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अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या, शिवना घाट पर सुबह से ही तर्पण करने पहुंचे लोग
Mandsaur, Madhya Pradesh:आज श्राद्धपक्ष का अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या है। इस दिन लोग अपने उन पितरो को तर्पण करते है, जिनकी श्राद्ध तिथि उन्हें मालुम नहीं होती है। मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर के पास शिवना घाट पर सुबह से ही तर्पण करने के लिए लोग पहुंचने लगे। माना जाता है की श्राद्ध पक्ष में पितृ धरती पर भ्रमन करते है और इनका विधि विधान से तर्पण कर नान्दी श्राद्ध और पिंडदान करने से मोक्ष होता है।
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दिल्ली के अशोक नगर में ऑर्डर में गलती, तीन चिकन बर्गर दिए गए
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के नई अशोक नगर का मामला है - स्विगी प्लेटफॉर्म से बर्गर सिंह, मयूर विहार से वेज चीज़ी बर्गर ऑर्डर किया गया था, जिसकी जगह 3 चिकन बर्गर आये थे. ये बात जन्मस्तमी सुबह 6 बजे की है0
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Gen Z के युवाओं से निकाय चुनाव: चित्तौड़गढ़ में बदलाव की उम्मीद
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ नगर निकाय चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान तेज है। इस बार दोनों दल युवाओं और Gen Z पर फोकस कर रहे हैं। कांग्रेस ने वार्ड 49 से 22 साल की बीटेक फाइनल ईयर छात्रा दिया तिवारी को मैदान में उतारा है। दिया वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम और ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था लागू करने की बात कर रही हैं। उनका फोकस रोड लाइट, सफाई, पानी, नालीयों और कचरा प्रबंधन के साथ युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर भी है। बीजेपी ने वार्ड संख्या 3 से 27 वर्षीय विपुल सिंह राणावत को प्रत्याशी बनाया है। राणावत स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने के साथ युवा शक्ति के दम पर चुनावी मैदान में हैं। उनका दावा है कि वार्ड में करीब 80 प्रतिशत युवा प्रचार अभियान में सक्रिय हैं और घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। ऐसे में निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि युवा नेतृत्व, नई सोच और नई कार्यशैली का मुकाबला भी बन रहा है। Gen Z के दौर में युवा चेहरे मतदाताओं का भरोसा जीतकर निकाय की सियासत में कितना बदलाव ला पाते हैं।0
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बीड़ में सूखा घोषित कराने को लेकर कृषि मंत्री ने CM को पत्र लिखा
Rui, Maharashtra:इंदापूर बाईट कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे *ऑन धनंजय मुंढे मुख्यमंत्र्यांना पत्र...बीडमध्ये कोरडा दुष्काळ जाहीर करा...* - ऑगस्टमध्ये शेतकऱ्यांनी पेरणी केल्यानंतर पाऊस पडलेला नाही. पीक धोक्यात आले आहे. शेतकऱ्यांच्या अडचणीत वाढ. त्यामुळे पत्र दिलेलं असावं. - ठाणे, कोकणचा भाग सोडला तर राज्यात पावसाने सगळीकडेच ओढ - परमेश्वराला साकड, लवकरात लवकर पाऊस पडू दे. *ऑन कोरडा दुष्काळ जाहीर केला पाहिजे...कृषीमंत्री म्हणून तुमचं मत...* - पावसाची वाट आपल्याला पहावी लागल. जर पाऊस नाही आला तर शेतकऱ्याच्या बाबतीत पिकं गेल्यानंतर मुख्यमंत्र्यांना याबाबत धोरण ठरवावं लागेल. *ऑन खासदार संजय देशमुख...शेतकरी धक्काबुक्की....* - संजय देशमुख जबाबदार लोकप्रतिनिधी... धक्काबुक्की झालेली मला माहिती नाही; परंतु देशमुख साहेब असं कधीच करणार नाहीत. जनतेतील ते लोकप्रतिनिधी आहेत. *ऑन सुषमा अंधारे.... हे सरकार हप्तेखोरांचं, कमिशन खोरांचं आहे...* - अंधारे ताई काय बोलल्या, हे मला माहिती नाही; परंतु त्या असेल बोलल्या आहेत का? याची माहिती घेऊन मी उत्तर देईल. *ऑन मराठा-ओबीसी संघर्ष...जरांगेंनी अद्याप उपोषण मागे घेतले नाही...* - आम्ही ओबीसीच्या आरक्षणाला धक्का लावणार नाही, असे त्यांनी सांगितले आहे. - ओबीसीचा प्रश्न सर्वांनी एकत्रित येऊन सोडविणे गरजेचे. - कोणतंही आरक्षण देताना इतर आरक्षणधारकांवर अन्याय नाही झाला पाहिजे. - जरांगे पाटलांनीही तेच स्टेटमेंट केलेलं आहे. आरक्षणाच्या बाबतीत गैरसमज नाही झाला पाहिजे. *ऑन छगन भुजबळ.... सरकार आणण्यामध्ये ओबीसींचा खूप मोठा हातभार आहे...तर जरांगे पाटील म्हणतात...ओबीसीच्या मुद्यावरून राजकारण करू नका...* - माझं म्हणणं असं आहे की, कोणीही यात राजकारण करू नये. समाजातील गोरगरिबांना न्याय कसा मिळेल, ही भूमिका पाहिजे. *ऑन उपमुख्यमंत्री ऑपरेशन टायगर करणार : मंत्री भरत गोगावले यांचे सूतोवाच?...* - ऑपरेशन टायगर करणार की नाही करणार मला याची कल्पना नाही. याबाबतीत गोगावले साहेबांना अधिक विचारलं तर बरं होईल.0
