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Satpal GargSatpal GargFollow20 Jul 2024, 03:32 pm
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कैसरगण्‍ज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जनता दर्शन में समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए

Gonda, Uttar Pradesh:जहां कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आज शनिवार को सुबह 10:30 बजे अपने पैतृक आवास विश्नोहरपुर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनी है और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को लेकर के निर्देश भी दिया है। वही पहलवान सुजीत कलकल को एशियन गेम्स में मेडल मिलने को लेकर के कहा कि देखिए आज पूरा देश गर्व कर रहा है और लेकिन इसी के साथ तीन साल पहले एक अन्याय भी हुआ था। इसने फेडरेशन का दरवाजा खटखटाय हम लोगों ने इसकी पैरवी की फेडरेशन उस समय भंग थी और एडहॉक कमेटी काम कर रही थी। एडहॉक कमेटी ने बिना ट्रायल के बजरंग पूनिया को भेज दिया और बजरंग पूनिया जिस लड़के से 10-0 से हारे हैं। हारे थे जापान वाले से उसको इसने बुरी तरीके से हराया। यह उस समय भी मेडल का दावेदार था गोल्ड मेडल का दावेदार था, सिल्वर का दावेदार था और तीन साल इसका कैसे गुजरा होगा। क्योंकि इसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, सरकार का दरवाजा खटखटाया पंचायतें हुईं, बड़ी-बड़ी पंचायतें भी हुईं। वहां के अंदर हुईं लेकिन करोड़ों रुपए इनाम भी लोगों ने रखा हरियाणा के कुछ लोगों ने करोड़ों रुपए इनाम रखा कि ठीक है बजरंग चले जाएं मेडल के लिए लेकिन इसको हरा दें तो मैं ₹1 करोड़ दे रहा हूँ। इनाम رکھا लेकिन उसके बावजूद भी उस समय का खेल मंत्रालय और एडहॉक कमेटी दोनों ने बिल्कुल अन्याय किया और जिसके कारण हमारी कुश्ती काफी दिन तक सफर करती रही और आज इस गेम में कई ऐसे बच्चे हैं। जो 3 साल का यह कुश्ती का दौर गुजरा है उसमें उनकी कुश्ती डाउन हुई है। नहीं तो हमारे और मेडल होते, गोल्ड मेडल भी हो सकता था नाम लेकर के बताया जा सकता है कि किस-किस लड़के और किस-किस लड़की क्योंकि 3 साल बहुत होता है। तो दुर्भाग्य था वह समाप्त हुआ अब आगे वह गोल्ड मेडल लेकर के आया है, उसको बधाई है और पूरे देश के तरफ से बधाई है। वही 3 साल पहले खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और मंत्रालय द्वारा सुजीत कलकल की बात न सुनने को लेकर कहा कि उस समय खेल मंत्रालय के ऊपर यह धरनाजीवी जो हैं, उनका आतंक था। उनका आतंक था। अब विषय नहीं है लेकिन जैसे विनेश फोगाट से मैंने स्वयं पूछा था कि आप इतनी बड़ी खिलाड़ी हैं एक बार मीडिया के सामने आकर के बता दें। क्या कुश्ती में कोई ऐसा नियम है कि 1 दिन के अंदर आप दो वेट कैटेगरी में ट्रायल दे सकें नहीं है। लेकिन उसके बावजूद भी एडहॉक कमेटी और उस समय का मंत्रालय, उसको दो वेट कैटेगरी में ट्रायल कराया। उसका ठीक से वजन नहीं लिया गया पक्षपात किया गया और जा करके ओलंपिक में जो नतीजा निकला। सारी दुनिया ने देखा। हमारे कई बच्चे ऐसे हैं जो सफर किए हैं 3 साल का जो दौर गुजरा है। मैं उस समय अगर आपको याद होगा तो मैंने जब पहली बाइट दी थी, तो एक कविता पढ़ी थी कि "डगर-डगर बदनाम हो गए मेरे आँसू, इशलिए तो नगर-नगर या डगर-डगर बदनाम हो गए मेरे आँसू, मैं उनका हो गया कि जिनका कोई पहरेदार नहीं था। मैं जूनियर खिलाड़ियों के साथ खड़ा था मैं आने वाले जो देश के भविष्य हैं उनके साथ खड़ा था इसलिए मेरा विरोध किया गया था।
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करनाल हाईवे 152-डी पर गोवंश से भरे कैंटर को पकड़ा; 2 आरोपी गिरफ्तार

