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RKRAJESH KATARIAFollow15 Aug 2024, 09:33 am
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AI और डेटा से बदलेगी राजस्थान की ई-गवर्नेंस, 2047 की दिशा साफ

Jaipur, Rajasthan:एंकर-कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी कतारें और फाइलों का इंतजार…लेकिन अब शासन का चेहरा बदल रहा है। जयपुर में आज से शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देश के डिजिटल भविष्य की तस्वीर सामने रखी गई। जहां बात सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि ऐसी गवर्नेंस की हो रही है जो AI से चलेगी, डेटा के आधार पर फैसले लेगी और सीधे आम आदमी तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए स्मार्ट राजस्थान ऐप और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत कर राजस्थान के डिजिटल सफर को नई दिशा दी। वीओ-1-राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी......लेकिन वर्ष 2014 के बाद जनधन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म किया। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को देश के बड़े बदलावों में शामिल बताते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस आने वाले समय की जरूरतों को दर्शाती है...एआई और डेटा आधारित व्यवस्था से सरकारी फैसले ज्यादा पारदर्शी और जरूरत के हिसाब से लिए जा सकेंगे। डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राजस्थान में राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने करीब ढाई से तीन लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी 2026 लागू की गई है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले दो साल में 4 हजार से बढ़कर 8500 से अधिक हो गई है। आई-स्टार्ट के जरिए युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य में हजारों सरकारी भवनों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और ई-मित्र के जरिए 900 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन और जियो स्पेशियल सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों के तहत राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्टॉल्स पर ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी ली। बाइट-भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
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मेड़ता में कालिका यूनिट से महिलाओं की सुरक्षा, 6 से 10 बजे तक गश्त

Nagaur, Rajasthan:मेड़ता पुलिस ने कालिका यूनिट का गठन कर शहर में होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। आठ महिला पुलिस कर्मियों की दो टीमें बनाकर सुबह 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक दो शिफ्ट में शहर के उन क्षेत्रों में गश्त की जाएगी जहां छेड़खानी की वारदात होने की आशंका बनी रहती है। पुलिस अधीक्षक रामकरण मलिंडा में कालिका यूनिट गठन के बारे में बताया कि कालिका यूनिट कंट्रोल रूम और पुलिस थाने के निर्देश पर चिन्हित किए गए स्थान पर गश्त करते हुए शहर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। कालिका यूनिट गठन के साथ अब मनचलों के खिलाफ कार्रवाई होना निश्चित हो गया है।
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AI-आधारित डिजिटल गवर्नेंस से राजस्थान और देशभर में शासन की नई दिशा

Jaipur, Rajasthan:कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी कतारें और फाइलों का इंतजार…लेकिन अब शासन का चेहरा बदल रहा है। जयपुर में आज से शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देश के डिजिटल भविष्य की तस्वीर सामने रखी गई। जहां बात सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि ऐसी गवर्नेंस की हो रही है जो AI से चलेगी, डेटा के आधार पर फैसले लेगी और सीधे आम आदमी तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए स्मार्ट राजस्थान ऐप और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत कर राजस्थान के डिजिटल सफर को नई दिशा दी। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी……लेकिन वर्ष 2014 के बाद जनधन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म किया। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को देश के बड़े बदलावों में शामिल बताते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस आने वाले समय की जरूरतों को दर्शाती है…एआई और डेटा आधारित व्यवस्था से सरकारी फैसले ज्यादा पारदर्शी और जरूरत के हिसाब से लिए जा सकेंगे। डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राजस्थान में राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने करीब ढाई से तीन लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी 2026 लागू की गई है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले दो साल में 4 हजार से बढ़कर 8500 से अधिक हो गई है। आई-स्टार्ट के जरिए युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य में हजारों सरकारी भवनों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और ई-मित्र के जरिए 900 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन और जियो स्पेशियल सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों के तहत राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्टॉल्स पर ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी ली。 सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि तकनीक उपलब्ध होना और तकनीक के जरिए बेहतर शासन देना, दोनों अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी तकनीक थी, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में बदलाव नहीं आया था। कई बार वेबसाइट तक क्रैश हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि जैसे सड़क और बिजली का नेटवर्क जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर है, वैसे ही अब डिजिटल सिस्टम भी कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुका है। उन्होंने कहा कि UPI आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है और एक महीने में 3 बिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार कर चुका है। लेकिन असली चुनौती यह है कि सरकारी सेवाएं नागरिकों तक खुद पहुंचें, न कि नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें। एआई के जरिए समस्याओं का पहले अनुमान लगाया जा सकता है। राठौड़ ने उदाहरण देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में AI की मदद से स्कूल ड्रॉपआउट के कारणों की पहचान की गई, जिसमें सामने आया कि कई बच्चों के स्कूल छोड़ने की वजह सुविधाओं की कमी थी। इसके बाद जरूरी सुधार किए गए। उन्होंने कहा कि AI से अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है, लेकिन मशीन के फैसलों पर मानवीय निगरानी जरूरी है। अगर किसी जरूरतमंद की पेंशन तकनीकी कारणों से रुकती है तो अधिकारी के पास उसे सुधारने का अधिकार होना चाहिए। गौरतलब हैं की दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 2700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से ज्यादा वक्ता, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में AI, डीप टेक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल सुरक्षा और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा हो रही हैं। सम्मेलन के दौरान कल केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह डिजिटल सुशासन में बेहतर काम करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार भी प्रदान करेंगे。 इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव एस. कृष्णन ने कहा की अलग-अलग राज्यों में हो रहे अच्छे कामों को एक साझा मंच पर लाकर दूसरे राज्य भी उन्हें अपना सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में किए जा रहे डिजिटल प्रयोगों और सफल मॉडलों को साझा कर रहे हैं। इसके लिए एक मंच उपलब्ध कराया गया है, जहां नीतियों, तकनीकी समाधान और गवर्नेंस से जुड़े अनुभवों पर चर्चा हो रही हैं। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। AI की मदद से सरकारी सेवाओं को और तेज, पारदर्शी और नागरिकों की जरूरतों के अनुसार बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीओआईटी सचिव रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त हिमांशु गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों और विभागों के अधिकारी, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स प्रोफेशनल्स और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे
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चित्तौड़गढ़ में मंत्री ने शिविरों से आम जनता को योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा

