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RKRakesh Kumar Bhardwaj14 Nov 2025, 05:57 pm

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर की सफाई व्यवस्था के संरक्षण के लिए अनुपालना रिपोर्ट पर सुनवाई की

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर-- राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ में जोधपुर शहर की स्वच्छता व्यवस्था और सफाई तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। महेश गहलोत द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर नगर निगम की ओर से पेश अनुपालना रिपोर्ट का अवलोकन किया और आगामी सुनवाई पर नवीनतम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट में नगर निगम की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार तथा उनके सहयोगी आयुष गहलोत उपस्थित रहे, जबकि कोर्ट के निर्देशानुसार निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी भी स्वयं पेश हुए। हाईकोर्ट द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को जारी आदेशों के अनुपालन में निगम की ओर से विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि शहर में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए कई स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए गए हैं। शहर को विभिन्न ज़ोनों में बांटकर सफाई टोलियों की पुनर्संरचना की गई है तथा प्रत्येक क्षेत्र की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और मुख्य मार्गों पर कचरा जमा न होने देने के लिए विशेष सतर्कता टीमों को तैनात किया गया है। नगर निगम ने बताया कि निगरानी अधिकारियों के नेतृत्व में एक समर्पित मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि पूरे सफाई तंत्र की वास्तविक समय में निगरानी हो और सभी कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत रहें। इसके साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण के लिए अतिरिक्त ऑटो-टिपर और मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है, ताकि कचरा संग्रहण से लेकर परिवहन तक की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। वार्डों में कचरा संग्रहण केंद्र चिह्नित कर वहां से केरू डंपिंग यार्ड तक कचरे के परिवहन की व्यवस्था सुदृढ़ की गई है। अनुपालना रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कचरे के वैकल्पिक निपटान के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान की जा रही है, जिससे पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू की जा सके। नगर निगम ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए सभी आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। शहर के प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता कार्य की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए वार्ड समितियों के गठन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इन समितियों में एक निर्वाचित प्रतिनिधि, नगरपालिका निरीक्षक और स्थानीय स्तर पर दो से तीन प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा। समिति का दायित्व अपने वार्ड में सफाई व्यवस्था की बारीकी से निगरानी करना और किसी भी कमी की सूचना निगम आयुक्त या नामित अधिकारियों को देना होगा। सुनवाई के दौरान निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी ने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि शहर को स्वच्छ, परेशानी मुक्त और स्वास्थ्य जोखिमों से सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी या अधिकारी अपने कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की ओर से अगली सुनवाई पर नवीनतम अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए 11 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है।
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लखनऊ में ई-रिक्शा बढ़ोतरी से ट्रैफिक संकट: कोर्ट नीति बनाकर नियंत्रण की मांग करे

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में तेजी से बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और उनसे होने वाली यातायात समस्या पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या शहर में भारी यातायात समस्या पैदा कर रही है। सरकार को इसके लिए उपयुक्त नीति बनाकर प्रभावी ढंग से समस्या से निपटना होगा। न्यायमूर्ति आलोक माथुर व अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने शहर में यातायात प्रबंधन के मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि राजधानी में करीब 80 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनके लिए पर्याप्त और निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं होने से चौराहों और प्रमुख मार्गों के आसपास इनके जमावड़े के कारण यातायात बाधित होता है। इस पर न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक सड़क की वाहनों को वहन करने की एक निश्चित क्षमता होती है। शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा के कारण यह क्षमता प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह अपर मुख्य सचिव, परिवहन से सरकार की प्रस्तावित नीति के संबंध में स्पष्ट निर्देश प्राप्त करें。 सरकार को यह भी बताना होगा कि ई-रिक्शा की लगातार बढ़ती बिक्री और उनके संचालन को किस प्रकार नियंत्रित किया जाएगा。 यातायात के लिए अलग कैडर बनाने पर विचार सुनवाई के दौरान अलग यातायात पुलिस कैडर गठित करने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। कोर्ट ने कहा कि यातायात पुलिस का कार्य सामान्य पुलिस से अलग है। बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए पृथक कैडर बनाने पर सरकार को विचार करना चाहिए。 कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था में लगाने से कानून-व्यवस्था पर भी दबाव पड़ता है। इसलिए यातायात व्यवस्था के लिए अलग व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए。 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कोर्ट ने पॉलिटेक्निक से कमता तिराहे तक हाईकोर्ट परिसर के आसपास यातायात सुचारू करने के लिए चिन्हित 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की। नगर निगम की रिपोर्ट और कोर्ट द्वारा गठित समिति के प्रस्तावों पर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
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आकोला में शिंपी पक्षी ने पेड़ पर घरटे बनाए, पर्यावरण प्रेमियों में जिज्ञासा