Karnal, Haryana:करनाल - हाइवे 152-डी पर 15 गोवंश से भरा कैंटर पकड़ा, 2 आरोपी गिरफ्तार । अंबाला से नारनौल जा रहा था गौवंश से भरा कैंटर, टायर फटने के बावजूद तस्करों ने दौड़ाया कैंटर । पकड़े गए वाहन से 14 गाय जीवित मिलीं, एक मरी हुई मिली । जिले के असंध क्षेत्र में 152-डी हाईवे पर शर्फली खेड़ी टोल के पास गौरक्षकों ने गोवंश से भरा कैंटर पकड़कर पुलिस के हवाले किया। कैंटर में कुल 15 गोवंश मिले, जिनमें 14 गाय जीवित और एक मृत थी। पुलिस ने कैंटर चालक व उसके साथ को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ 2 अक्टूबर को केस दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरक्षक दल को सूचना मिली थी कि पंजाब की तरफ से लाल रंग का टाटा अल्ट्रा कैंटर यूपी नंबर में गायों को भरकर उत्तर प्रदेश या मेवात ले जाया जा रहा है। डायल-112 पर संपर्क नहीं होने पर गौरव ने थाना असंध के प्रबंधक अधिकारी को मोबाइल नंबर पर सूचना दी। इसके बाद गौरव और उसके साथी 152-डी हाईवे पर शर्फली खेड़ी टोल से करीब 200 मीटर आगे वाहन का इंतजार करने लगे। कुछ देर बाद अंबाला की तरफ से उक्त कैंटर आया। उसे हाथ से रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। शर्फली खेड़ी टोल से करीब 500-600 मीटर आगे कैंटर के अगले टायर में पंक्चर हो गया और वाहन सड़क किनारे धंसकर रुक गया। वाहन रुकते ही दो युवक बाहर निकलकर भागने लगे। गौरव और उसके साथियों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम महेंद्र सिंह और दूसरे युवक ने कृष्ण चंद्र बताया। कैंटर की जांच करने पर उसमें गायों को बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया गया।पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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4 हजार छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति,सीएम के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 4.60 लाख छात्रों को लाभ

RavindraRavindraFollow1m ago
Kalauli Teer Danda, Uttar Pradesh:हमीरपुर - 4 हजार छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति सीएम के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 4.60 लाख छात्रों को 148 करोड़ की छात्रवृत्ति का अंतरण हमीरपुर के 55 विद्यालयों में कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण जनपद के 68 विद्यालयों के 4,031 छात्रों के खाते में भेजी गई 5.85 लाख की धनराशि आधार सीडेड बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर हुई छात्रवृत्ति की राशि जिलाधिकारी अशोक कुमार ने तीन विद्यालयों में प्रसारण व्यवस्था का किया निरीक्षण जीआईसी हमीरपुर, विद्या मंदिर इंटर कॉलेज और गायत्री विद्या मंदिर का लिया जायजा राजकीय इंटर कॉलेज में गंदगी मिलने पर डीएम ने जताई नाराजगी जिला विद्यालय निरीक्षक को साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश डीएम ने कहा - छात्रों के कार्यक्रमों में व्यवस्था सुव्यवस्थित रहे पात्र विद्यार्थियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिले छात्रवृत्ति का लाभ...
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जालौन में रेलवे स्टेशन उरई का सदर विधायक ने किया निरीक्षण,

AdityaAdityaFollow7m ago
Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में रेलवे स्टेशन उरई का सदर विधायक ने किया निरीक्षण, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने रेलवे स्टेशन पर चल कार्यो का भी किया निरीक्षण, रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और तमाम बेहतर सुविधाओं समेत रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था के किए गए इंतजाम, विधायक ने स्टेशन अधीक्षक से बातचीत कर कमियों को दुरुस्त कराने के दिए निर्देश, भाजपा विधायक ने कमियों और बेहतर रेलवे सुविधाओं को लेकर रेल मंत्री को पत्र लिखने की कही बात, विधायक ने स्टेशन अधीक्षक को ट्रेनों की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा, निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टेशन के अधिकारी कर्मचारी और जीआरपी पुलिस रही मौजूद, जालौन के उरई रेलवे स्टेशन का मामला। बाइट:- गौरीशंकर वर्मा--सदर विधायक, उरई
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भरतपुर-डीग की सियासत: विश्वेंद्र सिंह का कांग्रेस से बगावत का संकेत

