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AKAdarsh Kumar GautamFollow5 Oct 2024, 02:26 am
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वांछित को गिरफ्तार कर बलुआ पुलिस कानूनी कार्यवाही में जुटी

Manoj KumarManoj KumarFollowJust now
Khandwari, Uttar Pradesh:*🔷थाना बलुआ पुलिस द्वारा दुष्कर्म के अभियोग में वांछित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।* दिनांक 01.05.2026 को पीड़िता श्रीमती नीतू देवी पत्नी श्रवण कुमार निवासी ग्राम उतड़ी, थाना बलुआ, जनपद चंदौली द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, अभियुक्त कन्हैया राम पुत्र स्व0 रामनाथ राम निवासी ग्राम उतड़ी समुदपुर, थाना बलुआ शराब के नशे में उनके घर में घुस आया और उनके साथ जोर-जबरदस्ती व छेड़खानी की। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर किसी तरह अपनी आबरू बचाई गई। उक्त घटना के संबंध में थाना बलुआ पर मु0अ0सं0 123/2026 धारा 75(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। उच्चाधिकारीगण के कुशल निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 123/2026 धारा 75(2)/64(1) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त कन्हैया राम पुत्र स्व0 रामनाथ राम निवासी ग्राम उतड़ी समुदपुर, थाना बलुआ, जनपद चन्दौली को दिनांक 31.08.2026 को समय 23:50 बजे ग्राम उतड़ी समुदपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
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नरसिंहपुर राशन फर्जीवाड़ा: 3 महीने के फिंगरप्रिंट के बदले एक महीने का राशन

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर से गरीबों के निवाले पर डाका डालने का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम कुसमी में राशन दुकान संचालक पर आरोप है कि वह बायोमैट्रिक मशीन पर 3 महीने का अंगूठा लगवा रहा है, लेकिन राशन सिर्फ 1 महीने का थमा रहा है। परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। नरसिंहपुर के सगौरिया पंचायत स्थित कुसमी गांव के करीब 100 गरीब परिवार सरकारी राशन पर निर्भर हैं。 ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सोसाइटी संचालक अभिषेक तिवारी राशन देने के नाम पर उनसे 3-3 महीने का फिंगरप्रिंट लेता है, लेकिन राशन महज एक महीने का ही देता है。 इतना ही नहीं, संचालक पर पहले से करीब ₹12 लाख की सरकारी रिकवरी भी लंबित है, जिसे कथित तौर पर खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर दबाया जा रहा है。 नाराज ग्रामीणों ने नरसिंहपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे राशन की भरपाई, 12 लाख की रिकवरी वसूली और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस फर्जीवाड़े पर कब तक एक्शन लेता है।
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ग्राम पंचायत केवरी में शराब बंदी: 1 सितम्बर से लागू, दंड के साथ

Kusu, Chhattisgarh:सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत केवरी के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर पूर्ण शराब बंदी का फैसला लिया है। गांव में 1 सितम्बर यानी आज से शराब बनाना, बेचना और पीना प्रतिबंध किया गया है। बैठक में शराबबंदी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़े आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। नियमों का लगातार उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के सामाजिक बहिष्कार का भी निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों को 31 अगस्त तक शराब और अन्य नशे के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया। इसके लिए बकायदा गांव में रैली निकाली, साथ ही वहां मौजूद लोगों ने शराब नहीं पीने का संकल्प लिया। वही बाहर से शराब पीकर गांव आने और नशे की हालत में विवाद करने वालों पर 1500 से 5000 रुपए तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। शराबबंदी के इस अभियान में महिलाओं की सबसे अधिक भागीदारी रही। गौरत है कि ग्राम पंचायत केवरी में 20 अगस्त को सरपंच मेनेजर राम, पूर्व सरपंच के प्रतिनिधि और ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से गांव को शराब मुक्त बनाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने नशा हटाओ, खुशियां लाओ, नशे से दूरी, जीवन जरूरी, नशा छोड़ो परिवार जोड़ो और नशा मुक्त बने, स्वस्थ रहे जैसे नारों के साथ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। शराब बंदी के निर्णय का पालन सुनिश्चित कराने ग्रामीणों ने ग्राम सुधार समिति का गठन किया है। समिति शराब बनाने, बेचने और पीने की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
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Omkareshwar ghats drownings rise; Congress calls for stronger safety measures