Akola, Maharashtra:Anchor : ग्रामीण भागात सध्या निसर्गाची अनोखी कलाकुसर पाहायला मिळत असून, शिंपी पक्ष्याने तयार केलेली सुंदर घरटी सर्वांचे लक्ष वेधून घेत आहेत. अकोला जिल्ह्यातील पातूर परिसरात झाडांच्या फांद्यांना लटकलेली ही आकर्षक घरटी पाहण्यासाठी नागरिकांची उत्सुकता वाढली आहे. विशेष म्हणजे, घरटे तयार करण्यासाठी शिंपी पक्ष्यांची सध्या मोठी लगबग सुरू आहे. अतिशय लहान आकाराचा शिंपी पक्षी आपल्या कुशल कारागिरीसाठी ओळखला जातो. झाडांची पाने, गवत आणि बारीक तंतू यांचा वापर करून हा पक्षी चक्क पानांना शिवून त्याचे घरटे तयार करतो. त्यामुळे या पक्ष्याला ‘शिंपी पक्षी’ असे नाव पडले आहे.पातूर परिसरातील ग्रामीण भागात सध्या अशाच पद्धतीने तयार करण्यात आलेली सुंदर घरटी पाहायला मिळत आहेत. झाडांच्या फांद्यांना लटकलेली ही घरटी पाहून नागरिकांमध्ये कुतूहل निर्माण झाले आहे. घरटे बांधण्यासाठी शिंपी पक्ष्यांची सुरू असलेली लगबगही अनेकांचे लक्ष वेधून घेत आहे.निसर्गाच्या सान्निध्यात आकाराला येणारी ही घरटी केवळ आकर्षकच नाहीत, तर पक्ष्यांच्या अद्भुत कौशल्याची आणि निसर्गाशी असलेल्या त्यांच्या जुळवून घेण्याच्या क्षमतेची साक्ष देतात. मात्र, वाढत्या वृक्षतोडीमुळे अशा पक्ष्यांचा नैसर्गिक अधिवास धोक्यात येत असल्याने नागरिकांनी झाडांचे संवर्धन करण्याची गरज आहे. पातूर परिसरात सध्या दिसून येणारी शिंपी पक्ष्यांची ही सुंदर घरटी निसर्गप्रेमींसाठी एक सुखद आणि मनमोहक दृश्य ठरत आहेत.
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झज्जर में पुलिस पहरे के बीच शहर से कूड़ा उठाने की कार्रवाई शुरू

