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चितरंगी में जल संकट से निपटने के लिए वन क्षेत्र में परकोलेशन टैंक का निर्माण, जलस्तर नियंत्रण की पहल
Chitrangi, Madhya Pradesh:चितरंगी वन परिक्षेत्र में केंद्र सरकार की योजना के तहत जानवरों और रहवासियों को जल संकट से निजात दिलाने के लिए परकोलेशन टैंक का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण का उद्देश्य जल संचय कर गिरते जलस्तर को नियंत्रित करना है। वन क्षेत्र के कई हिस्सों में इस टैंक का निर्माण हो रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी चितरंगी, रवि शेखर सिंह ने इस परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।
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इटियाथोक उपडाकघर से बैग में रखी 50 हजार का नगदी भी बरामद किया है
Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। उपडाकघर से गुरुवार दोपहर को डाक विभाग के एक अभिकर्ता का बैग में रखा पचास हजार रुपया चोरी हो गया। चोरी की वारदात के बाद उप डाकघर कार्यालय में घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।सूचना पर पहुंची डायल 112 व कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में तहरीर दी है। *घटना का विवरण* इटियाथोक थाना क्षेत्र के अयाह गांव निवासी संत प्यारे तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह गुरुवार सुबह करीब दस बजे इटियाथोक उपडाकघर के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अपने बैग में पचास हजार रुपये डाकखाने में जमा करने के लिए रखे थे। *चोरी की प्रक्रिया* आरोप है, कि वह अपना बैग टेबल पर रखकर सामने काउंटर पर चले गए।थोडी ही देर बाद लौटने पर बैग में रखा सारा रुपया गायब मिला। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। *सीसीटीवी फुटेज और पुलिस कार्रवाई* इटियाथोक उप डाकघर में उप पोस्टमास्टर पद पर कार्यरत कमलेश कुमारी वर्मा ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से कई बार सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए अवगत कराया जा चुका है । मौके पर मौजूद कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा न होने से लोगों के बीच चोर उचक्कों का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि यहां किसी गार्ड की भी तैनाती नहीं है। इस घटना के बाद से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।0
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यवला में मक्का खेत के पास 25 फीट गहरा गड्ढा, स्थानीयों में हड़कंप
Yeola, Maharashtra:नासिक के येवला तालुका के नगरसुल इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुडके वस्ती पर किसान पतंग कुडके अपने मक्के के खेत में पानी देने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक खेत में जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में किसान दौड़कर पहुंचे, तो मक्के के खेत में एक बड़ा गड्ढा दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा करीब 4 से 5 फीट चौड़ा और लगभग 25 फीट गहरा है। गड्ढा अचानक बनने से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं, यहां किसी प्राचीन सुरंग या भूमिगत रास्ते के होने की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है। इस घटना के बाद किसान और आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल है। किसानों ने प्रशासन से इस जगह का तत्काल निरीक्षण कर पंचनामा करने और गड्ढे के अचानक बनने की वास्तविक वजह की जांच करने की मांग की है।0
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नायब सिंह सैनी आज प्रेस कॉन्फ्रेंस: IIT रोपड़ के साथ MoU और हाईवे बाईपास पर बैठक
Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस. सीएम की पीसी सुबह 10:00 बजे पंचकूला में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पंचमकल में होगी. सीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेवा संकल्प अभियान कार्यक्रम की जानकारी देंगे. इसके बाद सीएम नायब सिंह सैनी पंचकूला में ही सेक्टर 3 स्थित स्वर्ण जयंती (SJIFM) भवन पहुंचेंगे. सीएम की मौजूदगी में करीब 11:30 बजे तकनीकी शिक्षा विभाग और IIT रोपड़ के बीच MoU साइनिंग समझौता होगा. इसके साथ ही सीएम 12:00 बजे हरियाणा स्टेट रिसर्च फेलोज से संवाद करेंगे. सीएम दोपहर करीब 1:30 बजे वापिस चंडीगढ़ पहुंचेंगे. इसके बाद सीएम नायब सैनी हरियाणा सचिवालय में 3:00 बजे नेशनल हाईवे बाईपास प्रस्ताव को लेकर बैठक करेंगे. इसके अलावा सीएम 4:00 बजे कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक PWD B&R की सड़कों के एन्हांसमेंट को लेकर लेंगे.0