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हरियाणा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, रंगदारी आतंक पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
Noida, Uttar Pradesh:हरियाणा में ध्वस्त कानून व्यवस्था और बढ़ते रंगदारी के आतंक पर पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने सरकार को घेरा। विधानसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 85 और आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा, प्रदेश में दहशत का माहौल: पूर्व विधायक नीरज शर्मा फरीदाबाद। हरियाणा में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था, खुलेआम मांगी जा रही रंगदारी और बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर एनआईटी फरीदाबाद के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज पूरा हरियाणा डर और दहशत के साए में जीने को मजबूर है और राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। पूर्व विधायक ने कहा कि हरियाणा, जो कभी खुशहाली, सुरक्षा और विकास के लिए जाना जाता था, आज अपराधियों, गैंगस्टरों और शूटरों का गढ़ बनता जा रहा है। नीरज शर्मा ने बताया कि विधानसभा में कांग्रेस की मुलाना से विधायक श्रीमती पूजा द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 85 के जवाब में खुद सरकार के आंकड़ों से प्रदेश की भयावह स्थिति उजागर हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शासनकाल के दौरान 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच गैंगस्टरों द्वारा पूर्व प्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों और आम जनता को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व जनप्रतिनिधियों तक को सरेआम गोलियां मारी जा रही हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है। पूर्व विधायक ने खुलासा किया कि उन्होंने स्वयं भी पुलिस विभाग और पंचकुला पुलिस मुख्यालय में आरटीआई लगाकर भाजपा शासनकाल के दौरान धमकियाँ मिलने, दी गई सुरक्षा और उस पर हुए सरकारी खर्च का पूरा विवरण मांगा था। हालांकि, कई जिलों से आधी-अधूरी जानकारी दी गई और सूचनाएं छिपाने का प्रयास किया गया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार जमीनी हकीकत को जनता के सामने नहीं आने देना चाहती। नीरज शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की नाकामियों के कारण ही आज सभी बड़े-बड़े गैंगस्टरों का ध्यान हरियाणा पर केंद्रित हो गया है। सरकार ने लगभग 700 पुलिसकर्मियों को धमकी मिले व्यक्तियोँ की सुरक्षा में लगा रखा है, जबकि प्रदेश के थाना-चौकियों में पुलिस स्टाफ की भारी कमी है और आम जनता के काम रुके पड़े हैं। भय और असुरक्षा के ऐसे माहौल में हरियाणा में कोई भी नया उद्योगपति या व्यापारी निवेश करने को तैयार नहीं है। नीरज शर्मा ने मुख्यमंत्री/गृह मंत्री से गुजारिश करते हुए कहा कि यदि उन्हें चुनाव प्रचार और पंजाब के राजनीतिक दौरों से फुर्सत मिले, तो वे हरियाणा की जनता की सुध लें। केवल विज्ञापनों और दावों तक सीमित रहने के बजाय सरकार बिगड़ी कानून व्यवस्था पर तुरंत कठोर कदम उठाए। सुरक्षा में लगाए गए इन 700 पुलिसकर्मियों को जनता की सेवा और सुरक्षा में तैनात किया जाए ताकि प्रदेश में व्यापारियों और आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण मिल सके तथा रंगदारी और गैंगस्टरों के इस आतंक का जड़ से खात्मा हो सके।0
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मरघट की बदहाली: दो गांवों में खुले आसमान में अंतिम संस्कार, क्यों व्यवस्था मौन?
