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इंटर्न डॉक्टरों की स्टायफंड बढ़ाने की मांग पर राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उग्र प्रदर्शन

Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज आठवां दिन है। स्टायफंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने बुधवार को शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी मांग जल्द पूरी करने की मांग उठाई। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में महज 15 हजार 900 रुपये प्रतिमाह स्टायफंड दिया जा रहा है, जो दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम है। उनका कहना है कि देश के कई राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों को करीब 30 हजार रुपये तक का मासिक स्टायफंड दिया जा रहा है, ऐसे में छत्तीसगढ़ में उन्हें कम राशि क्यों दी जा रही है। इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांग को लेकर अब आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। शहर में निकाली गई रैली के दौरान उन्होंने सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। वहीं, इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने का दावा किया जा रहा है। हालांकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीआरओ डॉ. पवन जेठानी का कहना है कि हड़ताल का अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टर प्रशिक्षु चिकित्सक हैं और अस्पताल में उनकी सेवाओं के विकल्प के तौर पर व्यवस्था की गई है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। ऐसे में अब निगाहें सरकार पर हैं कि स्टायफंड बढ़ाने की इस मांग पर सरकार कब तक फैसला लेती है और हड़ताल को समाप्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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मॉडल सदर अस्पताल में युवक की मौत के बाद बवाल, सेवाएं 12 घंटे ठप

Munger, Bihar:मॉडल सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने चिकित्सकों और कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद अस्पताल की इमरजेंसी सेवा लगभग 12 घंटे तक बाधित रही। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। सदर प्रखंड के कटरिया पंचायत के सीताकुंड कल्याणचक निवासी स्वर्गीय विशेश्वर यादव के पुत्र नीरज कुमार (28) को वायरल बुखार था। मंगलवार की सुबह वह इलाज कराने मॉडल सदर अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया और आवश्यक जांच कराने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार शाम में जांच रिपोर्ट आने पर पता चला कि नीरज का प्लेटलेट्स स्तर काफी कम है। इसके बाद चिकित्सकों ने प्लेटलेट्स चढ़ाने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक से दो यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने के बदले दस हजार रुपये की मांग की गई। राशि की व्यवस्था करने के बाद प्लेटलेट्स चढ़ाया गया। परिजनों के अनुसार पहली यूनिट चढ़ाने के बाद मरीज की स्थिति सामान्य थी, लेकिन दूसरी यूनिट चढ़ाए जाने के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। उनका कहना है कि मरीज को ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया, लेकिन सिलेंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं थी। परिजनों ने चिकित्सकों, कर्मियों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एएनएम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। परिजनों का आक्रोश बढ़ने पर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक, एएनएम और अन्य कर्मी वहां से हट गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धन राज निप्पाणीकर के निर्देश पर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्वजीत कुमार तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए। मृतक की पत्नी नेहा कुमारी, मां निरजना देवी और फुफेरा भाई ने बताया कि नीरज परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। वर्ष 2018 में उसका विवाह हुआ था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। बचपन में ही उसके पिता का निधन हो गया था। मजदूरी कर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इधर, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्वजीत कुमार तिवारी ने बताया कि मृतक के परिजनों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तत्काल तीन हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पारिवारिक लाभ सहित अन्य सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों एवं कर्मियों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जबलपुर में वृद्ध दंपत्ति को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों की ठगी: पुलिस जांच जारी

