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रतलाम में चम्बल नदी के पास MDMA और डोडाचुरा के दो युवक गिरफ्तार

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम जिले के बरखेड़ा पूलिस क़ो एक बार फिर बड़ी सफलता मादक पदार्थ तस्करो क़ो पकड़ने मे मिली है, दरसल मुखबिर कि सुचना पर बरखेड़ा पूलिस ने चम्बल नदी पूलिया पर वाहन चेकिंग पॉइंट लगाया था, जहा वाहनो कि चेकिंग के दौरान बाइक सवार 2युवको अरमान औऱ अरबाज़ कि तलाशी लीं, दोनों के पास से 147 ग्राम एमडीएमए ड्रग मिला, इतना ही नाही इनके पास से 2 किलो 104 ग्राम डोडाचुरा भी मिला, एमडी ड्रग कि कीमत 14 लाख बताई जा रही है आरोपियों क़ो गिरफ्तार कर लिया गया औऱ जेल से रिमांड पर लिया गया है पूछताछ मे सामने आय है कि यही दोनों मादक पदार्थ एमडी गांव घाटा खेड़ि से लाना बता रहे है आगे पूछताछ मे इस नेटवर्क का भी बड़ा ख़ुलासा हो सकता है औऱ आरोपी सामने आ सकते है बाइट - पल्ल्वी गौर ( ऐसडीओपी आलोट रतलाम
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मुरादाबाद के मोमबत्ती शोरूम-गोदाम में भीषण आग, दमकलों की दस से अधिक गाड़ियां पहुंचीं

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में देर रात से लगी मोमबत्ती के शोरूम एवं गोदाम में भीषण आग का मामला, काफी हद तक पाया गया आग पर काबू कुछ हिस्सों में अभी भी आग बाकी, शोरूम एवं गौदाम के स्टॉक में लगी भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पाने में लगी फायर ब्रिगेड की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां, मुरादाबाद सहित आसपास के जनपदों से बुलाई गयी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, देर रात से मौके पर डटे डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल सहित जिले के तमाम अधिकारी, आबादी वाले क्षेत्र में बने मोमबत्ती के बड़े गोदाम एवं शोरूम में लगी भीषण आग की चपेट में आये आस पास भी हुए श्रतिग्रस्त, आग के कारणों का अभी स्पष्ट नहीं लेकिन प्रथम दृश्य शॉट सर्किट से आग लगने की वजह आ रही सामने, आग लगे के कारण करोड़ो के नुकसान की जताई जा रही आशंका, फिलहाल जिस हिस्से अभी भी आग बाकी वहां फायर ब्रिगेड की टीमें अभी भी बुझाने में जुटी एवं लोगो कों आसपास जाने से रोक रहीं।
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अनुपूरक बजट से एक्सप्रेसवे और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को गति की उम्मीद

Noida, Uttar Pradesh:इस अनुपूरक में सरकार सड़क परियोजनाओं खासकर नई लिंक एक्सप्रेसवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बजट दे सकती है। गंगा और अन्य एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ हरियाली के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराने का बजट भी इसमें दिख सकता है। वकीलों को कैशलेस इलाज की सुविधा भी इस अनुपूरक के माध्यम से दी जा सकती है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में दो हजार रुपए बढ़ाने के लिए अतिरिक्त धनराशि का आवंटन होने की उम्मीद भी है। अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए अनुपूरक बजट को अहम माना जा रहा है। बजट में जिन योजनाओं और परियोजनाओं के लिए धन का आवंटन किया जाएगा, वे सभी योजनाएं व परियोजनाएं दिसंबर से पहले धरातल पर नजर आएंगी। इस समय आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके साथ ही मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रवे परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सत्यापन किए जाने के निर्देश संबंधित डीएम को दिए गए हैं। इन परियोजनाओं को और आगे बढ़ाने के लिए बजट का प्रविधान किया जा सकता है।
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फर्रुखाबाद में गंगा के कटान से करोड़ों रुपए पर सवाल, क्या बचेंगे गांव?

