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जोधнодर्प से अगवा दो नाबालिग लड़कियाँ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से सुरक्षित मुक्त

Noida, Uttar Pradesh:जोधपुर जोधपुर से अगवा दो लड़कियों को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से मुक्त करवाने का मामला युवक को पुलिस ने किया पेश सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती, दो युवकों को पुलिस ने किया था गिरफ्तार बेंगलुरु के रहने वाले आकिब अंसारी और सैयद इब्राहिम को किया था गिरफ्तार 13 अगस्त को जोधपुर कमिश्नरेट पश्चिम के थाने में दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने की मिली थी सूचना ऑपरेशन सेवा के तहत RPF अहमदाबाद मंडल ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित कराया मुक्त जोधपुर- केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 20693 के अहमदाबाद पहुँचने पर जांच की गई थी शुरू
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गृह मंत्री की टिप्पणी पर कांग्रेस ने कहा- सरकार अपने काम की जांच करे

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली | वंदे मातरम विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के इंचार्ज राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “गृह मंत्री इस देश और न ही इसके संविधान का कोई सम्मान नहीं करते हैं। दूसरों पर कीचड़ उछालने के बजाय, उन्हें खुद को और अपने काम को जांचना चाहिए… उन्हें देश के सामने तथ्य पेश करने चाहिए और कांग्रेस पार्टी को लेक्चर देना बंद करना चाहिए… आपकी पार्टी 15 अगस्त को अपने हेडक्वार्टर पर राष्ट्रीय ध्वज के बजाय BJP का झंडा फहराती है, और आपको कोई शर्म नहीं आती? आपने इसके खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा。”
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Muzaffarpur में कावरिया की गोली मारकर हत्या, पारिवारिक विवाद की आशंका

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur mein जलाभिषेक करने जा रहे कावरिया की गोली मारकर हत्या. पारु थाना क्षेत्र के गोसाईटोला की घटना. पारिवारिक विवाद में गोली मारने की बात सामने आ रही है. इलाज के दौरान काँवरिया की मौत. मृतक काँवरिये की पहचान गोसाईटोला निवासी रविंद्र सिंह के बेटे गोलू कुमार के रूप में हुई. गोली पारु के धरफरी से जल लेकर मुजफ्फरपुर बाबा गरीबनाथ मंदिर में जा रहा था जलाभिषेक के लिए. इसी दौरान बदमाश ने मारी गोली, इलाज के दौरान मौत. घटना की बाद पुलिस की तैयारीयों को लेकर उठ रहे कई सवाल. घटना के बाद वरीय अधिकारी मौके के लिये हुए रवाना. घटना की पुष्टि सरैया SDPO अभिजीत कौर के द्वारा किया गया
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पट्टा जमीन विवाद पर राजगढ़ के इकलेरा में फायरिंग, एक की मौत दो घायल

Shajapur, Madhya Pradesh:राजगढ़ जिले के इकलेरा गांव में रविवार दोपहर को पट्टा जमीन पर प्लाट के विवाद को लेकर फायरिंग की घटना सामने आई। घटना में चार लोग घायल हुए, इनमें तीन को गोली लगी। घायलों को उपचार के लिए शाजापुर जिले के शुजालपुर लाया गया, जहां निजी अस्पताल में इकलेरा निवासी दीपक मोहबे (पिता कन्हैयालाल मोहबे) की इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर घायल सतीश जाटव (पिता रतनलाल) और मुकेश जाटव (पिता प्रेमनारायण) को आईसीयू में भर्ती किया गया है। चौथे घायल संतोष को सामान्य चोट आई है। परिजन रोहित ने बताया कि दीपक उनके चाचा थे और उनका जमीन विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं घायल संतोष ने बताया कि पट्टा भूमि में उनका प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद रोकने के लिए पहले उन्होंने पुलिस चौकी में आवेदन दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने एसआई दिलीप कुंभकार से प्लाट को लेकर बात कर बताया था कि यह प्लॉट उसने खरीदा हुआ है। आज रविवार को एक अंत्येष्टि से वापस आकर गांव में खड़े थे तभी संतोष के अनुसार, वहां दिलीप ने झूमाझटकी के बाद फायरिंग कर दी। संतोष ने आरोप लगाया कि फायरिंग में उसके भाई मुकेश जाटव, दीपक मोहबे और सतीश जाटव को गोली लगी। दीपक मोहबे की मौत हो गई, जबकि गम्भीर घायल सतीश और मुकेश का उपचार चल रहा है। संतोष ने बताया कि आज शुरुआती विवाद भी उसके साथ ही हुआ था। मृतक दीपक के पीछे दो बेटियां हैं। फायरिंग का आरोप शाजापुर जिला मुख्यालय पर पदस्थ सहायक उप निरीक्षक दिलीप कुंभकार पर लगाया गया है। घटना की सूचना के बाद राजगढ़ जिले की पुलिस शुजालपुर पहुंची है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी एएसआई को राउंड अप कर लिया है। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दीपक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शुजालपुर मंडी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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गोरखपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा ने एक व्यापारी के जीवन को जोखिम में डाला

