेदन की प्रति और दस्तावेज 25 अगस्त तक सचिवालय में जमा करने होंगे, कमरे नं. 1106, प्रथम तल मुख्य भवन, शासन सचिवालय जयपुर।
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बृजभूषण शरण सिंह केस: अदालत के आदेश के पीछे रणनीति और जवाब

Noida, Uttar Pradesh:EXCLUSIVE BRIJBHUSHANएंकर- खबर गोंडा से है। जहां कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह बाइज्जत बरी होने बाद अब कोर्ट का ऑर्डर सामने आने पर जी मीडिया से एक्सक्लुसिव बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है। बृजभूषण शरण सिंह जे कहा कि देखिए उरसके पहले मैं एक बात कहना चाहूंगा “जाको प्रभु दारुण दुख दीना। ताकी मति पहिले हर लीना।” जब हरियाणा का विधानसभा चुनाव हुआ, तो हुड्डा साहब इतने मुतमइन थे कि रथ सजकर के खड़ा था। दरवाजे पर रथ सजकर खड़ा था। और हर आदमी की जुबान पर थी कि इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी, बल्कि कांग्रेस नहीं, ''हुड्डा सरकार'' की बात हो रही थी कि हुड्डा सरकार बनेगी। लेकिन जिस तरीके से पहलवानों के पीछे, लड़कियों के पीछे खड़े होकर के इन्होंने बृजभूषण सिंह पर वार किया, वह वार बिल्कुल उल्टा हो गया। या तो महाभारत के समय में शिखंडी का प्रयोग किया गया था भीष्म पितामह को मारने के लिए, और वैसे ही आकर के हरियाणा चुनाव के पहले बृजभूषण के बहाने बीजेपी को मारने का प्रयास किया गया। और मैंने कहा स्वाहा हो जाएंगे, हां स्वाहा हो जाएंगे,स्वाहा हो गए।। एक खिलाड़ी हैं जो लगातार जीतते-जीतते जा रहे थे, फाइनल में ओलंपिक में स्वाहा हो गए। तो इन सबको सजा मिली है और जो बाकी हैं, उनको भी सजा मिलेगी। क्योंकि इन्होंने मुझको डायरेक्ट गोली मार देते तो इतना कष्ट न होता, जितना कष्ट इन्होंने मेरे चरित्र हनन का प्रयास करके किया। यह तो मेरे जैसा पत्थर का आदमी था कि मैं सह लिया। क्योंकि मैंने बहुत दुख देखे हैं, बहुत सुख देखे हैं, तो मैं सह गया। लेकिन उस समय मेरे परिवार की क्या स्थिति रही होगी मुझ पर जो लोग भरोसा करते हैं, उनकी क्या स्थिति रही होगी। तो इन्होंने गलत किया, इनको सजा मिली और कोर्ट ने आज वही हू-ब-हू कह दिया ”एक फैमिली, एक अखाड़ा, और अखाड़ा भूपेंद्र हुड्डा जी ही उसके कर्ता-धर्ता हैं।” वही षड्यंत्र और साजिश का जिक्र जजमेंट में होने को लेकर बृजभूषण ने कहा कि पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई है एक सुप्रीम कोर्ट के बहुत बड़े वकील एक हरियाणा के बड़े वकील, और भूपेंद्र हुड्डा के घर में बैठकर यह पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई कि कैसे-कैसे आरोप लगाया जाए। और इस बात की स्क्रिप्ट लिखी गई इसी पीड़िता में से दो पहलवानों ने जज साहब के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया कि कैसे-कैसे स्क्रिप्ट लिखी गई। जो मैं कहता था, वह सब निकलकर सामने आया मैं कहता था कि स्क्रिप्ट लिखी गई, अब पीड़िता ने जज साहब से कहा कि स्क्रिप्ट लिखी गई और इसके पीछे कौन था। उन्हें पीठ पीछे वार किए जाने को लेकर बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि देखिए, मेरी कुंडली में एक योग है शत्रुहंता। अगर आप कुंडली को मानते हैं, तो किसी पंडित जी से पूछ लीजिएगा, शत्रुहंता योग है। जो-जो मेरे ऊपर नाजायज आरोप लगाएगा, जो-जो मुझसे सीधा लड़ेगा, वह स्वाहा होगा, कोई बचेगा-वचेगा नहीं सब स्वाहा हो रहे हैं। वही पहलवानों ल्ड हाईकोर्ट जाने के सवाल पर कहा कि पहले वे हाई कोर्ट जाएं वहां से इनको न्याय नहीं मिलता तो सुप्रीम कोर्ट जाएं। तो इनका जब दरवाजा बंद होगा, तब मेरा दरवाजा खुलेगा। वही 6 अगस्त को किए गए शक्ति प्रदर्शन आगामी चुनाव लड़ने को लेकर बृजभूषण ने कहा कि नहीं हमने नहीं दिखाया! इसको अहंकार से न लिया जाए, इसको शक्ति प्रदर्शन से न लिया जाए। संकल्प रैली थी और इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे कि प्रदेश का कोई जिला नहीं बचेगा यह हमारे प्रति प्यार है। और हम कह सकते हैं कि 55 वर्ष की मेरी जो तपस्या है राजनीतिक जीवन की उस तपस्या का यह परिणाम है। जो आगे सदन जाने को लेकर के होगा वह देखा जाएगा लेकिन सदन जाऊंगा।
