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एम्स की टीम की ट्रेनिंग से स्कूलों में मिर्गी पहचान और इलाज: शिक्षक जागरूक

Chanwal, Himachal Pradesh:मिर्गी बीमारी की पहचान में अब स्कूलों के टीचर भी मदद करेंगे इसके लिए एम्स दिल्ली से आई डॉक्टरों की टीम हमीरपुर के 400 टीचरों को ट्रेनिंग देने का काम कर रही है। बीमारी के लक्षण कहां है किस में है और इसका इलाज कैसे करवाया जा सकता है इसके बारे में ट्रेनिंग दी जा रही है। स्कूल टीचर बच्चों और उनके अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक करेंगे। मिर्गी के मामले ज्यादातर सामने आने की वजह से संबंधित लोगों का समय पर इलाज नहीं हो पता है अगर इनकी पहचान हो जाए तो दवाई से इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। एम्स दिल्ली से आए डॉक्टर नवीन शुक्ला ने बताया कि स्कूलों में टीचरों को ट्रेनिंग देने का काम किया जा रहा है अगर मिर्गी की पहचान समय पर हो जाए तो इसका इलाज संभव है। केंद्रीय प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में ट्रेनिंग देने का काम किया जा रहा है। अगर कोई स्कूल इस संबंध में अपने यहां वर्कशॉप करवाना चाहता है तो वह संपर्क करके इसे करवा सकता है। इससे पूर्व डॉक्टर को यह ट्रेनिंग दी जा चुकी है स्कूलों में टीचर हेल्थ कोऑर्डिनेटर भी होते हैं लिहाजा उनकी ट्रेनिंग से इस बीमारी की रोकथाम में और ज्यादा मदद मिल सकती है। आशा वर्कर के माध्यम से आईटी सर्वे करवाया गया था जिसमें मिर्गी के कई मामले सामने आए थे जिसके बाद ट्रेनिंग और जागरूकता का काम शुरू किया गया है। मरीज को दवाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।
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आईआईटी छात्र की आत्महत्या: कॉलेज प्रशासन पर प्रताड़ना के आरोप, परिवार मांग रहा निष्पक्ष जांच

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय के बखरी थाना क्षेत्र के मक्खाचक निवासी छात्र ऋषिकेश कुमार की सुसाइड का मामला अब गहराने लगा है । वहीं परिजनों ने आईआईटी कॉलेज प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए बताया कि उनका पुत्र ऋषिकेश कुमार आईआईटी किशनगढ़ का छात्र था । 22 अगस्त को सुसाइड की सूचना किशनगढ़ थाने की पुलिस के द्वारा दी गई थी और परिजन जब वहां पहुंचे और पूरी बात की जानकारी ली तो पता चला की ऋषिकेश कुमार ने कॉलेज के छठी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर लिया। लेकिन इस घटना के पीछे कॉलेज प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आती है, क्योंकि पिछले वर्ष होली त्यौहार के समय ऋषिकेश कुमार घर नहीं आया था और वहीं पर कुछ छात्रों के द्वारा उसे नशा का सेवन करवा दिया गया था। जिसके बाद वह बीमार हो गया तत्पश्चात उसे चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया जहां लंबे समय तक उसका इलाज चला। लेकिन फिर भी वह डिप्रेशन में आ गया था। बाद में जब स्वस्थ होने के बाद वह पुनः कॉलेज पहुंचा तो ऋषिकेश कुमार से हॉस्टल का कमरा भी छीन लिया गया था एवं उसे उस सेमेस्टर में बैठने की इजाजत भी नहीं दी गई । मजबूरन ऋषिकेश कुमार कॉलेज से बाहर दो कमरे का मकान लेकर रहने लगा। लेकिन उसके दिमाग में हर वक्त यह बात घूमती रही की कॉलेज के द्वारा उसे बेइज्जत एवं बदनाम किया गया है और इसी रंजिस की वजह से उसने कॉलेज की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। ऋषिकेश कुमार की मां आशा पोद्दार ने कॉलेज के डीन (तालुकदार) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है एवं पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है .
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राजस्थान में स्वाइन फ्लू ने मचाई हलचल: 131 मामले, मंत्री भी संक्रमित

