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Sanjay Kumar SharmaSanjay Kumar SharmaFollow5 Feb 2025, 12:17 pm

Aligarh - इगलास थाना क्षेत्र के गांव हस्तपुर में प्रधान द्वारा जमीनी विवाद में दलित को मारी गोली

Aligarh, Uttar Pradesh:

इगलास थाना क्षेत्र के गांव हस्तपुर प्रधान द्वारा जमीनी विवाद की रंजिश को मानते हुए एक जाटव को गोली मार दी . गंभीर स्थिति में स्थानीय पुलिस ने जिला अस्पताल भेजा। घटना गोली मारने, अन्य तेज धारदार हथियार से की गई है। इसको लेकर पुलिस प्रशासन जांच में जुटा हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक इगलास से अलीगढ़ मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत हस्तपुर प्रधान बबलू ने किसी जमीनी विवाद के चलते गांव के चंद्रपाल सिंह जाटव को गोली मारी है या किसी तेज धारदार हथियार से लहूलुहान कर दिया है. जैसे ही कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना मिली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को उपचार हेतु जिला अस्पताल भेज कर जाँच मे जुटी है ।

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सहारनपुर: शिवा हत्याकांड के मुख्य आरोपी तेजस गिरफ्तार, मामला खुलना शुरू

NJNEENA JAINJust now
Saharanpur, Uttar Pradesh:19 वर्षीय शिवा हत्याकांड का सहारनपुर के थाना देवबंद पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी तेजस को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, करीब 15 दिन पहले तमंचा दिखाने को लेकर हुए विवाद और मारपीट का बदला लेने के लिए तेजस ने अपने साथियों आदी, सूर्यांश और आकाश के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। 26 जुलाई की रात आरोपियों ने शिवा को घर से बुलाकर टीचर कॉलोनी के पीछे गन्ने के खेत में ले जाकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव वहीं छिपा दिया। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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जौनपुर में प्रभारी मंत्री ने कांवड़ यात्रा और विकास कार्यों पर कड़े निर्देश दिए

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा की सख्त समीक्षा, बारिश, कांवड़ यात्रा और विकास कार्यों पर दिए कड़े निर्देश जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में बरसात के मौसम की तैयारियों, श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, सिंचाई, कृषि तथा विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बरसात के मद्देनजर उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। नगर निकायों को जलभराव की समस्या से निपटने, नालों और नालियों की नियमित सफाई कराने तथा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव अभियान तेज करने को कहा। श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रभारी मंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं। बिजली विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी कांवड़ मार्गों पर विद्युत लाइनों और पोलों का निरीक्षण कर लटकते तारों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने कृषि विभाग से उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी ली और सिंचाई विभाग को नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को तय रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी है, वहां शीघ्र डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को सभी पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने का लक्ष्य पूरा करने को कहा। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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बागपत में पुलिस-इनामी गोतस्करों से मुठभेड़, तीनों घायल-गिरफ्तार, हथियार बरामद

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में पुलिस और तीन इनामी गोतस्करों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पकड़े गए तीनों आरोपी ₹25-25 हजार के इनामी बताए जा रहे हैं और इनके कब्जे से अवैध हथियार व गोकशी के उपकरण बरामद हुए हैं। बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के तिलपानी गांव के जंगल में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान तीनों इनामी बदमाशों के पैर में गोली लगी। बताया जा रहा है कि दो बदमाशों के दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल बदमाशों की पहचान महबूब, नवाजिश और शब्बीर के रूप में हुई है। तीनों पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। मौके से पुलिस ने तीन तमंचे, कारतूस और गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और पूरे मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है。
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खंडवा: गुरु पूर्णिमा पर दादाजी धूनीवाले दरबार में मुफ्त सेवा का अद्भुत मेजबानी