Jaipur, Rajasthan:विश्वेंद्र सिंह,कांग्रेस से बगावत तक की पूरी सियासी कहानी, अब भरतपुर की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा राजस्थान की राजनीति में भरतपुर राजघराने से आने वाले विश्वेंद्र सिंह का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब चार दशक लंबे राजनीतिक सफर में विश्वेंद्र सिंह कांग्रेस, जनता दल और भाजपा—तीनों प्रमुख राजनीतिक धाराओं में रहे हैं। अब कांग्रेस नेतृत्व से टकराव और पार्टी छोड़ने की घोषणा ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। हालांकि उनके अगले कदम को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। विश्वेंद्र सिंह ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की और 1988 में भरतपुर के जिला प्रमुख बने। इसके बाद 1989 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर जनता दल का दामन थामा और भरतपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। 1993 में वे कांग्रेस में लौटे और नदबई से विधायक बने। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर भाजपा की ओर मुड़ा। 1999 और 2004 में वे भाजपा के टिकट पर भरतपुर से लोकसभा सांसद चुने गए। 2008 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी की। कांग्रेस में वापसी के बाद डीग-कुम्हेर उनकी प्रमुख राजनीतिक जमीन बनी। 2013 और 2018 में वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। 2018 में अशोक गहलोत सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। लेकिन 2020 में गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच हुए राजनीतिक टकराव में विश्वेंद्र सिंह पायलट खेमे के साथ खड़े हुए। उन्हें मंत्रीमंडल से हटाया गया और बाद में पायलट खेमे की वापसी के बाद नवंबर 2021 में फिर गहलोत मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। यही राजनीतिक पृष्ठभूमि वर्तमान विवाद को समझने में अहम है। हालिया निकाय चुनावों के बाद विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर और डीग में कांग्रेस संगठन तथा टिकट वितरण को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप रहा कि वास्तविक पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई और स्थानीय संगठन की कार्यप्रणाली पर भी उन्होंने सवाल उठाए। दूसरी ओर कांग्रेस ने उनके आरोपों को संगठन के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी के रूप में देखा। विवाद तब और बढ़ा जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विश्वेंद्र सिंह आमने-सामने आ गए। डोटासरा ने पहले कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आई बातों के आधार पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता और विश्वेंद्र सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। इसके बाद कांग्रेस अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में पार्टी कार्यक्रमों से दूरी, निकाय चुनाव में सक्रिय सहयोग नहीं करने, स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाने और डोटेसरा के खिलाफ कथित बयानबाजी समेत कई आरोप लगाए गए। कांग्रेस ने भरतपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के नाम वापस लेने के मामले में भी विश्वेंद्र सिंह की भूमिका पर सवाल उठाया। यह कांग्रेस का आरोप है, जबकि विश्वेंद्र सिंह ने स्थानीय संगठन की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठाते हुए अपना पक्ष रखा है। इसके बाद 2 अक्टूबर को विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस से अलग होने की घोषणा कर दी और स्वाभिमान को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हैं। भरतपुर में क्या है बड़ा सियासी सवाल? विश्वेंद्र सिंह के मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनका भरतपुर-डीग क्षेत्र में लंबे समय से बना राजनीतिक आधार है। वे यहां से तीन बार लोकसभा सांसद और कई बार विधायक रह चुके हैं। इसलिए उनका कांग्रेस से अलग होना केवल संगठनात्मक विवाद के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि स्थानीय राजनीति में इसके संभावित प्रभाव पर भी चर्चा है। हालांकि इसका वास्तविक राजनीतिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि विश्वेंद्र सिंह के साथ स्थानीय स्तर पर कितने नेता और कार्यकर्ता खड़े होते हैं और उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होता है। उनका भाजपा से पुराना रिश्ता भी इस पूरे घटनाक्रम को अलग राजनीतिक संदर्भ देता है। वे भाजपा के टिकट पर दो बार भरतपुर से लोकसभा सांसद रहे हैं। यही वजह है कि कांग्रेस से अलग होने के बाद उनके अगले राजनीतिक विकल्पों को लेकर अटकलें स्वाभाविक रूप से तेज हुई हैं। लेकिन किसी संभावित पार्टी में वापसी को अभी तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी। कुल मिलाकर, विश्वेंद्र सिंह का मौजूदा विवाद केवल डोटासरा बनाम विश्वेंद्र का व्यक्तिगत टकराव नहीं है। इसके केंद्र में भरतपुर-डीग का स्थानीय संगठन, टिकट वितरण, पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और विश्वेंद्र सिंह की भविष्य की राजनीतिक दिशा जैसे कई सवाल हैं। आने वाले दिनों में उनका अगला कदम और स्थानीय संगठन की प्रतिक्रिया ही इस विवाद की राजनीतिक दिशा तय करेगी.
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फिरोजाबाद के मजदूर 2027 में मजदूरी-स्वास्थ्य महंगाई पर सरकार से जवाब चाहते

