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LMLokendra MishraFollow30 Jul 2024, 01:36 pm

योगी बाबा रुद्रनाथ के नेतृत्व में हिंदूवादी संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा पत्र

Dholpur, Rajasthan:

योगी बाबा रुद्रनाथ के नेतृत्व में धौलपुर जिले के सनातनियों ने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को पत्र सौंपा हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सनातनियों ने श्रावण मास में जिले में संचालित नीट की दुकानों को बंद करने की मांग की हैं। साथ ही जिले में अवैध बूचड़खानों को चिह्नित कर कार्रवाई की भी मांग की है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट को मुख्यमंत्री के नाम पत्र देने पहुंचे योगी बाबा रुद्रनाथ ने बताया कि श्रावण मास में सनातनी शिव देवालयों मे पूजा अर्चना करते हैं।

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उदयपुर ढाबा हत्याकांड: 7 आरोपी को उम्रकैद, 3 बरी

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला से बड़ी खबर — जिले के बहुचर्चित उदयपुर ढाबा हत्याकांड में आज अदालत का फैसला आ गया है। अपर सत्र न्यायालय निवास ने इस मामले में 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि 3 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। मामला थाना बीजाडांडी क्षेत्र के उदयपुर स्थित एक ढाबे का है, जहां 12 अगस्त 2021 को جبलपुर निवासी बबलू पंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला अपर सत्र न्यायालय निवास में दिसंबर 2021 से विचाराधीन था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी अमित, सौरभ, बाबा सुखदेव, हिमांशु, आकाश सोनकर, विशाल और रोहित सोनकर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी कैलाश यादव, सुमित और नीरज सोनकर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपियों आकाश और अमित का मृतक बबलू पंडा से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद था, जो इस हत्याकांड की वजह बना। फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। फीसला - विजय अहिरवार - एडीपीओ - मण्डला filhaal, इस चर्चित हत्याकांड में आए फैसले से न्याय की प्रक्रिया पूरी हुई है ओर दोषियों को सजा
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रॉबर्ट वाड्रा के समन से बढ़ी मुश्किलें, ED केस में नया मोड़