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उदयपुर में अरावली संरक्षण पर हितधारकों के साथ जन संवाद

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण एवं सतत विकास हेतु हितधारकों से संवाद माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशन में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति जिला परिषद सभागार में कर रही जन संवाद जन संवाद में जनप्रतिनिधियों, खनन पट्टा धारकों, एनजीओ प्रतिनिधियों समेत विभिन्न हितधारकों से अरावली संरक्षण के संबंध में हो रहा परामर्श उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, प्रधान मुख्य वन संरक्षक टेरिटोरियल एस आर यादव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एवं बड़ी संख्या में हितधारक है मौजूद
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कारगिल शहीद अजय आहूजा की वेब सीरीज से कोटा में यादें, स्मारक पर सवाल उठते

Kota, Rajasthan:कारगिल के वीर शहीद अजय आहूजा पर बनी वेब सीरीज ''ऑपरेशन सफेद सागर'', रील में जीवंत हुईं कोटा की यादें पड़ोसियों ने पहचाना शहीद का स्कूटर और पारिवारिक लम्हे; एक तरफ ओटीटी पर शहादत की गाथा, दूसरी तरफ कोटा में स्मारक और पार्क की बदहाली पर उठे सवाल कोटा। कारगिल युद्ध (1999) में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय वायु सेना के जांबाज योद्धा, शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की शूरवीरता और बलिदान की गाथा अब ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म के जरिए पूरे देश के सामने आई है। उन पर केंद्रित वेब सीरीज ''ऑपरेशन सफेद सागर'' ओटीटी पर रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को इस सीरीज का ट्रेलर जारी किया गया था, जिसके बाद शनिवार को इसका पहला भाग दर्शकों के लिए प्रसारित कर दिया गया। सीरीज के रिलीज होते ही कोटा स्थित उनके पैतृक निवास की रेलवे हाउसिंग सोसाइटी में शहीद की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। भले ही आज शहीद अजय आहूजा का परिवार कोटा में नहीं रहता है, लेकिन पड़ोसियों के दिलों में उनकी स्मृतियां आज भी बसी हैं। वेब सीरीज का ट्रेलर देखने के बाद पड़ोसियों का कहना है कि इसमें दिखाई गई घटनाएं और चीजें इतनी सटीक हैं कि वे अतीत के उस दौर में वापस लौट गए हैं। पर्दे पर दिखी हूबहू झलक, पूरी सोसाइटी एक साथ देखेगीसीरीज कोटा स्थित रेलवे हाउसिंग सोसाइटी में शहीद अजय आहूजा का पैतृक मकान है। कॉलोनी की हाउसिंग समिति के सेक्रेटरी सुबोध बल्दुआ ने शहीद से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि वेब सीरीज में दिखाई गई कई चीजें असल जिंदगी से मेल खाती हैं। उन्होंने बताया, "अजय आहूजा जब कोटा में रहते थे, तो एक खास स्कूटर चलाया करते थे। मेकर्स ने वेब सीरीज में ठीक वैसा ही स्कूटर दिखाया है। इसके अलावा, शहीद के अंत्येष्टि के समय का दृश्य और फोटो भी बिल्कुल वैसा ही नजर आ रहा है जैसा उस समय वास्तव में हुआ था। देहांत के समय उनके छोटे बेटे अंकुर की जितनी उम्र थी, फिल्म में भी उसी उम्र का बच्चा दर्शाया गया है." सुबोध बल्दुआ ने बताया कि वे पहले खुद इस पूरी सीरीज को देखेंगे। ओटीटी पर सभी एपिसोड आ जाने के बाद, सोसाइटी के सभी लोगों को कॉमन हॉल में एक साथ यह वेब सीरीज दिखाई जाएगी। अंतिम मुलाकात की