मुखी चीता का डेढ़ साल पूरा, मां ज्वाला का दुलार न मिलने से शिकार की कला में कमी
पहली भारतीय चीता मुखी 27 सितंबर को डेढ़ साल की हो जाएगी लेकिन इस दौरान उसे मां ज्वाला का दुलार नहीं मिल सका। शावक के शुरुआती डेढ़ साल में मां उसे शिकार करना सिखाती है लेकिन मुखी के साथ ऐसा नहीं हो पाया। मां ज्वाला जिस बाड़े में बंद हैं मुखी उसी के पास वाले बाड़े में है और दूर से ही मां को देखकर शिकार करने का तरीका सीख रही है। सीधे संपर्क में न रहने के कारण मुखी को न तो शिकार पकड़ने में महारत आई है और न ही उसे उठाकर ले जाने में।
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