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर में डिजिटल अरेस्ट कामामला वृद्ध दंपत्ति को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है सिविल लाइन इलाके के रहने वाले प्रकाश पाल को जुलाई के लास्ट वीक में फोन आया कि आप मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स के केस में शामिल रहे हैं जिसके बाद प्रकाश पाल और उनकी पत्नी डर गई। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट किया गया और लगभग एक सप्ताह तक उन्होंने इस बात को किसी से नहीं बताया। यही नहीं बुजुर्ग दंपति ने लगभग 21 लाखरुपए की एफडी तुड़वाकर ठगो के खाते में जमा करवा दीm यही नहीं उनसे 99 हजार लगभग ऑनलाइन भी ट्रांसफर करवाए गए। बताया जाता है कि बुजुर्ग के दंपति की एक बेटी है जो बाहर रहती है जब बेटी वापस आई तब पूरी घटना का पता चला कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया था अपने साथ हुई ठगी के मामले को लेकर और उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत की है। सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ठगों की तलाश में लग गई है गौरतलब है की जबलपुर मे डिजिटल अरेस्ट के मामले पहले भी आ चुके हैं तमाम जागरूकता के बाद भी लगातार डिजिटल अरेस्ट के सामने आ रहे हैं फिलहाल सिविल लाइन पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटीहै
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सीकर के लक्ष्मणगढ़ में थार गाड़ी सवार युवकों ने बुजुर्ग से रुपये व मोबाइल छीन लिए

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में बगड़ी रोड़ पर एक थार गाड़ी में सवार युवकों ने लाख की चूड़िया बेचने वाले बुजुर्ग को लिफ्ट देकर उसके साथ मारपीट कर रुपये और मोबाइल छीन लेने का मामला सामने आया है। सिराजुद्दीन मणियार, लक्ष्मणगढ़ शहर वार्ड संख्या 22, जो बगड़ी मोड़ से टीबा की ढाणी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था, ने पुलिस को बताया कि थार गाड़ी में बैठने के बाद वे लुटेरों ने मारपीट की और 20 हजार रुपए व मोबाइल छिनकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल कराकर जांच शुरू कर दी।
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जयपुर चांदपोल मंडल अध्यक्ष पद विवाद कोर्ट तक पहुँचा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में भाजपा चांदपोल के मंडल अध्यक्ष पद को लेकर विवाद. कोर्ट तक पहुंचा मामला. कपिल गुर्जर का आरोप- बिना नोटिस और सुनवाई के पद से हटाने की कार्रवाई की गई. 2 अगस्त 2026 को कैलाश टेकवाल की नियुक्ति करने पर उठाए थे सवाल. चांदपोल मंडल अध्यक्ष को लेकर आज बीजेपी प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक. प्रदेश महामंत्री तक पहुंचा मामला. बीजेपी जयपुर शहर अध्यक्ष अमित गोयल, किशनपोल से बीजेपी प्रत्याशी चंद्र मनोहर बटवाड़ा के साथ मामले को लेकर हुई चर्चा. चंद्र मनोहर बटवाड़ा का बयान कहा- मामले को लेकर चर्चा हुई. ये मामला आगे नहीं बढ़ेगा.
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देपालपुर के कन्या विद्यालय में बारिश से कक्षाओं में पानी, प्रशासन से सुधार की मांग

