icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
486661
AKAdarsh Kumar GautamFollow1 Aug 2024, 01:17 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राजस्थान पुलिस: सरकारी रिकॉर्ड में दलित शब्द हटाकर अनुसूचित जाति लिखना अनिवार्य

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से अब "दलित" शब्द हटेगा। पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी करके स्पष्ट किया है कि सरकारी फाइलों, प्रमाणपत्रों और आधिकारिक पत्राचार में अब "दलित" शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसकी जगह केवल "अनुसूचित जाति" और अंग्रेजी में "Scheduled Caste" लिखा जाएगा। लेकिन सवाल ये है कि क्या अब "दलित" शब्द बोलना या लिखना पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है? क्या मीडिया भी इस शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा? आखिर इस आदेश का कानूनी आधार क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई थी? इस रिपोर्ट में आपको पूरा सच बताएंगे। राजस्थान पुलिस मुख्यालय से 2 जुलाई 2026 को एक अहम आदेश जारी किया गया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (विविध प्रकोष्ठ एवं एससी) और सिविल राइट्स शाखा की ओर से राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज आईजी, जिला पुलिस अधीक्षकों और डीसीपी को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी कामकाज में "दलित" शब्द का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। आदेश में साफ कहा गया है कि सभी सरकारी मामलों, कार्यालयीन कामकाज, अभिलेखों, प्रमाणपत्रों, सरकारी पत्राचार और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में केवल संविधान में मान्यता प्राप्त शब्द "अनुसूचित जाति" तथा अंग्रेजी में "Scheduled Caste" का ही प्रयोग किया जाए। यह आदेश नया नहीं है ….. हालांकि पहली नजर में पुलिस मुख्यालय का यह आदेश नया दिखाई देता है, लेकिन इसकी जड़ें करीब आठ साल पुरानी हैं। राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि यह निर्देश गृह विभाग के 15 जून 2026 के पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के 15 मार्च 2018 के आदेश की पालना में जारी किए गए हैं। यानी राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के पहले से लागू निर्देशों को अब दोबारा लागू करने और पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। हालांकि पुलिस मुख्यालय ने पहली बार इस तरह के आदेश जारी किए हैं। छह साल पहले केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया था। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 15 मार्च 2018 को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखा। इस पत्र में कहा गया कि अनुसूचित जातियों के लिए सरकारी दस्तावेजों में केवल संवैधानिक शब्द "Scheduled Caste" या हिंदी में "अनुसूचित जाति" का ही प्रयोग किया जाए। मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले… 1982 में गृह मंत्रालय, 1990 में तत्कालीन कल्याण मंत्रालय, और 2012 में सामाजिक न्याय मंत्रालय भी यही निर्देश जारी कर चुके हैं कि सरकारी दस्तावेजों में "हरिजन" या "दलित" जैसे शब्दों की जगह केवल संवैधानिक शब्दावली का उपयोग किया जाए। केन्द्र सरकार के पुराने निर्देश 1982 – हरिजन शब्द नहीं 1990 – केवल Scheduled Caste 2012 – निर्देश दोहराए गए 2018 – सभी राज्यों को फिर आदेश 2026 - पुलिस मुख्यालय ने जारी किया आदेश हाईकोर्ट दे चुका है फैसला …सूत्रों के अनुसार 2018 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक जनहित याचिका दायर की गई। समाजसेवी डॉ. मोहनलाल माहौर ने याचिका दायर की थी। 15 जनवरी 2018 को हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा... भारत के संविधान या किसी कानून में "दलित" शब्द का कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के लिए सरकारी कामकाज में "दलित" शब्द के इस्तेमाल से बचें। हालांकि अदालत ने किसी कानून के तहत "दलित" शब्द पर प्रतिबंध नहीं लगाया, बल्कि सरकारों को संवैधानिक शब्दावली अपनाने की बात कही। राजस्थान में पहले भी जारी किए जा चुके इस तरह के आदेश 2019 में भीलवाड़ा के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को पत्र जारी कर "दलित" शब्द का प्रयोग नहीं करने का अनुरोध किया था। वह पत्र भी 2018 के केंद्र सरकार के निर्देश और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देकर जारी किया गया था। अब यह हाेगा बदलाव ….. अब सवाल यह है कि आखिर बदलेगा क्या? सरकारी फाइल… सरकारी आदेश… एफआईआर… चार्जशीट… प्रमाणपत्र… कार्यालयीन पत्राचार… और सरकारी रिकॉर्ड… इन सभी में अब "दलित" की जगह "अनुसूचित जाति" लिखा जाएगा। अंग्रेजी में केवल "Scheduled Caste" शब्द का उपयोग किया जाएगा। यह उठ रहे हैं सवाल ? ..... सबसे बड़ा सवाल यही है... क्या अब मीडिया "दलित" शब्द नहीं लिख सकेगा? क्या आम लोग इस शब्द का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे? दरअसल, पुलिस मुख्यालय के आदेशों में मुख्य फोकस सरकारी दस्तावेजों, आधिकारिक रिकॉर्ड, प्रमाणपत्रों और सरकारी पत्राचार पर है। पुलिस का आदेश सीधे तौर पर सरकारी कामकाज और आधिकारिक दस्तावेजों के लिए जारी किया गया है। इस आदेश के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज हो सकती है।
0
0
Report
Advertisement

