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Ambedk nagar- बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में निकाली हिंदू आक्रोश यात्रा
Akbarpur, Uttar Pradesh:जनपद अंबेडकर नगर के तहसील तिराहा गायत्री मंदिर परिसर से हिंदू संगठनों द्वारा बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचार के विरोध में यह जन आक्रोश यात्रा निकाली गई . हिंदू रक्षा समिति के विभिन्न पदाधिकारी ने कहा कि लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं का उत्पीड़न किया जा रहा है जिस वजह से ये यात्रा निकाली जा रही है।
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योगी ने वृन्दावन में कान्हा भक्ति स्तंभ का उद्घाटन किया, जन्माष्टमी बना खास
Mathura, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर वृन्दावन में 'कान्हा भक्ति स्तंभ' का उद्घाटन किया।0
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टीकमगढ़ के बानसुजारा बांध के 6 गेट खुले, धसान नदी में जलस्तर 7–9 फीट बढ़ा
Tikamgarh, Madhya Pradesh:एंकर- टीकमगढ़ जिले में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते बानसुजारा बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ने से बांध के 6 गेट खुले, जिससे बांध के नीचे धसान नदी के निचले हिस्से में जलस्तर 7 से 9 फीट तक बढ़ गया है, बांध प्रबंधन ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, वही जिला प्रशासन ने लोगों से नदी क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है।0
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हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र: 66 सदस्य उपस्थिति, जनहित मुद्दों पर व्यापक चर्चा
Chandigarh, Chandigarh:· लोकहित के मुद्दे उठाने में हुआ सदन का उपयोग, स्तर बनाए रखा · विरोध व विघ्न के बावजूद हुई अनेक विषयों पर गंभीर व सार्थक चर्चा · अनेक अवसरों पर गर्माया सदन का माहौल, विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कुशल संचालन से बनाए रखी सदन की गरिमा · तीन बैठकों में 17 घंटे 39 मिनट हुई चर्चा, 66 सदस्यों की उपस्थिति रही शत-प्रतिशत चंडीगढ़, 3 सितंबर。 15वीं हरियाणा विधान सभा का दूसरा मानसून सत्र सार्थक, सकारात्मक, नसीहत और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा के साथ संपन्न हो गया। 27 अगस्त से आरंभ होकर 1 सितंबर तक चले इस सत्र में कुल तीन बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 17 घंटे 39 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली। सत्र के दौरान सदन का सदुपयोग हुआ, जिस कारण अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हो सकी। कई अवसरों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन का माहौल गर्माया भी, लेकिन विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपने कुशल, संतुलित और प्रभावी संचालन से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने में भूमिका निभाई। वे विशेषाधिकार के बाद भी सदन को सुचारू रूप सेचलाने में सफल रहे। उन्होंने सदस्यों से अनुशासन और सदन की मर्यादा बनाए रखने तथा चर्चा को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रखने का आह्वान किया। अनेक अवसरों पर वे नसीहत देते भी नजर आए। अध्यक्ष के कुशल संचालन से सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं को बनाए रखने की उत्कृष्ट मिसाल देखने को मिली। लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जनहित, सदन की गरिमा तथा जन-विश्वास हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। सत्र के दौरान 66 सदस्यों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रही। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री, विधान सभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सभी मंत्री भी शामिल रहे। मानसून सत्र के दौरान एक दिन शून्यकाल का आयोजन हुआ। शून्यकाल के दौरान 1 घंटा 57 मिनट तक कार्यवाही चली, जिसमें कुल 38 विधायकों ने विभिन्न लोकहित के मुद्दों को सदन के समक्ष रखा। शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के 13 तथा कांग्रेस के 22 विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। इनके अतिरिक्त तीन निर्दलीय विधायकों ने भी इस दौरान अपनी बात रखी। मानसून सत्र के दौरान 3 दिन प्रश्नकाल हुए। इसके लिए 60 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, इनमें से 31 के जवाब सदन में दिए गए। विधान सभा सचिवालय को 51 सदस्यों से 266 तारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 167 एडमिट हुए। सत्र के पहले दिन परिस्थितियां ऐसी बनी कि प्रश्नकाल के दौरान एक भी प्रश्न का मौखिक जवाब नहीं दिया जा सका। इसी प्रकार 22 विधायकों की ओर से 126 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए। इनमें से 97 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए, जिनमें से सूचीबद्ध सभी 93 प्रश्नों के जवाब विधायकों को भेजे गए। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए 25 नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 6 स्वीकृत हुए। सत्र की सभी तीन बैठकों में 2-2 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुईं। कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए 4 नोटिस प्राप्त हुए। इन सभी को शर्तें पूरी न करने के कारण अस्वीकृत कर दिया गया। सत्र के लिए 15 विधेयकों के प्रारूप मिले थे, जो चर्चा उपरांत पारित कर दिए गए। अल्प अवधि चर्चा के लिए एक सूचना प्राप्त हुई थी, लेकिन इसे विपक्षी सदस्य ने वापस ले लिया। सत्र के दौरान 2 सरकारी संकल्प भी पारित किए गए। इनमें जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण संशोधन अधिनियम 2024 (2024 का केंद्रीय अधिनियम संख्या-5) को 31 अगस्त को पारित किया गया। वहीं, एक सितंबर को श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर दूसरा सरकारी संकल्प पारित किया गया। इस सत्र में एक प्रस्ताव नियम 84 के अधीन तथा एक गैर सरकारी प्रस्ताव का भी नोटिस प्राप्त हुआ, जो शर्तें पूरी नहीं करने के कारण अस्वीकार हो गया। इस बीच अध्यक्ष महोदय ने ऑब्जर्वेशन भी दी, जिसमें सदस्यों से अनुशासन का पालन और सदन की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया गया। इस सत्र के दौरान अलग-अलग दीर्घाओं में 753 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। इन दर्शकों में 11 शिक्षण संस्थाओं के 446 विद्यार्थी व शिक्षक शामिल रहे। मानसून सत्र में कुल 15 विधेयक पारित किए गए। इनका विवरण इस प्रकार है :- 1. हरियाणा न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026 2. हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 3. हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 4. हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक, 2026 5. हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026 6. हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 7. हरियाणा स्थानीय लेखा-परीक्षा विधेयक, 2026 8. हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 9. हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 10. हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 11. हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 12. हरियाणा राज्य भौतिक-चिकित्सा परिषद् (निरसन) विधेयक, 2026 13. हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संशोधन विधेयक, 2026 14. हरियाणा कारबार का अधिकार विधेयक, 2026 15. हरियाणा विनियोग संख्या-3 विधेयक, 20260
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कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, नालों से कूड़ा वापस फेंका गया
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र -- कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मियों और दुकानदारों में हुआ हंगामा, नालों से निकाला कूड़ा वापस फेंका... -सफाई कर्मियों ने दी चेतावनी... -"मांगें पूरी होने तक न कचरा उठाएंगे, न उठाने देंगे” -कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन हुआ उग्र -नालों से निकाला कूड़ा वापस फेंका, टिप्परों के पहिए भी रोके! -हड़ताल के 29वें दिन शहर में बिगड़े हालात कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब उग्र रूप लेती दिखाई दे रही है। शहर के बाजारों में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब दुकानदारों द्वारा अवरुद्ध नालों से निकलवाए जा रहे कूड़े को सफाई कर्मियों ने रुकवा दिया। आरोप है कि कर्मचारियों ने बाहर निकाला गया कूड़ा वापस नालों में फेंक दिया। इस दौरान दुकानदारों और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई तथा हालात संभालने के लिए पुलिस को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। गौरतलब है कि अपनी लंबित मांगों को लेकर नगर निकाय के सफाई कर्मचारी पिछले 29 दिनों से हड़ताल पर हैं। गुरुवार को कर्मचारियों को सूचना मिली कि शहर के कुछ बाजारों में दुकानदार अपने स्तर पर अवरुद्ध नालों की सफाई करवा रहे हैं। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और सफाई का काम रुकवा दिया。 आरोप है कि नालों से बाहर निकाला गया कूड़ा-कचरा भी कर्मचारियों ने दोबारा नालों में फेंक दिया। इसे लेकर दुकानदारों और कर्मचारियों के बीच जमकर बहस हुई। हंगामा बढ़ता देखकर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन कर्मचारियों का आक्रोश शांत नहीं हुआ。 प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हड़ताल के दौरान यदि बाजारों में नालों की सफाई या कचरे का उठान कराया गया, तो इसका विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक वे न स्वयं कचरा उठाएंगे और न ही किसी अन्य کو कचरा उठाने देंगे।0
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अपना दल एस ने शमशाद आलम को महानगर अध्यक्ष नियुक्त किया
Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज अपना दल एस ने शमशाद आलम को बनाया महानगर अध्यक्ष, विधानसभा चुनाव से पहले शमशाद आलम को मिली जिम्मेदारी, शहर में संगठन को मजबूत करने की शमशाद आलम को मिली जिम्मेदारी, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की संस्तुति पर शमशाद आलम बनाए गए महानगर अध्यक्ष, अपना दल एस के प्रदेश अध्यक्ष आरके गौतम ने जारी की सूची, औरैया में दीपक राठौर और इटावा में मुकेश कुमार जिलाध्यक्ष की मिली जिम्मेदारी0
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गोरखपुर के ओवरब्रिज पर कार आग, दमकल ने पाया आग पर काबू, कोई हताहत नहीं
