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श्योपुर में कोचिंग से लौटती छात्रा के साथ छेड़छाड़; आरोपी गिरफ्तार

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर छात्रा अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई. छात्रा ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह करीब 7 बजे कॉमर्स की क्लास के लिए सिद्धार्थ कोचिंग जाती है और सुबह 8 बजे घर लौटती है. उसका आरोप है कि पिछले एक महीने से एक युवक लगातार उसका पीछा कर रहा था. शुक्रवार सुबह करीब 8:10 बजे जब वह कोचिंग से लौटकर अपने घर के बाहर पहुंची, तभी आरोपी वहां आ गया. आरोप है कि युवक ने बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया और मोबाइल नंबर मांगने लगा. उनके विरोध करने और जोर-जोर से चिल्लाने पर दूध लेकर जा रहे रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए. उन्हें देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया. पीड़िता के अनुसार, आसपास मौजूद लोगों ने आरोपी की पहचान शाहिद पुत्र खालिद उर्फ स्टील निवासी श्योपुर के रूप में की. घटना की जानकारी मिलने पर छात्रा की मां और दादी भी घर से बाहर आ गईं. बाद में परिजनों ने पिता को सूचना दी और सभी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है तथा मामले की जांच जारी है. कोतवाली थाना प्रभारी सत्यम गुर्जर ने बताया कि छात्रा अपने परिजनों के साथ थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि शाहिद पिता खालिद निवासी श्योपुर छात्रा को कोचिंग जाते समय पीछा कर रहा था और शुक्रवार को बह अपने घर जा रही थी. पीछा करते वक्त उसका हाथ पकड़ लिया पुलिस ने छेड़खानी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
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PM मोदी ने बच्चों को माफ किया, रुचिका सिंह ने भी माफी मांगी: वीडियो वायरल

Noida, Uttar Pradesh:PM मोदी के माफ करते ही सामने आ गई रुचिका सिंह, हाथ जोड़ बोली- मैं बहुत शर्मिंदा हूं... बीते दिनों जंतर-मंतर पर जब विरोध प्रदर्शन हुआ तो कुछ लोगों ने पीएम मोदी और उनकी दिवगंत मां को भद्दी-भद्दी गाली दी. वीडियो वायरल होने के बाद खूब निंदा हुई. यहां तक कि नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में इसके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में शून्य संख्या (जीरो) एफआईआर दर्ज की गई. अब पीएम मोदी ने देर रात एक वीडियो जारी कर सभी बच्चों को माफ कर दिया. उन्होंने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और बच्चों से ही गलती होती है. हम इन्हें माफ करते हैं. इस बीच, रुचिका सिंह पर भी हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए वीडियो वायरल हो रहा है
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देवरिया: खुखुंदू में मुठभेड़, दो बदमाश गिरफ्तार, मंगलसूत्र बरामद

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मंगलसूत्र छीनकर फरार हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा पकड़ लिया गया. इनके कब्जे से अवैध तमंचे, कारतूस, मोबाइल, लूटा गया सोने का मंगलसूत्र और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई. थाना खुखुंदू के तिलौली (डेहरी) गांव में एक महिला से मंगलसूत्र छीना गया था. पुलिस ने एहतियातन मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की. रात को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी बहादुरपुर से पड़री बाजार की ओर जा रहे हैं. चेकिंग के दौरान बाइक सवार भागने लगे और गिर पड़े. इसके बाद दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा मौके से गिरफ्तार हो गया. घायल आरोपी की पहचान कलीम शाह और दूसरे की पहचान मुसाफिर शाह के रूप में हुई. दोनों रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के मोहन मुंडेरा ग्राम के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक दोनों पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं. आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.
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रिंगाल: उत्तराखंड की पहाड़ी पहचान और रोजगार का हरित सोना