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा स्पेशल पैकेज गुरु पूर्णिमा.. खंडवा एक शहर जिसे लोग दादाजी धूनी वाले की समाधि के नाम से भी जानते है। एक ऐसे अवधूत संत जो मां नर्मदा के अनन्य भक्त थे और हमेशा अपने पास एक धूनी जलाए रखते थे। इसलिए उनका नाम दादाजी धूनी वाले पड़ गया। पिछले लगभग 100 वर्षों से उनकी यह समाधि मंदिर के रूप में गुरु शिष्य परंपरा की अनूठी मिसाल है। यही कारण है कि गुरु पूर्णिमा के मौके पर यहां देश भर से लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं। खंडवा में आस्था के साथ-साथ सेवा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जो शायद पूरे देश में अपनी तरह का अनोखा उदाहरण है। देखिए खंडवा से यह खास रिपोर्ट... आपने कभी ऐसे धार्मिक स्थान के बारे में नहीं सुना होगा जहां बिना पैसा खर्च किए सब कुछ फ्री में होता है। गुरु पूर्णिमा के मौके पर खंडवा के दादाजी धूनी वाले के मंदिर में दर्शन को लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं। उन्हें अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च न करना पड़ता? इस दिन यहाँ पूरा शहर मेजबान बन जाता है। सड़कों पर भंडारे लगते है... चाय-नाश्ता, भोजन, 56 पकवान, इलाज, दवा, ठहरने की व्यवस्था और सेवा के लिए हजारों हाथ अपने आप आगे बढ़ जाते है। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के अनूठे धाम दादाजी धूनीवाले महाराज के दरबार और अद्भुत शहर खंडवा की पहचान है। दादाजी धूनीवाले दरबार में 27 से 29 जुलाई तक चल रहे तीन दिवसीय गुरुपूर्णिमा महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। खंडवा में गुरु-शिष्य परंपरा का अद्भुत केंद्र है दादाजी धूनीवाले महाराज का दरबार। यहां अवधूत संत बड़े दादाजी केशवानंद महाराज और उनके शिष्य छोटे दादाजी हरिहरनाथ महाराज की समाधियां हैं। दादाजी धूनीवाले एक अवधूत संत थे, जिन्होंने 1930 में यहां समाधि ली थी। संत दादाजी धूनीवाले की समाधि के सामने पिछले लगभग 100 वर्षों से एक धूनी लगातार आज भी जल रही है। गुरु परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके शिष्य छोटे दादाजी भी यहां 1942 में समाधि लीन हुए थे। दोनों ही संत मां नर्मदा के अनन्य भक्त थे, और धूनी रमाये रहते थे। आज भी वही धूनी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। गुरुपूर्णिमा पर लाखों भक्त इसी धूनी की भभूत को प्रसाद स्वरूप ग्रहण कर गुरु का आशीर्वाद लेते हैं। हाथों में निशान, होठों पर भज लो दादाजी का नाम और मन में अटूट श्रद्धा... सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर श्रद्धालु खंडवा पहुँचते हैं। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा, हर उम्र का भक्त इस यात्रा में शामिल होता है। गुरुपूर्णिमा के दो दिन पहले से ही यहां दर्शनार्थियों का आना शुरू हो जाता है। कई भक्त तो हाथों में झंडा निशान लिये सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए यहां पहुँचते हैं। इस यात्रा में बच्चे, बूढ़े और महिलाऐं सभी होते हैं। सभी की जुबां पर बस एक ही नाम होता है, "भज लो दादाजी का नाम"। सारी थकान और मुसीबतें यह अपने गुरु पर छोड़ देते है। सैकड़ों किलोमीटर पैदल सफर करके आने वाले दादाजी के भक्तों का मानना है कि गुरु की भक्ति करने से उनका जीवन परिवर्तित हो गया।
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प्रियंका गांधी के बयान पर सिग्रीवाल का प्रहार, सरकार पर हमला

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने संसद में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर कहा, "प्रियंका गांधी क्या हमला बोलेंगी उनके जन्म से पहले से ये सरकार उनकी नाना-नानी, माता की रही हैं और किस तरह से अत्याचार किया उसका एक बार अध्ययन कर ले। अध्ययन करेंगे तो उनका सारा हमला वहीं गुम हो जाएगा। वो हमला बोलने लायक है ही नहीं जो हमला वो बोल सकती हैं ये सरकार नरेंद्र मोदी की सरकार छात्रों के हित वाली, महिलाओं के हित वाली, किसानों, युवाओं के हित में काम करने वाली सरकार है इसलिए ये गुमराह करने का जो इनका एजेंडा था वो गुमराह नहीं कर पाए इसलिए उन्हें बैचेनी है तो आप बैचेन होकर क्या करेंगे देश तो जान ही रहा है आपकी असलियत...."
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Aimim प्रवक्ता के कांवड़ यात्रा रूट पर मेरठ प्रशासन पर हमला, मार्ग बंद

