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Umesh PaliUmesh PaliFollow27 Aug 2024, 04:59 pm
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हांसी के बाजारों में कूड़े का ढेर, सफाई व्यवस्था बिगड़ी

Hansi, Haryana:हांसी के बाजारों में पसरी गंदगी, हर ओर कूड़े के ढेर कूड़ेदान में तब्दील हुए बाजार, दुकानदारों के कारोबार पर भी असर, पूरे शहर समेत हांसी विधायक विनोद भयाना के निवास स्थान पर भी कचरे का ढेर हांसी में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और बाजारों की तस्वीर देखकर ऐसा लग रहा है, मानो पूरा शहर ही कूड़ेदान में तब्दील हो गया हो। कूड़े से उठती बदबू के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ का आंदोलन आज 33वें दिन भी जारी रहा。 आपको बता दे कि हालात इतने खराब हैं कि लोगों को मुंह पर कपड़ा रखकर इन रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि बाजार में फैली गंदगी का सीधा असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है। ग्राहक गंदगी और बदबू के कारण बाजार में आने से बच रहे हैं, जिससे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। शहर में प्रतिदिन करीब 40 टन कूड़ा निकलता है, जबकि कर्मचारियों के अनुसार हड़ताल के चलते बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो चुका है। लगातार बढ़ते कूड़े के ढेरों से लोगों में बीमारी फैलने का डर भी बना हुआ है।हांसी शहर में प्रतिदिन करीब 40 टन कूड़ा निकलता है। कर्मचारियों का दावा है कि 33 दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहर में करीब 700 टन कूड़ा जमा हो चुका है। भाजपा विधायक विनोद भयाना के निवास के नजदीक, नागरिक अस्पताल के पास सड़क किनारे, नगर पालिका कार्यालय के आसपास, सदर बाजार, प्रताप बाजार, बड़सी गेट के अंदर और चौपटा चौक सहित शहर के कई हिस्सों में कचरा जमा है। कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। गंदगी और बदबू के कारण आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों में भी रोष है。 लगातार जमा हो रहे कूड़े से लोगों को बदबू और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में बीमारियां फैलने की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। तस्वीरों में भी एक महिला मुंह पर कपड़ा रखकर कूड़े के पास से गुजरती नजर आई। स्थानीय दुकानदार लवकेश सैन ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर का बुरा हाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और दुकानदारों को गंदगी के बीच बैठकर काम करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की。 दुकानदार जितेंद्र ने कहा कि हड़ताल के कारण शहर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कूड़े के ढेरों से आम लोगों को परेशानी हो रही है और बीमारी फैलने का डर भी बना हुआ है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की मांग की。 वहीं हांसी निवासी तेलूराम ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार नहीं कर रही है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में कम वेतन में कर्मचारियों के लिए परिवार चलाना मुश्किल है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रवैया अपनाते हुए जल्द समाधान करना चाहिए। फिलहाल हड़ताल के 33वें दिन भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। शहर में बढ़ते कूड़े के ढेरों के बीच लोगों को अब प्रशासन और सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद है。
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प्रयागराज में दो पक्षों के बीच बवाल: लाठी-डंडों और पत्थरबाजी से गूंजा शहर

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज मुट्ठीगंज में बीती रात दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के बाद बवाल, सड़कों पर दोनों पक्षों की तरफ से उपद्रवियों ने किया जमकर बवाल, केसरवानी और अग्रहरि पक्ष के बीच मामूली कहासुनी के बाद हुई मारपीट, एक पक्ष ने पहले दूसरे पक्ष के घर में घुसकर की जमकर मारपीट, घर में मारपीट के बाद में दोनों पक्ष की तरफ से सड़कों पर उतरकर किया गया बवाल, दोनों पक्षों की तरफ से एक दूसरे पर जमकर बरसाए गए पत्थर, खुलेआम सड़कों पर दोनों पक्षों ने की जमकर उदंडता, लाठी डंडो से एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर घेरकर हमला किया, बवाल और लाठी डंडो से मारपीट के साथ पत्थरबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, पुलिस ने मामले में एक पक्ष की तहरीर पर दर्ज की एफआईआर, दो आरोपियों को मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने में जुटी पुलिस, सड़क पर उतरकर बवाल और पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ भी दर्ज हुई एफआईआर, पुलिस ने बवालियो के खिलाफ वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज की एफआईआर, सड़कों पर बवाल और पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित करने में जुटी पुलिस।
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पार्वती बांध के सभी गेट बंद, जलस्तर 222.95 मीटर

Dholpur, Rajasthan:पार्वती बांध आँगई में कैचमेंट एरिया से पानी की आवक कम होने के बाद बांध के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। वर्तमान में बांध का गेज 222.95 मीटर पर बना हुआ है। पानी की आवक और बांध के जलस्तर पर सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं। कल पार्वती बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद चार गेटों को खोलकर पानी की निकासी की गई थी। बांध में जलस्तर बढ़ने के चलते प्रशासन ने निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से बांध क्षेत्र एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आँगई थाना पुलिस का जाब्ता बांध पर तैनात किया गया है।थानाधिकारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मी बांध क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन एवं सिंचाई विभाग द्वारा बांध की स्थिति और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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अंबेडकर नगर में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या, अस्पताल में मौत

