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कटनी में बस और कार की टक्कर में चार लोगों की गई जान
Katni, Madhya Pradesh:कटनी जिले के एनकेजे थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ। पौड़ी मोड के पास एक बस का टायर फटने से वह अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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खरीफ 2025 में फसल कटाई ऑफलाइन करने पर चार्जशीट; बीमा योजनाओं में कड़े प्रावधान
Jaipur, Rajasthan:फसल बीमा क्लेम में देरी और लापरवाही पर राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन माध्यम से फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया पूरी करने वाले राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कार्मिकों को अब चार्जशीट दी जाएंगी। कृषि आयुक्त ने इस सम्बंध में सभी जिलों के कलक्टर को पत्र लिख दिया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2025 में हुई गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। खरीफ 2025 के दौरान फसल कटाई प्रयोग को निर्धारित मानकों के अनुसार डिजिटल माध्यम से पूरा न करने पर कृषि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ऑनलाइन एप का इस्तेमाल न कर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने वाले कार्मिकों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इस सम्बंध में सभी जिला कलक्टरों और कृषि विभाग के सभी संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि भारत सरकार की परिचालन मार्गदर्शिका 2023 और जारी दिशा-निर्देशों में साफ था कि फसल उपज के निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन के लिए 100% फसल कटाई प्रयोग 'CCE Agri App' के माध्यम से ही किए जाएंगे। ऑनलाइन आंकड़े प्राप्त होने से राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर वास्तविक उपज की स्वचालित गणना होती है, जिससे किसानों के बीमा क्लेम का त्वरित और पारदर्शी निपटान सुगम तरीके से होता है। फसल कटाई प्रयोग में गड़बड़ी क्या हुई: खरीफ 2025 सत्र में कई प्राथमिक कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी की; राजस्व विभाग के पटवारी व गिरदावर ने गड़बड़ी की; कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी ने भी की गड़बड़ी; नियमों का उल्लंघन करते हुए ऑफलाइन मोड में फसल कटाई प्रयोग संपन्न किए; इसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना, कहा, इससे क्लेम का निर्धारण प्रभावित हुआ; पात्र बीमित किसानों के क्लेम भुगतान में देरी हुई; साथ ही उपज आंकड़ों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए; कृषि आयुक्त ने सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिख निर्देश दिए; दोषी पटवारियों, गिरदावरों को 17 सीसीए में चार्जशीट देने के निर्देश दिए; सभी जिलों के संयुक्त निदेशकों, कृषि विस्तार को भी निर्देश दिए; सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों को भी चार्जशीट दी जाएगी।बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस बार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कृषि विभाग ने 4 बीमा कम्पनियों के साथ एक साल की फसलों के लिए अनुबंध किया है। अनुबंध में इस बार फसल बीमा कंपनियों के गड़बड़ी करने पर उन पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तय की गई है। बीमित किसान व परिजनों को तय समय पर क्लेम का भुगतान मिल सके, इसके लिए कई प्रावधान लागू किए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा में इस बार ये प्रावधान भी हैं लागू: बीमा कंपनी को 7 दिन में किसानों को बीमा पॉलिसी की कॉपी भेजनी होगी; पोस्ट हार्वेस्टिंग हानि प्रकरणों में 48 घंटे में सर्वेयर नियुक्त करना होगा; सर्वेयर नियुक्त नहीं करने और सर्वे नहीं करने पर लगेगा जुर्माना; 20 हजार रुपए प्रति प्रकरण प्रति बीमा इकाई जुर्माना लगेगा; नियत अवधि में सर्वे नहीं करने पर प्रति शिकायत 1 हजार रुपए जुर्माना; 21 दिन में बीमा क्लेम नहीं देने पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगेगा; बिड सिक्योरिटी के तौर पर कम्पनी को 100 करोड़ की बैंक गारंटी देनी होगी; कार्य निष्पादन प्रतिभूति के रूप में अनुबंध राशि का 5 प्रतिशत देना होगा। बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग। इस तरह कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर साफ संदेश दिया है कि किसानों के हित से समझौता नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी करने वाली बीमा कम्पनियाें पर जुर्माना लगाया जाएगा। तो वहीं यदि विभागीय कार्मिक अगर लापरवाही करेंगे तो उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। Kashiraram Chaudhary, Jmedia, Jaipur0