Noida, Uttar Pradesh:रॉबर्ट वाड्रा की बढ़ी मुश्किलें! कोर्ट ने किया समन, अब आगे क्या होगा! गुरुग्राम में ज़मीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा और बाकी को समन जारी किया है। कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को 16 मई को पेशी के लिए समन किया है। ED ने जुलाई 2025 में इस केस में चार्जशीट दाखिल की थी। वाड्रा के खिलाफ केस क्या है यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम जिले के शिकोहपुर गांव की जमीन डील से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने 2008 में ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड सेedas 3 एकड़ ज़मीन साढ़े 7 करोड़ रुपये में खरीदी थी। ED के मुताबिक सेल डीड में यह दिखाया गया था कि भुगतान हो चुका है जबकि असल में उस वक़्त भुगतान नहीं हुआ था। साढ़े 7 करोड़ का रुपये जो चेक रिकॉर्ड में दाखाया गया था, वो कभी भुनाया नहीं गया। 7.50 करोड़ में खरीदी ज़मीन 58 करोड़ में बेची इस केस में आरोप है कि फरवरी 2008 में इस ज़मीन की खरीद के तुरंत बाद वाड्रा की कंपनी ने ज़मीन का लैंड यूज बदलने के लिए आवेदन कर दिया। उस वक़्त हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे।लगभग डेढ़ महीने बाद ही मार्च 2008 में ज़मीन का लैंड यूज़ कृषि से कॉलोनी/डेवलपमेंट के लिए बदल दिया गया, जिसके चलते जमीन की कीमत बहुत बढ़ गई। आरोप लगा कि वाड्रा के राजनीतिक रसूख के चलते इतनी जल्दी लैंड यूज बदलने को लेकर मंजूरी मिल गई। इस इजाज़त के मिलने के तीन महीने बाद ही वाड्रा की कंपनी ने इस ज़मीन को बेचने के लिए DLF के साथ 58 करोड़ में समझौता किया यानी साढ़े 7 करोड़ में मिली ज़मीन को कुछ ही महीने में 7 गुनी से भी ज़्यादा कीमत पर बेंच दिया गया। ED का केस इस केस में गुरुग्राम पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, आपराधिक साजिश के आरोप में सितंबर 2018 में FIR दर्ज की। इसमें वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम भी आया। ED ने भी उसी साल केस दर्ज किया और जांच शुरू की। जुलाई 2025 में ED ने रॉबर्ट वाड्रा समेत 11 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ED और वाड्रा की दलील ED ने कोर्ट को बताया कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का एकदम साफ और स्पष्ट मामला है। उसके पास इसे साबित करने के लिए पुख्ता दस्तावेजी सबूत और गवाहों के बयान है। ED के मुताबिक वाड्रा को इस जमीन सौदे से जो 58 करोड़ का लाभ हुआ, वो अवैध कमाई थी। इस पैसे को वैध दिखाने और छुपाने के लिए अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। उससे नई प्रॉपर्टी खरीद गई। वही वाड्रा के वकील की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ मामला राजनीति से प्रेरित है। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता ही नहीं है। अब आगे क्या होगा अब 16 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर रॉबर्ट वाड्रा और बाकी आरोपी कोर्ट में पेश होंगे। वो ज़मानत के लिए अर्जी दे सकते हैं। कोर्ट से चार्जशीट की कॉपी आरोपियों के वकील को दी जाएगी ताकि वो आरोप तय करने के पहलू पर जिरह के ख़ुद को तैयार कर सके। उसके बाद बहस सुनने के बाद कोर्ट आरोप तय करेगा। कोर्ट ने आरोप तय होने के बाद ही ट्रायल शुरू होगा जिसमें आगे चलकर कोर्ट तय करेगा कि वाड्रा का दोष बनता है या नहीं। इस बीच रॉबर्ट वाड्रा के पास यह भी विकल्प है कि वो चाहे तो इस स्टेज पर यानि चार्जशीट पर संज्ञान लेकर समन जारी करने के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते है।
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नाशिक कन्वर्शन रैकेट: व्हाट्सएप्प ग्रुप में रणनीति खुलकर सामने आई

Mumbai, Maharashtra:क्या नाशिक में कन्वर्शन रैकेट व्हाट्सप्प ग्रुप पर बना रहा था आगे की रणनीति? नाशिक में MNC कंपनी में सेक्स स्कैंडल और कन्वर्शन रैकेट की जांच में जुटी SIT टीम ने बेहद चौकाने वाली जानकारी दी हैl सूत्रों के मुताबिक अभी तक इस मामले में कुल 7 आरोपी पकडे गए है जिनमे से एक HR हेड पर काम करने वाली अश्विनी है जबकि बाकी के 6 आरोपी इस IT कंपनी में टीम लीडर के तौर पर काम करते है जिन पर पीड़ित लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने और दो लोगो का धर्म परिवर्तन करने का आरोप है जिनमे से एक लड़की और एक लड़का हैl इन 6 लोगो ने एक सीक्रेट व्हाट्सप्प ग्रुप बनाया हुआ था जिसमे इन 6 आरोपियों के अलावा 4-5 लोग और भी शामिल थेl पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस सीक्रेट व्हाट्सप्प ग्रुप में ये सभी मेंबर्स अलग अलग लड़कियों को फंसाने, और जो फँस चुकी है उनका आगे कैसे एक्सप्लॉइट करना है, उसकी रणनीति तय की जाती थीl पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसी व्हाट्सप्प ग्रुप में जाल में फंस चुकी लड़कियों की तस्वीरें और वीडियोस शेयर किये गये थेl पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसी ग्रुप में IT कंपनी में काम करने वाली वो लड़कियां जो सॉफ्ट टारगेट बन सकती है, उनको भी डिसकस किया जाता थाl लड़कियों को डिसकस करने के साथ ही ये भी बात होती थी की किसको कैसे अप्प्रोच करना है और ऑफिस में कौन किसको अप्प्रोच कर रहा हैl सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन के अलावा इस्लामिक तरीको को कैसे धीरे धीरे थोपा जाये, कैसे हिंदू स्टाफ के सामने सॉफ्ट नैरेटिव बना कर हिंदू देवी देवताओ को लेकर भ्र्म पैदा किया जाये, कैसे हिंदू स्टॉफ के मन में अपने ही पूजा पद्धति और रीति रिवाज़ को लेकर शक़ पैदा किया जाये, इसके लिए भी रणनिति बनाई जाती थीl नाशिक पुलिस ने इन सभी 6 आरोपियों के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा हुआ है ताकि डिलीट किये गए मैसेज, फोटो और वीडियोस को वापस से रिट्रीव किया जा सके ताकि केस को मजबूत आधार मिल सकेl इसके अलावा इन 6 लोगो के अलावा बाकि के 4-5 लोगो को भी आइडेंटीफाई किया गया है, ये भी जांचा जा रहा है की इनमे से कौन कौन भारत के दूसरे राज्यों का है और क्या कोई भारत के बाहर से भी इस ग्रुप में जुड़ा हुआ था क्या…..
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नीतीश कुमार के हटते ही बिहार सरकार वेबसाइट पर सम्राट चौधरी की तस्वीर

