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RJRakesh JaiswalFollow8 Aug 2024, 11:46 am
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अंबाला छावनी के श्री सनातन धर्म मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारी जोरों पर

Ambala, Haryana:अंबाला छावनी के ऐतिहासिक श्री सनातन धर्म मंदिर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियाँ जोरों पर हैं। 1932 में स्थापित इस मंदिर को जन्माष्टमी के लिए दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। 4 सितंबर की रात भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव अलौकिक और इलेक्ट्रॉनिक झांकियों के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में करीब 10 से 15 क्विंटल ताजे फूलों से सजावट होगी और रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना व आरती की जाएगी। राजस्थान के लाल पत्थर और खूबसूरत नक्काशी से बना मंदिर अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। इस बार छह इलेक्ट्रॉनिक झांकियाँ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी, जिनमें जन्म से लेकर यमुना पार ले जाने तक के प्रसंग दिखाए जाएंगे। जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह है। मंदिर में पहुंच रही महिलाओं का कहना है कि हर साल सजावट आकर्षण का केंद्र रहती है और इस बार पहले से ज्यादा खूबसूरत नजर आएगा। श्रद्धालुओं के मुताबिक मंदिर आकर आस्था के साथ-साथ सुकून भी मिलता है। कई श्रद्धालु दशकों से यहां जन्माष्टमी मनाते आ रहे हैं। राजस्थानी शैली की नक्काशी इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाती है। श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान के मुताबिक मंदिर को हजारों ताजे और कृत्रिम फूलों के साथ रोशनी से सजाया जा रहा है। 4 सितंबर की रात जन्म के समय विशेष पूजा और आरती होगी। जन्माष्टमी पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है.
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लातूर में मराठा समाज का आक्रामक प्रदर्शन, तत्कालीन आरक्षण की मांग

Latur, Maharashtra:लातूरमध्ये मराठा समाज आक्रमक... आरक्षणाच्या मागणीसाठी निलंग्यातून शेकडो मराठा बांधव अंतरवालीकडे रवाना... रस्त्यावर उतरून जोरदार घोषणाबाजी... तात्काळ आरक्षण द्या, अन्यथा सळो की पळो करून सोडू सरकारला मराठा समाजाचा इशारा.... लातूरमध्ये मराठा समाज पुन्हा एकदा आक्रमक झाल्याचं पाहायला मिळत आहे… मराठा आरक्षणाच्या मागणीसाठी निलंगा तालुक्यातील शेकडो मराठा बांधव आज अंतरवाली सराटीकडे रवाना झाले आहेत. रस्त्यावर उतरत सरकारच्या विरोधात जोरदार घोषणाबाजी करत आपला रोष व्यक्त केलाय…मराठा समाजाला तात्काळ आरक्षण द्यावं, अशी मागणी आंदोलकांनी केली आहे. आरक्षणाचा प्रश्न तातडीने मार्गी न लावल्यास सरकारला सळो की पळो करून सोडू, असा इशाराही मराठा समाजाच्या कार्यकर्त्यांनी दिला आहे. निलंगा तालुक्यातून शेकडो मराठा बांधव अंतरवालीच्या दिशेने निघाल्याने या आंदोलनाची तीव्रता आता वाढताना दिसत आहे.
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कोसी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, मैदानी क्षेत्र में अलर्ट जारी

Noida, Uttar Pradesh:कोसी नदी ने दिखाया रौद्र रूप! आज फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू, कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता.मैदानी इलाकों में अलर्ट पहाड़ों में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है,लगातार हो रही बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है,पहाड़ों में बारिश के बाद रामनगर की कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, देर रात कोसी नदी ने इस बरसात का अब तक का सबसे अधिक जलस्तर दर्ज किया, जब नदी में पानी का बहाव 47 हजार क्यूसेक से भी अधिक पहुंच गया. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. जानकारी के मुताबिक जहाँ कल मंगलवार सुबह कोसी नदी का जलस्तर करीब 19 हजार क्यूसेक था,लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश के बाद कुछ ही घंटों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। देर रात तक नदी में पानी का बहाव 47 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गया। अचानक बढ़े जलस्तर के बाद कोसी नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और मैदानी क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई. हालांकि आज सुबह नदी का जलस्तर देर रात की तुलना में कुछ कम हुआ है और करीब 25 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। लेकिन इसी बीच आज सुबह से एक बार फिर मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है, जिसके चलते नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर 20 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचने के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। विभाग द्वारा अल्मोड़ा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अल्मोड़ा की ओर से कोसी नदी में अतिरिक्त पानी आने की संभावना रहती है, जिसके चलते मैदानी क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ सकता है। फिलहाल विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी हालत में कोसी नदी के तेज बहाव के नजदीक नहीं जाने की अपील की जा रही है。
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जलपाइगुड़ी मेडिकल कॉलेज के पास कूड़ा-करकट से मरीजों के रिश्तेदार नाराज़