गजरौला में चोरों के हौसले बुलंद ताला तोड़कर करंट मशीन बैटरी चोरी पर किया हाथ साफ

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollow7m ago
Gajraula, Uttar Pradesh:अमरोह:- जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला ख्यालीपुर ढाल के पास का है, जहां खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई करंट वाली मशीन और बैटरी को अज्ञात चोर ताला तोड़कर चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर किसान के होश उड़ गए। पीड़ित किसान का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आसपास के कई किसानों के खेतों से करंट मशीन और बैटरियां चोरी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं हो सका है। लगातार हो रही चोरियों से क्षेत्र के किसानों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित ने मामले की सूचना गजरौला पुलिस को दे दी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू करने की बात कही है। वहीं, एक के बाद एक हो रही चोरी की वारदातों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो चोरों के हौसले और बढ़ सकते हैं।
0
0
Report

योगी का पौधारोपण कार्यक्रम: जनता दर्शन स्थगित, पर्यावरण बचाने की बड़ी पहल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नियमित जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ-2026 में मुख्यमंत्री की सहभागिता के चलते श्री गोरखनाथ मंदिर में सुबह होने वाला जनता दर्शन स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रविवार सुबह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के समीप पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने और कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की है। गोरखनाथ मंदिर कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, रविवार 12 जुलाई को प्रातःकाल होने वाला जनता दर्शन कार्यक्रम स्थगित रहेगा। इसकी वजह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ-2026 में शामिल होना है। मुख्यमंत्री रविवार सुबह 7:45 बजे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के समीप पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे जनभागीदारी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से पौधरोपण महायज्ञ में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
0
0
Report

गोरखपुर में विवादित पोस्टर हटाने को लेकर पुलिस-समाजवादी पार्टी के बीच नोकझोंक

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में शुक्रवार देर रात एक विवादित पोस्टर को लेकर सियासी घमासान देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर के शास्त्री चौक पर 'राम-राम जपना, चढ़ाया दान अपना' लिखा पोस्टर लगाया, जिसके बाद पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवा दिया। इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रशासन ने बिना अनुमति लगाए गए पोस्टरों को हटाने के साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। गोरखपुर के शास्त्री चौक पर शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, सपा नेता अरविंद शुक्ला और उनके समर्थक पहुंचे। यहां उन्होंने 'राम-राम जपना, चढ़ाया दान अपना' लिखे पोस्टर और बैनर लगाने शुरू किए। पोस्टर लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टर हटाने का प्रयास किया। उसी दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने विवादित पोस्टर हटवा दिए। इसके बाद शहर के अन्य स्थानों पर लगे ऐसे पोस्टर और बैनर भी अभियान चलाकर हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाना नियमों का उल्लंघन है। पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों की पहचान शुरू कर दी है और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उधर, पोस्टर में लिखे संदेश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रशासन पूरे मामले को कानून-व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक अभिव्यक्ति बता रहा है। अब पुलिस की जांच और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल विवादित पोस्टर हटाए जा चुके हैं और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बिना अनुमति पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