Patna, Bihar:नीतीश कुमार की विदाई के साथ ही बदल गयी बिहार सर्कार की वेबसाईट की सूरत : नीतीश कुमार की जगह अब सम्राट चौधरी की तस्वीर बिहार में सुशासन बाबू के सत्ता से विदा होते ही सबसे बड़ा परिवर्तन बिहार सरकार की वेबसाईट को दिख गयी जहाँ अब नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी की तस्वीर लग गयी है . सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रशासनिक तंत्र परिवर्तन से साफ़ हो गया कि अब बिहार के चौधरी सम्राट है . आज पटना के लोक भवन में शपथ के साथ ही नए बिहार सरकार के web साईट से नीतीश कुमार की तस्वीर हटा दी गयी और उनकी जगह सम्राट चौधरी की तस्वीर लग गयी . राज्य सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ ही सरकार के गृह विभाग, सामान्य प्रशासन और कैबिनेट विभाग तक, हर जगह सम्राट चौधरी की तस्वीर चिपका दी गयी . बिहार सरकार के वेब साईट पर इस बदलाव को लेकर आईटी विभाग की चर्चा तेज हो गयी है . शपथ ग्रहण के एक घंटा बीते भी नहीं कि सरकार का मुख्य वेब साईट और सोशल मिडिया प्लेटफार्म को अपडेट कर दिया गया . वेब साईट में अपडेशन एक प्रक्रिया है लेकिन इसे इतनी जल्दी पूरा किया जाएगा यह इस बात का संकेत है की इस बदलाव की तैयारी प्रशासनिक स्तर पर पहले ही कर लिया गया था . सम्राट चौधरी शपथ ग्रहण के बाद कामकाज सम्हालने पहुंचे और औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला. सम्राट सचिवालय पहुंचेऔर जिम्मेदारी संभालते ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में प्रशासनिक कामकाज को मजबूत करने पर जोर दिया . सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि उन्होंने काम शुरू कर दिया है. राज्य की जनता को बेहतर प्रशासन मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में नरेंद्र मोदी और नीतीश मॉडल के आधार पर ही काम काज आगे बढ़ाया जाएगा .
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उमर अब्दुल्ला ने JKLI युद्ध स्मारक का उद्घाटन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी

Chaka, शहीद स्मारक का उद्घाटन—जो शहीदों के बलिदान का प्रतीक है—महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक सम्मानजनक कार्य है। आज JAK LI युद्ध स्मारक पर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI) के सैनिक "राष्ट्र का गौरव" हैं और उन्होंने उनके बलिदान के अद्वितीय इतिहास की सराहना की। उन्होंने इस बात को दोहराया कि यह रेजिमेंट जम्मू और कश्मीर की एकता का प्रतिनिधित्व करती है, जो सभी पृष्ठभूमियों के सैनिकों को एक झंडे के नीचे सेवा करने के लिए एकजुट करती है। श्रीनगर के रंगरेथ में स्थित जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI) रेजिमेंटल सेंटर में मौजूद JAK LI युद्ध स्मारक, एक पवित्र स्थल है जो रेजिमेंट के उन सैनिकों की याद दिलाता है जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह शहीदों, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के शहीदों को सम्मानित करने का एक मुख्य केंद्र है। उमर अब्दुल्ला तीसरी पीढ़ी के ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने आज JKLI (जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री) बल के नवीनीकृत युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। इस रेजिमेंट का गठन 'मलेशिया फोर्स' के रूप में तब किया गया था जब 1948 में जम्मू और कश्मीर के युवाओं ने पाकिस्तान के कबायली घुसपैठियों के खिलाफ लड़ने के लिये स्वेच्छा से आगे कदम बढ़ाया था; यह 1972 तक जम्मू और कश्मीर की एक समर्पित सेना के रूप में बनी रही, जिसके बाद इसे भारतीय सेना का हिस्सा बना दिया गया। 1953 में, उमर के दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला—जो उस समय जम्मू और कश्मीर के प्रधानमंत्री थे—ने हफ्ता चिनार में JKLI युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया था; बाद में इस बल ने JKLI के रूप में अपना मुख्यालय रंगरेथ स्थानांतरित कर लिया, जहाँ 1998 में उमर के पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने युद्ध स्मारक की एक प्रतिकृति (replica) का उद्घाटन किया था, और आज उमर ने अंतिम युद्ध स्मारक स्तंभ का उद्घाटन किया। बाइट (बयान) मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "आज़ादी के बाद हमारे देश का इतिहास JKLI के बिना अधूरा है, जो 1973 तक 'मलेशिया' के नाम से जानी जाती थी। जम्मू-कश्मीर और JKLI ने एक साथ प्रगति की है; यह रेजिमेंट हमारी अपनी है, हमारी धरती से जुड़ी हुई है, और इसने राष्ट्र के लिए अपना रक्त बहाया है—उसी रक्त को सलाम करने के लिए यह स्मारक बनाया गया है।" यह स्मारक श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित JAKLI रेजिमेंटल सेंटर, रंगरेथ में स्थित है। यह JAK LI रेजिमेंट का स्मारक है।
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राजस्थान में ग्राम-शहरी वार्ड के मास्टर प्लान हेतु जनता की भागीदारी बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गांवों और शहरी वार्डों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ी प्लानिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत अब हर पंचायत और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 मई तक ये प्लान हर हाल में तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब आम जनता की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी QR कोड फीडबैक और GIS मैपिंग के जरिए लोगों की राय सीधे प्लानिंग में शामिल होगी। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम और GIS मैपिंग का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से भाग लेने और जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने टाइमलाइन तय करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान और 15 मई तक फाइनल प्लान तैयार कर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, आईटी विभाग को QR फीडबैक सिस्टम जल्द विकसित करने और नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के लिए जिला स्तर पर संयुक्त टीमें और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। पोर्टल के जरिए डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान अपलोड किया जा रहा है, जबकि मोबाइल ऐप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की सुविधा भी दी गई है। अब तक करीब 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूरी हो चुकी है। अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड के लिए 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, पर्यटन और सुशासन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। 19 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसके तहत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जहां डेटा एंट्री और प्लानिंग का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर्स और नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
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उत्तर-पश्चिम रेलवे पर कवच से ट्रेनों में हादसों की रोकथाम शुरू

