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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow14 Oct 2024, 10:14 am
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JPSC पेपर लूट पर BJP- Congress के आरोप, स्ट्रॉन्ग रूम से प्रश्नपत्र हेरफेर का सवाल

Ranchi, Jharkhand:JPSC परीक्षा विवाद को लेकर बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि Assistant Conservator of Forests और Forest Range Officer की परीक्षा के प्रश्न-पत्र स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर उनमें बदलाव किए गए। सुधांशु त्रिवेदी ने इसे महज पेपर लीक नहीं, बल्कि “पेपर लूट” करार दिया। वहीं, सुधांशु त्रिवेदी के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिंह ने कहा कि बीजेपी की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि कांग्रेस शासित सरकार में JPSC की परीक्षाओं में पेपर लीक नहीं, बल्कि “पेपर लूट” हुई है और स्ट्रॉन्ग रूम से प्रश्न-पत्र निकालकर उनमें बदलाव किए गए। राकेश सिंह ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि लूट में भारतीय जनता पार्टी को महारत हासिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि EVM को लूटकर सरकार बनाने वाली बीजेपी को हर जगह लूट ही दिखाई देती है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे, वोट और बच्चों एवं महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार तमाम मामलों की निष्पक्ष जांच करा रही है और CID भी पूरे मामले की जांच पारदर्शिता के साथ कर रही है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि NTA से जुड़े मामलों की जांच में कथित नाकामी को छिपाने के लिए बीजेपी इस तरह के आरोप लगा रही है।
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मंडी में दिशा बैठक: कंगना रनौत ने अधिकारियों पर तीखा रुख दिखाया, वीडियो वायरल

Mandi, Himachal Pradesh:मंडी में दिशा की बैठक में कंगना रनौत का अधिकारियों पर तीखा रुख, मीटिंग का VDO वायरल मंडी में आज जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक आयोजित की गई, बैठक की अध्यक्षता मंडी की सांसद कंगना रनौत कर रही थी। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है कि इसी दौरान सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों के कामकाज को लेकर तीखे अंदाज में नाराजगी जताई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए बैठक में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक का उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना और जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करना है। सांसद ने अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति, लंबित मामलों और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए और दिए गए निर्देशों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी.
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बाढ़ग्रस्त मुंगेर में स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर पहुंचकर दवाएं बांटी

Munger, Bihar:बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, ग्रामीणों की जांच कर बांटी दवाएं डीएम के निर्देश पर गंगा पार की तीन पंचायतों समेत जमालपुर और धरहरा के प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची मेडिकल टीम मुंगेर: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और जिले में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचीं और ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गंगा पार स्थित टिकारामपुर, जाफरनगर और कुतलुपुर पंचायतों में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। टीम ने ग्रामीणों की जांच के बाद आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया और जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया।वहीं, जमालपुर और धरहरा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित पंचायतों में भी मोबाइल मेडिकल टीम को भेजा गया। टीम ने प्रभावित गांवों में घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा बीमार लोगों की जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और दूषित पानी के सेवन से बचने की सलाह दी।
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शिक्षकों के सत्याग्रह से बिहार में शिक्षा सुधार की मांग तेज