दतिया में भाजपा टिकट फ्रंटलाइन: लाठीचार्ज-आत्मदाह की कोशिश से बढ़ा आक्रोश

Datia, Madhya Pradesh:दतिया में भाजपा टिकट विवाद गहराया: लाठीचार्ज, पथराव, आत्मदाह की कोशिश और बाजार बंद से बढ़ा जनाक्रोश दतिया। विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद दतिया में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ आंदोलन शनिवार तक जारी रहा। विरोध के बीच बाजार बंद है और राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 4 बजे भाजपा कार्यकर्ताओं ने रामधुन शुरू की। इसके बाद लगभग साढ़े पांच बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। घटनास्थल पर पथराव भी हुआ। इस दौरान कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए, वहीं पत्थर लगने से कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घायलों को दतिया जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 20 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं का उपचार किया गया। घायल पुलिसकर्मियों का भी इलाज किया गया। उपचार के बाद अधिकांश घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटनाक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ता अनुराग शर्मा ने कथित तौर पर अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया और उनके कपड़ों से मिट्टी के तेल से भीगी शर्ट उतारकर स्थिति को संभाल लिया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल दतिया में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है और विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं, व्यापारियों द्वारा बाजार बंद रखे जाने से आंदोलन का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। उधर, पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पथराव और बल प्रयोग की घटनाओं को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। ऐसे में इस मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक पक्ष का विस्तृत बयान सामने आना अभी बाकी है। अब सभी की नजर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के अगले निर्णय पर टिकी हुई है।
0
0
Report
Advertisement

जोधपुर के काला-गोरा भेरूजी मंदिर विवाद के चलते अस्थायी बंद, भक्तों की सुविधा बाधित

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। मंडोर गार्डन स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र काला-गोरा भेरूजी मंदिर को पूजा-अधिकार को लेकर दो भाइयों के बीच चल रहे विवाद के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। विवाद बढ़ने की सूचना पर मंडोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर पर ताला लगा दिया। यह मंदिर ग्रामीण क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई परिवार अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी यहीं करवाते हैं, जबकि विवाह के बाद नवविवाहित जोड़े भी भेरूजी के दर्शन और धोक लगाने की परंपरा निभाने आते हैं। मंदिर बंद होने से श्रद्धालुओं को निराशा का सामना करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि विवाद का समाधान होने और शांति व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report