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मीरा भाईंदर में बकरा-बंदी पर विरोध, ठराव रद्द करने की मांग तेज
Mira Bhayandar, Maharashtra:मीरा भाईंदर ब्रेक मीरा भाईंदर गृहनिर्माण संस्थांमध्ये बकरा आणण्यावर बंदी आणि २५ हजार रुपयांच्या दंडाच्या ठरावाला विरोधी पक्षनेत्या आफरीन सय्यद मुजफ्फर हुसेन यांनी तीव्र विरोध दर्शवत हा ठराव रद्द करण्याची मागणी केली. महासभेत पारदर्शकता राहावी आणि विरोधी पक्षाची भूमिका जनतेसमोर यावी यासाठी पालिका महासभेचे मीडियाद्वारे लाईव्ह प्रसारण करण्याची मागणी आयुक्तांकडे पत्राद्वारे करण्यात आली. कुर्बानीसाठी मंजूर झालेला ५० कोटींचा निधी अन्य कामासाठी वापरल्याचा दावा करत अशा वादग्रस्त ठरावांवर पालिका आयुक्त गप्प का, असा सवाल त्यांनी उपस्थित केला. कुत्रे-मांजर यांना उघड्यावर अन्न देण्यावर बंदी घालण्याच्या ठरावावर टीका करत, उच्च न्यायालयाच्या नियमानुसार प्राण्यांना अन्न देण्याचा अधिकार असल्याने स्वच्छतेची खबरदारी घेण्याचे आवाहन केले.0
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नेपाल के गंडक जलप्रवाह से बिहार में हाई अलर्ट, NDRF SDRF तैनाती
Patna, Bihar:नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इनपुट के मुताबिक गंडक नदी में करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की संभावना है। इसे देखते हुए गंडक से जुड़े जिलों में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है। स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधिकारी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में विशेष सतर्कता गंडक के संभावित बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वहीं सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ में गंडक कैचमेंट के तहत फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम बताया गया है। वहीं कोसी कैचमेंट के दोलखा और सिंधुपालचोक में भी उच्च जोखिम का पूर्वानुमान है। गंडक बैराज और तटबंधों पर निगरानी जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेट और संबंधित नहरों के संचालन के जरिए जलप्रवाह के सुरक्षित प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को तटबंधों तथा जल संसाधन संरचनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF की तैयारी संभावित बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमों की अग्रिम तैनाती की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि एक टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। बेतिया में भी NDRF टीम की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है। SSB की ओर से भी जरूरत पड़ने पर QRT और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है। निकासी और राहत की तैयारी प्रशासन को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नाव, शेल्टर और Community Kitchen की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। अफवाहों पर रोक, रोज होगी मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को नियमित मीडिया ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि अफवाह और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। सरकार की अपील—घबराएं नहीं, सतर्क रहें राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क और तैयार रहें। नागरिक केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त NDRF/SDRF टीम, नाव, QRT और अन्य संसाधनों की तत्काल तैनाती की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य संभावित बाढ़ की स्थिति में समय पर चेतावनी, त्वरित निकासी और प्रभावी राहत-बचाव सुनिश्चित करना है.0
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जालौन में बारिश से दो कच्चे मकान गिरे, महिला और किशोरी घायल—हैरान करने वाला हादसा
