icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
487001
SATISH DUBEYSATISH DUBEYFollow21 Aug 2024, 04:59 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

गोरखपुर में थ्री स्टार होटल निर्माण के नाम पर 1.18 करोड़ की ठगी फंसी

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में थ्री स्टार होटल निर्माण के नाम पर व्यवसायी से 1 करोड़ 18 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनऊ की रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े तीन ठेकेदारों ने होटल निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन मौके पर सिर्फ गड्ढा खोदकर काम बंद कर दिया। फर्जी बिल और रसीदें दिखाकर भरोसा दिलाते रहे। शाहपुर पुलिस ने जालसाजी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला गोरखपुर महानगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बशारतपुर का है, जहां धर्मपुर प्रगति विहार कॉलोनी निवासी राम अवतार सिंह की जमीन पर थ्री स्टार होटल बनना प्रस्तावित था। पीड़ित के मुताबिक, 23 अगस्त 2021 को लखनऊ के आदिल नगर, टेढ़ी पुलिया स्थित रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े ठेकेदार मो. फरीद किदवई, फैकुल्लाह खान और नसीम अहमद से अनुबंध किया था। आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग तारीखों में बैंक खाते से 85 लाख 27 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए, जबकि 32 लाख 73 हजार रुपये नकद लिए गए। कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपये लेने के बाद भी होटल का निर्माण नहीं कराया गया। साइट पर सिर्फ गड्ढा खोदा गया और फिर काम बंद कर दिया गया। पीड़ित ने आरोपितों द्वारा फर्जी बिल और रसीदें दिखाकर निर्माण आगे बढ़ाने का भरोसा दिया गया। खोदे गए गड्ढे को पाटने में पीड़ित ने लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए। 9 अप्रैल को आरोपितों की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा गया, जिसमें कथित तौर पर कूटरचित इकरारनामा था। मूल अनुबंध के पैरा 18 को काटकर हस्ताक्षर किए गए थे, जबकि कथित फर्जी प्रति में इसी पैरा के जरिए 50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग जोड़ दी गई। पीड़ित ने आरोपितों पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। शाहपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल बैंक ट्रांजैक्शन, अनुबंध, बिल-रसीद और कथित कूटरचित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

तेजस्वी यादव का केंद्र पर सवाल: बिहार के लिए तुरंत राहत पैकेज की मांग

Patna, Bihar:UCC के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने कहा पहले चिराग पासवान जी अपना क्लियर स्टैंड बताएं। गोल-गोल बात करने से काम नहीं चलेगा। बिहार में 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हम लगातार केंद्र सरकार को चिट्ठियां लिख रहे हैं, अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन सवाल है कि हमारी मांगों में से कितनी मांगें पूरी हुईं? अगर केंद्र सरकार की टीम बिहार आ रही है तो सिर्फ खानापूर्ति के लिए नहीं आनी चाहिए। बिहार सरकार को खुद पता है कि कितनी बड़ी तबाही हुई है, कितने लोग प्रभावित हैं। फिर दोबारा आकलन के नाम पर समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है? प्रधानमंत्री जी को तत्काल बिहार के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए और वह पैकेज जमीन पर बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचना चाहिए। गुजरात में बारिश होती है तो तत्काल पैकेज की घोषणा हो जाती है, लेकिन बिहार के साथ ऐसा क्यों नहीं? बिहार के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार अब नहीं चलेगा। और सबसे बड़ा सवाल बिहार सरकार से है—क्या बिहार के मुख्यमंत्री में इतना दम नहीं है कि वे केंद्र के सामने बिहार का हक मजबूती से रख सकें? मुख्यमंत्री को बिहार की आवाज बनना चाहिए, सिर्फ केंद्र के फैसलों पर अंगूठा लगाने वाला नहीं। और जहां तक यूसीसी का सवाल है, अगर नीतीश कुमार जी ने पहले अपना रुख साफ किया था, तो आज उनके नेता भी स्पष्ट करें कि उनका स्टैंड क्या है। बिहार की राजनीति में फैसला और नेतृत्व गोल-गोल बातों से नहीं, स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व से होता है।
0
0
Report
Advertisement