Firozabad, Uttar Pradesh:चुनावी चाय आपकी राय के इस एपिसोड में हम पहुंचे हैं फिरोजाबाद। फिरोजाबाद को कांच नगरी के नाम से जाना जाता है, यहां हाथों से बनी काँच की चूड़ी के कारण इसे सुहाग नगरी भी कहा जाता है। यह जिला आजादी के समय से ही आगरा और कानपुर के बीच एजुकेशन को लेकर बड़ा हब रहा है। इतना ही नहीं फिरोजाबाद जिला आजादी के बाद औद्योगिक मामलों में भी काफी चर्चा में रहा क्योंकि उस जमाने की हिंद लैंप फैक्ट्री एशिया की मानी हुई फैक्ट्रीयों में शामिल थी और यही वजह रही कि इस शहर ने कारीगरी के क्षेत्र में कुशलता हासिल की और काँच नगरी के नाम से अपनी पहचान बनाई। यहाँ पर मौजूद लगभग 300 कारखाने में लाखों मजदूर काम करते हैं। इन मजदूरों की अपनी समस्याएं हैं जिन्हें लेकर आज हम चुनावी चाय आपकी राय कार्यक्रम के तहत इन मजदूरों से आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मन टटोलنے کا काम کر रहे हैं। جب ہم نے ان سے بات کی تو کمोवश इन सभी کی ایک ہی परेशानी है कि इन्हें प्रॉपर मजदूरी नहीं मिल रही है, फैक्ट्री में कारखानेदारों द्वारा उनकी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी हो रही है, और साथ ही स्वास्थ्य, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं को लेकर मजदूर मुखर हो रहे हैं और उनका मानना है कि 2027 में जिसकी भी सरकार आए उसे इन मूलभूत सुविधाओं और समस्याओं पर सोचना पड़ेगा。
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक-बस टक्कर, दो चालकों की मौत समेत कई घायल

Barabanki, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग बाराबंकी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक-बस की टक्कर सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, कई घायल 80 यात्रियों को लेकर बिहार जा रही थी बस ड्राइवर अजय और दीप चंदर की दर्दनाक मौत हादसे में क्लीनर समेत आधा दर्जन यात्री घायल हैदरगढ़ के सुबेहा थाना क्षेत्र में गेरांवा गांव के पास हादसा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खड़ी डबल डेकर बस में ट्रक की टक्कर, दो चालकों की मौत बाराबंकी में सुबेहा थाना क्षेत्र में आज सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी डबल डेकर बस में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बस के दोनों चालकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार यात्री घायल हुए। इनमें तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें तिलोई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 52.7 पर सुबह करीब पांच बजे हुआ। दिल्ली से बिहार जा रही बस में करीब 80 यात्री सवार थे। बस खड़ी कर दोनों चालक पीछे के टायर की जांच कर रहे थे, तभी ट्रक ने टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान अक्षय कुमार यादव (25), निवासी जठीय, मधुबनी और बीरचंद्र राय (45), निवासी करहरिया बुजुर्ग, गुरौल, बिहार के रूप में हुई। घायलों में राहुल मंडल (24), निवासी डेडवा, अररिया; अजय कुमार बिंद (24), निवासी परसौनी, गोपालगंज; मदन कुमार (40), निवासी छत्तापुर, सुपौल और डब्लू (30), निवासी परसौली, गोपालगंज शामिल हैं। राहुल, अजय और मदन को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जबकि डब्लू को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर अफरा-तफरी रही।
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डोटासरा ने पंचायत चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपैट लगानी की मांग की

Sikar, Rajasthan:सीकर डोटासरा ने पंचायत चुनावों में ईवीएम पर वीवीपैट मशीन लगाने की मांग की कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बीकानेर जाते समय आज कुछ समय के लिए सीकर के फतेहपुर में रुके, जहां कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने फतेहपुर विधायक हाकम अली के नेतृत्व में माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में पंचायत चुनाव को लेकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा सवाल उठाया है। गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि आज पंचायत घोषणा हो रही है लेकिन हमने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि ईवीएम के साथ वीवीपैट जरूर लगाई जाए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि वोटिंग मशीन के साथ विविपेट जरूर लगेगी लेकिन निकाय चुनाव में भी ऐसा नहीं हुआ। सीकर की फतेहपुर में मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा बिल्कुल साफ होनी चाहिए और वीवीपैट लगाकर ही चुनाव होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। निकाय चुनाव में जिस तरह से सरकार ने पुलिस और प्रशासन के तंत्र को इस्तेमाल किया वैसा ही अब पंचायत चुनाव में करना चाह रही है। अभी से उन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के नाम पूछे जा रहे हैं जो प्रधान और जिला प्रमुख के दावेदार हो सकते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को यही टास्क दिया गया है और इसी के आधार पर उनकी पोस्टिंग की जाएगी। सीकर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे को लेकर डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री आते हैं कुछ घोषणा करके जाते नहीं इससे अच्छा तो उनका फोटो ही लगा लो हम तो मान लेंगे मुख्यमंत्री है। सरकार का आदेश ज्यादा समय बीत चुका है और अब सरकार की विदाई के दिन शुरू हो चुके हैं
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आईएमए पीलीभीत की नई कार्यकारिणी का गठन, डॉ. पी.एन. सक्सेना अध्यक्ष और डॉ. राकेश सिंह सचिव निर्वाचित।