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में गुरुवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मोहद्दीपुर से असुरन की तरफ जाने वाले ओवरब्रिज पर एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। देखते ही देखते कार से तेज लपटें उठने लगीं और पूरा ओवरब्रिज धुएं से भर गया। सड़क पर जलती कार का भयावह मंजर देखकर राहगीरों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में कार बुरी तरह आग की चपेट में आ गई। हादसे के बाद ओवरब्रिज पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल शुरुआती जांच में कार में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। अग्निशमन विभाग की टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। गुरुवार की रात... गोरखपुर का मोहद्दीपुर-असुरन ओवरब्रिज... सड़क पर सामान्य तरीके से दौड़ रही एक कार अचानक आग की लपटों से घिर गई। कुछ ही पलों में कार से उठती आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि ओवरब्रिज से गुजर रहे लोग सहम गए। कई वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक दिए, जिसके बाद पुल पर जाम की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन कर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। करीब 45 मिनट तक चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि आग बुझने तक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। फिलहाल आग लगने की वजह सामने नहीं आई है। अग्निशमन विभाग मामले की जांच में जुटा है। सबसे बड़ी राहत यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। गोरखपुर के ओवरब्रिज पर चलती कार में लगी आग ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। फिलहाल आग के कारणों की जांच की जा रही है।0
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बहराइच के दूरस्थ क्षेत्र के थारू विद्यार्थियों ने DM कार्यालय पर प्रदर्शन, टीचर कमी व भोजन-जल की दिक्कतें
Bahraich, Uttar Pradesh:खबर बहराइच से है बहराइच मे सैकड़ों थारू स्कूली छात्राओं ने DM कार्यालय पर किया प्रदर्शन,स्कूल में टीचर के कमी व पेट में पथरी की बताई समस्या , ख़बर बहराइच से है,जहां जिले के सबसे दूरस्थ जंगली क्षेत्र कतर्नियाघाट इलाके में स्थित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय एकलव्य मॉर्डन विद्यालय के सैकड़ों छात्र छात्राओं को विद्यालय में तमाम कमियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस समस्या के समाधान के लिये डीएम कार्यालय पहुंचे सैकड़ो थारू वर्ग की छात्र व छात्रओं ने स्कूल में चल रही टीचर की कमी के साथ ही अन्य तमाम तरह की समस्याओं का पुलिंदा खोला, आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित एकलव्य मॉडर्न विद्यालय की तमाम छात्राओं व छात्रों ने जहां टीचर की कमियों को गिनाया वही रहने खाने को लेकर भी गंभीर समस्या बताई है। एकलव्य मॉर्डन स्कूल बोझिया में पढ़ने वाले छात्रों ने एकजुट होकर स्कूल से 120 किमी जिला मुख्यालय पर आकर प्रदर्शन किया और डीएम बहराइच से अपनी पीड़ा साझा करने के लिये ज्ञापन सौंपा है। जहां इन स्कूली बच्चों को न तो सही गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलता है न पढ़ाने वाले टीचिंग स्टाफ है यहाँ तक तमाम छात्रों को खराब पानी की वजहों से पेट में पथरी तक हो गई है।अब सभी जिला प्रशासन से टीचर की मांग और व्यवस्था सुधारने के लिये माँग कर रहे हैं।इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन के लिये इन सभी छात्र छात्राओं को आने और जाने में 240 किमी का सफ़र करना पड़ा。 *बाइट---स्कूल की छात्राओं की बाईट,0
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हावड़ा पंचला मोड़ पर शुभेंदु अधिकारी ने श्रीकृष्ण चैतन्य महोत्सव का उद्घाटन, लड्डू वितरित
Howrah, West Bengal:হাওড়া পাঁচলা মোড়ে শ্রীকৃষ্ণ চৈতন্য মহোৎসবের উদ্বোধন করলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। বৃহস্পতিবার রাতে তিনি এই উৎসবের সূচনা করেন। উদ্বোধনের পর ভক্তদের মধ্যে নিজে হাতে লাড্ডু বিতরণ করেন। আগামী শনিবার এই এলাকায় একটি শ্রীকৃষ্ণ সংকীর্তনের আয়োজন করা হয়েছে। এই উপলক্ষ্যে এলাকাবасীকে সংকীর্তনে যোগদানের তিনি আহ্বান জানান। একই সঙ্গে তিনি এলাকায় শান্তি এবং শৃঙ্খলা বজায় রেখে উৎসব পালনের আহ্বান জানান।0
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जावेद फ्यूजन फिटनेस डांस एकेडमी में धूमधाम से मनाई जन्माष्टमी।
Puranpur, Uttar Pradesh:जावेद फ्यूजन फिटनेस डांस एकेडमी में धूमधाम से मनाई जन्माष्टमी पीलीभीत। जावेद फ्यूजन फिटनेस डांस एकेडमी में 3 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिंचाई विभाग के एसडीओ योगेंद्र कुमार गौतम पत्नी सहित शामिल हुए। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। करीब 70 बच्चों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान एकेडमी के संस्थापक जावेद हुसैन सिद्दीकी, बरेली के एडवोकेट दिग्विजय सिंह, जिम्नास्टिक कोच हरि किशोर, स्केटिंग कोच मोहम्मद हाशिम सहित बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।0
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दिल्ली नगर निगम: SC/ST कल्याण समिति के सदस्य घटाने पर AAP-BJP भिड़ंत तेज
Noida, Uttar Pradesh:नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के सिविक सेंटर में तदर्थ समितियों के चुनाव के दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति की सदस्य संख्या कम किए जाए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया. AAP ने आरोप लगाया कि समिति में सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर 21 कर दी गई है. पार्टी का दावा है कि यह बदलाव भाजपा के अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के रास्ते को आसान करने के लिए किया गया है. फैसले के विरोध में आप निगम पार्षदों ने निगम सदन से लेकर महापौर कार्यालय तक प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की. आप नेताओं ने कहा कि एससी/एसटी कल्याण समिति का मकसद अनुसूचित जाति और जनजाति समाज से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है. ऐसे में समिति में दलित पार्षदों का प्रतिनिधित्व कम करना उचित नहीं है. Mayor office - AAP के काउंसलरों ने दिल्ली नगर निगम में अनुसूचित जाति कल्याण समिति के चुनाव को रोकने की कोशिश की, जबकि उनकी पार्टी ने कोई उम्मीदवार ही नहीं उतारा। मेयर प्रवेश वाही के मुताबिक उन्होंने प्रीसाइडिंग ऑफिसर के साथ अभद्रता की, मेयर के दफ्तर में घुसकर दरवाजे-कुर्सियां तोड़ीं, सुरक्षा कर्मियों से धक्का-मुक्की की और एक काउंसलर ने महिला डिप्टी मेयर के सामने कपड़े उतारने की कोशिश की। मेयर ने इसे लोकतंत्र और संविधान का अपमान बताया।0