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में लगातार हो रही बारिश से भरभराकर गिरे दो कच्चे मकान, मकान गिरने से मलबे में दबकर 1 महिला और 1 किशोरी गंभीर रूप से हुई घायल, मलबे में दबकर दोनों घरों का गृहस्थी का सामान भी हुआ क्षतिग्रस्त, आनन-फानन में दोनों घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती, सीएचसी में डॉक्टरों ने किशोरी की हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज उरई किया रेफर, जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के मोहल्ला तलैया व महेशपुरा गांव का मामला।0
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GST ने कर्णप्रयाग में मिठाई दुकानों पर छापा; राजस्व बढ़ाने के लिए बिल चेक
Karnaprayag, Uttarakhand:एंकर रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर जीएसटी विभाग ने आज कर्णप्रयाग में मिठाइयों की दुकानों में छापेमारी की, इस दौरान जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर गुंजन ने पूरी टीम के साथ कर्णप्रयाग में मिठाईयों की दुकानों पर जीएसटी बिलो की जांच की, ताकि सरकार को अधिक से अधिक राजस्व मिल सके । मीडिया के कैमरे देख जीएसटी की टीम बचती नजर आयी ।0
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जेटपुर में 15 वर्षीय छात्र की हार्ट अटैक से मौत, परिजन शोक
Jetpur, Gujarat: રાજકોટ, જેતપુરમાં 15 વર્ષના વિદ્યાર્થીનું હાર્ટ એટેક થી મોત, પૂર્વ દિવ્યેશભાઈ મહાલીયા નામનો વિદ્યાર્થી ધોરણ-10માં કરતો હતો અભ્યાસ, ટ્યુશનથી ઘરે જતી વેળાએ માપેડમાં પેટ્રોલ ખૂટી ગયું હતું, મોપેડ દોરાવીને જતી વેળાએ ધક્કો મારતા સમયે અચાનક હૃદયરોગનો હુમલો આવ્યો, વિદ્યાર્થી નીચે ઢાળી પડ્યો હોવાના ઘટના CCTV માં કેદ થઈ, પૂર્વ નામનો વિદ્યાર્થી રસ્તા પર જ પડી ગયો, સાથી વિદ્યાર્થીઓ દોડી આવ્યા, તાત્કાલિક સારવાર માટે હોસ્પિટલ ખસેડાયો, ફરજ પરના તબીબે મૃત જાહેર કર્યો, પૂર્વ નું હૃદય અગાઉથી માત્ર 30 ટકા જ કામ કરતું હોવાનું પરિવારજનોનો દાવો, ત્રણ ભાઈઓમાં એકમાત્ર સંતાન પૂર્વ ના અકાળે મોતથી પરિવારમાં કરુણ આક્રંદ,0
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तेजस्वी यादव-चिराग पासवान ने घायल छात्रों से मुलाकात कर लाठीचार्ज पर सवाल उठाए
Patna, Bihar:छात्रों के प्रदर्शन के बाद फिर से हुई सियासत तेज तेजस्वी यादव और चिराग पासवान ने घायल छात्रों से किया मुलाकात; दोनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर खड़े किए सवाल। बिहार के छात्र अपनी मांगों को लेकर 25 अगस्त को प्रदर्शन किए थे जिसमें छात्र और पुलिस वालों के बीच झड़प हुआ और पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई छात्र घायल हुए जिनका इलाज पीएमसीएच में चल रहा है; वही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव PMCH पहुंचकर छात्रों से मुलाकात किया। तेजस्वी यादव ने अस्पताल में भर्ती आंदोलनरत छात्रों का कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों से उनके इलाज की जानकारी ली। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को सरकार की बर्बरता, निंदनीय और शर्मनाक बताया। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छात्रों के जोश और हौसले में कोई कमी नहीं है। तो वहीं एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री और लोजपा आर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी छात्रों से गर्दनीबाग जाकर मुलाकात किया वहीं फिर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले चिराग ने कहा मैं युवाओं के साथ या हर उस वर्ग व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ा हूँ जिसके साथ किसी भी कारणवश कोई अन्याय हो रहा है। मुझे नहीं फर्क पड़ता कि मैं उस सरकार का हिस्सा हूँ तो क्या मैं विपक्ष की भूमिका बांध रहा हूँ? मुझे नहीं लगता कि मैं कोई विपक्ष के रूप में इन बातों को रख रहा हूँ। मैं एक ऑनेस्ट अलॉय (Honest Ally) के रूप में जहाँ पे मेरे गठबंधन के साथी तक, जिनको फैसले लेने हैं इवेंचुअली... सही जानकारी पहुँच जाए ये मेरी प्राथमिकता है। चिराग पासवान ने कहा की आज मेरी बातचीत सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री जी से छात्र-अभ्यर्थी, इन्हीं विषयों को लेकर आज मेरी बातचीत हुई है। इसके अलावा आज और कोई हम लोगों ने चर्चा विस्तार में नहीं की। मेरे लिए प्राथमिकता आज ये है कई बार आक्रोश होता है। मुझे लगता है कि जैसा मैंने कहा, संवाद ही समाधान की ओर लेकर जाएगा और अब हम लोग समाधान की ओर बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा चिराग पासवान जी को लग रहा है कि छात्रों की मांग जायज है। सरकार उस पे अत्याचार कर रही है। तो प्रधानमंत्री जी से क्यों नहीं बात करते? अगर बिहार में उनकी बात सरकार नहीं मानती है, छात्रों को अनसुनी करती है, छात्रों पे अत्याचार करती है, और छात्रों के पक्ष में अगर चिराग पासवान हैं और सम्राट सरकार उनकी बात नहीं मानती है, तो समर्थन वापस क्यों नहीं लेती? हम ये मानते हैं कि चिराग पासवान दोहरा नीति अपना रहे हैं। वो सरकार के भी साथ रहना चाहते हैं और छात्रों पे झूठी हमदर्दी भी दिखाना चाहते हैं। बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल ने कहा जो लोग विपक्ष राजनीति कर रहे हैं, वो गलत राजनीति कर रहे हैं। चिराग पासवान जी नेता हैं बिहार के और स्टूडेंट का कोई इशू है तो नेता का काम है सुनना, तो सुनें। और उनको जो चीज छात्रों का जो विषय था उसको अगर मुख्यमंत्री जी के सामने ले गए तो यह कौन सी बात हुई? सामान्य बात है यह। एक लीडर को जागरूक होना चाहिए। पता नहीं मुख्यमंत्री जी नहीं थे तो चीफ सेक्रेटरी भी बुला के छात्रों से उनके विषय को जानने का प्रयास किया। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है और एनडीए की सरकार है, यहां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का बात होता है। तो अगर कोई आंदोलन कर रहा है तो उनके विषय को जानना और अगर जो जेन्युइन चीज है उसके निराकरण का प्रयास करना यह तो सरकार की जिम्मेवारी है। चिराग जी ने भी वही काम किया, चूंकि एनडीए के हिस्सा हैं, उनकी जिम्मेवारी थी, वो समझे और माननीय मुख्यमंत्री जी के नॉलेज में लेके गए। विपक्ष के पास तो कुछ बचा-कुचा है नहीं। तो वो तो बार-बार यही न करेंगे कि हम कभी फलाना के साथ होंगे, तो ढिमका के साथ होंगे, इसी में लगे रहेंगे। कोई काम तो कर नहीं सकते हैं ना? सत्ता जब मिलता है तो यह तो बांसुरी बजाते हैं, सत्ता जब मिलेगा तो यह डमरू बजाते हैं। इनसे बिहार का विकास होने वाला नहीं है। इसलिए चिराग पासवान और महागठबंधन के नेताओं के बारे में सोच को बदल दीजिए। किसी परिस्थिति में बिहार का हित इनसे होने वाला नहीं है। यह नौजवानों को गुमराह कर सकते हैं, किसानों को गुमराह कर सकते हैं, विषय पर चर्चा कराने की क्षमता इनमें नहीं है। एनडीए की सरकार आम लोगों की समस्या सुनने में तत्पर है और सुनते ही नहीं है, उसका निराकरण करने की दिशा में काम भी करती है। पूर्व विधायक और RJD के प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव तो छात्र आंदोलन में छात्रों के साथ खड़े हैं। गर्दनीबाग में कई बार गए और हॉस्पिटल में भी गए जब छात्रों पे बर्बरता से पुलिस की लाठी पड़ी। AK-47 जब ताना गया उस पे भी वो आवाज उठाएं। चिराग पासवान जी सवाल तो आपसे है, सरकार में आप हैं लाठी पिटवाते हैं, AK-47 चलवाते हैं, गन पैलेट चलवाते हैं और फिर आप जाते हैं छात्रों के पास गंगाजल छिड़कने के लिए? इतनी ही आपको दया है छात्रों के प्रति तो आप इस्तीफा दे दें ना। स्वीकार कर लें तेजस्वी जी के नेतृत्व और उनके नेतृत्व में छात्रों के हित में काम करें और आगे बढ़ें। जेडयू के प्रवक्ता निहोरा यादव ने कहा कि कोई सियासत नहीं है। विपक्ष का काम तो आलोचना करना ही है, आंदोलन में घी डालने का काम करना ही है। चिराग पासवान जी ने जो कहा है, सरकार और एनडीए के हर पार्टी इसके पक्षधर हैं कि छात्रों के जो जायज मांगे हैं, उसी पर विचार होना चाहिए। और सरकार विचार भी की है। सारे लोगों से बात भी हुई थी। और मुझको लगता है कि ये आंदोलन को राजनीतिकरण करने की कोशिश विपक्षियों ने किया था। जो विपक्षियों का छात्र संगठन था, उसके नेतृत्व में ये आंदोलन हो गया था। फिर भी, जो जायज मांगे हैं, उसका हम लोग भी समर्थन करते हैं, सरकार भी समर्थन करती है और सरकार उस पर विचार भी कर रही है। निहोरा यादव JDU प्रवक्ता0
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फर्जी UPI स्क्रीनशॉट से 31 लाख की ठगी: दिल्ली में महिला समेत 3 गिरफ्तार
