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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow22 Aug 2024, 06:06 pm
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नागर नदी किनारे बाली कारबारी फिर सक्रिय, प्रशासन पर सवाल

Dinajpur, Rangpur Division:নাগর নদীর পাড়ে ফের সক্রিয় বালি কারবারের অভিযোগ, প্রশ্নের মুখে প্রশাসনের ভূমিকা নাগর নদীর দুই পারে অবস্থিত করণদিঘি ও রায়গঞ্জ ব্লকের বিস্তীর্ণ এলাকা। একসময় এই নদীকে ঘিরেই সক্রিয় ছিল বালি কারবারিদের একটি বড় চক্র। অভিযোগ, দীর্ঘদিন ধরে বেআইনিভাবে বালি উত্তোলনের জেরে নদীর গতিপথ বদলেছে। কোথাও কোথাও নদী ভাঙনের কবলে পড়ে নষ্ট হয়েছে কৃষিজমি। বিষয়টি নিয়ে অতীতেও একাধিকবার সরব হয়েছে জি ২৪ ঘন্টা. রাজ্যে বিজেপি সরকার গঠনের পর বেআইনি বালি উত্তোলন অনেকটাই বন্ধ হয়েছিল বলে দাবি স্থানীয়দের। কিন্তু সম্প্রতি ফের নাগর নদীর পাড়ে বালি কারবারিদের সক্রিয়তার অভিযোগ উঠেছে। সেই অভিযোগের সত্যতা যাচাই করতে রায়গঞ্জ থানার জগদীশপুর গ্রাম পঞ্চায়েতের পাঁচভায়া ও খাড়ি জগদীশপুর সংলগ্ন নাগর নদীর পাড়ে পৌঁছনো হয়। সেখানে ক্যামেরায় ধরা পড়ে বালি উত্তোলন ও পরিবহনের ছবি。 অভিযোগ, নদী সংলগ্ন এলাকায় জেসিবি মেশিন ব্যবহার করে বালি তোলা হচ্ছে। একই সঙ্গে একাধিক ট্রাক্টরে করে সেই বালি অন্যত্র নিয়ে যাওয়া হচ্ছে। ক্যামেরার ফ্রেমে একসঙ্গে প্রায় ছয়টি ট্রাক্টর ধরা পড়ে। কোনও ট্রাক্টর বালি নিয়ে এলাকা ছাড়ছে, আবার কোনওটি খালি অবস্থায় ফিরে আসছে। গোটা ঘটনায় পুরনো পদ্ধতিতেই ফের বালি কারবার চলছে বলে অভিযোগ উঠেছে。 বিষয়টি ঘিরে ইতিমধ্যেই শুরু হয়েছে রাজনৈতিক চাপানউতোর। কংগ্রেস নেতা তিলক তীর্থ ভৌমিকের অভিযোগ, নাগর নদীতে ফের বালি কারবারিদের সক্রিয়তা আগামী বর্ষায় রায়গঞ্জ ব্লকের একাধিক গ্রামকে বিপদের মুখে ফেলতে পারে। পাশাপাশি বেআইনি বালি উত্তোলনের কারণে সরকারের রাজস্বেরও ক্ষতি হচ্ছে বলে দাবি তাঁর। তাঁর কথায়, সরকার পরিবর্তনের পর মানুষ আশা করেছিলেন বেআইনি বালি কারবার বন্ধ হবে। কিন্তু একই চক্র নতুন পরিচয়ে ফের সক্রিয় হয়েছে বলে অভিযোগ。 সিপিএম নেতা তীর্থ দাসেরও অভিযোগ, বালি কারবারের পুরনো চক্রের পদ্ধতি বদলায়নি, শুধু রাজনৈতিক পতাকার রং বদলেছে। তাঁর দাবি, প্রশাসনের উচিত অবিলম্বে তদন্ত করে কঠোর পদক্ষেপ করা。 অন্যদিকে বিজেপির জেলা মুখপাত্র কেশবানন্দ পাল বলেন, বিরোধীদের অভিযোগের ভিত্তিতে নয়, তথ্যের ভিত্তিতেই প্রশাসন ব্যবস্থা নেবে। বিজেপি বেআইনি বালি পাচারের বিরুদ্ধে। বেআইনি বালি উত্তোলনের ফলে কৃষিজমির ক্ষতি হয়। সরকার পরিবর্তনের পর মাফিয়ারা গা-ঢাকা দিয়েছিল, ফের কেউ বেআইনি কারবার শুরু করলে প্রশাসন কঠোর ব্যবস্থা নেবে। বিষয়টি খতিয়ে দেখা হচ্ছে বলেও জানান তিনি。 তবে রাজনৈতিক তরাজার মধ্যেই বড় হয়ে উঠছে প্রশাসনের ভূমিকা নিয়ে প্রশ্ন। কার মদতে চলছে এই কারবার? অভিযোগের সত্যতা প্রমাণিত হলে ব্যবস্থা কবে? সব মিলিয়ে স্বাভাবিকভাবেই প্রশ্ন উঠছে—কবে শেষ হবে নাগর নদীকে ঘিরে এই সিন্ডিকেট ও মাফিয়া রাজ?
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सावन के अंतिम सोमवार पर शिखोड़ी धाम में भक्तों का उमड़ा सैलाब

