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RJD विधायक ने बीजेपी पर बूथ लूटने का आरोप लगाया, Election जीत की उम्मीद

Patna, Bihar:RJD के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कल जो मतदान हुआ है, उसमें सरकार ने जिस तरह से जबरदस्ती और वोटरों को रोकने का प्रयास किया गया, उससे तो साफ़ लगता है कि बीजेपी अपने आप को हार मान रही है। और प्रशासन के बल पर बूथ को लूटने का प्रयास किया गया। कई बूथों पर मतदाताओं को भगाकर, पुलिस भीतर घुसकर और वोट भी डालने का काम किया。 और जहाँ तक लड़ाई की बात है, त्रिकोणात्मक लड़ाई है। और जहाँ कहीं भी त्रिकोणात्मक लड़ाई होती है, आरजेडी वहां चुनाव जीतती है। इसलिए हमारी जीत पक्की है और हम जीत रहे हैं。 लोगों ने बीजेपी के खिलाफ में एकदम अपना मन बना लिया था। और आज देश में चुनाव हो तो बीजेपी की सरकार ख़त्म हो जाएगी। चूंकि हर आदमी, इंसान चाहता है कि हम बेरोज़गार हैं हमको रोज़गार मिले, महंगाई पर रोक लगे और जो ये अपराध है उस पर भी रोक लगे। लेकिन यहाँ अपराध भी चरम सीमा पर है, महंगाई चरम सीमा पर है, बेरोज़गारों को रोज़गार नहीं मिल रहा है। हर आदमी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है。 और देश का पैसा लूटा जा रहा है और अडानी-अंबानी को पम्प किया जा रहा है। और सारा संपत्ति अडानी-अंबानी को दे दिया जा रहा है। अब प्रधानमंत्री को भी यह लगने लगा कि जनता मेरे खिलाफ में हो गई है। इसलिए जनता को, और मैं नौजवानों को और छात्रों को मैं बधाई देना चाहता हूँ। और मैंने पहले ही कहा था कि नेता पर विश्वास मत करो, तुम आगे बढ़ो, नेता अपने आप पीछे-पीछे चलेगा। जीत तुम्हारी होगी, देश की जीत होगी और जनता की जीत होगी。
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सुप्रीम कोर्ट ने बनफूलपूरा हिंसा केस में अब्दुल मलिक की जमानत रद्द करने से इनकार किया

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड के बनफूलपूरा हिंसा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को उत्तराखंड हाई कोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया हाई कोर्ट ने अप्रैल में आरोपी को जमानत दी थी। उत्तराखंड सरकार की ओर से हाई कोर्ट के आदेश को गलत बताया गया। राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने कहा कि आरोपी हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता था और उस पर UAPA के तहत गंभीर आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी 2 साल से जेल में रह चुका है और ट्रायल की धीमी रफ्तार को देखते हुए हाईकोर्ट ने जमानत दी है, इस आदेश में दखल देने की सुप्रीम कोर्ट को कोई वजह नहीं दिखती है।
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भ्रष्टाचारी EPFO अधिकारी सतीश कुमार को 5 साल की सजा