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बरसात में नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे जोखिम में
Ansar Nagar, Jharkhand:स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर चतरा : कंधे पर स्कूल बैग और सामने रसरसी नदी का पानी। पुल नहीं होने के कारण हंटरगंज प्रखंड के दंतार इलाके के स्कूली बच्चे बरसात में जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बच्चों के साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ जाती है।घंघरी से दंतार तक जाने वाली सड़क भी जगह-जगह गड्ढों में तब्दील है। इस मार्ग से दंतार, कसियाडीह, मांझगवा, बनियाबांध, लेढ़ो, कुसुम्भा, तेलियाउना, जोलडीहा, राजगुरु, कुरखेता, पंडरकोला, बघमारी समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं। बारिश में बदहाल सड़क और रसरसी नदी ग्रामीणों के लिए दोहरी परेशानी बन जाती है।ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में रसरसी नदी का जलस्तर बढ़ने पर बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बच्चे स्कूल बैग लेकर पानी के बीच से नदी पार करते हैं। पानी अधिक बढ़ने पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। कई बार बच्चों को नदी के दूसरी ओर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है।नदी पार करते स्कूली बच्चों की तस्वीरें क्षेत्र की जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है। बच्चों को नदी पार करते देख अभिभावक सहमे रहते हैं। उन्हें डर रहता है कि कहीं पैर फिसलने या तेज बहाव की चपेट में आने से कोई बड़ा हादसा न हो जाए।0
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गंगा-कोसी बाढ़ पीड़ितों पर रात की आंधी-बारिश भारी, तिरपाल उड़ गए
Katihar, Bihar:गंगा-कोसी की तबाही के बीच देर रात आंधी-बारिश का कहर क़ुर्सेला रेलवे माल गोदाम पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों के तिरपाल उड़े, सामान भींगा बाल-बच्चों को लेकर रातभर सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सेड में रहे लोग भागलपुर जिला से सटे कटिहार जिला के कुरसेला प्रखंड में गंगा-कोसी के रौद्र रूप से अभी लोग उबर भी नहीं पाए थे कि देर रात अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। घरों से पलायन कर माल गोदाम सहित अन्य ऊंचे स्थानों पर तिरपाल और तिरपाल का पाल लगाकर किसी तरह रह रहे परिवारों पर प्रकृति ने एक और कहर बरपा दिया。 तेज हवा के झोंकों से कई लोगों के तिरपाल और पाल उड़ गए। खुले आसमान के नीचे रखे कपड़े, बिस्तर, राशन और अन्य जरूरी सामान बारिश में भीग गया। अचानक आई आंधी-तूफान के बीच बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को संभालते हुए लोग सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए。 बाढ़ के कारण पहले ही घर-बार छोड़ चुके परिवारों के लिए यह रात बेहद मुश्किल रही। लोगों ने बताया कि दिनभर बाढ़ के पानी से जूझने के बाद किसी तरह रात गुजारने की उम्मीद थी, लेकिन तेज हवा और बारिश ने वह सहारा भी छीन लिया। छोटे बच्चों, बुजर्गों और महिलाओं को लेकर लोग पूरी रात परेशान रहे。 बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन से मजबूत तिरपाल, सूखा राशन, कपड़े और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश और आंधी के दौरान परिवारों को खुले में रात न गुजारनी पड़े।0
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उज्जैन नगर निगम ने डिस्पोज़ेबल ग्लास पर कार्रवाई, 90 हजार से अधिक ग्लास जब्त