भावुक याद: ''स्टेशन पर टिफिन देने गया था'' सुबोध बल्दुआ ने शहीद अजय आहूजा के साथ बिताए आखिरी पलों को याद करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध शुरू होने से ठीक पहले अजय छुट्टियों पर कोटा आए हुए थे। जब उनकी छुट्टियां खत्म हुईं और वे वापस अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे, तो शाम को ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन चले गए। हड़बड़ी में वे अपना खाने का टिफिन घर पर ही भूल गए थे। बल्दुआ ने बताया, "उस जमाने में आज की तरह मोबाइल फोन नहीं होते थे। इसलिए अजय ने रास्ते में किसी पीसीओ (PCO) से घर पर फोन किया। उनके फोन के बाद उनकी मां श्यामा आंटी ने मुझे तुरंत स्टेशन जाकर अजय को टिफिन देने को कहा। मैं खुद टिफिन लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। कोटा की धरती पर अजय से वह मेरी आखिरी मुलाकात थी। इसके बाद तो सीधे उनकी शहादत की खबर ही कोटा आई थी।" पिता के प्रति अगाध प्रेम और मई 1999 का वह गमगीन दिन सुबोध बल्दुआ ने बताया कि उनका और शहीद अजय आहूजा का मकान एक-दूसरे से सटा हुआ है, दोनों के बीच सिर्फ एक दीवार का अंतर है। वर्ष 1992 में अजय के पिता पी. एल. आहूजा ने यह घर बनाया था। अजय उस समय सेना में कार्यरत थे और जब भी एक महीने की छुट्टी पर घर आते, अपने पिता की बहुत सेवा करते थे। उनके पिता रेलवे में कैशियर के पद पर तैनात थे। जब वे शाम को अपनी ड्यूटी से साइकिल पर घर लौटते, तो अजय पहले से ही घर के बाहर उनका इंतजार कर रहे होते थे। वे अपने पिता से कहते कि आप साइकिल छोड़ दीजिए और खुद साइकिल पकड़कर घर के अंदर तक लाते थे। बल्दुआ ने कहा कि मई 1999 का वह भयावह दिन आज भी पूरी कॉलोनी को याद है, जब अजय आहूजा के शहीद होने की खबर आई थी और पल भर में पूरी सोसाइटी का माहौल शोकाकुल हो गया था। कोटा में पैतृक मकान किराए पर, परिवार अलीगढ़, दिल्ली और अमेरिका में बसा शहीद अजय आहूजा के भाई विजय की पत्नी सुधा आहूजा ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला था। अजय के पिता पी. एल. आहूजा के निधन के बाद उनकी मां श्यामा आहूजा और बाकी परिवार वापस अलीगढ़ ही शिफ्ट हो गया है। शहीद अजय आहूजा की पत्नी अलका वर्तमान में दिल्ली में निवास कर रही हैं, जबकि उनका बेटा अंकुर उच्च शिक्षा और कार्य के सिलसिले में अमेरिका (USA) में रह रहा है। कोटा स्थित उनका मकान अभी किराए पर दिया हुआ है, हालांकि परिवार के सदस्य कभी-कभी कोटा आते रहते हैं। रीएल लाइफ में सम्मान, लेकिन रियल लाइफ में स्मारक की बदहाली एक तरफ जहां वेब सीरीज के जरिए शहीद अजय आहूजा के शौर्य को सलाम किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोटा में उनकी याद में बने स्मारक और पार्क की हालत बदतर बनी हुई है। माला रोड हॉट बाजार स्थित अजय आहूजा पार्क और उनकी प्रतिमा उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय एडवोकेट हिमांशु सिंह ने बताया कि पार्क में आवारा मवेशी गंदगी फैलाते रहते हैं, वॉक-वे पर चलना मुश्किल है और जगह-जगह खरपतवार उग आई है। पार्क में लगी बेंचें टूट चुकी हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय इसकी कुछ मरम्मत कराई गई थी, लेकिन रखरखाव न होने से हालात फिर वैसे ही हो गए हैं। पार्क के पास रहने वाले हरप्रीत सिंह आनंद ने आक्रोश जताते हुए कहा कि शहीद की मूर्ति पर लगी कैप (टोपी) का हिस्सा लंबे समय से टूटा हुआ है। रात ढलते ही पार्क में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे महिलाएं और बच्चे यहां आने से डरते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शहीद के इस स्मारक के जीर्णोद्धार की मांग की है。
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