New Delhi, Delhi:फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक मल्टी-स्टेट गैंग को नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी फर्जी UPI पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों और कारोबारियों को भरोसे में लेते थे और सामान या सेवाएं हासिल करने के बाद बिना भुगतान किए फरार हो जाते थे. दिल्ली में साइबर ठगी का एक ऐसा खेल सामने आया है, जिसमें न कोई OTP मांगा गया और न ही बैंक अकाउंट हैक करने की जरूरत पड़ी. बस एक फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाया और सामने वाले को हजारों रुपये का चूना लगा दिया. नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट के जरिए ठगी करने वाले मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सदर बाजार इलाके में फर्जी UPI पेमेंट के जरिए ठगी की शिकायत सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की. इसके बाद टेक्निकल सर्विलांस और गुप्त सूत्रों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई. जांच के दौरान पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दिल्ली के बुराड़ी, वजीराबाद और मलकागंज इलाके से गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, इस गैंग से जुड़े दिल्ली और मुंबई के करीब 31 लाख रुपये की ठगी के 8 मामलों का खुलासा हुआ है. आरोपियों को बुराड़ी, वजीराबाद और मलकागंज इलाके से गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग दुकानदारों या सेवा देने वालों से सामान या सेवाएं लेते थे। इसके बाद मोबाइल पर फर्जी UPI पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर दावा करते थे कि रकम ट्रांसफर कर दी गई है। स्क्रीनशॉट देखकर दुकानदार भरोसा कर लेते थे और सामान आरोपियों को सौंप देते थे। लेकिन जब तक असली पेमेंट का पता चलता, आरोपी मौके से फरार हो चुके होते थे. पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गैंग सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था। इसके तार मुंबई तक जुड़े हुए थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा की गई करीब 31 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़े दिल्ली और मुंबई के कुल 8 मामलों को इस कार्रवाई के जरिए सुलझाया गया है. एक महिला समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग में और कितने लोग शामिल हैं और फर्जी UPI स्क्रीनशॉट तैयार करने का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है. साइबर ठगों के इस नए तरीके ने दुकानदारों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है. पुलिस की अपील है कि सिर्फ पेमेंट का स्क्रीनशॉट देखकर भरोसा न करें. सामान या सेवा देने से पहले अपने बैंक खाते या UPI ऐप में वास्तविक ट्रांजैक्शन की पुष्टि जरूर करें क्योंकि साइबर ठगों का स्क्रीनशॉट असली दिख सकता है... लेकिन खाते में पैसा आया है या नहीं, इसकी पुष्टि करना ही सबसे बड़ा बचाव है. फर्जी UPI स्क्रीनशॉट दिखाकर लाखों की ठगी करने वाले इस गैंग के तीन आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. दिल्ली और मुंबई के 8 मामलों में करीब 31 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गैंग के बाकी सदस्यों और इनके पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है.0
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केंद्रीय सरकार ने चीनी दिक्कतों का संज्ञान लिया, दाम जल्द सुधरेंगे
Noida, Uttar Pradesh:देखिए, केंद्र सरकार ने चीनी को लेकर पैदा हुई दिक्कतों का संज्ञान लिया है। विदेश से बहुत बड़ी मात्रा में चीनी मंगवाई गई है और चीनी के दाम जल्द ही ठीक हो जाएंगे। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। उनके शासनकाल में चीनी डिपो पर मिलती थी। उसे लेने के लिए लाइन में लगना पड़ता था। मैं खुद अपने घर के लिए चीनी लेने लाइन में खड़ा होता था। उनके शासनकाल में यही स्थिति थी। उन्हें अपना शासनकाल याद नहीं है, उन्हें याद नहीं है कि उनकी स्थिति क्या थी।0
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नीतीश कुमार सावन के मौके पर अशोक चौधरी के आवास पर शिव आराधना में शामिल
Patna, Bihar:लोकेशन — पटना बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के सरकारी आवास पर सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना की जा रही है. इस पूजा में आज सुबह-सुबह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाग लिए. मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंचकर नीतीश कुमार ने भगवान शिव की आराधना की. नीतीश कुमार के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी एमएलसी ललन श्रॉफ भी मौजूद थे。0