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ANTF ने 2 साल में छह राज्यों में फरारी काटे तस्कर भैराराम को दबोचा
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में नशे के खिलाफ ANTF का ऑपरेशन मदभ्रमर जारी है। इस अभियान के तहत ANTF ने दो साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर भैराराम को पाली के तखतगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी डोडा-पोस्त की तस्करी के नेटवर्क से लंबे समय से जुड़ा था और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। ANTF ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर तस्कर को दबोचा है, जो करीब दो साल से पुलिस की गिरफ्त से दूर था। आरोपी भैराराम, निवासी अगरवी, आहोर, जालोर पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। ANTF ने ऑपरेशन मदभ्रमर चलाकर उसे पाली से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक भैराराम करीब सात साल से डोडा-पोस्ट तस्करी के धंधे से जुड़ा था। शुरुआत में वह तस्करों के लिए वाहन चलाकर डोडा-पोस्त की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था। हर ट्रिप के करीब 50 हजार रुपए उसे मिलते थे। धीरे-धीरे तस्करी नेटवर्क में उसकी पकड़ बढ़ती गई और वह खुद अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। साल 2024 में आहोर थाना पुलिस ने डोडा-पोस्त की खेप ले जा रहे उसके साथियों को वाहन समेत पकड़ लिया था। भैराराम भी उस दौरान साथ था, लेकिन पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद उसने फिर नया नेटवर्क खड़ा किया और तस्करी जारी रखी। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। करीब दो साल में उसने छह राज्यों में 16 से ज्यादा जगहों पर फरारी काटी। हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। राजस्थान में भी चित्तौड़गढ़, जयपुर, पाली और उदयपुर में ठिकाने बदलता रहा। लेकिन अवैध कमाई के लालच ने आखिरकार उसे फिर उसी धंधे में ला खड़ा किया। फरारी के दौरान करीब 15 दिन पहले उसने दोबारा डोडा-पोस्त तस्करी शुरू की और पाली के तखतगढ़ में किराए का कमरा लेकर छिपकर रहने लगा। ANTF लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। ANTF की निगाह उस वक्त उस तक पहुंची, जब आरोपी ने दोबारा तस्करी शुरू की। टीम ने सूचना तंत्र और निगरानी के आधार पर उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई और योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। ANTF की टीम ने भैराराम को उस समय घेराबंदी कर पकड़ा जब वह अपने दोस्त के घर सो रहा था। दो साल तक पुलिस को चकमा देने वाला भैराराम आखिर ANTF के शिकंजे में आ गया। भैराराम की गिरफ्तारी में उसके ही एक तस्कर साथी की सूचना अहम साबित हुई। आरोपी अपने साथी के सामने खुद को तस्करी का मास्टरमाइंड बताते हुए दावा कर रहा था कि हर बार की तरह इस बार भी पुलिस को चकमा देकर निकल जाएगा। साथी ने ANTF से संपर्क किया और उसके तखतगढ़ में होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही टीम ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। ANTF के मुताबिक कार्रवाई में शामिल सभी टीमों को मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि किसी अपराधी या अपराध से जुड़ी सूचना ANTF कंट्रोल रूम के नंबर पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।0
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अररिया पहुंचे मंत्री ने अखिलेश-कांग्रेस पर निशाना, मोदी जन्मदिन सेवा अभियान का एलान
Forbesganj, Bihar:भाजपा की बैठक में शामिल होने अररिया पहुंचे बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को “फासिस्ट व्यक्ति” बताते हुए कहा कि उन्हें श्रीराम मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए डॉ. जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए बेचैन है और उसे देश के हित से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना रह गया है। डॉ. जायसवाल ने बताया कि आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों का जीवन संवारने का काम किया है। उनके जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक माह तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा और जनसरोकार से जोड़ते हुए पूरे महीने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के बीच पहुंचेंगे।0
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FATF की चेतावनी: हवाला अब कैश, क्रिप्टो और डिजिटल पेमेंट के साथ तेज़ हो गया