Indore, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश में छात्रों को बेहतर शिक्षा मिले उनका भविष्य सुधरे जिसे लेकर सरकार हर व्यवस्था मुहैया करा रही है तो साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार हो रहे हैं लेकिन कुछ तस्वीरें सरकार की मंशा पर पानी फेरती नजर आती है ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के देपालपुर में सामने आया जहां इन दिनों बारिश के मौसम में इंदौर के देपालपुर का शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जो की संकुल भी है और वह बदहाल स्थिति से जूझ रहा है। विद्यालय में 650 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन बारिश के दौरान कई कक्षाओं की छत से पानी टपक रहा है और जगह-जगह प्लास्टर उखड़ रहा है। वही इस स्कूल में क्लर्क है नहीं चपरासी की कमी है एक मात्र जो चपरासी है वह क्लर्क का काम करता है जिस वजह से यहां साफ सफाई भी नहीं हो पाती।एक चपरासी जो क्लर्क का काम करता था वह बायपास सर्जरी के चलते लंबी छुट्टी पर है।इसलिए यहां कर्मचारियों के वेतन भत्ते एरियर से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कमरों से लेकर बरामदे तक पानी और कीचड़ की स्थिति बन रही है, जिससे छात्राओं ओर शिक्षकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जब विद्यालय में परेशान हो रही छात्रों की जानकारी हमारे संवाददाता यत्नेश सेन को मिली तो हमारी टीम भी मौके पर पहुंची जिसकी जानकारी मिलते ही जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे जहां देखने को मिला कि चो से पानी टपक रहा है और वहीं छात्राएं पढ़ने को मजबूर है चर्चा में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल्द ही उच्च अधिकारियों तक इसकी जानकारी भेजेंगे और सुधार करवाएंगे। तस्वीरें इंदौर के देपालपुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की हैं। बारिश होते ही विद्यालय की व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आती है। कहीं छत से पानी टपक रहा है, तो कहीं भवन का प्लास्टर उखड़ रहा है। बारिश का पानी कमरों और बरामदों तक पहुंचने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि पानी टपकने के कारण कई बार उनकी किताबें और कॉपियाँ भीग जाती हैं। वहीं लगातार बारिश के दौरान कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करना भी मुश्किल हो जाता है। विद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर कक्षाओं तक बारिश के दौरान पानी और कीचड़ की स्थिति नजर आती है। वहीं कई जगह प्लास्टर उखड़ा हुआ है और खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त बताई जा रही हैं। छात्राओं ने विद्यालय परिसर में उगी झाड़ियों और साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस विद्यालय में 650 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं और ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बेटियां पढ़ने आती हैं, वहाँ बारिश के मौसम में इस तरह की स्थिति आखिर क्यों बनी हुई है? अब देखना होगा कि उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजे जाने के बाद विद्यालय भवन की मरम्मत को लेकर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है। क्योंकि यह सिर्फ एक भवन की समस्या नहीं, बल्कि सैकड़ों छात्राओं की पढ़ाई, सुविधा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़ा जनहित का मामला है।
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बैतूल के वृद्ध-विदवा पेंशन 600 से बढ़ाकर 2000-3000 रुपये की मांग

Betul, Madhya Pradesh:एंकर -मध्य प्रदेश के बैतूल में वृद्ध, विधवा और दिव्यांगो को मिल रही कम पेंशन को लेकर लोगों की आवाज़ बुलंद होने लगी है। अटल सेना ने वृद्ध ,दिव्यांग और विधवा महिलाओं के साथ कावड़ यात्रा निकाल कर प्रशासन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि पिछले 10 वर्षों से सिर्फ 600 रुपये प्रतिमाह मिल रही पेंशन को बढ़ाया जाए। अटल सेना का कहना है कि महंगाई के इस दौर में 600 रुपये प्रतिमाह में किसी भी जरूरतमंद का गुजारा संभव नहीं है। दिव्यांग और विधवा महिलाओं का आरोप है कि बीते एक दशक से पेंशन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई,जबकि जरूरतमंदों को बीमारी,दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि वृद्ध और विधवा पेंशन को बढ़ाकर 2 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, जबकि दिव्यांग महिला,पुरुष और बच्चों को 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए। इसके साथ ही यह भी मांग की गई है कि पेंशन हर महीने निश्चित तारीख पर खातों में पहुंचे, ताकि हितग्राहियों को अनिश्चितता और आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। समाज का यह वर्ग सबसे अधिक असहाय और जरूरतमंद है,इसलिए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए。
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दमोह में दो महीने में फिर टावर चढ़ा प्रेमी, शादी की मांग पर ड्रामा