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दिल्ली की 2500 रु योजना से महिलाएं बाहर, LG के खिलाफ AAP प्रदर्शन
Noida, Uttar Pradesh:लोगों को लगा था कि अगर BJP ने वादा किया है, तो दिल्ली की हर महिला को हर महीने ₹2500 मिलेंगे, लेकिन ज़्यादातर महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है... इस योजना के नियम इतने सख़्त हैं कि शायद ही किसी को इसका फ़ायदा मिले... इसीलिए सरकार प्रचार पर ज़्यादा पैसे खर्च कर रही है। कथित घोटालों को लेकर दिल्ली के LG से मुलाक़ात पर दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज कहते हैं, "पिछले कई हफ़्तों से हम दिल्ली में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार के बारे में बात करने के लिए LG से मिलने का समय मांग रहे हैं... लेकिन LG हमें समय नहीं दे रहे हैं... अगर दिल्ली में कोई भ्रष्टाचार हो रहा है, तो संविधान के तहत उसकी जाँच की ज़िम्मेदारी LG की है, इसलिए LG इससे बच नहीं सकते। इसलिए, आज दोपहर 2 बजे हम LG के घर जाएँगे, और हमें उम्मीद है कि वे हमसे मिलेंगे..."0
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झारखंड मईया सम्मान योजना: दर्जनों महिलाओं के नाम सत्यापन के बाद कटे, जांच की मांग
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत बौआकला उत्तर पंचायत क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं की झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की सूची से नाम काट दी गई है. सत्यापन के बाद दर्जनों महिलाओ का नाम काटा गया है. नाम कटने की जानकारी पाकर महिलाये पंचायत सचिवालय पहुची. आचनक योजना से नाम काटे जाने से महिलाओ को आक्रोश है. महिलाओं ने कहा कि हमलोगों को मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना का लाभ मिलता था लेकिन हाल ही में हुए भौतिक सत्यापन में हमलोगों का नाम काट दी गई है. हमलोगों का नाम गलत तरीके से काट दी गई है. हमलोग योग्य और पात्र लाभुक हूं. फिर भी हमलोगों का नाम सूची से हटा दिया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए. मईया सम्मान योजना चालू कराने के लिए पंचायत सचिवालय का तीन सप्ताह से दौड़ रही है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पायी है. वही पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि ने कहा कि झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मईया सम्मान योजना से योग्य लाभुकों का नाम काट दिया गया है. जिससे दर्जनों महिलाओं को परेशानी हो रही है. प्रसाशनिक अधिकारी से माँग है कि सही से जांच कर वंचित हुई महिलाओं को फिर से योजना में नाम जोड़ा जाए.0
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बिहार में भैंस के मालिक का DNA टेस्ट से निर्णय: पहली बार
Gaya, Bihar:बिहार में अनोखी जांच: इंसानों की तरह अब भैंस का भी होगा DNA टेस्ट, आईजी ने दिए आदेश बिहार के गया जिले से एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। क्या आपने कभी सुना है कि किसी पालतू पशु या भैंस के मालिकाना हक को तय करने के लिए वैज्ञानिक जांच यानी DNA टेस्ट का सहारा लिया जा रहा हो? जी हाँ, गया में एक भैंस पर दो-दो दावेदार सामने आने के बाद अब पुलिस इसका फैसला DNA रिपोर्ट के आधार पर करेगी। दरसअल पूरा मामला गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र का नौरंगा गांव इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है एक भैंस, जिस पर दो अलग-अलग पक्ष अपना मालिकाना हक जता रहे हैं। मामला कुछ यूं है कि मोहड़ा प्रखंड के सेवतर गांव के रहने वाले सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले गुम हो गई थी। तलाश करते हुए सूरज नौरंगा टोला पहुंचे, जहाँ भैंस प्रकाश मांझी के पास मिली। जब सूरज यादव ने भैंस वापस माँगी, तो प्रकाश मांझी के परिवार ने देने से इनकार कर दिया। प्रकाश मांझी के परिजनों का दावा है कि यह वही भैंस है जो चार साल पहले उनके घर से चोरी हो गई थी। विवाद बढ़ा तो मामला अतरी थाने पहुंचा। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए भैंस सूरज यादव को सौंप दी, लेकिन इसके बाद थाना प्रभारी पर पक्षपात के आरोप लगने लगे और विवाद और गहरा गया। जिसके बाद मामले की पेचीদगी को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। उन्होंने ग्रामीण एसपी को निष्पक्ष जांच का निर्देश देते हुए भैंस का DNA टेस्ट कराने का आदेश दिया है। अब वैज्ञानिक साक्ष्य और DNA रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि भैंस का असली मालिक कौन है। बिहार में पहली बार किसी पशु के मालिकाना हक का फैसला करने के लिए DNA जांच का सहारा लिया जा रहा है। अब पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पूरे गांव और इलाके की नजरें आने वाली DNA रिपोर्ट पर टिकी हैं। बाइट:- विकास वैभव, मगध रेंज आईजी0