Ujjain, Madhya Pradesh:दूततलाई में डिस्पोजल ग्लास के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई ट्रांसपोर्ट संचालकों के यहां से 90 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित डिस्पोजल ग्लास जब्त उज्जैन में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और डिस्पोजल सामग्री के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूततलाई क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट संचालकों के यहां जांच की। इस दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित डिस्पोजल ग्लास मिलने पर उन्हें जब्त कर लिया गया。 जांच के दौरान अग्रवाल ट्रांसपोर्ट और अशोक ट्रांसपोर्ट के यहां करीब 90 हजार से ज्यादा डिस्पोजल ग्लास मिले। ये ग्लास करीब 8 से 10 बॉक्स में रखे हुए थे। निगम की टीम ने मौके पर ही पूरी सामग्री जब्त कर ली। इसके बाद टीम ने दूततलाई क्षेत्र की अन्य दुकानों और प्रतिष्ठानों पर भी जांच की। जहां प्रतिबंधित पॉलिथीन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिली, उसे भी जब्त करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। नगर निगम का कहना है कि प्रतिबंधित डिस्पोजल सामग्री का भंडारण, परिवहन और इस्तेमाल किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा। शहर को साफ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आगे भी निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश और स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजेश गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में स्वच्छता निरीक्षक मुकेश भाटी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल रही।0
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रतलाम में आधी رات पानी के तेज बहाव से सड़कें डूबीं, पाइपलाइन फटने की आंशका
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में आधी रात करीब 1 बजे आबकारी चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक पूरे इलाके में सड़को पर पानी का तेज बहाव शुरू हो गया। आबकारी चौराहे से लेकर हाट रोड और लोहार रोड तक सड़क पर इस कदर पानी बहने लगा, मानो कुछ देर पहले ही तेज बारिश हुई हो। अचानक सड़क पर आए पानी के तेज बहाव क़ो देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। जिस जगह से पानी का तेज बहाव निकल रहा था, वहां सड़क ऊपर उठकर फट गई थी। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि जमीन के नीचे से गुजर रही बड़ी पानी की पाइपलाइन फटने के कारण सड़क पर अचानक पानी का सैलाब आया। लेक़िन लोगो ने बताया कि उस जगह पाइप लाइन नाही है पुलिस ने एहतियातन मौके पर बैरिकेडिंग कर रास्ता सुरक्षित किया और नगर निगम को सूचना दी। करीब एक घंटे तक पानी बहने के बाद आखिरकार बहाव बंद हुआ。 बाइट - शेख अजहरउद्दीन ( राहवासी बाइट - ज़मील ( राहवासी बाइट - पूलिस0
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संभल में गणेश चतुर्थी मेले की सुरक्षा के कड़े इंतजाम, डीएम-एसपी ने निरीक्षण किया
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल। चन्दौसी में कल से शुरू होगा उत्तर भारत का प्रख्यात गणेश चतुर्थी मेला। डीएम अंकित खंडेलवाल, एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने प्रशासन की टीम के साथ मेले के सुरक्षा प्रबंध और अन्य तैयारियां का निरीक्षण किया। डीएम अंकित खंडेलवाल ने मेले में लोगों की सुरक्षा और मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराये जाने के लिए तहसील प्रशासन और मेला कमेटी को सभी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद रखे जाने के निर्देश दिये। कल 12 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा श्री गणेश चतुर्थी मेला। 14 सितम्बर को निकाली जाएगी भगवान श्री गणेश की स्वचलित झांकियों की भव्य रथयात्रा। डीएम एसपी ने रथयात्रा के लिए बनाई जा रही झांकियों का भी निरीक्षण किया। गणेश मेला परिसर में बनाई गई भगवान श्री गणेश की नृत्य मुद्रा में 65 फिट ऊंची विराट प्रतिमा होगी मुख्य आकर्षण। विंगत महीने सीएम योगी ने संभल दौरे के दौरान भगवान गणेश की विराट प्रतिमा का किया था अनावरण。0
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टोंक में दूसरे चरण के मतदान से महिलाओं में उत्साह, शांतिपूर्ण मतदान
Tonk, Rajasthan:टोंक में दूसरे चरण का मतदान शुरू\nनगर परिषद क्षेत्र में मतदाताओं में उत्साह\nवार्ड 48 में महिलाओं की लंबी कतारें\nमतदान शुरू होते ही केंद्र पर बढ़ी भीड़\nपहली बार वोट देने पहुंची ज्योति महावर\nमहिलाओं ने उत्साह से किया मतदान\nशांतिपूर्ण मतदान में जुटे चुनाव कर्मी0
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दिल्ली हादसे के बाद पानीपत में जर्जर भवनों पर सख्त कार्रवाई