Damoh, Madhya Pradesh:बहुत कठिन है डगर मरघट की, दलदल से गुजरती अंतिम यात्रा, कहीं खुले आसमान के नीच तो कहीं पालीथीन लगाकर हो रहा अंतिम संस्कार.. एंकर/ एमपी के दमोह में जीते जी आदमी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है तो मरने के बाद लोगों को सुकून वाली अंतिम यात्रा नसीब नहीं होती तो अंतिम संस्कार भी ऐसा कि जो कड़ी मशक्कत के बाद ही हो पाता है। जिले में विकास के दावों की पोल खोलती दो तस्वीरें सामने आई है जो अंतिम संस्कार को लेकर ही है और सिस्टम के सामने ये हालात मुंह चिड़ा रहे है। अब पहली तस्वीर देखिए ये जिले के पटेरा ब्लाक के तहत आने वाले रमपुरा गांव से सामने आई है। इस गांव में एक बुजुर्ग महिला का निधन हो गया, बारिश तेज थी और रुकने का नाम नहीं ले रही थी और लोगों ने घंटों तक इंतजार क्या और जरा सा पानी थमा तो अंतिम यात्रा शुरू हुई और जब लोग मरघट तक जानें के चले तो जैसे उन्हें किसी ने सजा दे दी हो। पूरा रास्ता कीचड़ से सना हुआ , जिन लोगों ने जूते चप्पल पहने थे उन्होंने उतार दिए और दलदल से होती हुई अंतिम यात्रा ş्मशान घाट तक पहुंच गई, इस यात्रा में शामिल हर एक सिस्टम को कोस रहा था, जो लोग इस गांव के थे उन्हें शायद अचम्भा नहीं हो रहा था क्योंकि उनकी कई पीढ़ियां ये दंश झेलती चली आ रही है लेकिन जो नाते रिश्तेदार और बाहर के लोग थे उन्हें ये देखकर बेहद तकलीफ हुई और लोग खुद को रोक नहीं पाए और मामला इतना ही कष्ट देने वाला नहीं था बल्कि शव जल पाता है या नहीं इसकी गारंटी नहीं क्योंकि अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे ही होना था और यहां एक टीन शेड तक नहीं और बारिश के मौसम में खुले में संस्कार करना मतलब मुर्दे के जलने की कोई गारंटी नहीं फिर भी लोग मजबूर है क्योंकि अंतिम संस्कार किए बगैर रह नहीं पाते और सरकार नेताओं अफसरों की कोसते हुए लोगों ने अंतिम संस्कार कर ही दिया लेकिन मरघट के हालातों को कैमरों में कैद करने के बाद लोगों ये वीडियो जिम्मेदार अफसरों तक भी भेजे और गुहार लगाई कि कुछ मत करिए लेकिन लोगों के मरने के बाद सुकून से अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की सुविधा तो दे दीजिये। अब जरा दूसरी तस्वीर जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई और जो भी इसे देख रहा है वो सोचने मजबूर है। ये तस्वीर जिले के हटा ब्लाक के तहत आने वाले पाँजी गांव की है जहां बारिश के दिनों में शवों को पालीथीन के नीचे जलाया गया। सालों से यहां मरघट में व्यवस्थाओं की मांग उठती चली आ रही लेकिन कुछ नहीं हुआ, बारिश के दिनों में यदि किसी की मृत्यु होती हे तो अंतिम संस्कार ऐसे ही तिरपाल या पालीथीन बांधकर ही होता हे। सरकार यहां एक टीन शेड तक नहीं लगा पाई। बहरहाल हालात सही नहीं हे। तश्वीर सब कुछ कह रही हे जो आसानी से समझी जा सकतीं हे बस कोई नहीं समझ पा रहा तो वो जिम्मेदार हे बाइट / आक्रोशित लोग0
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*पेड़ से टकराकर खाई में गिरी बोलेरो, एक की मौत अन्य घायल*
Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। थाना क्षेत्र अंतर्गत इटियाथोक-खरगूपुर मार्ग स्थित बेंदुली मोड के पास शुक्रवार की रात बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से टकराकर खाई में गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई।वहीं बोलेरो चालक सहित कई अन्य घायल हो गए।घटना से मृतक के घर में कोहराम मच गया। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर रात खरगूपुर थाना क्षेत्र के बालपुर पिपरा भोदर गांव निवासी कृष्णा प्रसाद वर्मा (39) पुत्र शोभाराम गांव के ही बोलेरो चालक हरिश्चंद्र वर्मा व मिथिलेश वर्मा (24) पत्नी हेमराज वर्मा, उर्मिला (50) पत्नी हरिश्चंद्र वर्मा, किशन (11) पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा, शिवा(08) पुत्र हरिश्चंद्र वर्मा के साथ बोलोरो गाड़ी में सवार होकर इटियाथोक डॉक्टर अरुण मिश्रा के यहां आ रहे थे।रास्ते में ही बेंदुली गांव के पास मोड पर वाहन अनियन्त्रित होकर पेड़ से जा टकराई, उसके बाद गढ्ढे में गिर गई।वाहन में सवार सभी लोगों को डायल एम्बुलेंस की मदद से उपचार के लिए इटियाथोक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने कृष्णा प्रसाद को मृत घोषित कर दिया।जबकि हादसे में चोटिल हुए अन्य लोगों का इलाज चल रहा है।0