Jaipur, Rajasthan:ट्रेनों का सुरक्षा 'कवच'! - उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य हुआ तेज - 5561 किमी रेलमार्ग पर लगेगी कवच प्रणाली, ट्रेनों में हादसों पर लग सकेगी रोक जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे पर अगले साल से ट्रेनों का सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। ट्रेन एक्सीडेंट रोकने की दिशा में रेलवे प्रशासन कवच तकनीक को शुरू कर रहा है। वहीं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, रेल लाइन दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। दरअसल रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे अब अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के रूप में सामने आएगा। अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में 313 किलोमीटर रेल लाइनों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की जा चुकी है। जिसमें से 139 किलोमीटर का काम वर्ष 2024–25 के दौरान पूरा हुआ। यह दर्शाता है कि रेलवे में डिजिटल और सुरक्षित संचालन की दिशा में तेज प्रगति से कार्य किया जा रहा है। वहीं रेल हादसों को रोकने की दिशा में कवच प्रणाली को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। रेल हादसों को रोकने और ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका खत्म करने के लिए कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच की प्रोग्रेस - 2600 करोड़ रुपए की लागत से कवच प्रणाली लगाई जा रही - उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किमी रेल रूट पर लगेगी प्रणाली - 280 किमी नई रेल लाइन परियोजना में भी इस तकनीक को शामिल किया - 1586 रूट किमी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का टेंडर जारी - इस रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का 72 प्रतिशत कार्य पूरा - 250 टावर लगाने की योजना, इनमें से 227 टॉवरों का कार्य प्रगति पर - अगले वर्ष 250 किमी रेलमार्ग पर कवच प्रणाली शुरू करने का लक्ष्य तारंगा हिल-आबू रोड परियोजना को लेकर कार्य शुरू वहीं उत्तर-पश्चिम रेलवे में 19 हजार करोड़ की रेलवे की परियोजनाएं निर्माणाधीन स्थिति में हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि 1546 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है। इनमें तारंगा हिल–आबू रोड (अंबाजी मार्ग) परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके सर्वेक्षण के बाद मौके पर कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाएं स्वीकृति के चरण में हैं, जिनकी अनुमानित लागत 19,500 करोड़ रुपए है। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में हर साल 300–400 किमी रेल प्रोजेक्ट्स के कार्य को पूरा करना है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के स्टेशनों का बड़े पैमाने पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर कवच प्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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सुल्तानपुर में 15 कुंतल से अधिक गांजे के साथ दो गिरफ्तार

Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम के नेतृत्व में कुड़वार थाने की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 कुंतल से अधिक मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सावंत ने बताया कि कुड़वार थाने की पुलिस और एसओजी टीम ने रावनिया पूरब गांव के पास सुल्तानपुर लखनऊ जाने वाले हाईवे से नासिर पुत्र स्वर्गीय अली हसन जो की मुजफ्फरनगर जिले के सिकरेड़ा गांव का है और उसके साथी वर्ष आर्य पुत्र जय नारायण जो लखनऊ जिले के थाना पारा का रहने वाला है, इनके पास से 15 कुंतल से अधिक गांजा जो की 50 बोरी में पैक किया गया था और एक ट्रक से लखनऊ ले जाया जा रहा था उसे भी उनके पास से बरामद कर लिया गया है। सीओ सिटी में बताया कि यह खेप उड़ीसा से लखनऊ ले जाई जा रही थी तभी पुलिस ने इन दोनों गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो मोबाइल और लगभग चार हजार रुपए नगद भी बरामद किए हैं।
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उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी लोकेश- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - ट्रेनों का सुरक्षा 'कवच'! - उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली - ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य हुआ तेज - 5561 किमी रेलमार्ग पर लगेगी कवच प्रणाली - ट्रेनों के हादसों पर लग सकेगी रोक - 1546 किमी रेल लाइनों के कार्य भी जारी एंकर उत्तर पश्चिम रेलवे पर अगले साल से ट्रेनों का सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। ट्रेन एक्सीडेंट रोकने की दिशा में रेलवे प्रशासन कवच तकनीक को शुरू कर रहा है। वहीं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, रेल लाइन दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे अब अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के रूप में सामने आएगा। अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में 313 किलोमीटर रेल लाइनों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की जा चुकी है। जिसमें से 139 किलोमीटर का काम वर्ष 2024–25 के दौरान पूरा हुआ। यह दर्शाता है कि रेलवे में डिजिटल और सुरक्षित संचालन की दिशा में तेज प्रगति से कार्य किया जा रहा है। वहीं रेल हादसों को रोकने की दिशा में कवच प्रणाली को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। रेल हादसों को रोकने और ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका खत्म करने के लिए कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाई जा रही है। Gfx In उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच की प्रोग्रेस - 2600 करोड़ रुपए की लागत से कवच प्रणाली लगाई जा रही - उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किमी रेल रूट पर लगेगी प्रणाली - 280 किमी नई रेल लाइन परियोजना में भी इस तकनीक को शामिल किया - 1586 रूट किमी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का टेंडर जारी - इस रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का 72 प्रतिशत कार्य पूरा - 250 टावर लगाने की योजना, इनमें से 227 टॉवरों का कार्य प्रगति पर - अगले वर्ष 250 किमी रेलमार्ग पर कवच प्रणाली शुरू करने का लक्ष्य Gfx Out वाइट- अमित सुदर्शन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे वीओ- 2 वहीं उत्तर-पश्चिम रेलवे में 19 हजार करोड़ की रेलवे की परियोजनाएं निर्माणाधीन स्थिति में हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे में 1546 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है। इनमें तारंगा हिल–आबू रोड (अंबाजी मार्ग) परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाएं स्वीकृति के चरण में हैं, जिनकी अनुमानित लागत 19,500 करोड़ रुपए है। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में हर साल 300–400 किमी रेल प्रोजेक्ट्स के कार्य को पूरा करना है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के स्टेशनों का बड़े पैमाने पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर कवच प्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है。
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राजस्थान में ग्राम-शहरी वार्ड मास्टर प्लान 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गांवों और शहरी वार्डों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ी प्लानिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत अब हर पंचायत और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 मई तक ये प्लान हर हाल में तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब आम जनता की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी QR कोड फीडबैक और GIS मैपिंग के जरिए लोगों की राय सीधे प्लानिंग में शामिल होगी। मुख्य सचिव ने की समीक्षा, QR फीडबैक से जुड़ेंगे लोग मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार कर 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम और GIS मैपिंग का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से भाग लेने और जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने टाइमलाइन तय करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान और 15 मई तक फाइनल प्लान तैयार कर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, आईटी विभाग को QR फीडबैक सिस्टम जल्द विकसित करने और नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए। 90% से ज्यादा आईडि मैपिंग पूरी प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के लिए जिला स्तर पर संयुक्त टीमें और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। पोर्टल के जरिए डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान अपलोड किया जा रहा है, जबकि मोबाइल ऐप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की सुविधा भी दी गई है। अब तक करीब 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूरी हो चुकी है। 2030 से 2047 तक का विकास रोडमैप अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड के लिए 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, पर्यटन और सुशासन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। 766 निकाय, 24,648 इकाइयां शामिल 19 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसके तहत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जहां डेटा एंट्री और प्लानिंग का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर्स और नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
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Tarigami ने कुलगाम में विकास समीक्षा की, शासन-गठन और परिसीमन पर चिंता जताई

Kulgam, Kulgam, April 15: Member of Legislative Assembly Kulgam, Mohd Yousuf Tarigami, today chaired a review meeting in Kulgam town to assess ongoing development works and address key public concerns. Addressing the media, Tarigami highlighted several gaps in governance, stating that the primary issue is the disconnect between the people and the government. He said that the responsibilities entrusted to public representatives are not being fulfilled effectively, resulting in delays in development projects. He emphasized that Kulgam town, being the face of the entire district, requires special attention and focused development. The meeting specifically aimed to identify shortcomings, discuss public grievances, and explore solutions. Tarigami added that several concerns were raised during the meeting, and efforts are underway to resolve them. He reiterated his commitment to making Kulgam a better and more developed town. Speaking on international issues, Tarigami condemned the ongoing conflict involving Iran, Israel, and the United States. He termed the war as unjust and unacceptable, alleging that it has led to the loss of innocent lives, particularly in regions like Lebanon. He further stated that such conflicts raise serious concerns globally and must be stopped immediately to prevent further humanitarian crises. Tarigami warned that if the war continues, its consequences could impact the entire world. He also appreciated countries working towards mediation and peace. On the issue of delimitation, Tarigami expressed strong reservations, stating that the process was carried out based on census data. He pointed out that despite having a larger population in the Kashmir region, only one additional seat was allocated, while six seats were increased in the Jammu region. He termed the process as biased and assured that the matter would be raised in the Assembly by the INDIA bloc to ensure fair representation.
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