Khandwa, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान लगातार हो रहे हादसों ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 18 महीनों में नर्मदा में डूबने से 44 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों को लेकर अब कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। कांग्रेस का कहना है कि घाट पर उपस्थित नविको और एसडीआरएफ की टीम ने कई लोगों को बचाया भी है लेकिन पर्याप्त व्यवस्था होती तो अनेक श्रद्धालुओं को मौत से बचाया जा सकता था। सोमवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नर्मदा घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षित गोताखोर और होमगार्ड की तैनाती की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में ओंकारेश्वर के घाटों पर डूबने से 24 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि 1 जनवरी से 30 अगस्त 2026 तक 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सबसे खतरनाक ब्रह्मपुरी घाट सामने आया है। यहां वर्ष 2025 में 10 और वर्ष 2026 में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। यानी अकेले ब्रह्मपुरी घाट पर 17 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा अभय घाट और संगम घाट पर पांच-पांच तथा कोठी चक्रतीर्थ घाट पर भी पांच मौतें दर्ज हुई हैं। नाविक संघ अध्यक्ष कैलाश भवरिया के मुताबिक नर्मदा में पानी का बहाव कम-ज्यादा होने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। पानी कम होने पर श्रद्धालु आगे चले जाते हैं और अचानक गहराई आने से हादसा हो जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि ओंकारेश्वर जैसे बड़े धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सा और बचाव संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। वहीं कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि सिर्फ चिन्हित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। प्रशासन द्वारा जहां सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, श्रद्धालु उन्हीं स्थानों पर जाएं और प्रतिबंधित अथवा असुरक्षित क्षेत्रों में जाने से बचें।
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सिंध नदी में उफान, सनकुआं डूबा; पर्यटक उमड़ पड़े

Datia, Madhya Pradesh:उफान पर सिंध नदी, डूबा सनकुआं… मनोरम नजारा देखने पहुंच रहे पर्यटक दतिया जिले में लगातार हो रही बारिश से सिंध, महुआर और पहुज नदियां उफान पर हैं, जबकि तालाब भी लबालब भर चुके हैं। सेवढ़ा की सिंध नदी इस समय पूरे उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सनकुआं भी पानी में डूब चुका है, जिससे यहां का प्राकृतिक दृश्य बेहद मनोरम नजर आ रहा है। सिंध नदी का यह क्षेत्र रतनगढ़ माता मंदिर से लेकर सेवढ़ा तक कभी हादसों तो कभी पर्यटन के कारण चर्चा में रहता है। वर्ष 2021 में तेज बारिश के दौरान सिंध नदी पर बना पुल टूट गया था, जिससे सेवढ़ा क्षेत्र का आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब नया पुल बनकर तैयार हो चुका है और इसी वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका लोकार्पण किया, जिसके बाद आवागमन सुचारू हो गया है। वर्तमान में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। प्रशासन ने दीवारों पर चेतावनी लिखने के साथ ही लोगों को नदी के आसपास जाने से सावधान किया है। इसके बावजूद सनकुआं का विहंगम नजारा देखने लोग पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था का भी बड़ा केंद्र है सनकुआं। मान्यता है कि ब्रह्मा जी के मानस पुत्रों ने यहां तपस्या की थी। इसे सभी तीर्थों का भांजा कहा जाता है। कार्तिक माह में यहां प्रसिद्ध मेला लगता है और पर्वों पर सिंध नदी में स्नान कर श्रद्धालु धर्मलाभ लेते हैं। हालांकि नदी के वर्तमान खतरनाक जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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अज्ञात वाहन की टक्कर से मजदूर की मौत, साथी घायल; तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठा

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों औरैया से मजदूरी कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में टवली गांव निवासी 30 वर्षीय कुलदीप दोहरे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल मंटू को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस ने कुलदीप के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कुलदीप मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, घर में कोहराम मच गया। पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुलदीप की मौत से उनके तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश और घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।
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पुलिस कस्टडी से फरार आदित्य कुमार: शौचालय ले जाने के दौरान चकमा

Siwan, Bihar:सीवान के नगर थाना क्षेत्र से कल पिस्टल और गोली के साथ गिरफ्तार हुआ एक युवक आज पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। कल नगर थाना क्षेत्र से आदित्य कुमार नामक युवक को नगर थाने की पुलिस ने एक पिस्टल और गोली के साथ गिरफ्तार की थी। आज वह पुलिस कस्टडी में शौचालय जा रहा था तभी चकमा देकर फरार हो गया। कल ही नगर थाना पुलिस ने आदित्य कुमार उर्फ गणेश को उसके घर के पास गिरफ्तार एक पिस्टल और गोली के साथ गिरफ्तार किया था।आज उसने पुलिस से कहा कि शौचालय जाना है। जब उसे शौचालय लेकर जाया जा रहा था कि तभी उसने पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस मामले में नगर थाना इंस्पेक्टर अविनाश कुमार ने बताया की कल एक युवक को पिस्टल और गोली के साथ गिरफ्तार किया गया था आज उसे शौचालय ले जाने के क्रम में वह चकमा देकर फरार हो गया। मामला दर्ज किया जा रहा है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, बहुत जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मगर सवाल उठता है कि आखिर आरोपी पुलिस कस्टडी से कैसे फरार हुआ।
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तिलक नगर मार्केट सड़क धंसी, मानसून में बड़े हादसे का खतरा

Delhi, Delhi:दिल्ली के तिलकनगर मुख्य मार्किट जाने वाली सड़क धंसी। बरसात में हो सकता है बड़ा हादसा। दिल्ली की सड़के हो रही खोखली। सड़क धंसने से बढ़ सकती है मार्किट के लोगो की परेशानियां। राजधानी दिल्ली में आए दिन कहीं ना कहीं सड़क धंसने का मामला सामने आता रहता है और आज तिलक नगर के मुख्य मार्केट में जाने वाले सड़क धंस गई है। हालांकि उसके बाद खाना पूर्ति कर दी गई है और कुछ मलबा भी डालने की कोशिश की गई है। लेकिन अगर बरसात आ जाती है और सड़कों पर पानी भर जाता है तो इस सड़क पर बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है और उस दौरान अगर कोई बच्चा सड़क से गुजरा और इस गड्ढे में गिर गया तो वह निकल भी नहीं पाएगा क्योंकि यह काफी गहरा गड्ढा है और ऐसे में बड़ा हादса होने का खतरा बना रहता है हालांकि यहां से काफी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब सड़क को खोदा जाएगा उसके बाद एक महीने तक मार्किट के दुकानदारों की तो समस्या बढ़ेगी ही साथ में वहां से गुजरने वाले लोगों की परेशानियां भी बढ़ जाएंगी। और इसी के आगे सात मंजिला मंदिर भी है फ्रूट्स मार्केट भी हैं और आगे तिलक नगर मेन मार्केट भी है जहां काफी संख्या में लोगों का आगमन होता है लेकिन यह सड़क धंसने से लोगों की परेशानियां और बढ़ जाएगी जबकि अब मानसून मोड में है और अगर बरसात में सड़कों पर पानी भर जाता है तो यह बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। अब देखना यह होगा प्रशासन की आंखें कब तक खुल पाती हैं और अब इन सड़को पर कब तक कार्य चालू हो पाता है।
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तेजस्वी यादव पर निशाना: लखेंद्र पासवान और पुलिस पर राजनीतिक वार जारी