Noida, Uttar Pradesh:सावन महीने के अंतिम सोमवार पर रियासी के शिखोड़ी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा परिसर भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा। दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित शिखोड़ी धाम पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की और परिवार की सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और क्षेत्र में शांति की कामना की। अंतिम सोमवार होने के चलते मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव के दर्शन और पूजा का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। दिनभर मंदिर में भक्तों की आवाजाही जारी रही। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने सावन माह को श्रद्धा और भक्ति के साथ विदाई दी।
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अर्जुन मुंडा बोले- CBI जांच से ही मामला साफ होगा

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का बयान कहा छात्रों की मांग है कि JPSC, JSSC - CGL परीक्षा की जांच CBI से की जानी चाहिए. ऐसे में झारखंड सरकार CBI जांच से क्यों भाग रही है. उन्होंने सूबे की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पूरा मामला सामने आने लगा और छात्रों ने सबूतों के साथ आंदोलन करना शुरू किया तब सरकार आनन फानन में CID जांच करना शुरू किया और गिरफ्तारी होने लगी लेकिन अगर CBI जांच होती है तो मामला यहीं नहीं रुकेगा बल्कि और आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि ये कितना तह तक अंदर गया है ये CBI जांच से ही पता चलेगा लेकिन राज्य सरकार CBI जांच की अनुशंसा नहीं कर रही है. वहीं MMDR पर JMM के आंदोलन को लेकर कहा कि ये राजनीति हो रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में खनन में कई तरह के टैक्स लग रहा था जिसे एक टैक्स के रूप में किया गया है. ऐसे में राज्य सरकार के पास ऑक्शन का भी एक अच्छा ऑप्शन भी है लेकिन सरकार ये करना नहीं चाह रही है. उन्होंने DMFT फंड के मामले को भी उठाते हुए कहा कि सरकार इस फंड का हिसाब नहीं दे पा रही है. अर्जुन मुंडा बोकारो के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए उक्त बाते कही。
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क्लिनिक में नर्स नेहा बंजारे की आत्महत्या, पुलिस हर एंगल से जांच में

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग जिले के घासीदास नगर वार्ड-23 स्थित हमर क्लीनिक में कार्यरत नर्स ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली 32 वर्षीय नर्स नेहा बंजारे का शव कमरे में फंदे से लटका मिला दरअसल नेहा बंजारे पिछले 5 सालों से इस क्लीनिक में कार्यरत थीं और 1 साल पहले ही उसकी शादी हुई थी वह क्लीनिक परिसर के एक कमरे में अपने पति के साथ रहती थीं जब पति रूम में पहुंचे तब दरवाजा अंदर से बंद था बहुत देर तक जब दरवाजा नही खुला और फोन नही उठा तो उसमें डायल 112 को इसकी सूचना दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम पहुची औऱ दरवाजे को तोड़ा गया जिसके बाद अंदर फांसी के फंदे से नर्स नेहा बंजारे का शव लटका हुआ था पुलिस ने शव को नीचे उतारा औऱ शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है फिलहाल पुलिस मामले कि हर एंगल से जांच कर रही है.
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बारिश में पुल पर बच्चों के लिए खतरा: ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से जवाब मांगा

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले के मुदई-बेलखेड़ी मार्ग से सामने आए दो डरावने वीडियो ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन पुराने इन वीडियो में लगातार बारिश के दौरान स्कूली बच्चे और बच्चियां पानी से लबालब पुल को पार करते नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे कि छोटे बच्चों को उनके परिजन गोद में उठाकर पुल पार कराने को मजबूर हैं, तो स्कूली छात्राएं भी जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की ऊंचाई कम होने के कारण थोड़ी बारिश में ही इसके ऊपर पानी बहने लगता है। यह पुल कई गांवों को जोड़ता है और बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन जाता है। अब वायरल वीडियो के बाद सवाल है—आखिर जिम्मेदारों की नजर इस खतरे पर कब पड़ेगी?
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सिकंदराराऊ में कांवड़ियों ने की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना

Mohammad RajaMohammad RajaFollow24m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ- सावन माह के अंतिम चरण में कांवड़ यात्रा के दौरान सिकंदराराऊ क्षेत्र से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। गंगाघाट से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। सिकंदराराऊ प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे। कांवड़ियों ने बताया कि प्रशासन की सतर्कता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली के कारण यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जिसका लाभ उन्हें यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से मिला। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों के बीच कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। श्रद्धालुओं ने सिकंदराराऊ प्रशासन के सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशासन की सक्रियता और समर्पण के चलते क्षेत्र में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होती दिखाई दी।
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शिवाड़ के घुश्मेश्वर मंदिर को 12वें ज्योतिर्लिंग मानने की बहस तेज