Jhajjar, Haryana:झज्जर में पुलिस पहरे के साथ शहर की सफाई शुरू की गई। विरोध के बीच प्रशासन करीब 1:00 बजे जेसीबी आदि संसाधनों के साथ शहर में पहुंचा और सफाई शुरू करवाई। विरोध कर रहे सफाई कर्मचारियों को डिटेन कर बसों में भरकर मौके से हटाया गया; भारी संख्या में मौजूद पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग कर कर्मचारियों को मौके से उठाया। महिला सफाई कर्मचारियों से निपटने के लिए बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मी तैनात रहीं। तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासन ने शहर से कूड़ा उठाया, ताकि शहर में बीमारी फैलने से बचा जा सके। कूड़े से भरे पॉलिथीन को हवा में उड़ाते हुए सुरक्षा के बीच विरोध जारी रहा। इन घटनाक्रमों के बीच तहसीलदार ने कहा कि शहरवासियों की शिकायतें थीं कि कूड़ा जमा रहने से बीमारी फैलने का खतरा है।
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ACB ने ETO सुरेंद्र पूनिया समेत ड्राइवर को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने ETO सुरेंद्र सिंह पूनिया को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उसके ड्राइवर को भी हिरासत में ले लिया, जानकारी के अनुसार, ETO सुरेंद्र पूनिया पर स्क्रैप से भरे ट्रक को छोड़ने की एवज में 4 लाख रुपए की मांग की थी। इस संबंध में शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू की और ट्रैप की योजना बनाई, ACB की टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर ट्रैप की कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान उसके ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। वही शिकायतकर्ता ने बताया कि वह दिल्ली की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी करता है। उसकी जिम्मेदारी कंपनी की गाड़ियों की देखभाल और रूट पास करवाने की है। 10 अगस्त को सुरेंद्र पूनिया ने लखनऊ से आ रही स्क्रैप से भरी कंपनी की गाड़ी को फरीदाबाद में पकड़ लिया था, शिकायतकर्ता के अनुसार, वह उसी रात ETO सुरेंद्र पूनिया से मिला। आरोप है कि अधिकारी ने गाड़ी पर 10 लाख रुपए की पेनल्टी बनने की बात कही और 4 लाख रुपए में गाड़ी छोड़ने का सौदा किया। 4 लाख का इंतजाम न होने से परेशान शिकायतकर्ता ने एसीपी की टीम को इसकी जानकारी दी।
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जेपीएनआईसी को निजी क्षेत्र के हवाले: 30 साल की लीज, 6 करोड़ वार्षिक, 50 दिन मुफ्त

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ राज्य सरकार ने गोमतीनगर स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को निजी क्षेत्र को सौंपने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जेपीएनआईसी को वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड एंड राकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्रा. लि. को 30 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया गया। इसके एवज में कंपनी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सालाना छह करोड़ रुपये देगी। इस राशि में हर साल पांच प्रतिशत की वृद्धि होगी। सरकारी आयोजनों के लिए जेपीएनआईसी साल में 50 दिन मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा कंपनी से लीज के एवज में 10.11 करोड़ रुपये अपफ्रंट प्रीमियम और 25 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस गारंटी ली जाएगी। इस पर ब्याज समेत संकलित धनराशि से जेपीएनआईसी परियोजना के लिए शासन की ओर से अब तक दिए गए 821.74 करोड़ रुपये एलडीए द्वारा वापस लौटाए जाएंगे। कंपनी के साथ संचालन और रखरखाव को लेकर चुनी गई निविदादाता के साथ 35 वर्ष का अनुबंध प्रस्तावित था। आपसी सहमति के आधार पर इसे पहली बार 30 साल और दूसरी बार 25 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इससे पहले त्रिस्तरीय जेपीएनआईसी सोसाइटी को भंग कर इसे एलडीए को हस्तांतरित करने का फैसला किया गया था। सरकार का उद्देश्य जेपीएनआईसी को निजी भागीदारी के जरिए संचालित कर बेहतर तरीके से उपयोग में लाना है। निजी कंपनी इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी, जबकि सरकारी आयोजनों के लिए साल में 50 दिन परिसर उपलब्ध रहेगा। मुख्य बिंदु जेपीएनआईसी 30 साल की लीज पर निजी कंपनी को दिया जाएगा। कंपनी एलडीए को सालाना छह करोड़ रुपये देगी। हर साल लीज राशि में पांच प्रतिशत की वृद्धि होगी। सरकारी आयोजनों के लिए साल में 50 दिन जेपीएनआईसी मुफ्त रहेगा। 10.11 करोड़ रुपये अपफ्रंट प्रीमियम और 25 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी ली जाएगी। अब तक शासन से मिले 821.74 करोड़ रुपये एलडीए वापस लौटाएगा। संचालन एवं रखरखाव के लिए 35 साल का अनुबंध प्रस्तावित, जिसे आगे बढ़ाने का प्रावधान भी रहेगा।
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पटना साइबर ठगी: बजाज फाइनेंस-धनी फाइनेंस गैंग गिरफ्तार

Patna, Bihar:पटना में बजाज फाइनेंस और धनी फाइनेंस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फेसबुक के जरिए लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क करते थे और प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी, सिविल स्कोर बढ़ाने समेत अलग-अलग कारण बताकर उनसे पैसे ऐंठते थे। जांच में गिरोह के संगठित तरीके से साइबर अपराध करने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, एक कॉपी, छह पासबुक, दो राउटर और 55 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपियों के मोबाइल की जांच में देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी एनसीआरपी शिकायतें भी मिली हैं।
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भागवत के अमेरिका-Canada-UK दौरे में 'विश्व एक परिवार' संदेश का जोर