Panipat, Haryana:दिल्ली हादसे के बाद पानीपत जिला प्रशासन और नगर निगम ने भी शहर में खस्ताहाल और जर्जर भवनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम क्षेत्र में ऐसे 10 जर्जर भवन चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें भवन मालिकों को स्वयं गिराने या स्ट्रक्चर को सुरक्षित करने के लिए 10 दिन की मोहलत दी गई है। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम ड्यूटी मजिस्ट्रेट और संबंधित विभागों के समन्वय से इन भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव के अनुसार, जर्जर भवनों को लेकर पहले ही दो नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद भवन मालिकों को अंतिम अवसर दिया गया है। यदि भवन मालिक स्वयं भवन को नहीं गिराते या उसे संरचनात्मक रूप से सुरक्षित नहीं बनाते हैं, तो निगम की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। शहर में जर्जर भवनों की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर निगम का कार्यालय भी पालिका बाजार की उस इमारत में संचालित हो रहा है, जिसे पीडब्ल्यूडी समय-समय पर कंडम घोषित कर चुका है। निगम कमिश्नर ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए कई शाखाओं को नई इमारत में शिफ्ट किया जा चुका है। संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी की मैरिज ब्रांच और टैक्स से जुड़ी कुछ शाखाओं को भी शिफ्ट किया गया है। अगले एक से दो महीने में नगर निगम की सभी शाखाओं को नई इमारत में स्थानांतरित करने का लक्ष्य है। नीचे चल रही दुकानों को भी खाली करने के नोटिस नगरपालिका बाजार की जर्जर इमारत के नीचे चल रही दुकानों को खाली कराने के लिए एविक्शन नोटिस जारी किए गए हैं। मामला कोर्ट में भी प्रस्तुत किया गया है। निगम कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि दुकानदारों को बार-बार इमारत की जर्जर स्थिति के बारे में चेताया जा चुका है। यदि इसके बावजूद वे भवन खाली नहीं करते और कोई हादसा होता है तो इसके लिए संबंधित लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे। 22 नंबर मकान में 20-25 साल से चल रहा कोचिंग सेंटर शहर में कई जर्जर भवनों में कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। बाल विकास के पास स्थित 22 नंबर के करीब 500 गज के मकान को भी जर्जर हालत में बताया गया है। मकान मालिक सुमन चोपड़ा के अनुसार, भवन की हालत बेहद खराब है और इसे नगर निगम की ओर से भी खंडहर घोषित किया जा चुका है। मकान मालिक बोलीं- बच्चों की जान को खतरा, हादसा हुआ तो हम जिम्मेदार नहीं सुमन चोपड़ा ने कहा कि दिल्ली के हादसे के बाद परिवार और आसपास के लोगों में डर का माहौल है। जर्जर भवन में कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भवन को जल्द से जल्द खाली करवाकर गिराया जाए। उनका कहना है कि यदि भवन में कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी मकान मालिकों की नहीं होगी, क्योंकि वे पहले ही भवन खाली कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित कर चुके हैं। प्रशासन का दो टूक संदेश नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जर्जर भवनों में लोगों की जान जोखिम में डालकर गतिविधियां चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद निगम ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और संबंधित विभागों के समन्वय से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू करेगा। साथ ही भवन मालिकों को यह विकल्प भी दिया गया है कि वे स्वयं भवन गिराएं अथवा उसे स्ट्रक्चरली सेफ बनाएं।0
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उज्जैन में प्रतिबंधित प्लास्टिक-पॉलिथीन और डिस्पोज़ल पर कार्रवाई, 19,150 रुपए का जुर्माना