Sawai Madhopur, Rajasthan:जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव को देश के 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में माना जाता है। वर्ष भर देश के कौने-कौने से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में अपनी हाजिरी लगाकर अपनी मनौती मांगते हैं। शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर आसपास के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। श्रावण मास में यहाँ श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। ऐसे में इन दिनों शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। घुश्मेश्वर महादेव मंदिर को लेकर इतिहास भी अपने आप में अद्भुत है। मंदिर का इतिहास देव गिरी पर्वत के पास सुधर्मा नामक ब्राह्मण का है, जिनकी पत्नी सुदेहा नेघुश्मा की शादी अपने पति से करवा दी थी। घुश्मा भगवान शंकर की भक्त थीं और पुत्र रत्न की प्राप्ति के बाद सुदेहा ने अपनी बहन के पुत्र की हत्या कर शव सरोवर में फेंक दिया। भगवान शिव ने घुश्मा को आकाशवाणी से बताया कि उसके पुत्र की हत्या उसकी बहिन ने की है। घुश्मा ने कहा कि आप बस उसकी बुद्धि सही कर दें। भगवान शिव ने उसे वरदान दिया और कहा कि आज से मैं तुम्हारे नाम से इसी स्थान पर बोलूंगा और लोगों की सेवा करूंगा। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 18वीं सदी में अहिल्याबाई Holkar ने करवाया था और कहा जाता है कि शिवालय को 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पहचान दिलाने वाले दावे कई पक्षों द्वारा किए जाते हैं। श्रद्धालु श्रावण महोत्सव के दौरान मंदिर के विविध धार्मिक आयोजन देख पाते हैं। राजस्थान सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन के लिहाज से घुश्मेश्वर महादेव मंदिर को प्रदेश के प्रमुख स्थलों में स्थान मिला है और मन्दिर ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर आस्था का प्रगाढ़ केंद्र बना हुआ है এবং श्रद्धालु भोलेनाथ से अपनी मुराद पूरी होने की उम्मीद रखते हैं।
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देहरादून के सैन्य धाम पर राजनीतिक घमासान, बजट-टाइमलाइन पर सवाल उठे

Dehradun, Uttarakhand:राजधानी देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहे सैन्य धाम को लेकर सियासी संग्राम जारी है। राज्य सरकार इसे पांचवें धाम के रूप में स्थापित कर रही है, लेकिन नाम पर हो रही राजनीति चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष से ज्यादा भाजपा के नेता ही अपनी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम शुरू से चर्चाओं का विषय बना रहा है; जमीन विवाद, स्थानीय समस्याओं और बजट को लेकर भी राजनीतिक बहस चली। निर्माण 2019 में घोषित हुआ था और 15 दिसम्बर 2021 को शिलान्यास किया गया, लेकिन 2026 में भी पूरा न हो पाने की आशंका है। अनुमानित लागत 112 करोड़ बताई जा रही है। मसूरी से विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना देख रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने सैन्य धाम पर जाकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिसकी वजह से भाजापा और सैनिक कल्याण मंत्री की चिंता बढ़ी है। विधायक गणेश जोशी ने गामा पर तंज़ किया, जबकि कांग्रेस के प्रतिमा सिंह ने कहा है कि सैन्य धाम में गड़बड़ियां हैं जिन्हें सरकार उजागर नहीं कर रही है। अंतत: सैन्य धाम कब बनेगा और उद्घाटन कब होगा, इस पर स्पष्ट जवाब नहीं है, पर यह राजनीतिक मुद्दा बनना तय है।
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सावन के आखिरी सोमवार पर कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक

Haridwar, Uttarakhand:आज सावन के आखिरी सोमवार के दिन भगवान शिव की ससुराल कनखल में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भोले बाबा का शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। सुबह तड़के से शिव भक्त दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने शुरू हो गए थे। पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव सावन के महीने में अपनी ससुराल कनखल में विराजते हैं और दक्षेश्वर महादेव के रूप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं श्रावण माह की समाप्ति के बाद भगवान शिव अपने मूल स्थान कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं और वहीं पर समाधिस्थत रहते हैं। भगवान शिव को उनके भक्तों ने गंगाजल,दूध, दही, शहद,शक्कर, तिल, जौ, अक्षत, गिलोय के रस, गन्ने के रस बेलपत्र पुष्प और मिष्ठान चढाकर अभिषेक किया।28 अगस्त को रक्षाबंधन श्रावणी पर्व के दिन भगवान शिव अपनी ससुराल कनखल से कैलाश पर्वत की ओर रवाना हो जाएंगे चातुर्मास कल में आजकल भगवान शिव सृष्टि का संचालन कर रहे हैं क्योंकि 4 महीने के लिए भगवान शिव क्षीर सागर में योग निद्रा में लीन हो गए।
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