Kota, Rajasthan:अंबेडकर नगर में सोमवार को एक युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत उसे गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान कैलाश चंद्र (पुत्र रामधन बलाई) के रूप में हुई है। कैलाश ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर के कमरे में पंखे से लटककर फांसी लगा ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। फिलहाल खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
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बीकानेर निकाय चुनाव: सिद्धि कुमारी के प्रचार से भाजपा में उत्साह, जनता में जोश

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से राजनीतिक खबर निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी ने कई दिग्गजों को उतारा चुनावी मैदान में बीकानेर से बीजेपी विधायक सिद्धि कुमारी भी लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय जी मीडिया से खास बातचीत में सिद्धि कुमारी ने चुनावी माहौल पर दिया बयान सिद्धि कुमारी बोलीं- आप माहौल देख सकते हैं, जनता के बीच अच्छा उत्साह है सभी प्रत्याशियों को मेरी ओर से गुड विशेज और बहुत सारा बेस्ट ऑफ लक सिद्धि कुमारी बोलीं- हमारा काम है, हम लगातार जनता के बीच जाकर काम करेंगे कहा- चुनाव में अच्छा और बेहतर रिजल्ट आए, इसके लिए सभी प्रत्याशी लगे हुए है निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने प्रचार में झोंकी पूरी ताकत
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शुद्धिकरण के विवाद से उत्तराखंड की राजनीति में नया ध्रुवीकरण, आन्दोलन तेज

Noida, Uttar Pradesh:हल्द्वानी के रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर छिड़ा सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस राजनीतिक विवाद की आंच अब प्रदेश की राजधानी तक पहुँच चुकी है, जहाँ कांग्रेस पार्टी ने सत्तापक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देहरादून स्थित परेड ग्राउंड से जोरदार 'हल्ला बोल' प्रदर्शन की शुरुआत की। 8 अगस्त को हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मैदान के शुद्धिकरण किए जाने से आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने आज समukh मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे। कांग्रेस का आरोप है कि यह कृत्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के सर्वथा विपरीत और विभाजनकारी मानसिकता का परिचायक है। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह एवं वरिष्ठ विधायक काजी निजामुद्दीन ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सामाजिक समरसता को ठेस पहुँचाने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसने के बजाय, उल्टे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई, परेड ग्राउंड में एकजुट होकर हुंकार भर रहे कार्यकर्ताओं की साफ मांग है कि शुद्धिकरण के नाम पर वैमनस्य फैलाने वालो के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस लिया जाए। प्रीतम सिंह वरिष्ठ नेता कांग्रेस पार्टी राजधानी में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने सूबे के सियासी पारे को चढ़ा दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मसले को लेकर अब चौतरफा ज़बानी तीर चल रहे हैं। एक तरफ जहाँ कांग्रेस इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई मानकर आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बना रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद न केवल चुनावी समर की दिशा तय करेगा, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति में एक नए ध्रुवीकरण और तीखी बयानबाजी को भी जन्म दे सकता है
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उत्तराखंड मेडिकल कॉलेजों में MBBS डॉक्टरों की स्ट्राइक: स्टाइपेंड 17k से 30k मांग

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड में चार मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस डॉक्टर अपनी मांगों के समर्थन में आज स्ट्राइक कर रहे हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है आखिर योगी मॉडल को लेकर क्या चाहते हैं पेश है एक रिपोर्ट उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस डॉक्टर इंटर्न्स का आक्रोश अब उग्र रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आज राजधानी देहरादून समेत श्रीनगर, हल्द्वानी और अल्मोड़ा के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए आंदोलनरत डॉक्टरों की साफ मांग है कि उत्तराखंड में भी 'योगी मॉडल' लागू किया जाए और उनके मासिक स्टाइपेंड को ₹17,000 से बढ़ाकर तत्काल ₹30,000 किया जाए। डॉक्टर ka कहना है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में जब समान कार्य के लिए बेहतर मानदेय दिया जा रहा है, तो कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में यह विषमता क्यों रखी गई है। डॉक्टरों की इस बेमियादी स्ट्राइक की वजह से प्रदेश के चारों प्रमुख राजकीय मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं ओपीडी (OPD) सेवाओं के साथ-साथ आईपीडी (IPD) और पैथोलॉजी/लैब जांच सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रही हैं एमबीबीएस डॉक्टरों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन या ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या सरकार वित्तीय संसाधनों और विभागीय बजट के बीच संतुलन बनाते हुए डॉक्टरों के स्टाइपेंड को ₹17,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने का फैसला लेगी, या डॉक्टर को सिर्फ आश्वासन से ही काम पर लौटना होगा
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दिल्ली हॉस्टल हादसे में 5 मौतें, Sagar में जहरीली शराब से 18 मौतें; यूपी-बिहार बाढ़

