Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Jaipur302006

जयपुर में 40 हजार से अधिक वाहनों के SOS बटन से आपात मदद त्वरित होगी

VSVishnu Sharma1
Mar 18, 2026 12:04:22
Jaipur, Rajasthan
जयपुर में पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने महिला सुरक्षा को लेकर नई पहल की जानकारी देते हुए कहा, शहर में 40 हजार से अधिक कैब, बाइक और ऑटो को SOS बटन जोड़ा गया है. SOS बटन दबाते ही वाहन की लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी, जिससे आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी. डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि यह सुविधा पुलिस की तकनीकी प्रणाली से जुड़ी है, जिससे त्वरित रिस्पॉन्स संभव होगा. पुलिस के अनुसार, यह पहल शहर में महिला सुरक्षा को और मजबूत करेगी.
0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 13:03:52
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। मारवाड़ की राजनीति के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जसवंत सिंह जसोल के घर से उठी चिंगारी अब एक ऐसी आग बन चुकी है, जिसने न केवल पारिवारिक रिश्तों को झुलसा दिया है, बल्कि मानवेंद्र सिंह जसोल के राजनीतिक भविष्य पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। एक समय पश्चिमी राजस्थान में 'स्वाभिमान' की राजनीति का चेहरा रहे मानवेंद्र सिंह आज अपनों के विरोध और सामाजिक बहिष्कार के दोराहे पर खड़े हैं। *पारिवारिक कलह और वायरल वीडियो का सच* हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने जसोल परिवार की आंतरिक रार को सार्वजनिक कर दिया। वीडियो में मानवेंद्र सिंह की माता शीतल कंवर उन्हें जोधपुर स्थित निवास में प्रवेश करने से रोकती नजर आ रही हैं। मारवाड़ी लहजे में मां की फटकार— _"थनै म्हैं घर में नी आवण दूं"_—ने यह स्पष्ट कर दिया कि परिवार में दरार गहरी हो चुकी है। यह विवाद मानवेंद्र सिंह द्वारा अपनी पत्नी चित्रा सिंह के निधन के महज एक वर्ष के भीतर किए गए कथित दूसरे विवाह से उपजा है। चर्चा है कि उन्होंने खुद से करीब 28 वर्ष छोटी युवती, नीरजा चारण से गुपचुप तरीके से विवाह कर लिया है। *चारण समाज का आक्रोश और CBI जांच की मांग* मानवेंद्र सिंह के इस कदम ने न केवल राजपूत समाज, बल्कि विशेष रूप से चारण समाज को आंदोलित कर दिया है। जोधपुर के चारण छात्रावास में हुई महासभा में मानवेंद्र सिंह के 'सामाजिक बहिष्कार' का ऐलान किया गया। समाज का तर्क है कि एक सार्वजनिक व्यक्तित्व का ऐसा आचरण मर्यादाओं के विरुद्ध है। सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब समाज ने जनवरी 2024 में अलवर के पास हुए उस सड़क हादसे पर संदेह जताया, जिसमें चित्रा सिंह की मृत्यु हुई थी। अब सोशल मीडिया और सामाजिक मंचों से इस हादसे की CBI जांच की मांग उठ रही है। इन आरोपों ने मानवेंद्र की छवि को गहरा आघात पहुँचाया है। *राजनीतिक सितारे गर्दिश में?* मानवेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर पिछले कुछ वर्षों से उतार-चढ़ाव भरा रहा है। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाना और फिर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में 'घर वापसी' करना, उनके पुनर्वास की कोशिश मानी जा रही थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनकी नजदीकी और सीमावर्ती क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि आगामी चुनावों में भाजपा उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों ने समीकरण बदल दिए हैं - छवि का संकट: राजपूत और मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ रखने वाले जसोल परिवार की 'नैतिक साख' पर इस विवाद ने चोट की है। - पार्टी के भीतर विरोध: भाजपा के भीतर उनके प्रतिद्वंद्वी खेमे को इस विवाद से संजीवनी मिल गई है। चारण समाज द्वारा उन्हें भाजपा से निष्कासित करने की मांग ने आलाकमान को धर्मसंकट में डाल दिया है। शिव विधानसभा और बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में जिस तरह निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने युवाओं और राजपूत समाज के बीच अपनी पकड़ बनाई है, वह मानवेंद्र के लिए पहले से ही बड़ी चुनौती थी। अब पारिवारिक विवाद ने उनके इस जनाधार को और कमजोर कर दिया है। *भविष्य की राह: चुनौती या अंत?* राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानवेंद्र सिंह के लिए यह 'अस्तित्व की लड़ाई' है। यदि वे परिवार और समाज के इस गतिरोध को सुलझाने में विफल रहते हैं, तो भाजपा जैसे अनुशासित कैडर वाली पार्टी में उनके लिए टिकट हासिल करना या पद पाना लगभग मुश्किल हो जाएगा। जसवंत सिंह जसोल की विरासत को संभालने वाले एकमात्र वारिस का इस तरह हाशिये पर जाना मारवाड़ की राजनीति के एक अध्याय के अंत की ओर संकेत कर रहा है। क्या मानवेंद्र सिंह इस 'सियासी और सामाजिक हताशा' से बाहर निकल पाएंगे, या उनका यह निजी निर्णय उनके राजनीतिक जीवन का अंतिम अध्याय साबित होगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल जसोल के सितारे गर्दिश में नजर आ रहे हैं।
