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Sanjay Kumar SharmaSanjay Kumar SharmaFollow14 Dec 2024, 07:33 am
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दुपहिया चालानों पर MV Act की गलत व्याख्या पर सवाल उठे

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राज्य में मोटर साइकिल और स्कूटर यानी दुपहिया वाहनों के ओवर स्पीडिंग में चालान किए जा रहे हैं। दुपहिया वाहन के तेज गति में चलने पर 1 हजार रुपए का चालान काटा गया है। लेकिन हकीकत यह है कि दुपहिया वाहन के हाई स्पीड में चालान काटने का सही तरीके से नियम ही परिभाषित नहीं है। आपको बता दें कि राज्य में बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन चालक इन दिनों राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए गलत नियमों का शिकार हो रहे हैं। दुपहिया वाहन चालकों के ओवर स्पीडिंग में चालान काटे जा रहे हैं। जबकि मोटर वाहन अधिनियम में किसी भी दुपहिया वाहन का ओवर स्पीडिंग में चालान नहीं किया जा सकता। दरअसल ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान परिवहन विभाग द्वारा जारी नियमों के आधार पर किए जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने नियमों की जो मैपिंग अपने संसाधनों में की हुई है, वह गलत तरीके से करने के चलते दुपहिया के ओवरस्पीडिंग में चालान किए जा रहे हैं। ऐसे समझिए गलत चालान - वाहन संख्या RJ14WS9852 का 3 बार हुआ चालान - 27 मई 2026, 20 मई 2026 और 9 अप्रैल 2026 को चालान - इस मोटरसाइकिल के तीनों बार 1000-1000 रुपए के चालान हुए - मोटर वाहन अधिनियम के नियम 183(1)(1) का दिया गया हवाला - एक्सेस स्पीड बताते हुए प्रत्येक बार 1000 रुपए का चालान नियम क्या कहते हैं ? - एमवी एक्ट के नियम 183(1) (1) में दुपहिया वाहन का जिक्र नहीं - इस नियम में एलएमवी वाहनों के ओवरस्पीडिंग का है जिक्र - एलएमवी(कार, ट्रैक्टर) के ओवरस्पीड पर 1000 रुपए का चालान - 183(1)(2) में मध्यम व भारी वाहनों की ओवरस्पीडिंग का जिक्र - मध्यम व भारी वाहन के ओवर स्पीडिंग पर 2000 रुपए का चालान - सवाल यह कि क्या ट्रैफिक पुलिस ने कर रखी है नियमों की गलत मैपिंग? परिवहन विभाग की नियम शाखा की सुस्ती या ढिलाई बड़ी बात यह है कि दुपहिया के चालानों में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान के साथ एलएमवी लिखा जा रहा है, जबकि मोटर वाहन अधिनियम में दुपहिया और एलएमवी दोनों अलग-अलग श्रेणियां हैं। दुपहिया वाहन को एलएमवी श्रेणी में किसी भी स्थिति में गिना नहीं जा सकता। इस पूरे प्रकरण में बड़ी जिम्मेदारी परिवहन विभाग की भी है। दरअसल ट्रैफिक पुलिस द्वारा एमवी एक्ट से जुड़े नियमों में चालान परिवहन विभाग के गाइडेंस के आधार पर किए जाते हैं। लेकिन इस पूरे मामले में रोजाना शिकायतें मिलने के बावजूद भी परिवहन विभाग की नियम शाखा ने चुप्पी साधी हुई है। नियम शाखा के अधिकारियों के सुस्त रवैये से रोजाना दुपहिया वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।
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चूरू रेलवे स्टेशन पर 8 साल की बच्ची का रेस्क्यू, CWC के समक्ष पेश

Churu, Rajasthan:रेल्वे स्टेशन के आगे रोती बिलखती एक 8 वर्षीय मासूम मिली जिसे चूरू की कालिका टीम ने रेसक्यू किया और CWC के समक्ष प्रस्तुत किया गया. चूरू रेलवे स्टेशन के आगे एक नाबालिग बच्ची रोती-बिलखती मिली, जिसे कालिका टीम ने रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम को सूचित किया. मौके पर चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम पहुंची और नाबालिग को सुपुर्द कर कार्यालय लाया गया; काउंसलिंग के बाद बच्ची सीकर जिले के रामगढ़ शेखावाटी की बताई गई. काउंसलिंग में बच्ची ने दो दिन पहले चूरू आने की जानकारी दी. अब यह स्थिति जाँच के दायरे में है कि उसे कौन लाया और कैसे लाया गया. कालिका टीम और चाइल्ड हेल्प लाईन की टीम ने आठ वर्षीय नाबालिग का राजकीय भर्तिया अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर CWC के समक्ष पेश किया, जहाँ CWC ने उसे सखी सेंटर भेजने के आदेश दिए.
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अमेरिकी नागरिकता के आधार पर इमरान खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जारी