New Delhi, Delhi:FATF की बड़ी चेतावनी: हवाला और अंडरग्राउंड बैंकिंग अब सिर्फ नकदी का खेल नहीं, डिजिटल नेटवर्क बन चुका है...\n\nहवाला और अंडरग्राउंड बैंकिंग को लंबे समय से भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में पैसे को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के अनौपचारिक तरीके के तौर पर जाना जाता है। लेकिन Financial Action Task Force (FATF) की सितंबर 2026 की नई रिपोर्ट ने इस पूरे सिस्टम की बदलती तस्वीर सामने रखी है। \u00a0\n\nरिपोर्ट के मुताबिक अब प्रोफेशनल मनी लॉन्ड्रर पारंपरिक हवाला नेटवर्क को बैंक खातों, फिनटेक प्लेटफॉर्म, डिजिटल वॉलेट, वर्चुअल एसेट, वर्चुअल IBAN, प्रीपेड कार्ड और यहां तक कि AI आधारित तकनीकों के साथ जोड़ रहे हैं। इससे अपराध की कमाई को छिपाना और अलग-अलग देशों में पहुंचाना पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और जटिल हो गया है। \n\nFATF ने अपनी रिपोर्ट “Investigating Professional Money Laundering, Underground Banking, and the Use of Hawala and Other Similar Service Providers” में दुनिया के 46 देशों/क्षेत्रों से मिले इनपुट, केस स्टडी और विशेषज्ञों की जानकारी के आधार पर अंडरग्राउंड बैंकिंग और हवाला के बदलते तौर-तरीकों का विश्लेषण किया है। \n\n90 फीसदी देशों में मौजूद हैं हवाला-अंडरग्राउंड बैंकिंग नेटवर्क\nरिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि सर्वे में शामिल करीब 90 फीसदी देशों ने अपने यहाँ अंडरग्राउंड बैंकिंग या HOSSP यानी Hawala and Other Similar Service Providers की मौजूदगी बताई। FATF के मुताबिक इन नेटवर्क की खासियत यह है कि एक देश में पैसा देने वाले व्यक्ति से रकम लेकर दूसरे देश में मौजूद व्यक्ति को उसके बराबर रकम दे दी जाती है, जबकि मूल पैसा जरूरी नहीं कि सीमा पार जाए। बाद में दोनों देशों के ऑपरेटर अपने हिसाब-किताब का आपस में निपटारा करते हैं। \n\nयानी आसान भाषा में समझें तो भारत में किसी व्यक्ति से पैसा लिया गया और विदेश में उसके रिश्तेदार को स्थानीय मुद्रा में पैसा दे दिया गया। भारत से वही पैसा विदेश भेजना जरूरी नहीं है। दोनों देशों के हवाला ऑपरेटर अपने बीच बाद में व्यापार, नकदी, बैंकिंग चैनल या दूसरी संपत्तियों के जरिए हिसाब बराबर कर सकते हैं।\n\nhawala अब सिर्फ हवाला कारोबारी की दुकान तक सीमित नहीं\nFATF के मुताबिक पुराने समय में हवाला मुख्य तौर पर व्यक्तिगत भरोसे, कारोबारी रिश्तों और नकदी के नेटवर्क पर चलता था। लेकिन अब इसके साथ तकनीक जुड़ गई है।\nरिपोर्ट में इसे कई जगह “Digital Hawala” कहा गया है। इसमें WhatsApp, Telegram और Signal जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन लेजर, डिजिटल वॉलेट, फिनटेक ऐप, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और वर्चुअल एसेट का इस्तेमाल नेटवर्क को चलाने और लेनदेन को छिपाने के लिए किया जा सकता है। करीब 70 फीसदी उत्तर देने वाले देशों ने नई तकनीक और डिजिटल सिस्टम के हवाला/अंडरग्राउंड बैंकिंग में इस्तेमाल को देखा है। \n\nरिपोर्ट के अनुसार डिजिटल बदलाव के कई रूप सामने आए हैं.\n\nबातचीत और निर्देश देने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग।\nग्राहक से पैसा लेने के लिए बैंक ट्रांसफर, मोबाइल वॉलेट और फिनटेक ऐप। ऑपरेटरों के बीच हिसाब बराबर करने के लिए क्रिप्टो/वर्चुअल एसेट। PSP, ऑनलाइन बैंकिंग और vIBAN का इस्तेमाल। मनी म्यूल के खातों के जरिए रकम को कई हिस्सों में बांटना।कुछ मामलों में ऑटोमेटेड सिस्टम और AI आधारित टूल का इस्तेमाल।\n\nFATF ने चेताया है कि डिजिटल सिस्टम की वजह से लेनदेन की रफ्तार बढ़ती है, रिकॉर्ड को ट्रेस करना मुश्किल होता है और अपराधियों को अलग-अलग देशों में रकम की कई परतें बनाने का मौका मिलता है। \n\nAI से भी बदल रहा है मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका...\nरिपोर्ट में एक खास चिंता AI और ऑटोमेशन को लेकर भी सामने आई है।कुछ देशों ने ऐसे मामलों की जानकारी दी है, जहां तकनीक का इस्तेमाल ट्रांजेक्शन को इस तरह व्यवस्थित करने में किया गया कि वे सामान्य कारोबारी गतिविधि जैसे दिखाई दें। इसमें मनी म्यूल खातों के बीच रकम को तेजी से घुमाना, पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए रकम की रूटिंग और fiat से virtual asset में तेजी से conversion जैसे तरीके शामिल हैं। \n\nजापान की एक केस स्टडी में ऐसे automated transfer functions का उल्लेख है जो किसी खाते में तय रकम पहुंचने के बाद पैसा अपने आप दूसरे खातों में भेज सकते थे। इससे किसी एक खाते में अपराध की रकम ज्यादा देर तक नहीं रहती और जांच एजेंसियों के लिए ट्रेल पकड़ना मुश्किल हो जाता है। \n\nअपराधियों की सबसे बड़ी ताकत बैंकिंग सिस्टम से बाहर नहीं, बैंकिंग सिस्टम के अंदर छिपना FATF की रिपोर्ट का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि आज के प्रोफेशनल मनी लॉन्ड्रर पूरी तरह बैंकिंग सिस्टम से बाहर नहीं रहते। वे अनौपचारिक हवाला नेटवर्क और औपचारिक बैंकिंग सिस्टम को एक साथ इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बैंक खाते, फिनटेक प्लेटफॉर्म, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और vIBAN अब मनी लॉन्ड्रिंग चक्र में entry और exit points के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं। अपराधी सामने से वैध दिखने वाली ट्रेडिंग कंपनियां, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म, शेल कंपनियां और दूसरे कारोबारी ढांचे खड़े कर सकते हैं। \n\nइसका मतलब है कि जांच एजेंसियों के लिए सिर्फ बैंक स्टेटमेंट देखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें यह भी देखना होगा कि बैंक खाते के पीछे कौन है, पैसा किस नेटवर्क से आया, किस कारोबारी गतिविधि के नाम पर आया और उसके बाद किस informal settlement network में गया।