0
comment0
Report
KJKamran Jalili
Mar 18, 2026 13:03:11
Ranchi, Jharkhand:“मनरेगा पर हमला नहीं सहेंगे, गरीबों का हक नहीं छिनने देंगे—झारखंड का केंद्र को अल्टीमेटम” झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज विधानसभा में स्पष्ट और सख्त शब्दों में केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य किसी भी कीमत पर मनरेगा के स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। मंत्री ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-GRAM G Act, 2025” दरअसल मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में एक गंभीर कदम है, जो न केवल ग्रामीण गरीबों के रोजगार के अधिकार को प्रभावित करेगा बल्कि उनकी मजदूरी सुरक्षा और ग्राम सभाओं की संवैधानिक भूमिका को भी कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के जीवनयापन, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी है। ऐसे में इसके स्थान पर किसी नई व्यवस्था को लागू करना, बिना राज्यों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के, लोकतंत्रिक भावना के खिलाफ है। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रोजगार की कानूनी गारंटी कमजोर होने का खतरा है, मजदूरी भुगतान और कार्य दिवसों की निरंतरता प्रभावित हो सकती है, और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य कमजोर वर्गों को जो सुरक्षा और अवसर प्राप्त हैं, वे इस नए कानून में कमजोर पड़ सकते हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस कार्यक्रम को कमजोर करना सीधे तौर पर सामाजिक न्याय के खिलाफ होगा। दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि मनरेगा के मौजूदा ढांचे को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए और इसे और सशक्त करते हुए 100 दिनों की जगह कम से कम 150 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आर्थिक सुरक्षा मिल सके और मजबूरी में होने वाले पलायन को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मनरेगा पर कोई भी हमला, गरीबों के अधिकारों और उनके सम्मान पर सीधा प्रहार है। झारखंड इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।” झारखंड सरकार ने केंद्र को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेगी。
0
comment0
Report
ADAbhijeet Dave
Mar 18, 2026 13:02:20
Ajmer, Rajasthan:पीसांगन उपखंड क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ ने असर दिखाना शुरू कर दिया। बरसात किसानों के अरमानों पर पानी फेरना शुरू कर दिया गया। गोविंदगढ़ में शाम पांच बजे पश्चिमी विक्षोभ ने अपना असर दिखाया और यहां हवाओं के साथ मध्यम दर्जे की बरसात हुई। अचानक बदले मौसम की वजह से खेत खलिहानों में कटाई व पक्की पकाई पड़ी फसलें खराब होने के कारण किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। क्षेत्रीय किसानों के मुताबिक मावत की यह बरसात अगर एक डेढ़ माह पूर्व होती तो फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती थी, लेकिन अब यह बरसात उनके लिए भस्मासुर बन चुकी है। अचानक बदले मौसमी तंत्र ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरे खींच दी हैं, इन हालातों में अब किसान भगवान भरोसे हैं।
0
comment0
Report
RBRAKESH BHAYANA
Mar 18, 2026 13:02:03
Panipat, Haryana:समालखा में नकली NCERT किताबों के फर्जी प्रिंटिंग प्रेस पर बड़ी कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर टूटी सील, गोदाम में मिली नकली किताबों की फैक्ट्री हरियाणा के समालखा स्थित एक फर्जी एनसीईआरटी (NCERT) किताब छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुजफ्फरनगर के खतौली थाना पुलिस ने माननीय न्यायालय के आदेश पर सील की गई प्रिंटिंग प्रेस को खोलकर दोबारा जांच की, जिसमें भारी मात्रा में मशीनरी, कागज और नकली एनसीईआरटी किताबें बरामद हुईं। कोर्ट के आदेश पर दोबारा जांच थाना खतौली के एसआई मुकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में अपराध संख्या 214/25 के तहत कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। न्यायालय के निर्देश पर सील तोड़कर जांच की गई, जिसमें गोदाम से बड़ी संख्या में फर्जी किताबें और प्रिंटिंग से जुड़ा सामान मिला। उन्होंने बताया कि यह फर्जी प्रिंटिंग का नेटवर्क समालखा में चल रहा था, जबकि गोदाम उत्तर प्रदेश के भैंसी (खतौली) में बनाया गया था। 