Moradabad, Uttar Pradesh:Aimim प्रवक्ता शादाब चौहान का कावड़ यात्रा रूट पर सख़्ती कों लेकर मेरठ जिला प्रशासन पर हमला, रोडवेज बसों कों शहर के बाहर से संचालन करने से सबको दिक्कते होंगी, शहर के मुख्य मार्गो कों अधिकतर बंद कर वैकल्पिक मार्गो कों अपनाने कों सचेत किया गया, अलग से मार्गो के अलावा भी मुख्य मार्गो पर कावड़ यात्रा कों सुविधा दी जायेगी, हम सभी की आस्था का सम्मान करते है, लेकिन सवाल ये है की जो लोग 2 मिनट की ईद की नमाज से आपत्ति कर रहे थे..... यही मेरठ में मुकदमा दर्ज किए जा रहे थे.... पासपोर्ट रद्द करने की बात चल रही थी, बरेली में घर में नमाज पड़ी जा रही थी तब भी मुकदमा दर्ज हो रहा था, तब तो जहां जा रहा था सड़के चलने के लिए है ना की धार्मिक आस्था के लिए.... एम्बुलेंस और आम लोगो की दिक्कते होने की बाते हो रही थी, अब 15 दिन स्कूल और रास्ते बंद रहेंगे..... गरीब लोग 8 किलोमीटर दूर कैसे बस पकड़ने जायेंगे उसकी क्या व्यवस्था करेंगे, क्या भारत के संविधान ने एक ही आस्था कों सुप्रीम बनाया.....भारत में तो सबको बराबरी का हक़ है, जो लोग 2 मिनट की नमाज पर बड़ी बाते कर रहे थे की हमने मुख्यमंत्री जी नमाज बंद करा दी....... भारत के संविधान में कहाँ प्रावधान है की एक आस्था व्यक्त करने वालो पर आप कार्यवाही करेंगे.....और दूसरे आस्था व्यक्त करने वालो पर सरकारी पैसे से पुष्प वर्षा करेंगे। जो अधिकारी मुकदमे दर्ज कर रहेथे now वही अधिकारी सरकारी हेलीकाप्टर से फूल वर्षाएंगे और कावड़ियों के पैर दबाते नजर आएंगे, ये कौनसी पुलिस की रूल बुक के अनुसार है। कुछ गुंडे पहचान बताने के नाम पर मुस्लिम दुकानदारों की दुकान पर जा रहे है, उन्हें किसने अधिकार दिया जो चेकिंग कर रहे है।
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गाजीपुर विनीत राय केस: कोतवाल-डरोगा को निलंबन, सख्त कार्रवाई का निर्देश

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर विनीत राय हत्याकांड में दो पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर कोतवाल और दरोगा सस्पेंड, डीआईजी का सख्त एक्शन तत्कालीन कोतवाली प्रभारी दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र सस्पेंड पूर्व शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने पर डीआईजी वाराणसी का सख्त एक्शन जांच में दोनों अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता आई सामने मृतक के पिता ने घटना से पहले कई बार दी थी कटरा गैंग की शिकायत समय रहते कार्रवाई न होने से हुई थी विनीत राय की निर्मम हत्या दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी दिए गए आदेश डीआईजी का संदेश— लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई गाजीपुर के बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड में आखिरकार बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने मामले में पूर्व शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को onmiddell प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। दरअसल गाजीपुर के चर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को निलंबित कर दिया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, मृतक विनीत राय के पिता आलोक राय ने शिकायत की थी कि घटना से पहले उन्होंने कई बार कटरा गैंग की गतिविधियों की शिकायत थाना कोतवाली में की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के चलते बाद में विनीत राय की निर्मम हत्या हो गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के बावजूद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। वीडियो साक्ष्य होने बाद भी विपक्षी पक्ष के खिलाफ गंभीर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि गैंगस्टर एक्ट में नाम होने के बावजूद केवल सामान्य कार्रवाई कर मामले को टाल दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि शिकायतों की गंभीरता से जांच नहीं की गई और हल्का प्रभारी द्वारा बिना गहन पड़ताल के सरसरी आख्या भेज दी गई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक और उपनिरीक्षक को अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाह, उदासीन और स्वेच्छाचारी माना गया। इसी आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने स्पष्ट किया है कि गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली में आमजन और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी。
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सीएम निर्देशों के अनुसार गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की सुरक्षा मजबूत, अधिकारी निरीक्षण पर केंद्रित