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बेमेतरा में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ABC सेंटर शुरू, नसबंदी और टीकाकरण
Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा में आवारा श्वानों पर लगेगा नियंत्रण, शुरू हुआ एबीसी सेंटर बेमेतरा शहर में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर पालिका परिषद ने महत्वपूर्ण पहल की है。 नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा के नेतृत्व में एबीसी यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना कराई गई है。 इस सेंटर के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवारा श्वानों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण किया जाएगा。 उपचार के बाद श्वानों को निर्धारित स्थान पर वापस छोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी。 नगर पालिका का उद्देश्य श्वानों की संख्या को वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से नियंत्रित करना है, ताकि शहरवासियों को आवारा श्वानों से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके。 साथ ही, रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम और पशु कल्याण के मानकों को भी मजबूत किया जा सकेगा。 नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, शहर की स्वच्छता और पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए एबीसी सेंटर की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है。 एबीसी सेंटर के संचालन से बेमेतरा शहर में आवारा श्वानों की संख्या पर नियंत्रण और रेबीज की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है。0
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गंडक नदी के फ्लैश फ्लड के खतरे के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ तैनाती
Noida, Uttar Pradesh:प्रेस विज्ञप्ति26 अगस्त 2026 आपदा प्रबंधन विभाग गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर बिहार में अलर्ट मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, NDRF/SDRF की अग्रिम तैनाती एवं व्यापक तैयारियों के निर्देश पटना, 26 अगस्त 2026。 नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंडक नदी में लगभग 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव/जलप्रवाह आने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं。 नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है。 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा माननीय मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है。 सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की मूवमेंट/तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा。 निकासी, नाव, शेल्टर एवं सामुदायिक रसoi की तैयारी सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, Community Kitchen एवं Shelter की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है。 आम जनता से अपील — घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील है कि घबराएं नहीं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें。 अफवाहों पर रोक एवं नियमित मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें。 सभी विभाग अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमण एवं निगरानी करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों एवं जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है。 राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी。 संदेश स्पष्ट है — “घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।” प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकने, समय पर चेतावनी देने, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निकासी तथा प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है。0
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