\n\nFATF के मुताबिक करीब 80 फीसदी मामलों में हवाला अकेला नहीं चलता...\nरिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 80 फीसदी jurisdictions ने बताया कि underground banking और HOSSP आधारित PML अन्य मनी लॉन्ड्रिंग तरीकों के साथ मिलकर इस्तेमाल होता है।\nइनमें प्रमुख हैं. \n\nTrade Based Money Laundering यानी TBML\nShell और front companies\nVirtual assets\nReal estate\nLuxury goods\nPrecious metals और stones\nइस तरह एक ही नेटवर्क में नकदी, हवाला, व्यापारिक लेनदेन, क्रिप्टो और प्रॉपर्टी—सभी का इस्तेमाल हो सकता है। \n\nFATF के चार्ट में सामने आया मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा नेटवर्क\nरिपोर्ट के पेज 18 के Infographic 3 में सर्वे में शामिल देशों ने प्रोफेशनल मनी लॉन्ड्रिंग के प्रमुख चैनलों के तौर पर जिन तरीकों की पहचान की, उनमें सबसे ऊपर shell companies, nominee और other corporate arrangements—67% रहे।\nइसके बाद—\nतरीका\nदेशों द्वारा पहचान\nShell companies/nominees/corporate arrangements\n67%\nTrade Based Money Laundering (TBML)\n36%\nUnderground banking/HOSSP\n33%\nVirtual Assets\n31%\nReal estate transactions\n28%\nProfessional intermediaries/enablers\n18%\nयह आंकड़ा दिखाता है कि हवाला अब अकेले इस्तेमाल होने वाला माध्यम नहीं है, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट और वित्तीय ढांचे के साथ मिलकर काम कर रहा है।\n\nड्रग्स से लेकर साइबर फ्रॉड तक हर तरह के अपराध का पैसा\nFATF ने यह भी साफ किया है कि underground banking को अब सिर्फ ड्रग तस्करी या स्मगलिंग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।\nरिपोर्ट में 39 jurisdictions से मिले मामलों के आधार पर ड्रग तस्करी, फ्रॉड, सामान की तस्करी, टैक्स चोरी, साइबर अपराध, भ्रष्टाचार, मानव तस्करी और migrant smuggling जैसे अपराधों का उल्लेख किया गया है। \n\nppage 22 के चार्ट में अपराधों की पहचान इस तरह हुई—\nड्रग ट्रैफिकिंग – 40%\nफ्रॉड – 40%\nस्मगलिंग – 35%\nटैक्स एवेजन – 30%\nसाइबर क्राइम – 25%\nकरप्शन – 25%\nह्यूमन ट्रैफिकिंग/माइग्रेंट स्मगलिंग – 25%\nटेररिस्ट फाइनेंसिंग – 20%\nआर्म्स ट्रैफिकिंग – 10% \n\nयानी अपराध की कमाई चाहे ड्रग्स से आए, ऑनलाइन फ्रॉड से या टैक्स चोरी से—हवाला और अंडरग्राउंड बैंकिंग उसे दूसरी जगह पहुंचाने और असली स्रोत छिपाने का माध्यम बन सकता है। भारत के लिए खास तौर पर अहम: ऑनलाइन जुए के पैसे को हवाला के जरिए विदेश भेजकर फिर निवेश के रूप में वापस लाया गया\n\nFATF की रिपोर्ट में भारत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण केस स्टडी भी शामिल है।\n\nरिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने एक illegal online gambling platform से जुड़े प्रोफेशनल मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की पहचान की। यह प्लेटफॉर्म स्पोर्ट्स बेटिंग, कार्ड गेम्स और दूसरे ऑनलाइन wagering से पैसा जुटाता था।\n\nइस नेटवर्क में अलग-अलग “panel operators” ग्राहक के deposit और withdrawal संभालते थे। इन ऑपरेटरों ने UPI, online banking, digital wallets, mule accounts और चोरी की पहचान से खोले गए खातों का इस्तेमाल किया। \n\nइसके बाद इस नेटवर्क ने ऑनलाइन जुए से आए पैसे का एक हिस्सा कैश में बदला और हवाला तथा दूसरे underground banking channels के जरिए विदेश भेजा।\n\nइसके बाद रकम को UAE से कथित foreign investment के रूप में भारत में वापस लाया गया, ताकि पैसे के आपराधिक स्रोत को छिपाया जा सके। \n\nयानी पैसा बाहर गया और निवेश बनकर वापस आया\n\nइस केस में पूरा चक्र मोटे तौर पर ऐसा था:\nऑनलाइन जुआ → UPI/बैंक/वॉलेट/म्यूल खाते → कैश → हवाला/अंडरग्राउंड बैंकिंग → विदेश → कथित विदेशी निवेश → भारत में वापसी\n\nयह केस इस बात का उदाहरण है कि आज मनी लॉन्ड्रिंग में डिजिटल पेमेंट और पारंपरिक हवाला नेटवर्क एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। \n\nभारत से जुड़ा दूसरा मामला: शेल कंपनियों के जरिए ट्रेड बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग\nFATF ने भारत से जुड़ी एक अन्य केस स्टडी में मार्च 2022 में भारतीय अधिकारियों द्वारा पहचाने गए एक transnational PML scheme का उल्लेख किया है।\nइसमें शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। कंपनियां nominees के जरिए बनाई गई थीं और कई मामलों में चोरी या फर्जी KYC दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ था। इन कंपनियों की वास्तविक कारोबारी गतिविधि बहुत कम या नहीं के बराबर थी। \n\nनेटवर्क ने—\nunder-invoicing,\ncircular trade,\noutward remittances,\nforged trade documents\nजैसे तरीकों का इस्तेमाल किया।\nकुछ सामान को जानबूझकर कम कीमत पर आयात दिखाया गया और उसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित विदेशी शेल कंपनियों को अतिरिक्त रकम भेजी गई। इस तरह कारोबारी लेनदेन की आड़ में देशों के बीच value transfer किया गया। \n\nhawala operators के कारोबार भी बाकायदा 'सर्विस इंडस्ट्री' जैसा\nFATF के मुताबिक underground bankers और hawaladars कई बार travel agencies, currency exchange shops, import-export firms और wholesalers जैसे वैध दिखने वाले कारोबारों के पीछे काम करते हैं। इनके पास cash pools होते हैं, ग्राहक होते हैं और लेनदेन का हिसाब रखने वाले internal ledgers भी हो सकते हैं। \n\nripोर्ट के मुताबिक operators को सामान्य तौर पर करीब 0.5% से 5% तक commission मिल सकता है, हालांकि जोखिम, रकम, रूट और परिस्थितियों के आधार पर यह काफी बदल सकता है। \n\nकौन-कौन से कारोबार बन रहे हैं हवाला नेटवर्क की आड़?