झालावाड़: शादी के विवाद में ताऊ की हत्या, भतीजे कुलदीप गिरफ्तार

Jhalawar, Rajasthan:खानपुर (झालावाड़) झालावाड़ जिले के सारोलाकलां थाना पुलिस ने गाडरवाड़ा नूरजी गांव में शादी की बात को लेकर अपने ही ताऊ की निर्मम हत्या करने के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि शादी को लेकर हुए विवाद की रंजिश में उसने ताऊ पर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। झालावाड़ एसपी अमित बुढ़ानिया ने बताया कि 9 जुलाई 2026 की रात गाडरवाड़ा नूरजी निवासी जगन्नाथ बैरवा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में 10 जुलाई को मृतक के पुत्र सत्यवान बैरवा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था, कि रात करीब नौ बजे जगन्नाथ बैरवा अपने बाड़े में घूम रहे थे। इसी दौरान उनका भतीजा कुलदीप हाथ में धारदार गंडासी लेकर वहां पहुंचा और आते ही जगन्नाथ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में जगन्नाथ गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। शोर सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, तो आरोपी वहां से फरार हो गया। घायल को तत्काल झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी भागचन्द्र मीणा एवं डीएसपी गरीमा जिंदल के सुपरविजन ने थानाधिकारी बुद्धराम के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने एफएसएल टीम की सहायता से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए तथा मुखबिर सूचना एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपी कुलदीप बैरवा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह शराब पीने का आदी है। उसके ताऊ ने अपने दोनों बेटों की शादी कर दी, लेकिन उसे कुंवारा रखना चाहता था। इसी बात से वह नाराज था। आरोपी ने बताया कि मौका मिलते ही उसने ताऊ जगन्नाथ को अकेला देखकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना के दौरान आसपास लोग जमा होने लगे तो वह मौके से फरार होकर खेतों में जाकर छिप गया। जहां पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस द्वारा हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
0
0
Report
Advertisement

समस्तीपुर डबल मर्डर: मुखिया पुत्र गिरफ्तार

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर डबल मर्डर केस में मुखिया पुत्र गिरफ्तार, चर्चित अपराधी व अवैध शराब कारोबारी प्रभात चौधरी हत्याकांड में पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई समस्तीपुर के चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर दरियापार गांव में चर्चित अपराधी, आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन मामलों के आरोपी और अवैध शराब कारोबारी प्रभात चौधरी तथा उसके सहयोगी की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखिया पुत्र रमण ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं घटना के दो दिन बाद मृतक प्रभात चौधरी के पिता ने 14 नामजद और 6 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। मृतक प्रभात चौधरी के पिता संजय चौधरी ने आवेदन में बताया कि मंगलवार शाम उनके पुत्र को नामापुर दरियापार गांव में बुलाया गया था। रात करीब नौ बजे गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। उसके साथ मौजूद एक सहयोगी भी घायल हुआ, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।एफआईआर में 14 लोगों को नामजद, 6 अज्ञात और तीन लोगों को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि प्रभात चौधरी पर पहले कोर्ट परिसर में भी गोलीबारी हुई थी और उस मामले के कुछ आरोपियों की इस हत्याकांड में संलिप्तता की आशंका जताई गई है। मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि एक माह पहले जान का खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन को आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई सुरक्षा नहीं मिली।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कल्याणपुर थाना क्षेत्र के कमरगामा गांव से बरहेता पंचायत के मुखिया के पुत्र रमण ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सदर एसडीपीओ-2 संजय कुमार के नेतृत्व में चकमेहसी पुलिस और एसटीएफ की टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।इस मामले में डीआईजी मिथिला प्रक्षेत्र मनोज कुमार ने घटनास्थलब का जांच और पुलिस पदाधिकारियों से बैठक कर जल्द मामले का खुलासा करने की बात कहा है।
0
0
Report

पंचकूला के मानिक भवन की जर्जर हालत से उठी पुनर्निर्माण की मांग

Panchkula, Haryana:पंचकूला के डीसी कार्यालय परिसर में स्थित वर्ष 1937 में निर्मित ऐतिहासिक मानिक भवन आज अपनी बदहाल स्थिति के कारण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। करीब 89 वर्ष पुरानी इस इमारत में आज भी राजस्व विभाग के पटवारी और कानूनगो अपने कार्यालय संचालित कर रहे हैं। भवन की दीवारों में दरारें, उखड़ा हुआ प्लास्टर और जर्जर ढांचा किसी बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है। रोजाना इस भवन में बड़ी संख्या में लोग जमीन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। कर्मचारियों और आम नागरिकों का कहना है कि इमारत की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन अब तक इसके पुनर्निर्माण या मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है。 स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस भवन की तकनीकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भवन की सुरक्षा का तत्काल आकलन कराया जाए और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top