Nagpur, Maharashtra:नागपूर - सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत यांचे अमेरिकेत उत्साहात स्वागत. पोहोचल्यानंतर औक्षण करण्यात आले आणि पारंपरिक भारतीय पद्धतीने स्वागत करण्यात आले - संघाच्या शताब्दी वर्षानिमित्त १७ दिवसांचा अमेरिका, कॅनडा आणि ब्रिटन दौ-यावर - युनिव्हर्सल वननेस सेलिब्रेशन च्या आयोजकांकडून डॉ. भागवत यांचे स्वागत. - २९ ऑगस्टला न्यूयॉर्कमध्ये भव्य ‘युनिव्हर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम. - ‘संपूर्ण जग एक कुटुंब’, हा कार्यक्रमातून दिला जाणार मानवतेचा संदेश. - जात, धर्म, भाषा आणि इतर कृत्रिम भेद दूर करून मानवतेला जोडण्याचे आवाहन. - सन्मान, सौहार्द, समन्वय आणि एकात्मतेच्या भावनेवर विशेष भर. - अमेरिका, कॅनडा आणि ब्रिटनमधील भारतीय वंशाच्या नागरिकांशी संवाद साधणार डॉ. भागवत. - ‘वसुधैव कुटुंकुबम्’चा विचार जगभर पोहोचवण्याचा प्रयत्न.
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जीरकपुर में बिल्डर के धमकी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार; हथियारों और साजिश की जांच जारी

Zirakpur, Punjab:ਜੀਰਕਪੁਰ। ਸਿੰਘਪੁਰਾ ਸਥਿਤ ਰੋਜ਼ੇਰੋ ਅਲੀਨਾ ਕੰਪਨੀ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ‘ਤੇ ਬਿਲਡਰ ਅਮਿਤ ਦੁਆ ਦੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦੇ ਬਾਹਰ ਹੋਈ ਫਾਇਰਿੰਗ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਜੀਰਕਪੁਰ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ CIA ਟੀਮ ਨੇ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਤਿੰਨ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਰਾਮਗੜ੍ਹ ਭੂੜਾ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਬਾਜ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਸ਼ਿਵਸ਼ੰਕਰ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤੇ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਤੋਂ ਪੁੱਛਗ橹ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਜਾਂਚ ਟੀਮ ਇਹ ਪਤਾ ਲਗਾਉਣ ਵਿੱਚ ਜੁਟੀ ਹੋਈ ਹੈ ਕਿ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦੇ ਗੇਟ ਦੇ ਬਾਹਰ ਗੋਲੀਆਂ ਚਲਾਉਣ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ ਪਿੱਛੇ ਅਸਲ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਕੀ ਸੀ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਕਿਹੜੇ ਵਿਅਕਤੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ 21 ਅਗਸਤ ਦੀ ਸਵੇਰ ਦੋ ਨਕਾਬਪੋਸ਼ ਨੌਜਵਾਨ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ‘ਤੇ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦੇ ਗੇਟ ਦੇ ਬਾਹਰ ਪਹੁੰਚੇ ਸਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਤੋਂ ਹੇਠਾਂ ਉਤਰਿਆ ਅਤੇ ਗੇਟ ਦੇ ਬਾਹਰ ਕਰੀਬ ਤਿੰਨ ਰਾਊਂਡ ਗੋਲੀਆਂ ਚਲਾਈਆਂ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੋਵੇਂ ਨੌਜਵਾਨ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ‘ਤੇ ਸਵਾਰ ਹੋ ਕੇ ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਫਰਾਰ ਹੋ ਗਏ। ਫਾਇਰਿੰਗ ਦੀ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੂਰੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ ਸੀ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਅਤੇ CCTV ਫੁਟੇਜ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਤਕਨੀਕੀ ਸਬੂਤਾਂ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ। ਬਿਲਡਰ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਨੰਬਰਾਂ ਤੋਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਸਨ ਧਮਕੀਆਂ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਿਲਡਰ ਅਮਿਤ ਦੁਆ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਸੀ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਿਛਲੇ ਕੁਝ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਨੰਬਰਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਧਮਕੀਆਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਸੀ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਜਾਨੋਂ ਮਾਰਨ ਦੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਸਨ। ਪੁਲਿਸ ਹੁਣ ਫਾਇਰਿੰਗ ਦੀ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਧਮਕੀਆਂ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। 2 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ‘ਤੇ ਮੁਲਜ਼ਮ ਪੁਲਿਸ ਮੁਤਾਬਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ BNS ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ 308(4), 125, 3(5) ਅਤੇ ਆਰਮਜ਼ ਐਕਟ ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ 25, 54 ਅਤੇ 59 ਤਹਿਤ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤੇ ਤਿੰਨਾਂ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੋਂ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਦੋ ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਰਿਮਾਂਡ ਮਿਲਿਆ ਹੈ। ਹੁਣ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ਦੌਰਾਨ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਤੋਂ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕਰਕੇ ਫਾਇਰਿੰਗ ਲਈ ਵਰਤੇ ਗਏ ਹਥਿਆਰ, ਵਾਰਦਾਤ ਦੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਅਤੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਜੁਟੀ ਹੋਈ ਹੈ।
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Shantipur Government Hospital witnesses two pregnant women expecting three children each