Sagar, Madhya Pradesh:रिश्वतखोर EPFO के पूर्व रीजनल कमिश्नर को 5 साल की कैद, कोर्ट बोला- कैंसर की तरह है रिश्वतखोरी सागर / सागर जिले में ईओडब्ल्यू (EOW) की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में विशेष अदालत ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सागर के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को बीड़ी कारोबारी से 5 लाख रुपये की घूस लेने और जुर्म साबित होने पर 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 5 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी ठोका गया है. अदालत ने आरोपी द्वारा बीमारी और पारिवारिक कारणों से मांगी गई राहत की अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि समाज में भ्रष्टाचार प्लेग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की तरह पैर पसार रहा है. ये था पूरा विवाद? ये मामला वर्ष 2022 का है। प्रसिद्ध बीड़ी निर्माता कंपनी मेसर्स बीआर एंड कंपनी के साझेदार अनिरुद्ध पिंपलापुरे ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि प्रतिष्ठान के निरीक्षण के बाद अनुकूल रिपोर्ट तैयार करने और भारी-भरकम पेनाल्टी से बचाने के नाम पर तत्कालीन रीजनल कमिश्नर सतीश कुमार ने 10 लाख रुपये की अनुचित मांग रखी थी. शिकायत की पुष्टि के बाद ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की शिकायतकर्ता को डिजिटल रिकॉर्डर देकर भेजा गया, जिसमें 10 लाख रुपये की रकम दो किस्तों (5-5 लाख) में तय होने की बात रिकॉर्ड हुई। 5 जून 2022 को ईओडब्ल्यू की टीम ने तत्कालीन कमिश्नर को सनराइज टाउन स्थित उनके शासकीय आवास से 5 लाख रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. ऐसे खुली पोल, ये सबूत बने वजह.. विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की अदालत में अभियोजन पक्ष (विशेष डीपीओ एलपी कुर्मी व सहायक संचालक अरुण मिश्रा) ने मजबूत डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य प्रस्तुत किए फिंगर प्रिंट और केमिकल टेस्ट: नोटों को छूने के बाद आरोपी के हाथ Sodium Carbonate के घोल में डलवाए गए, जिससे पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया। नोटों के नंबर का मिलान: जब्त किए गए 500-500 के करेंसी नोटों के सीरियल नंबर पंचनामे में दर्ज नंबरों से शत-प्रतिशत मैच हुए। FSL रिपोर्ट: सागर स्थित फॉरेंसिक लैब (FSL) ने वॉइस सैंपल की जांच कर पुष्टि की कि रिकॉर्डिंग में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई थी और आवाज आरोपी अधिकारी की ही थी। "रियायत दी तो समाज में जाएगा गलत संदेश" आरोपी पक्ष की ओर से उसकी मां को कैंसर होने और स्वयं के अस्वस्थ होने का हवाला देकर कम सजा की अपील की गई थी। इस पर अदालत ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है जो समय रहते न रोकी जाए तो पूरे प्रशासनिक ढांचे को नष्ट कर सकती है। एक वरिष्ठ पद पर बैठे अधिकारी का काम कर्मचारियों व मजदूरों के हितों की रक्षा करना था, न कि उनका शोषण करना। ऐसे गंभीर मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा। इस पूरे ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व तत्कालीन निरीक्षक (वर्तमान डीएसपी) उमा नवल आर्य ने किया था। अधिकारियों के मुताबिक, बरामदगी की राशि के लिहाज से यह सागर संभाग की ऐतिहासिक ट्रैप कार्रवाई मानी जा रही है। कोर्ट के इस निर्णय का शिकायतकर्ता और स्थानीय व्यवसायियों ने स्वागत किया है. महेंद्र दुबे सागर
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यूपी श्रावस्ती में बाग में महिला का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला

Shravasti, Uttar Pradesh:बाग में फंदे से लटकता मिला महिला का शव। यूपी के श्रावस्ती जिले में एक महिला का शव आम के बाग में पेड़ से फंदे के सहारे लटकता मिला। घटना के बाद देखते ही देखते इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल में जुटी है। श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली क्षेत्र के परसिया राजा गांव स्थित आम के बाग में एक महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से फंदे के सहारे लटकता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
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नेशनल हाईवे-311 पर खाली ट्रेलर खाई में गिरा, चालक सुरक्षित बचा

Jhunjhunu, Rajasthan:खेतड़ी, झुंझुनूं नेशनल हाईवे-311 पर अनियंत्रित ट्रेलर खाई में गिरा खरखड़ा के पास शीलाटी माता मंदिर के निकट हुआ हादसा हादसे में चालक बाल-बाल बचा चालक सोनीपत से खाली ट्रेलर लेकर नवलगढ़ स्थित सीमेंट फैक्ट्री में जा रहा हादसे की वजह से यातायात हुआ प्रभावित क्रेन बुलाकर ट्रक को निकाला जाएगा बाहर झुंझुनूं जिले के खेतड़ी उपखंड क्षेत्र के खरखड़ा गांव के पास नेशनल हाईवे-311 पर बड़ा सड़क हादसा टल गया। शीलाटी माता मंदिर के निकट एक खाली ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और खाई में गिरकर लटक गया। हादसे में चालक सुरक्षित बच गया तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ट्रेलर चालक हाकम खान ने बताया कि वह सोनीपत से खाली ट्रेलर लेकर नवलगढ़ स्थित सीमेंट फैक्ट्री जा रहा था। खरखड़ा गांव में शीलाटी माता मंदिर के पास सामने से एक वाहन और दूसरी ओर से एक कार आ रही थी। टक्कर से बचने के लिए उन्होंने अचानक ब्रेक लगाए। बारिश के कारण सड़क फिसलन भरी होने से ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और खाई में जा लटक गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ट्रेलर के सड़क से नीचे उतरने के कारण नेशनल हाईवे-311 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। वाहनों को सावधानीपूर्वक निकाला गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो गया。 बाइट : चालक
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Bandipora के Malpora में भारी बारिश से बाढ़, स्कूल में पानी घुसा