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गया के आर्मी अकादमी से 253 अधिकारी कमीशन्ड, टेक्निकल बैच का शानदार पासिंग आउट
Gaya, Bihar:ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, गया में शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) पुरुष और महिला बैच की चौथी पासिंग आउट परेड के दौरान देश को मिले 253 अधिकारी ज्ञान और मोक्ष की नगरी गयाजी में स्थापित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में पासिंग आउट परेड कार्यक्रम को आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए वियतनाम पीपुल्स आर्मी के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग ने परेड ग्राउंड और कैडेट्स का निरीक्षण किया। कुशल, सटीक और तालमेल भरी ड्रिल गतिविधियों ने सभी दर्शकों में गर्व की गहरी भावना जगाई। इस गरिमापूर्ण समारोह में शॉर्ट सर्विस कमीशन, टेक्निकल एंट्री (पुरुष और महिला) के चौथे बैच को अधिकारी के तौर पर कमीशन किया गया। इस परेड में 253 ऑफिसर कैडेट्स की पासिंग आउट हुई, जिन्होंने भारतीय सेना के कमीशन प्राप्त अधिकारी बनने के लिए 'अंतिम पग' (अंतिम कदम) पार किया। इसमें SSC (टेक्निकल) पुरुष-65 कोर्स के 218 ऑफिसर कैडेट्स और SSC (टेक्निकल) महिला-36 कोर्स के 35 ऑफिसर कैडेट्स शामिल थे। पासिंग आउट परेड के लिए एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार परेड कमांडर थे। रिव्यूइंग ऑफिसर ने उन ऑफिसर कैडेट्स को मेडल प्रदान किए जिन्होंने अपनी ट्रेनिंग के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया। एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार ने 'बेस्ट ऑल-राउंडर' चुने जाने पर प्रतिष्ठित 'स्वोर्ड ऑफ ऑनर' जीता। उन्हें गोरखा राइफल्स में कमीशन किया गया है। एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार ने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में पहला स्थान हासिल करने पर गोल्ड मेडल जीता। उन्हें गोरखा राइफल्स में कमीशन किया गया है। बटालियन अंडर ऑफिसर दीपक सिंह रावत ने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में दूसरा स्थान हासिल करने पर सिल्वर मेडल जीता। उन्हें राजपूत रेजिमेंट में कमीशन किया गया। एकेडमी कैडेट एडजुटेंट नवनीत सिंह ने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में तीसरा स्थान हासिल करने पर ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें पैरा स्पेशल फोर्सेज में कमीशन किया गया है। कालीधर कंपनी ने ओवरऑल चैंपियन कंपनी बनने पर 'चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ बैनर' जीता। पासिंग आउट परेड के बाद पिप्पिंग सेरेमनी ऑफ़िसर कैडेट्स और उनके परिवारों के लिए संतुष्टि और गर्व का एक शानदार पल था। महीनों की अटूट लगन और कड़ी मेहनत के नतीजे के तौर पर, यह उनकी यात्रा का एक अहम पड़ाव था। बिगुल बजते ही उनके कंधों पर स्टार लगाए गए, जो उनके कमीशंड ऑफ़िसर बनने का प्रतीक था। एकेडमी एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रखर धागत द्वारा देश की सेवा करने की गंभीर शपथ दिलाने के साथ ही जश्न की शुरुआत हुई, क्योंकि कैडेट्स ने भारतीय सेना के भविष्य के लीडर्स के तौर पर अपनी नई भूमिकाओं को अपनाया। गर्व से सिर उठाकर और मकसद से भरे दिलों के साथ, नए कमीशंड ऑफ़िसर्स सम्मान और कर्तव्य से भरी ज़िंदगी की ओर अपना 'पहला कदम' बढ़ाने के लिए गर्व से आगे बढ़े। बाइट:- लेफ्टिनेंट राघवेंद्र झा, दरभंगा बिहार बाइट:- देवेंद्र कुमार झा, लेफ्टिनेंट राघवेंद्र झा के पिता बाइट:- लेफ्टिनेंट कैडेट्स, बाइट:- लेफ्टिनेंट कैडेट्स, के पिता0
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मुंगेर के औड़ाबगीचा में घर का ताला तोड़कर साढ़े नौ लाख की चोरी