Ujjain, Madhya Pradesh:प्लास्टिक-पॉलिथीन और डिस्पोजल मिलने पर 19 हजार से ज्यादा का जुर्माना, 13.5 किलो सामग्री जब्त उज्जैन में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलिथीन और डिस्पोजल के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। निगम की टीम ने उन्हेल चौराहा क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर 16 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नगर निगम की टीम ने कार्रवाई से एक दिन पहले क्षेत्र में अनाउंसमेंट करवाकर दुकानदारों और लोगों को प्रतिबंधित प्लास्टिक-पॉलिथीन और डिस्पोजल का इस्तेमाल नहीं करने की समझाइश दी थी। दुकानदारों से डस्टबिन रखने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए भी कहा गया था। इसके बावजूद जांच के दौरान कई दुकानों पर प्रतिबंधित सामग्री मिली। जांच के दौरान 16 दुकानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 19 हजार 150 रुपए का जुर्माना लगाया गया। टीम ने करीब 13 किलो 500 ग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक, पॉलिथीन और डिस्पोजल भी जब्त किया। कुछ दुकानों पर कोयला भट्टी का इस्तेमाल और पर्याप्त संख्या में डस्टबिन नहीं मिलने पर भी कार्रवाई की गई। वहीं धार्मिक स्थल के आसपास गंदगी और सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा इंद्रपुरी और सेठी नगर क्षेत्र में गंदगी करने वाले रहवासियों के खिलाफ भी नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए 2500 रुपए का जुर्माना लगाया। नगर निगम का कहना है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। निगम की टीम पहले लोगों और दुकानदारों को समझाइश दे रही है, लेकिन नियमों की अनदेखी मिलने पर जुर्माने और जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। निगम ने दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि प्रतिबंधित पॉलिथीन और डिस्पोजल का इस्तेमाल या बिक्री न करें, दुकानों पर पर्याप्त डस्टबिन रखें और कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें।0
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उज्जैन महाकाल मंदिर प्रशासन ने साफ-सफाई और गुणवत्ता के कड़े निर्देश दिए
Ujjain, Madhya Pradesh:साफ-सफाई, गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश उज्जैन में महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मंदिर के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने अलग-अलग संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने चिंतामण स्थित महाकाल लड्डू निर्माण यूनिट, वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान और गौशाला पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया。 सबसे पहले प्रथम कौशिक चिंतामण स्थित लड्डू निर्माण यूनिट पहुंचे। यहां उन्होंने लड्डू बनाने की प्रक्रिया, रसोई, भंडारण कक्ष और लड्डुओं की गुणवत्ता देखी। उन्होंने यूनिट में साफ-सफाई का भी जायजा लिया और अधिकारियों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए。 इसके बाद उन्होंने वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान का निरीक्षण किया। यहां वैदिक शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। परिसर की साफ-सफाई सहित विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासक ने मंदिर समिति की गौशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गौवंश की देखभाल, उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं और गौशाला की साफ-सफाई की स्थिति देखी। उन्होंने गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के साथ ही गौशाला के आसपास की नालियों की सफाई और जरूरी सुधार कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों को तय गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और गौवंश से जुड़ी व्यवस्थाओं में साफ-सफाई, गुणवत्ता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। जहां भी कोई कमी दिखाई दे, वहां तत्काल सुधार किया जाए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर एवं उप प्रशासक सिम्मी यादव सहित मंदिर समिति के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।0
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गुरुआ के तालाब में डूबकर दो छात्राओं की मौत, शोक में गांव