Patna, Bihar:नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज प्रेस वार्ता कर बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान पर और पुलिस पदाधिकारी पर निशाना साधा जिसका जवाब मंत्री ने खुद दिया मंत्री ने कहा तेजस्वी यादव जी के माता-पिता के रिजीन में ऐसा होता था कि किसी को अपहरण करा ली जाती थी, किसी की हत्या कराई जाती थी और मुख्यमंत्री के एक अन्य मार्ग से उसको सत्ता का संरक्षण प्राप्त होता था। अभी NDA की सरकार है। इस सरकार में न तो किसी को फंसाया जाता है और न किसी को प्रताड़ित किया जाता है। लेकिन हां, जो गलत करता है, उस पर कानून का डंडा जरूर चलता है। और जिस विषय में, अब तो यह लोग जनता ने नकार दिया है तेजस्वी यादव जी को, इनकी पार्टी को। अब इनके पास में कोई मुद्दा नहीं रह गया, विकास का मुद्दा नहीं रह गया। अब यही सब मुद्दा रह गया— जो गलत करने वाले को सपोर्ट करना। भाई, जिस मुद्दा में तेजस्वी यादव जी कह रहे हैं, जो पातेपुर विधानसभा को जिस लड़का को उन्होंने अपने कार्यालय में बुलाकर बयान दिलवाया है, मेरे विरोध में... और हमसे जो लड़ी हैं वहां तेजस्वी यादव जी के पार्टी के प्रत्याशी, उसका सब साज़िश है हमें बदनाम करने के लिए। और वहीं...लखेन्द्र पासवान मंत्री बिहार सरकार और वहां तो ऑलरेडी, आप उस पर पहले भी... और जो लड़का वहां, जिसे यूट्यूबर बता रहे हैं, वह यूट्यूबर नहीं है। तेजस्वी यादव जी के पार्टी के युवा मोर्चा का यह लड़का है। कुंदन राय नाम है इसका, कुंदन कुमार राय। युवा मोर्चा के पदाधिकारी हैं इनका। और इन पर पहले भी केस थाना में... एक दलित समाज के साथ इसने गलत किया था, तो पहले भी इन पर थाना में केस हो चुका है। और अभी बीच में भी इनके गलत का सूचना वहां के पुलिस प्रशासन को मिला था। पुलिस प्रशासन के लोगों ने सहदेई हारलोचनपुर सहदेई थाना के प्रभारी, राकेश कुमार यादव वहां के थाना प्रभारी हैं, उन्होंने इसके घर पर जा करके... और इनको घर पर से जाकर के गया तो इनको गिरफ्तारी किया। वहां क्या-क्या आर्म्स वगैरह, क्या-क्या बरामदगी हुई... उस आधार पर थाना प्रभारी और उनके जो पुलिसकर्मी हैं, वह पुलिसकर्मी के द्वारा ही, वहां के चौकीदार के द्वारा सब पर मिलाकर केस किया गया उसको। केस होने के बाद इन पर यह जो है, मजिस्ट्रेट के समक्ष इनको रखा गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष यही हुआ कि जहां जो उसको... मजिस्ट्रेट क्या है, किसी हस्ताक्षर के लेकर, इनको PR बॉन्ड पर इनको छोड़ दिया गया है। अब वहां तो कार्रवाई पुलिस की है न? अब पुलिस की कार्रवाई पर आप तिलमिला गए हैं, आप तेजस्वी यादव जी राजनीति कर रहे हैं। और जब लखेंदर पासवान को बदनाम करना, तो उनके जो प्रत्याशी हारी हैं वहां से, अब उनको लगता है जनता तो नकार दिया है, तो चलो भाई बिहार सरकार के मंत्री हैं, पातेपुर से विधायक हैं, इन्हीं को बदनाम करें। और आश्चर्य आपको होगा, जो वह व्यक्ति को PR बॉन्ड पर जिस मजिस्ट्रेट ने छोड़ा होगा... सीजर लिस्ट पर जहां उनकी बरामदगी दिखाई गई है हथियार का, तो बरामदगी में सीजर लिस्ट में खाली इस व्यक्ति का सिग्नेचर नहीं हुआ। उस ग्राउंड पर छोड़ दिया, तो यह व्यक्ति ने सैकड़ों मोटरसाइकिल लगा करके... लेकर के और कल पातेपुर में सहदेई थाना के चारों राउंड करते हुए पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और कई RJD जिंदाबाद... उस सब का विरोध करते हुए इन्होंने पूरा चौतरफी उपद्रव किया वहां। लोगों का रोड जाम किया, सरकारी काम में बाधा पहुंचाया और ऐसा लग रहा था कि पातेपुर में फिर से जंगलराज कायम कर देगा। और फिर रोड जाम करना... कानून का राज है भाई, जो गलत करेगा उस पर तो कार्रवाई होगी। पुलिस ने पिटाई की है, पुलिस ने किस परिप्रेक्ष्य में पिटाई की है? पुलिस के साथ यदि धक्का-मुक्की कीजिएगा, पुलिस के साथ जो है बेरहमी कीजिएगा, तो पुलिस फूल थोड़ी चढ़ाता है। लेकिन, मेरा मानना यह है जो यदि तेजस्वी यादव जी को अपने कार्यकर्ता को ही समझाने के बजाय... यह कुंदन कुमार राय है उनका कार्यकर्ता है, जो RJD का पोस्टर में नाम छपवाता है और इसको यूटर्बर नाम दे रहे हैं। यह यूटर्बर नहीं है, यह राजद के कार्यकर्ता हैं। और इस इन्होंने... जो देखिए, यह कानून है। तेजस्वी यादव जी को जिस प्रकार इस प्रकार का गंदा राजनीति करना शुरू कर दिए हैं, हमें यह लग रहा है कि बिहार के जनता ने उन्हें नकार दिया है। इसलिए अब उनको कुछ दिखाई नहीं देता है। अब केवल बिहार सरकार को बदनाम करो और विधायक को बदनाम करो। एक उनका भाई है, जो बिहार सरकार के कैबिनेट के मंत्री को बदनाम करते हैं, बिहार के अस्मिता को बदनाम करते हैं। और एक तेजस्वी यादव जी हैं, कोई मुद्दा नहीं है तो बता रहे थे लखेंदर पासवान माइक तोड़ने वाला विधायक। मैं सुन रहा था उनका, शर्म करना चाहिए। फिर से चाहते हैं बिहार में जंगलराज लाना? अपने माता-पिता वाला राज चाहते हैं दिखाना? बिहार में सुशासन का राज कायम रहेगा और जंगलराज बिहार में कभी नहीं आएगा।
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हांसी में जाट आरक्षण के लिए आंदोलन की चेतावनी: ओबीसी आरक्षण की मांग तेज