Munger, Bihar:बंद घर का ताला तोड़कर साढ़े नौ लाख से अधिक की चोरी। दिल्ली गए परिवार के पीछे चोरों ने खंगाले ऊपर-नीचे के सभी कमरे, डेढ़ लाख नकद समेत सोने-चांदी के जेवरात ले गए\n\nमुंगेर : धरहरा थाना क्षेत्र के औड़ाबगीचा गांव में बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने नकदी और जेवरात समेत साढ़े नौ लाख रुपये से अधिक की संपत्ति चोरी कर ली। घटना की जानकारी शनिवार की सुबह उस समय हुई, जब घर के बाहर की लाइट बंद करने पहुंचे गृहस्वामी के पिता ने मुख्य दरवाजे का दोनों ताला टूटा देखा। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। औड़ाबगीचा निवासी कृष्णनंदन सिंह की पुत्री बबीता सिंह अपने मायके में ही घर बनाकर कई वर्षों से रह रही हैं। उनके पति और पुत्र दिल्ली में काम करते हैं। बबीता सिंह ने फोन पर बताया कि पुत्र रितिक के बीमार पड़ने की सूचना मिलने पर वह अपनी बहु के साथ 21 August को दिल्ली चली गई थीं। घर में ताला लगा हुआ था। शनिवार की सुबह करीब छह बजे उनके पिता घर के बाहर की लाइट बंद करने पहुंचे। मुख्य द्वार का ताला टूटा देखकर उन्होंने तत्काल इसकी सूचना बबीता सिंह को फोन पर दी। इसके बाद स्थानीय थाना को भी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंचकर मामले की छानबीन मे जुट गई।\n\nपीड़िता के अनुसार, चोरों ने घर के ऊपर और नीचे स्थित सभी कमरों को खंगाला। तीन कमरों में रखे गोदरेज और ट्रंक का ताला तोड़कर करीब डेढ़ लाख रुपये नकद तथा लगभग आठ लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। चोरी गए सामान में मंगलसूत्र, टीका, पांच अंगूठियां, कान और गले के आभूषण, पायल, मछली समेत अन्य जेवरात शामिल हैं।\n\nधरहरा थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस को घटनास्थल पर भेजा गया है। अभी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर को लंबे समय तक बंद कर कहीं बाहर जाने की स्थिति में इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को अवश्य दें।\n\nबाइट :कृष्णनंदन सिंह पीड़ित का पिता0
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पटना गांधी मैदान में वित्तरहित शिक्षकों का प्रदर्शन, वेतन-अनुदान के लिए आमरण अनशन चेतावनी
Patna, Bihar:पटना के गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर पर वित्तरहित शिक्षकों ने वेतनमान और वर्षों से लंबित अनुदान की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया ,शिक्षक कफन पदयात्रा निकालते हुए जेपी गोलंबर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में या तो वेतन देदो, या कफन देदो के नारे लगाए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार के माध्यमिक विद्यालय, इंटर विद्यालय और डिग्री विद्यालयों में कार्यरत सभी वित्वरहित शिक्षक-कर्मचारियों को वेतनमान दिया जाए, शिक्षकों का दावा है कि सरकार की अनुदान नीति के तहत उनका 8, 9 और 10 साल तक का अनुदान बकाया है, लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षक आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा समिति की ओर से वेतनमान देने की अनुशंसा की गई है और हाईकोर्ट की तरफ से भी उनके पक्ष में आदेश आया है, शिक्षकों का आरोप है कि बिहार सरकार बार-बार कोर्ट में अपील और रिव्यू पिटिशन के जरिए मामले को आगे बढ़ा रही है प्रदर्शनकारियों ने अब सरकार को आमरण अनशन की चेतावनी दी है, शिक्षकों का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे और जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे इधर, कफन पदयात्रा को देखते हुए प्रशासन ने जेपी गोलंबर की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी, सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद रही प्रशासन की रोक के बाद वित्तरहित शिक्षक जेपी गोलंबर पर ही धरने पर बैठ गए, प्रदर्शन के चलते यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस जेपी गोलंबर और आसपास के रास्तों पर यातायात को दोबारा सुचारू कराने में जुटी है। स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।0