Khajuria Khurd, Bihar:पुरानी पेंशन, समान कार्य-समान वेतन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शिक्षकों ने खोला मोर्चा; उग्र आंदोलन की चेतावनी。 जहां देशभर में शिक्षकों का सम्मान किया जाता है, वहीं बिहार के कैमूर जिले में शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों और शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ 'शिक्षक सत्याग्रह आंदोलन' के तहत धरने पर बैठने को मजबूर दिखे। यह आंदोलन बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू के आह्वान पर आयोजित किया गया। धरना स्थल पर मौजूद बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार प्रसाद ने कहा कि प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालय अध्यापकों, प्रधान शिक्षकों और नियोजित शिक्षकों की कुल 28 से 29 सूत्रीय मांगें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ही बनाई नियमावली का पालन नहीं कर रही है। नियमावली के अनुसार 12 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति मिलनी चाहिए, लेकिन जब वित्तीय लाभ देने की बात आती है तो सरकार अपने वादों से मुकर जाती है। संतोष प्रसाद ने जिला शिक्षा कार्यालय में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार पर आक्रोश जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर शिक्षकों से राशि उगाही करके काम किया जा रहा है। यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो संघ भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम करेगा。 वहीं, संघ की जिला इकाई कैमूर की प्रधान सचिव सीमा कुमारी ने कहा कि शिक्षकों का दो-दो महीने का वेतन अकारण अटका दिया जाता है, जिससे उनके घर के चूल्हे ठंडे पड़ जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोन्नति और सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) में प्रविष्टि के नाम पर जिला शिक्षा कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब तक केवल झूठे आश्वासन मिले हैं, जबकि वे अब ठोस आदेश चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जिला स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़क से सदन और कोर्ट तक लड़ाई लड़ते हुए इसे उग्र राज्यव्यापी आंदोलन का रूप देंगे。
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कासगंज पटियाली में बुलडोजर से नजूल की 2 करोड़ की भूमि कब्जा मुक्त

Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में चला बुलडोजर,लगभग दो करोड़ की नजूल की भूमि को कराया कब्जा मुक्त. कासगंज जनपद के कस्बा पटियाली में तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नजूल की सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया। प्रशासन की टीम ने मौके पर बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे को हटाया। कब्जे में ली गई सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। तहसील प्रशासन की कार्रवाई के दौरान एसडीएम आतिश कुमार और तहसीलदार सहित राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही प्रशासन के अनुसार, उक्त भूमि पर विशाल कश्यप और उसके परिवार कई सालों से कब्जा था कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से कब्जे को हटाकर सरकारी भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि विशाल कश्यप संपन्न परिवार से है और उसके पास ट्रैक्टर, मकान तथा कृषि भूमि भी है。
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झीरम घाटी हमले: अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया; उमेश पटेल ने स्वागत किया

Darogapara, Chhattisgarh:झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में 13 साल बाद NIA की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। फैसले के बाद झीरम हमले में मारे गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नंदकुमार पटेल के बेटे और खरसिया विधायक उमेश पटेल ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है।उमेश पटेल ने कहा कि सभी आरोपियों को दोषी माना गया है, यह स्वागत योग्य है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि झीरम घाटी हमले के पीछे कथित कंस्पायरेसी यानी साजिश के पहलू को लेकर उनकी लड़ाई अभी जारी रहेगी।उन्होंने कहा कि साजिश के पहलू को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उमेश पटेल के मुताबिक, इस संबंध में पहले भी सुप्रीम कोर्ट में मांग की जा चुकी है।फैसले में लगे लंबे समय के सवाल पर उमेश पटेल ने कहा कि समय जरूर लगा, लेकिन कम से कम अब इस मामले में इतना तो हुआ कि आरोपियों को दोषी माना गया।
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मंदला के फूटाताल तालाब में शव मिला; लापता युवक से जुड़ा मामला

Mandla, Madhya Pradesh:फूटाताल तालाब में एक व्यक्ति का शव पानी के अंदर दिखाई देने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँचि और शव को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई है। मामला अंजनियां चौकी क्षेत्र के फूटाताल तालाब का है, जहां शनिवार को पानी के अंदर एक व्यक्ति का शव दिखाई देने की सूचना मिली। खबर मिलते ही अंजनियां चौकी पुलिस मौके पर पहुँची और शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया जा रहा है कि सिझौरा निवासी 20 वर्षीय चंद्रकुमार मरावी उर्फ गोलू गुरुवार रात से लापता है, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी। लापता होने से पहले अंजनियां मोड़ के पास उसके विवाद होने की जानकारी भी सामने आई थी। तालाब में शव मिलने के बाद इसे लापता युवक से जोड़कर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी शव पानी के अंदर से निकाला गया है और उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शव बाहर निकलने और पहचान की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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दंतेवाड़ा में चीनी सत्याग्रह: महंगाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