Mumbai, Maharashtra:अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इमरान खान के खिलाफ लिखित शिकायत देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सोमैया का आरोप है कि अमेरिकी नागरिक होने के बावजूद इमरान खान ने भारत में सरकार विरोधी आंदोलन में हिस्सा लिया। उन्होंने इमरान खान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर यानी LOC जारी करने और जांच के बाद उन्हें भारत से डिपोर्ट करने की मांग भी की है। इस मामले को लेकर किरीट सोमैया गुरुवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं. दरअसल, अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन में इमरान खान भी शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शन में इमरान खान की मौजूदगी के बाद उनकी तस्वीरें सामने आईं और पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था। अब इस मामले में बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने शिकायत दर्ज कराते हुए इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किरीट सोमैया की शिकायत का मुख्य आधार इमरान खान की कथित अमेरिकी नागरिकता है। सोमैया का कहना है कि अगर इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं, तो भारत में विदेशी नागरिकों के लिए लागू नियमों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इमरान खान ने भारत में सरकार विरोधी आंदोलन में हिस्सा लेकर नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और संबंधित कानूनों के तहत किसी उल्लंघन का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा। किरीट सोमैया ने इमरान खान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर यानी LOC जारी करने की मांग की है, ताकि जांच पूरी होने से पहले उनके देश छोड़कर जाने की आशंका को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच की जाए और आरोप सही पाए जाने पर इमरान खान को भारत से डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जाए। हालांकि, LOC जारी करने और किसी विदेशी नागरिक को देश से बाहर भेजने का फैसला संबंधित अधिकारियों द्वारा लागू कानूनों और तथ्यों के आधार पर लिया जाता है। इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए किरीट सोमैया गुरुवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह इमरान खान की नागरिकता, भारत में उनके कथित राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और उनके खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई के मुद्दे उठाते हुए सख्त कदम उठाने की मांग करेंगे। फिलहाल, इस मामले में किरीट सोमैया की मांग और इमरान खान के खिलाफ लगाए गए आरोप चर्चा के केंद्र में हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित अधिकारी इस शिकायत पर क्या रुख अपनाते हैं, क्या मामले में औपचारिक जांच शुरू होती है और क्या इमरान खान को किसी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
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पंचकुला में जेएनयू यौन उत्पीड़न के विरोध पर भाजपा प्रदर्शन, राहुल गांधी पुतला फूंका

DRDivya RaniJust now
Panchkula, Haryana:पंचकुला में आज जेएनयू छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला फूंका... पंचकुला में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ रोष प्रदर्शन, आरोपी सांसद पर कार्रवाई की मांग... कालका से विधायक शक्ति रानी शर्मा ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना... पंचकुला में आज जेएनयू की छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर भाजपा ने रोष प्रदर्शन किया। भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल के नेतृत्व में महिला मोर्चा की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता भाजपा जिला मुख्यालय 'पंचकमल' से पदयात्रा करते हुए एमडीसी चौक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से जुड़े मामले को लेकर नाराजगी जताई और कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की। अजय मित्तल ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने के मुद्दे पर पार्टी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि आरोपी सांसद को तत्काल कांग्रेस से निष्कासित किया जाए, लोकसभा से उनका इस्तीफा दिलवाया जाए और पीड़ित छात्राओं से माफी मांगी जाए। अजय मित्तल ने कांग्रेस नेतृत्व पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से मामले में जवाबदेही तय करने और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
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गिरिराज सिंह ने दिल्ली फेयर के उद्घाटन में राहुल गांधी पर सख्ती से निशाना