03 जून 2025 को पड़ी थी रेड गौरतलब है कि 3 जून 2025 को समालखा के एचएसआईआईडीसी क्षेत्र, जीटी रोड के पास इस अवैध प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया था। यहां से छापी गई नकली एनसीईआरटी किताबें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी मेरठ का रहने वाला था, जिसने समालखा में किराए पर प्लॉट लेकर यह अवैध कारोबार शुरू किया था। गोदाम से मिला बड़ा जखीरा आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस और दस्तावेजों को सील किया था। अब दोबारा जांच के दौरान गोदाम में भारी मशीनें, कागज के ढेर और बड़ी मात्रा में नकली किताबें बरामद हुई हैं। देशभर में बड़ा नेटवर्क यह मामला सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े संगठित रैकेट की ओर इशारा करता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है। 14 महीनों में बड़ी कार्रवाई एनसीईआरटी ने पायरेसी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए पिछले 14 महीनों में बड़ी कार्रवाई की है। 5 लाख से अधिक नकली किताबें जब्त 20 करोड़ रुपये से अधिक की मशीनरी और कागज बरामद 29 एफआईआर दर्ज एनसीईआरटी की किताबें देशभर के स्कूलों में व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं, ऐसे में इस तरह की पायरेसी शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही है। जांच जारी फिलहाल पुलिस इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
0
comment0
Report
BPBHUPESH PRATAP
Mar 18, 2026 13:01:14
Greater Noida, Uttar Pradesh:दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने अपने चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि इस अवधि में दादरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 3925 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए गए हैं। विधायक ने इन कार्यों को जनसेवा, सुशासन और विकास के संकल्प के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संपन्न बताया। बुधवार को एक प्रेस वार्ता में विधायक नागर ने इन विकास कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने 492 करोड़ 04 लाख रुपये, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 2952 करोड़ 24 लाख रुपये, खुर्जा द्वारा दादरी नगर ने 8 करोड़ 70 लाख रुपये, पीडब्ल्यूडी विभाग ने 164 करोड़ 53 लाख रुपये और विधायक निधि से 23 करोड़ रुपये का योगदान दिया। कुल मिलाकर, दादरी में लगभग 3925 करोड़ रुपये से अधिक के ऐतिहासिक विकास कार्य पूरे हुए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 205 करोड़ रुपये की लागत से अस्पतालों का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया। सड़क विकास में तेजी लाते हुए, क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर लगभग 165 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इन कार्यों से आवागमन सुगम हुआ है और व्यापार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर हुई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलों का निर्माण किया गया, जिस पर लगभग 9 करोड़ 43 लाख रुपये व्यय हुए। नहरों की सफाई, मरम्मत और अन्य कार्यों पर लगभग 4 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च किए गए, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला। शिक्षा क्षेत्र में लगभग 93 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण सहित 20 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू की गईं, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला। जल निकासी योजना पर 4 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मुख्यमंत्री राहत कोष से गरीब परिवारों को इलाज के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।
0
comment0
Report
MPMAHESH PARIHAR1
Mar 18, 2026 13:00:22
Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ हर वर्ष की तरह इस साल भी झालावाड़ में 9 दिवसीय चैत्र नवरात्र महोत्सव शुरू हो गया है। इस अवसर पर बुधवार को महावीर सेवा दल द्वारा रामायण जी की शोभायात्रा निकाली गई। शाम 5 बजे पंचमुखी बालाजी से शुरू हुई शोभायात्रा मंगलपुरा, गढ़ परिसर, बड़ा बाजार होते हुए राड़ी के बालाजी पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला श्रद्धालु शामिल हुए। शहर के विभिन्न मार्गों पर सामाजिक राजनीतिक अन्य संगठनों ने फूल बरसा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। खास बात यह रही कि श्री रामायण जी की शोभायात्रा में मुस्लिम समाजसेवी हनीफ चौधरी ना केवल शामिल हुई, बल्कि रामायण को अपने सिर पर रख कर नंगे पैर सड़को पर गुजरे। समाजसेवी हनीफ़ चौधरी द्वारा सामाजिक समरसता की अद्भुत मिसाल पेश किए जाने की हर कोई तारीफ कर रहा है। गौरतलब है कि आज से चैत्र नवरात्र महोत्सव का आयोजन शुरू किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान, 19 मार्च से प्रतिदिन रात 8 बजे महाकालेश्वर रामायण प्रचारक रामलीला मंडल द्वारा भगवान राम के जीवन पर आधारित रामलीला का मंचन किया जाएगा और 25 मार्च को अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें देश के ख्यात नाम कवि अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।
0
comment0
Report
Mar 18, 2026 12:57:21
Gauri Bazar, Uttar Pradesh:जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गौरीबाजार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना गौरीबाजार उपनिरीक्षक सभाजीत सिंह, हेड कांस्टेबल राहुल यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार और कांस्टेबल अजीत यादव की टीम ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार को पननहा मोड़ के पास से आरोपी करन पुत्र दिनेश कुमार, निवासी कटाई को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 15 मार्च 2026 को दिवान पोखरा निवासी कल्पनाथ पटेल ने तहरीर देकर बताया था कि उनका पुत्र अनिकेत पटेल कटाई चौराहे पर बेकरी की दुकान चलाता है। घटना के दिन शाम को दुकान बंद कर घर लौटते समय कटाई चौराहा-जोगम मार्ग पर पुलिया के पास पुरानी रंजिश को लेकर करन और उसके साथियों ने उसे रोक लिया और लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट दिया। इस हमले में अनिकेत गंभीर रूप से घायल हो गया। इस संबंध में पुलिस मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही थी।गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में गोरखपुर जनपद के झगहा थाने में भी लूट, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
453
comment0
Report
AMAsheesh Maheshwari
Mar 18, 2026 12:52:42
Noida, Uttar Pradesh:पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का X पर बयान कहा -मुख्यमंत्री जी का यह दावा कि "गैस की कोई कमी नहीं है", जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। प्रदेश का गृहणी वर्ग और कारोबारी आज सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे हैं। गैस के इस संकट ने प्रदेश के उद्योग-धंधों की भी कमर तोड़ दी है। राजस्थान के करीब 50,000 होटल और रेस्टोरेंट आज ठप्प होने की कगार पर हैं। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से छोटे हलवाई और ढाबा संचालक भारी नुकसान झेल रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन रुकने से मजदूरों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। सरकार 'इन्वेस्ट राजस्थान' के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन मौजूदा उद्योगों को बुनियादी ईंधन तक मुहैया कराने में विफल है। विडंबना देखिए, खुद मुख्यमंत्री जी की सभा के लिए खाना लकड़ी के चूल्हों पर बनाना पड़ रहा है क्योंकि सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। जब सरकारी कार्यक्रमों में यह हाल है, तो आम आदमी की क्या बिसात? सिर्फ बयानबाजी से चूल्हे और कारखाने नहीं चलते। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनता पर नियम थोपने के बजाय आपूर्ति सुनिश्चित करे और कालाबाजारी पर लगाम लगाए।
453
comment0
Report
MKMANTUN KUMAR ROY
Mar 18, 2026 12:52:00
Bihar:समस्तीपुर के आदर्श पंचायत में ज्ञान की नई रोशनी: लाइब्रेरी बनी गरीब बच्चों के सपनों की उड़ान, जहां किताबों के सहारे बदल रही है सोच, बढ़ रहा आत्मविश्वास और संवर रहा भविष्य । यहाँ ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल बनकर उभर रही है, जहां एक ओर गांवों में बच्चों के लिए पढ़ाई के संसाधनों की कमी आम बात है, वहीं इस पंचायत में स्थापित लाइब्रेरी ने इस तस्वीर को बदल दिया है। यह लाइब्रेरी अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों के सपनों को नई दिशा देने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। मोतीपुर पंचायत भवन के एक हिस्से में बनी यह लाइब्रेरी सुबह से लेकर शाम तक बच्चों से गुलजार रहती है। छोटे-छोटे बच्चे कहानी की किताबों में खोए नजर आते हैं, तो बड़े छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे दिखते हैं। शांत और व्यवस्थित माहौल बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है।
528
comment0
Report
Advertisement
Back to top