Bhiwani, Haryana:हांसी हांसी में जाट आरक्षण की फिर उठी हुंकार, सरकार को आंदोलन की चेतावनी 13 सितंबर को पेटवाड़ में मनाया जाएगा शहीद सुनील श्योराण का 16वां शहीदी दिवस जाट नेताओं पर भी बरसे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता, आरक्षण की नहीं करते सिफारिश, करेंगे बहिष्कार हांसी। हांसी की जाट धर्मशाला में मंगलवार को जाट समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जाट नेताओं ने सत्ताधारी पार्टियों में शामिल जाट नेताओं पर भी निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दलों के जाट नेता समाज के बीच तो जाट होने की बात करते हैं, लेकिन जाट आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के सामने मजबूती से अपनी बात नहीं रखते और आरक्षण की सिफारिश नहीं करते। इन नेताओं का हम विरोध करेंगे। बैठक में केंद्र और हरियाणा सरकार से जाट समाज को ओबीसी आरक्षण देने की मांग को लेकर भविष्य में आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। जाट नेताओं ने समाज को एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने पर जोर दिया। केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार से जाट समाज को ओबीसी में आरक्षण देने की मांग लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो आने वाले चुनावों में जाट समाज वोट की चोट करेगा। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष हरियाणा बलवान सुंडा ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर समाज एक बार फिर लामबंद हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि जल्द मांग पूरी नहीं की तो समाज को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष गंगाराम ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जाट समाज को ओबीसी आरक्षण सहित अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी इन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जाट समाज को बरगलाया है। खाप प्रवक्ता कार्यक्रम आयोजक मास्टर फूल कुमार सतरोल ने बताया कि जाट नेताओं ने कहा कि शहीद सुनील श्योराण की शहादत जाट आरक्षण आंदोलन के इतिहास का अहम अध्याय है और उनके शहीदी दिवस पर समाज को एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए। जाट नेताओं ने कहा कि समाज ने इन नेताओं को राजनीतिक ताकत दी है, लेकिन जब जाट समाज के हक की बात आती है तो ये नेता चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में ऐसे नेताओं का राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध किया जाएगा।
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कोटा नगरपालिका चुनाव: 600 नामांकन की स्क्रूटनी पूरी, 3 सितम्बर तक नाम वापसी मौका