Damoh, Madhya Pradesh:शादी की मांग को लेकर युवक फिर चढ़ा मोबाइल टावर पर, दो महीने में दूसरी बार हाई वोल्टेज ड्रामा.. एंकर/ एमपी के दमोह जिले में दो महीनों के भीतर दूसरी बार एक प्रेमी युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा सामने आया है जब युवक शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी बात लोगों को बता रहा था। मामला दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लाक के नीमखेड़ा गांव का है यहां आज सुबह 5 बजे एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और सुबह जब लोग अपने घरों से निकले तो युवक चीख़ चीख कर कह रहा था कि मेरी शादी करवाओ, लोगों ने ऊंचे टावर पर देखा तो ये वही लड़का था जो दोन महीने पहले भी इसी तरह से टावर पर चढ़कर अपनी शादी की मांग कर चुका था। लोगों ने समझाया लेकिन वो नहीं माना और फिर पुलिस और प्रशासन को खबर दी गई तो दोनों का अमला मौके पर पहुंचा और करीब चार घंटे जब पुलिस ने मशक्कत की तब कहीं जाकर 6 घंटे मोबाइल टावर पर बिताने के बाद युवक नीचे आया और हाई वोल्टेज ड्रामा खत्म हुआ। दरअसल नीमखेड़ा का ये युवक बीते साल गुजरात काम करने गया था वहां एक लड़की से इसका प्रेम प्रसंग शुरू हुआ और बात शादी तक पहुंच गई, लड़के के माता पिता शादी के लिए राजी है और राजी न होने की वो वजह लड़की का नाबालिग होना भी है और इन बातों को ध्यान में रखकर लड़के के माता पिता ने शादी से इंकार भी कर दिया। दो महीने पहले यानी जून के महीने में लड़की गुजरात से भागकर नीमखेड़ा पहुंच गई थी लेकिन लड़के के परिजनों ने उसके मां बाप से संपर्क करके लड़की को सुरक्षित गुजरात वापस भेजा था, और उसके बाद से लड़का शादी को लेकर इस तरह की हरकते कर रहा है। आज चले इस घंटों के ड्रामे ने पुलिस और प्रशासन को परेशान कर दिया। पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक लड़के को समझाइश दी हैं और उम्मीद है कि अब ऐसी कोई हरकत नहीं होगी।
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25 करोड़ डीपीआर के मुद्दे पर बंजार सड़कों को लेकर कांग्रेस पर आरोप

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली औट लुहरी सड़क टारिंग के लिए केंद्र सरकार के द्वारा 25 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। जिसकी डीपीआर दिल्ली पहुंचने के बाद जारी हो जाएगी। लेकिन प्रदेश में कांग्रेस के नेता इस बात को लेकर जनता को ठग रहे हैं और कह रहे हैं कि यह 25 करोड़ की राशि उनके प्रयासों से यहां पर आई है। ढालपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बंजार भाजपा के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि 2 साल पहले ही केंद्रीय परिवहन एवं सड़क मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा इस डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी और अब इस सड़क के टारिंग हुए 5 साल पूरे हो गए हैं। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि 5 साल पहले इस सड़क मार्ग पर टारिंग की गई थी और 5 साल तक ठेकेदार के पास सड़क की रखरखाव का जिम्मा था। ऐसे में पहले इस सड़क की टारिंग के लिए 14 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई थी। लेकिन आपदा के बाद ही सड़क को खासा नुकसान हुआ और अब इस राशि को बढ़ाकर 25 करोड़ कर दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस के नेता यह कह रहे हैं कि टारिंग के लिए 25 करोड़ की राशि उनके द्वारा लाई गई है जो पूरी तरह से गलत है। केंद्र सरकार के द्वारा राशि जारी की गई है और अब प्रदेश से इसकी डीपीआर केंद्रीय मंत्रालय को भेजी जानी है। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार को विकास की इतनी ही चिंता होती तो वह बंजार की 20 सड़कों की हालत को ठीक करते। उन्होंने कहा कि साल 2023 की आपदा में 20 सड़के बुरी तरह से प्रभावित हुई और आज भी 3 साल बीतने के बाद उन सड़कों पर गंतव्य स्थान तक बसें नहीं पहुंच पाती है जिसके चलते लोगों को या तो टैक्सी में सफर करना पड़ता है या फिर उन्हें पैदल ही अपने घरों तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी विधायक प्राथमिकता में चार सड़के शामिल है और उसकी एफआरए क्लीयरेंस के साथ-साथ डीपीआर भी बनकर तैयार है। लेकिन उस पर प्रदेश सरकार बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर 14 अगस्त को बंजार में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा और सरकार के नाकामियों के खिलाफ आगामी रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
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