\nFATF के सर्वे में बताया गया कि कई underground banking networks ancillary businesses के जरिए काम करते हैं।\nइनमें शामिल हैं—\nइंपोर्ट-एक्सपोर्ट और ट्रेडिंग कंपनियाँ, लॉ/अकाउंटेंसी फर्म, रियल एस्टेट ब्रोकर, convenience stores, petrol stations, छोटे retail outlets, restaurants, bars और nightclubs, money service businesses, precious metals और stones traders, luxury goods retailers, travel agencies, vehicle dealerships, car washes, casinos, mobile phone shops, currency exchangers और construction companies. \n\nyानी जांच एजेंसियों के सामने चुनौती सिर्फ हवाला कारोबारी को खोजने की नहीं है, बल्कि उस पूरे कारोबारी ecosystem को समझने की है जिसमें पैसा छिपाया और settle किया जा रहा है।\n\nअफ्रीका और एशिया में मोबाइल मनी से जुड़ रहा हवाला\nFATF ने अफ्रीका और एशिया में एक खास trend की पहचान की है—हवाला और underground banking का mobile-money systems से जुड़ना।\nग्राहक मोबाइल वॉलेट या fintech platform के जरिए पैसा जमा या निकाल सकते हैं, जबकि असली settlement platform के बाहर cash या trade के जरिए हो सकता है। \n\nरिपोर्ट के मुताबिक एशिया में mobile money की speed, convenience और कुछ environments में अपेक्षाकृत कमजोर due-diligence controls इसे professional money launderers के लिए आकर्षक बनाते हैं। \npml-underground-banking-hawala-fatf-report-2026.pdf.coredownload.pdf\nमिडिल ईस्ट में हवाला + क्रिप्टो + सोना\nमिडिल ईस्ट में FATF ने एक अलग trend देखा है, जहां underground banking/HOSSP networks में virtual assets और gold को एक साथ settlement mechanism के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।\nरिपोर्ट के मुताबिक सोना reserve asset की तरह भी काम कर सकता है और operators के बीच outstanding obligations को settle करने के लिए physical value के तौर पर भी इस्तेमाल हो सकता है। \n\nयूरोप और एशिया के बीच बन रहे 'मनी लॉन्ड्रिंग हब'\nFATF ने पहली बार इस रिपोर्ट में regional “hub structure” पर भी खास जोर दिया है।\nरिपোর্ট के मुताबिक कुछ geographic clusters लगातार cash aggregation, trade-based settlement, virtual asset rebalancing या formal financial clearing जैसे खास कामों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।\nFATF के विश्लेषण में यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका को मुख्य तौर पर cash-generation regions और एशिया तथा मिडिल ईस्ट को cross-border settlement के महत्वपूर्ण financial/operational hubs के तौर पर वर्णित किया गया है। \n\nहालांकि इसे किसी एक देश पर सीधा आरोप नहीं माना जाना चाहिए। रिपोर्ट का यह निष्कर्ष विभिन्न देशों से मिले मामलों और survey responses से बने व्यापक regional patterns पर आधारित है।\n\nआतंकियों के लिए भी बड़ा खतरा\nFATF ने underground banking और HOSSP को terrorist financing के लिहाज से भी गंभीर जोखिम बताया है।\nरिपोर्ट के अनुसार ऐसे नेटवर्क conflict zones, remote areas और उन इलाकों में खास तौर पर उपयोगी हो सकते हैं जहां formal financial services की पहुंच सीमित है। आतंकवादी नेटवर्क इन्हें विदेश से पैसा प्राप्त करने, regional hubs के बीच रकम पहुंचाने और conflict zones में value transfer करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। \nरिपोर्ट के मुताबिक Middle East, Asia और West Africa में terrorist financing के लिए HOSSP के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं और कई बार इन रकमों को legitimate diaspora remittances के साथ मिला दिया जाता है। \n\nFATF ने देशों को क्या करने की सलाह दी?\nरिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए गए हैं...\n\n1. हर informal money-transfer service को स्पष्ट कानूनी दायरे में लाया जाए\nकौन सी सेवा legal है और कौन सी unauthorized financial service—इसकी स्पष्ट परिभाषा होनी चाहिए। \n\n2. सिर्फ एक-एक केस पकड़ने की बजाय पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाए\nFATF ने case-by-case कार्रवाई के बजाय system-wide disruption पर जोर दिया है। \n\n3. बैंक और फिनटेक कंपनियां informal networks के साथ अपने connection को पहचानें\nबैंक खाते, PSP, fintech, currency exchange और company service providers को underground banking के संभावित interfaces के रूप में देखना जरूरी है। \n\n4. डिजिटल जांच क्षमता बढ़ाई जाए\nFIU और law-enforcement agencies को digital wallets, VAs, fintech channels और encrypted communications से जुड़े संकेतों को समझने की क्षमता बढ़ानी होगी। \n\n5. देश आपस में तेजी से सूचना साझा करें\nक्योंकि ऐसे नेटवर्क एक देश में पैसा collect करके दूसरे में settle कर सकते हैं, इसलिए cross-border cooperation बेहद जरूरी है। \n\nएक महत्वपूर्ण सावधानी: हर हवाला लेनदेन अपराध नहीं\nFATF ने रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया है कि underground banking या HOSSP का इस्तेमाल अपने आप में हर जगह criminal activity का प्रमाण नहीं है।