Heavy Rain Triggers Flash Flood in Bandipora, Water Enters Classrooms Heavy rains triggered a flash flood in the Malpora area of Saderkoot Bala in north Kashmir's Bandipora district on Friday, sending water, mud, stones, and debris into a government primary school and disrupting normal life. According to locals, the sudden surge in a nearby stream carried large quantities of mud, silt, and small stones, blocking drainage channels and leaving the interior link road of Malpora covered with debris. The situation has made movement difficult for residents, while parts of the Bandipora–Srinagar road were also affected before being cleared by the authorities. The flash flood severely affected Government Primary School, Ganie Mohalla, Malpora, where mud entered the school compound as well as several classrooms. Classroom mats and other educational materials were damaged, making the premises unsuitable for normal academic activities. Residents have requested the administration to immediately clear the interior link road and drainage system, remove the accumulated mud and debris, and take necessary measures to restore normal functioning at the school. When contacted, the Zonal Education Officer (ZEO), Hajin, said the situation was being closely monitored. As a precautionary measure, he said that teaching activities at Government Primary School, Ganie Mohalla, Malpora would remain suspended for the day, and the school would stay closed for students until conditions become safe.
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कश्मीर की आयरन लेडी बिलकिस आरा: 41 रक्तदान से कई जान बचाने वाली

Srinagar, Uttarakhand:कश्मीर की ‘आयरन लेडी ऑफ़ रेड ड्रॉप्स’: बिलकिस आरा के 45 ब्लड डोनेशन ने अनगिनत जानें बचाई हैं\n\nनॉर्थ कश्मीर के एक छोटे से गाँव में एक ऐसी महिला रहती है जिसकी हिम्मत उतनी ही गहरी है जितनी उसकी दया। उनका नाम बिलकिस आरा है, जो एक ASHA वर्कर, एक माँ और इंसानियत की सच्ची मिसाल हैं, जिन्होंने चुपचाप यह फिर से लिखा है कि जान बचाने का क्या मतलब है। अब तक, उन्होंने 41 बार खून डोनेट किया है, हर पिंट अपने साथ बिना किसी स्वार्थ, हिम्मत और देने की ताकत में भरोसे की कहानी लेकर आयी है।\n\nबिलकिस का ब्लड डोनर के तौर पर सफ़र किसी कैंपेन या अवेयरनेस ड्राइव से नहीं, बल्कि पर्सनल मुश्किल के एक पल से शुरू हुआ था। 2012 में, उनकी कज़िन को – बच्चे को जन्म देने के बाद – गंभीर दिक्कतें हुईं और उन्हें श्रीनगर के LD हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।\n\nबिलकिस याद करती हैं, “डॉक्टरों ने हमें उनके लिए खून का इंतज़ाम करने को कहा।” “जब मैं वहाँ इंतज़ार कर रही थी, तो मैंने दूसरे मरीज़ों को भी इसी के लिए जूझते देखा। उस पल ने मेरी सोच बदल दी। मैंने तय किया कि एक बार ठीक हो जाने के बाद, मैं खून डोनेट करूँगी and उन लोगों की मदद करूँगी जो ऐसी लाचारी का सामना करते हैं।”\n\nउन्होंने अपना वादा निभाया। उस साल उनका पहला डोनेशन हुआ, एक ऐसा काम जिसने दया और हिम्मत के उनके ज़िंदगी भर के मिशन को आकार दिया। \n\nअपनी लगातार वकालत के बावजूद, बिलकिस को दुख है कि ब्लड डोनेशन को लेकर गलतफहमियां बनी हुई हैं, खासकर महिलाओं में। वह पूरे कॉन्फ़िडेन्स के साथ कहती हैं, “बहुत से लोग अब भी मानते हैं कि ब्लड डोनेट करने से आप कमजोर हो जाते हैं। लेकिन डॉक्टर साफ कहते हैं कि हर चार महीने में सुरक्षित रूप से ब्लड डोनेट किया जा सकता है। मैं यह सालों से कर रही हूं, और मैं खुद को ज्यादा हेल्दी और मजबूत महसूस करती हूं।”\n\nASHA वर्कर के तौर पर काम करते हुए, बिलकिस को अक्सर डिलीवरी के समय परेशान औरतें मिलती हैं — जिनमें से कई को तुरंत ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत होती है। वह कहती हैं, “यह देखकर बहुत दुख होता है कि कभी-कभी उनके अपने परिवार वाले भी डोनेट करने से मना कर देते हैं। वे इसे बाहर से अरेंज करना पसंद करते हैं, जिससे इलाज में देर होती है और जान जोखिम में पड़ जाती है।” “हमें यह सोच बदलने की ज़रूरत है। ब्लड डोनेशन को एक ड्यूटी के तौर पर देखा जाना चाहिए, एहसान के तौर पर नहीं।”
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