Jaipur, Rajasthan:जयपुर मौसम ने बिछाया बीमारियों का जाल! घर-घर बुखार, खांसी और बदन दर्द के मरीज प्रदेश में 131 H1N1 के पॉजिटिव मामले। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा सहित जयपुर में 2 स्वाइन फ्लू के मामले। राजस्थान में मौसम बदलने के साथ वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं और इसी बीच स्वाइन फ्लू यानी H1N1 ने भी चिंता बढ़ा दी है। घर-घर बुखार, खांसी और बदन दर्द के मरीज हैं, अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार H1N1 के मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी H1N1 पॉजिटिव पाए गए हैं और जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती हैं। राजस्थान में स्वाइन फ्लू के आंकड़े इस बार चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त के पहले पखवाड़े तक प्रदेश में 131 H1N1 मामले सामने आए है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 16 मामले सामने आए थे। यानी एक साल में मामलों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि राजस्थान में अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मौत की सूचना नहीं है। मामलों में बढ़ोतरी के बीच चिकित्सा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में हाईलेवल समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फील्ड अधिकारियों से सीधे फीडबैक लिया गया और हाई रिस्क क्षेत्रों में टीमें बनाकर नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्वाइन फ्लू की जांच और उपचार सेवाएं उपलब्ध रखने, ओपीडी में मरीजों के भार के अनुसार डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती करने और अस्पतालों में जांच, दवाइयों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फर्स्ट रेफरल यूनिट और ट्रॉमा सेंटर में तीन चिकित्सकों की ट्रायो पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जहां CT और MRI की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां PPP मोड पर जांच सेवाएं शुरू करने की बात कही गई है। मानव संसाधन की स्थिति की रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। इसी बीच जयपुर में इस वायरस का पहला केस, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की H1N1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती कराया गया। SMS अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के मुताबिक मंत्री की स्थिति फिलहाल स्थिर है, हालांकि उन्हें अभी ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किरोड़ी लाल मीणा से मिलने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी SMS अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अभी राजधानी में स्वाइन फ्लू के 2 केस एसएमएस में रिपोर्ट हुए है, जिनका इलाज जारी है। हालांकि देशभर में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच ICMR ने लोगों को घबराने की जरूरत नहीं बताई है। ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के मुताबिक मौजूदा H1N1 कोई नया वायरस या नया स्ट्रेन नहीं है, बल्कि यह पुराना और जाना-पहचाना मौसमी वैरिएंट है। मौसम में बदलाव और मानसून के दौरान सांस से फैलने वाले संक्रमण बढ़ने की वजह से मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। ICMR के मुताबिक मौजूदा फ्लू वैक्सीन H1N1 के खिलाफ प्रभावी है। H1N1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं। ज्यादातर मरीज उचित आराम और इलाज से कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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भेरूजी मंदिर में मगरमच्छ के घुसने से हड़कंप, वन विभाग ने रेस्क्यू किया

Kota, Rajasthan:कोटा.. थेगड़ा स्थित भेरूजी मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंदिर परिसर के अंदर एक भारी-भरकम मगरमच्छ पहुंच गया। मंदिर में मगरमच्छ को देखकर श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के रेस्क्यू का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने करीब 6 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इसका वजन करीब 30 किलो बताया जा रहा है। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। मानसून के सीजन में जलभराव और नदी-नालों में पानी बढ़ने के साथ मगरमच्छ सहित दूसरे जंगली जीव-जंतुओं के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने का खतरा भी बढ़ जाता है। वन विभाग ने लोगों से ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर उनसे दूरी बनाए रखने की अपील की है。
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कोटा के अनंत चतुर्दशी जुलूस पर दत्ता के बयान से राजनीतिक हलचल