Jalpaiguri, West Bengal:মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পালের কড়া নির্দেশ। আর এই দৃশ্য জলপাইগুড়িতে বুধবার জी ২৪ ঘন্টায় ক্যামেরা বন্দী । মেডিকেল কলেজের রাস্তার ধারে আবর্জনার স্তূপ, চরম দুর্ভোগে রোগীর পরিজন ও স্থানীয়রা। জলপাইগুড়ি মেডিকেল কলেজ ও হাসপাতাল এবং সুপার স্পেশালিটি হাসপাতালের রাস্তার ধারে জমে রয়েছে ময়লা-আবর্জনার স্তূপ। হাসপাতালের মতো গুরুত্বপূর্ণ ও ব্যস্ত এলাকায় এভাবে রাস্তার পাশে আবর্জনা পড়ে থাকায় চরম সমস্যায় পড়েছেন স্থানীয় বাসিন্দা থেকে শুরু করে রোগীর আত্মীয়-পরিজনেরা। অভিযোগ, হাসপাতাল চত্বরে আসা-যাওয়ার পথে রাস্তার ধারে যত্রতত্র আবর্জনা ফেলে রাখা হচ্ছে। বিশেষ করে area's কয়েকজন দোকানদারের একাংশই নাকি এখানে নিয়মিত ময়লা ফেলছেন। যার জেরে দুর্গন্ধ ছড়ানোর পাশাপাশি পরিবেশ দূষণের আশঙ্কাও তৈরি হয়েছে। হাসপাতালে চিকিৎসার জন্য প্রতিদিন বহু মানুষ আসেন। তাঁদের আত্মীয়-পরিজনদেরও দীর্ঘ সময় এই এলাকায় থাকতে হয়। ফলে হাসপাতালের মতো স্পর্শকাতর এলাকায় রাস্তার ধারে এভাবে আবর্জনা জমে থাকায় ক্ষোভ তৈরি হয়েছে তাঁদের মধ্যে। যদিও স্থানীয় ব্যবসায়ীদের একাংশের বিরুদ্ধে ওঠা এই অভিযোগ অস্বীকার করেছেন তাঁরা। তাঁদের দাবি, ব্যবসায়ীরা নিজেরা নির্দিষ্ট জায়গাতেই আবর্জনা রাখেন। বাইরে থেকে এসে কেউ বা কারা এখানে ময়লা ফেলছে বলেও দাবি তাঁদের। এখন প্রশ্ন উঠছে, হাসপাতালে মতো গুরুত্বপূর্ণ এলাকায় রাস্তার ধারে এভাবে আবর্জনা জমে থাকবে কেন? নিয়মিত আবর্জনা পরিষ্কার এবং যত্রতত্র ময়লা ফেলা বন্ধ করতে প্রশাসন ও পুরসভার পক্ষ থেকে কী পদক্ষেপ নেওয়া হয়, সেদিকেই তাকিয়ে সকলে。 হাসপাতাল এলাকাকে পরিষ্কার-পরিচ্ছন্ন রাখতে দ্রুত ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানিয়েছেন স্থানীয় বাসিন্দা এবং রোগীর আত্মীয়-পরিজনেরা। রিপোর্ট :- প্রদ্যুৎ দাস ( জলপাইগুড়ি )
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चंद्रपुर शहर में भारी वाहन प्रवेश समय बदला: सुबह 9 से रात 9 बजे तक प्रतिबंध

Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपूर शहरातील जड वाहनांच्या प्रवेशबंदीच्या वेळेत बदल, सकाळी ९ ते रात्री ९ वाजेपर्यंत जड वाहनांना प्रवेशबंदी. जीवनावश्यक वस्तूंची वाहतूक आणि स्कूल बसेससाठी विशेष शिथिलता. यापुढे सकाळी ९ ते रात्री ९ वाजेपर्यंत जड वाहनांना शहरातील संबंधित मार्गांवर प्रवेशबंदी राहणार आहे. यासंदर्भात पोलीस अधीक्षक आयुष नोपाणी यांनी पूर्वीच्या आदेशात अंशतः बदल करून अधिसूचना (शुद्धिपत्रक) निर्गमित करण्याचे ठरविले आहे. शहरातील वाहनांची संख्या वाढल्यामुळे निर्माण होणारी वाहतूक समस्या, रहदारीतील अडथळे आणि नागरिकांची गैरसोय लक्षात घेऊन व्यवस्थेत आवश्यक बदल करण्याची गरज निर्माण झाली आहे. वाहतूक सुरळीत ठेवण्याबरोबरच अपघातामुळे जीवित अथवा वित्तहानी होऊन नये तसेच कायदा व सुव्यवस्थेचा प्रश्न निर्माण होऊ नये, या दृष्टीने हा निर्णय घेण्यात आला आहे. शहरातील नागरिकांसाठी पेट्रोल, डिझेल आणि केरोसिन यांसारख्या जीवनावश्यक वस्तूंची वाहतुक करणारी जड वाहने वेळेवर पोहोचणे आवश्यक आहे. या बाबीचाही नव्या वाहतूक नियोजनात विचार करण्यात आला आहे. चंद्रपूर शहराच्या परकोटाच्या आतील भागातील शाळांमध्ये विद्यार्थ्यांची ने-आण करणाऱ्या स्कूल बसेसना विशेष शिथिलता देण्यात येणार आहे. मात्र या बसेसना परकोटाच्या आतील सर्व मार्गांवरून मुक्तपणे प्रवेश करता येणार नाही. स्कूल बसेसना जटपुरा गेटमार्गे कस्तुरबा रोडने प्रवेश करून मराठी सिटी शाळेजवळ विद्यार्थ्यांना सोडता अथवा घेता येईल. त्यानंतर गिरनार चौक – अंचलेश्वर गेट – राजीव गांधी इंजिनिअरिंग कॉलेजमार्गे बायपास रोडने बाहेर जावे लागेल. तसेच या स्कूल बसेस शहरातील कोणत्याही रस्त्यावर उभ्या करता येणार नाही.
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बाजपुर के मदरसे की सील पर संचालक का दावा: रजिस्ट्रेशन और शुल्क जमा थे

Jaspur, Uttarakhand:बाजपुर में मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम सील, संचालक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल स्थान – बाजपुर, ऊधम सिंह नगर मदरसा संचालक ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। संचालक का कहना है कि मदरसे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने मदरसे को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि बाजपुर में मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पहुंची। टीम ने कार्रवाई करते हुए मदरसे को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक ने इसे लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मदरसा संचालक के मुताबिक, कुछ समय पहले रुद्रपुर में मदरसों के संबंध में एक बैठक आयोजित हुई थी। संचालक का दावा है कि बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह बरनाला और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। संचालक के अनुसार बैठक में मदरसों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिए जाने की बात कही गई थी। इसी के तहत मदरसे के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया और निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया गया। मदरसा संचालक का आरोप है कि जब राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मदरसे को सील करने पहुंची तो अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद भी दिखाई गई। हालांकि, संचालक का कहना है कि इसके बावजूद अधिकारियों ने दस्तावेजों को स्वीकार नहीं किया और मदरसे को सील करने की कार्रवाई जारी रखी। फिलहाल प्रशासन की ओर से मदरसे को सील करने की कार्रवाई की गई है, जबकि मदरसा संचालक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन और शुल्क जमा किए जाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर क्या आधिकारिक वजह बताई जाती है और मदरसा संचालक द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। बाइट - रिचा सिंह ( एस डी एम बाजपुर ) बाइट - इरशाद अली ( मदरसा संचालक )
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गढ़चिरौली में 14 आत्मसमर्पित नक्सलियों को भूखंड, पुनर्वसन निधि वितरित

Gadchiroli, Maharashtra:जिल्ल्यात आजवर एकूण 819 नक्षलवादीांनी गडचिरोली पोलीस दलासमोर आत्मसमर्पण केले आहे. आत्मसमर्पित नक्षल सदस्यांसाठी आत्तापर्यंत एकूण 174 भुखंड मंजूर झाले असून त्यापैकी 153 भुखंडांचे वाटप याआधी करण्यात आले आहे. याच कार्यक्रमात आत्मसमर्पित नक्षल सदस्यांच्या मुलांना सायकल आणि शैक्षणीक साहित्याचे वाटप करण्यात आले. यासोबतच नक्सल सदस्यांना वाहन चालक परवानाचे वितरण करण्यात आले. कार्यक्रमात गडचिरोलीचे जिल्हाधिकारी अविश्यांत पंडा यांनी आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यांना शासनाच्या विविध पुनर्वसन योजनांचा लाभ घेण्याचे आवाहन केले तर गडचिरोलीचे पोलीस अधीक्षक एम. रमेश यांनी हिंसाचाराचा मार्ग सोडून शांतता, विकास व प्रगतीचा मार्ग स्वीकारणा-या आत्मसमर्पित नक्षल सदस्यांचे कौतुक करुन त्यांना उज्ज्वल भविष्यासाठी शुभेच्छा दिल्या.
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