Back
150 साल बाद दादागुरुदेव चादर महोत्सव: जैसलमेर में भक्ति उमंग
SDShankar Dan
Mar 07, 2026 16:18:07
Jaisalmer, Rajasthan
जैसलमेर स्वर्णनगरी जैसलमेर में आयोजित ऐतिहासिक तीन दिवसीय दादागुरुदेव चादर महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान लगभग 150 वर्षों के बाद सोनार दुर्ग स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर के ज्ञान भंडार से दादागुरुदेव श्री जिनदत्तसूरी महाराज की 871 वर्ष से भी अधिक प्राचीन पवित्र चादर को विधिविद पूजन-अर्चना के साथ बाहर लाया गया। जैन समाज में इस चादर को अत्यंत पवित्र और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इस पवित्र चादर को सोनार किले से गड़सीसर सर्किल तक लाकर विशेष रूप से तैयार किए गए भव्य रथ में विराजित किया गया। इसके बाद गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरि और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने हरी झंडी दिखाकर विशाल वरघोड़ा (शोभायात्रा) को रवाना किया। वरघोड़े में हजारों श्रद्धालु, जैन संत-मुनि, साध्वी और महात्मा शामिल हुए। पूरे रास्ते सर्वसमाज ने पुष्प वर्षा कर पवित्र चादर का स्वागत किया। भव्य शोभायात्रा में 21 सजे-धजे घोड़े, 21 ऊंट, 2 हाथी, 20 नासिक ढोल की टीमें, कच्छी घोड़ी नृत्य दल और विभिन्न प्रांतों से आए लोक कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। ड्रोन के माध्यम से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। यह वरघोड़ा गड़सीसर सर्किल से नगर परिषद, एयरफोर्स सर्किल, नीरज सर्किल, हनुमान सर्किल और गीता आश्रम मार्ग से होते हुए डेडानसर मेला ग्राउंड स्थित महोत्सव स्थल पहुंचा, जहां धर्मसभा का आयोजन हुआ। परंपरा के अनुसार पवित्र चादर को विशेष काँच के पात्र में विराजित किया गया और गंगोत्री व मानसरोवर से लाए गए जल से वासक्षेप सहित अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर गच्छाधिपति आचार्य जिनप्रभमणि सूरीश्वरजी महाराज ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य का क्षण है जब लगभग डेढ़ सौ वर्ष बाद इस पवित्र चादर के दर्शन हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूज्य वृद्धिचंद्रजी महाराज लगभग 150 वर्ष पूर्व इस चादर को पाटन से जैसलमेर लेकर आए थे। उन्होंने जैसलमेर में जैन धर्म की विरासत को संरक्षित करने के लिए एक विशेष संग्रहालय की स्थापना की भी आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 150 वर्षों बाद पवित्र चादर के दर्शन होना ऐतिहासिक क्षण है और चादर महोत्सव समिति व जैन ट्रस्ट के प्रयासों से लाखों श्रद्धालुओं को इस पावन धरोहर के दर्शन का अवसर मिल रहा है। तत्पश्चात महोत्सव के दौरान दादागुरुदेव के इकतीसा पाठ का वैश्विक संकल्प भी लिया गया, जिसके तहत विश्वभर के जैन श्रद्धालुओं ने एक साथ 1 करोड़ 8 लाख इकतीसा पाठ कर आध्यात्मिक कीर्तिमान स्थापित किया। गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरि ने घोषणा की कि अब प्रतिवर्ष 7 मार्च को विश्वभर में दादागुरु भक्त इकतीसा पाठ करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु जैसलमेर पहुंचे हैं। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। आयोजन को लेकर प्रशासन और महोत्सव समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Advertisement
ANAJAY NATH
FollowMar 07, 2026 17:46:480
Report
NSNiroj Satapathy
FollowMar 07, 2026 17:46:300
Report
VSVishnu Sharma
FollowMar 07, 2026 17:46:210
Report
NSNeeraj Sharma
FollowMar 07, 2026 17:45:460
Report
JPJai Prakash
FollowMar 07, 2026 17:45:330
Report
RKRajesh Kumar Sharma
FollowMar 07, 2026 17:45:180
Report
RKRAJESH KUMAR
FollowMar 07, 2026 17:32:560
Report
ठेकेदार की मनमानी से अधर में लटकाCMराईज़ स्कूल का निर्माण आलीशान स्कूल भवन का बच्चों का सपना रहाअधूरा
0
Report
PKPradeep Kumar
FollowMar 07, 2026 17:30:130
Report
0
Report
PGPARAS GOYAL
FollowMar 07, 2026 17:15:350
Report
GPGYANENDRA PRATAP
FollowMar 07, 2026 17:15:210
Report
KJKamran Jalili
FollowMar 07, 2026 17:15:110
Report
RDRAJKUMAR DIXIT
FollowMar 07, 2026 17:03:320
Report
RKRAJESH KUMAR
FollowMar 07, 2026 17:03:100
Report