FKFirasat KhanFollow14m ago
Puranpur, Uttar Pradesh:पीलीभीत में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। सत्र 2026-27 के लिए डॉ. पी.एन. सक्सेना को अध्यक्ष और डॉ. राकेश सिंह को सचिव चुना गया है। चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के संयोजक डॉ. प्रमोद अग्रवाल की देखरेख में संपन्न हुई। वीओ— आईएमए पीलीभीत की नई कार्यकारिणी में डॉ. एस.के. अग्रवाल को पैट्रन, डॉ. भारत सेठी को आईपीपी और डॉ. एस.के. मित्रा को प्रेसिडेंट इलेक्ट बनाया गया है। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. शैलेन्द्र गंगवार और डॉ. रश्मि सेठी को दी गई है। वहीं डॉ. उपेन्द्र नाथ मिश्रा कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। संयुक्त सचिव के रूप में डॉ. भरत कंचन और डॉ. शान्तनु सिंह को जिम्मेदारी मिली है। केंद्रीय परिषद सदस्य के तौर पर डॉ. प्रमोद अग्रवाल और डॉ. नितिन मलिक को चुना गया है। जबकि राज्य परिषद सदस्य के रूप में डॉ. महेश चन्द्र, डॉ. जे.एन. मिश्रा और डॉ. दीपक अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईएमए की विभिन्न समितियों में भी चिकित्सकों को दायित्व दिए गए हैं। सांस्कृतिक समिति, स्पोर्ट्स कमेटी, साइंटिफिक कमेटी के साथ एथिकल और लीगल कमेटी में भी चिकित्सकों को शामिल किया गया है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद चिकित्सकों ने संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के साथ चिकित्सा जगत के हितों, सेवा, सुरक्षा और चिकित्सकों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। नई टीम के कार्यकाल 2026-27 में आईएमए पीलीभीत की ओर से चिकित्सा, सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को गति देने की उम्मीद जताई गई है।
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गणेश्वर गालव गंगा तीर्थ कुंड में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत

Sikar, Rajasthan:जिला: सीकर विधानसभा: नीमकाथाना लोकेशन: नीमकाथाना, सीकर कुंड में डूबने से युवक की मौत。 गणेश्वर तीर्थ धाम की है घटना。 घटना को लेकर मौके पर हुई लोगों की भीड़ जमा。 सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके के सदर थाना क्षेत्र के गणेश्वर गांव स्थित प्रसिद्ध गालव गंगा तीर्थ धाम के कुंड में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक स्नान करने के लिए कुंड में उतरा था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में जा गिरा और डूब गया।जानकारी के अनुसार आगरी गांव की डूंगरी की ढाणी निवासी महेंद्र सिंह (18) पुत्र गोकुल सिंह सुबह गणेश्वर गालव गंगा तीर्थ धाम पहुंचा था। वह कुंड में स्नान करने के लिए सीढ़ियों से नीचे उतरा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह कुंड के गहरे पानी में डूब गया। हादसे के समय कुंड में कोई अन्य व्यक्ति स्नान नहीं कर रहा था।सुबह करीब 8:30 बजे कुछ युवक कुंड में स्नान करने पहुंचे। इस दौरान उन्हें कुंड की गहराई में महेंद्र सिंह का शव दिखाई दिया। युवकों ने उसे बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। निजी चिकित्सकों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने युवक को सीपीआर दी। इसके बाद उसे तत्काल नीमकाथाना जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को नीमकाथाना जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।बताया जा रहा है कि महेंद्र सिंह आईआईटी की तैयारी कर रहा था और नीमकाथाना में कोचिंग कर रहा था। उसके पिता गोकुल सिंह किसान हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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