Begun, Rajasthan:जिले की प्रभारी मंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान भदेसर उपखंड की सुखवाड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर तथा नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में आयोजित शहरी सेवा शिविर का अवलोकन किया. उन्होंने शिविरों में आमजन को दी जा रही सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए. इस दौरान नगर परिषद में 45 और सुखवाड़ा में 12 आवासीय पट्टों का वितरण किया गया. एक किसान को तारबंदी योजना का लाभ तथा एक बुजुर्ग को रोडवेज यात्रा सुविधा प्रदान की गई. प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से शिविरों का लाभ उठाने की अपील की.
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रांची नगर निगम की कार्रवाई: बहू बाजार से 19 दुकानों के हटने पर दुकानदार नाराज़

Ranchi, Jharkhand:रांची में आज नगर निगम की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अभियान के तहत नगर निगम ने बहू बाजार इलाके में बुलडोजर चलाकर लगभग 19 दुकानों को हटाया।हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने नाराज़गी जताई। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें 1960 से संचालित हो रही थीं और उनके परिवार की आजीविका का यही एकमात्र सहारा है। उनका आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटा दी गईं, जिससे वे बेरोजगार हो जाएंगे और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। दुकानदारों ने सरकार और नगर निगम से मांग की है कि उन्हें किसी अन्य स्थान पर दुकान आवंटित की जाए, ताकि उनका रोजगार बना रहे。
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मधुबनी के गैवीपुर में चोरों ने ताला तोड़ लाखों के आभूषण-नकद लूटे

Madhubani, Bihar:मैथुबनी में बेखौफ चोरों ने घर का ताला तोड़ उड़ाए लाखों के आभूषण और नकदी, घटना बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के गैवीपुर गाँव की है। पीड़ित परिवार शादी समारोह में शामिल होने गया था, इसी दौरान चोरों ने घटना को अंजाम दिया है। गैवीपुर गाँव निवासी सुजय कुमार साफी पूरे परिवार के साथ 30 जून को घर में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहाँ शादी समारोह में शामिल होने गए थे। जब वे 1 जुलाई को सुबह वापस लौटे, तो घर का नजारा देख पैरों तले जमीन खिसक गयी। मुख्य द्वार और चारों कमरे का ताला टूटा हुआ था और आलमारी को भी तोड़ा गया था। घर में सारा सामान बिखरा पड़ा था। पीड़ित सुजय कुमार साफी ने बताया कि चोरों ने घर के तीन कमरों को खंगाला। चोरी गए सामानों में 5 लाख नगद और 50 लाख से अधिक का आभूषण है। इतनी बड़ी मात्रा में आभूषण और नकदी की चोरी से परिवार सदमे में है। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दिया और थाना में मामला दर्ज कराकर अपराधियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों के गिरोह को जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
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भारत- पाकिस्तान ने हिरासत में नागरिकों और मछुआरों की सूची साझा की

Noida, Uttar Pradesh:विदेश मंत्रालय: भारत और पाकिस्तान ने आज नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक चैनलों के ज़रिये एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद आम नागरिकों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया।भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 386 आम नागरिकों और 53 मछुआरों (जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है) की सूची साझा की। पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 52 आम नागरिकों और 198 मछुआरों (जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का संदेह है) की सूची साझा की। भारत ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह सभी भारतीय और भारतीय होने के संदेह वाले कैदियों की रिहाई और भारत वापसी तक उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करे।
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एसएसबी के 70 से अधिक जवानों ने डॉक्टर्स डे पर रक्तदान किया

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां नरकटियागंज में डॉक्टर्स डे के अवसर पर एसएसबी की 44 वीं बटालियन ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया, इस शिविर में एसएसबी के 70 से अधिक जवानो और अधिकारियों ने रक्तदान किया। एसएसबी के कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी ने बताया कि एसएसबी सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों के कल्याण और सामाजिक सरोकार में अग्रणी भूमिका में रहती है। आज के शिविर में 70 से अधिक जवानो ने रक्तदान किया है जिससे आपातकाल परिस्थितियों में सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान करने वाले सभी जवानों को कमांडेंट से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह शिविर रोटरी क्लब के सहयोग से आयोजन किया गया।
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