Kota, Rajasthan:कोटा.. अनंत चतुर्दशी जुलूस को लेकर राजस्थान राज्य कुश्ती संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजीव दत्ता के बयान ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कोटा के श्याम ऑडिटोरियम में अखाड़ों के सम्मान समारोह के दौरान राजीव दत्ता ने कहा कि उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब अनंत चतुर्दशी के जुलूस के दौरान दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर शहर के 80 उस्ताद दमखम के साथ यह तय कर लें कि उनके पास ऐसी फौज है, जो जुलूस को वहां से निकाल सकती है, तो वह जुलूस वहां से निकालेंगे। दत्ता ने कहा—“जुलूस घंटाघर से नहीं निकलेगा तो क्या पाकिस्तान से निकलेगा?” उन्होंने यह भी कहा कि जुलूस निकलेगा और उसमें सबसे आगे वह खुद रहेंगे। बयान के बाद अनंत चतुर्दशी जुलूस के मार्ग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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गोंडा के जुलूस में विवादित नारे पर पुलिस ने मुक़दमा दर्ज किया

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहाँ गोंडा के मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलावा नाउ पुरवा गांव में आज बारावफात त्यौहार के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया था। जहाँ इस जुलूस के दौरान ई-रिक्शा पर साउंड और लाउडस्पीकर लगा हुआ है जिसमें मुस्लिम समाज का गीत बज रहा है और उसी गीत के बीच विवादित "गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा" का नारा मिक्स गाना बज रहा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब मोतीगंज थाने की पुलिस ने इस पूरे मामले को लेकर के जांच शुरू कर दी है। इस पूरे जुलूस के दौरान तमाम मुस्लिम समाज के लोग शामिल हैं और डीजे और लाउडस्पीकर पर इस तरीके का नारा वाला गाना बज रहा है। वही इस पूरे वायरल वीडियो को लेकर के सीओ सदर अभिषेक दावाच्या ने जी मीडिया संवाददाता से फोन पर बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से मोतीगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज करके संबंधित वाहन को सीज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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महंगाई ने लोगों का बजट हिला दिया; चाय-खाने और मिठाइयाँ महँगी

Moga, Punjab:ਮਹਿੰਗਾਈ ਨੇ ਹਿਲਾਇਆ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਬਜਟ, ਚਾਹ ਦੇ ਕੱਪ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਮਿਠਾਈਆਂ ਤੱਕ ਪਿਆ ਅਸਰ。 ਲੋਕਾਂ ਮੁਤਾਬਿਕ ਇਸ ਵਾਰੀ ਤਿਓਹਾਰ ਫਿੱਕੇ ਰਹਿਣ ਦੀ ਉਮੀਦ । ਜ਼ੀ ਪੰਜਾਬ ਹਰਿਆਣਾ ਹਿਮਾਚਲ ਦੇ ਖ਼ਾਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ‘ਪਿੰਡ ਦੀ ਸੱਥ’ ਤਹਿਤ ਅੱਜ ਮੋਗਾ ਦੀ ਟੀਮ ਬੁੱਘੀਪੁਰਾ ਚੌਂਕ ਨੇੜੇ ಪਹੁੰਚੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ੀ ਮੀਡੀਆ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਤੋਂ ਆਏ ਲੋਕਾਂ ਅਤੇ ਵਰਕਸ਼ਾਪਾਂ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਧ ਰਹੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਅਤੇ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਦੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਦੇ ਵਧ ਰਹੇ ਭਾਅ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਆਪਣੀ ਚਿੰਤਾ ਜ਼ਾਹਰ ਕੀਤੀ। ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਮਾਲਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਹਿੰਗਾਈ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਾਰਾ ਬਜਟ ਹਿੱਲ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਦੁਕਾਨ ’ਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਗਾਹਕਾਂ ਨੂੰ ਤਿੰਨ-ਚਾਰ ਵਾਰ ਚਾਹ ਪਿਲਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ, ਪਰ ਖੰਡ ਦੇ ਭਾਅ ਵਧਣ ਕਾਰਨ ਹੁਣ ਚਾਹ ਦਾ ਕੱਪ ਵੀ 20 ਤੋਂ 25 ਰੁਪਏ ਦਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਹਾਲਾਤ ਇਹ ਹਨ ਕਿ ਕੋਈ ਗਾਹਕ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਚਾਹ ਪਿਲਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਕਈ ਵਾਰ ਸੋਚਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ’ਤੇ ਵੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਦਾ ਅਸਰ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸੀਮਤ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਦੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਕਾਰਨ ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਮਿਠਾਈਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਤਿਉਹਾਰੀ ਸਮਾਨ ਖਰੀਦਣਾ ਵੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹੁੰਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਮਹਿੰਗਾਈ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਠੋਸ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵੱਡਾ ਦੁਕਾਨਦਾਰ ਜਾਂ ਵਪਾਰੀ ਜਮ੍ਹਾਂਖੋਰੀ ਕਰਕੇ ਮਹਿੰਗਾਈ ਵਧਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਤੋਂ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ。
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हाईकोर्ट ने राजधानी के ई-रिक्शा बढ़ोतरी से यातायात संकट पर नीति स्पष्ट करने का निर्देश