Kota, Rajasthan:कोटा निकाय चुनाव: 548 उम्मीदवारों के 600 नामांकनों की स्क्रूटनी शुरू, 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का मौका 300 से ज्यादा निर्दलीय मैदान में; कलेक्ट्री में दस्तावेजों की जांच जारी, बागियों को मनाने में जुटे राजनीतिक दल कोटा। कोटा नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार को संपन्न होने के साथ ही चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तीन दिवसीय प्रक्रिया के दौरान कुल 548 प्रत्याशियों ने 600 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इसमें अंतिम दिन यानी सोमवार को रिकॉर्ड 503 उम्मीदवारों ने 554 पर्चे जमा करवाए। चुनावी मुकाबले में 300 से अधिक निर्दलीय प्रत्याशियों के उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। मंगलवार सुबह से कलेक्ट्री परिसर में नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जा रही है। कलेक्ट्री परिसर में सुबह से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशीों और निर्दलीयों की समर्थकों के साथ गहमागहमी बनी रही। रिटर्निंग ऑफिसर (RO) व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच-पांच वार्ड के प्रत्याशी को एक साथ बुलाकर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान प्रत्याशीों की शैक्षणिक योग्यता, आयु और अन्य जरूरी कागजातों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी एक प्रत्याशी ने एक से अधिक नामांकन भरे हैं, तो नियमानुसार उसके अतिरिक्त पर्चों को निरस्त किया जाएगा। पार्टी सिंबल को लेकर भी स्क्रूटनी के बाद स्थिति साफ होगी। यदि किसी प्रत्याशी ने दल के सिंबल पर पर्चा भरा है लेकिन समय पर सिंबल जमा नहीं करा पाया, तो उसका पार्टी वाला नामांकन खारिज कर दिया जाएगा। हालांकि, यदि उसने निर्दलीय के रूप में भी पर्चा दाखिल किया है और वह सही पाया जाता है, तो वह चुनावी मैदान में बना रहेगा। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अभ्यर्थी 3 सितंबर दोपहर 3:00 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि अंतिम रूप से कितने उम्मीदवार मैदान में रहते हैं। उधर, निर्दलीयों की भारी संख्या को देखते हुए राजनीतिक दलों ने अधिकृत प्रत्याशियों का गणित बिगड़ने से रोकने के लिए बागियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
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सीकर में गंदे पानी की निकासी के विरोध पर ग्रामीणों का प्रदर्शन; सांसद अमराराम बोले— समाधान चाहिए