Dantewada, Chhattisgarh:एंकर—चीनी की बढ़ती कीमतों के विरोध में दंतेवाड़ा में कांग्रेस ने ‘चीनी सत्याग्रह’ किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सत्याग्रह कर बढ़ती महंगाई के खिलाफ विरोध जताया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल, बिजली और राशन सामग्री के बढ़ते दामों से आम जनता पहले ही परेशान है, वहीं अब चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों का घरेलू बजट और बिगड़ गया है। कांग्रेस ने सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने और आम जनता को राहत देने की मांग की。
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दृष्टिहीन शिक्षक राजेश जायसवाल बच्चों के उज्जवल भविष्य का प्रेरणादायक उदाहरण

Indore, Madhya Pradesh:शिक्षक दिवस स्पेशल जो खुद तो देख नहीं सकते लेकिन बच्चों को दिखा रहे हैं जीवन जीने की राह खुद की आंखों में रोशनी नहीं, लेकिन कई छात्रों के जीवन में फैला रहे ज्ञान का प्रकाश आंखों से दिव्यांग शिक्षक राजेश जायसवाल ने ब्रेल लिपि से हासिल की शिक्षा सरकारी नौकरी पाकर बच्चों को बना रहे शिक्षित उनकी दिव्यांग पत्नी भी बनी उनकी सारथी राजेश जायसवाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद ब्रेल लिपि के माध्यम से शिक्षा हासिल की। उन्हें आंखों से तो दिखाई नहीं देता लेकिन वे अपनी शिक्षा कला ओर हाथों को सूचबूझ से सब पढ़ समझ ओर समझा लेते हे मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने सरकारी नौकरी प्राप्त की और आज वे सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा देकर उनके भविष्य को संवारने में जुटे हैं। उनका जीवन उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है, जो किसी शारीरिक कमी को अपनी सफलता की राह में बाधा मान लेते हैं। राजेश जायसवाल ने अपनी दृष्टिबाधिता को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने पढ़ाई के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। ब्रेल लिपि के जरिए शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी के लिए मेहनत की और आखिरकार सरकारी शिक्षक के रूप में अपनी पहचान बनाई। आज वे स्वयं बच्चों को पढ़ाते हैं और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। उनके लिए शिक्षक होना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम है। राजेश जायसवाल के संघर्ष में उनकी अर्धांगिनी भी कदम से कदम मिलाकर साथ देती हैं। उनकी पत्नी स्वयं भी दिव्यांग हैं, लेकिन दोनों ने अपनी परिस्थितियों को कभी अपने जीवन की कमजोरी नहीं बनने दिया। पत्नी उन्हें स्कूल तक छोड़ने और वापस घर लाने सहित रोजमर्रा के कई कार्यों में सहयोग करती हैं। दोनों का आपसी सहयोग और एक-दूसरे के प्रति विश्वास उनके जीवन को और खास बनाता है। यही वजह है कि राजेश जायसवाल आज न केवल शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक मिसाल बन गए हैं。 विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणा राजेश जायसवाल का जीवन यह संदेश देता है कि सफलता के लिए आंखों की रोशनी से ज्यादा जरूरी हौसले और मेहनत की रोशनी होती है। वे स्वयं भले ही अपनी आंखों से विद्यार्थियों को नहीं देख पाते, लेकिन अपने ज्ञान और अनुभव से उनके सपनों को दिशा दे रहे हैं। शिक्षक दिवस पर राजेश जायसवाल जैसे शिक्षक यह साबित करते हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से व्यक्ति न केवल अपने सपनों को पूरा कर सकता है, बल्कि दूसरों के जीवन में भी उजियारा फैला सकता है।
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