Ranaghat, West Bengal:পাঁচ মাসের সন্তান সম্ভাবনা দুই প্রসূতির गর্ভে রয়েছে तीनটি করে সন্তান। বর্তমানে দুই প্রসূতির সন্তানেরা এখন পৃথিবীর আলো দেখার রয়েছে অপেক্ষায়। নজির বিহীন ঘটনা মফস্বলের সরকারি হাসপাতালে। মফস্বলের সরকারি হাসপাতালেই চিকিৎসা চলছে এই দুই প্রসূতির। নদীয়ার শান্তিপুর থানা এলাকার সুজাতা সাতরা এবং কাঞ্চন বিশ্বাস তারা দুজনেই পাঁচ মাসের সন্তান সম্ভবা। প্রথমে তারা জানতে পারেন ২ প্রস্তুতির গর্ভে রয়েছে দুটি করে সন্তান, পরবর্তীতে চিকিৎসকের পরামর্শ অনুযায়ী यूएसजी মারফত জানতে পারেন দুটি নয় তিনটি করে সন্তান রয়েছে তাদের গর্ভে। এরপর নদীয়ার শান্তিপুর স্টেট জেনারেল হাসপাতাল의 গাইনোকলজিস্ট চিকিৎসক ডক্টর পবিত্র বেপারীর তত্ত্বাবধানে চিকিৎসারত হন তারা। এ বিষয়ে ডঃ পবিত্র বেপারী জানান, এই দুই মায়ের ক্ষেত্রে স্বাভাবিক পদ্ধতিতে তাদের গর্ভে সন্তান ধারণ করেছে। এর আগে দুই প্রসূতির একটি করে সন্তান রয়েছে, এরপর আবারও তারা সন্তান সম্ভাবা হয়। একটু ঝুঁকিপূর্ণ থাকলেও সরকারি হাসপাতালেই দুই প্রসূতির সন্তান প্রসব করার চেষ্টা চালিয়ে যাচ্ছেন তারা। চিকিৎসকের কথাই, অত্যন্ত দরিদ্র পরিবারের এই দুই সন্তান সম্ভবা। তাদের আর্থিক পরিস্থিতি এতটাই দুর্বল যে বেসরকারি হাসপাতালKathOr নামিদামি নার্সিংহোমের চিকিৎসা করতে পারবেন না তারা। দুই পরিবার চাইছেন সরকারি হাসপাতালের উপর আস্থা রেখে তাদের সন্তানেরা যেন পৃথিবীর আলো দেখতে পাই। প্রসূতি সুজাতা সাঁতরার স্বামী রাজেশ সাঁতরার কথায়, সরকারি হাসপাতালের চিকিৎসা পরিষেবা নিয়ে বরাবরই প্রশ্ন ওঠে, কিন্তু দরিদ্র হওয়ার কারণে সরকারি হাসপাতালের উপর ভরসা রাখছেন তারা। অন্যদিকে প্রসূতি কাঞ্চন বিশ্বাসের পরিবারের দাবি, চিকিৎসক মানেই ভগবান, আর্থিক দুর্বলতা থাকার কারণে তারাও সরকারি হাসপাতালের উপর ভরসা রাখছেন। তবে বিশেষজ্ঞদের কথাই, একটি মায়ের তিনটি সন্তান এর আগে অনেকেই নজির রয়েছে। কিন্তু প্রসূতিদের যত্ন এবং সঠিক চিকিৎসা পরিষেবা পেলে সরকারি হাসপাতালেই এই ধরনের ঝুঁকিপূর্ণ প্রসূতিদের অস্ত্রপচার করা সম্ভব। অন্যদিকে নদীয় জেলায় এই প্রথম শান্তিপুর স্টেট জেনারেল হাসপাতালে একই সাথে দুই প্রসূতির তিন তিন সন্তানের চলছে চিকিৎসা। আগামী দিনে এই সরকারি হাসপাতালেই জন্ম নিতে চলেছে দুই প্রস্তুতির ছটি সন্তান।
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जयपुर कलेक्टर ने देर रात स्कूटी से शहर की साफ-सफाई का जायजा लिया