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी अब चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच चुकी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बाढ़ से पहले ही करोड़ों रुपये की सुरक्षा व्यवस्था पानी में बह गई? जिन गांवों को बचाने के लिए करोड़ों खर्च किए गए थे, आज वही गांव गंगा के कटान के सामने बेबस खड़े हैं. ये तस्वीरें फर्रुखाबाद के दिलीप की मढ़ैया और तीस राम की मढ़ैया की हैं... जहां गंगा का कटान हर घंटे जमीन निगल रहा है। इन्हीं गांवों को बचाने के लिए करीब 7 करोड़ रुपये खर्च कर पार्कोपइन कार्य कराए गए थे। लेकिन आज हालात यह हैं कि कटान उन सभी दावों को बहाकर ले जा रहा है। करोड़ों की योजना कागजों में सफल दिखाई गई, मगर ज़मीन पर गंगा लगातार गांवों का अस्तित्व मिटाने में लगी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ सुरक्षा के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। समय पर मजबूत और वैज्ञानिक तरीके से कार्य नहीं कराया गया। अब जब गंगा चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है, तब फटी हुई बोरियों में रेत भरकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या यही करोड़ों रुपये की परियोजना का परिणाम है? जी मीडिया लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है। पहले भी इन खामियों को प्रमुखता से दिखाया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने माना था कि लगभग 10 मीटर तक लगाए गए परकोपाइन स्ट्रक्चर गंगा में दब गए हैं और उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। लेकिन आज की तस्वीरें बता रही हैं कि हालात पहले से ज्यादा गंभीर हैं। सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही का है। यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव नहीं बच सके, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है? अब तक किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ा, तो दिलीप की मढ़ैया ही नहीं, आसपास के कई गांव भी गंगा की धारा में समा सकते हैं। एक तरफ शासन को भेजी जा रही रिपोर्टों में व्यवस्थाएं दुरुस्त बताई जा रही हैं, तो दूसरी तरफ ज़मीन की सच्चाई कुछ और ही कहानी कह रही है। खेत कट रहे हैं, जमीन गंगा में समा रही है और लोगों के सिर पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। अब सवाल सिर्फ बाढ़ का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जो हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन हर साल गंगा फिर वही गांव निगल जाती है। आखिर कब तय होगी जिम्मेदारी? कब रुकेगा सरकारी धन का दुरुपयोग? और कब मिलेगा इन ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी सुरक्षा? बाइट --बिना देवी ग्रामीण बाइट --संतोषी ग्रामीण
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धराली आपदा एक वर्ष पूरा होने से पहले बहुद्देशीय शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग-आपदा के वर्ष पूर्ण होने से पहले प्रशासन ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में लगाया बहुद्देशीय शिविर पीड़ितों की सुनी समस्या उत्तरकाशी. धराली में भीषण आपदा 5 अगस्त को आई थी। और अब धराली आपदा को एक वर्ष पूर्ण होने में महज 5 दिन बाकी है। जिला प्रशासन ने धारली में बहुउद्देशीय शिविर लगवाए और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। विकासखण्ड भटवाड़ी के धराली में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर एवं जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से सेवाएं प्रदान कीं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ पात्र लाभार्थियों को आवश्यक सहायता एवं चेक वितरित किए गए। पिछले वर्ष धराली में भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ था और लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में जिला प्रशासन ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुँचाने का प्रयास किया। अब पुनर्वास और विकास की दिशा में प्रशासन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में बहुद्देशीय शिविर में धराली के ग्रामीणों द्वारा कल्प केदार मंदिर के पुनरुद्धार की मांग रखी जिस पर जिलाधिकारी ने सभी ग्रामवासियों को एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा और बताया कि सरकार द्वारा पूर्व में मंदिर के पुनरुद्धार का आश्वासन दिया है जिससे प्रस्ताव के पश्चात् जिला विकास पर्यटन अधिकारी को जल्द ही कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविर में कुल 21 शिकायतें दर्ज हुईं जिनका मौके पर ही निस्तारण किया गया। बाइट -01 राजेश सिंह पंवार ग्रामीण बाइट -02 पार्वती रमोला ग्रामीण महिला बाइट -03 प्रशांत आर्य जिलाधिकारी उत्तरकाशी
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मीरजापुर में चाय पर चुनावी चर्चा: विकास और सुरक्षा को लेकर बहस तेज