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी Date: 16-08-2026 लोकेशन: गोरखपुर。 गोरखपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। पतंग की डोर ने एक कारोबारी की गर्दन काट दी और देखते ही देखते जिंदगी और मौत के बीच फासला बेहद कम रह गया। बसंतपुर निवासी सैनिटरी और पाइप फिटिंग के थोक कारोबारी मनोज कुमार बरनवाल सुबह हार्बर्ट बांध से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई। मांझा गर्दन में बुरी तरह फंस गया और गंभीर चोट आई। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को गर्दन पर करीब 8 से 10 टांके लगाने पड़े। समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई。 लेकिन इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब चाइनीज मांझा पर प्रतिबंध है, तो फिर यह शहर में पहुंच कैसे रहा है? कौन इसका कारोबार कर रहा है? और पुलिस की निगरानी के बावजूद इसकी बिक्री पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही है? प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेहद धारदार होने के कारण राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। मनोज की गर्दन पर गहरी चोट के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उनकी गर्दन पर 8 से 10 टांके लगाए。 इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—प्रतिबंधित होने के बावजूद चाइनीज मांझा बाजार तक पहुंच कैसे रहा है? पुलिस अब कथित तौर पर ऐसे लोगों की तलाश में जुटी है, जो चोरी-छिपे प्रतिबंधित मांझे की बिक्री कर रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि सिर्फ इस्तेमाल करने वालों पर ही नहीं, बल्कि इसके सप्लाई नेटवर्क और बिक्री करने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई हो। और चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि 17 अगस्त को नागपंचमी का पर्व है। इस दौरान पतंगबाजी बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में अगर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो सड़क पर चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया वाहन सवारों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है。 एक हादसा हो चुका है... एक कारोबारी की गर्दन पर कई टांके लग चुके हैं... लेकिन सवाल यह है कि प्रशासन और पुलिस कब तक ऐसे हादसों के बाद ही जागेंगे? चाइनीज मांझा सिर्फ पतंग की डोर नहीं है... यह सड़क पर निकलने वाले आम आदमी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। प्रतिबंध के बावजूद अगर इसकी बिक्री जारी है, तो फिर जिम्मेदारी किसकी है? दुकानों पर छापेमारी होगी या नहीं? सप्लायर तक पुलिस पहुंचेगी या नहीं? प्रतिबंधित मांझा बेचना वालों पर मुकदमा और कार्रवाई होगी या नहीं? नागपंचमी से पहले इन सवालों का जवाब बेहद जरूरी है। गोरखपुर में चाइनीज मांझे से घायल कारोबारी की गर्दन पर 8 से 10 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी जान बच गई, लेकिन यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए。 सवाल सीधा है—पतंग की डोर आखिर कब तक किसी राहगीर की जिंदगी के लिए खतरा बनी रहेगी?
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