Gaya, Bihar:गयाजी जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के चकपर गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। गहरे तालाब में डूबने से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छात्राओं की मौत हो गई। मृत छात्राओं की पहचान मनोज चौधरी की पुत्री सुप्रिया कुमारी और अमरेंद्र यादव की पुत्री सुहानी कुमारी (13 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों छात्राएं तारोवा मध्य विद्यालय से पढ़ाई कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज बारिश होने लगी। रास्ते में कीचड़ होने के कारण दोनों के पैर गंदे हो गए। पैर धोने के लिए दोनों नवाचक देवी स्थान के पास बने छोटे छठ तालाब के समीप गई थीं। इसी دوران पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चली गईं। घटना के बाद आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद दोनों छात्राओं को पानी से बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में दोनों को गुरुआ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर गुरुआ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजने की तैयारी में जुटी थी। दो छात्राओं की एक साथ मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मृत छात्राओं के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है。0
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उज्जैन सिंहस्थ 2028: मुआवजे पर तेजी, एलिवेटेड ब्रिज व अंडरपास में तेज़ी
Ujjain, Madhya Pradesh:सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर निर्माण कार्यों की समीक्षा, जमीन का मुआवजा जल्द बांटने के निर्देश एलिवेटेड ब्रिज, अंडरपास और सड़क निर्माण के काम में तेजी लाने पर जोर उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी कड़ी में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने शहर में चल रहे भवन, सड़क और ब्रिज निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सभी जरूरी काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान रेलवे ओवर ब्रिज और उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क के लिए जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उन्हें मुआवजा जल्द देने के निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने कहा कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों में तेजी लाई जाए, ताकि प्रभावित लोगों को उनका मुआवजा समय पर मिल सके और निर्माण कार्य भी आगे बढ़ सकें। बैठक में एलिवेटेड ब्रिज और अंडरपास के काम पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। वहीं जल संसाधन विभाग के सभी प्रोजेक्ट का निरीक्षण कर उनकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अधिकारियों से अलग-अलग निर्माण कार्यों की जानकारी ली। शिप्रा नदी में मिलने वाले ड्रेनेज को हटाने के लिए बनाई जाने वाली कार्ययोजना भी अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया है। सिंहस्थ को लेकर शहर में बड़े स्तर पर सड़क, ब्रिज और अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। प्रशासन का जोर यही है कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी काम समय पर पूरे किए जाएं।0
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आगर मालवा की महिलाएं गाय के गोबर मिट्टी से गणेश मूर्तियाँ बनाकर पर्यावरण बचाने प्रयास
Agar, Madhya Pradesh:ऐंकर - गणेशोत्सव यानी दस दिनों का वह त्यौहार जिसमें मंगलमूर्ति की स्थापना हर घर और दुकान पर की जाती है। आगर मालवा जिले की महिलाओं ने गणेशोत्सव को एक अलग रूप देने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण के वचन को स्वीकार करते हुए जिले के स्वयं सहायता समूहों की दर्जनों महिलाओं ने प्रकृति की सुरक्षा का जिम्मा अपने कंधों पर उठा लिया है। गणेश प्रतिमाओं का बजट सजने को तैयार है और महिलाएं गाय के गोबर और मिट्टी से बनी अपनी खास मूर्तियों को लेकर बाजार में जम है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा हो सके और जल प्रदूषित भी न हो। महिलाओं के मुताबिक गाय के गोबर और मिट्टी से बनी मूर्तियां घुलनशील होती है और पानी में गलने के बाद प्रकृति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाती। ग्रामीण महिलाओं की इस शानदार कोशिश को मजबूती देने और मूर्तियों में आकर्षक रंग भरने के लिए राजगढ़ जिले की सुहानी अपनी पढ़ाई छोड़ कर आगर पहुंची है। तो ग्राहकों में इन मूर्तियों को खरीदने का उत्साह है। वही स्थानीय बाजार से मुकाबला करने और महिलाओं के द्वारा निर्मित गोबर और मिट्टी से बने गणेश को अधिक प्रोत्साहन के लिए जिला प्रशासन अब सोशल मीडिया का सहारा लेने जा रहा।0
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