Sikar, Rajasthan:सीकर में गंदे पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, सांसद अमराराम बोले- ‘लोगों का जीवन नर्क कर दिया’ नानी गांव के गंदे पानी के कच्चे डैम की समस्या के समाधान की उठाई मांग, भढाढर के ग्रामीणों ने बड़े आंदोलन के बीच चेतावनी सीकर शहर के सीवरेज और ड्रेनेज के गंदे पानी की निकासी को लेकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध बढ़ता जा रहा है. ग्राम पंचायत भढाढर के सरपंच सहित ग्रामीणों ने सीकर सांसद अमराराम के नेतृत्व में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और गंदे पानी की निकासी पर रोक लगाने तथा समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों का कहना है कि सीकर शहर का सीवरेज और ड्रेनेज का गंदा पानी नालों के जरिए समरपुरा, ढांढ की ढाणी और भूरा की ढाणी होते हुए नलकासर तक पहुंच रहा है. इससे आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बन रही है और ग्रामीणों के साथ-साथ खेती, मकानों और कारोबार पर भी असर पड़ रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ. भाढाढर क्षेत्र में ग्रामीणों का धरना भी लगातार जारी है. सांसद अमराराम ने कहा कि बारिश नहीं होने के बावजूद नालियों का गंदा पानी नानी चौराहे से लेकर भाढाढर की बस्तियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंदे पानी के कारण होटल, खेती और लोगों के घर प्रभावित हो रहे हैं तथा बच्चों के लिए स्कूल आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। अमराराम ने कहा कि यह सरकार और प्रशासन की लापरवाही है। उन्होंने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक तत्काल अस्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि गंदा पानी बस्तियों और खेतों में नहीं जाए। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि गंदे पानी की निकासी वाले नालों पर आवश्यक चैंबर बनवाए जाएं और पानी को रोककर उसका उचित निस्तारण करवाया जाए। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. बाइट - अमराराम सांसद, सीकर।
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बीकानेर निकाय टिकट घमासान: रांका-प्रभारी के बयानों में खुलासे

Bikaner, Rajasthan:महावीर रांका के टिकट मामले पर चुनाव प्रभारी का बड़ा बयान महावीर राज सैनी बोले-रांका का टिकट काटने का सवाल ही नहीं, फाइनल सूची में नाम नहीं था रांका का पलटवार-पार्टी के कहने पर ही भरा था नामांकन, सिंबल किसी और को मिलने की जानकारी से हुआ दुख दोनों तरफ से पार्टी के फैसले के सम्मान की बात, लेकिन सामने आए अलग-अलग तथ्य टिकट विवाद के बीच अब पूरे घटनाक्रम को लेकर सियासी चर्चा तेज बीकानेर निकाय चुनाव में महावीर रांका के टिकट को लेकर उठा मामला अब सियासी चर्चा का विषय बन गया है कल टिकट को लेकर तस्वीर बदली और रांका की जगह दूसरे प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा गया इसके बाद चुनाव प्रभारी महावीर राज सैनी ने पूरे मामले पर मीडिया में पार्टी की तरफ़ से बात रखी लेकिन अब महावीर रांका भी सामने आए हैं और उन्होंने चुनाव प्रभारी के बयान पर अपनी बात रखी है。 चुनाव प्रभारी महावीर राज सैनी ने कहा कि महावीर रांका का टिकट काटने का सवाल ही नहीं है क्योंकि फाइनलिस्ट में उनका नाम ही नहीं था उन्होंने कहा कि पार्टी में आवेदन करना हर कार्यकर्ता का अधिकार है और पार्टी आवेदन स्वीकार कर उस पर निर्णय लेती है सैनी के मुताबिक पार्टी ने जो निर्णय लिया है उसे सभी कार्यकर्ताओं को स्वीकार करना चाहिए उन्होंने महावीर रांका को शानदार कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने भी पार्टी के फैसले का सम्मान किया है और उनकी पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है。 अब इसी बयान पर महावीर रांका ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है रांका ने बताया कि 30 अगस्त को पार्टी के चुनाव संयोजक का फोन आया था, जिसमें अगले दिन फॉर्म भरने के लिए कहा गया। इसके बाद 31 अगस्त को जिला अध्यक्ष की ओर से भी फोन कर नामांकन भरने की बात कही गई रांका का कहना है कि पार्टी की ओर से सूचना मिलने के बाद ही उन्होंने नामांकन फॉर्म भरा।रांका ने कहा कि महावीर सैनी किस आधार पर यह बात कह रहे हैं यह वही बेहतर बता सकते हैं उन्होंने खुद को करीब 30 साल से पार्टी का सच्चा कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि वे पार्टी के नियम-कायदों से पूरी तरह परिचित हैं。 हालांकि रांका ने यह भी साफ किया कि पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है और वे पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन सिंबल किसी दूसरे प्रत्याशी को दिए जाने की जानकारी मिलने पर उन्हें दुख जरूर हुआ रांका का कहना है कि अगर नामांकन वापस लेना था तो पार्टी की ओर से पहले ही इसकी सूचना दी जा सकती थी यानी एक तरफ चुनाव प्रभारी की ओर से टिकट कटने की बात से इनकार है तो दूसरी तरफ रांका का कहना है कि पार्टी की सूचना पर ही उन्होंने नामांकन दाखिल किया था दोनों ही पक्ष पार्टी के फैसले के सम्मान की बात कर रहे हैं, लेकिन बयानों के बीच सामने आए अलग-अलग पहलुओं ने इस पूरे घटनाक्रम को चुनावी चर्चा के केंद्र में ला दिया है बाईट - महावीर राज सैनी (निकाय चुनाव प्रभारी) बाईट - महावीर रांका (पूर्व यूआईटी चेयरमैन,बीजेपी नेता )
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स्कूली ई-रिक्शा पलटना: एक छात्रा समेत कई घायल, CCTV वायरल