Mathura, Uttar Pradesh:मुड़िया पूर्णिमा मेला 2026: सीएम योगी के निर्देश पर गोवर्धन पहुंचे उच्चाधिकारी, एडीजी और कमिश्नर आगरा ने परिक्रमा मार्ग का किया संयुक्त निरीक्षण मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मंगलवार को शीर्ष अधिकारियों की टीम गोवर्धन पहुंची। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) एस.के. भगत और आगरा मंडल के मंडलायुक्त (कमिश्नर) नागेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से गोवर्धन परिक्रमा मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी मथुरा चंद्र प्रकाश सिंह (सी.पी. सिंह) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था और जनसुविधाओं का लिया जायजा निरीक्षण दल में डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय और एसएसपी श्लोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात प्रबंधन, पेयजल, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से रखी जा रही पल-पल नजर मुड़िया पूर्णिमा मेले की संवेदनशीलता और विशाल जनसमूह की संभावना को देखते हुए मुख्य सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से परिक्रमा मार्ग की हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की सख्त हिदायत वरिष्ठ अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग और विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं पर तैनात सभी पुलिस व प्रशासनिक कर्मियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके。
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यूसीसी मसौदे पर राजस्थान सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक, 5 अगस्त तक सुझाव आमंत्रित

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में समान सिविल संहिता (यूसीसी) के प्रारूप को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय परामर्श बैठक हुई। उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों, आयोगों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मसौदे के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। समिति ने प्रदेशवासियों से 5 अगस्त तक आधिकारिक पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से सुझाव देने की अपील की है। बैठक में समिति ने स्पष्ट किया कि यूसीसी के तहत संविधान के अनुच्छेद-25 में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, रीति-रिवाज, परंपरागत वैवाहिक विधियों या जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। समिति सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं में बदलाव करना नहीं, बल्कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने से बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगेगी। वहीं लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन का प्रस्ताव केवल महिलाओं और ऐसे संबंधों से जन्मे बच्चों को कानूनी, सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से रखा गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर सावंत ने बताया कि अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए करीब 2 करोड़ नागरिकों तक संदेश भेजे जा रहे हैं। लोग पोर्टल या प्राप्त लिंक के माध्यम से सीधे अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने कहा कि यूसीसी लैंगिक न्याय और सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विभागीय वेबसाइट पर नागरिकों की सुविधा के लिए सरल प्रश्नावली और क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है। समिति अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजीता प्रकाश देसाई ने कहा कि समिति पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और गैर-राजनीतिक है। इसका उद्देश्य लैंगिक असमानताओं को दूर कर महिलाओं, बच्चों और समाज के संवेदनशील वर्गों को बेहतर कानूनी एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। गृह (अपील) विभाग के संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल ने बताया कि अब तक पोर्टल और क्यूआर कोड के माध्यम से 42 हजार से अधिक नागरिक अपनी राय दे चुके हैं। अधिकांश प्रतिक्रियाएं यूसीसी के प्रस्तावित प्रावधानों के समर्थन में प्राप्त हुई हैं।
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राजस्थान के ग्रामीण पेयजल सुधार के लिए 80 हजार करोड़ का एक्शन प्लान

Jaipur, Rajasthan:Anchor--राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में पेयजल परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने, तकनीकी स्टाफ की भर्ती तेज करने और पंचायतों के जरिए योजनाओं के स्थायी संचालन पर फैसला लिया गया। बैठक में मुख्य सचिव ने वित्त विभाग और जन स्वास्थ्य अभियानों इंजीनियरिंग विभाग (पीएचईडी) को 80 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय रोडमैप को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले वित्तीय सहयोग का शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए सभी महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाएं तय समय में पूरी की जाएं। सरकार जल्द ही 'जल अर्पण' कार्यक्रम शुरू करेगी। पहले चरण में 1200 से अधिक पूर्ण हो चुकी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को पंचायतों के सहयोग से समुदाय को सौंपा जाएगा, ताकि उनका संचालन और रखरखाव स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से हो सके। बैठक में पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए तकनीकी मानव संसाधन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए समयबद्ध भर्ती कैलेंडर तैयार कर जल्द नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएंगी। राजस्थान ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता निगम (आरडब्ल्यूएसएससी) को मजबूत बनाने के लिए 3 हजार जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट के पद सृजित किए जाएंगे। इनकी भर्ती आईबीपीएस के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होगी। साथ ही निगम में प्रोक्योरमेंट और तकनीकी समितियों का गठन कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। ग्रामीण पेयजल योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन के लिए नई ओएंडएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को पंचायतों की स्थायी समिति के रूप में सशक्त किया जाएगा। वहीं, सुजलम शक्ति समूहों और नल जल मित्रों को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण युवाओं और महिला समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जाएंगे।
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