21 वर्षीय अवनीश कुमार की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी

Mau, Uttar Pradesh:आपसी रंजिश में 21 वर्षिय युवक की गोली मारकर की हत्या झुण्ड बनाकर आए थे बाइक सवार बदमाश अपने दोस्त को बुआ के घर से लाने गया था मृतक तभी घात लागए बदमाशों ने युवक पर किया हमला मृतक का नाम अवनीश कुमार बताया जा रहा है घटना के बाद भागे बदमाश पुलिस मामले की जांच में जुटी मौके पर हुई 21 वर्षिय अवनीश की मौत शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने भेजा पोस्टमार्म हाउस सरसेना पेट्रोल पंप के सामने हुई हत्या जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित जिला चिकित्सक डॉ नितिन ने दि जानकारी सीसीटीवी के आधार पर की जाँच पुलिस की तीन टीम हत्यारों के धार पकड़ में लगायी गई पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
0
0
Report

चित्रकूट जिला अस्पताल में सिजेरियन के नाम पर पैसे मांगने के आरोप, जांच शुरू

Chakala Sitapur, Madhya Pradesh:चित्रकूट जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर पर सिजेरियन ऑपरेशन के नाम पर मरीज के परिजनों से पैसे लेने का आरोप लगा है। मामले में डॉक्टर के पति के मोबाइल पर ऑनलाइन पैसे भेजे जाने का कथित स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जिला पंचायत सदस्य मीरा भारती ने आरोप लगाया है कि आनंदपुर निवासी एक महिला के पति से ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर श्वेता मिश्रा ने कथित तौर पर अपने पति सुधीर तिवारी के मोबाइल पर 10 हजार रुपये ऑनलाइन मंगवाए। इसके अलावा 4 हजार रुपये नकद लेने का भी आरोप लगाया गया है। वहीं, पीड़ित महिला शिवानी ने भी जिला अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए बच्चे के जन्म के लिए डॉक्टर द्वारा पैसे लिए जाने का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र प्राधी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, जिला पंचायत सदस्य मीरा भारती ने मांग की है कि यदि जांच में डॉक्टर दोषी पाई जाती हैं तो उन्हें निलंबित करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है。
0
0
Report
Advertisement