Bahara Boj, Uttarakhand:स स्लग- स्कूली बच्चों से भरा ई रिक्शा पलटा, छात्रा का हाथ फैक्चर, घटना सीसीटीवी में कैद ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में दोराहा रोड स्थित पल्स हॉस्पिटल के सामने उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूली बच्चों से भरा एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, ई-रिक्शा में आधा दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे सवार थे। हादसे में एक छात्रा के हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि कई अन्य बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। ई-रिक्शा पलटते ही आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को उठाया और उनकी मदद की। बताया जा रहा है कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण ई-रिक्शा अनियंत्रित हुआ और पलट गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त ई-रिक्शा के पीछे कोई बड़ा वाहन नहीं था, वरना हादसा और भी गंभीर हो सकता था। हादसे की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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5000 रुपये की कमी से वृद्ध का शव कई घंटे तक नहीं हो पाया अंतिम संस्कार

Shamli, Uttar Pradesh:शामली के मेरठ-करनाल हाईवे स्थित वृद्धाश्रम में एक वृद्ध की मौत के बाद चंद रुपयों के अभाव में कई घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। केयर टेकर दीपक कुमार शव को अपने खर्च पर शामली लाए, पर अंतिम संस्कार के लिए धनराशि न मिलने पर शव वापस वृद्धाश्रम लाना पड़ा। लगभग 20 घंटे बाद विभागीय अधिकारियों ने केयर टेकर के खाते में अंतिम संस्कार की धनराशि भेजी, जिसके बाद शव को पुनः शामली ले जा कर अंतिम संस्कार कराया गया। वृद्ध आश्रम वर्ष 2017 से समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में संचालित है और इसमें करीब 48 पुरुष व महिला वृद्ध रहते हैं। केयर टेकर के अनुसार, एक वृद्ध के लिए प्रतिदिन 112 रुपये बजट और इलाज के लिए प्रतिमाह 200 रुपये मिलते हैं। चरण सिंह वर्ष 2023 में लावारिस हालत में रेलवे स्टेशन से वृद्धाश्रम लाए गए थे और तब से वह यहीं रह रहे थे। वृद्धों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था संस्था की ओर से ही की जाती है।
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