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में तेजी से बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और उनसे होने वाली यातायात समस्या पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या शहर में भारी यातायात समस्या पैदा कर रही है। सरकार को इसके लिए उपयुक्त नीति बनाकर प्रभावी ढंग से समस्या से निपटना होगा. न्यायमूर्ति आलोक माथुर व अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने शहर में यातायात प्रबंधन के मुद्दे पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि राजधानी में करीब 80 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनके लिए पर्याप्त और निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं होने से चौराहों और प्रमुख मार्गों के आसपास इनके जमावड़े के कारण यातायात बाधित होता है. इस पर न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक सड़क की वाहनों को वहन करने की एक निर्धारित क्षमता होती है। शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा के कारण यह क्षमता प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह अपर मुख्य सचिव, परिवहन से सरकार की प्रस्तावित नीति के संबंध में स्पष्ट निर्देश प्राप्त करें. सरकार को यह भी बताना होगा कि ई-रिक्शा की लगातार बढ़ती बिक्री और उनके संचालन को किस प्रकार नियंत्रित किया जाएगा. यातायात के लिए अलग कैडर बनाने पर विचार सुनवाई के दौरान अलग यातायात पुलिस कैडर गठित करने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। कोर्ट ने कहा कि यातायात पुलिस का कार्य सामान्य पुलिस से अलग है। बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए पृथक कैडर बनाने पर सरकार को विचार करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था में लगाने से कानून-व्यवस्था पर भी दबाव पड़ता है। इसलिए यातायात व्यवस्था के लिए अलग व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कोर्ट ने पॉलीटेक्निक से कमता तिराहे तक हाईकोर्ट परिसर के आसपास यातायात सुचारू करने के लिए चिन्हित 153 सुधार बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की। नगर निगम की रिपोर्ट और कोर्ट द्वारा गठित समिति के प्रस्तावों पर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश करने का निर्देश दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी.
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कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे की देरी पर विरोध प्रदर्शन किया

Noida, Uttar Pradesh:कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी को लेकर BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र और BJP बार-बार दावा करते हैं कि 2019 से जम्मू-कश्मीर में हालात बेहतर हुए हैं और शांति बनी हुई है, तो फिर राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का दर्जा बहाल न करने से लोग अपने बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों और पूरी तरह से सशक्त राजनीतिक व्यवस्था से वंचित रह जाते हैं। जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य मुद्दों पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौजूदा सरकार लोगों की समस्याओं को लेकर चिंतित है और उनके समाधान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की सेवा करने और जम्मू-कश्मीर को एक प्रगतिशील और विकसित क्षेत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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कानपुर बारिश से जलमग्न, कई इलाकों में पानी घुटनों तक; यात्राएं बाधित

Kanpur, Uttar Pradesh:बारिश से कानपुर जलमग्न, सड़कों पर घुटनों तक पानी. कानपुर में लगातार हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार रात हल्की बारिश के बाद बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। आरटीओ कार्यालय के बाहर घुटनों तक पानी भर गया, वहीं श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर भी सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। पी रोड, कल्याणपुर, गोवा गार्डन समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण शहर में जगह-जगह जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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