लोक लेखा समिति पर गोपनीयता का दबाव, 6 फ्लैगस्टाफ रोड जांच रंग ले रहा

New Delhi, Delhi:अजय महावर , अध्यक्ष , पीएसी कमेटी पीएसी एक संवैधानिक कमेटी है 2008-09 के बाद से सदन में 17 साल बाद 2025 पीएसी ने रिपोर्ट पेश की थी पिछली सरकार ने पूरे कार्यकाल में एक भी सीएजी रिपोर्ट टेबल नहीं की, पीएसी की रिपोर्ट भी पेश नहीं की 6 फ्लैगस्टाफ रोड की जांच का मामला भी पीएसी के सामने आया विधानसभा से जांच के लिए पीएसी को कहा गया पीएसी किसी राजनीतिक दल की तरह काम नहीं करती है पीएसी की बैठकों को गोपनीय रखा जाता है सीएजी ने जो उल्लेख किया था उसके लिए 6 फ्लैगस्टाफ रोड जांच के लिए जाना था लेकिन जिस तरह से आप नेताओं ने पीएसी जानकारी लीक किया वो बीच ऑफ प्रिविलेज में आता है उन्होंने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की स्पीकर से इस मामले में बात कर रहे हैं सीएजी ने जो कहा है उसी की जांच की जा रही है सीएजी ने जो अपनी रिपोर्ट में कहा गया - पीडब्ल्यूडी ने जो रेट कोट किया वो एक साल पुराना था क्षेत्रफल को बढ़ाया गया था घर में काफी महंगा समान लगाया गया टेंडर प्रकिया की कॉपी भी मांगी गई स्टाफ ब्लॉक बनना था लेकिन वो बना ही नहीं एक ही ठेकेदार ही आखिर क्यों रहा आईएएस और स्टाफ क्वाटर को तोड़ा गया इस सभी बातों के सवाल को जानने के लिए एक दौरा रखा गया था लेकिन उस दौरे को टाला गया इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की , जानकारी को लीक किया गया , पीएसी एक दायरे में बंधी हुई है पीएसी की प्रोसिडिंग को लीक किया गया पीएसी एक संवैधानिक दायरे में बंधी है आप नेताओं ने जो कुछ बयान दिए हैं उसकी मै निंदा करता हूं, PAC किसी के दवाब में नहीं आएगी। आगे कमेटी 6 फ़्लैग स्टाफ रोड बंगले का विजिट करेगी राजनीतिक दल को आपस में आरोप प्रत्यारोप करने हैं तो वह उनका विषय है, लेकिन लोक लेखा समिति को राजनीतिक विवाद का माध्यम बनाना स्वीकार्य नहीं है। समिति की गोपनीय कार्यवाही को सार्वजनिक करना, उसके आधार पर राजनीतिक बयानबाजी करना और उस पर दबाव बनाने का प्रयास करना गंभीर विषय है। जिन लोगों ने लोक लेखा समिति की संस्था को कमजोर करने, उसकी जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने या उस पर दबाव बनाने का प्रयास किया है, मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूँ। लोक लेखा समिति किसी भी दबाव में आने वाली नहीं है। समिति निष्पक्ष रूप से, तथ्यों के आधार पर और अपने संसदीय दायरे के भीतर काम करती रहेगी। सीएजी की रिपोर्ट में जो प्रश्न उठाए गए हैं, उनका तथ्यात्मक उत्तर सामने लाना और सार्वजनिक धन के उपयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करना ही लोक लेखा समिति का दायित्व है。
0
0
Report

शाहीन एकेडमी के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन; प्रताड़ना और खाने में कीड़े के आरोप

Aligarh, Uttar Pradesh:शाहीन एकेडमी स्कूल के विरोध में Zen-G और Alpha सड़क पर उतरे, जमकर काटा हंगामा, स्कूल स्टाफ, मैनेजमेंट पर प्रताड़ित करने के लगाए छात्र-छात्राओं ने लगाए आरोप, हॉस्टल में मिलने वाले खाने में निकलते हैं कीड़े, रहती है गंदगी - छात्र-छात्राएँ, शाहीन एकेडमी के काफ़ी बच्चे इन्फेक्शन के हो रहे हैं शिकार, छात्रों ने शरीर पर हो रहे इन्फेक्शन को कैमरे पर भी दिखाया, छात्र-छात्राओं का आरोप, मैनेजमेंट के प्रताड़ना के कारण 2 बच्चे सुसाइड की कर चुके हैं कोशिश, कई घंटे छात्र-छात्राओं ने किया प्रदर्शन, कार्रवाई और न्याय की करते रहे माँग, हंगामे को देख स्कूल और हॉस्टल से स्टाफ दिखा नदारद, सूचना के बाद मौके पर इलाका पुलिस पहुँची, बमुश्किल घंटों में हो सके बच्चे काबू, जवां थाना इलाके के अमरौली स्थित शाहीन एकेडमी का मामला.
0
0
Report