\nकई लोग इन प्रणालियों का इस्तेमाल legitimate remittance और value-transfer जरूरतों के लिए भी करते हैं। लेकिन unlicensed या unregistered services अधिकांश देशों में गंभीर कानूनी समस्या हैं और ऐसे networks में money laundering तथा terrorist financing का जोखिम अधिक रहता है। \n\nयही वजह है कि FATF ने सिर्फ crackdown की बात नहीं की है। उसने financial inclusion पर भी जोर दिया है, ताकि जिन लोगों को बैंकिंग व्यवस्था तक आसान पहुंच नहीं है, वे मजबूरी में अवैध चैनलों पर निर्भर न हों। \n\nनिष्कर्ष: हवाला का नया चेहरा 'कैश + क्रिप्टो + बैंकिंग + ट्रेड' है\nFATF की सितंबर 2026 की रिपोर्ट से सबसे बड़ी तस्वीर यह निकलकर आती है कि प्रोफेशनल मनी लॉन्ड्रिंग अब किसी एक चैनल पर निर्भर नहीं है।\nपुराना हवाला नेटवर्क अब—\nकैश → हवाला → शेल कंपनी\nतक सीमित नहीं रह गया है। उसके साथ\nUPI/डिजिटल वॉलेट → म्यूल अकाउंट → फिनटेक → क्रिप्टो/वर्चुअल एसेट → ट्रेड → शेल कंपनी → विदेशी खाता → प्रॉपर्टी/गोल्ड\nजैसे कई रास्ते जुड़ सकते हैं।\nभारत से जुड़ी FATF की ऑनलाइन जुआ वाली केस स्टडी इस बदलती तस्वीर का सीधा उदाहरण है, जहां डिजिटल पेमेंट से शुरू हुआ पैसा हवाला के जरिए विदेश गया और फिर कथित विदेशी निवेश के रूप में वापस भारत आया। \n\nइसलिए FATF का संदेश साफ है—मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ लड़ाई में अब सिर्फ नकदी और बैंक खातों को देखना पर्याप्त नहीं होगा। पूरे financial ecosystem, डिजिटल infrastructure, trade networks और cross-border value-transfer chains को एक साथ समझना होगा।0
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राजस्थान HC: आधिकारिक दायित्व से जुड़े कृत्य पर अभियोजन स्वीकृति जरूरी नहीं
Jodhpur, Rajasthan: जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल की ओर से दायर आपराधिक याचिका खारिज करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि आधिकारिक ड्यूटी के दायरे से बाहर किए गए कृत्य के लिए पुलिसकर्मी को धारा 197 सीआरपीसी के तहत अभियोजन स्वीकृति का संरक्षण नहीं मिल सकता। न्यायाधीश रवि चिरानिया की एकलपीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता को एसडीएम कोर्ट परिसर में बंद कर लाठी से मारपीट करना पुलिस कांस्टेबल के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं था। मामला श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ क्षेत्र का है। याचिकाकर्ता विनोद कुमार राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल है। उसके खिलाफ 5 अक्टूबर 2018 को एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें आईपीसी की धारा 342, 323, 325, 504 और 166 के तहत अपराध दर्ज किए गए थे। आरोप था कि शिकायतकर्ता साखी मोहम्मद को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में एसडीएम कोर्ट परिसर में उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने जांच के बाद नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट पेश की थी, लेकिन शिकायतकर्ता की विरोध याचिका पर निचली अदालत ने 1 फ़रवरी 2020 को आरोपी के खिलाफ संज्ञान ले लिया। कांस्टेबल ने हाईकोर्ट में दलील दी कि घटना के समय वह अपने आधिकारिक दायित्व का निर्वहन कर रहा था, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई से पहले धारा 197 सीआरपीसी के तहत अभियोजन स्वीकृति जरूरी थी। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि धारा 197 का संरक्षण तभी उपलब्ध है, जब कथित कृत्य का आधिकारिक ड्यूटी से युक्तिसंगत संबंध हो। हाईकोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता को कोर्ट परिसर में बंद कर गंभीर मारपीट करने का कृत्य आधिकारिक ड्यूटी के निर्वहन के रूप में नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि इस मामले में अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं थी। निचली अदालत और पुनरीक्षण अदालत के आदेशों में कोई कानूनी त्रुटि नहीं पाते हुए हाईकोर्ट ने कांस्टेबल की याचिका खारिज कर दी।0
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सिंगरौली में राजस्व विभाग के खिलाफ उमा शाह की शिकायत—निष्पक्ष जांच की मांग
Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आम जनता की शिकायतों के बीच विधायक रामनिवास शाह के पिता उमा शाह भी सामने आए हैं. उमा शाह ने कहा कि वे अपनी जमीन के सीमांकन के लिए महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. उमा शाह ने पटवारी प्रेमशंकर मिश्रा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी करीब तीन महीने तक उन्हें सीमांकन के नाम पर गुमराह करता रहा. समय निकल जाने पर समिति गठित करने की बात कही गई, लेकिन समिति का गठन नहीं किया गया. इसके बावजूद रिपोर्ट में यह उल्लेख कर दिया गया कि आवेदक स्वयं सीमांकन नहीं चाहता था. उमा शाह ने पटवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पैसे के काम नहीं किया जाता.. उनका दावा है कि उनकी कई फाइलों में इसी तरह कार्रवाई की गई. उन्होंने एक अन्य व्यक्ति की फाइल का भी हवाला देते हुए कहा कि उसका काम भी नहीं किया गया. वहीं, उमा शाह ने तहसीलदार पर भी एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए मामले को खारिज करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए. उमा शाह के मुताबिक, उन्होंने मानवाधिकार और कमिश्नर के स्तर पर शिकायत की है, साथ ही पोस्ट ऑफिस के माध्यम से भी शिकायत भेजी है. पटवारी और तहसीलदार पर लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. अब बड़ा सवाल यह है कि विधायक के पिता की शिकायत पर प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा. आभार संवाददाता0
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