Haldwani, Uttarakhand:ANCHOR : उत्तराखंड की पहचान है 'रिंगाल' जिसको कहा जाता है पहाड़ का "हरा सोना" क्या है रिंगाल? जो हल्द्वानी फारेस्ट ट्रेनिंग अकादमी में उत्तराखंड को दे रहा है एक नयी पहचान...... एक खास रिपोर्ट..... VO : रिंगाल यानी बैम्बू (बांस)... उत्तराखंड के जंगलों में उगने वाला रिंगाल सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, परंपरा और आजीविका का अहम हिस्सा है। रिंगाल से बने हस्तशिल्प आज देश-विदेश तक अपनी पहचान बना रहे हैं, रिंगाल हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक विशेष प्रकार का पहाड़ी बांस है। यह सामान्य बांस की तुलना में पतला, मजबूत और बेहद लचीला होता है। उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में इसकी अच्छी पैदावार होती है, उत्तराखंड हल्द्वानी की फॉरेस्ट ट्रेंनिंग अकैडमी में एक बंबू है बनाई गई है जहां रिंगल से बने हस्तशिल्प उत्पाद राज्य को एक नयी पहचान दे रहे हैं , बाइट : संजीव चतुर्वेदी, निदेशक फारेस्ट ट्रेनिंग अकादमी हल्द्वानी वीओ-2: फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी हल्द्वानी में रिंगाल से टोकरियां, डलिया, सूप, चटाइयां, फूलदान, लैंप शेड और घर की सजावट की कई आकर्षक वस्तुएं अपनी और ध्यान आकर्षित कर रही है, आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक ने इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा दिया है। रिंगाल हस्तशिल्प ने पहाड़ की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। कई ग्रामीण परिवार आज रिंगाल से बने उत्पादों की बिक्री कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी के निदेशक संजीव चतुर्वेदी का कहना है की बंबू है बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि उत्तराखंड में रिंग गार्ड से बने उत्पादों और हस्तशिल्प के कारीगरों को उत्तराखंड से बाहर के राज्यों में एक नई पहचान मिले, बाइट : संजीव चतुर्वेदी, निदेशक फारेस्ट ट्रेनिंग अकादमी हल्द्वानी FVO : रिंगाल सिर्फ एक वन उत्पाद नहीं बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला का प्रतीक है, यदि आपको भी रिंगाल से बने उत्पादों कुछ देखना चाहते हैं या इन उत्पादों के बारे में जानना चाहते हैं या फिर खरीदना चाहते हैं तो एक बार हल्द्वानी स्थित वन प्रशिक्षण अकादमी में जरूर आई जहां आपको रिंगाल से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी,
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सीतापुर: हरगांव पुलिस ने हत्या का खुलासा कर चार गिरफ्तार

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में हरगांव पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है आपको बता दे की युवक की हत्या ईद से प्रहार कर की गई थी इसके बाद शराब डालकर उसे जलाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हरगांव पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एट का टुकड़ा कोल्ड ड्रिंक वाली प्लास्टिक की बोतल बरामद की है। पुलिस की उस्ताद में आरोपियों ने बताया की विदेरन्स और संजय ने ईद से वार करके युवक की हत्या की थी और अन्य दो साथियों की मदद से शव को छिपाया था। आरोपियों ने यह भी बताया कि रूपड लाल अक्षर शराब पीने के लिए उनके यहां आता था; कुछ दिनों पहले उसने शराब की चोरी की थी इसीलिए आरोपी उसके घर धमकी देने गए थे इसके बाद चारों आरोपियों ने मृतक रूपणलाल की हत्या कर दी। हरगांव पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।
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बरसाती नहर में तीन मासूम बेटियां डूब गईं, इलाके में मातम

Kushinagar, Uttar Pradesh:बरसाती नहर में समाईं तीन मासूम बेटियां कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियां बरसाती नहर में डूब गईं। घटना के बाद पूरे इलाक़े में हड़कम्प मच गया है। एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं तलाश अभियान चला रही हैं। बता दे कि बीते दिन 4 बजे के करीब नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बभनौली सिधरिया बरसाती नहर में एक दर्दनाक हादसा हो गया। घास काटकर घर लौट रही तीन मासूम बच्चियां अचानक नहर में डूब गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए, बरसाती नहर में डूबी बच्चियों की पहचान 10 वर्षीय सपना, 12 वर्षीय कुंचन और 8 वर्षीय छोटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चियाँ एक ही परिवार की हैं और दो सगे भाइयों की बेटियाँ हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँच गई। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और स्टीमर की मदद से ड्रेन में बच्चियों की तलाश की जा रही है। स्थानीय विधायक मनीष जायसवाल भी घटनास्थल पर पहुँचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। फिलहाल एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी है और पूरे इलाके की निगाहें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं。
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हिंदी: इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच: 2013 के प्रधानाचार्यों की नियुक्तियाँ रद्द नहीं होंगी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वर्ष 2013 में सहायता प्राप्त अशासकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने 2013 के विज्ञापन के आधार पर चयनित प्रधानाचार्यों की नियुक्ति रद्द करने के एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। इससे चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने व्यावसायिक, आश्रित तथा कृषि, संस्कृत, उर्दू, राजकीय, सहायता प्राप्त और अशासकीय इंटर कॉलेजों से संबंधित अलग-अलग अपीलों पर संयुक्त सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। खंडपीठ ने कहा कि चयनित प्रधानाचार्य दिसंबर 2022 से लगातार कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्तियों को रद्द करना उचित नहीं होगा और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया। क्या है मामला? उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2013 में प्रधानाचार्यों के तीन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। एकल पीठ के समक्ष दायर याचिका में वर्ष 2023 में कहा गया कि चयन प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती है और नियुक्तियाँ निरस्त की जाएं। एकल पीठ ने नियुक्तियाँ रद्द करने के साथ नई चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ चयनित प्रधानाचार्यों और अन्य पक्षों ने खंडपीठ में अपील दायर की। खंडपीठ ने माना कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, चयनित अभ्यर्थी लंबे समय से कार्यरत हैं और इस स्थिति में नियुक्तियाँ निरस्त करना न्यायसंगत नहीं होगा। इसलिए एकल पीठ का आदेश रद्द करते हुए चयनित प्रधानाचार्यों को राहत प्रदान की गई।
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पूर्वांचल-बुंदेलखंड में डेटा सेंटर नीति: निवेश पर दोगुनी छूट, संतुलित विकास के लक्ष्य