हरदोई: दुनिया छोड़ रहा हूं वीडियो के बाद लापता युवक, नदी में खोज जारी

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में पत्नी को भेजा ‘दुनिया छोड़ रहा हूं’ का वीडियो,फिर रहस्यमय तरीके से लापता हुआ युवक,सई नदी पुल के पास मिली बाइक,गोताखोरों ने घंटों खंगाली नदी,अब तक नहीं लगा कोई सुराग उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले घर से नाराज होकर निकला एक युवक पत्नी को कथित तौर पर ‘दुनिया छोड़ रहा हूं’ का वीडियो भेजने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया।वही युवक की बाइक पिहानी-हरदोई मार्ग पर सई नदी के पुल के पास खड़ी मिली।वायरल वीडियो और मौके पर मिली बाइक के आधार पर उसके नदी में छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है。 जानकारी के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र के बरैया पुरवा निवासी चंद्रमोहन रविवार शाम बाइक से घर से निकले थे।बताया गया कि वह अपनी बहनों के घर कुंवरपुर वसीठ और बरवर, खीरी गए थे। इसी दौरान शाम करीब को उन्होंने अपनी पत्नी के मोबाइल पर एक वीडियो भेजा।वीडियो में युवक के दुनिया छोड़ने की बात कहने के साथ पत्नी से खुश रहने की बात कहे जाने की जानकारी सामने आई है।वीडियो मिलने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई।कुछ देर बाद चंद्रमोहन का मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो उनकी बाइक पिहानी-हरदोई मार्ग पर सई नदी के पुल के पास खड़ी मिली।बाइक नदी पुल के पास मिलने और वीडियो सामने आने के बाद युवक के नदी में छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश शुरू कराई।सोमवार को गोताखोरों को भी नदी में उतारा गया।गोताखोरों ने घंटों तक नदी में युवक की तलाश की,लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका।पिहानी के प्रभारी निरीक्षक श्याम नारायण सिंह ने बताया कि गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश कराई जा रही है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है。
0
0
Report
Advertisement

पीलीभीत: 20 करोड़ के टेंडर बिना DM अनुमति, AMA पर कार्रवाई की मांग

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर- पीलीभीत में जिला पंचायत के एएमए धर्मेंद्र कुमार व जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर ने गत जोड़कर गठजोड़कर शासनादेश के विपरीत 20 करोड रुपए के टेंडर निकालकर अपने चहिते ठेकेदारो को दे दिए। जिन ठेकेदारों ने टेंडर डालने की कोशिश करी उनको विभाग से डिबार कर दिया। ठेकेदारों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच कर सभी टेंडरो को निरस्त कर दिया है और एएमए के खिलाफ शासन में कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। साथ जिलाधिकारी का कहना है कि जिन ठेकेदारों को डिबार किया है और उन्हें टेंडर डालने से रोका गया उसकी भी जांच की जा रही है जांच में दोषी पाए जाने पर इस मामले में भी एएमएम के खिलाफ कार्रवाई होगी। दरअसल जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब उन्हें प्रशासक बनाया गया है नियम है कि कोई भी टेंडर निकाले जाएगे तो डीएम से अनुमति लेनी होगी लेकिन एएमएम ने 20 करोड़ के टेंडर बिना डीएम की अनुमति के निकाल दिए और अपने ठेकेदारों को दे दिए। जीबी कंस्ट्रक्शन फर्म के ठेकेदार ने डालने की कोशिश की तो एएमए ने फोन कर उन्हें धमकाया और टेंडर ना डालने को कहा जीबी कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार नहीं माना तो उसे डिबार कर दिया। जिसके बाद डीएम ने टेंडर को निरस्त कर एएमए के खिलाफ शासन को लिखा है। और जीबी कंस्ट्रक्शन को बहाल करने के एएमए को निर्देश दिए हैं।
0
0
Report