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भाजपा सरकार का वह नारा यहां बेकार साबित हो रहा है जिसमें कहा गया हैसबका साथ सबका विकास सबका विश्वास
Gonda, Uttar Pradesh:भाजपा सरकार का वह नारा यहां बेकार साबित हो रहा है जिसमें कहा गया है ,सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास, गोण्डा जिले के विधान सभा कटरा बाजार के विकास खंड रुपईडीह के ग्राम वीरपुर भोज को जाने वाली सड़क कोआप यह देख सकते हैं कि सड़क पर विसूही नदी का तेज धार पानी बह रहा है,यहां के सपा नेता विनोद कुमार शुक्ला का आरोप है कि इसके पास नदी पर करीब 25 वर्ष पूर्व एक पुल का निर्माण किया गया था जिसका आज तक मरम्मत तक नहीं किया गया। यहां थोड़ा आगे विसूही नदी का तेज धार सड़क को पार कर रहा है जिसपर आने जाने वालों को खतरा बना हुआ है, कुछ वर्ष पूर्व यहां एक बच्चे की डूब कर मौत भी हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी ना तो प्रशासन ने कुछ किया और ना यहां के 15 वर्षों से विधायक होते आ रहे विधायक बावन सिंह ने ही कुछ किया। आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़क पर आप देख सकते हैं तेज धार में पानी बह रहा है इसमें आने-जाने में असुविधा हो रही है। इस सड़क के दाहिने और बाएं आप नहीं जा सकते हैं काफी गहराई है और कहां से सड़क है। अपरिचित तो अगर थोड़ा सा दाएं और बाएं हुआ तो सीधे नदी में चला जाएगा और उसकी डूब कर मौत निश्चित है। विनोद शुक्ला ने इस सड़क के निर्माण और ऐसे स्थल पर दोनों तरफ एंगल लगाने की मांग की है। जिससे यह जानकारी हो जाए कि यहां के बाद गहराई है। और यहां सड़क है फिर हाल सपा नेता के इस कदम को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा और वीरपुर भोज के गांव वासियों द्वारा सरहाना की है।0
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कांग्रेस राहुल गांधी मुकदमे और रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले पर राष्ट्रपति से मिलने की धमकी
Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत हंडोरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने मामले के जांच अधिकारी सीओ अमित सैनी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण को लेकर बातचीत की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीओ हल्द्वानी को ज्ञापन सौंपते हुए राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है, कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी रामलीला मैदान के शुद्धिकरण के मामले को भी प्रमुखता से उठाया। राज्यसभा सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, हंडोरे ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से दोनों मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के सभी SC सांसद जल्द ही इस मामले पर राष्ट्रपति से भी मिलेंगे,0
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Shahpura waterlogged funeral procession exposes administrative claims
Jaipur, Rajasthan:जिला - JAIPUR विधानसभा - शाहपुरा(जयपुर ग्रामीण) कस्बा - शाहपुरा देवन रोड पर जलभराव के बीच निकली शव यात्रा, बारिश के गंदे पानी से होकर अंतिम यात्रा को गुजरना पड़ा, फिसलने के खतरे के बीच लोगों ने दी अंतिम विदाई। जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था ने खोली प्रशासन के विकास के दावों की पोल; जिम्मेदारों की अनदेखी पर लोगों में नाराजगी। शाहपुरा(जयपुर ग्रामीण)- किसी अपने को अंतिम विदाई देने निकली शव यात्रा के सामने जब रास्ता नहीं, बल्कि गंदे बरसाती पानी का सैलाब खड़ा हो जाए, तो यह महज जलभराव की समस्या नहीं रह जाती, बल्कि पूरी व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल बन जाती है। शाहपुरा के देवन रोड पर शनिवार को कुछ ऐसा दृश्य सामने आया, जहां जलभराव के बीच से शव यात्रा को गुजरना पड़ा। शव यात्रा में शामिल लोगों को पानी के बीच से संभल-संभलकर गुजरना पड़ा। हर कदम पर फिसलने और हादसे का खतरा बना