Greater Noida, Uttar Pradesh:केंद्रीय मंत्री गिर्राज सिंह ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में दिल्ली फेयर का शुभारंभ किया। इस दौरान वह राहुल गांधी पर जमकर बरसे उन्होंने कहा कि दोनों भाई बहनों ने नया ट्रेंड ले लिया है और कोहनी मार प्रदर्शन के रहे है,कभी महिला पुलिसकर्मी और कभी पत्रकारों को तो कभी अपने पत्रकारों को कोहनी मारी जा रही है। बाईट गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हाथ में नकली संविधान लेकर संविधान को तार-तार कर रहे हैं, यह शर्म की बात है कि एलओपी कह रहा हो कि हमने आकाशवाणी को घेर लिया, आजादी के बाद यह ऐसा एलओपी मिला है जो गर्व कर्रा हो नक्सली आचरण करके,ये अर्बन नक्सली का आचरण कर रहे हैं। अराजकता फला रहे हैं जिसके कारण दिल्ली के लोगों को कष्ट हो रहा है, अगली बार अगर यह लोग इस तरह से करेंगे तो दिल्ली के लोग इन्हें डंडे से पिटेंगे। वही विपक्ष के मार्च को शिव बारात से तुलना करने पर उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने विष पिया था ये विष फैला रहे है,नरेंद्र मोदी को बताया महाकाल बोले वह सारे विष को पी रहे है और मर्यादा का पालन कर रहे है अगर कोई और प्रधानमंत्री होते तो राहुल गांधी अस्पताल में होते हाथ गोड़े तोड़ दिए होते।
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बल्लभगढ़ मंडी में बारिश से धान बोरियाँ भीगी, सूखी बोरियाँ ऊपर रखने से नुकसान का खतरा

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद। हरियाणा की मंडियों में धान की खरीद, आवक और उठान के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। वहीं, अब बारिश ने मंडियों में धान के रख रखाव की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बल्लभगढ़ की अनाज मंडी में बारिश के बाद धान की बोरियां भीगी हुई दिखाई दीं। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि गीली बोरियों को ढकने या अलग रखने की बजाय उनके ऊपर सूखी धान की बोरियां रख दी गईं। ऐसे में गीले धान के संपर्क में आने से सूखी बोरियों में रखा धान भी खराब होने की आशंका बनी हुई है। बल्लभगढ़ की अनाज मंडी में धान की बोरियों के भीगने का मामला सामने आने के बाद मंडी प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ प्रदेश की मंडियों में धान की खरीद और उठान के बीच अंतर बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बारिश के कारण किसानों और आढ़तियों की फसल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। बल्लभगढ़ मंडी में धान की कुछ बोरियां बारिश के पानी से भीगी दिखाई दीं। लेकिन यहां सबसे बड़ी लापरवाही यह नजर आई कि गीली बोरियों के ऊपर ही सूखी धान की बोरियां रख दी गईं। इससे न केवल गीले धान के खराब होने, बल्कि सूखी बोरियों में रखे धान के भी प्रभावित होने की आशंका है। मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी का पक्ष इस मामले में मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी इंदरपाल का कहना है कि मंडी में पहले से ही बारिश से बचाव के लिए इंतजाम किए गए थे और बहुत कम बोरियां भीगी हैं। उन्होंने बताया कि शेड के अंदर पानी आने की वजह से कुछ बोरियां भीग गईं। हालांकि, सवाल यह है कि जब धान की बोरियां भीग गई थीं, तो उन्हें सूखी बोरियों से अलग क्यों नहीं किया गया? गीली बोरियों के ऊपर सूखी बोरियां रखने से नुकसान बढ़ने की आशंका को नजरअंदाज क्यों किया गया? मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी इंदरपाल ने यह भी कहा कि भीगा हुआ धान सरकारी नहीं, बल्कि निजी मिलरों और आढ़तियों द्वारा खरीदा गया है। उन्होंने बोरियां भीगने के लिए कुछ आढ़तियों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया। लेकिन सवाल यह है कि धान सरकारी हो या निजी, मंडी में रखे अनाज की सुरक्षा और उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी केवल इंतजाम करने तक सीमित है, या बारिश के बाद व्यवस्था की निगरानी करना और लापरवाही मिलने पर उसे दुरुस्त करवाना भी अधिकारियों की जिम्मेदारी है? अब देखना होगा कि मंडी में धान की सुरक्षा को लेकर अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और गीली बोरियों के ऊपर सूखी बोरियाँ रखने के मामले में कोई कार्रवाई होती है या फिर इसकी जिम्मेदारी आढ़तियों पर डालकर मामला खत्म कर दिया जाएगा।
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खन्ना में अवैध कॉलोनी पर GLADA ने बड़ी कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार

Khanna, Punjab:ਖੰਨਾ 'ਚ ਅਣ-ਅਧਿਕਾਰਤ ਕਾਲੋਨੀ 'ਤੇ ਗਲਾਡਾ ਨੇ ਕੀਤੀ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ। ਸਦਰ ਥાણਾ ਵਿਖੇ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਸਮੇਤ ਚਾਰ ਜਣਿਆਂ ਖਿਲਾਫ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ। ਖੰਨਾ ਦੇ ਭਾਦਲਾ ਪਿੰਡ ਵਿਖੇ ਕਰੀਬ ਸਵਾ ਏਕੜ ਰਕਬੇ ਅੰਦਰ ਅਣਅਧਿਕਾਰਤ ਕਾਲੋਨੀ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਮਾਮਲੇ 'ਚ ਗਲਾਡਾ ਨੇ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਗਲਾਡਾ ਅਧਿਕਾਰੀ ਦੇ ਬਿਆਨਾਂ ਉਪਰ ਸਦਰ ਥਾਣਾ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਸਮੇਤ ਚਾਰ ਜਣਿਆਂ ਖਿਲਾਫ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਬਲਵੀਰ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਭਾਦਲਾ ਨੀਚਾ, ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਮੰਡੀ ਗੋਬਿੰਦਗੜ੍ਹ, ਸੁਨੀਤਾ ਰਾਣੀ ਵਾਸੀ ਪ੍ਰੀਤ ਨਗਰ ਕਾਲੋਨੀ ਬੱਸੀ ਰੋਡ ਸਰਹਿੰਦ ਅਤੇ ਇੰਦਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਮਾਹੌਣ ਖਿਲਾਫ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਪੰਜਾਬ ਅਪਾਰਟਮੈਂਟ ਐਂਡ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਰੇਗੂਲੇਸ਼ਨ ਐਕਟ 1995 ਦੀ ਧਾਰਾ 36 (1) ਦੇ ਤਹਿਤ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਭਾਦਲਾ ਵਾਸੀ ਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਘਰ ਨੇੜੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਜਮੀਨ 'ਤੇ ਅਣਅਧਿਕਾਰਤ ਕਾਲੋਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ। ਜਿਸਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਉਹਨਾ ਵੱਲੋਂ ਗਲਾਡਾ ਨੂੰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ। ਕਰੀਬ ਡੇਢ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਗਲਾਡਾ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਫੋਰਸ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਅਣਅਧਿਕਾਰਤ ਕਾਲੋਨੀ ਅੰਦਰ ਬਣਾਈਆਂ ਸੜਕਾਂ ਤੇ ਹੋਰ ਨਿਰਮਾਣ ਨੂੰ ਜੇਸੀਬੀ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤਾ ਸੀ। ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ। ਪ੍ਰੰਤੂ ਫਿਰ ਵੀ ਕਾਲੋਨੀ ਮਾਲਕ ਇੱਥੇ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰਦੇ ਰਹੇ ਸੀ ਤੇ ਪਲਾਟ ਭੋਲੇ ਭਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੇਚਦੇ ਰਹੇ ਸੀ। ਐਸਐਸਪੀ ਖੰਨਾ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਉਪਰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸਖਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਰਕਾਰੀ ਖਜ਼ਾਨੇ ਨੂੰ ਚੂਨਾ ਲਾਉਣ ਵਾਲੇ ਚਾਰ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ। ਸਦਰ ਥਾਣਾ ਮੁਖੀ ਵਿਜੈਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਗਲਾਡਾ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਮਗਰੋਂ ਜਾਂਚ ਪੜਤਾਲ ਕਰਕੇ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
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सहारनपुर में ग्राम प्रहरी का मानदेय 3500 रुपये, परिवार को 5 लाख कैशलेस इलाज

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि और उनके सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम के तहत सहारनपुर पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्राम प्रहरियों ने वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह सहित मंडलायुक्त, डीआईजी, एसएसपी और जनप्रतिनिधि एवं विधायक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के ग्राम प्रहरियों को संबोधित किया। सरकार ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों के परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है। कार्यक्रम के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि और उनके सम्मान के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया है। वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लोग इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने कहा कि सहारनपुर जनपद में भी लगभग 1047 ग्राम प्रहरी हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। सभी ग्राम प्रहरियों को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली बार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि की गई थी और अब दूसरी बार भी उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए मानदेय बढ़ाया गया है। मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ईश्वर न करे कि किसी परिवार को असामयिक संकट या गंभीर बीमारी का सामना करना पड़े, लेकिन ऐसी स्थिति आने पर यह सुविधा उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भी चिंता कर रही है। ग्राम प्रहरियों के परिवारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर उठाया गया यह कदम सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण है। मंत्री ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्राम प्रहरी गांवों की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य स्तंभ हैं। गांव में होने वाली घटनाओं की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उनकी सूचनाओं के आधार पर पुलिस संभावित अपराधों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सफल होती है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की सक्रियता से कई बड़े अपराधों को रोकने में मदद मिलती है। ऐसे में उनके मानदेय में वृद्धि और परिवारों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय उनके मनोबल को बढ़ाएगा। मंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र के अवसर पर ग्राम प्रहरियों को यह सौगात मिलना खुशी की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के इस फैसले से ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा मिलेगी तथा गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी.
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