Ukhdand, Uttar Pradesh:मीरजापुर में चुनावी माहौल के बीच एक खास कार्यक्रम "चाय पर चुनावी चर्चा" का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक और स्थानीय नागरिक एकत्र हुए। चर्चा के दौरान शहर और जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बहस हुई। सबसे अधिक चर्चा माँ विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर परियोजना को लेकर हुई। कुछ लोगों ने इसे मीरजापुर के धार्मिक और पर्यटन विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया, तो वहीं कुछ लोगों ने धाम में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। चर्चा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर में हुई दानपात्र चोरी की घटना का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। लोग ने कहा कि आस्था के केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है。 इसके अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था भी बहस का प्रमुख विषय रही। नागरिकों ने कई मार्गों पर गड्ढों और खराब सड़कों की समस्या को उठाया। वहीं बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी। कुछ प्रतिभागियों ने सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की सराहना की, जबकि विपक्षी समर्थकों ने जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान की मांग की。 चर्चा में मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विचार रखे गए। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं और पार्टियों का पक्ष रखते हुए विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखा。 कुल मिलाकर, "चाय पर चुनावी चर्चा" कार्यक्रम लोकतंत्र की भावना को मजबूत करने वाला मंच साबित हुआ, जहाँ आम नागरिकों ने खुलकर अपनी बात रखी और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।
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सतना: ड्यूटी के दौरान मौत पर शव रखकर सड़क जाम, 25 नामजद सहित अन्य पर मुकदमा

Satna, Madhya Pradesh:सतना। कोलगवा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में शव रखकर सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। कुल 25 नामजद सहित अन्य लोगों पर BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पहले मामले में बिरला फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी रमाकांत तिवारी की 30 जुलाई को ड्यूटी के दौरान अचानक मौत हो गई। मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। NSUI, कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्थन से यह प्रदर्शन बिरला-बदखर रोड पर चक्का जाम में बदला गया। कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने 16 नामजद समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज किया। दूसरे मामले में सीधी जिले के रामपुर नैकिन के रहने वाले अभिषेक सिंह की मौत के बाद उनका शव बाबूपुर लाया गया। यहां परिजनों ने बाबूपुर चौकी के सामने शव रखकर सतना-सेमरिया रोड पर चक्का जाम कर मुआवजे की मांग की। पुलिस ने 9 नामजद समेत अन्य पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में कार्यवाही जारी है.
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जयपुर में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 192 रुपये सस्ता, घरेलू नहीं बदला

Jaipur, Rajasthan:Anchor-महंगाई के दौर में कारोबारियों के लिए राहत की खबर आई है। तेल कंपनियों ने लगातार दूसरे महीने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता किया है। जयपुर में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 192 रुपये सस्ता मिलेगा। दो महीने में इसकी कीमत 375 रुपये 50 पैसे तक घट चुकी है। हालांकि आम परिवारों के लिए राहत का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। घरेलू सिलेंडर की कीमत में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया गया। यानी रसोई गैस का खर्च पहले जैसा ही रहेगा, जबकि राहत केवल कॉमर्शियल उपभोक्ताओं तक सीमित रही है. होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों के लिए August की शुरुआत राहत लेकर आई है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 192 रुपये की कटौती कर दी है। नई दरों के बाद जयपुर में कॉमर्शियल सिलेंडर अब 2957.50 रुपये की जगह 2765.50 रुपये में मिलेगा। इससे पहले जुलाई में भी कॉमर्शियल सिलेंडर 183 रुपये 50 पैसे सस्ता हुआ था। यानी सिर्फ दो महीने में कॉमर्शियल सिलेंडर 375 रुपये 50 पैसे तक सस्ता हो चुका है। कारोबारियों का कहना है कि इससे गैस पर होने वाला खर्च घटेगा और परिचालन लागत में राहत मिलेगी। अमेरिका-ईरान तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी महंगी होने से इस साल कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। जनवरी से जून के बीच कंपनियां छह बार कीमत बढ़ा चुकी थीं। सबसे बड़ा झटका मई में लगा, जब एक साथ 993 रुपये प्रति सिलेंडर तक की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद जुलाई और अब अगस्त में लगातार दो कटौतियों ने कारोबारियों को कुछ राहत दी है. तेल कंपनियों ने नई रेट लिस्ट जारी की है। 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर में 192 रुपये की कमी की गई है। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया कि तेल कंपनियों ने देर रात नई रेट लिस्ट जारी की, जिसके अनुसार संशोधित कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। उनका कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता होने से होटल, मिठाई की दुकानें, केटरिंग, बेकरी और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत अभी भी अधूरी है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जयपुर में घरेलू सिलेंडर पहले की तरह 945 रुपये 50 पैसे में ही मिलेगा। यदि इस साल में कॉमर्शियल सिलेंडर के दामो की बारे तो तेल कंपनियों ने अब तक 6 बार से ज्यादा बार कीमतों में बढ़ोतरी की है। 31 दिसंबर तक 1608 रुपए में जो सिलेंडर मिलता था, जो अब 1 जून तक बढ़कर 3141 रुपए में हो गया। जनवरी में कंपनियों ने 111 रुपए, फरवरी में 49.50, मार्च में 141.50 रुपए, अप्रैल में 195 रुपए, मई में 993 और अब जून में 42 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की. बहरहाल, इस साल जनवरी से जून तक कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। अब जुलाई और अगस्त में लगातार दो बार कटौती से कारोबारियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन घरेलू रसोई का बजट फिलहाल पुराने दामों पर ही चलना होगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी कटौती होती है या नहीं.
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गौ तस्कर मुठभेड़ में घायल

KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow15m ago
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा।बेखौफ गौ तस्कर गन्ने के खेत में गोवंश को बंधक बनाकर गोहत्या का प्रयास कर रहे थे। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।मामला इटियाथोक थाना क्षेत्र के दुल्हापुर पहाड़ी ग्राम पंचायत से जुड़ा है।ग्रामीणों के मुताबिक, गुरुवार देर शाम को कुछ संदिग्ध लोग कर्बला के पास स्थित एक गन्ने के खेत में गोवंश का वध करने के फिराक में इकट्ठा हुए थे। इसकी भनक ग्रामीणों लग गई, जिसके बाद विनय कुमार,ज्ञान प्रकाश, राधेश्याम, श्रीराम सहित सैकड़ों लोगों ने मिलकर उन्हें घेर लिया।सूचना मिलने पर इटियाथोक कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची।पुलिस ने घटनास्थल से एक बोरी में बंधे हथियार बरामद किए हैं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है।मौके पर पुलिस बल मौजूद है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।जिसके विरुद्ध पहले ही कायम है ।
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एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए मेडिकल कॉलेजों में एक्सीलेंस सेंटर और 10 लाख सहायता

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए बनेंगे मेडिकल कॉलेजों में एक्सीलेंस सेंटर प्रदेश सरकार ने एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आर्थिक सहायता को मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापक सहायता एवं पुनर्वास नीति लागू की है। मुख्यमंत्री की पहल पर तैयार इस नीति का मकसद पीड़िताओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, पुनर्वास और आत्मनिर्भर बनने का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रमुख प्रावधान निःशुल्क चिकित्सा सुविधा: एसिड अटैक पीड़िताओं का संपूर्ण इलाज निःशुल्क कराया जाएगा। इसमें बहु-विशेषज्ञ उपचार, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, दवाएं, फिजियोथेरेपी और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य उपचार भी शामिल होगा। पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। मेडिकल कॉलेजों में एक्सीलेंस सेंटर: प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में विशेष सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इनमें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), गोरखपुर, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज (मेरठ), मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (प्रयागराज), महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज (झांसी) सहित अन्य प्रमुख संस्थान शामिल होंगे। यहां पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्टिव) सर्जरी और उन्नत उपचार की विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शिक्षा और आवास में राहत: एसिड अटैक पीड़िताओं के बच्चों को छात्रावासों में प्रवेश और ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र पीड़िताओं को प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जाएगी। आवास आवंटन में आरक्षण: यदि पीड़िता को किसी योजना में आवास नहीं मिला है, तो मुख्य सचिव के आदेश के बाद आवास विभाग की सुरक्षित निधि से आवास आवंटित किया जाएगा। लाखों की आर्थिक सहायता: नई नीति के तहत एसिड अटैक पीड़िताओं को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें एक लाख रुपये घटना के 15 दिनों के भीतर, शेष राशि जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक महीने के भीतर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य एसिड अटैक पीड़िताओं को केवल इलाज तक सीमित सहायता देना नहीं, बल्कि उनके पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में समग्र सहयोग सुनिश्चित करना है।
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