रहा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों के मन में एक ही सवाल था, क्या किसी इंसान की अंतिम यात्रा के लिए भी प्रशासन एक साफ और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं करा सकता? बारिश ने शहर की सड़कों पर पानी क्या भरा, प्रशासन के जलनिकासी और विकास के दावों की परतें भी बह गईं। कागजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त नजर आती हैं, लेकिन जमीन पर हालात यह हैं कि आम राहगीर तो दूर, शव यात्रा तक को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। देवन रोड का यह दृश्य सिर्फ जलभराव की तस्वीर नहीं है, बल्कि व्यवस्थाओं की उस संवेदनहीनता का आईना है, जहां समस्या का समाधान बारिश आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले होना चाहिए था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाता है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। विकास के दावों के बीच देवन रोड का यह दृश्य प्रशासन से सवाल पूछ रहा है—जब शहर की एक अंतिम यात्रा को भी गंदे पानी में रास्ता तलाशना पड़े, तो आखिर इन विकास के दावों का फायदा किसे मिला?0
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वाराणसी में बाढ़ से संक्रमण खतरा बढ़ा; अस्पताल ने डेंगू-स्वाइन फ्लू के लिए तैयारियां पूरी कर लीं
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी में बाढ़ से बढ़ा संक्रमण का खतरा गंगा का पानी धीरे-धीरे कम होने के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलजमाव से बीमारियों का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। • शिवप्रसाद गुप्त अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, मंडलीय चिकित्सालय ने संभावित मरीज बढ़ने की आशंका को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली है। • डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं और बेड रिजर्व रखे गए हैं। • वाराणसी के तटीय व निचले इलाके पानी में डूबे हुए हैं, जिससे स्वच्छता और कीटनाशक छिड़काव की चुनौती बढ़ गई है। • जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और मौसम बदलने से डेंगू व स्वाइन फ्लू के फैलने की आशंका जताई जा रही है। • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत कार्यों और तैयारियों का जायजा लेंगे। • मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ितों के लिए बने राहत कैंपों का निरीक्षण करने के साथ स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी निर्देश देंगे। • ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सभी आवश्यक एंटीबायोटिक्स, सिरप व टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई गई हैं। • अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। • प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के निवासियों से उबला हुआ पानी पीने, आसपास पानी न जमा होने देने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने का आग्रह किया है।0
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आगरा में जलभराव ने प्रसव के लिए एंबुलेंस नहीं पहुँचाई
Agra, Uttar Pradesh:प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला तक नहीं पहुंची एंबुलेंस। जलभराव बना दीवार, एंबुलेंस के पहिए थमे। बारिश में गांव के रास्ते पर जलभराव बना मुसीबत। प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को चारपाई पर लिटाया। चारपाई को कंधों पर उठाकर जलभराव से गुजरे परिजन। करीब आधा किलोमीटर तक जलभराव में चले परिजन। मजबूर परिजन महिला को एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे। गर्भवती महिला को चारपाई पर ले जाते हुए वीडियो वायरल। सिस्टम की नाकामी की तस्वीर आई सामने। सवाल - जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो विकास के दावे कितने सच। ग्रामीण बोले बीमारी में वाहन नहीं चारपाई ही सहारा। फतेहाबाद क्षेत्र के गांव राम दास ठार चाची पुरा खड़ेर का मामला।0
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