महावन के लाल ने बढ़ाया मथुरा का मान, मानवेंद्र सिंह बने बदायूं के एडीएम प्रशासन

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow37m ago
Mathura, Uttar Pradesh:महावन के लाल ने बढ़ाया मथुरा का मान, मानवेंद्र सिंह बने बदायूं के एडीएम प्रशासन मथुरा। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम नगला गुखरौली मगना (नाहर घड़ी) निवासी एवं 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी मानवेंद्र सिंह को बदायूं जिले का अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नियुक्त किया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मानवेंद्र सिंह पिछले करीब चार वर्षों से सहारनपुर में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर सेवाएं दे रहे थे। अपनी कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार के चलते उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अलग पहचान बनाई है। यूपी में हासिल की सातवीं रैंक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले मानवेंद्र सिंह ने शुरू से ही शिक्षा और मेहनत को अपनी सफलता का आधार बनाया। उन्होंने 2018 में बलदेव ब्लॉक प्रथम से UPPCS परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद यूपीपीसीएस की परीक्षा में उन्होंने उत्तर प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हाईस्कूल तक मसूरी में हुई, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई कानपुर से यूपी बोर्ड के तहत की। इंटरमीडिएट में उन्होंने यूपी बोर्ड टॉपर्स में स्थान बनाया। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। लोगों की सेवा को बनाया लक्ष्य मानवेंद्र सिंह का कहना है कि वह शुरू से ही लोगों की सेवा करना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अपना करियर बनाया। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की और अब बदायूं में एडीएम प्रशासन के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। पिता रेलवे में 39 वर्ष रहे सेवारत मानवेंद्र सिंह के पिता वीरेंद्र सिंह रेलवे में टीटी के पद पर करीब 39 वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं। वह इलाहाबाद रेलवे यूनियन के मंडल अध्यक्ष भी रहे हैं। उनकी माता श्रीमती राजकुमारी गृहणी हैं। माता-पिता ने बच्चों को हमेशा ईमानदारी, मेहनत और समाजसेवा के रास्ते पर चलने की सीख दी। मानवेंद्र सिंह के बड़े भाई गिरेन्द्र सिंह भी न्यायिक सेवा में हैं और वर्तमान में कासगंज में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर कार्यरत हैं। परिवार में शिक्षा, अनुशासन और सेवा की इस परंपरा का प्रभाव मानवेंद्र सिंह के व्यक्तित्व में भी स्पष्ट दिखाई देता है। गांव में खुशी का माहौल मानवेंद्र सिंह के बदायूं का एडीएम प्रशासन बनाए जाने की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। लोगों का कहना है कि गांव के बेटे ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर प्रशासनिक सेवा में नई पहचान बनाई है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मानवेंद्र सिंह बदायूं में भी अपनी ईमानदार और जनहितकारी कार्यशैली से आमजन का विश्वास जीतेंगे तथा प्रशासनिक दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।
0
0
Report

धनबाद में विधायक जयराम महतो को अग्रिम जमानत: कोर्ट ने राहत दी

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद MP-MLA विशेष अदालत ने विधायक जयराम महतो को बड़ी राहत दी है। विधायक के अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर लिया है। इसके पहले गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत के पिछले आदेश के आलोक में केस डायरी प्रस्तुत किया था। जयराम महतो के अलावा अन्य आरोपियों और सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसले की तारीख 14 सितम्बर तय की गई थी। बतादे कि इसके पहले कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केस डायरी की मांग की थी। कोर्ट ने पहले की सुनवाई में गिरफ्तारी पर रोक से भी इंकार कर दिया था। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत में विधायक जयराम महतो सहित अन्य द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता शाहनवাজ ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी, जिसका विरोध अपर लोक अभियोजक सतेंद्र नाथ राय ने किया था। दलील सुनने के बाद अदालत ने केस डायरी की मांग की थी। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर बरवाअड्डा थाने में विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद जयराम महतो सहित अन्य ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे सुनवाई के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया था। 22 अगस्त को बरवाअड्डा थाना प्रभारी और विधायक के बीच विवाद हुआ था। मुखिया के शिकायत पर गिरफ्तार युवक की पैरवी करने विधायक जयरराम महतो समर्थकों के साथ पहुंचे थे, जहाँ भारी बवाल विवाद हो गया था। इस दौरान एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें विधायक जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच बातचीत थी। उस बातचीत में विधायक जयराम महतो थाना प्रभारी को गाली गलौज थी। थाना प्रभारी ने विधायक जयराम महतो सहित 8 के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज करवाया था।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top