Noida, Uttar Pradesh:जयपुर। देर रात स्कूटी पर निकले जयपुर कलेक्टर संदेश नायक। परकोटे में घूमकर कलेक्टर ने देखी शहर की सफाई व्यवस्था। सरकारी गाड़ी छोड़ स्कूटी से निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर। अजमेरी गेट से स्कूटी पर सवार होकर निकले संदेश नायक। एडीएम पूर्व नरेंद्र कुमार वर्मा ने चलाई स्कूटी। कलेक्टर ने परकोटे के अलग-अलग इलाकों में लिया सफाई व्यवस्था का जायजा। नालियों की सफाई और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था की ली जानकारी। खाने-पीने की दुकानों के आसपास जमा कचरे के निस्तारण की भी पड़ताल। निकाय चुनाव की आचार संहिता को लेकर भी अधिकारियों से लिया अपडेट। देर रात अचानक निरीक्षण से सफाई व्यवस्था में हड़कंप। उपायुक्त स्वास्थ्य ओम थानवी और उपायुक्त राजस्व नवीन भारद्वाज भी रहे मौजूद। जयपुर कलेक्टर पहले भी कर चुके स्कूटी से शहर का निरीक्षण। जमीन मॉनिटरिंग की मिसाल बना कलेक्टर का देर रात दौरा।
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उत्तराखंड के मैदानी जिलों में TB फैलाव तेज, उपचार छोड़ना समस्या बन रहा

Dehradun, Uttarakhand:ब्रेकिंग देहरादून उत्तराखंड के मैदानी जिलों में फैल रहा है TB पिछले 7 महीनों में उधम सिंह नगर में 2808 मरीजों में TB की पुष्टि हुई है देहरादून में 5140 मरीजों में TB की पुष्टि हुई है हरिद्वार में 3841 लोगों में TB की पुष्टि हुई है नैनीताल में 1698 लोगों में TB की पुष्टि हुई है पौड़ी में 739 लोगों में TB की पुष्टि हुई है अल्मोड़ा में 357 लोगों में TB की पुष्टि हुई है टिहरी में 311 लोगों में TB की पुष्टि हुई है पिथौरागढ़ में 302 लोगों में TB की पुष्टि हुई है उत्तरकाशी में 253 लोगों में TB की पुष्टि चमोली में 239 लोगों में TB की पुष्टि हुई है चंपावत में 192 लोगों में TB की पुष्टि रुद्रप्रयाग में 154 लोगों में TB की पुष्टि बागेश्वर में 126 लोगों में TB की पुष्टि 30% लोग बीच में ही छोड़ रहे हैं उपचार उपचार छोड़ने की वजह से दोबारा लौटती है TB मरीज को आमतौर पर 6 , 9 और 12 महीने का उपचार लेना पड़ता है दवाइयां से 2 से 3 हफ्ते में 95% बैक्टीरिया खत्म हो जाता है अधिकतर मरीज 3 महीने में इलाज छोड़ देते हैं जिसकी वजह से बीमारी दोबारा लौट आती है सबसे ज्यादा फेफड़े का TB सामने आ रहा है
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