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ प्रदेश को एआई और डीप टेक का हब बनाने की दिशा में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने तेजी से काम शुरू किया है। राज्य के सभी हिस्सों में औद्योगिक विकास का संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से नई डेटा सेंटर नीति लागू की जा रही है। इसमें पूर्वांचल और बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास पर विशेष फोकस किया गया है। नई नीति के तहत इन क्षेत्रों में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को पश्चिमांचल और मध्यांचल की तुलना में दोगुनी रियायतें दी जाएंगी। प्रमुख रियायतें पूर्वांचल और बुंदेलखंड में सरकारी अभिकरण से भूमि लीज या खरीदने पर सर्किल रेट में 50% की छूट मिलेगी। पश्चिमांचल और मध्यांचल में यह छूट 25% होगी। डेटा सेंटर स्थापित होने के बाद संबंधित प्राधिकरण चरणबद्ध तरीके से भूमि सब्सिडی का समायोजन करेगा। भूमि सब्सिडी डेटा सेंटर के साथ स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों पर भी लागू होगी, बशर्ते किसी अन्य केंद्रीय या राज्य योजना के तहत भूमि सब्सिडी न ली गई हो。 सरकारी प्राधिकरण से खरीदी गई भूमि के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% की छूट दी जाएगी। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना, डेटा सेंटर उद्योग का विस्तार करना और संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
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चढ़ावा चोरी मामले में SIT की नई निगरानी, 100 से अधिक नोटिस जारी

Noida, Uttar Pradesh:चढ़ावा चोरी मामला नई SIT की निगरानी में जांच शुरू पूछताछ के लिए करीब १०० से जायदा लोगों को भेजा नोटिस* समिति के सदस्य डीआईजी सोमेन बर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. गौरव ग्रोवर मामले की बारीकी से जांच की निगराणी कर रहे हैं चढ़ावा चोरी की जांच के क्रम में जेल में बंद आठ आरोपितों के अलावा पुलिस ने आरोपितों के सगे संबंधियों को नोटिस भेजा बैंक के लोगो जो भी भेजा गया नोटिस मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड से भी पूछताछ नोटिस भेज कर लोगों को बुला कर पूछताछ की जा रही है। इसमें भूमि के प्रपत्रों के अलावा आरोपितों के कनेक्शन में रहने वाले संदिग्धों की संपत्ति व बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। एक सीए से भी पूछताछ हुई है।
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छबड़ा के नागेश्वर पहाड़ी मंदिर में शिवलिंग प्राकट्य से आस्था का केंद्र बना

Baran, Rajasthan:छबड़ा में नागेश्वर पहाड़ी मन्दिर पर स्थित है चमत्कारिक मन्दिर 1985 में खुदाई के दौरान निकला था शिवलिंग बारां जिले के छबड़ा कस्बे की नागेश्वर पहाड़ी पर भगवान भोलेनाथ का एक चमत्कारिक मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां साक्षात शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिसके बाद यह स्थान धीरे-धीरे भव्य शिव मंदिर के रूप में विकसित हुआ। पूर्व नागेश्वर पहाड़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन भार्गव ओर राहुल सिंघवी समाज सेवी ने बताया कि आज जहां विशाल शिव मंदिर है, वहां कभी घना जंगल और पहाड़ी हुआ करती थी। उस समय पहाड़ी पर केवल हनुमान जी का एक छोटा चबूतरा था। यहा 6 फीट की खुदाई में निकला था शिवलिंग 22 अगस्त 1985 को यहां हनुमान मंदिर की नींव की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान लगभग 6 फीट की गहराई पर एक शिवलिंग प्राप्त हुआ। शिवलिंग निकलने की खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। इसके बाद हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धा और आस्था के चलते धीरे-धीरे यहीं भोलेनाथ का मंदिर स्थापित कर दिया गया। सावन और महाशिवरात्रि पर लगता है मेला मंदिर समिति के अनुसार सावन मास और महाशिवरात्रि पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इन दिनों मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और भजन, जला अभिषेक, जागरण व विशेष अनुष्ठान होते हैं। किशन भार्गव ओर समाज सेवी राहुल सिंधवी ने बताया कि सावन और महाशिवरात्रि के दिन यहां श्रद्धालुओं का दिनभर तांता लगा रहता है। दूर-दराज से लोग मन्नत मांगने और जलाभिषेक करने आते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि नागेश्वर पहाड़ी का यह शिवलिंग स्वयंभू है और यहां मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण छबड़ा और आसपास के जिलों में यह मंदिर विशेष महत्व रखता है।
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