Noida, Uttar Pradesh:दक्षिण दिल्ली के पाँच मंज़िला पीजी हास्टल के ढहने से 5 लोगों की मौत और मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में भी ज़हरीली शराब पीने से 18 लोगों की कल हुई मौत तथा यूपी व बिहार आदि राज्यों में बाढ़ के कारण जान-माल की तबाही की ख़बरें अति-दुखद व चिन्तनीय। इन घटनाओं से यह साबित होता है कि शासन-प्रशासन अपनी ज़िम्मेदारियों को सही से नहीं निभा रहा है, जिस कारण जनहित व जनकल्याण के सम्बंध में सरकारों को चुस्त-durus़्त होने की सख़्त ज़रूरत है। इस प्रकार से अधिकारियों की घातक होती जा रही लापरवाही, उदासीनता व भ्रष्टाचार आदि पर भी सरकारों को सख़्ती से लगाम लगाने की ज़रूरत।
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पटना में पुनपुन बाढ़ जारी, हजारों घर पानी में डूबे

Noida, Uttar Pradesh:पटना में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गंगा के जलस्तर में भले ही अब कुछ कमी आई है, लेकिन पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.86 मीटर ऊपर, 53.46 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 50.60 मीटर है। चिंता की बात ये है कि साल 2019 में दर्ज 53.44 मीटर का रिकॉर्ड भी इस बार पार हो चुका है। पुनपुन के आसपास के गांवों में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। हजारों घरों में पानी घुस चुका है और कई कच्चे मकान पानी में बह गए हैं। लोगों के सामने खाने-पीने और रहने तक की मुश्किल खड़ी हो गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा को रोकना नहीं जा सकता, लेकिन सरकार को कम से कम खाने-पीने और अस्थायी रहने जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूर उपलब्ध करानी चाहिए। हालांकि, इलाके में एनडीआरएफ और राहत-बचाव की टीमें तैनात हैं। वहीं, लोगों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर भी नाराजगी है। कुछ बाढ़ पीड़ितों ने सांसद मीसा भारती के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें अपना समझकर वोट दिया, लेकिन मुश्किल की इस घड़ी में वे उनसे मिलने तक नहीं आईं। फिलहाल पुनपुन का बढ़ता जलस्तर और गांवों में बिगड़ते हालात लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं。
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पाटन थाने के घेराव के बाद एफआईआर रद्द कराने की मांग तेज

Jabalpur, Madhya Pradesh:पाटन में 18 अगस्त को किसानों व्यापारियों के द्वारा बढ़ते सड़क हादसों और किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया था मामले में पांच प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद आक्रोशित लोगों ने पाटन थाने का घेराव कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं किसान और व्यापारी पाटन थाने पहुंचे हैं और यहां पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य उदयभान सिंह के नेतृत्व में घेराव किया गया है प्रदर्शनकारी सभी लोगों पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और इसी मांग के साथ में पाटन थाने में धरने पर बैठ गए हैं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस तरह से पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है वह पूरी तरह से गलत है पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण था उसमें किसी को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हुई। लेकिन इसके बाद भी शासन प्रशासन ने किसी के दबाव में एफआईआर की है जिसका कि वह विरोध करेंगे और जब तक यह रद्द नहीं होती को लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे
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संभल के बाबा उद्दीन शाह मस्जिद मामले पर ASI जांच शुरू

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । चौधरी सराय की बाबा उद्दीन शाह मस्जिद के मामले में बड़ी खबर । पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम कल पहुंचेगी बाबा उद्दीन शाह मस्जिद । मस्जिद के ASI संरक्षित भूमि पर बने होने की शिकायत के मामले की जांच करेगी पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम । SDM विकास चंद्र ने जानकारी दी । श्री कल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चन्द्र त्यागी एडवोकेट ने विवादित जामा मस्जिद की ASI संरक्षित भूमि पर मस्जिद के अवैध निर्माण की शिकायत जिलाधिकारी से की है । जिला अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने शिकायत की जांच SDM विकास चंद्र को सौंपी है । चौधरी सराय पुलिस चौकी इलाके की बाबा उद्दीन शाह मस्जिद का मामला
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18 साल बाद निवालगांव के भेड़-कोथिक मेले ने आस्था का सैलाब ला दिया

New Tehri, Uttarakhand:18 साल बाद ऐतिहासिक भव्य भेड़ कोथिक (भेड़-मेला) का आयोजन किया गया। बौल्या चांदनी नागराजा के पावन प्रांगण में आयोजित मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। लोगों ने पारंपरिक भेड़ परिक्रमा में शामिल होकर लोक आस्था का आनंद लिया और देव डोलियों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले का विधिवत शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी व स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह ने किया। इस दौरान क्षेत्र की विभिन्न देव डोलियों, देवी-देवताओं के निशानों और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मेले में दूर-दराज के गांवों से लोग अपनी भेड़-बकरियों के साथ पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा पशुधन की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना से जुड़ी है। किसी कारणवश पिछले 18 वर्षों से इसका आयोजन नहीं हो पा रहा था। लंबे अंतराल के बाद मेले के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। भेड़ कोथिक केवल मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और सामूहिक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। 18 साल बाद इसके पुनः आयोजन ने पुरानी लोक विरासत को फिर जीवंत कर दिया। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिला.
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